Shahzad Bhatti Network आतंकी संगठन घोषित, गृह मंत्रालय का UAPA के तहत बड़ा एक्शन

Shahzad Bhatti News
Shahzad Bhatti News

Shahzad Bhatti Network को आतंकी संगठन घोषित, गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित Shahzad Bhatti Network (SBN) के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। इसके साथ ही SBN को UAPA की First Schedule में शामिल कर दिया गया है।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह कार्रवाई UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार का मानना है कि Shahzad Bhatti Network आतंकवाद में शामिल रहा है और भारत में आतंकवादी गतिविधियों में भाग ले चुका है।

गृह मंत्रालय ने क्यों घोषित किया आतंकी संगठन?

गृह मंत्रालय के अनुसार Shahzad Bhatti Network पर सीमापार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने के आरोप हैं। सरकार के मुताबिक नेटवर्क युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने तथा उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का काम भी करता है।

सरकारी अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नेटवर्क डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर उकसाने वाली और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करता है। सरकार के अनुसार ऐसी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती पैदा करती हैं।

UAPA की First Schedule में शामिल हुआ SBN

केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत Shahzad Bhatti Network (SBN) को UAPA की First Schedule में नया क्रमांक 46 दिया गया है। First Schedule में UAPA के तहत सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों के नाम शामिल होते हैं।

इस कानूनी कदम के बाद SBN के खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई का दायरा और स्पष्ट हो गया है। नेटवर्क से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों को आतंकवाद से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का कानूनी आधार मिलता है।

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

गृह मंत्रालय के अनुसार इससे पहले 12 अगस्त 2026 को 14 राज्यों में व्यापक कार्रवाई की गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक FIR तथा 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं।

यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई बहु-राज्यीय कार्रवाई का हिस्सा थी। सरकार ने इसे सीमा पार आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के रूप में बताया था।

हथियार, विस्फोटक और ड्रग्स तस्करी के आरोप

गृह मंत्रालय की अधिसूचना में SBN पर सीमापार से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने का उल्लेख किया गया है। सरकारी दस्तावेज के मुताबिक नेटवर्क युवाओं को प्रभावित करने, संसाधन जुटाने और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करता है।

अधिसूचना में कई अलग-अलग कानूनों के तहत SBN के कैडरों से जुड़े आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें BNS, Arms Act, UAPA, Explosive Substances Act, Explosives Act और Information Technology Act सहित अन्य कानून शामिल हैं।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

सरकारी अधिसूचना के अनुसार Shahzad Bhatti Network पर युवाओं को प्रभावित और कट्टरपंथ की ओर ले जाने, उन्हें विभिन्न प्रलोभन देने तथा भारत विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के आरोप हैं। नेटवर्क द्वारा डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

इससे पहले विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाइयों में भी नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की बात सामने आई थी।

सरकार के फैसले का कानूनी आधार क्या है?

गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967 यानी UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत की है। अधिसूचना के माध्यम से UAPA की First Schedule में Shahzad Bhatti Network (SBN) को शामिल किया गया है।

इसका मतलब है कि अब SBN भारत में UAPA के तहत सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों में शामिल है और संगठन से संबंधित गतिविधियों पर इस कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर सरकार का बड़ा फैसला

शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने का फैसला ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियां सीमापार से संचालित अपराध और आतंकवाद के संभावित गठजोड़ पर कार्रवाई कर रही हैं। अगस्त में हुई बहु-राज्यीय कार्रवाई और अब UAPA की First Schedule में SBN को शामिल किया जाना इस नेटवर्क के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई का अगला बड़ा कानूनी कदम है।

गृह मंत्रालय की 16 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार अब Shahzad Bhatti Network (SBN) भारत में UAPA के तहत सूचीबद्ध आतंकवादी संगठन है। आगे नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों और गतिविधियों के खिलाफ जांच एवं कानूनी कार्रवाई संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाएगी।

शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से जमानत, ₹50 हजार के मुचलके पर रिहाई | Dhirendra Shastri Brother Bail

Dhirendra Shastri के भाई शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से जमानत, ₹50 हजार के मुचलके पर रिहाई के आदेश

जबलपुर/छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। छतरपुर के चर्चित गोलीकांड से जुड़े मामले में करीब दो महीने से न्यायिक हिरासत में चल रहे शालिग्राम गर्ग को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने जमानत मंजूर कर दी है। अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने के निर्देश दिए हैं।

शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से मिली जमानत

शालिग्राम गर्ग की जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने मामले में सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए जमानत मंजूर की। इससे पहले जिला अदालत से शालिग्राम गर्ग की जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब निर्धारित कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। जमानत का अर्थ मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है और प्रकरण की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।

15 जुलाई 2026 को हुई थी गिरफ्तारी

छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार किया था। मामला मोतीलाल कुशवाहा के साथ कथित मारपीट और गोली चलाने की घटना से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

क्या है छतरपुर का गोलीकांड मामला?

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता मोतीलाल कुशवाहा के साथ मारपीट और गोली चलाने की घटना हुई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप लगाया कि शालिग्राम गर्ग ने मोतीलाल को रोककर उनके साथ गाली-गलौज की और सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाया। अभियोजन के अनुसार, घटना के दौरान गोली लगने से मोतीलाल घायल हुए।

दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए अदालत में कहा कि पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते शालिग्राम गर्ग को मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला?

पुलिस के अनुसार, शालिग्राम गर्ग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 296(बी), 351(3), 3(5) तथा Arms Act की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन धाराओं में लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।

50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत

हाईकोर्ट ने शालिग्राम गर्ग को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया है। जमानत अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन है। रिहाई के बाद भी उन्हें मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित शर्तों का पालन करना होगा।

अब आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शालिग्राम गर्ग की जेल से रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, गोलीकांड से जुड़े मूल आपराधिक मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को मामले में आरोपों से मुक्ति या बरी होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Dhirendra Shastri Brother Bail: मुख्य बातें

  • आरोपी: शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार
  • मामला: छतरपुर गोलीकांड
  • गिरफ्तारी: 15 जुलाई 2026
  • अदालत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर पीठ
  • पीठ: जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ
  • जमानत: 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर
  • स्थिति: सशर्त जमानत, आगे कानूनी प्रक्रिया जारी

छत्तीसगढ़ में निवेश को रफ्तार देने की तैयारी, नई औद्योगिक नीति पर सरकार का फोकस

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति के तहत लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का जोर प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, स्टार्टअप, MSME और वैल्यू एडेड उद्योगों को बढ़ावा देने पर है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से जोड़ने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया है। सरकार के अनुसार, नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान और रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्य सरकार खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़ते हुए क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर भी जोर दे रही है। अन्वेषण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए प्रदेश में नए उद्योग और निवेश के अवसर तैयार करने की योजना है। नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर जैसी परियोजनाओं को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी क्रम में 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 आयोजित किया जा रहा है। इसमें MSME, स्टार्टअप, उद्यमियों और निवेशकों को एक मंच पर लाने के साथ B2B बैठकें, निवेशकों से संवाद और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।

सरकार का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार करना भी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निवेश, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए छत्तीसगढ़ की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को और विस्तार देने पर फोकस रहेगा।

17 सितंबर से MP में ‘सेवा-संकल्प अभियान’, एक महीने तक होंगे सेवा और जनभागीदारी के कार्यक्रम

मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से एक महीने का ‘सेवा-संकल्प अभियान’ शुरू होने जा रहा है। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। उज्जैन के महाकाल महालोक सहित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के वार्डों में दीप जलाने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सरकार की ओर से अभियान में लाभार्थी परिवारों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ने की योजना है। प्रदेश में बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन के आयोजन के जरिए जनभागीदारी का संदेश देने की तैयारी है।

अभियान के दौरान सेवा, स्वच्छता, जनसंपर्क और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अभियान की तैयारियों में जिम्मेदारियां पहले से तय करने और कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेशभर में अभियान को लेकर प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

अरब सागर में भारत-पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों की टक्कर, भारत ने पाकिस्तानी राजनयिक को किया तलब

उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के जहाज के बीच हुई टक्कर को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। घटना 15 सितंबर की शाम अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई थी। इसके बाद बुधवार को विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज द अफेयर्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों का समुद्र में आचरण “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर” था, जिसके कारण भारतीय नौसेना के जहाज के साथ टक्कर हुई। मंत्रालय ने कहा कि घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

भारत ने इस घटना को 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 के संदर्भ में भी उठाया है। इस प्रावधान के तहत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों को दुर्घटना से बचने के लिए एक-दूसरे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की व्यवस्था है।

भारत ने पाकिस्तान से संबंधित सैन्य इकाइयों को समुद्र में अधिक सावधानी बरतने और दोनों देशों के बीच लागू द्विपक्षीय समझौतों की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, इस्लामाबाद में तैनात भारत के चार्ज द अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाने का निर्देश दिया गया है।

इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के दौरान सतर्कता और मौजूदा समझौतों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पाकिस्तान की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

UPI पेमेंट पर क्या बदलेगा और क्या रहेगा फ्री? जानिए 8 सवालों के जवाब

डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच UPI को लेकर यूजर्स के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या आने वाले समय में UPI पेमेंट पर कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा? कौन-से लेनदेन मुफ्त रहेंगे और किन सेवाओं पर चार्ज लग सकता है? इन सवालों को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की चर्चाएं होती रहती हैं।

सबसे अहम बात यह है कि आम यूजर्स के बैंक खाते से बैंक खाते में किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांजैक्शन को लेकर शुल्क की व्यवस्था को समझना जरूरी है। UPI का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए सामान्य P2P भुगतान यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किया गया भुगतान मुफ्त बना हुआ है।

वहीं, व्यापारियों को किए जाने वाले कुछ UPI भुगतानों में इंटरचेंज शुल्क (MDR से जुड़ी व्यवस्था) का प्रावधान अलग हो सकता है। इसका भुगतान आमतौर पर ग्राहक सीधे नहीं करता, बल्कि संबंधित भुगतान व्यवस्था के नियमों के अनुसार इसका निपटारा होता है।

1. क्या UPI से पैसे भेजने पर ग्राहक से चार्ज लिया जाएगा?
सामान्य बैंक खाते से बैंक खाते में UPI के जरिए पैसे भेजना यूजर्स के लिए मुफ्त है। किसी भी शुल्क की जानकारी के लिए बैंक या UPI ऐप के लागू नियमों को देखना जरूरी है।

2. क्या UPI से दुकानदार को भुगतान करना फ्री है?
सामान्य UPI भुगतान में ग्राहक से अलग से शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं है। हालांकि, व्यापारी पक्ष पर लागू शुल्क और भुगतान प्रणाली के नियम अलग हो सकते हैं।

3. क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर चार्ज लगेगा?
सिर्फ ₹2,000 से अधिक भुगतान होने के कारण ग्राहक पर अपने-आप कोई सामान्य UPI शुल्क लागू नहीं हो जाता। अलग-अलग भुगतान साधनों और श्रेणियों के नियमों में अंतर हो सकता है।

4. क्या UPI Lite और दूसरे विकल्पों पर भी यही नियम हैं?
UPI Lite जैसी सुविधाओं के अपने अलग परिचालन नियम हैं। इसलिए किसी विशेष सेवा का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित बैंक या ऐप की शर्तें देखना बेहतर है।

5. क्या क्रेडिट कार्ड से UPI भुगतान पर भी कोई अंतर है?
क्रेडिट कार्ड से UPI भुगतान, खासकर RuPay क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, सामान्य बैंक खाते से UPI भुगतान से अलग व्यवस्था के अंतर्गत आता है। इस तरह के लेनदेन पर लागू शुल्क और नियम अलग हो सकते हैं।

6. क्या दुकानदार ग्राहक से UPI चार्ज मांग सकता है?
सामान्य UPI भुगतान के लिए ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क मांगना और भुगतान व्यवस्था में लागू शुल्क—दो अलग बातें हैं। किसी दुकान पर अतिरिक्त चार्ज मांगे जाने की स्थिति में भुगतान की रसीद और संबंधित ऐप/बैंक के नियमों की जांच करनी चाहिए।

7. क्या UPI पूरी तरह फ्री रहेगा?
UPI की सामान्य बैंक-टू-बैंक भुगतान सुविधा को लेकर ग्राहकों के लिए मुफ्त भुगतान की व्यवस्था महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। हालांकि, अलग-अलग उत्पादों, सेवाओं और भुगतान माध्यमों के लिए शुल्क व्यवस्था अलग हो सकती है।

8. UPI इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
यूजर्स को किसी भी भुगतान से पहले राशि और प्राप्तकर्ता का नाम जांचना चाहिए। OTP, UPI PIN या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक या QR कोड के जरिए भुगतान करने से भी बचना चाहिए।

राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में PM मोदी का जोर, वैश्विक मंच पर मजबूत हो रही भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल संसदीय सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है और देश लोकतांत्रिक सहयोग, संवाद तथा विकास के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय संस्थाओं की मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम भी है। भारत अपने अनुभवों और नवाचारों के जरिए वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में योगदान दे रहा है।

भारत हाल के वर्षों में वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री के संदेश में लोकतंत्र, संसदीय सहयोग और वैश्विक साझेदारी को भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया गया।

Bhopal Residential commercial activities : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई टली

residential commercial activities
residential commercial activities

 

भोपाल। शहर के रहवासी इलाकों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टल गई है। जस्टिस के अवकाश पर होने के कारण आज मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में आगे सुनवाई होगी, हालांकि अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है।

भोपाल के रहवासी इलाकों में संचालित करीब 62 हजार 500 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से यह मामला जुड़ा है। इन प्रतिष्ठानों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी और आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद थी।

इस मामले में नगर निगम अपनी अब तक की एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) सुप्रीम कोर्ट में पेश कर चुका है।

वहीं, रहवासी पक्ष की ओर से सीलिंग की कार्रवाई को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित रिकॉर्ड अदालत के समक्ष पेश किए जाने की बात कही गई है।

5 अगस्त के आदेश के बाद दिए गए थे नोटिस

बता दें कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद से ही इस मामले को लेकर संबंधित दुकानदारों और रहवासियों की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर बनी हुई है।

फिलहाल सुनवाई टलने के बाद भोपाल के 62,500 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर स्थिति यथावत बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई की तारीख तय होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

UPI New Rules 2026: ₹2000 से ऊपर UPI Payment पर क्या बदलेगा? सब्जी से मॉल, मोबाइल रिचार्ज से TV पैक तक समझिए पूरा असर

UPI Payment Charges: ₹2,000 तक के भुगतान पर शुल्क नहीं, लेकिन इससे ऊपर के Merchant Payments को लेकर नई व्यवस्था की चर्चा; जानिए किराना, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, स्कूल फीस, मोबाइल, DTH और दूसरी सेवाओं पर क्या असर पड़ सकता है

नई दिल्ली। देश में डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके UPI को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है। सरकार ने ₹2,000 तक के UPI भुगतान को शुल्क से सुरक्षित रखने की व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। इसके साथ ही ₹2,000 से अधिक के Merchant Payments को लेकर MDR यानी Merchant Discount Rate की संभावित व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।

लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे दावों से अलग सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ₹2,000 से अधिक UPI Payment करते ही ग्राहक से आज से कोई निश्चित चार्ज कटना शुरू नहीं हुआ है। 0.3 से 0.5 प्रतिशत जैसी दरों की चर्चा जरूर है, लेकिन इसे अभी अंतिम लागू दर नहीं माना जा सकता।

₹2,000 की सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?

UPI से रोजमर्रा में होने वाले ज्यादातर छोटे भुगतान ₹2,000 से कम होते हैं। सब्जी, दूध, नाश्ता, छोटी किराना खरीदारी, ऑटो-रिक्शा या सामान्य दुकानों पर भुगतान करने वालों के लिए तत्काल कोई नया शुल्क नहीं है।

लेकिन जैसे ही भुगतान की राशि बड़ी होती है—मॉल की खरीदारी, इलेक्ट्रॉनिक्स, महंगा सामान, स्कूल-कॉलेज फीस, बड़ा रेस्टोरेंट बिल या किसी सेवा का वार्षिक पैक—वह ₹2,000 की सीमा पार कर सकती है।

यहीं से आने वाले MDR नियम महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

बाजार में आपकी जेब पर कहां पड़ सकता है असर?

सब्जी और फल

₹200, ₹500 या ₹1,000 की सब्जी-फल खरीदारी पर ग्राहक के लिए कोई नया UPI शुल्क नहीं है।

इसलिए रोज की छोटी खरीदारी करने वालों को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है।

किराना दुकान

महीने का राशन खरीदने पर बिल ₹2,000 से ऊपर जाना सामान्य है।

यदि भविष्य में ऐसे merchant payments पर MDR लागू होता है तो किराना कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान की लागत महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि ग्राहक से सीधे अतिरिक्त UPI शुल्क लिया ही जाएगा।

मॉल और बड़े स्टोर

कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर या घरेलू सामान खरीदते समय ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान आम है।

बड़े स्टोर और merchants के लिए यही वह श्रेणी है जहां MDR व्यवस्था का प्रभाव ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

पेट्रोल पंप

₹2,000 से कम का पेट्रोल-डीजल भुगतान शुल्क-मुक्त दायरे में रहेगा।

लेकिन बड़ी राशि का merchant payment होने पर भविष्य में MDR के नियम क्या होंगे, यह अंतिम व्यवस्था से स्पष्ट होगा।

रेस्टोरेंट

परिवार के साथ रेस्टोरेंट का बिल ₹3,000, ₹5,000 या उससे ज्यादा होना सामान्य है।

ऐसे में सवाल है—अगर MDR आया तो इसका खर्च कौन उठाएगा?

अभी ग्राहक से निश्चित प्रतिशत UPI शुल्क लेने का नियम लागू नहीं हुआ है। अंतिम merchant-fee व्यवस्था का इंतजार करना होगा।

मोबाइल का वार्षिक रिचार्ज भी महत्वपूर्ण

आज मोबाइल कंपनियां एक महीने या तीन महीने के साथ-साथ लंबे समय के और वार्षिक प्लान भी देती हैं।

मान लीजिए किसी कंपनी का वार्षिक मोबाइल प्लान ₹2,399, ₹2,999 या उससे अधिक है और ग्राहक UPI से भुगतान करता है।

तो क्या ₹2,000 से ज्यादा होने के कारण ग्राहक से अभी अतिरिक्त UPI शुल्क कटेगा?

नहीं। केवल राशि ₹2,000 से अधिक होने से फिलहाल ऐसा कोई निश्चित ग्राहक शुल्क लागू नहीं हुआ है।

हालांकि भविष्य की MDR व्यवस्था में मोबाइल रिचार्ज जैसे merchant payments किस श्रेणी में आएंगे, यह संबंधित नियमों पर निर्भर करेगा।

TV और DTH का सालाना पैक

टीवी देखने वाले लाखों उपभोक्ता DTH या केबल सेवा का सालाना पैक लेते हैं।

यदि किसी DTH सेवा का वार्षिक पैक ₹2,000 से ज्यादा है और भुगतान UPI से किया जाता है, तो यह भी बड़े डिजिटल भुगतान की श्रेणी में आ सकता है।

लेकिन यहां भी वही बात लागू होगी—

₹2,000 पार करने का मतलब यह नहीं कि ग्राहक से आज से कोई निश्चित UPI चार्ज लिया जा रहा है।

भविष्य में merchant MDR व्यवस्था लागू होती है तो DTH/TV कंपनियों की payment arrangement के आधार पर प्रभाव स्पष्ट होगा।

OTT और डिजिटल सब्सक्रिप्शन

आज लोग OTT, ऑनलाइन लर्निंग, डिजिटल न्यूज, क्लाउड स्टोरेज और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं के लिए सालाना प्लान लेते हैं।

इनमें से किसी सेवा का वार्षिक भुगतान ₹2,000 से ऊपर होने पर भी ग्राहक से अपने-आप कोई तय UPI शुल्क कटना अभी घोषित नहीं है।

इसलिए “हर ₹2,000 से ऊपर के ऑनलाइन भुगतान पर 0.5% कटेगा” जैसी बात को फिलहाल तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

स्कूल फीस

स्कूल फीस ₹5,000, ₹10,000 या इससे ज्यादा होना आम है।

अभिभावकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि UPI से स्कूल फीस जमा करने पर क्या अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा?

अभी इसका सीधा जवाब हां नहीं है।

स्कूल किस merchant/payment arrangement के तहत भुगतान स्वीकार करता है और भविष्य की MDR व्यवस्था किस तरह लागू होती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

कॉलेज और कोचिंग फीस

कॉलेज, कोचिंग संस्थान और अन्य शिक्षण संस्थानों की फीस अक्सर ₹2,000 से काफी ज्यादा होती है।

लेकिन केवल UPI payment ₹2,000 से ऊपर होने के कारण ग्राहक पर कोई निश्चित अतिरिक्त शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है।

रेलवे टिकट

रेलवे टिकट का भुगतान ₹2,000 से अधिक होने पर भी उसे सीधे UPI शुल्क वाला भुगतान मानना सही नहीं होगा।

रेलवे के टिकटिंग सिस्टम और payment arrangement के अपने नियम हो सकते हैं। इसलिए अंतिम MDR framework आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

सिनेमा टिकट

परिवार के चार-पांच सदस्यों की टिकट खरीदने पर कुल भुगतान ₹2,000 पार कर सकता है।

इसके बावजूद ग्राहक से अपने-आप कोई निश्चित UPI charge कटना अभी लागू नहीं हुआ है।

शराब की दुकान

शराब की सामान्य खरीदारी में ₹2,000 से कम का भुगतान होने पर मौजूदा ₹2,000 तक की शुल्क-सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

बड़ी खरीदारी में merchant payment के लिए भविष्य के नियम क्या होंगे, यह बाद में स्पष्ट होगा।

सिगरेट और गुटखा

छोटी खरीदारी में भुगतान सामान्यतः ₹2,000 से कम होता है।

इसलिए इस श्रेणी में आम ग्राहक पर इस बदलाव का तत्काल कोई बड़ा प्रभाव दिखाई नहीं देता।

₹5,000 UPI Payment पर कितना चार्ज?

यही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।

यदि भविष्य में उदाहरण के तौर पर 0.3% MDR लागू होता है तो ₹5,000 पर ₹15 और 0.5% की दर पर ₹25 की गणना होगी।

इसी तरह—

₹10,000 → ₹30 से ₹50

₹20,000 → ₹60 से ₹100

₹50,000 → ₹150 से ₹250

लेकिन ये सिर्फ संभावित दर के आधार पर गणितीय उदाहरण हैं।

0.3% या 0.5% को अभी लागू UPI शुल्क समझना गलत होगा।

दोस्त या रिश्तेदार को ₹50,000 भेजने पर?

यहां भी बड़ा भ्रम है।

अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को ₹5,000, ₹20,000 या ₹50,000 UPI से भेजता है तो इसे merchant payment के MDR के साथ जोड़ना सही नहीं है।

“₹2,000 से ज्यादा का हर UPI transaction chargeable होगा” कहना गलत निष्कर्ष है।

मुख्य चर्चा merchant payments की संभावित शुल्क व्यवस्था को लेकर है।

सबसे बड़ा सवाल—चार्ज कौन देगा?

यही इस पूरे बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

अगर भविष्य में बड़े merchant payments पर MDR लागू किया जाता है तो सवाल होगा—

व्यापारी खुद लागत उठाएगा?

Payment service provider के बीच लागत बांटी जाएगी?

या किसी रूप में यह लागत ग्राहक तक पहुंचेगी?

इसका जवाब अंतिम MDR framework आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

क्या UPI खत्म होने वाला है?

बिल्कुल नहीं।

UPI देश की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणालियों में से एक बना हुआ है।

नए बदलाव को “UPI बंद” या “हर भुगतान पर चार्ज” के रूप में देखना गलत होगा।

असल मुद्दा यह है कि ₹2,000 तक के UPI भुगतान को शुल्क से सुरक्षा दी गई है, जबकि इससे ऊपर के merchant payments के लिए भविष्य में अलग शुल्क मॉडल की संभावना बनी है।

आम आदमी के लिए सीधी बात

₹2,000 तक UPI Payment — शुल्क नहीं।

₹2,000 से ऊपर Merchant Payment — अंतिम MDR दर अभी स्पष्ट नहीं।

0.3%–0.5% — संभावित/रिपोर्टेड दर, अंतिम लागू दर नहीं।

व्यक्ति से व्यक्ति UPI Transfer — इसे merchant MDR से अलग समझें।

मोबाइल का महंगा वार्षिक पैक — अभी केवल ₹2,000 पार होने से अतिरिक्त UPI शुल्क तय नहीं।

TV/DTH का सालाना पैक — अभी निश्चित UPI charge लागू नहीं।

स्कूल-कॉलेज फीस — अंतिम merchant/payment नियमों पर निर्भर।

मॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े रेस्टोरेंट बिल — भविष्य की MDR व्यवस्था में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

UPI को लेकर इस समय सबसे ज्यादा भ्रम “₹2,000 से ऊपर भुगतान करते ही ग्राहक से चार्ज कटेगा” वाली धारणा से पैदा हो रहा है।

सच्चाई इससे अलग है।

छोटी रोजमर्रा की खरीदारी के लिए UPI की शुल्क-मुक्त सुविधा जारी है। असली बदलाव बड़े merchant payments की संभावित fee structure को लेकर है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि NPCI और संबंधित संस्थाएं MDR की दर क्या तय करती हैं, किन merchants और transactions को इसके दायरे में लाती हैं और इसका अंतिम आर्थिक बोझ किस पर पड़ता है।

यानी फिलहाल UPI को लेकर घबराने की नहीं, आने वाले नियम को समझने की जरूरत है।

हवाई नेटवर्क के विस्तार से उज्जैन बनेगा विकास और पर्यटन का नया केंद्र

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। दताना-मताना स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में उज्जैन को देश के विभिन्न हिस्सों से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

परियोजना के तहत शुरुआत में 1800 मीटर रनवे विकसित किया जा रहा है। भविष्य में यात्रियों और हवाई सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए रनवे के विस्तार की योजना भी है। इसके लिए करीब 120 एकड़ शासकीय भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।

दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास केंद्र सरकार की RCS-UDAN 5.2 योजना के तहत किया जा रहा है। एयरपोर्ट के तैयार होने से सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही उज्जैन के धार्मिक पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहले से ही देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। हवाई संपर्क के विस्तार से शहर के विकास को नई गति मिलने के साथ क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी है।

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

0
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
yogi modi modal

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

0
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...
maaldhari-family

गुजरात में मालधारी परिवारों के पुनर्वास की नई योजना: ₹15 लाख सहायता, 100 वर्ग...

0
गुजरात। गुजरात सरकार ने बर्दा वन्यजीव अभयारण्य (Barda Wildlife Sanctuary) में रहने वाले मालधारी परिवारों के स्वैच्छिक पुनर्वास के लिए नई योजना की घोषणा...
mann ki baat 1st episode

विजयादशमी के दिन शुरू हुई थी ‘मन की बात’: 3 अक्टूबर 2014 से सितंबर...

0
विशेष जानकारी | मन की बात पहले 14 मिनट के प्रसारण से 100वें एपिसोड और 2026 के आधिकारिक रेडियो आर्काइव तक की महत्वपूर्ण तारीखें। शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 अवसर विजयादशमी पहला...