सितंबर में होगा भारत-अफगानिस्तान का टी20 घमासान, तीनों मैच दिल्ली में

क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का शेड्यूल सामने आ गया है। दोनों टीमों के बीच यह सीरीज सितंबर 2026 में खेली जाएगी। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, सीरीज के तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित होंगे।

13, 15 और 17 सितंबर को होंगे मुकाबले
भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 13 सितंबर, दूसरा टी20 15 सितंबर और तीसरा एवं आखिरी मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा। यानी दोनों टीमों के बीच तीनों मैचों के बीच एक-एक दिन का अंतर रहेगा।

दिल्ली में ही होंगे सभी मैच
सीरीज के सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। ACB की ओर से संबंधित पक्षों को भेजे गए पत्र में 13 से 17 सितंबर के बीच भारत दौरे की तारीखों और वेन्यू की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन तारीखों पर BCCI की भी सहमति है।

जून में हो चुका है दोनों टीमों का आमना-सामना
इससे पहले जून 2026 में अफगानिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी। उस दौरे पर दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट और तीन वनडे मुकाबले खेले गए थे। अब टी20 सीरीज के जरिए दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी।

फैंस को अब आधिकारिक घोषणा का इंतजार
ACB की ओर से तारीखों और वेन्यू की जानकारी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को दे दी गई है, हालांकि रिपोर्ट के अनुसार इस सीरीज का विस्तृत सार्वजनिक आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। ऐसे में फैंस की नजर अब BCCI और ACB की अंतिम घोषणा पर रहेगी।

Gen Z से दोबारा संवाद करेंगे मोहन भागवत, बोले- समाज में कम हो रही अपनेपन की भावना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 15 अगस्त को एक बार फिर युवाओं और Gen Z से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम उनके हालिया Gen Z संवाद के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थी, युवा और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी।

‘हम अपनेपन की भावना भूल गए’
इससे पहले मंगलवार को मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया में दिखाई दे रहे संकटों और संघर्षों की एक बड़ी वजह यह है कि लोग ‘अपनेपन’ या जुड़ाव की भावना को भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस भावना को मजबूत किया जाए और व्यक्ति अपने व्यवहार को उसी के अनुरूप ढाले, तो दुनिया की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं।

भागवत ने कहा कि सार्वभौमिक चेतना सभी लोगों को जोड़कर रखती है। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति इस जुड़ाव को समझता है तो उसका अपने प्रति, दूसरों के प्रति और पूरी दुनिया के प्रति व्यवहार बदल जाता है।

Gen Z के साथ लगातार संवाद पर जोर
भागवत इससे पहले भी Gen Z और Gen Alpha को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी को पुरानी पीढ़ी से अधिक ईमानदार बताते हुए कहा था कि युवाओं के विरोध को देशविरोधी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं की शिकायतों को सुनने और उनके साथ संवाद करने की जरूरत पर भी जोर दिया था।

अब 15 अगस्त को होने वाला संवाद युवाओं के साथ भागवत की इसी बातचीत को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

Tiranga Yatra Bhopal: 14 अगस्त को कोलार से बैरागढ़ तक लहराएगा तिरंगा, विशाल यात्रा की तैयारियां तेज

CM डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल होंगे शामिल

भोपाल। राजधानी भोपाल में 14 अगस्त को भारत की विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होंगे। यात्रा हुजूर विधानसभा क्षेत्र के मुखर्जी नगर, कोलार से शुरू होकर संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) तक जाएगी।

यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने विधायक रामेश्वर शर्मा ने मंगलवार को कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा और पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के साथ प्रारंभ स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान मदर टेरेसा स्कूल के सामने बनने वाले मंच और यात्रा में शामिल होने वाले नागरिकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

बारिश को देखते हुए विधायक ने अधिकारियों को यात्रा के दौरान नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग पर भी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

हर साल होता है आयोजन

कर्मश्री के तत्वावधान में विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा प्रतिवर्ष अखंड भारत स्मृति दिवस के अवसर पर विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तारतम्य में आयोजित होने वाली इस यात्रा में हर वर्ष बड़ी संख्या में नागरिक उत्साह के साथ शामिल होते हैं।

यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा मंच बनाकर यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत और अभिनंदन किया जाता है। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष यह यात्रा अपनी भव्यता का नया रिकॉर्ड बनाती है।

इस बार ऐतिहासिक बनाने का दावा

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इस वर्ष की तिरंगा यात्रा इतनी विशाल होगी कि इसकी चर्चा देशभर में होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए नागरिकों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है। नागरिकों के उत्साह को देखते हुए इस बार यात्रा के ऐतिहासिक और भव्य होने की उम्मीद है।

DHARM: कोलार रोड में ‘एक शाम मेरे राम के नाम’ का 32वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ

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भोपाल। कोलार रोड स्थित सोमेश्वर महादेव एवं मनोकामेश्वर पंचमुखी हनुमान मंदिर, ललिता नगर में रविवार 9 अगस्त को ‘एक शाम मेरे राम के नाम’ श्रृंखला के तहत 32वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातन धर्म प्रेमियों ने सहभागिता की।

आयोजन के दौरान ‘राम का आधार—रामायण वितरण योजना’ के तहत 10 श्री शिव महापुराण अर्थ सहित वितरित किए गए। इसके साथ ही 51 सुंदरकांड की प्रतियां और 65 अभिमंत्रित रुद्राक्ष श्रद्धालुओं को वितरित किए गए।

कार्यक्रम में 17 सनातन धर्म प्रेमियों के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें दादाजी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता करने वाले श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ में हिस्सा लिया।

आयोजक पंडित मिथलेश गौतम ने बताया कि ‘एक शाम मेरे राम के नाम’ श्रृंखला के अंतर्गत प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में जन्मदिन के साथ-साथ वैवाहिक वर्षगांठ मनाने वाले श्रद्धालुओं का भी सम्मान किया जाता है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के प्रचार-प्रसार और सनातन संस्कृति से लोगों को जोड़ना है।

सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 लोगों की समस्याएं, अफसरों को दिए कड़े निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से उनकी शिकायतों और समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें जमीन और राजस्व विवाद, आर्थिक सहायता, इलाज, पुलिस-प्रशासन से जुड़ी शिकायतों समेत अन्य मामले शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ लोगों की बात सुनने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कजरी तीज पर व्रत रखने से पहले जानें जरूरी सावधानियां, किन महिलाओं को करना चाहिए परहेज

हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026, सोमवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं, कई स्थानों पर अविवाहित कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं।

किन महिलाओं को कजरी तीज का व्रत नहीं रखना चाहिए?
कजरी तीज का व्रत कई जगह निर्जला रखने की परंपरा से जुड़ा है। ऐसे में हर महिला के लिए लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहना उचित नहीं माना जाता। खासकर गर्भवती महिलाओं, गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं, कमजोरी या डिहाइड्रेशन की समस्या वाली महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी क्षमता के अनुसार ही व्रत रखने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा जो महिलाएं नियमित रूप से ऐसी दवाएं लेती हैं जिन्हें भोजन या पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है, उन्हें भी बिना चिकित्सकीय सलाह के निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं व्रत?
कजरी तीज केवल सुहागिन महिलाओं तक सीमित नहीं मानी जाती। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अविवाहित कन्याएं भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर मनचाहे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत कर सकती हैं। हालांकि उनके लिए निर्जला व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता और कई स्थानों पर फलाहार के साथ व्रत करने की परंपरा है।

कजरी तीज पर इन नियमों का रखें ध्यान
व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनने और व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं, जबकि माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद कजरी तीज की कथा सुनने और आरती करने की परंपरा भी है।

धार्मिक मान्यताओं में व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति माना गया है। इसलिए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाकर व्रत करना आवश्यक नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

नोट: कजरी तीज से जुड़े नियम और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं। ऊपर दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारियों पर आधारित है।

सौरव गांगुली और डोना को धमकी, पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात से बढ़ी चिंता

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया है। पत्र में कथित रूप से पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरे पत्र में सौरव गांगुली और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

घटना के बाद गांगुली परिवार की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस पत्र की सत्यता, उसे भेजने वाले व्यक्ति और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और धमकी से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन, कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा

रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन से सामने आई तस्वीरों में कुछ छात्रों के चेहरे और सिर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। छात्रों ने पुलिस पर कार्रवाई के दौरान कथित बर्बरता का आरोप लगाया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की, जिसमें कई छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है।

घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। छात्रों ने कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है।

फिलहाल पुलिस कार्रवाई और छात्रों के घायल होने को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिले।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद से समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें और लंबित मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और जनकल्याण को प्राथमिकता देना शासन की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य जनता को राहत देना और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना है।

प्रदेश में बारिश की स्थिति को लेकर सीएम डॉ. यादव की समीक्षा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में कम वर्षा और कुछ जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जिलों में बारिश की स्थिति, जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। वहीं, जिन जिलों में अधिक बारिश के कारण बाढ़ की आशंका है, वहां प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने और राहत एवं बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।

डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि या बाढ़ की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, जल निकासी की व्यवस्था तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए।

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