मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भाषा और संस्कृति एक-दूसरे की सहज पूरक हैं। संस्कृति, भाषा को वह कथा-बीज देती है, जिनसे लोक-साहित्य से लेकर वैश्विक साहित्य जन्म लेता है और भाषा, संस्कृति को वह अभिव्यक्ति देती है, जिससे परंपराएं पीढ़ियों तक सुरक्षित यात्रा कर पाती हैं। भाषा और संस्कृति दोनों एक-दूसरे की संरक्षक भी हैं। साहित्य का एक ही रंग होता है, राग और आनंद का। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दी भाषा सच्चे अर्थों में लोक भाषा है। हिन्दी हमारे माथे की बिन्दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारी हिन्दी वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने अधिसत्ता नहीं, सदैव प्रभुसत्ता और लोक बन्धुत्व की भावना रखी। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो की पवित्र भावना से ओत-प्रोत है। यही कारण है कि आज भारतीय संस्कृति दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में साहित्य और कला के सबसे बड़े उत्सव ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव’ में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, कलाकारों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत-अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सृजनात्मक और कलात्मक धरती हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति को जोड़ने वाली सेतु बन गई है। हमारा भोपाल अब भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषा चेतना और वैश्विक साहित्यिक संवाद का केन्द्र बन गया है। महोत्सव में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में कई सत्र, कविता पाठ, पैनल चर्चा, कला प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वरंग का कैटलॉग, हिन्दी भाषा की मार्गदर्शिका एवं पुस्तकें भेंट की गईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहित्य सच्चे अर्थों में एक दीर्घ साधना है और साहित्यकार एक प्रयोगधर्मी साधक है। साहित्यकार अपनी कल्पनाशीलता, चिंतन और रचनात्मकता से ऐसे शब्द गढ़ता है, जो कालांतर में अमर हो जाते हैं। उन्होंने साहित्य और कला को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि विश्वरंग जैसे आयोजन नई पीढ़ी में सृजनशीलता और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर की विचारधारा और उनकी वैश्विक दृष्टि आज भी दुनिया भर में संवाद, सौहार्द और मानवता का संदेश देती है। विश्वरंग–2025 जैसा मंच साहित्य, कला, संगीत और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम है। यह आयोजन हमारी समृद्ध देशज कला एवं संस्कृति का पोषक है। यह हमारे साहित्यिक वैविध्य में भी एकात्मकता का संदेश देता है। साहित्य लोक-समाज को दिशा देने वाले कर्म के साथ हमारी जीवनधारा का मानस मर्म भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दुनिया में कई देशों की अपनी-अपनी संस्कृति है। लेकिन भारत का उद्भव मातृ सत्ता के आधार पर विश्व बंधुत्व को लेकर आगे बढ़ने की रही है। ब्रिटिश काल से ही भारतवंशी दुनिया के अनेक देशों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। भारतीय इतिहास पर नजर डालें, तो अंग्रेज कभी एग्रीमेंट कर भारतीयों को कृषि और पशुपालन सहित अन्य कार्यों के लिए अपने स्वामित्व वाले देशों में ले गए थे। इन्हीं को गिरमिटिया कहा गया है। तब अंग्रेजों ने देशभर से इन शुभ कार्यों के लिए सुयोग्य लोगों को चुना था। आज विश्वरंग के माध्यम से 70 देशों के साहित्यकार, कलाकार और संस्कृति संरक्षक भोपाल आए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोविड के कठिन दौर में भारत ने “जियो और जीने दो” के भाव के आधार पर बंधुत्व का संदेश दिया। अफ्रीका महाद्वीप के कई देशों तक दवाएं और मेडिसिन भेजी गईं, जिसके बाद ऐसे भी दृश्य सामने आए जब एक देश के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए उनके चरण भी स्पर्श किये। हमारा यह उदार भाव ही भारतवंशियों को गौरव का अनुभव कराता है। कुछ काम बोलकर नहीं होते, उन्हें करके ही दिखाना पड़ता है।

सात साल में सत्तर देशों तक पहुंचा विश्वरंग
विश्वरंग फांउडेशन के संस्थापक और रवीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. संतोष चौबे ने कहा कि विश्वरंग एक ऐसा आयोजन है, जिसकी शुरुआत मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हुई। विश्वरंग के पहले आयोजन 2019 में केवल 16 देश शामिल थे, अब इसमें 70 से अधिक देश सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सातवां आयोजन है। विश्वरंग में 40 देशों के 70 से अधिक साहित्यकार एवं पत्रकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन में 1000 से अधिक अतिथि आए हैं। विश्वरंग में 100 से अधिक हिंदी पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। आयोजन में श्रीकृष्ण लीला मंचन भी आकर्षण का केंद्र है। यह आयोजन युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार प्राप्त करने में भी सहभागी बन रहा है। विश्वरंग में समाचार-पत्र, कला-संस्कृति एवं विज्ञान आधारित 7 अलग-अलग प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। दुनिया के कई देशों में हिंदी को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकार भारत आना चाहते हैं और सरकार के साथ मिलकर हिंदी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वर्ष 2019 से 2024 तक, विश्वविद्यालय ने विश्वरंग के 6 भव्य और अविस्मरणीय आयोजन किए जो न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में हिन्दी प्रेमियों को जोड़ने का अद्भुत प्रयास रहे हैं। विश्वरंग में 80 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड में 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वरंग फांउडेशन को अब सरकार का साथ मिल रहा है और अब मध्यप्रदेश सरकार इस विशिष्ट महोत्सव को शासन की ओर से आयोजित करने की ओर कदम बढ़ा रही है।

कार्यक्रम में हिन्दी सेवी डॉ. सिद्धांत चतुर्वेदी, डॉ. अदिति चतुर्वेदी, डॉ. अरुण जोशी, राहुल कोठारी एवं अतिथि सहित विद्वतजन, दुनियाभर से आए रचनाकार, साहित्यकार, भाषाविद्, हिन्दी प्रेमी, साहित्य प्रेमी और कलाप्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी एवं आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर एसपी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, एस पी से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
• अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता हो।
• पुलिस की नियमित गश्त होना चाहिए।
• किसानों को कहीं भी खाद की समस्या ना हो, उचित प्रबंधन करें। वितरण की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दें। खाद लेने के लिए अधिक देर लाइन में लगने की नौबत ना आए, ऐसी व्यवस्था बनाएं। किसी किसान को दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
• अधिकांश जिलों में ठंड की अधिकता को देखते हुए जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाएं। गांवों से शहरों में या केंद्रों में खाद क्रय करने आए किसान बंधुओं के लिए भी शीतकाल से बचाव के आवश्यक उपाय करें।

बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बिहार के मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।

नेपाल ने 100 रुपये के नोट पर छाप दिए भारत के 3 इलाके

नेपाल ने 100 रुपये के नोट पर छाप दिए भारत के 3 इलाके
नेपाल की ओर से 100 रुपये के नए नोट में भारत के तीन इलाकों को दर्शाने के बाद मामला तनावपूर्ण हो गया है. नेपाल ने अपने 100 रुपये के नए नोट में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपना क्षेत्र बनाकर दिखाया गया है, जो हमेशा से भारत के उत्तराखंड राज्य का भाग हैं. नेपाल की ओर से इस कदम को उठाए जाने के बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. भारत ने नेपाल के इस कदम को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करार दिया है. वहीं, इस मामले में भारत और नेपाल के पड़ोसी देश चीन की भूमिका भी बताई जा रही है.

विदेश मामलों के एक्सपर्ट संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच संबंधों को तनावपूर्ण बनाने में चीन की भी भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि नेपाल के कई नेता अपनी सियासी रोटी सेकने के लिए भारत को लेकर मुद्दे उठाते रहते हैं. केपी शर्मा ओली जैसे नेपाल के कई अन्य नेता, जो चीन के काफी नजदीकी के लिए जाने जाते हैं, चीन उन नेताओं के माध्यम से भी भारत और नेपाल के बीच विवाद के विषयों को खड़ा करने की साजिशें रचता है.

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आईं हैं कि नेपाल ने अपने इन नए नोटों को चीन में छपवाए हैं, जिससे भारत और नेपाल के संबंधों में तनावपूर्ण विवादों को खड़ा करने की कुप्रवृति भी सामने आ रही है.

भारत अपनी संप्रभुता पर कोई हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा: एक्सपर्ट
संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि जहां तक भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की बात है, अगर इस पर कोई सवाल खड़ा करेगा या इसमें कोई दखल डालने की कोशिश करेगा तो यह नया भारत इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.

उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल की सरकार को यह स्पष्ट रूप से बता भी दिया है कि नेपाल को ऐसे किसी भी कदम और प्रवृति से बचना चाहिए, जिससे अनावश्यक रूप से भारत और नेपाल के संबंधों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो.

भारत-नेपाल के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
भारत और नेपाल के बीच इस विवाद की शुरुआत साल 2020 में हुई, जब नेपाल की केपी ओली सरकार ने एक नया राजनीतिक नक्शा जारी करते हुए दावा किया था कि महाकाली नदी के उद्गम क्षेत्र के कारण लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा उसके हिस्सा हैं. यहां तक कि नेपाल की संसद ने भी उस नक्शे को मंजूरी दे दी थी. भारत ने नेपाल के इस कदम का कड़ा विरोध जताते हुए कहा था कि यह ऐतिहासिक तथ्यों और प्रशासनिक हकीकत से बिल्कुल मेल नहीं खाता. अब करेंसी नोट पर वही नक्शा इस्तेमाल किए जाने से मामला फिर गर्म हो गया है.

कर्नाटक में सियासी खींचतान के बीच ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी

कर्नाटक में सियासी खींचतान के बीच ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी
कर्नाटक में चल रही सत्ता की खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान ने मुझे और डीके शिवकुमार दोनों को मिलने के लिए कहा है. इसलिए मैंने उन्हें नाश्ते पर बुलाया है. जब वे आएंगे, तब इसी मुद्दे पर चर्चा होगी. हाईकमान जो भी फैसला करेगा, हम उसे मानेंगे, आज भी यही कह रहा हूं और कल भी यही कहूंगा. उन्होंने भी कहा था कि हाईकमान का फैसला सभी को स्वीकार होगा.

सिद्धारमैया ने संकेत दिए कि यदि हाईकमान बुलाता है, तो वे दिल्ली भी जाएंगे. संभावना है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कल (29 नवंबर, 2025) बेंगलुरु में आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं.

विवाद के बीच सिद्धारमैया के बेटे ने दिया बयान
राज्य में सत्ता को लेकर जारी विवाद के बीच कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा, “पार्टी हाईकमान की ओर से मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है. अगर ऐसा कुछ होना होगा तो वे हमें बुलाकर बात करेंगे. कुछ लोग कह रहे हैं कि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने भी ये कहा है कि वे हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे. हाईकमान ने कहा कि वे दोनों को बुलाकर बात करेंगे, इसलिए इसमें किसी तरह का कोई भ्रम नहीं होना चाहिए.”

जब यतींद्र सिद्धारमैया से पूछा गया कि कर्नाटक में वोक्कालिगा समुदाय डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहा है, इस पर उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में पहले ही कह चुका हूं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह हमारी पार्टी तय करेगी. बाहर के किसी भी व्यक्ति को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.”

मुख्यमंत्री पद के विवाद पर डीके शिवकुमार ने दिया बयान
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “मैं निश्चित रूप से दिल्ली जाऊंगा. वह हमारे लिए मंदिर की तरह है. कांग्रेस का एक लंबा इतिहास रहा है और दिल्ली हमेशा हमारा मार्गदर्शन करेगी. जब वे मुझे, पार्टी के नेताओं और मुख्यमंत्री को बुलाएंगे, हम जरूर वहां जाएंगे.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।

मासिक दुर्गाष्टमी आज, इस विधि से करें पूजा

मासिक दुर्गाष्टमी आज, इस विधि से करें पूजा
हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व है। यह तिथि हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन मां दुर्गा को समर्पित। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन देवी की श्रद्धा भाव के साथ उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है ।

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि (Masik Durgashtami 2025 Puja Rituals)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
व्रत का संकल्प लें।
घर के मंदिर के साथ पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
मां को जल अर्पित करें।
उन्हें लाल रंग की चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां और अन्य सोलह शृंगार सामग्री अर्पित करें।
मां को गुड़हल के फूल और माला अर्पित करें।
फल, मिठाई और विशेष रूप से लौंग और कपूर चढ़ाएं।
शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
दुर्गा चालीसा का पाठ करें या दुर्गा सप्तशती के किसी अध्याय का पाठ करें।
अंत में मां दुर्गा की आरती करें और सभी में प्रसाद बांटें।

पूजा के दौरान भूलकर न करें ये गलतियां (Masik Durgashtami 2025 Donts)
तामसिक भोजन – इस दिन प्याज, लहसुन, मांसाहार और शराब का सेवन बिल्कुल न करें। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
गुस्सा – परिवार या किसी भी व्यक्ति से झगड़ा न करें। इस दिन मन और वचन को शुद्ध रखें और क्रोध करने से बचें।
अपवित्रता – पूजा के दौरान काले या नीले रंग के वस्त्र न पहनें। साफ-सुथरे और हल्के रंग के वस्त्र ही धारण करें।
अखंड दीपक – अगर आप अखंड दीपक जलाते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि वह बुझना नहीं चाहिए।
अधूरी पूजा – मां दुर्गा की पूजा कभी अधूरी नहीं छोड़नी चाहिए। इसलिए आरती और मंत्र जप के साथ पूजा पूर्ण करें।
किसी का अनादर – इस दिन किसी भी महिला या कन्या का अपमान भूलकर भी न करें। उन्हें देवी का रूप मानकर सम्मान दें।

दक्षिण अफ्रीका से हार के लिए ऋषभ पंत ने मांगी माफी

दक्षिण अफ्रीका से हार के लिए ऋषभ पंत ने मांगी माफी
भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान ऋषभ पंत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के लिए माफी मांगी और वादा किया कि टीम मजबूत वापसी के लिए फिर से संगठित होगी, अपना ध्यान केंद्रित करेगी और खुद को फिर से व्यवस्थित करेगी.

भारत को मंगलवार को गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट के साथ समाप्त हुई श्रृंखला में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में पंत ने भारतीय टीम की अगुवाई की क्योंकि नियमित कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण इस मैच में नहीं खेल पाए थे.

भारत यह मैच रिकॉर्ड 408 रन से हार गया था जिससे उसकी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की संभावना को भी करारा झटका लगा है. पंत को इस श्रृंखला के दौरान शॉट चयन में लापरवाही बरतने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था.

पंत ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पिछले दो सप्ताह में हमने अच्छी क्रिकेट नहीं खेली. एक टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ी के रूप में हम हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं और करोड़ों भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘माफी चाहता हूं कि हम इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके, लेकिन खेल आपको एक टीम और खिलाड़ी के तौर पर सीख देता है, परिस्थितियों से सामंजस्य से बिठाना और आगे बढ़ना सिखाता है. हम जानते हैं कि यह टीम क्या करने में सक्षम है. हम एक टीम और एक खिलाड़ी के रूप में मजबूत और बेहतर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, फिर से संगठित होंगे, फिर से ध्यान केंद्रित करेंगे और फिर से तैयार होंगे.‘‘

पंत ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना खिलाड़ियों के जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है. भारत को अब अगले साल तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेलना है.

व्हाइट हाउस के नजदीक आतंकी हमले में एक नेशनल गार्ड की मौत

व्हाइट हाउस के नजदीक आतंकी हमले में एक नेशनल गार्ड की मौत
अमेरिका के वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना में एक नेशनल गार्ड सैनिक की मौत हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मृतक सैनिक सारा बैकस्ट्रॉम को श्रद्धांजलि दी. दूसरे घायल सैनिक की हालत गंभीर बताई जा रही है. बुधवार (26 नवंबर, 2025) को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर हुए हमले में दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर नजदीक से गोलियां चलाई गई थीं.

ट्रंप ने इसे आतंकी हमला बताया
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है. उन्होंने कहा कि यह हमला बुराई, नफरत और आतंक की सोच से किया गया अपराध है. ट्रंप ने वीडियो कॉल के जरिए सैनिकों को संबोधित करते समय बताया कि सारा बैकस्ट्रॉम की मौत की जानकारी उन्हें कुछ देर पहले मिली थी.

हमलावर अफगान नागरिक, जांच के आदेश
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान से 2021 में अमेरिका आया था. ट्रंप ने कहा कि यह व्यक्ति शरणार्थी कार्यक्रम के तहत देश में आया था और इसके लिए पिछली बाइडेन सरकार जिम्मेदार है. ट्रंप ने घोषणा की कि अफगानिस्तान से आए सभी लोगों की फिर से जांच की जाएगी और ऐसे लोगों को देश से हटाने पर विचार होगा जो अमेरिका से प्यार नहीं करते.

इस घटना के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान से इमिग्रेशन पर रोक लगा दी है. USCIS ने अपनी नीति में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा, तत्काल प्रभाव से सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल की आगे की समीक्षा होने तक अफगान नागरिकों से संबंधित सभी इमिग्रेशन अनुरोधों को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है. हमारी मातृभूमि और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा हमारा एकमात्र फोकस और मिशन है.

सुरक्षा बढ़ाई गई, और 500 सैनिक तैनात
हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने वॉशिंगटन में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. वर्तमान में वॉशिंगटन में करीब 2,400 नेशनल गार्ड तैनात हैं, जिनमें डीसी नेशनल गार्ड और अन्य राज्यों से भेजे गए सैनिक शामिल हैं. गोलीबारी की यह घटना व्हाइट हाउस से 500 मीटर से भी कम दूरी पर हुई. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है और जांच जारी है.

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