मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व के दो वर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व के दो वर्ष

विकास और विरासत का संगम

मध्यप्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में बीते दो वर्ष निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट दृष्टि और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने न केवल विकास की रफ्तार पकड़ी है, बल्कि अपनी सनातन विरासत को केंद्र में रखकर भविष्य की मजबूत नींव भी रखी है।

इन दो वर्षों की सबसे बड़ी और दूरगामी उपलब्धि है—सिंहस्थ 2028 की समयबद्ध और सुविचारित तैयारियों का आरंभ। उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व का सबसे विशाल मानव समागम है। करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए सरकार ने इस आयोजन को स्थायी अधोसंरचना, वैश्विक पहचान और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर के रूप में अपनाया है।

शिप्रा नदी के शुद्धिकरण से लेकर स्थायी घाटों के निर्माण, सड़क–रेल–हवाई संपर्क के विस्तार, स्मार्ट व्यवस्थाओं और पर्यावरण-संतुलित योजनाओं तक—सरकार की तैयारी यह दर्शाती है कि सिंहस्थ 2028 केवल चार सप्ताह का आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास की अमिट धरोहर बनेगा।

डॉ. मोहन यादव सरकार ने विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा। लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। किसान कल्याण योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुले हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में उठाए गए कदम प्रदेश को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रहे हैं।

यह सरकार मानती है कि विकास और संस्कृति विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। महाकाल लोक, धार्मिक पर्यटन का विस्तार और सनातन मूल्यों का संरक्षण इस सोच के जीवंत उदाहरण हैं। उज्जैन आज केवल एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

इन दो वर्षों में शासन की पहचान बनी है—त्वरित निर्णय, स्पष्ट नीति और प्रभावी क्रियान्वयन। यही कारण है कि जनता के बीच विश्वास और उम्मीद दोनों मजबूत हुए हैं।

आज मध्यप्रदेश केवल वर्तमान का प्रबंधन नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की रचना कर रहा है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियाँ इस सत्य की घोषणा हैं कि डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व प्रदेश को आस्था, विकास और आत्मगौरव के नए शिखर की ओर ले जा रहा है।

मध्यप्रदेश के लिए यह केवल दो वर्ष नहीं, बल्कि नव निर्माण का स्वर्णिम आरंभ हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी जे.एस. नेताम, संजीव सिंह एवं आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

ग्राहकों से रुपए इकट्ठा कर बैंक मैनेजर था फरार,खाते में नहीं जमा की थी राशि।धोखाधड़ी के आरोपी को रामनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल,

ग्राहकों से रुपए इकट्ठा कर बैंक मैनेजर था फरार,खाते में नहीं जमा की थी राशि।धोखाधड़ी के आरोपी को रामनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल,

धोखाधड़ी के आरोपी बैंक मैनेजर गिरफ्तारःग्राहकों से 1 लाख 68 हजार रुपए इकट्ठा किए, नहीं किए थे खाते में जमा।

,खंडवा में फिनो फाइनेंस बैंक के ब्रांच मैनेजर मनोहर सिंह पिता मांगीलाल मालवीय को रामनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।मनोहर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों से 1 लाख 68 हजार रुपए की रकम इकट्ठा की, लेकिन इसे बैंक में जमा नहीं किया और धोखाधड़ी कर फरार हो गए थे।रामनगर चौकी प्रभारी नंदराम वासुरे ने बताया कि, एसपी मनोज कुमार राय ने गंभीर अपराधों के अपराधियों की गिरफ्तारी व अपराधों के निराकरण के निर्देश दिए गए थे। रामनगर चौकी पुलिस ने 2022 से फरार आरोपी मनोहर सिंह को गिरफ्तार कर आज शनिवार को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।फिनो फाइनेंस बैंक भंडारिया रोड खंडवा में खुली थी, जो छोटे-छोटे व्यवसायियों को लोन देकर ब्याज सहित किस्त में रकम वापस लेने का काम करती थी। मनोहर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों से ली गई रकम 1.68 लाख रुपए बैंक में जमा नहीं की और धोखाधड़ी कर फरार हो गए थे।इस संबंध में थाना कोतवाली खंडवा में अपराध क्रमांक 73/2022 धारा 420, 409 आईपीसी का अपराध कायम किया गया था।

विवादित अफसर संतोष वर्मा का आईएएस अवॉर्ड वापस लेने मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र, फैसला अब केंद्र के हाथों में

विवादित अफसर संतोष वर्मा का आईएएस अवॉर्ड वापस लेने मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र, फैसला अब केंद्र के हाथों में
भोपाल।विवादित बयानों पर घिरे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा का आईएएस अवॉर्ड वापस लिए जाने को लेकर राज्य सरकार ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को पत्र लिखा है। वर्मा मप्र कैडर के वर्ष 2012 बैच के प्रमोटी आईएएस हैं। वह संभवतया ऐसे दूसरे अधिकारी हैं, जिनके आईएएस अवॉर्ड पर राज्य सरकार को इस तरह का कठोर निर्णय लेना पड़ा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने यह पत्र केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेजा है। तीन पन्नों के इस पत्र में वर्मा के खिलाफ अनेक गंभीर तथ्यों और घटनाक्रम का क्रमवार उल्लेख किया गया है। पत्र में 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित अजाक्स सम्मेलन में दिए गए वर्मा के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि इससे सामाजिक समरसता प्रभावित हुई और समाज में तनाव की स्थिति बनी। इसे अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी के लिए अपेक्षित मर्यादित और संतुलित आचरण का उल्लंघन माना गया है।

फर्जी आदेश के आधार पर पदोन्नति का आरोप
पत्र में बताया गया है कि संतोष वर्मा को राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के दौरान जिस न्यायालयीन आदेश के आधार पर संवीक्षा (विजिलेंस क्लीयरेंस) दी गई, वह आदेश बाद में संदिग्ध और फर्जी पाया गया। संबंधित आपराधिक प्रकरण (851/2016) में 6 अक्टूबर 2020 को कथित दोषमुक्ति आदेश का हवाला दिया गया था, जबकि पुलिस विवेचना में यह सामने आया कि ऐसा कोई अंतिम आदेश उस तारीख को पारित ही नहीं हुआ था। बाद में इसी फर्जी आदेश के इस्तेमाल को लेकर अलग से आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हुआ।

गिरफ्तारी, निलंबन और विभागीय जांच का उल्लेख
राज्य सरकार ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि फर्जी आदेश प्रस्तुत करने के मामले में वर्मा की गिरफ्तारी हुई, न्यायालयों से उन्हें जमानत मिली और वे 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस अभिरक्षा में रहने के कारण अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत निलंबित किए गए। उनके खिलाफ विभागीय आरोप पत्र जारी किया गया, जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर विभागीय जांच संस्थित की गई, जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।

अब भी लंबित हैं आपराधिक मामले
पत्र में यह तथ्य भी दर्ज है कि मूल आपराधिक प्रकरण अब भी न्यायालय में विचाराधीन है और उसमें कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ है। साथ ही, कथित फर्जी न्यायालयीन आदेश के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का मामला अलग से न्यायिक परीक्षण के दायरे में है।

केंद्र से लिया जाए अंतिम निर्णय
इन सभी तथ्यों, आपराधिक पृष्ठभूमि, विभागीय जांच और हालिया विवादित सार्वजनिक बयान को आधार बनाते हुए राज्य सरकार ने डीओपीटी से अनुरोध किया है कि संतोष वर्मा को दी गई आईएएस पदोन्नति/अवार्ड को निरस्त करने तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा से पृथक किए जाने के संबंध में समुचित निर्णय लिया जाए।

अवॉर्ड वापस लेने का आधिकार केंद्र को
अब इस मामले में निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि आईएएस अवॉर्ड वापस लेने और सेवा से पृथक करने का अंतिम अधिकार राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्र सरकार के पास ही होता है।

तो आईएएस अवॉर्ड गंवाने वाले वर्मा होंगे दूसरे अधिकारी
वर्मा संभवतया ऐसे दूसरे अधिकारी हैं,जिनका आईएएस अवॉर्ड वापस लेने राज्य सरकार को केंद्र को पत्र लिखना पड़ा। इससे पहले वर्ष 1999 बैच की आईएएस शशि कर्णावत ने भी इसी तरह पद गंवाया। करीब 33 लाख के प्रिटिंग घोटाले में कर्णावत को अदालत ने 5 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद सरकार ने उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश केंद्र को की। हालांकि वर्मा पर सामाजिक समरसता व न्यायालय के खिलाफ बयान देने व आपराधिक मामला दर्ज होने के बावजूद,आईएएस अवॉर्ड पाने कूटरचित दस्तावेज,न्यायालयी आदेश का सहारा लिए जाने का आरोप है।

तय मानी जा रही बर्खास्तगी,चार्जशीट भी जल्द
वर्मा राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 1996बैच के अधिकारी के तौर पर सरकारी सेवा में आए। साल 2021 में उन्हें आईएएस अवॉर्ड हुआ।उन्हें वरिष्ठता के आधार पर साल 2012 बैच आवंटित किया गया। सूत्रों के मुताबिक,राज्य सरकार की उक्त सिफारिश के बाद उनका आईएएस का तमगा छिनना तय माना जा रहा है। सरकार उन्हें जल्दी ही चार्जशीट भी थमाएगी। इसका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

मालथौन के आदिवासी की मौत के मामले में मध्य प्रदेश डीजीपी ने गठित की एसआईटी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नए सिरे से जांच

मालथौन के आदिवासी की मौत के मामले में मध्य प्रदेश डीजीपी ने गठित की एसआईटी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नए सिरे से जांच
भोपाल। सागर जिले में मालथौन के नीलेश आदिवासी की मौत के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। यह विशेष जांच दल जल्दी ही अपना काम शुरू करेगा।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक,सायबर सेल भोपाल के डीआईजी ए.शियास (वर्ष 2008 )को जांच दल का प्रमुख बनाया गया है। वहीं दो अन्य सदस्य के तौर पर भोपाल जोन चार के डीसीपी मयूर खंडेलवाल (वर्ष 2020 )व ग्वालियर में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल (वर्ष 2022) को एसआईटी में शामिल किया गया है। तीनों ही अधिकारी मप्र कैडर के लेकिन मप्र से बाहर अन्य राज्यों के रहवासी हैं।

जल्दी ही जांच अपने हाथ में लेगी एसआईटी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक,यह विशेष जांच दल अपने गठन के तत्काल बाद ही काम शुरू कर,नीलेश की मौत एवं इससे जुड़ी जांच के दस्तावेज अपने अधिकार में लेगा। दरअसल,प्रकरण में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदेह के दायरे में रही है। इसके चलते न्यायालय ने एसआईटी गठन को लेकर इसमें मप्र मूल के अधिकारियों एवं सीधी भर्ती के आईपीएस को शामिल करने की बात विशेष तौर पर कही है। एसआईटी में शामिल उक्त तीनों ही अधिकारियों का गृह राज्य मप्र नहीं है।

विरोधाभाषी बयानों ने उलझाई मौत की गुत्थी
सागर जिले के मालथौन कस्बे में इसी साल 25 जुलाई को 42 वर्षीय नीलेश आदिवासी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मृतक की पत्नी रेवाबाई व उनके देवर के अलग—अलग बयानों ने नीलेश की मौत की गुत्थी को उलझा दिया। रेवाबाई प्रकरण में सियासी कारणों से आरोपी बनाए गए एक बीजेपी नेता गोविंद सिंह राजपूत के पक्ष में हैं,जबकि देवर स्थानीय पुलिस की विवेचना के साथ। इसके चलते उच्चतम न्यायालय ने एसआईटी गठित कर इसकी निष्पक्ष,स्वतंत्र व पारदर्शी जांच कराने का फैसला गत गुरुवार को सुनाया था। इसमें दो दिन में एसआईटी गठित करने के निर्देश मप्र पुलिस महानिदेशक को दिए गए थे।

मध्यप्रदेश के इस स्कूल को मिला स्टार एजुकेशन अवार्ड

मध्यप्रदेश के इस स्कूल को मिला स्टार एजुकेशन अवार्ड
भोपाल के मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मुम्बई में स्टार एजुकेशन अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के बेस्ट स्कूल की श्रेणी में प्राप्त हुआ है। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने यह पुरस्कार मुम्बई में प्राप्त किया। अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन टाइम्स ऑफ इण्डिया और ईएसएफई के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। देश के स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार विषय पर 150 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य कार्यकारी और सचिव कॉउंसिल फॉर द इण्डियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन डॉ. जोसेफ एमैनुएल, अध्यक्ष पोद्दार एजुकेशन नेटवर्क सुश्री स्वाति पोपट वत्स, पूर्व भारतीय राजदूत और प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. दीपक बोहरा ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे सुधार पर विचार व्यक्त किये।

मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को इस शैक्षणिक सत्र में अक्टूबर माह में एजुकेशन वर्ल्ड इण्डिया स्कूल रैकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हो चुका है। भोपाल के टी.टी. नगर में मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन वर्ष 1964 से माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष किया नियुक्त

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष किया नियुक्त
भारतीय जनता पार्टी ने फिर से सबको चौंकाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में 45 साल के युवा के हाथों पार्टी की कमान संभालने का फैसला ले लिया। पांच बार विधायक और तीन बार मंत्री रहे बिहार के नितिन नवीन को तत्काल प्रभाव से पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इसे सामान्य पदस्थापन नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भरोसे, संगठनात्मक परिवर्तन और आने वाले चुनावी दौर की रणनीति का संकेत है। माना जा रहा है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक नितिन यह जिम्मेदारी संभालेंगे। राजनीतिक हलकों में इसे बंगाल विधानसभा चुनाव तक की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

एक दिन पहले ही यूपी में चुना गया अध्यक्ष
एक दिन पहले ही पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला लिया था। माना जा रहा था कि आने वाले खरमास के कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ दिन टल सकता है। लेकिन दूसरे ही दिन नितिन नवीन के नाम की घोषणा हो गई। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने के बाद से ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश चल रही थी।

नड्डा का अध्यक्षीय कार्यकाल जून 2024 में समाप्त हो चुका था और तब से वे विस्तार पर कार्य कर रहे हैं। नबीन की नियुक्ति यह भी संकेत है कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की दिशा पर ही चलेगी। खासकर छत्तीसगढ़ में प्रभारी के रूप में उनके कामकाज में दोनों शीर्ष नेताओं को प्रभावित किया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ ¨सह ने नितिन नवीन को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर नितिन को मेहनती, संगठित सोच वाला और बिहार में विधायक एवं मंत्री के रूप में प्रभावशाली सेवाएं देने वाला नेता बताया है। राजनाथ सिंह ने भी उन्हें बिहार की धरती से निकला कर्मठ और ऊर्जावान कार्यकर्ता बताते हुए उम्मीद जताई है कि वे पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सफल होंगे।

पार्टी में जेनरेशन नेक्स्ट का कॉल
नबीन की नियुक्ति यह संदेश है कि पार्टी में जेनरेशन नेक्स्ट का काल शुरू हो चुका है। दरअसल तीसरी पंक्ति के कई नेता भी अध्यक्ष पद की दौड़ में थे। संघ और भाजपा के समन्वय की बात भी कही जा रही थी लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने नबीन को यह जिम्मेदारी दी। छत्तीसगढ़ में प्रभारी के रूप में उनकी भूमिका को सराहा गया।

वहां बूथ स्तर का प्रबंधन, संगठन विस्तार और चुनावी तालमेल पर उनके फोकस का नतीजा निर्णायक जीत के रूप में सामने आया। इसके बाद माना जाने लगा कि नितिन नवीन राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन खड़ा करने की क्षमता रखते हैं।सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी यह नियुक्ति चर्चा में है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खिलाड़ियों और कोच से भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खिलाड़ियों और कोच से भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सु सुनीता सराठे, सु सुषमा पटेल और सु दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्व सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सु सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सु सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सु दुर्गा येवले बैतूल से हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री काश्यप ने किया अभिवादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री काश्यप ने किया अभिवादन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री काश्यप ने सपत्नीक तिलक कर तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया तथा सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की दो वर्ष की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।

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