संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मिले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल

संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मिले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल

सांसद लगातार सक्रिय होकर भारत सरकार के मंत्रियों से मिलकर विकास कार्यों को दे रहे बढ़ावा।
खंडवा। खंडवा लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार निर्वाचित सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल अपने संसदीय क्षेत्र के विकास को लेकर लगातार सक्रिय होकर भारत सरकार के मंत्रियों से मिलकर विकास कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं,वहीं सांसद ज्ञानेश्वर पाटील संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही प्रदेश के मंत्रियों से मुलाकात कर सड़कों के साथ ही अन्य योजनाओं की स्वीकृति के लिए लगातार मंत्रियों से रूबरू होकर मांग पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि चल रहे लोक सभा सत्र के दौरान सांसद श्री पाटिल ने दिल्ली में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादीत्य सिंधिया के साथ ही देश के यशस्वी एवं दूरदर्शी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से आत्मीय भेंट कर खंडवा संसदीय क्षेत्र में सड़क विकास एवं अधोसंरचना से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान क्षेत्र में चल रहे NHAI के कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने के कारण क्षेत्रवासियों को हो रही असुविधाओं की जानकारी भी मंत्री गडकरी को दी, तथा इन सभी परियोजनाओं को तीव्र गति से पूरा करने हेतु विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया। सुनील जैन ने बताया कि सांसद पाटिल के विकास कार्यों की बातों को मंत्री गडकरी जी ने गंभीरता से लेते हुए मंत्रीजी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि NHAI के कार्यों में तेजी लाने, लंबित परियोजनाओं की गति बढ़ाने तथा खंडवा में सड़क सुविधाओं को उच्च स्तर पर विकसित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। खंडवा संसदीय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में ये सड़क परियोजनाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी और जल्द ही जनता को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सौगात प्राप्त होगी।

जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने गले में फंसे घड़ी के सेल को ऑपरेशन से निकाला,और बचाई बच्चे की जान।

जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने गले में फंसे घड़ी के सेल को ऑपरेशन से निकाला,और बचाई बच्चे की जान।
बुरहानपुर निवासी कृष्णा पिता रामेश्वर उम्र 10 वर्ष ने खेल-खेल में घड़ी का सेल निगल लिया, जो उसके गले के निचले हिस्से में फंस गया जिससे उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह बेहोश हो गया। माता-पिता घबराकर उसे तुरंत खण्डवा के जिला अस्पताल सह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ले आए। यहां नाक कान गला रोग विभाग में बच्चे का एक्स-रे किया गया, तो पता चला कि घड़ी का एक सेल आहार नली के निचले भाग में फंस गया है। नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील बाजोलिया एवं उनकी टीम ने दूरबीन पद्धति से सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर कृष्णा के गले से सेल को बाहर निकाला।

डॉ. सुनील बाजोलिया ने बताया कि बैटरी में मौजूद रसायन शरीर के ऊतकों को गला सकता था, जिससे बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। इस तरह जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने सही समय पर जटिल ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई। बच्चा कृष्णा अब पूरी तरह से स्वस्थ है और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। बच्चे के पिता रामेश्वर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की टीम का बार बार आभार प्रकट करते हैं।

एमवीएम:उत्सव शुल्क की कीमत,स्कूल के बाहर खड़ा बचपन

एमवीएम:उत्सव शुल्क की कीमत,स्कूल के बाहर खड़ा बचपन

भोपाल। राजधानी के एक निजी स्कूल में वार्षिकोत्सव की फीस न भर सकने पर एक ही परिवार के तीन बच्चों को एक माह के लिए स्कूल से निष्कासित करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला प्रबंधन को कल से बच्चों को स्कूल बुलाने के निर्देश दिए हैं।

कार्यक्रम में गैरहाजिरी बनी ‘अनुशासनहीनता’
मामला नर्मदापुरम रोड, रतनपुर स्थित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल का है, जो वैदिक शिक्षा के लिए भी जाना जाता है। बीते सप्ताह हुए वार्षिक उत्सव के लिए प्रत्येक विद्यार्थी से ड्रेस और प्रवेश शुल्क के नाम पर 2300 रुपए जमा कराने थे। राजधानी निवासी चौहान परिवार के तीन बच्चे—खुशी, तनु और श्याम—यह राशि न भर पाने के चलते उत्सव में शामिल नहीं हो सके।

एक महीने का निष्कासन, नोटिस ग्रुप में वायरल
बच्चों की गैरहाजिरी पर विद्यालय प्रबंधन ने कठोर रुख अपनाते हुए इसे अनुशासनहीनता माना। सजा के तौर पर बच्चों को एक माह के लिए निष्कासित कर दिया गया। प्रबंधन ने निष्कासन की सूचना विद्यालय के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी साझा कर दी, जिससे मामला पूरे स्कूल समुदाय में फैल गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

विरोध बढ़ा, जांच के लिए तहसीलदार भेजे गए
विवाद बढ़ने पर करणी सेना के चेतन सिंह और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन व जिला प्रशासन से शिकायत की। प्रशासन ने गंभीरता समझते हुए इलाके के तहसीलदार को स्कूल भेजकर मामले की जांच कराई।

बढ़ते दबाव के बाद विद्यालय ने निष्कासन अवधि एक माह से घटाकर 15 दिन कर दी, हालांकि निर्णय को वापस लेने से इंकार कर दिया।

शिक्षा विभाग की दखल, रिपोर्ट तलब
बुधवार देर शाम जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने विद्यालय प्राचार्य को पत्र जारी कर तीनों बच्चों की गुरुवार से उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
द सू़त्र ने विद्यालय प्राचार्य से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन स्टाफ ने बातचीत नहीं कराई।

तीन दशक बाद फिर लौटा साल बोरर,पूर्वी मप्र के जंगलों में बड़ा खतरा

तीन दशक बाद फिर लौटा साल बोरर,पूर्वी मप्र के जंगलों में बड़ा खतरा
भोपाल। छत्तीसगढ़ से लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के जंगलों में एक बार फिर साल बोरर सिर उठा रहा है। यह स्थिति लगभग तीन दशक बाद बनी है। पिछली बार जब यह प्रकोप सामने आया था तब लाखों पेड़ों की कटाई हुई थी और मामला सियासी बवंडर बन गया था।

बोरर कीट ने बढ़ाई वन विभाग की चिंता
साल वृक्षों पर बोरर कीट के प्रकोप ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब तक डिंडौरी और अनूपपुर वन वृत के अमरकंटक क्षेत्र के सैकड़ों हेक्टेयर इलाके में इस कीट की उपस्थिति मिली है। कीट फिलहाल लार्वा अवस्था में है। जानकारों के अनुसार ग्रीष्मकाल में तापमान बढ़ने तक यह तितली का रूप लेकर लाखों पेड़ों में ‘पोल’ बनाकर उन्हें सुखा सकता है।

डिंडौरी में 30 फीसदी तक फैला प्रकोप
सूत्रों के मुताबिक साल बोरर का सबसे बड़ा असर डिंडौरी में सामने आया है। छत्तीसगढ़ से लगे ईस्ट करांजिया क्षेत्र की 8 से 10 बीटों में इसकी मौजूदगी पाई गई है। क्षेत्रफल के अनुसार फिलहाल प्रभावित इलाका 10 हजार हेक्टेयर से अधिक है। यहां साल के लगभग 30 से 35 हजार वृक्ष कीट प्रकोप के कारण सूखते जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ से कीट आने की आशंका
साल वृक्षों पर बोरर का हमला सामान्य घटना है, लेकिन इस वर्ष कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि हुई, जिससे जंगलों में नमी बढ़ी और कीट तेजी से पनपा। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जंगलों में इसकी मौजूदगी मिलने पर यह आशंका जताई जा रही है कि संभवत: इसकी आवक पड़ोसी राज्य से हुई हो, जहां साल वृक्षों की संख्या मप्र की तुलना में ज्यादा है। डिंडौरी के अलावा अनूपपुर के अमरकंटक और शहडोल जिले के कुछ जंगलों में भी इसका असर देखा जा रहा है।

कीट प्रभावित पेड़ों की मार्किंग शुरू
प्रकोप को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित वन मंडलों में पेड़ों की मार्किंग का काम शुरू कर दिया है। डिंडौरी फॉरेस्ट सर्किल में बड़ी संख्या में आदिवासी श्रमिक लगाए गए हैं, जो प्रभावित पेड़ों की पहचान कर उन पर लाल रंग से पुताई कर रहे हैं। यही काम अनूपपुर के अमरकंटक और शहडोल के जंगलों में भी जारी है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में साल के सर्वाधिक वृक्ष
देश में सर्वाधिक साल वृक्ष झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं, जो देश के कुल साल वनों का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा हैं। साल की लकड़ी मजबूत होती है और इसका उपयोग रेल स्लीपर से लेकर फर्नीचर तक में किया जाता है। साल का धार्मिक महत्व भी है—कहा जाता है कि भगवान बुद्ध का जन्म साल वृक्ष के नीचे हुआ था और महावीर स्वामी ने इसी वृक्ष के नीचे ध्यान किया था। मध्य प्रदेश के लगभग 70 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र में साल पाया जाता है और इनकी संख्या लाखों में है।

वैज्ञानिकों ने किया प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार प्रकोप सामने आने के बाद वन विभाग के निर्देश पर वन अनुसंधान केंद्र, जबलपुर की वैज्ञानिक टीम ने डिंडौरी और अमरकंटक का दौरा किया है। टीम ने दोनों क्षेत्रों में कीट की उपस्थिति सामान्य से अधिक पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

प्रभावित पेड़ों की कटाई ही एकमात्र प्रभावी उपाय
विशेषज्ञ बताते हैं कि बोरर प्रकोप को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका प्रभावित पेड़ों की कटाई है, ताकि यह अन्य स्वस्थ वृक्षों तक न फैले। क्लोरोफायरफॉस कीटनाशक से इसे नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन बड़े वन क्षेत्र में इसका छिड़काव अव्यावहारिक है और इससे वन्य प्राणियों को नुकसान की आशंका भी रहती है। इसलिए विभाग इसका उपयोग करने से बचता रहा है।

मुंडमाला योजना कागजों तक सिमटी
वन अनुसंधान केंद्र ने बोरर नियंत्रण के लिए ‘मुंडमाला योजना’ की भी सिफारिश की थी। इसमें वनवासी आदिवासियों को आर्थिक सहायता देकर लार्वा का सिर काटकर नष्ट करने के लिए प्रेरित किया जाता है। साल वृक्ष से निकलने वाला अम्लीय द्रव बोरर को आकर्षित करता है और यही उसकी मृत्यु का कारण भी बनता है। प्रशिक्षित आदिवासी इस द्रव को जमा कर कीटों को आकर्षित करते हैं और उनका सिर काटकर विभाग को सौंपते हैं। पहले यह योजना कुछ बीटों में चली, लेकिन बड़े क्षेत्र में लागू करना लगभग असंभव होने के कारण इसे बंद कर दिया गया।

विभाग सतर्क, रिपोर्ट का इंतजार
डिंडौरी वन मंडलाधिकारी पुनीत सोनकर ने ईस्ट करांजिया क्षेत्र में बोरर प्रकोप की पुष्टि की है। उनके अनुसार प्रभावित पेड़ों की मार्किंग बड़े पैमाने पर जारी है और इसमें लगभग एक माह लग सकता है। इसके बाद ही प्रभावित पेड़ों की सटीक संख्या सामने आएगी। वहीं, वन अनुसंधान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक नीलू सिंह के अनुसार 5 से 10 प्रतिशत वृक्ष विभिन्न ग्रेड में फिलहाल प्रभावित हैं।

नए साल का पहला झटका,मध्यप्रदेश में बिजली और महंगी होने के आसार

नए साल का पहला झटका,मध्यप्रदेश में बिजली और महंगी होने के आसार
​नए साल में बिजली देगी झटका

भोपाल। नए साल में बिजली मध्य प्रदेश के रहवासियों को बड़ा झटका दे सकती है। दरअसल,प्रदेश की बिजली उत्पादन कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष एक बार फिर बिजली की दरों में 10 प्रतिशत तक इजाफा करने की मांग रखी है। आयोग कंपनी के प्रस्ताव पर विचार करने के साथ ही आमजन से भी आगामी 15 दिसंबर को बात करेगा।

पॉवर जेनरेशन कंपनी ने फिर बढ़ोतरी मांगी

मप्र पॉवर जेनरेशन कंपनी ने आयोग मुख्यालय में एक याचिका दायर की। इसमें लाइन लॉस के कारण बिजली कंपनियों को घाटे में बताते हुए बिजली की दरों में इजाफा करने की मांग की गई। आयोग सूत्रों के मुताबिक,कंपनी ने बिजली की दरों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की मांग की है।

15 दिसंबर को आमजन संग सुनवाई
सूत्रों के मुताबिक,आयोग कंपनी के प्रस्ताव पर विचार करने के ​बाद,इन पर दावे आपत्ति बुलाएगा। सूत्रों के अनुसार,पहली सुनवाई 15 दिसंबर को होने के आसार हैं,हालांकि आयोग की ओर से अब तक इसकी अधिकृत जानकारी साझा नहीं की गई। जन सुनवाई में आपत्तियों पर गौर करने के बाद ही आयोग कोई अंतिम निर्णय लेगा।

8 महीने पहले ही बढ़े थे दाम
बिजली का नया टैरिफ हर साल 1 अप्रैल से लागू होता है बीते साल बिजली कंपनियों ने 4 हजार करोड़ से अधिक का घाटा बताते हुए बिजली के टैरिफ में 7.52 फीसदी बढ़ोत्तरी की मांग रखी थी।आयोग ने इसे खारिज करते हुए टैरिफ में सिर्फ 3.46%बढ़ोत्तरी की मंजूरी दी,लेकिन यह हर सेक्टर के लिए थी।
इसके चलते घरेलू श्रेणी के बिजली टैरिफ में प्रति यूनिट 19 पैसे,गैर घरेलू में 20 पैसे और कृषि टैरिफ में 7 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़े।आयोग ने फिक्स चार्ज में भी इजाफा किया था। इसके चलते उपभोक्ताओं को पिछले साल की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

चुनावी वर्षों में मिलती रही राहत, इस बार उम्मीद कम

चुनावी साल में आमतौर पर आयोग बिजली टैरिफ में बड़ी वृद्धि से बचता रहा है। बीते दो साल चुनावी वर्ष होने से कंपनियों की मांग आमतौर पर खारिज होती रही। यानी वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव थे।

बिजली कंपनियों ने 2 हजार करोड़ से अधिक का घाटा बताते हुए टैरिफ में 3.86 फीसदी इजाफा करने की मांग की थी लेकिन आयोग ने टैरिफ में महज 0.7% का इजाफा किया।
इसी तरह,वर्ष 2023 में मप्र विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिजली की दरें सिर्फ 1.65 % ही बढ़ी। जबकि बिजली कंपनियों की ओर से 1537 करोड़ रुपए के घाटे का हवाला देते हुए टैरिफ में 3.20% बढ़ोत्तरी की मांग की गई थी।

होने हैं सहकारिता के चुनाव
प्रदेश में बीते एक दशक से लंबित सहकारिता चुनाव जल्द होने के आसार है। माना जा रहा है कि सरकार ग्रीष्मकाल में यह चुनाव करा सकती है।
प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इसके संकेत भी दिए। ऐसे में विद्युत नियामक आयोग बिजली कंपनी को कोई बड़ी राहत देगा,इसकी उम्मीद कम है,लेकिन दर बढ़ना लाजिमी है।

आयोग सूत्रों के अनुसार,आयोग 4 से 6 प्रतिशत के स्लेब में यह बढ़ोत्तरी कर सकता है। यह होता है तब भी नए साल में बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।
बिजली कंपनी के प्रस्ताव पर आयोग के सचिव डॉ उमाकांत पांडा ने बताया कि बिजली कंपनी की ओर से प्रस्ताव मिला है। इसका अध्ययन करने के बाद आमजन से सुझाव बुलाए जाएंगे। इसके बाद ही आयोग कोई निर्णय लेगा।

सरप्लस बिजली’ दावे के उलट, बाहरी राज्यों से खरीद जारी

मध्य प्रदेश भले ही खुद को ‘सरप्लस बिजली वाला प्रदेश’ बताता हो, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य हर साल अन्य प्रदेशों से बड़े पैमाने पर बिजली खरीद रहा है।

हाल ही में संपन्न राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस के डॉ विक्रांत भूरिया के एक सवाल के जवाब में
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसका खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि बीते साल पॉवर एक्सचेंज से 74 करोड़ यूनिट और इस साल अब तक 91 करोड़ यूनिट बिजली 3.43 रुपए प्रति यूनिट की दर पर अन्य राज्यों से खरीदी गई।

उद्योगपतियों पर 1,228 करोड़ रुपये बकाया
ऊर्जा मंत्री तोमर ने यह भी बताया कि प्रदेश में 2,409 बड़े बिजली उपभोक्ताओं पर 1,228 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें अधिकांश उद्योगपति हैं।

कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा गया तेंदुआ, पन्ना टाइगर रिजर्व टीम को बड़ी सफलता

कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा गया तेंदुआ, पन्ना टाइगर रिजर्व टीम को बड़ी सफलता
हटा /मंगलवार को हटा नगर में उस समय हड़कंप मच गया जब शिव फौजदार के मकान की गैलरी में एक तेंदुआ घुसकर छुप गया। इससे पहले तेंदुए ने रेस्टोरेंट संचालक शरद अग्रवाल (42 वर्ष), पिता कन्हैया अग्रवाल पर अचानक हमला कर उन्हें पंजा मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद घायल को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सूचना मिलते ही रेंजर ऋषि तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम, थाना प्रभारी सुधीर बेगी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सुबह से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान शाम तक लगातार जारी रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस और वन विभाग का संयुक्त प्रयास सराहनीय रहा।

अंततः पन्ना टाइगर रिजर्व की विशेष टीम, जिला वनमंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे, रेंजर ऋषि तिवारी तथा हटा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद कर लिया गया। स्थानीय लोगों ने अभियान की सफलता पर राहत की सांस ली।

रेस्क्यू के बाद तेंदुए को पिंजरे में सुरक्षित बंद करके वाहन से पन्ना टाइगर रिजर्व भेज दिया गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। घटना स्थल पर सुबह से ही भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ रही, जिन्होंने वन विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की।

25 असामाजिक तत्त्वो के विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

जिले मे विशेष अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 99 वाहन चालकों के विरुद्ध एम.व्ही. एक्ट के तहत की गई कार्यवाही।
25 असामाजिक तत्त्वो के विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री राजेश रघुवंशी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारणेकर के मार्गदर्शन मे दिनांक 08.12.2025 को कुल 19 गिरफ़्तारी, 32 जमानती वारंट, 60 समन जिले के विभिन्न थानो के द्वारा अलग-अलग न्यायालय के तामील किये गए। दिनांक 08.12.2025 को विशेष अभियान के तहत जिला खंडवा मे समस्त थाना प्रभारियों द्वारा यातायात नियमो का उल्लंघन करने वाले दो पहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया वाहन चालको के विरुद्ध बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी, बिना हेलमेट, सीटबेल्ट न लगाने वाले, तेज गति, बिना एचएस आरपी, बिना वैध बीमा वाले वाहनों तथा अन्य यातायात नियमो का उल्लंघन करने वाले कुल 99 वाहन चालकों के विरुद्ध एम.व्ही. एक्ट के तहत कार्यवाही की गई एवं समन शुल्क 43500/-रुपये वसूल किए गए है। उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अनिल कुमार राय द्वारा रेलवे स्टेशन पार्किंग एरिया मे ऑटो चालकों की चेक कर सांझाइश दी एवं जिले के समस्त नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
जिले के विभिन्न थानो मे दिनांक 08.12.2025 को कुल 25 असामाजिक तत्त्वो के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। धारा 126/135 BNSS के तहत 07 प्रकरणों मे 16 अनावेदकों के विरुद्ध, धारा 129 BNSS के तहत 02 प्रकरणों मे 02 अनावेदकों के विरुद्ध धारा 170 BNSS के तहत 05 प्रकरणों मे 07 अनावेदकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। जिले में कुल 03 अनावेदकों के विरुद्ध बाउंड ओवर की कार्यवाही की गई है।

आमने सामने कार्यक्रम में शामिल हुई कौन बनेगा करोड़पति प्रतियोगी कविता पारखे

आमने सामने कार्यक्रम में शामिल हुई कौन बनेगा करोड़पति प्रतियोगी कविता पारखे
सद्भावना मंच सदस्यों से साझा किए अपने अनुभव
खंडवा।सद्भावना मंच के बहुचर्चित कार्यक्रम आमने सामने में कौन बनेगा करोड़पति की प्रतियोगी कविता पारखे शामिल हुईं।
सद्भावना मंच सदस्य कमल नागपाल ने बताया कि खंडवा निवासी जिला न्यायालय में सेवारत कविता पारखे ने हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में 12.5 लाख रुपए की धनराशि जीतकर खंडवा का परचम फहराया और अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया।कार्यक्रम में संस्थापक प्रमोद जैन ने बधाई देते हुए उनका स्वागत सम्मान करते हुए कहा कि खंडवा प्रतिभाओं का गढ़ है।अंत में कई सदस्यों ने उनसे प्रतियोगी से जिज्ञासावश प्रश्न भी पूछे। इस अवसर पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ जगदीशचंद्र चौरे, पारखे, त्रिलोक चौधरी,सुनील सोमानी,अर्जुन बुंदेला,सुरेन्द्र गीते,गणेश भावसार,प्रियंक पाठक,एन के दवे,योगेश गुजराती, कैलाश शर्मा ,कमल नागपाल,सुनील सोमानी,राजा शर्मा, संतोष सोनी,अशोक पारवानी,तरुण दुबे, गीते,मुरली कोडवानी,राधेश्याम शाक्य,विजया द्विवेदी,रूपल भदरेले,सुभाष मीणा, आकांक्षा सिसोदिया आदि उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश को जल्द मिलेंगे 8 नएIAS,डीओपीटी ने 24 बैच के 179 अफसरों को आवंटित किए कैडर

मध्य प्रदेश को जल्द मिलेंगे 8 नएIAS,डीओपीटी ने 24 बैच के 179 अफसरों को आवंटित किए कैडर

मप्र मूल के 7 IASको मिले दूसरे राज्य
भोपाल। मध्य प्रदेश को जल्दी ही 8 नए आईएएस मिलेंगे। इनमें 3 अधिकारी मप्र मूल के ही हैं,जबकि यहां के 7 अधिकारियों को दूसरे राज्यों में पदस्थ किया गया है।
ये आठ अफसर आएंगे मप्र
दरअसल,केंद्रीय ​कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2024 में चयनित 179 आईएएस अफसरों को मंगलवार को कैडर आवंटित किए।
इनमें आठ अधिकारियों को मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ। इनमें तीन अधिकारी आयुषी बंसल,श्लोक वाइकर व शैलेंद्र चौधरी शामिल हैं। इनके अलावा, उप्र निवासी आशी शर्मा,यहीं की सौम्या मिश्रा,महाराष्ट्र निवासी महादेव अग्रवाल व खोट पुष्पराज नानासाहेब तथा उत्तराखंड की शिल्पा चौहान को भी मप्र कैडर ​हासिल हुआ।

इन 7 अफसरों को नहीं मिला गृह राज्य
2024 बैच में ही चयनित मप्र मूल के सात अधिकारियों को अन्य राज्यों का कैडर मिला। इनमें रोमिल द्विवेदी को पश्चिम बंगाल, अभि जैन को सिक्किम,मुस्कान श्रीवास्तव को हरियाणा, अभिषेक शर्मा को एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश,गोवा,मिजोरम व केंद्र शासित अन्य) अवधिजा गुप्ता को गुजरात,फरखांडा कुरैशी को बिहार व खुशी कनेरिया को असम व मेघालय राज्य कै​डर दिया गया।

कैडर आवंटन के लिए बने 5 जोन
भारतीय सेवा के अधिकारियों को कैडर आवंटन जोन आधारित है। इसके लिए देश का पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में सामान्य व आरक्षण आधार पर कैडर अलॉट किया जाता है। चयनित अधिकारियों से उनके पसंद के राज्य के नाम भी मांगे जाते हैं लेकिन जोन आ​धारित आवंटन में चयनित अधिकारी की यूपीएससी परीक्षा में मिले प्राप्तांकों को भी आधार बनाया जाता है।

नहीं हो सकी मंशा पूरी
मप्र सहकारिता विभाग में संयुक्त संचालक भोपाल के.के. द्विवेदी के पुत्र रोमिल द्विवेदी मप्र कैडर चाहते थे,लेकिन प्रावीण्य सूची के आधार पर उन्हें पांचवे जोन में पश्चिम बंगाल कैडर मिला। इसी तरह,मप्र मूल की अभि जैन,मुस्कान श्रीवास्तव,अभिषेक शर्मा व अन्य भी गृह राज्य नहीं पा सके।

…………………..
मध्य प्रदेश को मिले 8 नए IAS
क्रमांक  अधिकारी का नाम          मूल राज्य    आवंटित कैडर
1       आयुषी बंसल              मध्य प्रदेश    मध्य प्रदेश
2        श्लोक वाइकर            मध्य प्रदेश    मध्य प्रदेश
3        शैलेंद्र चौधरी              मध्य प्रदेश     मध्य प्रदेश
4        आशी शर्मा                उत्तर प्रदेश     मध्य प्रदेश
5        सौम्या मिश्रा                उत्तर प्रदेश    मध्य प्रदेश
6        महादेव अग्रवाल           महाराष्ट्र        मध्य प्रदेश
7        खोट पुष्पराज नानासाहेब  महाराष्ट्र        मध्य प्रदेश
8        शिल्पा चौहान               उत्तराखंड     मध्य प्रदेश
…………………………………..
मप्र मूल के जिन 7 अफसरों को मिला बाहरी कैडर
क्रमांक    अधिकारी का नाम             मूल राज्य     आवंटित कैडर
1        रोमिल द्विवेदी                  मध्य प्रदेश     पश्चिम बंगाल
2        अभि जैन                       मध्य प्रदेश     सिक्किम
3        मुस्कान श्रीवास्तव              मध्य प्रदेश     हरियाणा
4        अभिषेक शर्मा                  मध्य प्रदेश    एजीएमयूटी
5        अवधिजा गुप्ता                  मध्य प्रदेश    गुजरात
6        फरखांदा कुरैशी                मध्य प्रदेश    बिहार
7        खुशी कनेरिया                  मध्य प्रदेश    असम–मेघालय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराजा छत्रसाल और सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराजा छत्रसाल और सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को खजुराहो कन्वेंशन सेंटर के पास स्थित बुदेलखण्ड केसरी महाराजा छत्रसाल बुंदेला और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर केबिनेट के सभी मंत्रीगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मतंगेश्वर महादेव के किए दर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने छतरपुर प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो के प्राचीन मतंगेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मतंगेश्वर महादेव के दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के नागरिकों के कल्याण और सुख समृद्धि की कामना की।

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POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

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भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...