महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन में सबसे महंगी बिकी दीप्ति शर्मा

महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन में सबसे महंगी बिकी दीप्ति शर्मा
महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन की शुरुआत मार्की प्लेयर्स के साथ हुई, इस केटेगरी में कुल 8 खिलाड़ी थी. 7 मार्की खिलाड़ियों को उनकी टीम मिल गई, लेकिन इस राउंड में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि एलिसा हीली अनसोल्ड रही. इस राउंड की सबसे महंगी खिलाड़ी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा बनी, जिनके लिए यूपी वॉरियर्स ने RTM का इस्तेमाल किया. देखें बिकने वाले 7 मार्की प्लेयर्स को किस टीम ने कितने प्राइस में खरीदा.

दीप्ति शर्मा ने वापस यूपी वॉरियर्स जाने पर खुशी जताते हुए जियोहॉटस्टार पर कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है. मैं यूपी से हूं तो कहीं न कहीं इस टीम के साथ मेरा लगाव जुड़ा हुआ है. यहां का मैनेजमेंट बहुत अच्छा है, सपोर्टिव है. महिला प्रीमियर लीग ने मेरे प्रदर्शन में सुधार में बहुत मदद किया है.”

दिल्ली ने खरीदा, यूपी ने किया RTM का इस्तेमाल
दीप्ति शर्मा महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन लिस्ट में तीसरे नंबर पर आईं थी, उनसे पहले एलिसा हीली अनसोल्ड रही थी. हीली का नहीं बिकना सभी के लिए हैरानी भरा था. काफी देर तक दीप्ति पर भी किसी टीम ने बोली नहीं लगाई, अंत में दिल्ली ने उन पर उनके बेस प्राइस में बोली लगाई. फिर किसी टीम ने इंटरेस्ट नहीं दिखाया तो वह दिल्ली में बिक गई. लेकिन यूपी ने उन पर RTM का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दिल्ली ने अपना फाइनल प्राइस 3 करोड़ 20 लाख रुपये बताया. यूपी ने RTM का इस्तेमाल करते हुए दीप्ति को खरीद लिया.

दीप्ति शर्मा WPL 2026 प्राइस
3 करोड़ 20 लाख रुपये (यूपी वॉरियर्स).
मार्की राउंड में बिके प्लेयर्स और उनका प्राइस

सोफी डिवाइन- 2 करोड़ (गुजरात जायंट्स)
दीप्ति शर्मा- 3.2 करोड़ (यूपी वॉरियर्स)
एमेलिया केर- 3 करोड़ (मुंबई इंडियंस)
रेणुका सिंह- 60 लाख (गुजरात जायंट्स)
सोफी एक्लेस्टन- 85 लाख (यूपी वॉरियर्स )
मेग लैनिंग- 1.9 करोड़ (यूपी वॉरियर्स )
लौरा वोल्वार्ड्ट- 1.1 करोड़(दिल्ली कैपिटल्स)

बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की रिव्यू मीटिंग में बवाल

बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की रिव्यू मीटिंग में बवाल
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हाथों करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में समीक्षा के लिए गुरुवार (27 नवंबर, 2025) को रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया. हालांकि, इस रिव्यू मीटिंग से पहले ही पार्टी नेताओं के बीच हंगामा हो गया. कई नेता आपस में भिड़ गए. वहीं, एक नेता ने हाथ के इशारे से गोली मारने तक की धमकी दे दी.

कांग्रेस के वेटिंग रूम में बिहार के वैशाली से प्रत्याशी रहे इंजीनियर संजीव और पप्पू यादव के करीबी प्रत्याशी जितेंद्र कुमार के बीच कहासुनी हुई. इस दौरान संजीव ने खुलेआम हाथ के इशारे से गोली मारने की धमकी देते हुए कहा कि बाहर के लोगों को बुलाकर टिकट दिया जाता है. इस घटना की पूरी जानकारी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को दे दी गई है. हालांकि, इंजीनियर संजीव ने ऐसे किसी विवाद का खंडन किया है.

समीक्षा बैठक में गोली मारने की बात पर बोले इंजीनियर संजीव
इंजीनियर संजीव ने कहा, ‘ऐसी कुछ खबरें चल रही हैं कि मैंने आज कांग्रेस कार्यालय में किसी को जान से मारने की धमकी दी है, लेकिन यह बिल्कुल बेबुनियाद खबर है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है. हमारा किसी से कोई विवाद नहीं है, इन अफवाहों पर ध्यान न दें.’

उन्होंने कहा, ‘आज क्या हुआ था ये जानना जरूरी है कि बहुत सारे प्रत्याशी ऐसे थे जिन्होंने चुनाव पूरी मजबूती से लड़ा है, वहीं सारे प्रत्याशी अपनी-अपनी बात रखने के लिए हाई कमान के पास आए थे. कुछ नाराजगी थी सबने अपनी बात रखी, मैंने भी अपनी बात मजबूती से रखी, मेरा किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ है. कोई गोली या बंदूक चलने की कोई बात नहीं है. सब झूठी और मनगढंत बातें है. ऐसी अफवाहों को तून न दें.’

बैठक को लेकर बोले केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने समीक्षा बैठक को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने एक-एक करके विधायकों से फीडबैक लिया. इसके अलावा, बिहार विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों से 10 के समूह में फीडबैक लिया गया.’ इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, सांसद तारिक अनवर, पप्पू यादव और कन्हैया कुमार भी पहुंचे थे.

हांगकांग में 7 बहुमंजिला इमारतों में भीषण आग-44 की मौत, 300 लापता

हांगकांग में 7 बहुमंजिला इमारतों में भीषण आग-44 की मौत, 300 लापता
हांगकांग के ताईपो में कई बहुमंजिला इमारतों में बुधवार (26 नवंबर 2025) को दोपहर आग लग गई, जिसमें कम से कम 44 लोगों के मारे जाने की खबर है और 300 लोग अभी भी लापता हैं. बताया जा रहा है कि आग 7 इमारतों में फैल गई है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है.

रॉयटर्स ने फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट (एफएसडी) के हवाले से बताया कि भीषण आग की वजह से कई लोग बिल्डिंग्स में फंस गए थे. आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी गईं. एफएसडी ने बताया कि उन्हें बुधवार (26 नवंबर 2025) को दोपहर 2.51बजे आग लगने की रिपोर्ट मिली और उन्होंने दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब आग को नंबर 4 अलार्म फायर (हांगकांग में दूसरा सबसे बड़ा अलार्म) बताया.

आग बुझाने का ऑपरेशन जारी
आग बुझाने का ऑपरेशन चल रहा है. जो वीडियो सामने आए उसमें इमारतों से धुएं का गुबार निकलता दिखाई दिया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के ताइ पो जिले में कॉम्प्लेक्स के बाहर बांस की मचान पर आग फैल गई. ताई पो हांगकांग के उत्तरी हिस्से का एक इलाका है और ये मुख्य चीनी शहर शेनझेन के बॉर्डर के पास है.

फायर सर्विस ने बताया कि अब तक करीब 90 फीसदी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. हालांकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद कई सड़कों को बंद कर दिया गया है. इस आग को लेवल पांच कैटेगरी में रखा गया है, जिसे सबसे गंभीर माना जाता है.

लोगों से घरों में रहने की अपील
ताईपो जिला शहर के उत्तरी हिस्से में आता है. आग लगने के बाद फायर विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं हैं. विभाग ने आस-पास के लोगों को घरों के अंदर रहने, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने और शांत रहने की अपील की है. कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.

कब से हो रही है पौष माह की शुरुआत

कब से हो रही है पौष माह की शुरुआत
धार्मिक दृष्टि से पौष का महीना (Paush Month 2025 Date) विशेष महत्व रखता है। इस माह को सूर्य देव की उपासना, पितृ तर्पण, दान-पुण्य और उपवास आदि के लिए विशेष माना गया है। साथ ही इस माह में ऐसा करने से व्यक्ति को ऐश्वर्य, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए आप इस माह में कौन-कौन से कार्य कर सकते हैं।
इस दिन से हो रहा है शुरू

पंचांग के अनुसार, पौष माह की शुरुआत शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 से होने जा रही है। वहीं 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा मनाई जाएगी। ऐसे में यह माह शनिवार 3 जनवरी तक चलने वाला है।

पौष माह को सूर्य देव के साथ-साथ भगवान विष्णु और पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भी उत्तम माना गया है। इस माह में आराधना व दान-पुण्य करने से साधक को धन, ऐश्वर्य और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। इसी के साथ सूर्य देव को रोजाना अर्घ्य देने से आपको करियर में उन्नति व लंबी आयु का भी वरदान मिलता है। इस माह में पूर्वजों की आत्मा की शांति के पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म आदि करना भी काफी शुभ माना जाता है।
सूर्य देव को अर्घ्य देने की विधि (Surya puja Vidhi)

पौष माह में रोजाना सुबह स्नान आदि के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए एक तांबे के बर्तन में जल लेकर उसमें लाल चंदन और लाल रंग के फूल मिलाएं। सूर्य देव को अर्घ्य दें और इस दौरान ऊं सूर्याय नम: मंत्र का जप करते रहें। ऐसा करने से साधक को सूर्य देव की विशेष कृपा मिलती है। ऐसे में आप पौष माह रोजाना या फिर रविवार के दिन यह कार्य कर सकते हैं।

जरूर करें ये काम
आप पौष माह में सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए हर रविवार को व्रत भी कर सकते हैं। इस व्रत में नमक का सेवन नहीं किया जाता। इस दिन आप सूर्य देव को लाल फूल, लाल चंदन, रोली, चावल और तिल आदि अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ ही सूर्य देव को तिल-चावल की खिचड़ी का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी।

सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।

मालवी बोली में भी होगा समाचारों का प्रसारण : केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने हिंदी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि आज से आकाशवाणी उज्जैन अपने द्वारा बनाए कार्यक्रमों का प्रसारण प्रारंभ कर रही है। यह एक फुल फ्लेश आकाशवाणी केन्द्र है। मध्यप्रदेश में उज्जैन को मिलाकर अब आकाशवाणी के 20 केंद्र संचालित हो रहे हैं। उज्जैन केंद्र युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल के प्रशिक्षण के माध्यम बनेगा। साथ ही यह मालवा की संस्कृति, लोक कलाओं, स्थानीय व्यंजनों एवं स्थानीय बोलियों को नई पहचान दिलाएगा। आकाशवाणी केंद्र से मालवी बोली में समाचारों का प्रसारण भी किया जाएगा।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, आकाशवाणी के रीजनल मैनेजर यशवंत चिवंडे, आकाशवाणी भोपाल के कार्यक्रम प्रभारी राजेश भट्ट, आकाशवाणी उज्जैन की कार्यक्रम प्रभारी अनामिका चक्रवर्ती, कृष्ण दास, सहित जनप्रतिनिधि, नागरिक एवं आकाशवाणी परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

ब्राह्मण समाज की बेटियों पर आईएएस संतोष वर्मा की टिप्पणी से विवाद गहराया, GAD ने थमाया नोटिस

 

भोपाल, 26 नवम्बर 2025 — आईएएस संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रदेशभर में तीखा विरोध जारी है। उनकी टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। कई जिलों में ब्राह्मण संगठनों ने थानों में पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराई हैं और वर्मा पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इसी बीच मामला गंभीर होता देख सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आईएएस वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि वर्मा ने 23 नवम्बर को भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में जो टिप्पणी की, वह न केवल एक उच्च पदस्थ अधिकारी के व्यवहार के विपरीत है, बल्कि समाज में असंतोष फैलाने वाली भी है।

GAD ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि वर्मा की टिप्पणी अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम, 1968 और अनुशासन एवं अपील नियम, 1969 का उल्लंघन है। विभाग का कहना है कि इस प्रकार का वक्तव्य “स्वेच्छाचारिता, गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता” की श्रेणी में आता है।

विभाग ने वर्मा से 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा है। निर्धारित समय में उत्तर न देने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी नोटिस में दी गई है।

ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा “समुदाय की बेटियों के बारे में इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है” और इससे समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। संगठनों ने वर्मा के निलंबन और सार्वजनिक माफी की माँग की है।

प्रदेश में मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील होता जा रहा है। अब सभी की निगाहें वर्मा के जवाब और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

मुख्यमंत्री, किसानों को भावांतर राशि वितरण और विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री, किसानों को भावांतर राशि वितरण और विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान भाई हमारे अन्नदाता हैं। वे तरह-तरह के जोखिम उठाकर समाज और देश के लिए अन्न-धन का भंडार भरते हैं। प्रकृति की मार सहकर और खुद के दाना-पानी की चिंता में न रहकर सबका उदर पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में हमारे किसान दोनों समान रूप से राष्ट्र की सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान भाइयों के घर-आंगन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि लाना ही हमारी सरकार का मूल लक्ष्य है। हम प्रदेश के हर किसान को उसके द्वारा उत्पादित फसल का समुचित दाम दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर जिले के गौतमपुरा में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोयाबीन की फसल पर भावान्तर भुगतान योजना के तहत प्रदेश के 1.34 लाख पात्र किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 249 करोड़ रुपये अंतरित किये। अब तक प्रदेश के 4.39 लाख से अधिक किसानों द्वारा 7.85 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन फसल का विक्रय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर जिले को 264 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसके तहत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें इनगोरिया से देपालपुर तक मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। यह 10 मीटर चौड़ी सड़क होगी, जो देपालपुर और बड़नगर विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी।

किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की सरकार कर रही भरपाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर किसान को उसकी मेहनत, उसके समर्पण का समुचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। भावान्तर भुगतान योजना के जरिए किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति हर हाल में बेहतर एवं मजबूत हो सके और खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय बने।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से देपालपुर तक फोरलेन रोड के निर्माण की घोषणा की। यह 37 कि.मी. लंबी रोड होगी, जिसके निर्माण पर करीब 745 करोड़ रूपए खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने गौतमपुरा में महाविद्यालय खोलने तथा यहां के वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में प्रोन्नत (अपग्रेड) करने की घोषणा की। अब यहां एक सर्वसुविधायुक्त बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इंदौर से हातौद तक फोरलेन सड़क बनाने की बात भी कही।

एक-एक खेत तक पहुंचाएंगे पानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे हमारा प्रदेश कृषि के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी बना रहे। किसानों के लिये धन की कोई कमी नहीं है। हमारी सरकार भावांतर की राशि दे रही है, वहीं केन्द्र सरकार से किसानों को सम्मान निधि भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का कोई भी खेत सिंचाई सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। हम एक-एक खेत तक पानी पहुंचाएंगे। देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1538 करोड़ रूपए की लागत से 27 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने के लिए चंबल नदी पर एक बैराज बनाया जा रहा है। इससे विधानसभा क्षेत्र के 75 गांव लाभान्वित होंगे।

प्रदेश में चल रहा है विकास का दौर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोलर पॉवर पम्प के जरिए हम किसानों को ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे किसान अपनी बिजली से ही अपना खेत-अपना घर-अपनी दुकान रौशन कर सकेंगे। बिजली बिल का झंझट अब खत्म हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास का दौर चल रहा है। यह क्रम आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि मालवा ऋषि-मुनियों की धरती रही है। गौतमपुरा सदियों पहले ऋषि गौतम की कर्मभूमि रहा है। विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में आने वाली 1 दिसम्बर को गीता जयंती पूरे मध्यप्रदेश में मनाई जाएगी।

जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख

जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख
जांजगीर-चांपा जिले के सुकली गाँव के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना में पाँच लोगों की दर्दनाक मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस हृदयविदारक दुर्घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों को तत्काल बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न आने दी जाए तथा उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि शोकाकुल परिवारों को इस गहन दुःख को सहने की शक्ति मिले। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत : मुख्यमंत्री साय

संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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