‘SIR पर चर्चा नहीं हुई तो संसद नहीं चलने देंगे’- समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी ने रविवार को कहा कि अगर शीतकालीन सत्र के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा नहीं हुई तो वह संसद नहीं चलने देगी। संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा करने से पीछे नहीं हट सकती है, क्योंकि इसे चुनाव आयोग द्वारा कराया जा रहा है।

लोगों के वोट काटे जा रहे हैं- सपा
रामगोपाल यादव ने कहा, समाजवादी पार्टी ने एसआईआर का मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि बड़े पैमाने पर मैंने गड़बड़ियां देखी हैं। पहले हम सुनते थे लेकिन अब हम देख रहे हैं कि लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। बिहार में गड़बड़ियां हुई हैं। हमने इस पर चर्चा की मांग की है। वे चुनाव आयोग का हवाला देकर इससे पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने कहा कि ईसी सरकार ने बनाया है और बनाने वाला, बनाए गए से बड़ा होता है।

रामगोपाल यादव ने कहा, जब गलत काम हो रहा हो तो चर्चा क्यों नहीं हो सकती। अगर प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) का नाम काट दिया जाए तो क्या चर्चा नहीं होगी? मैं कई जगहों पर गया हूं, और अभी भी घूम रहा हूं। मैं 1967 से वोटर हूं। इटावा जिले में हम सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। पूरे जिले में सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। हमारे जिले से संसद के दोनों सदनों के सात एमपी और तीन एमएलए हैं और उनमें से हर एक को कैटेगरी सी में रखा गया है।

यह बैठक एक सुचारु सत्र सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें कई नए विधेयक पेश किए जाने हैं। शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इस सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। विपक्ष ने इसे संक्षिप्त सत्र कहा है, क्योंकि सामान्यतः संसद के सत्रों में 20 बैठकें होती हैं।

पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने और पुलिसिंग को मजबूत करने की जरूरत -पीएम मोदी

पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने और पुलिसिंग को मजबूत करने की जरूरत -पीएम मोदी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे 60वें अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन का अंतिम दिन है। कार्यक्रम में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ड्रग्स के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए सरकार का नजरिया जरूरी है, जिसमें कानून लागू करना, रिहैबिलिटेशन और कम्युनिटी लेवल पर दखल शामिल हो। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पुलिस के बारे में लोगों की सोच बदलने की जरूरत है, खासकर युवाओं में। इसके लिए प्रोफेशनलिज़्म और सेंसिटिविटी को बढ़ाना होगा और शहरी और टूरिस्ट पुलिसिंग को मजबूत करना होगा।

आखिरी दिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट रायपुर में पुलिस डायरेक्टर जनरल/इंस्पेक्टर जनरल के 60वें ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बैन किए गए संगठनों की रेगुलर मॉनिटरिंग, लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज़्म से मुक्त इलाकों के पूरे डेवलपमेंट और कोस्टल सिक्योरिटी को मज़बूत करने के लिए नए मॉडल अपनाने की बात कही। पीएम नरेन्द्र मोदी ने शहरी पुलिसिंग को मज़बूत करने, टूरिस्ट पुलिस यूनिट्स को फिर से शुरू करने और नए बने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

पुलिस के बारे में युवाओं की सोच बदने की जरूरत
इस कॉन्फ्रेंस की थीम ‘विकसित भारत, सिक्योरिटी डाइमेंशन्स’ थी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल समेत कई लोग शामिल हुए। पुलिस लीडरशिप से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ रहे एक विकासशील देश की उम्मीदों के हिसाब से पुलिसिंग के तरीकों को बदलने की अपील करते हुए, प्रधानमंत्री ने पुलिस के बारे में लोगों की सोच, खासकर युवाओं के बीच, बेहतर प्रोफेशनलिज़्म, सेंसिटिविटी और रिस्पॉन्सिवनेस के जरिए बदलने की जरूरत पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस फोर्स से कहा कि वे खाली द्वीपों को जोड़ने के लिए नई स्ट्रेटेजी अपनाएं, नैटग्रिड (NATGRID) के तहत जुड़े डेटाबेस का अधिक असरदार इस्तेमाल करें और एक्शन लेने लायक इंटेलिजेंस बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करें। उन्होंने यूनिवर्सिटी और एकेडमिक इंस्टीट्यूशन को पुलिस जांच में फोरेंसिक के इस्तेमाल पर केस स्टडी करने के लिए बढ़ावा देने की भी अपील की, यह देखते हुए कि मजबूत फोरेंसिक एप्लीकेशन से क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में काफी सुधार होगा।

नेशनल सिक्योरिटी के कई मामलों पर गहराई से बातचीत
कार्यक्रम में विजन 2047 की ओर पुलिसिंग के लॉन्ग-टर्म रोडमैप, काउंटर-टेररिज्म और काउंटर-रेडिकलाइजेशन में उभरते ट्रेंड, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, विदेश में मौजूद भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की स्ट्रैटेजी और असरदार जांच और प्रॉसिक्यूशन पक्का करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई। जिसमें नेशनल सिक्योरिटी के कई मामलों पर गहराई से बातचीत हुई।

भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया,रांची वनडे में 17 रन से जीत

भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया,रांची वनडे में 17 रन से जीत
भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) स्टेडियम, रांची में खेले गए पहले एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारत ने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के शानदार शतक के दम पर मेहमान टीम के सामने 349 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में, मेहमान टीम ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्धारित ओवरों में टीम केवल 332 रन ही बना सकी।

कोहली का शतक, रोहित और राहुल का अर्धशतकीय योगदान
भारतीय पारी की शुरुआत शानदार रही, जिसमें बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की नींव रखी।विराट कोहली ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए एक और शानदार शतक जड़ा, जो मैच में निर्णायक साबित हुआ।कप्तान केएल राहुल ने भी अच्छी फॉर्म दिखाते हुए 60 रन की उपयोगी पारी खेली।सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने भी 57 रन का अर्धशतकीय योगदान दिया, जिससे टीम को मजबूत शुरुआत मिली।साउथ अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में मार्को यानसन, नांद्रे बर्गर, कॉर्बिन बॉश और ओटनिल बार्टमैन ने 2-2 विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों को विशाल स्कोर बनाने से नहीं रोक पाए।

कुलदीप यादव की फिरकी का जादू, भारत की धारदार गेंदबाजी
विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने केवल 11 रन के स्कोर पर ही अपने 3 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए, जिससे वे दबाव में आ गए।इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जकी ने पारी को संभाला और उन्हें मार्को यानसन का अच्छा साथ मिला। दोनों ने मिलकर टीम को मुकाबले में वापस लाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के सामने दोनों एक ही ओवर में आउट हो गए।भारतीय गेंदबाजी में कुलदीप यादव की फिरकी का जादू चला, जिन्होंने सर्वाधिक 4 विकेट लेकर मध्यक्रम को ध्वस्त किया।युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह ने भी 2 विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।

कॉर्बिन बॉश की लड़ाई बेकार, रोमांचक रहा अंत
निचले क्रम में कॉर्बिन बॉश ने जोरदार संघर्ष किया। उन्होंने तेजी से अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को जीत के बेहद करीब पहुँचा दिया, लेकिन उनकी यह शानदार पारी भी टीम को जीत दिलाने में काम न आई। भारत ने अंततः अपने स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और 17 रन की करीबी जीत दर्ज की। यह जीत न केवल सीरीज में भारत को बढ़त दिलाती है, बल्कि आने वाले मैचों के लिए टीम का मनोबल भी बढ़ाएगी।

मोक्षदा एकादशी पर सुबह से शाम तक भद्रा और पंचक का साया

मोक्षदा एकादशी पर सुबह से शाम तक भद्रा और पंचक का साया
मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को मोक्षदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस पावन तिथि पर गीता जयंती भी पड़ती है. मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से सुख-शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही इस दिन गीता का पाठ भी अवश्य करना चाहिए. बता दें कि, इस साल मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती सोमवार 1 दिसंबर 2025 को है.

मोक्षदा एकादशी पर भद्रा का साया
मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती को भगवान विष्णु के आशीर्वाद के साथ जीवन में पवित्रता, शांति और सद्गुण बढ़ाने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है. इसलिए इस दिन लोग व्रत रखते हैं और पूजा पाठ करते हैं. लेकिन इन पावन दिन पर भद्रा का साया रहेगा. ज्योतिष की माने तो 1 दिसंबर को सुबह से लेकर शाम तक भद्रा का साया रहेगा. साथ ही पंचक भी रहेगा. ऐसे में भक्त असमंजस में हैं कि पूजा-पाठ कैसे और कब करें, क्योंकि भद्रा के समय पूजा-पाठ करना वर्जित होता है.

मोक्षदा एकादशी पर भद्रा और पंचक का समय
मोक्षदा एकादशी के दिन 1 दिसंबर 2025 को सुबह 08 बजकर 21 मिनट से शाम 07 बजकर 02 मिनट तक भद्रा रहेगी. इस बार भद्रा का वास धरती पर होगा, इसलिए पूजा-पाठ जैसे धार्मिक आयोजन वर्जित रहेंगे. वहीं पंचक भी रात 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.

मोक्षदा एकादशी की पूजा कब करें
यदि आप मोक्षदा एकादशी या फिर गीता जयंती की पूजा कर रहे हैं तो भद्रा शुरू होने से पहले ही कर लें. कोशिश करें कि सोमवार को सुबह 08 बजकर 20 मिनट तक आप पूजा संपन्न कर लें. ऐसे में पूजा पर भद्रा का प्रभाव नहीं पड़ेगा.

मोक्षदा एकादशी पारण टाइम
पंचांग के मुताबिक 1 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा और 2 दिसंबर को पारण किया जाएगा. पारण के लिए 2 दिसंबर को सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक का समय रहेगा. इस समय के भीतर एकादशी व्रत का पारण कर लें.

किराए पर रहने वालों के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला

किराए पर रहने वालों के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने Home Rent Rules 2025 को लागू कर दिया है. इसका मकसद देश के रेंटल हाउसिंग मार्केट को अधिक ट्रांसपरेंट और ऑर्गेनाइज्ड बनाना है. इससे घर लेने में आसानी होगी और मनमाने ढंग से किराया बढ़ाने, ज्यादा डिपॉजिट और कमजोर डॉक्यूमेंटशन की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

इस नए, मॉडर्न और फॉर्मल फ्रेमवर्क के तहत मकान मालिक और किरायदार दोनों को अपना रेंट एग्रीमेंट ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा. इस नियम के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की लिमिट भी तय की जाएगी. साथ में यह भी तय किया जाएगा कि किराया कब और कितना बढ़ाया जाना है. इसमें घर खाली करने, रिपेयर, इंस्पेक्शन और किराएदार की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों का साफ-साफ जिक्र होगा. इसके अलावा, आपस में किसी विवाद को सुलझाने की टाइमलाइन भी तय की जाएगी. इस नए नियम से बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में किराएदारों बड़ी राहत मिलेगी, जहां बड़ी संख्या में लोग किराए के घरों में रहते हैं.

मकान मालिक का भी रखा जाएगा ख्याल
सुधारों का मकसद सिर्फ किराएदारों की सुरक्षा नहीं है, बल्कि मकान मालिकों को भी नियमों के सही अनुपालन और विवादों के समाधान का भरोसा दिलाना है. इसमें घर किराए पर लेने के प्रॉसेस को काफी हद तक डिजिटल बनाना है. नियमों के मुताबिक, रेंट एग्रीमेंट पर डिजिटल स्टैम्प लगना जरूरी है और साइन करने के 60 दिनों के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो पेनाल्टी भी लग सकती है, जिसकी रकम 5,000 से शुरू होगी.

इसके तहत, सभी राज्यों को प्रॉपर्टी-रजिस्ट्रेशन पोर्टल को अपग्रेड करने और रोलआउट में मदद के लिए तेज डिजिटल वेरिफिकेशन शुरू करने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस कदम से धोखाधड़ी पर रोक लगेगी, गैर-कानूनी तरीके से बेदखली रुकेगी, पुरानी तारीख वाले या साफ़ न होने वाले समझौते खत्म होंगे—ये ऐसी समस्याएं हैं, जो लंबे समय से भारत के किराएदारों को परेशान कर रही हैं.

नियमों में इन अहम बातों का भी जिक्र
अमूमन मेट्रो सिटीज में सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर 10 महीने का किराया लिया जाता है. नए सिस्टम के तहत, रेजिडेंशियल सिक्योरिटी डिपॉजिट दो महीने तक ही सीमित होगी. इससे बड़े शहरों में काम के सिलसिले में शिफ्ट होने वाले लोगों का खर्च पहले ही कुछ हद तक कम हो जाएगा.

होम रेंट रूल्स 2025 के तहत, किराया साल में सिर्फ एक बार बदला जा सकेगा और मकान मालिक को 90 दिन पहले नोटिस देना होगा. कई इनफॉर्मल रेंटल अरेंजमेंट में आम तौर पर होने वाली मनमानी या बीच में अचानक से किराया बढ़ा देने जैसी बातें अब वैलिड नहीं होगी.

इन नियमों में फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी भी शामिल है. किराया अगर 5,000 से ज्यादा है, तो पेमेंट डिजिटल तरीके से करना होगा ताकि वेरिफाई किया जा सके और कैश से जुड़े झगड़े कम हों. अगर किराया 50,000 से ज्यादा है, तो सेक्शन 194-IB के तहत TDS कम्प्लायंस जरूरी होगा, जिससे प्रीमियम लीज को भी इनकम टैक्स के नियमों के साथ जोड़ा जा सकेगा.

‘तेरे इश्क में’ 2025 की सबसे ज्यादा कमाई वाली 50 फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी

‘तेरे इश्क में’ 2025 की सबसे ज्यादा कमाई वाली 50 फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी
धनुष की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ ने बॉक्स ऑफिस पर बवाल काट रखा है. 28 नवंबर को फिल्म रिलीज हुई और उस दिन से बॉक्स ऑफिस पर पहले से मौजूद फिल्मों और साथ में रिलीज हुई फिल्मों (गुस्ताख इश्क और जूटोपिया 2) को मीलों पीछे छोड़ते हुए आगे निकल गई.

आज फिल्म का थिएटर्स में तीसरा दिन है और फिल्म की शुरुआती कमाई से जुड़े जो आंकड़े सामने आए हैं उन्हें देखकर लग रहा है कि फिल्म पिछले दोनों दिनों की कमाई से ज्यादा आज कमा लेगी. तो चलिए जान लेते हैं कि फिल्म ने अभी तक टोटल कितना कमा लिया है.

‘तेरे इश्क में’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
फिल्म ने ओपनिंग डे पर 16 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया और इस साल की टॉप 10 ओपनिंग वाली फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गई. दूसरे दिन का कलेक्शन बढ़कर 17 करोड़ हो गया.

वहीं आज यानी तीसरे दिन 8:05 बजे तक ‘तेरे इश्क में’ ने 15.35 करोड़ कमाते हुए टोटल 48.35 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. बता दें कि सैक्निल्क पर उपलब्ध आज का डेटा अभी फाइनल नहीं है. इसमें बदलाव हो सकता है.

‘तेरे इश्क में’ का बजट और वर्ल्डवाइड कलेक्शन
आनंद एल राय के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को फिल्मीबीट के मुताबिक 85 करोड़ के बजट में तैयार किया गया है. सैक्निल्क के मुताबिक इसकी वर्ल्डवाइड कमाई दो दिन में 44.25 करोड़ रुपये हो चुकी है.

‘तेरे इश्क में’ ने फर्स्ट वीकेंड में 50 सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों पर पड़ी भारी
फिल्म न सिर्फ धाकड़ कमाई कर रही है बल्कि इस साल इंडिया में रिलीज हुई अलग-अलग भाषाओं और इंडस्ट्री की 50 सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है.
सैक्निल्क की टॉप 100 सबसे ज्यादा कमाई वाली 2025 की फिल्मों की लिस्ट में इस फिल्म ने तीसरे ही दिन 51वीं जगह अपने नाम कर ली है. फिल्म जल्द ही सुपरमैन (49.79 करोड़), ठग लाइफ (48.16 करोड़) और सन ऑफ सरदार 2 (47.03 करोड़) जैसी तमाम फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे कर देगी.

दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए वोटिंग खत्म

दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए वोटिंग खत्म
दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों के लिए उपचुनाव 2025 में रविवार (30 नवंबर) को वोट डाले गए. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम 4 बजे तक 31.13 फीसदी वोटिंग हुई. संगम विहार में सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया. रविवार सुबह 7.30 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम 5.30 बजे समाप्त हुआ. 26 महिलाओं सहित 51 उम्मीदवारों के
भाग्य का फैसला होना है. उपचुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित होंगे.
राज्य चुनाव आयोग ने 12 वार्डों में उपचुनाव को लेकर वोटिंग के लिए 143 मतदान केंद्रों पर 580 बूथ बनाए थे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 13 कंपनियों के साथ कुल 2,320 चुनाव आयोग के कर्मचारी, 580 होमगार्ड और 2,265 अन्य कर्मचारी उपचुनाव कराने में शामिल रहे.

CM रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने डाले वोट
दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत बीजेपी के कई नेताओं ने मतदान किया. वेस्ट दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत और द्वारका-बी वार्ड से बीजेपी उम्मीदवार मनीषा राजपाल सहरावत ने पोलिंग बूथ पर जाकर अपना वोट डाला. वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को अपने पति मनीष गुप्ता और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ शालीमार बाग क्षेत्र में एक पोलिंग बूथ पर जाकर अपना वोट डाला.

3 दिसंबर को उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला
इस चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 8 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उसके बाद आप ने 6 और कांग्रेस ने 5 महिलाओं को मैदान में उतारा. इस साल के शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार बनाई. विधानसभा चुनाव के बाद एमसीडी उपचुनाव में आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला है. 3 दिसंबर को सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो जाएगा.

असीम मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन भी परेशान

असीम मुनीर को मिली असीमित ताकत से यूनाइटेड नेशन भी परेशान
पाकिस्तान की सरकार ने हाल ही में 27वें संशोधन के तहत आर्मी चीफ आसिम मुनीर की ताकत को बढ़ाया, जिस पर संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर (मानवाधिकार) वोल्कर टर्क ने सवाल उठाए. वोल्कर टर्क ने कहा कि पाकिस्तान का ये संविधान संशोधन न्यायपालिका की आजादी को गंभीर रूप से कमजोर करता है, जिसके बाद पाकिस्तान तिलमिला उठा. PAK विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनकी संसद ने बहस के बाद ये बदलाव किए हैं, इस पर सवाल उठाना समझ से परे है.

बौखलाए पाकिस्तान ने सफाई पेश की
यूनाइटेड नेशन के ह्यूमन राइट्स चीफ वोल्कर ने जेनेवा में जारी एक बयान में कहा कि पाकिस्तान का संवैधानिक संशोधन पिछले साल के 26वें संशोधन की तरह, कानूनविदों और बड़े सिविल सोसाइटी के साथ बिना किसी सलाह और बहस के अपनाया गया. उन्होंने आगे कहा कि जल्दबाजी में अपनाए गए संशोधन ने न्यायपालिका को कमजोर किया है और सेना की जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. उनके इसी बयान पर बौखलाए पाकिस्तान ने सफाई पेश की. उसके विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान, यूएन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स की तरफ से पाकिस्तान की संसद के दो-तिहाई बहुमत से पास हुए 27वें संशोधन के बारे में जताई गई आशंकाओं पर ऐतराज जताता है.”

वोल्कर के बयान में जमीनी हकीकत नहीं: पाकिस्तान
PAK विदेश मंत्रालय ने कहा, “दुनिया के दूसरे संसदीय लोकतंत्रों की तरह कानून बनाना और संविधान में बदलाव पाकिस्तान के लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों का खास अधिकार क्षेत्र है. पाकिस्तान मानवाधिकार उच्चायुक्त के काम को पूरी अहमियत देता है, लेकिन यह अफसोस की बात है कि जारी किए गए बयान में जमीनी हकीकत नहीं दिखाई गई है. पाकिस्तान की संसद में अपनाए गए संवैधानिक बदलावों में संविधान में बताए गए सही तरीकों का पालन किया गया है.

पाकिस्तान ने कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक तरीके नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की नींव हैं और इसलिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए.” शहबाज सरकार ने दावा किया कि वो पाकिस्तानी संविधान के मुताबिक मानवाधिकार, मानव सम्मान, आजादी और कानून राज की रक्षा करने वाले सिद्धांतों के प्रति समर्पित है. विदेश मंत्री इशाक डार के कार्यालय ने अपील की है कि उनके फैसले का सम्मान किया जाए.

पाकिस्तान में विरोध के बीच हुआ 27वां संविधान संशोधन
पाकिस्तान ने हाल ही में 27वें अमेंडमेंट को बड़े विरोध के बीच संसद ने जल्दबाजी में पारित कराया. सबसे बड़ी चिंताओं में संघीय कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट बनाकर न्यायपालिका तंत्र में बड़ा बदलाव करना और आर्टिकल 243 में बदलाव करना शामिल रहा, जिसमें आर्मी की अहमियत बढ़ी है और आर्मी चीफ को पाकिस्तान की आर्म्ड सर्विसेज में सबसे ऊपर नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के तौर पर जगह मिली है.

बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति का गठन

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति का गठन
पीएम सेतु प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs के तहत हब और स्पोक मॉडल में प्रदेश की औधोगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को आधुनिक उद्योग-उन्मुख एवं परिणाम आधारित प्रशिक्षण संस्थानों में रूपांतरित करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति का गठन किया है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, वित्त, औधोगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्कूल शिक्षा/उच्च शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव/सचिव, श्रम, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय, भोपाल, आयुक्त रोजगार, रोजगार संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल, उद्योग प्रतिनिधि (एक अथवा दो प्रतिनिधि) (उद्योग एसोसिएशन द्वारा नामित), मान्यता प्राप्त संस्थान के शैक्षनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण विशेषज्ञ (एक प्रतिनिधि) समिति मे सदस्य होंगे। संचालक, कौशल विकास संचालनालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को सदस्य/सचिव बनाया गया है।

उद्योग के प्रतिनिधि तथा मान्यता प्राप्त संस्थान के शैक्षणिक व्यावसायिक प्रशिक्षण विशेषज्ञ का नामांकन समन्वय से अनुमोदन प्राप्त कर तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा पृथक से किया जायेगा।

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भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...