शरद पूर्णिमा पर बनेगा ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग

शरद पूर्णिमा पर बनेगा ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2025) का विशेष महत्व होता है। इस बार 6 अक्टूबर को यह पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी यह दिन बेहद खास रहने वाला है। ग्रहों का दुर्लभ ग्रहण का अद्भुत संयोग बन रहा है। जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। कई लोगों के लिए यह समय बेहद ही अनुकूल रहेगा। धन लाभ और तरक्की के द्वार खुलेंगे। भाग्य का साथ भी मिलेगा। आइए जानें किन लोगों पर मां लक्ष्मी मेहरबान रहने वाली हैं?

6 अक्टूबर यानि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे। ग्रहों के राजकुमार बुध तुला राशि में संचरण कर रहे हैं। शुक्र सिंह राशि और मंगल तुला राशि में विराजमान हैं। सूर्य कन्या राशि में भ्रमण कर रहे करेंगे। राहु भी कुंभ राशि में विराजमान हैं। इसके अलावा उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र का संयोग बन रहा है। वृद्धि और ध्रुव योग का निर्माण भी हो रहा है।

इन राशियों को होगा लाभ
वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि के लिए इस बार की शरद पूर्णिमा बेहद ही खास रहने वाली है। जातकों को भाग्य का साथ मिलेगा। आप अपने लक्ष्य को पूरा करने में सफल होंगे। प्रमोशन मिल सकता है। पैसों से जुड़ी सारी समस्याएं खत्म होगी। जीवन में किसी खास व्यक्ति का आगमन होगा। वैवाहिक जीवन में भी खुशहाली आएगी।

मीन राशि:– मीन राशि के जातकों पर पर भी मां लक्ष्मी की खास कृपा बरसने वाली है। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों में संतुलन बना रहेगा। प्रेमियों के लिए यह समय शुभ रहेगा। इनकम में वृद्धि होगी। जीवन में सुख समृद्धि आएगी। कारोबार में तरक्की के योग भी बनेंगे। किस्मत का साथ मिलेगा। तनाव से छुटकारा मिलेगा।

वृषभ राशि:– वृषभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय अनुकूल रहने वाला है। धन-धान्य में वृद्धि होगी। कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। नौकरी की तलाश भी पूरी होगी। छात्रों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। पदोन्नति और वेतन वृद्धि की खबर भी मिल सकती है।
शरद पूर्णिमा का महत्व

हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। 6 अक्टूबर दोपहर 12:23 बजे पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी। वहीं इसका समापन 7 अक्टूबर सुबह 9:16 बजे होगा। पूर्णिमा 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं निपुण होते हैं। अमृत वर्षा करते हैं। इसलिए पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर को रखा जाता है, जिसे लोग सुबह खाते हैं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। जिससे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। जीवन की समस्याएं भी खत्म होती हैं।

54 सीटों पर आज तक नहीं जीता राजद

54 सीटों पर आज तक नहीं जीता राजद
बिहार विधानसभा चुनावों की आहट तेज हो चुकी है और इस बार भी नजरें उन सीटों पर हैं, जहां अब तक बड़े दलों का गणित कभी नहीं बैठ पाया। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की 54 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) आज तक जीत का स्वाद नहीं चख पाया है। इसी तरह 9 सीटें ऐसी हैं जिन पर लगातार बीजेपी का कब्जा बना हुआ है। इन सीटों को लेकर यह कहा जा रहा है कि यहां परंपरागत जीत का समीकरण बाकी दलों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

दल-बदल का असर नहीं दिखा
2010 से 2020 के बीच हुए चुनावों में इन क्षेत्रों में दल बदल का असर नहीं दिखा और मतदाताओं ने एक ही पार्टी पर भरोसा जताया। यही वजह है कि आने वाले चुनाव में भी यहां स्थानीय समीकरणों से ज्यादा परंपरागत वोट बैंक की भूमिका अहम मानी जा रही है।

राजद बना रहा खास रणनीति
विश्लेषकों के अनुसार, 1997 में बना राजद अब तक 6 विधानसभा चुनाव लड़ चुका है। लेकिन 54 सीटों पर लगातार हार झेलते-झेलते राजद अब खास रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि बीजेपी अपनी 9 सीटों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए जमीन पर पहले से ही सक्रिय है। जानकारों का मानना है कि इन परंपरागत सीटों के नतीजे कई बार विधानसभा का बड़ा गणित तय कर देते हैं। इसलिए इस बार भी सभी की निगाहें इन्हीं पर टिकी रहेंगी।

कौन-कौन सी हैं 54 सीटें
राजद जिन 54 सीटों पर नहीं जीत पाया है उनमें सीमांचल से लेकर मगध और पटना तक के इलाके शामिल हैं। इन सीटों के नाम हैं- अररिया, फारबिसगंज, फुलपरास, बेनीपट्टी, सिकटी, बहादुरगंज, अमौर, कस्बा, बनमनखी, कदवा, पूर्णिया, बलरामपुर, कोढ़ा, मनिहारी, रामनगर, नरकटियागंज, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, सिकटा, रक्सौल, गोविंदगंज, रीगा, महाराजगंज, मांझी, विभूतिपुर, मटिहानी, बेगूसराय, खगड़िया, बेलदौर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बरबीघा, अस्थावां, राजगीर, नालंदा, हरनौत, बाढ़, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, बिक्रम, तरारी, अगियांव, बक्सर, डुमरांव, राजपुर, घोसी, हिसुआ, वारिसलीगंज, सिकंदरा, झाझा शामिल है।

हैदराबाद के डेंटल सर्जन की अमेरिका में हत्या

हैदराबाद के डेंटल सर्जन की अमेरिका में हत्या
अमेरिका के डलास में एक 27 वर्षीय भारतीय डेंटल सर्जन की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

हैदराबाद निवासी चंद्रशेखर पोल कल रात एक गैस स्टेशन पर काम कर रहे थे तभी एक अज्ञात बंदूकधारी ने उनकी हत्या कर दी।
हैदराबाद से डेंटल सर्जरी में की थी स्नातक की पढ़ाई

चंद्रशेखर पोल हैदराबाद में डेंटल सर्जरी में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2023 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे। उन्होंने छह महीने पहले अमेरिका में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी और पेट्रोल पंप पर अंशकालिक काम करते हुए पूर्णकालिक नौकरी की तलाश में थे।

पिता ने लगाई सरकार से यह गुहार
छात्र के परिवार ने अपने बेटे का शव अमेरिका से वापस लाने के लिए सरकार से मदद मांगी है। बीआरएस विधायक सुधीर रेड्डी और पूर्व मंत्री टी हरीश राव आज हैदराबाद में छात्र के घर गए और उसके परिवार से मिले। उन्होंने इसे एक “दुखद” घटना बताते हुए सरकार से चंद्रशेखर पोल के शव को उसके गृहनगर वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।

वैज्ञानिकों ने खोजा कैंसर से लड़ने का नया हथियार

वैज्ञानिकों ने खोजा कैंसर से लड़ने का नया हथियार
आज के समय में कैंसर एक बड़ी चुनौती बन चुका है। दुनियाभर में वैज्ञानिक लगातार इसकी दवा और वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में हाल के वर्षों में GRP (Glucose-Regulated Proteins) आधारित वैक्सीन पर रिसर्च ने सबका ध्यान खींचा है। माना जा रहा है कि ये वैक्सीन कैंसर के इलाज और रोकथाम में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

GRP क्या हैं और कैसे काम करते हैं?
GRP हमारे शरीर में मौजूद एक खास प्रकार के प्रोटीन होते हैं। ये कोशिकाओं को तनाव (stress) से बचाते हैं और प्रोटीन को सही आकार देने में मदद करते हैं। लेकिन इनकी सबसे खास बात यह है कि ये हमारे इम्यून सिस्टम को सक्रिय करते हैं। GRP शरीर की प्रतिरोधक कोशिकाओं को कैंसर की पहचान करने और उसे नष्ट करने की क्षमता देते हैं। खासकर GRP94/gp96 और GRP170 को वैज्ञानिक कैंसर वैक्सीन बनाने के लिए सबसे कारगर मानते हैं।

GRP170: सबसे ज्यादा असरदार
वैज्ञानिकों का मानना है कि GRP170 बाकी सभी GRPs से ज्यादा असरदार है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शरीर को पूरे कैंसर एंटीजेन की जानकारी देता है, जिससे हमारी इम्यून कोशिकाएं कैंसर की पहचान करके उस पर तेजी से हमला कर सकती हैं। यही वजह है कि GRP170 को भविष्य की कैंसर वैक्सीन के लिए सबसे बड़ा गेम चेंजर माना जा रहा है।

रिसर्च से क्या पता चला?
अब तक हुए प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स में GRP आधारित वैक्सीन ने चूहों पर अच्छे नतीजे दिखाए हैं। इस वैक्सीन ने कैंसर की शुरुआत को रोका। ट्यूमर के फैलाव (Metastasis) को कम किया। और सबसे अहम बात लंबे समय तक इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बनी रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैतूल की आईटीआई प्रशिक्षार्थी कु. तावड़े को किया सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी ने बैतूल की आईटीआई प्रशिक्षार्थी कु. तावड़े को किया सम्मानित
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में कौशल एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 4अक्टूबर को आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश की शासकीय आईटीआई, बैतूल की इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की प्रशिक्षार्थी कुमारी त्रिशा तावड़े को आल इंडिया सेंट्रल ज़ोन टू ईयर ट्रेड में टॉप करने पर सम्मानित किया है।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने शासकीय आईटीआई की छात्रा कु.त्रिशा को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह सफलता प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों के समर्पण और युवा प्रतिभाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, भाषा और संचार कौशल प्रदान करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण देना और विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को साकार करना।

मध्यप्रदेश के अन्य 09 प्रशिक्षार्थियों ने भी ऑल इंडिया ट्रेड टॉपर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन किया जिसमें चंचल सेवारिक कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, भोपाल, पूजा जाटव ड्रोन तकनीशियन, जबलपुर, श्याम महेश्वरी फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, उज्जैन, अमन गजभिये मेसन, बालाघाट, श्रुति विश्वकर्मा मैकेनिक, ट्रैक्टर, जबलपुर, अरविंद कुमरे मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, निकिता तायवड़े मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, अभिजीत सिंह सिसोदिया मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट टेक्नीशियन, भोपाल और शिवम यादव स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, खंडवा शामिल है। इन सभी प्रशिक्षार्थियों ने अपने कौशल, परिश्रम और संकल्प से प्रदेश को गौरवान्वित किया।

प्रदेश के सभी 280 शासकीय आईटीआई में आज कौशल दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया तथा प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीआई स्तर पर सभी ट्रेड्स के टॉपर प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया।

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई की छात्रा कु. त्रिशा तावड़े ने 1200 में से 1187 अंक प्राप्त कर सेंट्रल जोन में प्रथम स्थान हासिल किया और मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में राष्ट्रीय मेरिट सूची में नाम दर्ज कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। बैतूल के ग्राम भड़ूस की इस संघर्षशील छात्रा के पिता अजय तावड़े बस ड्राइवर हैं और मां सुशीला तावड़े गृहणी हैं। बड़ी बहन कु. एकता तावड़े भी आईटीआई बैतूल की टॉपर रह चुकी हैं और वर्तमान में रेलवे में एप्रेंटिस के रूप में कार्यरत हैं।

आईटीआई बैतूल के प्राचार्य ने बताया कि सत्र 2024-25 में मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर ट्रेड में छात्र अरविंद कुमरे ने पुरुष वर्ग और छात्रा कु. निकिता तायवड़े ने महिला वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप छात्राओं की उन्नति और कौशल प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आईटीआई बैतूल में कौशल विकास विभाग के तहत ‘हुनर पहल’ कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल, इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण सहित हार्टफुलनेस ध्यान, व्यक्तित्व विकास शिविर और हेल्थ क्लब गतिविधियों में योग व कराटे प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

आईटीआई बैतूल की छात्राओं को न केवल प्रदेश में बल्कि देश-विदेश में रोजगार पाने के अवसर मिल रहे हैं। पिछले वर्ष 85 से अधिक छात्राएं बेंगलुरु, हैदराबाद और भोपाल की कंपनियों में नौकरी के लिए चयनित हुईं, वहीं इस वर्ष 45 छात्राएं टाटा इलेक्ट्रॉनिक होसुर तमिलनाडु और 9 छात्राएं प्रतिभा सिंटेक्स पीतमपुर जा चुकी हैं।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह मांझी-चालकी के साथ अभिनन्दन भोज में हुए शामिल

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह मांझी-चालकी के साथ अभिनन्दन भोज में हुए शामिल
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा पर्व से जुड़े मांझी-चालकी, मेम्बर एवं मेम्बरीन के सम्मान में आयोजित अभिनंदन भोज में शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अभिनंदन भोज में परोसे गए आदिवासी समाज के पारम्परिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये पारम्परिक व्यंजन बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी जीवन मूल्यों का अनूठा स्वाद प्रस्तुत करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा में मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ अभिनंदन भोज केवल एक सत्कार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे, सामुदायिक मेल-जोल और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यह अवसर न केवल बस्तर की समृद्ध और जीवंत आदिवासी संस्कृति का उत्सव है, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।

अभिनंदन भोज में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप एवं भोजराज नाग, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, चैतराम अटामी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम तथा लता उसेंडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ
बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित कर हम विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलवासी अब विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लाल आतंक की समाप्ति प्रदेश के सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी। आज प्रारंभ हुई यात्री बस सेवा हमारे नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि अब 250 गांवों के लोग अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांवों में बसों का परिचालन सुनिश्चित करना है। इससे लोग कम लागत में अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकेंगे। रोज़मर्रा के कामकाज, शासकीय कार्यों और अन्य गतिविधियों में भी सहूलियत बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य उन गांवों तक बस सेवा पहुँचाना है, जहाँ अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस पहल से ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा पर फोकस
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन प्रारंभ होगा। इस पहल से 11 जिलों के 250 नए गांव बस सेवा से जुड़ेंगे। यह प्रयास विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा, जहां सड़क संपर्क सीमित है और लोग जिला मुख्यालय या अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं।

ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। योजना के तहत संचालित बसें समयबद्ध और सुरक्षित यात्रा का भरोसा देंगी, जिससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।

योजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बस संचालकों को वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान करने का प्रावधान किया है। यह वित्तीय सहयोग संचालकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगा, ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा दे सकें। यह कदम न केवल परिवहन सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान देगा।

250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ने की उपलब्धि
इस योजना के तहत लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं। यह ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगा। ग्रामीणों को अब अपनी आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी पैदल तय करने या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।

समावेशी विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना की शुरुआत पर कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें शहरों से जोड़ने का प्रयास है। यह योजना न केवल परिवहन की सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

RBI की बड़ी कार्रवाई: 5 बैंक और एक कंपनी पर लगा भारी जुर्माना

RBI की बड़ी कार्रवाई: 5 बैंक और एक कंपनी पर लगा भारी जुर्माना
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित पांच बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी भी शामिल है। केवाईसी, लोन और अन्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 3 अक्टूबर 2025 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

कर्नाटक के दो बैंकों पर आरबीआई ने पेनल्टी लगाई है। द हसन डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस पर बीआर अधिनियम का उल्लंघन करते हुए अन्य सहकारी समितियां में शेयर रखने का आरोप है। इसके अलावा बैंक निर्धारित समय सीमा के भीतर के ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर भी अपलोड नहीं कर पाया। दी बगलकोट डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर निदेशक से संबंधित लोन स्वीकृत करने पर 5.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा समय सीमा के भीतर नाबार्ड को कुछ वैधानिक रिटर्न जमा भी नहीं कर पाया।

इस बैंक पर 31 लाख से अधिक का मौद्रिक जुर्माना
आरबीआई ने एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प पर क्रेडिट ओर डेबिट कार्ड से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर 31.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच के दौरान पाया गया कि बैंक ने कुछ क्रेडिट कार्ड धारकों के रिफंड/फेल्ड/रीवर्स से उत्पन्न क्रेडिट शेष को उनके बैंक खातों में वापस करने की कोई कोशिश नहीं की।

गुजरात के इस बैंक पर लगी पेनल्टी
गुजरात के पाटन में स्थित द रानुज नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने अपने द्वारा स्वीकृत कुछ लोन के संबंध में निधियों का अंतिम उपयोग सुनिश्चित नहीं किया। इसके अलावा अपने ग्राहकों को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के प्रति आपत्ति को सूचित करने के लिए एसएमएस अलर्ट पर “रिप्लाई” द्वारा तुरंत प्रतिक्रिया देने में भी सक्षम नहीं बना पाया।

तमिलनाडु का यह बैंक लिस्ट में शामिल
रहा तमिलनाडु में स्थित दिव्य विद्यालय टाउन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड दवानी दवानी वाणी यामबाड़ी टाउन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹100000 का जुर्माना लगाया है इस पर ऐस के तहत जारी निर्देशों का पालन न करते हुए कल अकाल उधर करता जोखिम सीमा से परे कुछ नए लोन और एडवांस और 100% से अधिक जोखिम भरा वाले कुछ लोन और एडवांस स्वीकृत करने का आरोप है इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर भी बैंक अपलोड नहीं कर पाया

इस NBFC पर गिरी गाज
आरबीआई ने एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कंपनी वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान खातों में स्थायी खाता संख्या (PAN) या उसके समक्ष दस्तावेज या फार्म संख्या 60 प्राप्त करने में विफल रही।

बता दें आरबीआई को इंस्पेशन के दौरान नियमों के उल्लंघन का पता चला था। जांच रिपोर्ट को देखते हुए बैंकों और कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस पर प्राप्त रिप्लाई और सुनवाई के दौरान दी प्रस्तुतियों के आधार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि इसका असर ग्राहकों और बैंक/कंपनी के बिच हो रहे लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।

ईओडब्लयू का रिपोर्ट कार्ड: 88% केस फाइलों में अटके, सजा का नामोनिशान नहीं

ईओडब्लयू का रिपोर्ट कार्ड: 88% केस फाइलों में अटके, सजा का नामोनिशान नहीं
रवि अवस्थी,भोपाल। मप्र के राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW) में अपराध दर्ज होना आरोपियों को सजा मिलने की गारंटी नहीं है। ब्यूरो में ना तो प्रकरण दर्ज करवा पाना आसान है,ना ही इन्हें अदालत तक पहुंचा पाना। ऐसे में अपराधियों को सजा मिलने की बात तो दूर की कौड़ी है।

मामला दर्ज होना ही चुनौती
सागर निवासी सुधाकर सिंह राजपूत ने साल 2020 में भोज मुक्त विश्वविद्यालय में 72 कर्मचारियों की नियम विरुद्ध हुई नियुक्तियों की​ शिकायत ब्यूरो में की। पांच साल की जांच के बाद करीब दो माह पहले ब्यूरो की भोपाल इकाई ने
आप​राधिक प्रकरण दर्ज किया। इसमें विश्वविद्यालय के तत्कालीन निदेशक प्रवीण जैन व अन्य 66 को आरोपी बनाया गया,लेकिन आगे की विवेचना अभी सिर्फ पत्राचार तक सीमित है।

जांच का हाल:आरोपी ही चल बसा
ब्यूरो ने हाउसिंग बोर्ड ग्वालियर के एक कर्मचारी योगेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ साल 2014 में भ्रष्टाचार को लेकर आपराधिक मामला दर्ज किया। यह जांच इतनी लंबी खिची कि उम्र दराज हो चुके आरोपी का ही निधन हो गया। इसके बाद बीते साल ब्यूरो ने प्रकरण में खात्मा लगा दिया। ऐसी बानगियां और भी हैं।

विधानसभा में पेश की आधी-अधूरी जानकारी
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे न बीते साल के पावस सत्र में EOW में वर्ष 2014 से 2024 के बीच दर्ज आपराधिक मामलों का ब्योरा मांगा। ब्यूरो ने पिछले मानसून सत्र में पूरक जानकारी के तौर पर जवाब पेश किया लेकिन वह भी अधूरा। इसमें भोपाल के बहुचर्चित साइंस हाउस केस का हवाला ही नहीं दिया।

अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग में हुए एक घोटाले के बाद ब्यूरो की रीवा इकाई ने साल 2021 में यह प्रकरण दर्ज किया था। इसमें गौतमनगर भोपाल स्थित साइंस हाउस व इसकी सहयोगी संस्था के डायरेक्टर जितेंद्र तिवारी,सुनैना तिवारी,महेश बाबू शर्मा,शैलेंद्र तिवारी व अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। उस वक्त जितेंद्र समेत अन्य आरोपियों की धरपकड़ भी हुई थी।

तर्क भी मासूम, जवाब भी अधूरे
बीते साल यह केस रीवा से भोपाल ट्रांसफर हुआ। इसमें बीते साल मार्च में एक बार फिर एफआईआर हुई और अब केस विवेचना में है। बीते माह साइंस हाउस उस वक्त फिर चर्चा में आया ,जब इसके प्रमुख पदाधिकारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे डाले। आरंभिक जानकारी में छापे के दौरान आयकर विभाग को करोड़ों की गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे। लेकिन विधानसभा संस्थान व स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले का सच नहीं जान सकी।

इसे लेकर ब्यूरो के जिम्मेदार अधिकारियों ने बेहद मासूम तर्क दिया। उन्होंने कहा-केस रीवा से भोपाल ट्रांसफर हुआ। शायद इस वजह से ही यह सदन में पेश मामलों की सूची में दर्ज होने से रह गया।

ये आंकड़े काफी हैं,नाकामी बताने के लिए
सदन में पेश जानकारी के मुताबिक,साल 2014 से दिसंबर 2024 तक ब्यूरो में 442 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें से चालान यानी अ​भियोजन सिर्फ 32 में ही पेश हो सका।

वहीं,20 प्रकरणों में ब्यूरो को प्रकरण से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण खात्मा लगाना पड़ा । ब्यूरो से 18 मामले राज्य सरकार को अभियोजन स्वीकृति के लिए भेजे गए। इनमें से 9 में स्वीकृति नहीं मिली,शेष विचाराधीन हैं। बाकी 88 फीसदी मामलों में विवेचना जारी है।

विवेचक यानी जांचकर्ताओं की बात करें तो ब्यूरो की भोपाल इकाई में ही 4 डीएसपी,6 इंस्पेक्टर व 4 सब इंस्पेक्टर इस काम में जुटे हैं। ब्यूरो की अन्य सात इकाई जबलपुर,रीवा,उज्जैन,इंदौर,सागर,ग्वालियर व अन्य में भी पर्याप्त संख्या में विवेचना अधिकारी तैनात हैं।

कनविक्शन रेट पर चुप्पी
आपराधिक मामलों में दोष सिद्धि दर(कनविक्शन रेट)किसी भी जांच एजेंसी के परफारर्मेंस का पैमाना मानी जाती है। ईओडब्ल्यू का कनविक्शन रेट क्या है? इसे लेकर ब्यूरो के अधिकारी ही अंजान हैं।

इस संबंध में ब्यूरो की सहायक पुलिस महानिरीक्षक पल्लवी त्रिवेदी कहती हैं-मौखिक व फौरी तौर पर यह बता पाना मुश्किल है।वहीं,डीआईजी मो.युसुफ कुरैशी,कई बार के प्रयास के बाद भी बात करने को राजी नहीं हुए।

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