मुख्यमंत्री अटल ज्योति संदेश यात्रा में हुए शामिल

मुख्यमंत्री अटल ज्योति संदेश यात्रा में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे। आज आंध्र प्रदेश में उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर को स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को धर्मावरम में अटल ज्योति संदेश यात्रा में सहभागिता की एवं स्व. वाजपेयी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनकर देश की जनता की सेवा की। पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। कारगिल में पाकिस्तान को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सौगात दी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के बताए मार्ग पर देश की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नायडू की दोस्ती पक्की है। चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री हैं। वे आंध्र प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। एनडीए ने भगवान कृष्ण के वंशज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी है। आंध्र प्रदेश में नायडू ने सत्या जी को आगे बढ़ाया है। यही सबका साथ-सबका विकास का संकल्प है। जनता के चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा है कि आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश दो बिछड़े भाइयों के समान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज, सागर माला, भारत माला, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाएं दी हैं। आज हम प्रधाममंत्री मोदी और नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश और देश को आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष टीवीएन माधव को अटल ज्योति संदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल ज्योति संदेश यात्रा से आंध्र प्रदेश की जनता को स्व. वाजपेयी के जीवन के विविध पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी कहते थे कि अपना हृदय विशाल बनाओ। सबके साथ, सबके लिए काम और विकास करो। स्व. वाजपेयी की पंक्तियां याद आती हैं- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

कार्यक्रम में विधायक मधुसूदन रेड्डी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिये करें सभी समन्वित प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिये करें सभी समन्वित प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत बुधवार को ‘सुशासन भवन’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में तेजी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्यप्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके।

राज्य सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (ज्वाइंट रिसर्च प्रोग्राम्स) का भी लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक एवं आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वर्तमान में फ्यूचर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्री-टेक तथा अन्य नवोन्मेषी क्षेत्रों में राज्य के तीव्र विकास के लिये आवश्यक विविध रणनीतिक पहलों पर काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की उच्च विशेषज्ञता एवं निरंतर विकसित होती प्रकृति की पूर्ति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है, जो संस्थान को विषय-विशेष मार्गदर्शन, उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक परामर्श और रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। ऐसे विशेषज्ञों के जुड़ने से संस्थान की क्षमता संवर्धन के साथ यह नवाचार इन प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थान के रूपांक, क्रियान्वयन और अनुश्रवण को भी मजबूत करेगा।

बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं संस्थान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर गुलशन बामरा एवं डायरेक्टर ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13 दिसंबर को भोपाल और 14 दिसंबर को इंदौर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय निर्णय लिए गए। राज्य में कृषि के लिए सिंचाई का रकबा दोगुना करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान और कई बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रयास जारी हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। हमारी इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक है।

‘अच्छे कार्य में साथ, लेकिन कुछ गलत होगा तो बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में सुशासन पर आधारित व्यवस्थाएं संचालित हों, इसके लिए अच्छे कार्य में सदैव साथ हैं और अगर कहीं भी कुछ गलत होगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में विगत दिनों उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर बालाघाट में कराया गया है। भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के लिये रवाना होने से पहले इंदौर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन पर अटल ज्योति संदेश यात्रा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।
संचालक, खेल एवं युवा कल्याण,तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं – यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।

कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक

बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।

इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था – जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।

संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया।

जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

12 दिसंबर सिर्फ एक तारीख नहीं, यह है किस्मत बदलने का गोल्डन गेट

12 दिसंबर सिर्फ एक तारीख नहीं, यह है किस्मत बदलने का गोल्डन गेट
12 दिसंबर यानी 12-12 पोर्टल एक बहुत ही शक्तिशाली दिन माना जाता है। इसे आध्यात्मिक और ऊर्जा विज्ञान में एक महत्वपूर्ण “गेटवे” के रूप में देखा जाता है। यह दिन आपके जीवन में नई संभावनाएं, बदलाव और ऊर्जाओं का प्रवेश कर सकता है। अगर आप इस दिन की ऊर्जा को समझकर सही तरीके से काम लें, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव और अवसर आसानी से आते हैं।

12-12 पोर्टल को आध्यात्मिक रूप से एक ऊर्जा गेटवे कहा जाता है। इसमें दो बार 12 का महत्व है –

• पहला 12 – महीने के हिसाब से दिसंबर का 12वां दिन।
• दूसरा 12 – अंक को दर्शाता है, जो पूर्णता और समापन का प्रतीक है।

इस दिन ब्रह्मांड की ऊर्जा और मानव ऊर्जा का तालमेल बहुत मजबूत होता है। इसे “ऊर्जा का द्वार” कहा जाता है क्योंकि यह दिन पुराने अनुभवों को छोड़कर नए अवसरों और नई ऊर्जा को ग्रहण करने का समय देता है।

12-12 का महत्व
1. ऊर्जा का संतुलन

12-12 पोर्टल (Powerful Manifestation Date) पर ब्रह्मांड की ऊर्जा हमारे जीवन में संतुलित रूप से आती है। यह हमारे मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाती है।
2. पुराने बंधनों से मुक्ति

यह दिन हमें पुराने दुख, गलतियां और बाधाओं को छोड़ने में मदद करता है। पुराने अनुभवों को माफ करना और उन्हें पीछे छोड़ना आसान होता है।
3. नई शुरुआत का अवसर

12-12 पोर्टल नए अवसरों, नए रिश्तों और नए कार्यों के लिए शुभ दिन माना जाता है। इस दिन की ऊर्जा जीवन में बदलाव लाने और नई दिशा दिखाने में मदद करती है।
4. आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है

इस दिन ध्यान और मेडिटेशन करने से आपकी आध्यात्मिक समझ और चेतना बढ़ती है। मानसिक शांति, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और ऊर्जा की स्पष्टता बढ़ती है।

1. ध्यान और मेडिटेशन

सुबह या शाम को कम से कम 15–30 मिनट ध्यान करें।

अपने मन को शांत करें और केवल सकारात्मक ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करें।

आप गहरी सांस लेकर अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा को महसूस कर सकते हैं।

2. पुराने दुख और नकारात्मकता को छोड़ें

इस दिन अपने मन से पुराने ग़ुस्से, डर, तनाव या दुःख को मुक्त करें।

किसी को माफ करना या खुद को माफ करना ऊर्जा को साफ करता है।

3. धनात्मक विचारों और लक्ष्य को लिखें

अपने नए लक्ष्य, इच्छाएं और सपने लिखें।

यह दिन नई शुरुआत के लिए आदर्श है।

4. शुद्ध और हल्का आहार

इस दिन हल्का और शुद्ध भोजन लें।

ज्यादा तैलीय या भारी भोजन से बचें।

फल, हल्का दूध, नट्स और हरी सब्जियां लेना शुभ होता है।

5. पवित्र स्थान पर समय बिताएं

मंदिर, आश्रम या घर के शांत कोने में समय बिताएं।

पूजा, मंत्र जाप या सकारात्मक गीत सुनना शुभ होता है।

12-12 पोर्टल का मानसिक और आध्यात्मिक लाभ
1. मानसिक स्पष्टता

ध्यान और ऊर्जा पर ध्यान देने से मानसिक भ्रम और तनाव कम होता है। निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है।
2. रिश्तों में सुधार

इस दिन ऊर्जा आपको सुधारने और दूसरों के साथ समझदारी बढ़ाने में मदद करती है।
3. ऊर्जा और स्वास्थ्य में सुधार

शरीर और मन की ऊर्जा संतुलित होती है। नींद बेहतर आती है और मानसिक थकान कम होती है।
4. सकारात्मकता और सफलता

12-12 पोर्टल पर लक्ष्य निर्धारित करने से, आपके प्रयास अधिक फलदायी होते हैं। यह दिन नए अवसरों के लिए शुभ है।
12-12 पोर्टल को और अधिक शक्तिशाली बनाने के उपाय

• सकारात्मक मंत्रों का जाप करें – जैसे “ॐ शांति” या “ॐ श्री लक्ष्मी नमः”।
• घरों में सकारात्मक ऊर्जा बनाएं – सफाई, हल्के रंग और पौधों के माध्यम से।
• सूर्योदय और सूर्यास्त के समय ध्यान करें – यह समय ऊर्जा के लिए उपयुक्त माना जाता है।
• आभार व्यक्त करें – जीवन में जो कुछ भी है उसके लिए धन्यवाद करें और सकारात्मक सोच अपनाएं।

T20I में एक ओवर में सर्वाधिक गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बने अर्शदीप

T20I में एक ओवर में सर्वाधिक गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बने अर्शदीप
भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान एक अनचाहे क्लब में शामिल हो गए हैं। अर्शदीप टी20 अंतरराष्ट्रीय में पूर्णकालिक देशों में एक ओवर में सबसे ज्यादा गेंद फेंकने वाले संयुक्त रूप से पहले गेंदबाज बन गए हैं। अर्शदीप ने इस मामले में अफगानिस्तान के नवीन उल हक की बराबरी कर ली है।

अर्शदीप ने फेंकी सात वाइड गेंद
अर्शदीप ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन दूसरे मैच में वह लय में नजर नहीं आए। दक्षिण अफ्रीका की पारी का 11वां ओवर डालने आए अर्शदीप ने इस ओवर में सात वाइड फेंकी और कुल 18 रन लुटाए। अर्शदीप ने ओवर में कुल 13 गेंदें डाली जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में किसी पूर्णकालिक देश के गेंदबाज द्वारा संयुक्त रूप से सर्वाधिक है। अर्शदीप से पहले अफगानिस्तान के नवीन उल हक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2024 में खेले गए मैच में एक ओवर में 13 गेंद डाली थी।

अर्शदीप ने ओवर की शुरुआत छक्के के साथ की। इसके बाद उन्होंने लगातार दो वाइड गेंद फेंकी। दूसरी वैध गेंद पर कोई रन नहीं आया। फिर अर्शदीप ने लगातार चार वाइड गेंद फेंकी। इस पर ड्रेसिंग रूम में बैठे मुख्य कोच गौतम गंभीर भी गुस्सा गए। तीसरी वैध गेंद पर एक रन, चौथी पर दो रन और पांचवीं वैध गेंद पर एक रन आया। अर्शदीप ने फिर वाइड फेंकी जो इस ओवर की उनकी सातवीं वाइड गेंद थी। अंत में छठी वैध गेंद पर एक रन आया। इस तरह अर्शदीप का लंबा ओवर समाप्त हुआ।

क्विंटन डिकॉक ने मचाया धमाल
भारत की ओर से जहां अर्शदीप सिंह अनचाहे क्लब में शामिल हुए, वहीं क्विंटन डिकॉक ने अपनी शानदार पारी से धमाल मचाया। डिकॉक भारत के खिलाफ टी20 में सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन और इंग्लैंड के जोस बटलर की बराबरी कर ली है। पूरन ने भारत के खिलाफ 20 टी20 पारियों में पांच बार 50+ स्कोर बनाया है, जबकि बटलर ने 24 पारियों में इस टीम के खिलाफ इतनी ही बार ऐसा किया है। डिकॉक ने भारत के खिलाफ 12 टी20 पारियों में पांचवीं बार 50+ स्कोर बनाया है। डिकॉक शतक लगाने के करीब थे, लेकिन 46 गेंदों पर पांच चौकों और सात छक्कों की मदद से 90 रन बनाकर आउट हुए।

‘अनुच्छेद 21 की रक्षा जरूरी, लेकिन यह हमेशा राष्ट्र के हित के अधीन’ – सुप्रीम कोर्ट

‘अनुच्छेद 21 की रक्षा जरूरी, लेकिन यह हमेशा राष्ट्र के हित के अधीन’ – सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि किसी शख्स के अधिकार हमेशा राष्ट्र के हित के अधीन होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए अधिकारों की हमेशा रक्षा की जानी चाहिए, लेकिन ऐसे मामलों में जहां देश की सुरक्षा या अखंडता पर सवाल उठता है, वह जमानत देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता।

2010 में पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हादसे के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने ये टिप्पणियां कीं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने के मामले में कुछ आरोपियों को दी गई जमानत के खिलाफ अपील दायर की गई थी।

क्या था 2010 का ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हादसा?
2010 में मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस झाड़ग्राम के पास पटरी से उतर गई थी और सामने से आ रही एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में 148 यात्रियों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया था कि 28 मई, 2010 को लगभग 1 बजे हुई यह दुर्घटना माओवादियों की ओर से की गई कथित तोड़फोड़ का नतीजा थी। यह घटना सीपीआई (माओवादी) की ओर से बुलाए गए चार दिवसीय बंद के लागू होने के तुरंत बाद हुई थी।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता के मामले में…’ :सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आरोपियों की स्वतंत्रता में दखलअंदाजी करना, खासकर तब जब उनके खिलाफ कोई अन्य सबूत न हो, उचित नहीं होगा। अदालत ने कहा कि सीबीआई उसके संज्ञान में ऐसा कोई भी घटनाक्रम नहीं ला सकी जो इस हस्तक्षेप को किसी भी सार्थक उद्देश्य की पूर्ति के रूप में उचित ठहरा सके। पीठ ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं हो सकता कि अनुच्छेद 21 के अधिकारों को सर्वोच्च महत्व दिया गया है और यह उचित भी है। हालांकि, साथ ही साथ शख्स हमेशा ध्यान का केंद्र नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘कुछ मामले, जैसे कि यह मामला, अपनी प्रकृति और प्रभाव के कारण यह मांग करते हैं कि प्रस्तुत मुद्दे को व्यापक परिप्रेक्ष्य यानी राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए। इसलिए हम यह पाते हैं कि अनुच्छेद 21 के अधिकारों की रक्षा तो हमेशा की जानी चाहिए, लेकिन जिन मामलों में राष्ट्र की सुरक्षा या अखंडता पर सवाल उठता है, उसे एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता।’ पीठ ने कई निर्देश जारी करते हुए मामले की रोज सुनवाई और असाधारण हालात को छोड़कर स्थगन देने से परहेज करने को कहा।

लूथरा भाइयों को लगा बड़ा झटका, रोहिणी कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

लूथरा भाइयों को लगा बड़ा झटका, रोहिणी कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड मामले में आरोपी गौरव और सौरभ लूथरा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया है। अदालत ने अग्रिम जमानत की यचिका खारिज कर दी है।

यह मामला गोवा के एक रेस्तरां में आग लगने के बाद दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें लूथरा भाइयों पर लापरवाही के आरोप हैं। अदालत में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। पुलिस का कहना है कि लूथरा भाइयों ने जांच में सहयोग नहीं किया, जबकि बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर रोक की मांग करते हुए कहा कि मामला गैर-हत्यात्मक बताया, बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत की याचिका खारिज कर दी।

बचाव पक्ष की दलीलें
लूथरा भाइयों के वकील तनवीर अहमद मीर ने कहा था कि एफआईआर के अनुसार घटना लापरवाही का मामला है, कोई हत्या नहीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहों के कारण परिवार को खतरा है और बिना नोटिस दो रेस्तरां तोड़े गए। उन्होंने कहा कि लूथरा भाई फरार नहीं हैं और जांच में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और सीधे वारंट जारी किया गया।

विदेश जाने पर सवाल
बचाव पक्ष ने बताया था कि लूथरा भाई फुकेत में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा पर थे। वहीं पुलिस ने अदालत में कहा कि उनका थाईलैंड में कोई व्यावसायिक काम नहीं है और उन्होंने 7 दिसंबर को देश छोड़ा, जबकि अदालत में गलत तारीख बताई। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने कोर्ट और एजेंसियों को गुमराह किया।

पुलिस का दावा
सुनवाई के दौरान गोवा पुलिस ने कहा कि गौरव लूथरा, सौरभ लूथरा और अजय गुप्ता इस प्रोजेक्ट के हस्ताक्षरकर्ता हैं। उनका कहना है कि पंचायती लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। पुलिस ने कहा कि लूथरा भाइयों के सहयोग न करने के कारण उन्हें अदालत से अतिरिक्त सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए।

बचाव पक्ष ने कहा कि गिरफ्तारी गुस्से या बदले की भावना में नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत जांच उनके बिना पूरी हो चुकी है और पुलिस ने यह नहीं बताया कि हिरासत की जरूरत क्यों है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

कृषि भूमि पर बना था अवैध नाइटक्लब
अरपोरा में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत के बाद गोवा प्रशासन अवैध नाइटक्लबों पर सख्त हो गया है। इसी क्रम में अधिकारियों ने वगतोर स्थित क्लब को सील कर दिया। बारदेज तालुका के मामलतदार के आदेश पर की गई इस कार्रवाई में पाया गया कि क्लब कृषि भूमि पर बिना जोन बदलाए बनाया गया था।

अधिकारियों ने क्लब मालिक को सात दिनों में जवाब देने का नोटिस जारी किया है। नाइटक्लब प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सभी अवैध और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले नाइटक्लबों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर की बात

पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत कर भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने माना कि दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच तेज़ी से मजबूत होते संबंध वैश्विक राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बातचीत का मुख्य फोकस रक्षा, ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहराई देना रहा।

मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करते हुए द्विपक्षीय सहयोग में हो रही निरंतर मजबूती पर संतोष जताया। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार बढ़ाने के लिए गति बनाए रखना आवश्यक है। इसके साथ ही दोनों ने यह भी माना कि आने वाले समय में दोनों देशों को नई तकनीकों, रक्षा और सुरक्षा में आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति को लेकर भी विचार साझा किए। बातचीत में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सहयोगात्मक ढांचे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने माना कि कई मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर मिलकर काम करने से प्रभावी समाधान निकल सकता है। मोदी और ट्रंप ने साझा चुनौतियों से निपटने के लिए तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई।

रिश्तों को और मजबूत करने का संकल्प
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते भविष्य की वैश्विक व्यवस्था को संतुलित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों नेताओं ने संपर्क बनाए रखने और आगे भी नियमित बातचीत करते रहने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, निरंतर संवाद से द्विपक्षीय संबंध और बेहतर होंगे और दोनों देशों के साझा हितों को मजबूती मिलेगी।

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