दुनिया में हाई ग्रोथ-लो इंफ्लेशन का मॉडल बना भारत – PM मोदी

दुनिया में हाई ग्रोथ-लो इंफ्लेशन का मॉडल बना भारत – PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती और तेजी से बढ़ती विकास दर पर विस्तार से बात की। उन्होंने एक समाचार पत्र के कार्यक्रम के दौरान कहा कि हाल में जारी दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में दर्ज 8% ग्रोथ देश की नई ऊर्जा और बदलते आर्थिक माहौल का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका और मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों का सबूत हैं। दुनिया आज भारत को ग्लोबल ग्रोथ ड्राइवर के रूप में देख रही है।

अगले 10 साल में गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करना होगा
पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश का हर क्षेत्र उपनिवेशवादी सोच से बाहर निकलकर नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। पीएम ने कहा कि मैकॉले की नीति, जिसने भारत में मानसिक गुलामी की बीज बोए, वह वर्ष 2035 में 200 साल पूरी कर लेगी। उन्होंने कहा इसका मतलब है कि हमारे पास सिर्फ 10 साल हैं। हमें मिलकर इस मानसिक गुलामी को जड़ से खत्म करना होगा।

हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहकर हमारी संस्कृति को बदनाम किया गया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पुराने आर्थिक विमर्श पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक समय जब भारत 2–3% की ग्रोथ के लिए संघर्ष कर रहा था, तब इसे ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहा गया। और आज वही लोग हर चीज़ में साम्प्रदायिकता ढूंढते हैं, लेकिन इस शब्द में उन्हें कोई समस्या नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि इस शब्द को किताबों, शोधपत्रों और नीतिगत विमर्श का हिस्सा बना दिया गया, जो उपनिवेशवादी सोच का प्रतीक था।

भारत बना हाई ग्रोथ–लो इंफ्लेशन मॉडल
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए बताया कि जब पूरी दुनिया की ग्रोथ रेट लगभग 3% है और जी-7 देशों की औसत ग्रोथ करीब 1.5%, ऐसे माहौल में भारत लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कभी हमारे देश में महंगाई चिंता का विषय हुआ करती थी, लेकिन आज अर्थशास्त्री भारत की ‘लो इंफ्लेशन’ नीति की चर्चा करते हैं। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि भारत की क्षमता और समस्याओं को हल करने की शक्ति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह परिवर्तन नई उम्मीदों, नए आत्मविश्वास और नए भारत के उभरते हुए स्वरूप को दर्शाता है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की अनछुई क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक देश की एक बड़ी क्षमता का उपयोग नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा जब इस अनछुई क्षमता को अवसर मिलते हैं और बिना बाधा के यह देश के विकास में भाग लेती है, तब परिवर्तन अवश्यंभावी हो जाता है। आज भारत इसी दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहा है।

पूर्वी भारत में रिकॉर्ड निवेश
पीएम मोदी ने बताया कि आज पूर्वी भारत में अभूतपूर्व पैमाने पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और उद्योगों में निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हमारे छोटे शहर स्टार्टअप्स और MSMEs के नए हब बन रहे हैं। देश का हर क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता के साथ विकास यात्रा में शामिल हो रहा है।

बिना गारंटी के 37 लाख करोड़ रुपये के मुद्रा लोन दिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमने जन विश्वास अधिनियम लाकर सैकड़ों प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज किया है। पहले हालात ऐसे थे कि अगर कोई सिर्फ हजार रुपये का बैंक लोन भी लेना चाहता था, तो बैंक उससे गारंटी मांगते थे, क्योंकि भरोसे की बहुत कमी थी। हमने इस अविश्वास के चक्र को मुद्रा योजना के जरिए तोड़ा। आज देश में लोगों को बिना गारंटी के 37 लाख करोड़ रुपये के मुद्रा लोन दिए जा चुके हैं।

सुधारों से देश की सोच और गति में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा पहले देश में सुधार तब होते थे, जब कोई राजनीतिक मजबूरी होती थी या कोई संकट आ जाता था। लेकिन आज सुधार देश के बड़े लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। आज हर सेक्टर में सुधार दिख रहा है। हमारी गति भी स्थिर है, दिशा भी स्पष्ट है और हमारी नीयत नेशन फर्स्ट है। साल 2025 सुधारों का बड़ा साल रहा है। नेक्स्ट-जनरेशन जीएसटी सबसे बड़ा सुधार रहा, जिसका फायदा पूरे देश ने महसूस किया।

सरकार ने हवाई किराया किया फिक्स, 500 किमी के लिए 7500 रुपये

सरकार ने हवाई किराया किया फिक्स, 500 किमी के लिए 7500 रुपये
इंडिगो संकट को लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संकट से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से इंडिगो को यात्रियों का पैसा तुरंत वापस करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सरकार ने दूसरी एयरलाइन के किराये में हुए बेहताशा बढ़ोतरी पर भी लगाम लगा दी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया है। सरकार ने एयरलाइन से कहा कि वह तय हवाई किराये से ज्यादा न लें।

घरेलू एयरलाइंस यात्रियों से नीचे बताई गई सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकती हैं।
• 500 किमी तक की दूरी: अधिकतम किराया 7500 रुपये
• 500-1000 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 12000 रुपये
• 1000-1500 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 15000 रुपये
• 1500 किमी से अधिक की दूरी: अधिकतम किराया 18000 रुपये

सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त किराया सीमाएं लागू उपयोगकर्ता विकास शुल्क, यात्री सेवा शुल्क और करों को छोड़कर हैं। ये किराया सीमाएं बिजनेस क्लास और आरसीएस उड़ानों पर लागू नहीं होंगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि किराया सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक किराये स्थिर नहीं हो जाते या अगला आदेश जारी नहीं होता। ये किराया सीमाएं सभी प्रकार की बुकिंग पर लागू होंगी, चाहे टिकट एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से खरीदा गया हो या किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट के प्लेटफॉर्म से। एयरलाइंस सभी श्रेणियों में टिकट उपलब्धता बनाए रखेंगी और आवश्यकता होने पर उन सेक्टरों में क्षमता बढ़ाने पर विचार करेंगी जहां मांग अचानक बढ़ गई हो।
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सरकार ने आदेश दिया है कि एयरलाइंस रद्दीकरण से प्रभावित सेक्टरों में अचानक या असामान्य किराया वृद्धि से बचेंगी। एयरलाइंस प्रभावित यात्रियों को अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगी, जिसमें संभव होने पर वैकल्पिक उड़ान विकल्प शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

सरकार ने इंडिगो से रद्द उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी करने को कहा
इंडिगो की उड़ान बाधित होने से हजारों यात्रियों के प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए। सरकार ने साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों में उन तक पहुंचा दिया जाए।

यात्रियों के सामान को घर पहुंचाने के दिए निर्देश
इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए।

यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करें। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा।

मध्य प्रदेश आशा उषा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे . को बनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष

मध्य प्रदेश आशा उषा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे . को बनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष
आशा उषा महिला संगठन की एक सशक्त आवाज अपने निणार्यक कार्यों के लिए जाननें वाली वाली प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली
मध्य प्रदेश की आशा उषा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी श्रीमती नर्मदा ठाकरे जिला पांढुरना मध्य प्रदेश की एक और पद की जिम्मेदारी निभाएंगे अन्य राज्यों की बहनों ने बैठक कर समर्थन देते हुए नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे जी को 10 लाख आशा उषा सहयोगिनी बहनों की सुनवाई करने की जिम्मेदारी सोप गई है समस्था आशा उषा सहयोगिनी बहनों को पूर्ण विश्वास के साथ कमान सौपी गई है पूरी जिम्मेदारी से बहनों समस्या का निराकरण किया जाएगा.

दिनांक 5/12/2025 को राजधानी दिल्ली में भारत के समस्त राज्यों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कई राज्यों की आशा उषा संगठन से प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुई और मध्यप्रदेश से भी प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा के साथ संगठन के प्रदेश पदाधिकारी आशा बहन सहित शामिल रहे बैठक के दौरान राज्यों से उपस्थित आशा उषा संगनी पदाधिकारी के द्वारा निर्णय लेकर सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी नर्मदा ठाकरे जी को दी गई निर्मेश त्यागी उप्र से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीता स्वामी राजस्थान राष्टीय महासचिव उषा पटेल उप्र राष्टीय महामंत्री संध्यासिह राष्ट्रीयसंगठन मंत्री रितु श्रीवास्तव राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीषा तिवारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश नीलू यादव शकुन चौवरे सुशीला कुशवाहा आभा दुबे आशा जी एवं अन्य बहने बैठक में उपस्थित पूनम पांडे आपकी आवाज राष्ट्रीय अध्यक्ष उपस्थिति रही है उन्होंने भी समर्थन दिया राष्ट्रीय स्तर के संगठन का गठन एवं अन्य पदों पर भी जिम्मेदारी का दायित्व भी सौंपा गया है बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि 16 दिसवर 25को जंतर-मंतर दिल्ली पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है क्योंकि वर्तमान समय में शीतकालीन संसद सत्र चल रहा है जिसमें बहनों की मांगे सम्मानजनक मानदेय फिक्स करने नियमितीकरण करण मांगों को केन्द्र सरकार तक रखना अभी आवश्यक है
मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश राजस्थान भारत के अनेकों राज्यों से बहनें मिलकर 16/12/25 कोआंदोलन सफल बनाया जाए
राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्व सहमति से घोषित करने पर नर्मदा ठाकरे जी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं

धर्म संसद 2025 में हिंदू योद्धाओं का होगा सम्मान, संत-महात्मा करेंगे राष्ट्रधर्म पर संवाद

धर्म संसद 2025 : सनातन चेतना का महाकुंभ
हिंदू योद्धाओं का होगा सम्मान, संत-महात्मा करेंगे राष्ट्रधर्म पर संवाद
उज्जैन। महाकाल की पावन धरती उज्जैन में 7 दिसंबर 2025, रविवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है—धर्म संसद 2025। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन चेतना को पुनर्जीवित करने का संकल्प है। इंदौर से प्रकाशित कोदंड गर्जना के पांचवें स्थापना वर्ष की शुभ बेला पर आयोजित यह धर्म संसद, देशभर के संत-महात्माओं, ज्योतिषाचार्यों, विधि विशेषज्ञों और धर्म चिंतकों को एक ही छत्र के नीचे एकत्रित करेगी।

कोदंड गर्जना की प्रधान संपादक शीतल रॉय ने बताया कि आज के समय में सनातन धर्म और हिंदू राष्ट्र को लेकर अनेक प्रकार के भ्रांत विचार और भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जिससे समाज असमंजस में है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में आवश्यक है कि संत-महात्मा खुलकर संवाद करें और समाज को शाश्वत मार्गदर्शन प्रदान करें। इसी उद्देश्य से धर्म संसद का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना और उसकी चुनौतियों पर गहन मंथन होगा।

धर्म संसद में चार सत्र होंगे—
पहला सत्र, दोपहर 2 बजे से धर्म विषय पर होगा, जिसमें संत और महात्मा अपने ओजस्वी विचार रखेंगे।
दूसरा सत्र, ज्योतिष विषय पर, जिसमें प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य खगोल-गणना और धर्म के वैज्ञानिक स्वरूप पर प्रकाश डालेंगे।
तीसरा सत्र, भारत के संविधान और धर्म के संबंध पर केंद्रित होगा, जिसमें विधि विशेषज्ञ अपनी दृष्टि प्रस्तुत करेंगे।
चौथा सत्र, राजनीति और हिंदू राष्ट्र की नीति-परिकल्पना पर मंथन का रहेगा।

इस दिव्य अवसर पर सनातन संस्कृति के लिए समर्पित कई हिंदू योद्धाओं को “धर्म रक्षक अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। ये वे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने समाज सेवा, राष्ट्र सेवा, आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

धर्म संसद में प्रतिष्ठित आध्यात्मिक विभूतियों—बाल योगी संत उमेश नाथ जी महाराज, राज्यसभा सांसद आचार्य शेखर जी महाराज, महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी जी महाराज, श्री श्री 1008 योगी पीर रामनाथ जी महाराज, महंत विशाल जी महाराज सहित देश के विख्यात ज्योतिष एवं विधि विशेषज्ञ और राजनीतिक चिंतक उपस्थित रहेंगे तथा अपनी ओजस्वी वाणी से वातावरण को धर्ममय बनाएंगे।

उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, प्रो. रामसखा गौतम मार्ग, भारतपुरी में आयोजित यह धर्म संसद, समाज को नई दिशा देने, समरसता का संदेश फैलाने और सनातन धर्म की विराट शक्ति को पुनर्स्थापित करने का प्रेरणादायी प्रयास है।

यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चिन्तन का अवसर है, बल्कि यह संकल्प का क्षण भी है—
कि सनातन धर्म केवल परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है;
और उसके संरक्षण के लिए हर जागृत हिंदू एक योद्धा है।

ओजस्वी वक्ताओं का होगा संगम, धर्म और राष्ट्र पर होगा गहन मंथन
धर्म संसद 2025 में इस वर्ष ऐसे संत, विद्वान और चिंतनशील मनीषी एकत्र हो रहे हैं, जिनकी वाणी केवल शब्द नहीं, बल्कि मार्गदर्शन है। उनकी उपस्थिति इस आयोजन को आध्यात्मिक तेज, वैचारिक गहराई और सांस्कृतिक ऊर्जा प्रदान करेगी।

ज्योतिष सत्र में देश के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य—
अजय शंकर व्यास,
डॉ. सर्वेश्वर शर्मा आचार्य (साम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन),
पंडित भारत लाल शास्त्री (जयपुर),
ज्योतिषाचार्य कपिल महाराज,
अरविंद तिवारी ज्योतिष आचार्य (भोपाल)—
आकाशीय गणनाओं, ज्योतिषीय संकेतों और समय चक्र की आध्यात्मिक व्याख्या पर अपने गंभीर व प्रेरणादायक विचार रखेंगे। उनकी दृष्टि धर्म संसद को ज्ञान के उस आयाम से जोड़ देगी, जहाँ विज्ञान और आध्यात्मिकता एक सूत्र में बंधते हैं।

विधि सत्र में
डॉ. पंकज वाधवानी,
दुर्गेश शर्मा (अधिवक्ता, हाई कोर्ट इंदौर),
पं. योगेश व्यास,
पं. सुरेंद्र चतुर्वेदी,
धर्म और संविधान के संतुलन, न्याय की मर्यादा और राष्ट्रधर्म के मूलभूत प्रश्नों पर उज्ज्वल दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। यह सत्र समाज को नए विचारों, मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेगा।

राजनीति सत्र में
प्रदीप भंडारी (राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा),
जीतू जिराती वरिष्ठ नेता भाजपा
पं. योगेंद्र महंत (राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व ब्राह्मण समाज संघ),
मनोज परमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय बलाई महासंघ),
विक्रांत शांडिल्य (वरिष्ठ पत्रकार, नागपुर)—
राष्ट्र की नीतिगत चुनौतियों, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की भूमिका पर ओजपूर्ण संवाद करेंगे। उनके विचार जनमानस में नई ऊर्जा का संचार करेंगे और राष्ट्रधर्म की दिशा को स्पष्ट करेंगे।

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धर्म रक्षक सम्मान : सेवा की मान्यता, समर्पण का उत्सव
इस पावन दिवस पर सनातन संस्कृति की सेवा में समर्पित उन कर्मयोगियों को धर्म रक्षक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज और धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। सम्मानित होने वाले दिव्य योद्धा हैं—
– डॉ आयुषी उदय सिंह देशमुख, अध्यक्ष, सूर्योदय ट्रस्ट इंदौर
– अलका सोनकर, अधीक्षक, सेंट्रल जेल इंदौर
– विनीत शर्मा, बिजनेस हेड, ओमेक्स ग्रुप इंदौर
– राजेश राय, अधिवक्ता इंदौर
– डॉ. अलका झा, सामाजिक कार्यकर्ता, इंदौर
– राधेश्याम यादव, सामाजिक कार्यकर्ता, खरगोन
– दर्शन सिंह देवड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता, उज्जैन
– सोनू गेहलोद, सामाजिक कार्यकर्ता, उज्जैन
– रितेश माहेश्वरी, सामाजिक कार्यकर्ता, उज्जैन

इन सभी का जीवन, समर्पण और कर्म—धर्म की अखंड ज्योति को आगे बढ़ाने वाले दीपस्तंभ हैं।

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धर्म संसद 2025 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक संगम है
जहाँ ज्ञान मिलेगा, दिशा मिलेगी, और समाज को मिलेगा वह प्रकाश
जो जन-जन में सनातन चेतना को पुनः प्रज्वलित करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह के समापन कार्यक्रम को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह के समापन कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में प्रतिवर्ष होने वाला राष्ट्रीय बालरंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को बेहतर तरीके से पूरा कर रहा है। भोपाल का राष्ट्रीय बालरंग राष्ट्रीय एकता का प्रतिबिंब बन गया है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में एक-दूसरे के राज्य की संस्कृति को समझने की जिज्ञासा पैदा करते हैं और बच्चों में देश की संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम भोपाल के राष्ट्रीय इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोक नृत्य पर केन्द्रित प्रतियोगिता के विजेता राज्यों के बच्चों को ट्राफी भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 5 हजार वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण आए। उनकी चौसठ कलाओं के ज्ञान से बच्चों को भारतीय प्राचीन कला को जानने का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम उज्जैन में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग से यह परिसर मिनी भारत का रूप बन जाता है। यह आयोजन हमें अपने देश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का मौका देता है। प्रत्येक राज्य की अपनी नृत्य शैली है, जो बालरंग के मंच पर सामने आयी है। लोक नृत्य आंचलिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न राज्यों के बच्चे जब एक स्थल पर एकत्र होते हैं तो वे एक-दूसरे के राज्य के बारे में जानने का प्रयास करते हैं। इस तरह के भाव बच्चों में जिज्ञासा को बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को भारत की विविधता के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शायद ही दुनिया में भारत जैसा देश हो, जिसमें इतने प्रकार की संस्कृतियां आपसी मेल के साथ देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हर 50 से 75 किलोमीटर में संस्कृति का बदलाव देखने को मिलता है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर देश के मुकुट के समान है। उन्होंने मध्यप्रदेश की मालवा, बुंदेलखंड, बघेली संस्कृति का भी उल्लेख किया। मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बच्चों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री अपनी व्यस्तता के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों में निरंतर शामिल होते हैं।

राष्ट्रीय बालरंग के विजेता
भोपाल में हुए राष्ट्रीय बालरंग में प्रथम पुरस्कार झारखंड के छऊ लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य झारखंड का राजकीय नृत्य है, जिसमें विशिष्ट मुखोटों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। द्वितीय पुरस्कार हरियाणा के घूमर लोकनृत्य को मिला। इस नृत्य में सामाजिक जीवन, प्रेम, तीज-त्यौहार और लोक कथाओं की झलक देखने को मिलती है। तृतीय पुरस्कार असम के बिहू लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य असम की जीवंत आत्मा है और वहां पर यह नृत्य बसंत ऋतु के आगमन पर प्रमुखता के साथ किया जाता है। सांत्वना पुरस्कार मध्यप्रदेश के अहीर नृत्य, हिमाचल प्रदेश के नाटी लोकनृत्य और तीसरा सांत्वना पुरस्कार चंडीगढ़ के भांगड़ा, लुड्डी और झूमर नृत्य को मिला।

राष्ट्रीय बालरंग समारोह में अनेक लोक नृत्यों और गीतों के माध्यम से भारत की संस्कृति के अनेक रंग, मंच पर दिखे और शानदार कला की अभिव्यक्त हुई। कुल 14 राज्य आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश एवं 5 केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, चण्डीगढ़ एवं लक्षदीप के 400 से अधिक शालेय विद्यार्थियों ने अपने राज्यों के नृत्य की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक अमिताभ पांडे, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लखपति दीदी के समान लखपति बीघा का लक्ष्य रखते हुए एक बीघा से एक लाख रूपए की कमाई करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया जाए। किसानों को बिचौलियों से बचाने और उन्हें बाजार में अपनी उपज का सीधे लाभ दिलाने के लिए आवश्यक व्यवस्था हो। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने और अद्यतन तकनीक का इस्तेमाल कर बेहतर उपज लेने के लिए ग्राम स्तर पर सघन गतिविधियां संचालित की जाएं। हर संभाग की नर्सरियों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए। नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना विकसित की जाए। साथ ही किसानों तक उर्वरक की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अद्यतन तकनीक का उपयोग करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं से कहा कि आपकी जिम्मेदारी यशोदा मैया की तरह है, जिस प्रकार उन्होंने गोपाल कृष्ण का पालन-पोषण कर उन्हें संस्कार प्रदान किए, उसी तरह आप भी आंगनवाड़ी में आने वाले हर बच्चे की देखभाल श्रीकृष्ण की तरह करें। नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र के रूप में बच्चों की मुस्कुराहट, पोषण और माताओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का वचन पत्र सौंपा जा रहा है। हमें विश्वास है कि हमारी बहनें अपना दायित्व पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता से निभाएंगी और प्रदेश को कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में विजय दिलवाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विधानसभा के समिति कक्ष में हुए कार्यक्रम में नियुक्ति-पत्र प्रदान कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, विधायक तथा पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और विभाग की सचिव जी.वी. रश्मि विशेष रूप से उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप तीन नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विधायक अर्चना चिटनीस ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को अपने कार्य दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने, विकसित मध्यप्रदेश@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में हर संभव योगदान देने और सुपोषित मध्यप्रदेश के निर्माण में अपने दायित्व का पूर्णत: पालन करने की शपथ दिलाई। नवनियुक्त आँगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने विधानसभा संचालन की प्रक्रिया भी देखी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भी गांवों में आंगनवाड़ी वाली दीदी को जो सम्मान मिलता है, उतना किसी और को नहीं मिलता। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका परिवार की सदस्य बन जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया की मजबूत नींव मातृ शक्ति से ही बनती है। हमारी आंगनवाड़ी की बहनें इसे सार्थक कर रही हैं। यह बहनें केवल कार्यकर्ता नहीं अपितु गांव की पहली गुरू और पहली पोषण दूत हैं। इनकी वजह से लाखों बच्चों में कुपोषण कम हो रहा है और गर्भवती माताओं में जागरूकता बढ़ रही है। स्कूलों में ड्रापआऊट रेट में भी कमी आयी है। राज्य सरकार बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। नगरीयनिकायों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा में वृद्धि की गई है। साथ ही बहनों के रोजगार के लिए उद्योग समूहों को भी राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां पहली बार आंगनवाड़ी स्तर पर भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई। प्रदेश में अब तक 1091 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 10 हजार 984 सहायिकाओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। शेष पद भरने के लिए भी तेजी से प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन पोर्टल पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 2077 पदों के विरुद्ध 81 हजार 704 आवेदन आए और सहायिकाओं के 17 हजार 477 पदों के लिए 31 हजार 7627 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप 50 नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आभार स्वरूप धन्यवाद पत्र सौंपा गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न बाबासाहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 6 दिसंबर को पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहब एक बहुआयामी प्रतिभा, विलक्षण बुद्धिमत्ता और अडिग संकल्प के धनी महानायक थे, जिन्होंने भारत की लोकतांत्रिक संरचना को नवीन दिशा दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहब भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी होने के साथ ही सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रखर प्रवक्ता भी थे। उन्होंने जीवनभर समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान, छुआछूत एवं भेदभाव के उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अथक संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबासाहब का विचार, उनका चिंतन और उनकी दूरदृष्टि आज भी राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में मार्गदर्शक प्रकाश की तरह हमें प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे बाबा साहब के आदर्शों और संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एक संवेदनशील, समतामूलक, प्रगतिशील और न्याय-सम्मत समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

भारत-रूस के बीच 16 समझौते हुए

भारत-रूस के बीच 16 समझौते हुए
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज बेहद अहम बैठक हुई। दोनों देशों के बीच हुई 23वीं शिखर बैठक के बाद दोनों देशों ने साझा बयान जारी किया। इस बयान को कई मायनों में खास माना जा रहा है। पीएम मोदी ने अपने बयान में बताया कि दोनों देशों के रिश्ते कितने गहरे हैं। उन्होंने इस दोस्ती के लिए राष्ट्रपति पुतिन का आभार भी व्यक्त किया।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। इस रात्रिभोज में पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। इस रात्रिभोज में पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान, दिल्ली में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। आज रात राष्ट्रपति भवन में पुतिन के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे को आमंत्रित नहीं किया गया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की 25वीं वर्षगांठ पर यह यात्रा वास्तव में एक बहुत ही विशेष यात्रा है। एक बहुत ही विशेष भाव प्रदर्शन में, राष्ट्रपति पुतिन का कल शाम हवाई अड्डे पर आगमन पर स्वयं प्रधानमंत्री ने स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक साथ प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर गए, जहां प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक अनौपचारिक रात्रिभोज की मेजबानी की, जिसके दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का स्पष्ट और स्पष्ट आदान-प्रदान हुआ।

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