FASTag Deactivation Rule: आप भी चलाते हैं अपनी कार तो अभी कर लें ये काम, वर्ना अगले महीने से होंगे परेशान

FASTag Deactivation

 

FASTag Deactivation Rule: फास्टैग सभी वाहन चालकों के लिए आज के समय में जरूरी हो गया है. इससे पैसे और समय दोनों की बचत होती है. बिना फास्टैग वाले वाहनों को पहले तो हर टोल प्लाजा पर ज्यादा समय लगता है, वहीं कई बार उन्हें ज्यादा टोल भी भरना पड़ जाता है. अगर आप भी कार लेकर चलते हैं तो फास्टैग के फायदों से जरूर अवगत होंगे. हालांकि कई मामलों में लोग कुछ लापरवाही भी करते हैं, जो अब भारी पड़ने वाली है. फास्टैग से जुड़े नियमों में नए महीने से कुछ बदलाव हो रहे हैं.

एनएचएआई ने फास्टैग पर की सख्ती

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने फास्टैग को लेकर सख्ती की है. एनएचएआई ने सभी फास्टैग ग्राहकों से केवाईसी की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए कहा है. एनएचएआई ने कहा है कि सभी फास्टैग यूजर अपने सबसे नए फास्टैग की केवाईसी पूरी करा लें, क्योंकि पर्याप्त केवाईसी नहीं कराए जाने पर बैंक अब फास्टैग को डिएक्टिवेट व ब्लैकलिस्ट करने वाले हैं.

अब बस दो सप्ताह का बचा है समय

अधूरी केवाईसी वाले फास्टैग को ब्लैकलिस्ट या डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया 31 जनवरी के बाद शुरू हो जाएगी. बैंक उन फास्टैग को भी डिएक्टिवेट कर देंगे, जिनमें पर्याप्त बैलेंस तो है, लेकिन केवाईसी पूरी नहीं है. आज 17 जनवरी हो चुका है. मतलब अब बस दो सप्ताह का ही समय बचा है. ऐसे में आपको बिना देरी किए अपने फास्टैग की केवाईसी करा लेनी चाहिए.

ऐसे यूजर भी होने वाले हैं परेशान

अगले महीने से वैसे यूजर को भी परेशानी होने वाली है, जिन्होंने कई फास्टैग ले रखा है. एनएचएआई ने ‘वन व्हीकल, वन फास्टैग’ मुहिम की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य एक ही कार से कई फास्टैग को लिंक करने या एक ही फास्टैग का इस्तेमाल कई कार के लिए करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करना है.

ऐसे करें अपने फास्टैग की केवाईसी

सबसे पहले https://fastag.ihmcl.com/ पर जाएं
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से लॉगइन करें
डैशबोर्ड मेन्यू में माय प्रोफाइल ऑप्शन को ओपन करें
माय प्रोफाइल ऑप्शन में केवाईसी का स्टेटस चेक करें
केवाईसी पूरी नहीं रहने पर केवाईसी सब-सेक्शन में जाएं
जरूरी जानकारियों के फील्ड को भरें
आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और फोटो जमा करें
इसके बाद सबमिट ऑप्शन पर क्लिक कर दें

MP Health Department: स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति प्राथमिकता से करें पूर्ण – उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

vacant posts of Health Department

 

आयोजित परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र जारी करने के निर्देश

MP Health Department: भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि स्वास्थ्य विभाग के स्वीकृत पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं की अविलंब पूरा करें। स्वीकृत पद के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा परीक्षा आयोजित की जा चुकी हैं। उनके अंतिम परिणाम जारी करने के संबंध में विभागीय सामंजस्य के विषयों को प्राथमिकता से निराकृत करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में बैठक ली।

स्वास्थ्य विभाग का अमला पूरी आबादी से संबंधित

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति का कार्य कर्मचारी चयन मंडल प्राथमिकता के साथ करे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेवाभाव से कार्य करें क्योंकि स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक मेडिकल स्टाफ़ संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम हैं, प्रदेश की पूरी आबादी से संबंधित हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि विभागीय सामंजस्य के विषयों में संबंधित अधिकारी प्राथमिकता से नियमित संपर्क कर निराकरण कराना सुनिश्चित करें। उप मुख्यमंत्री ने एएनएम के 2576 पद, रेडियोग्राफ़र के 140 पद, लैब टेक्नीशियन के 265 पद और फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 472 पद कुल 3453 पद के परिणाम कर्मचारी चयन मंडल द्वारा शीघ्र जारी किए जाने के लिए कहा।

नवीन स्वीकृत पदों की मांग शीघ्र प्रेषित करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नवीन स्वीकृत पदों के संबंध में लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मंडल को शीघ्र मांग प्रेषित करने के निर्देश दिये, जिससे भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जा सके। उल्लेखनीय है कि बैकलॉग और नवीन स्वीकृत पद मिलाकर विशेषज्ञ के 441 पद, चिकित्सा अधिकारी के 470 पद और दंत चिकित्सक के 156 पदों पर भर्ती के लिये लोक सेवा आयोग को मांग प्रेषित की जानी है। उप मुख्यमंत्री ने एनएचएम द्वारा भर्ती किए जाने वाले स्वास्थ्य स्टाफ के पदों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की नियुक्ति के संबंध में वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिये।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल श्री मलय श्रीवास्तव, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. सुदाम खाड़े, मिशन संचालक एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास, संचालक कर्मचारी चयन मंडल शणमुख प्रिया मिश्रा, संचालक स्वास्थ्य श्री दिनेश श्रीवास्तव एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

MP Cabinet: संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) से 20 जनवरी को आरंभ होगा बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का कार्य

remove BRTS corridor

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में ली बैठक

MP Cabinet: भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने संबंधी बैठक में बताया गया कि कॉरिडोर हटाने का कार्य संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) से 20 जनवरी को आरंभ किया जाएगा। अगले तीन माह में चरणबद्ध रूप से शहर के सभी भागों से बीआरटीएस कॉरिडोर हटा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीआरटीएस कॉरिडोर यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए हटाए जा रहे हैं। कॉरिडोर हटाने का कार्य रात में किया जाए और पुलिस से समन्वय करते हुए कॉरिडोर हटाने की संपूर्ण अवधि में शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने के संबंध में मंत्रालय में बैठक ले रहे थे।

कॉरिडोर हटाते समय जनसामान्य की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीआरटीएस कॉरिडोर में सामान्य यातायात आरंभ करने के लिए भी ट्रैफिक पुलिस के साथ आवश्यक समन्वय कर कार्ययोजना बनाई जाए। विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैफिक के अधिक दबाव के समय व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से इन कॉरिडोर का उपयोग तत्काल आरंभ किया जाए। कॉरिडोर हटाते समय प्रयास यह हो कि सर्विस लेन आदि का उपयोग करते हुए ट्रेफिक का संचालन बनाए रखा जाए।

बीआरटीएस कॉरिडोर हटने के बाद आवागमन के लिए 6 लेन की सुविधा उपलब्ध होगी

उल्लेखनीय है कि बीआरटीएस कॉरिडोर के मिसरोद से एम्प्री तक 6.4 किलोमीटर, रोशनपुरा से कमला पार्क तक 1.42 किलोमीटर, कलेक्ट्रेट कार्यालय से लालघाटी तक 1.73 किमी और हलालपुर से सीहोर नाका (बैरागढ़) तक 3.81 किलोमीटर तक 4 भाग हैं। हलालपुर से सीहोर नाका (बैरागढ़) तक बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने की कार्रवाई लोक निर्माण विभाग द्वारा की जाएगी। शेष तीन भागों में नगर निगम भोपाल कॉरिडोर हटाएगा। कॉरिडोर हटने के बाद आवागमन के लिए 6 लेन की सुविधा उपलब्ध होगी। पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों की बैठक में भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने पर सहमति बनी थी।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखवीर सिंह, प्रमुख सचिव श्री निकुंज श्रीवास्तव, संभागायुक्त भोपाल डॉ. पवन कुमार शर्मा सहित जिला प्रशासन तथा नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Ayodhya News: 22 जनवरी का प्राण प्रतिष्ठा समारोह रोकने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका

consecration ceremony

 

Ayodhya News: प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर रोक लगाने की मांग की गई है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले भोला दास ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में शंकराचार्यों द्वारा उठाई गई आपत्ति का जिक्र किया गया है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह रोकने के लिए दी ये दलील

याचिकाकर्ता ने लिखा है कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। निर्माणाधीन मंदिर में राम लला की मूर्ति स्थापित की जाएगी। यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। शंकराचार्यों को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर आपत्ति है। पौष महीने में कोई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है। मंदिर अभी भी अधूरा है। अधूरे मंदिर में किसी भी देवता की प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती है।

 

MP CM Cabinet: कैबिनेट प्रारंभ, पीएम जनमन योजना का प्रस्तुतीकरण, बजट में प्रविधान

Cabinet inauguration

 

MP CM Cabinet: भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आरंभ हुई। इसमें पीएम जनमन योजना को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में तय किया गया कि सभी मंत्री अपने गृह जिले में करेंगे 26 जनवरी को झंडा वंदन।

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहारिया को आवास मिलेंगे

उल्‍लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहारिया को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में प्रविधान किया जाएगा।

पीएम जनमन योजना से जुड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में पीएम जनमन योजना से जुड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा। केंद्र सरकार की इस योजना में 40 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार का रहेगा। इसमें योजना के लिए राज्य बजट में प्रविधान किया जाएगा।

विभागीय जांच संबंधी प्रस्तावों पर भी निर्णय संभव

जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों द्वारा योजना को लेकर बैठक में प्रस्तुतीकरण भी दिया जाएगा। इसके अलावा कुछ विभागीय जांच संबंधी प्रस्तावों पर भी बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।

 

Chhindwara News: कांग्रेस के महापौर एवं जनप्रतिनिधि अपनी नाकामी को छुपाने के लिए कर रहे है ढोंग

Congress mayor and public

 

Chhindwara News: छिंदवाड़ा :- नगर निगम नेता प्रतिपक्ष विजय पांडे, भाजपा मंडल अध्यक्ष रोहित पोफली, अंकुर शुक्ला एवं पार्षदगणों की उपस्थिति में प्रेसवार्ता हुई । नगर निगम नेता प्रतिपक्ष विजय पांडे प्रेसवर्ता में मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि महापौर और कांग्रेस की परिषद अपनी नाकामी को छुपाने के लिए भारतीय जनता पार्टी पर झूठा आरोप लगा रहे है । जबकि नगर की जनता ने नगर निगम में कांग्रेस का महापौर एवं कांग्रेस पार्षदों को छिंदवाड़ा के विकास के लिए जिताया है और ये कांग्रेस के सांसद, विधायक, महापौर एवं कांग्रेस पार्षद सभी मिलकर भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का पलीता लगाने का काम कर रहे है और स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत केन्द्र सरकार से जो राशि आई थी उस राशि में अनावश्यक रूप से कचरा गाड़ी खरीदी गई एवं राशि का बंदरबाट किया गया और पुरानी गाड़िया जो सुधरने के लिए वर्कशाप में गई है लेकिन नगर निगम से भुगतान नहीं होने के कारण वर्कशाप एजेंसी ने गाड़ी जप्त कर ली है । केन्द्र सरकार से स्वच्छता अभियान के लिए 7 करोड़ की राशि आई थी जिसे एमआईसी से प्रस्ताव स्वीकृत कराना था जो कि महापौर के द्वारा फाईल रोकी गई थी उपर से अधिकारियों को फटकार लगने के बाद आनन फानन में एमआईसी मेम्बरों से स्वीकृत कराई गई । कांग्रेस के महापौर, अध्यक्ष और सभापति नहीं चाहते कि छिंदवाड़ा का चहुंमुखी विकास हो और स्वच्छता सर्वेक्षण में छिंदवाड़ा नम्बर 1 आए । इसके पहले भाजपा के शासनकाल में लगातार 5 स्टार रेटिंग के साथ नगर निगम छिंदवाड़ा था जिसे अब महापौर स्वयं स्वास्थ्य विभाग जिम्मा सम्भाल रहे है स्वच्छता सर्वेक्षण में छिंदवाड़ा नगर निगम पिछड़ रहा है । विजय पांडे ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कायाकल्प योजना अंतर्गत 12 करोड़, मुख्यमंत्री अद्योसंरचना अंतर्गत 14 करोड़ रूपये राशि छिंदवाड़ा के विकास के लिए आवंटित की गई है । अमृत 02 अंतर्गत 65 करोड़ स्वीकृत है । भाजपा की मध्यप्रदेश केन्द्र की सरकार लगातार छिंदवाड़ा के विकास के लिए राशि आवंटित कर रही है किंतु कांग्रेस के जनप्रतिनिधि अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने में लगी है और छिंदवाड़ा की जनता की कोई फिक्र नहीं है और गुमराह करने का काम कर रहे है । इस अवसर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती गरिमा दामोदर, पीजी कॉलेज जनभागीदारी अध्यक्ष भरत घई, पार्षद संदीप सिंह चौहान, राहुल उईके, बलराम साहू, माइकल पहाड़े, कृपाशंकर सूर्यवंशी, अरूण गद्रे, तरूण सोनी उपस्थित रहे ।

 

Chhindwara News: एथेनाल कंपनियों को भाया कार्न सिटी का मक्का, रेट बढ़ने से किसानों के चेहरे पर आई रौनक

Ethanol companies

 

Chhindwara News: छिंदवाड़ा। मक्के की बंपर पैदावार के बाद भी सीजन में कम रेट मिलने से कार्न सिटी छिंदवाड़ा के किसानों के चेहरे मुरझा गए थे, लेकिन अब फिर रौनक लौट आई है। ऐसा एथेनाल बनाने वाली बालाघाट व गुरुग्राम की कंपनियों द्वारा यहां के मक्के की खरीदी के लिए आगे आने के कारण हुआ है। मक्के की पूछ-परख बढ़ गई है और दाम 2265 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।

अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रतीक शुक्ला ने बताया कि जिले में इस साल आठ लाख क्विंटल मक्के की पैदावार हुई है। एथेनाल कंपनियों के अलावा शहर में स्टार्च फैक्ट्रियां भी मक्का खरीद रही हैं। दिसंबर तक मक्का की पूछ परख कम हो चुकी थी, लेकिन जनवरी से उसके दाम में काफी इजाफा हो गया।

दो जनवरी को कृषि उपज मंडी में जिस मक्का के अधिकतम दाम 2123 रुपये प्रति क्विंटल थे, अब वही मक्का 142 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 2265 रुपये तक बिक रहा है। छिंदवाड़ा शहर में भी स्टार्च फैक्ट्रियों ने सीधे किसानों से मक्का लेना शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा जिले को कार्न सिटी का तमगा हासिल है। मक्का का बंपर उत्पादन होने के कारण छिंदवाड़ा में साल 2018 और 2019 में कार्न फेस्टिवल का आयोजन किया गया था, जिसमें देश और विदेश से कृषि वैज्ञानिकों के अलावा कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। इस वर्ष मक्के का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर रहा।

MP News: नासिक राष्ट्रीय युवा उत्सव में मप्र ने जीते दो पदक

Nashik National Youth

 

MP News: भोपाल। नासिक में 12 से 16 जनवरी तक आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय युवा स्तर में मध्यप्रदेश के 110 प्रतिभावान युवाओं के दल ने प्रतिभागिता की। राष्ट्रीय युवा उत्सव नासिक में भोपाल की उमा वर्मा को लोकगीत के लिए द्वितीय स्थान स्थान मिला। मध्यप्रदेश के दल ने समूह लोकगीत, एकल लोकगीत, समूह लोकनृत्य, एकल लोकनृत्य, भाषण प्रतियोगिता, कहानी लेखन, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और फोटोग्राफी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भोपाल की उमा वर्मा को उनके लोकगीत पणीहारी गीत (चल बावड़ी में पानी सैयां कुन तो भरे) उमा वर्मा द्वारा प्रस्तुत गीत में पति-पत्नी के संबंध को व्यक्त किया गया है। इस गीत में नायिका अपने नायक से कहती है कि जो बावड़ी है वह घर से बहुत दूर है इस कारण नायिका को पानी भरने में बहुत परेशानी होती है अत: नायिका अपने नायक से घर के पास ही कुआं खुदवाने के लिए कहती है। ताकि वह आसानी से पानी भर सके।

 

भाषण प्रतियोगिता में ग्वालियर की शिखा सिकरवार राष्ट्रीय युवा उत्सव में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। शिखा सिखरवार को सामाजिक आर्थिक, राजनैतिक क्षेत्र में आज तक भारत में आई समस्यायें एवं वर्तमान में लिए गए समाधान व उपलब्धियाें का स्मरण कर विकसित भारत का संकल्प विषय पर भाषण देना था। शिखा के ओजपूर्ण भाषण को राष्ट्रीय युवा उत्सव में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। खेल और युवा कल्याण विभाग विश्वास कैलाश सारंग ने मप्र के दोनों युवा कलाकराें को बधाई दी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने युवा उत्सव में हिस्सा लेने वाले युवाओं से मुलाकात की थी और उनका उत्साहवधर्न कर कलाकाराें को हरी झण्डी दिखाकर नासिक रवाना किया था।

MP News: रातापानी अभयारण्य को मध्य प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व बनाने में जुटी सरकार

Ratapani Sanctuary the eighth

 

Ratapani Sanctuary Bhopal: भोपाल। रातापानी अभयारण्य को मध्य प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के समक्ष इसके लिए प्रस्तुतीकरण दिया है।

कंसोटिया ने कहा है कि फिलहाल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व में बसे ग्रामों के विस्थापन एवं इको सेंसेटिव जोन से प्रभावित ग्रामों के बारे में हल निकाला जाए, उसके बाद इस नए टाइगर रिजर्व को बनाने पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि राताापनी अभयारण्य तीन जिलों भोपाल, सीहोर एवं रायसेन-औबेदुल्लागंज के वनमंडलों में आता है तथा इसमें वर्तमान में करीब 56 बाघ विचरण कर रहे हैं। इसे टाइगर रिजर्व बनाने के लिए वन विभाग लंबे समय से प्रयास कर रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार के बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने भी इसकी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

बुधनी के गांव होते प्रभावित, इसलिए शिवराज नहीं थे सहमत

पिछली सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास कार्य प्रभावित होने के कारण इसे टाइगर रिजर्व बनाने में सहमति नहीं दी थी। टाइगर रिजर्व बनने से बुधनी के गांव प्रभावित होते। इसलिए शिवराज ने ग्रामीणों से सलाह लेने के बाद ही टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया पर विचार करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, उसके बाद यह प्रस्ताव फाइलों में बंद हो गया।

अब नए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने की स्वीकृति लेने के लिए वन विभाग ने पुनः प्रयास प्रारंभ शुरू कर दिए हैं। प्रस्तुतीकरण में वन विभाग ने इस बार प्रस्तावित रातापनी टाइगर रिजर्व का कोर एरिया कम कर दिया है। कोर एरिया में तीन वन ग्राम एवं 12 राजस्व ग्राम ही आ रहे हैं, जबकि बफर एरिया में 20 ग्राम हैं।

HDFC Bank : तीसरी तिमाही में 33% बढ़ा एचडीएफसी बैंक का मुनाफा, 16,372 करोड़ रुपये रहा नेट प्रॉफिट

HDFC Bank's profit increased by 33

HDFC Bank: निजी क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं. और तीसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा 33.5 फीसदी के उछाल के साथ 16,372 करोड़ रुपये रहा है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 12,259 करोड़ रुपये रहा था.

 

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम 28,470 करोड़ रुपये रहा है जो पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 22,990 करोड़ रुपये रहा था. तीसरी तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.26 फीसदी रहा है जो बीते साल 1.23 फीसदी रहा था. जबकि नेट एनपीए 0.31 फीसदी रहा है जो पिछले वित्त वर्षके समान तिमाही में 0.33 फीसदी रहा था.

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक का डिपॉजिट्स 27.7 फीसदी के उछाल के साथ 28.47 लाख करोड़ रुपये रहा है जबकि वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में 22.29 लाख करोड़ रुपये रहा था. करंट अकाउंट डिपॉजिट्स 5.79 लाख करोड़ रुपये रहा है जबकि सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 2.58 लाख करोड़ रुपये रहा है.

एचडीएफसी बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी के आपस में विलय के बाद ये दूसरी तिमाही है  जब नए स्वरुप में एचडीएफसी बैंक ने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं. हालांकि एचडीएफसी बैंक के तिमाही नतीजे शेयर बाजार के रास आता है या नहीं ये बुधवार को बाजार खुलने पर ही पता लगेगा. क्योंकि एचडीएफसी बैंक के नतीजे मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद घोषित हुए हैं.

अच्छे नतीजे की उम्मीद में हाल के दिनों में एचडीएफसी बैंक के स्टॉक में बीते तीन महीने में अच्छी तेजी देखने को मिली है. स्टॉक में 10 फीसदी तक का उछाल आया है. 26 अक्टूबर 2023 को स्टॉक 1460 रुपये के लेवल तक नीचे जा फिसला था. इस लेवल से स्टॉक ने अच्छी रिकवरी दिखाई है. मंगलवार को बाजार बंद होने पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.38 फीसदी के उछाल के साथ 1679 रुपये पर बंद हुआ है. एचडीएफसी बैंक के शेयर में जोरदार उछाल के चलते पिछले दिनों बैंक निफ्टी लाइफटाइम 48636 के लेवल को छूने में कामयाब रहा है.

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