पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार बने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष

पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार बने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष
यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को प्रदेश में बड़ा पद मिला है। प्रशांत कुमार को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इनसे पहले पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को प्रदेश सरकार ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया।

उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष के रूप में प्रशांत कुमार का कार्यकाल कार्यभार संभालने से लेकर तीन वर्ष का होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग का विलय कर एक ही आयोग का गठन किया है। प्रशांत कुमार की नियुक्ति के औपचारिक आदेश गुरुवार तक होंगे। प्रशांत कुमार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के दूसरे अध्यक्ष होंगे।

मध्य प्रदेश विधानसभा में बोले कैलाश—रखें टीम का ख्याल,समय आने पर जनता बोलती है..

मध्य प्रदेश विधानसभा में बोले कैलाश—रखें टीम का ख्याल,समय आने पर जनता बोलती है..
विशेष सत्र में चला हास—परिहास

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय माजकिया मिजाज में नजर आए। इस दौरान,उन्होंने बातों ही बातों में कुछ ऐसा कहा कि सियासी हल्कों में अब इसके मायने तलाशे जा रहे हैं।

..और हम गरीब सब ऐसे ही बैठें हैं
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि अभी 20—20क्रिकेट चल रहा है। मैंने देखा कि भारतीय टीम के कप्तान मैदान में आए ​तो उन्होंने अपनी टीम के सभी सदस्यों को किट बांटी,लेकिन हमारे कप्तान (मुख्यमंत्री)ऐसे हैं कि खुद सूट—बूट में आ गए और हम गरीब सब ऐसे ही बैठे हैं।

अपनी टीम का भी ध्यान रखें,कप्तान
विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके,उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से आग्रह किया कि अध्यक्ष जी आपकी ओर से ऐसी व्यवस्था हो कि कप्तान,अपनी टीम का भी ध्यान रखें। उनकी इन बातों को लेकर सदन में हंसी के ठहाके गूंज उठे। कांग्रेस के महेश परमार ने कहा कि किट सभी विधायकों को बंटे।

समय आने पर जनता बोलती है
विजयवर्गीय सदन के सदस्यों को नसीहत देने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गलतफहमी में ना रहें कि हमें कोई देख नहीं रहा है। खामोश भले हैं,लेकिन सब महसूस कर रहे हैं। 5 साल बाद जब समय आता है,तो जनता बोलती है।

चाल,चरित्र,चेहरा व आचरण रखें ठीक
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि चुनाव परिणाम काफी उलटफेर कर देते हैं। इधर वाले उधर और उधर वाले इधर भी हो जाते हैं,लिहाजा अपना चाल,चरित्र,चेहरा व आचरण बहुत अच्छा रखें।

सभी मुख्यमंत्रियों की जमकर की तारीफ
सदन का यह एक दिवसीय विशेष सत्र,मध्य प्रदेश विधानसभा के 70 साल व राज्य की डॉ मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुलाया गया। इस दौरान पक्ष—विपक्ष ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश कैसे बनें,विषय पर सकारात्मक तरीके से मंथन किया। शुरुआत संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के अब तक के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की जमकर सराहना की। वहीं,मध्य प्रदेश के विकास में इनके योगदान को रेखांकित भी किया। विशेष सत्र में मंथन के दौरान हास—परिहास के भी कई क्षण आए।

डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी -MP कैबिनेट

डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी -MP कैबिनेट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में वंदे मातरम गान के साथ शुरू हुई. मंत्रि-परिषद द्वारा अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया. परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए डीपीआर में प्रावधानित 1656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है.

उल्लेखनीय है कि अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना 5,512 करोड़ 11 लाख रूपये की है. इससे 71 हजार 967 हेक्टेयर की सिंचाई सुविधा और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रावधानित है. इन तीनों परियोजनाओं से कुल 13 हजार 873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें विशेष पैकेज अनुसार निर्धारित मुआवजा प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये दिया जायेगा. इसके अलावा 50 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को अतिरिक्त राशि मुआवजा के रूप में देय होगा.
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के कार्यों को अनुमति

मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना में विभाग में 10 लाख या उससे अधिक लागत राशि के कार्य स्वीकृत किए जाने की अनुमति प्रदान की गई. स्वीकृति अनुसार 693 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत के लगभग 3810 कार्य पूर्ण किए जा सकेंगे.

मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत
मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व मद में 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट की स्वीकृति प्रदान की गई.

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने और योजना के तहत 905 करोड़ 25 लाख रुपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई. उल्लेखनीय है कि योजना के तहत प्रदेश के 18-45 वर्ष के स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 हज़ार से 50 लाख रुपये तक का ऋण बैंक द्वारा स्वीकृत किया जाता है. शासन द्वारा 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज अनुदान और 07 वर्ष तक ऋण गारंटी फीस अनुदान दिया जाता है.

वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए राशि स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्य में 6 वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई. स्वीकृति अनुसार प्रदेश में वन क्षेत्र के बाहर वानिकी विस्तार गतिविधियों को बढ़ाने, वन भूमि की उत्पादकता बढ़ाने, काष्ठ के विदोहन से अतिरिक्त आय के साधन के लिए जागरूकता बढ़ाने, वृक्ष खेती को बढ़ावा देने और कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वन विज्ञान केंद्र की स्थापना की जा रही है. अशासकीय संस्था द्वारा भी वन विज्ञान केंद्र की स्थापना, वन विभाग की अनुमति से की जा सकेगी.

स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के प्रावधान की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थायी और अस्थायी पदों के विभेदीकरण को समाप्त करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है. वर्तमान स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियम में आवश्यक प्रावधान करने की स्वीकृति दी गई. कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित कर इन पदों पर नवीन नियुक्ति न करने की भी अनुमति दी गई.

CM मोहन यादव ने किया 101वें तानसेन समारोह का वर्चुअली शुभारंभ

CM मोहन यादव ने किया 101वें तानसेन समारोह का वर्चुअली शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार (15 दिसंबर) को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन संगीत समारोह” का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है.

उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत शनै:-शनै: अपनी अद्वितीय छाप छोड़ता जा रहा है. राज्य सरकार कला-संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है.

सीएम यादव ने कहा कि तानसेन संगीत समारोह प्रदेश का उल्लेखनीय और प्रतिष्ठित समारोह है. संगीत सम्राट तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलवाई है. तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे. संगीत सम्राट तानसेन ने गुरु स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में संगीत की बारीकियां सीखकर नए आयाम दिए हैं. उनकी तान सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे.

‘अकबर के नवरत्नों में शामिल थे तानसेन’
उन्होंने कहा कि तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में शामिल किया है. वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा है और सामवेद इसका साक्षी है. इसके पहले अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने तानसेन समारोह के महत्व को बताते हुए रूपरेखा की जानकारी दी.

सभी सम्मानित कलाकारों को दी बधाई
तानसेन समारोह के शुभारंभ के साथ राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान समारोह का आयोजन भी हुआ. इसमें प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं सुविख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया. इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक “तानसेन समारोह” आयोजित हो रहा है. जाहिर है ग्वालियर की फिजाएं अगले पांच दिनों तक सुर, ताल व राग की बारिश में सराबोर रहेंगी. शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश और दुनियाँ के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव ” तानसेन समारोह ” में इस बार अलग ही रंग भरे गए हैं. राज्य शासन के संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी व मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से हर साल तानसेन संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है.

मुख्य समारोह में 10 संगीत सभाएं होंगी
तानसेन संगीत समारोह में इस साल 10 संगीत सभाएं होंगी. पहली सभा सोमवार को सायंकाल को तानसेन समाधि परिसर में बनाए गए भव्य मंच पर सजी. इसके बाद हर दिन यहीं पर प्रातः एवं सायंकालीन सभाएं होंगी. समारोह के तहत 18 दिसम्बर को प्रात:काल 10 बजे से दो संगीत सभायें समानांतर रूप से सजेंगी. यह सभायें तानसेन समाधि स्थल के मुख्य मंच व मुरैना जिले के सुप्रसिद्ध बटेश्वर मंदिर परिसर में संगीत सभा सजेगी. समारोह के आखिरी दिन 19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा संगीत शिरोमणि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और इस साल के समारोह की अंतिम संगीत सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में सजेगी.

ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक मोहन ठाकुर, विधायक सुरेश राजे, महापौर मती शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे.

बीजापुर में 34 इनामी नक्सलियों का सरेंडर, ‘उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना संकल्प’ -CM साय

बीजापुर में 34 इनामी नक्सलियों का सरेंडर, ‘उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना संकल्प’ -CM साय
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है. बीजापुर जिले में 84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है.

संवाद और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान-CM
मुख्यमंत्री साय ने कहा, ”राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं. यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है.”

‘आत्मसमर्पण करने वाले सभी के पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था’
CM साय ने आगे कहा, ”राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें.”

सीएम साय ने युवाओं से क्या अपील की?
उन्होंने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें.

‘शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना संकल्प’
सीएम साय ने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे.

ठाकरे बंधुओं से कांग्रेस ने बनाई दूरी

ठाकरे बंधुओं से कांग्रेस ने बनाई दूरी
राज्य चुनाव आयोग की तरफ से सोमवार (15 दिसंबर) को बीएमसी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका का चुनाव 15 जनवरी को होगा. जिनके परिणाम 16 जनवरी को आएंगे. इस चुनाव के लिए महायुति तो अपनी तैयारी में जुट चुकी है. लेकिन महाविकास आघाड़ी का मामला अब तक सेट नहीं हो पाया. इस बार कांग्रेस ठाकरे बंधुओं से दूरी बना रही है. इसको लेकर महाविकास अघाड़ी में पेच फंसता हुआ दिख रहा है.

ठाकरे भाइयों के बीच हाल के दिनों में बढ़ी करीबी से शिवसेना उद्धव गुट के नेता अब बीएमसी चुनाव को लेकर सिर्फ MNS से करीबी बढ़ा रहे हैं. कहीं न कहीं कांग्रेस को दरकिनार कर MNS के साथ युति बना रहे है. कांग्रेस ने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है. इन 29 महानगरपालिका में ठाणे के TMC, पुणे के PMC और मुंबई के सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी पर खास तौर पर राजनीतिक पार्टियों के दांव हैं.

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने कांग्रेस को दिखाए तेवर
महाविकास आघाड़ी की तस्वीर अब सिर्फ नाम की दिखाई दे रही है. उद्धव ठाकरे की सेना अब सहयोगी दल कांग्रेस को तेवर दिखाने लगे हैं. संजय राउत लगातार कह रहे थे कि बीएमसी चुनाव को लेकर हम हाईकमान से बात करेंगे. अब उनका कहना है कि दिल्ली कांग्रेस हाईकमान ने निर्णय लोकल कांग्रेस को दिया है, फैसला उनका है.

महाविकास अघाड़ी का तो नहीं पता लेकिन सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी बैठक और तैयारी शुरू कर दी हैं. मुंबई कांग्रेस में बैठकों के दौर चल रहे हैं. चर्चाएं तेज हैं कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले ही लड़ने की योजना बना रही है.

शरद पवार की पार्टी ने साफ कर दी तस्वीर
ऐसे में इस स्थिति में अलग-थलग पड़ी शरद पवार की एनसीपी किसी भी विवाद से बचते हुए कह दिया है कि इस महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाविकास आघाड़ी के साथ ही हर जगह गठबंधन में चुनाव लड़ेगी.

ऐसे में महाविकास आघाड़ी के बयान से एक बात साफ है कि अपना फायदा देखकर ही हर जगह गठबंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है. जहां नुकसान वहां अकेले जहां दूसरों पर आधारित रहने की जरूरत वहां महाविकास अघाड़ी का नारा हम साथ-साथ हैं.

‘वृषभ’ का ट्रेलर आउट

‘वृषभ’ का ट्रेलर आउट
साल 2025 मोहनलाल के लिए काफी खास रहा. इस साल की शुरुआत से लेकर अभी तक उन्होंने कई सफल फिल्में दीं. अब साल जाते-जाते मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार की अगली फिल्म ‘वृषभ’ भी आने वाली है.

फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और इसमें मोहनलाल का घातक एक्शन हीरो वाला रूप देखने को मिला है.

कैसा है ‘वृषभ’ का ट्रेलर
मोहनलाल की फिल्म का ट्रेलर देखकर लग रहा है कि फिर से ‘वृषभ’ में मोहनलाल ‘एल2 एम्पुरान’ जैसा मारपीट वाला रोल करते दिखेंगे. ट्रेलर की शुरुआत में ही आइडिया लग जाता है कि ये दो जन्मों की कहानी है और वर्तमान की दुनिया में मोहनलाल के कैरेक्टर को उनका ‘महाराज वृषभ’ वाला कैरेक्टर क्रॉस कर रहा है.

ट्रेलर में जितना समझ आया उस हिसाब से महाराज वृषभ युद्ध वाले माहौल में हैं और उनके पुराने जन्म में शायद जो चीजें अधूरी रह गई होंगी उन्हें वो इस जन्म में पूरा करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें खुद नहीं पता है कि वो इस जन्म में किसलिए परेशान रहते हैं.

ट्रेलर देखकर एस एस राजामौली वाली ‘मगाधीरा’ जैसा कुछ-कुछ देखने को मिला है जहां पुराना और नया जन्म कहीं एक जगह जाकर मिल रहे हैं.
इसके अलावा, ट्रेलर में कई और चीजें हैं जो नई नहीं लगीं, बल्कि वो कहीं न कहीं देखी-सुनी सी लगीं. जैसे कहीं ‘बाहुबली’ जैसी भव्यता तो कहीं ‘सालार’ जैसी ग्रे दुनिया. कहीं-कहीं सिनेमैटोग्राफी और एक्शन ‘एल2 एम्पुरान’ जैसे लगे हैं. आप ट्रेलर यहां देख सकते हैं.

मोहनलाल घातक हो सकते हैं ‘धुरंधर’ के लिए?
इस साल मोहनलाल की 3 फिल्में आईं और तीनों बड़ी हिट हुईं. एल2 एम्पुरान, थुडारम और हृदयपूर्वम. इन तीनों बड़ी फिल्मों के बाद मोहलाल का स्टारडम जो पहले से ही बहुत बड़ा था और ज्यादा चमक गया है. ऐसे में ‘वृषभा’ अगर हिंदी दर्शकों को पसंद आती है तो हो सकता है कि इसके आने के बाद कमाई के बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ती चली जा रही रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की कमाई में असर पड़े.

‘वृषभ’ कब होगी रिलीज?
ये फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है. इसे मलयालम और हिंदी के अलावा कई दूसरी भारतीय भाषाओं में रिलीज किया जाएगा यानी फिल्म पैन इंडिया बॉक्स ऑफिस हिला सकती है. फिल्म में मोहनलाल के अलावा समरजीत लंकेश और नयन सारिका भी अहम रोल में हैं. फिल्म का डायरेक्शन नंदा किशोर ने किया है.

तीन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के बाद हटे एक करोड़ से ज्यादा मतदाता

तीन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के बाद हटे एक करोड़ से ज्यादा मतदाता
तीन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की मंगलवार को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में 12.32 करोड़ मतदाताओं के नाम सामने आए हैं। यह सूची चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रकाशित की गई है, जबकि 27 अक्टूबर को मतदाता सूची में 13.36 करोड़ लोग शामिल थे।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची के मसौदे में उन नए मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने मतदाता बनने के लिए फॉर्म 6 भरा था। पश्चिम बंगाल में 27 अक्टूबर तक 7.66 करोड़ मतदाताओं में से केवल 7.08 करोड़ मतदाताओं को ही मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया गया था। इसमें सीधे तौर पर 58 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि जिन मतदाताओं ने जनगणना प्रपत्र वापस नहीं किए हैं, उन्हें एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत/दोहरा मतदाता) की अंतिम सूची में शामिल किया गया है। चुनाव आयोग ने बताया कि उनके नाम सूची से नहीं हटाए गए हैं और अगले साल फरवरी में अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी इस संबंध में फैसला लेंगे।

राजस्थान में 5.48 करोड़ मतदाताओं में से 5.04 करोड़ मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो चुका है और 44 लाख मतदाताओं को एएसडी श्रेणी में शामिल किया गया है। गोवा में 11.85 लाख मतदाताओं में से 10.84 लाख को मतदाता सूची के मसौदे में शामिल किया गया है, जबकि अन्य 1.01 लाख एएसडी श्रेणी में हैं।

पुडुचेरी में 10.21 लाख मतदाताओं में से 9.18 लाख मतदाताओं का नाम मसौदा मतदाता सूची में दर्ज है, यानी 1.03 लाख की कमी आई है। 27 अक्टूबर तक लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश में 58,000 मतदाता थे और इनमें से 56,384 मतदाताओं के नाम मसौदा सूची में दर्ज किए गए हैं।

चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर (SIR) की घोषणा की थी, लेकिन बाद में विभिन्न राज्यों के लिए समयसीमा में संशोधन किया था। पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने सीईओ के अनुरोधों के बाद पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर के लिए समय सीमा बढ़ा दी थी।

IPL 2026 ऑक्शन में खर्च हुए 215.45 करोड़ और बिके 77 खिलाड़ी

IPL 2026 ऑक्शन में खर्च हुए 215.45 करोड़ और बिके 77 खिलाड़ी
IPL 2026 की नीलामी 16 दिसंबर को अबू धाबी में आयोजित हुई. ऑक्शन में कुल 77 स्लॉट खाली थे, जो सभी भर गए हैं और इन सभी 77 प्लेयर्स पर कुल 215.45 करोड़ रुपये खर्च हुए. कैमरून ग्रीन इस ऑक्शन के सबसे महंगे प्लेयर बने, जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.2 करोड़ रुपये में खरीदा.

इस ऑक्शन में अनकैप्ड खिलाड़ियों का भी बहुत बोलबाला रहा. प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा पर चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.2 करोड़ की बोली लगाकर समा बांधा. लियाम लिविंगस्टोन, सरफराज खान और पृथ्वी शॉ पहले राउंड में अनसोल्ड चले गए थे, लेकिन नीलामी के अगले राउंड्स की बोली में उन्हें भी खरीदार मिल गया. मगर कई नामी सितारों पर अंत तक कोई बोली नहीं लगी.

IPL 2026 के सभी सोल्ड प्लेयर्स की लिस्ट:
कैमरून ग्रीन – 25.2 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
लियाम लिविंगस्टोन – 13 करोड़ – सनराइजर्स हैदराबाद
डेविड मिलर – 2 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स
वानिंदु हसरंगा – 2 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
वेंकटेश अय्यर – 7 करोड़ – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
क्विंटन डिकॉक – 1 करोड़ – मुंबई इंडियंस
बेन डकेट – 2 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स
फिन एलन – 2 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
मथीशा पाथिराना – 18 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
जैकब डफी – 2 करोड़ – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
रवि बिश्नोई – 7.20 करोड़ – राजस्थान रॉयल्स
एनरिक नॉर्टजे – 2 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
अकील हुसैन – 2 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
आकिब नबी डार – 8.40 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स
प्रशांत वीर – 14.20 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
कार्तिक शर्मा – 14.20 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
शिवांग कुमार – 30 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
मुकुल चौधरी – 2.60 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
अशोक शर्मा – 90 लाख – गुजरात जायंट्स
नमन तिवारी – 1 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
कार्तिक त्यागी – 30 लाख – कोलकाता नाइट राइडर्स
सुशांत मिश्रा – 90 लाख – राजस्थान रॉयल्स
यश राज पुंजा – 30 लाख – राजस्थान रॉयल्स
विग्नेश पुथुर – 30 लाख – राजस्थान रॉयल्स
प्रशांत सोलंकी – 30 लाख – कोलकाता नाइट राइडर्स
पथुम निसांका – 4 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स
राहुल त्रिपाठी – 75 लाख – कोलकाता नाइट राइडर्स
जेसन होल्डर – 7 करोड़ – गुजरात जायंट्स
मैथ्यू शॉर्ट – 1.50 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
टिम साइफर्ट – 1.50 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
मुस्तफिजुर रहमान – 9.20 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
अक्षत रघुवंशी – 2.20 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
दानिश मालेवर – 30 लाख – मुंबई इंडियंस
सात्विक देशवाल – 30 लाख – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
अमन खान – 40 लाख – चेन्नई सुपर किंग्स
मंगेश यादव – 5.20 करोड़ – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
सलील अरोड़ा – 1.50 करोड़ – सनराइजर्स हैदराबाद
रवि सिंह – 95 लाख – राजस्थान रॉयल्स
साकिब हुसैन – 30 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
मोहम्मद सलाहुद्दीन इजहार – 30 लाख – मुंबई इंडियंस
ॐकार तुकाराम टलाहार – 30 लाख – सनराइजर्स हयदेर्बाद
कूपर कॉनोली – 3 करोड़ – पंजाब किंग्स
तेजस्वी दहिया – 3 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
अमित कुमार – 30 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
अथर्व अंकोलेकर – 30 लाख – मुंबई इंडियंस
प्रफुल होंगे – 30 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
क्रेन्स फुलटेरा – 30 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
सार्थक रंजन – 30 लाख – कोलकाता नाइट राइडर्स
दक्ष कामरा – 30 लाख – कोलकाता नाइट राइडर्स
सरफराज खान – 75 लाख – चेन्नई सुपर किंग्स
रचिन रवींद्र – 2 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
आकाशदीप – 1 करोड़ – कोलकाता नाइट राइडर्स
मैट हेनरी – 2 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
शिवम मावी – 75 लाख – सनराइजर्स हैदराबाद
राहुल चाहर – 5.20 करोड़ – चेन्नई सुपर किंग्स
बेन ड्वारशुइस – 4.40 करोड़ – पंजाब किंग्स
जॉर्डन कॉक्स – 75 लाख – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
जोश इंग्लिश – 8.60 करोड़ – लखनऊ सुपर जायंट्स
लुंगी एनगिडी – 2 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स
अमन राव – 30 लाख – राजस्थान रॉयल्स
मयंक रावत – 30 लाख – मुंबई इंडियंस
प्रवीन दुबे – 30 लाख – पंजाब किंग्स
साहिल फराख – 30 लाख – दिल्ली कैपिटल्स
विशाल निषाद – 30 लाख – पंजाब किंग्स
बृजेश शर्मा – 30 लाख – राजस्थान रॉयल्स
जैक एडवर्ड्स – 3 करोड़ – सनराइजर्स हैदराबाद
पृथ्वी शॉ – 75 लाख – दिल्ली कैपिटल्स
जकारी फॉक्स – 75 लाख – चेन्नई सुपर किंग्स
टॉम बैन्टन – 2 करोड़ – गुजरात टाइटंस
एडम मिल्ने – 2.40 करोड़ – राजस्थान रॉयल्स
कुलदीप सेन – 75 लाख – राजस्थान रॉयल्स
विकी ओसवाल – 30 लाख – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
पृथ्वी राज – 30 लाख – गुजरात टाइटंस
ल्यूक वुड – 75 लाख – गुजरात टाइटंस
विहान मल्होत्रा – 30 लाख – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
कनिष्क चौहान – 30 लाख – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
काइल जैमीसन – 2 करोड़ – दिल्ली कैपिटल्स

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