PC Jeweller को NCLT से बड़ी राहत, एसबीआई से 1180 करोड़ रुपये के कर्ज निपटारे के मामले में मिला और वक्त

PC Jeweler gets big

 

PC Jeweller Debt: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने ज्वैलरी ब्रांड पीसी ज्वैलर्स को भारतीय स्टेट बैंक से 1180 करोड़ रुपये के कर्ज के निपटारे के मामले में और वक्त दे दिया है. ऐसे में कंपनी को कर्ज के भुगतान के मामले में 20 दिन का और अतिरिक्त समय मिल गया है. पीसी ज्वैलर्स और एसबीआई के बीच चल रही समझौता बातचीत को देखते हुए NCLT ने दोनों पक्षों को मामले को पूरा करने के लिए 29 जनवरी, 2024 तक का वक्त दिया है.

क्या है पूरा मामला?

भारतीय स्टेट बैंक ने कंपनी को 1180 करोड़ रुपये के कर्ज वापस न करने के मामले में जून 2023 में राष्‍ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में घसीटा था. बैंक ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने और कर्ज की वसूली को लेकर अपील दायर की है.

कंपनी पर है इतना कर्ज

पीसी ज्वैलर्स पर भारतीय स्टेट बैंक समेत अलग-अलग बैंकों का 3,278 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें एसबीआई का सबसे बड़ा हिस्सा है. कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 530 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक का 478 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक का 226 करोड़ रुपये का कर्ज उठाया है. कंपनी ने पिछली सुनवाई में NCLT को यह जानकारी दी थी कि उसने अलग-अलग बैंकों के कर्ज के एक बड़े हिस्से का निपटारा अगले तीन साल में कर दिया जाएगा. इसमें 2,200 करोड़ के कर्ज को वापस लौटाने की बात कही गई है. इसके साथ ही कर्ज के साथ ही 8.5 फीसदी देय ब्याज दर भी दिया गया है.

SBI ने जब्त कर ली थी संपत्ति

कंपनी ने ट्रिब्यूनल को यह भी जानकारी दी है कि मार्केट में लिस्टेड कंपनी होने के नाते अग्रिम राशि को दोगुना करने जा रही है, जिससे वह कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर सके. इससे पहले नवंबर 2023 में स्टेट बैंक ने अपने बकाये की वसूली के लिए कंपनी की दो आवासीय संपत्ति को जब्त कर लिया था. पीसी ज्वैलर्स की स्थापना पीसी गुप्ता, अमर चंद गर्ग और बलराम गर्ग द्वारा की गई थी. यह देश में प्रीमियम ज्वैलरी ब्रांड है जो सोने, चांदी , रत्न, आभूषण के साथ डायमंड की ज्वैलरी भी बेचती है.

Suchana Seth: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, सूचना सेठ ने तौलिये या तकिए से घोंटा था मासूम बेटे का गला

Suchana Seth

 

बेंगलुरु। 39 वर्षीय सीईओ सूचना सेठ ने अपने 5 साल के बेटे का गला घोंटने के लिए संभवत: तौलिये या तकिए का इस्तेमाल किया। यह खुलासा मासूम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है।

 

डॉक्टरों के मुताबिक, मासूम को मौत गला घोंटने से हुई है। बता दें, सूचना सेठ की शादी 2010 में हुई थी, लेकिन 2019 में उसका पति से तलाक हो गया था। दोनों के बेटे को लेकर कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि बेटा मां के पास रहेगा, लेकिन हर रविवार को पिता उससे मिल सकेंगे।

इस बार भी पिता को बेटे से मिलना था। इससे पहले ही सूचना ने बेटे को मौत के घाट उतारने का फैसला कर लिया। वह बेटे को लेकर गोवा पहुंची। वहां एक सर्विस अपार्टमेंट में कमरा किराए से लिया और बेटे की हत्या कर दी।

इसके बाद शव को सूटकेस में भरकर बेंगलुरु ले जा रही थी। तभी पुलिस ने पकड़ लिया। बेटे का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। सूचना मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है, जिसने केरल के शख्स से शादी की थी।

 

घटना के वक्त पिता जकार्ता में था। उनके लौटने पर आज अंतिम संस्कार होगा। महिला को कल गोवा के मापुसा शहर की एक अदालत में पेश किया गया था, जहां उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह और उसका पति अलग हो चुके हैं और उनके तलाक की कार्यवाही चल रही है। सेठ के लिंक्डइन पेज के अनुसार, वह स्टार्ट-अप माइंडफुल एआई लैब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं और 2021 के लिए एआई एथिक्स में शीर्ष 100 शानदार महिलाओं में से एक थीं।

Ladli Bahna Yojana: सीएम डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहनों के खाते में ट्रांसफर किए 1250 रुपये, मकर संक्रांति उत्सव का किया शुभारंभ

Ladli Bahna Yojana

 

Ladli Bahna Yojana: भोपाल। प्रदेश में पूर्ववर्ती शिवराज सरकार द्वारा शुरू की गई लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं के खातों में आज नई किश्त पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए 1,576 करोड़ रुपये लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के अंतर्गत बहनों को ₹1576 करोड़ एवं हितग्राहियों को ₹341 करोड़ की पेंशन व आर्थिक सहायता के अंतरण कार्यक्रम का शुभारम्भ कन्याओं का पूजन कर किया।

इसके साथ ही प्रदेश के 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 341 करोड़ रुपये की पेंशन व आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। सीएम मोहन यादव दोपहर करीब 12 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार पहुंचे और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण सप्ताह प्रारंभ हो गया, जो 15 जनवरी तक चलेगा। इसमें जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। महिला सशक्तीकरण एवं युवा ऊर्जा पर केंद्रित इस उत्सव की शुरुआत मुख्यमंत्री ने महिलाओं को उपहार में कंगन और मिठाई देकर की। इसे मकर संक्रांति उत्सव नाम दिया गया है।

 

महिला सशक्तीकरण सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तर पर लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली ग्राम पंचायतों, प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित बालिकाओं का सम्मान, उल्लेखनीय कार्य करने वाले शौर्य दल के सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ऐसी बालिकाएं, जिनके द्वारा सूचना देकर स्वयं का बाल विवाह रुकवाया हो, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

नारी सशक्तीकरण में नहीं छोड़ेंगे कसर – मोहन यादव

इस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा – “महिला सशक्तिकरण, हमारा प्रण”। प्रदेश में आज से मकर संक्रांति उत्सव की शुरुआत हो रही है और मुझे प्रसन्नता है कि पहले दिन हम ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के अंतर्गत 1.29 करोड़ बहनों को ₹1576 करोड़ की सहायता प्रदान करने जा रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में विगत 10 वर्षों में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। यही वजह है कि आज देश की नारी शक्ति किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। मेरी बहनों, मेरा आपसे यह वादा है कि आपके सशक्तीकरण में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

8 जनवरी 1026 सोमनाथ की लूट हुई, 50 हजार पुजारियों और भक्तों ने बलिदान दिया

 

–रमेश शर्मा

इतिहास में कुछ तिथियाँ और उनमें घटी घटनायें ऐसी हैं कि जिनके स्मरण से आज भी रोंगटे होते हैं । ऐसी ही एक घटना हैं गुजरात के सोमनाथ मंदिर की लूट और वहां उपस्थित श्रद्धालुओं की सामूहिक हत्या काँड ।
सोमनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक है । मान्यता है कि उसकी स्थापना भगवान् परशुराम जी ने की थी । यह मंदिर पूरे विश्व के आकर्षण का केन्द्र रहा । संपूर्ण एशिया ही नहीं यूनान और रोम से भी पर्यटकों के सोमनाथ आने का वर्णन इतिहास में मिलता है । नौवीं शताब्दी से पहले यह मंदिर यदि विश्व भर के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहा तो नौवीं शताब्दी के बाद लुटेरों और आतताइयों के लालच का केन्द्र भी यह मंदिर रहा । मध्यकाल का इतिहास लूट, विध्वंस और हत्याकांड से भरा हुआ है । पर मेहमूद गजनवी की लूट इतनी बीभत्स और क्रूरतम थी कि उसका वर्णन हृदय को विदीर्ण कर देता है ।
सोमनाथ मंदिर में लूट और विध्वंस की यह घटना 8 जनवरी 1026 की है । उस दिन लुटेरे मेहमूद गजनवी और उसकी फौज ने केवल संपत्ति लूटकर सोमनाथ मंदिर का विध्वंस नहीं किया था बल्कि वहां उपस्थित एक भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा था । वह या तो उन्हें मार गया था या उन्हें बंदी बनाकर अपने साथ ले गया था । यही हाल स्त्रियों का किया था । उन्हें भी या तो क्रूरता की मौत मिली या बंदी बनाकर ले जाईं गईं । बाद में इन सभी बंदियों को गुलामों के बाजार में बेचा गया ।
सोमनाथ मंदिर में विध्वंस पहला या अंतिम नहीं था । इससे पहले भी विध्वंस हुआ और बाद में भी । लेकिन यह विध्वंस क्रूरता की पराकाष्ठा थी इसलिये केवल इसी को याद किया जाता है ।
सोमनाथ मंदिर की पहली लूट सिंध में तैनात अरब के गवर्नर जुनायद ने की थी । यह गवर्नर जुनायद वही था जो सिंध पर मोहम्मद बिन कासिम की फतह के बाद तैनात हुआ था । सिन्ध से चलकर जुनायद समुद्री रास्ते से सोमनाथ आया था और सीधा हमला बोला । उसने मंदिर विध्वंस किया संपत्ति लूटी और लौट गया । उसने हमला अचानक बोला था । जुनायद ने हत्या वही की जो उसके रास्ते में आया । उसका उद्देश्य केवल संपत्ति लूटना और महिलाओं का हरण करना था । वह तेजी से लौट गया । उसके जाते ही मंदिर का पुनरुद्धार गुजरात के शासक नागभट्ट ने किया और मंदिर पुनः अपने वैभव पर लौट आया । इसके बाद दूसरा और भयानक हमला मेहमूद गजनवी ने बोला । इस लूट और विध्वंस का वर्णन भारतीय इतिहास में कम और अल्बरूनी के वर्णन में अधिक मिलता है । अल्बरूनी मेहमूद के लगभग हर अभियान में साथ रहा । बाद में जो भी लिखा गया उसका आधार अल्बरूनी का ही वर्णन है । अल्बरूनी ने न केवल लूट और विध्वंस का वर्णन किया है बल्कि लूट और आक्रमण की रणनीति का उल्लेख किया है । इस वर्णन के अनुसार मेहमूद ने अपने कुछ एजेन्ट पहले भेज दिये थे जो वेश बदल कर रहते थे । ये लोग हर समूह में फैल गये थे, हर वेष में रहते थे । पुजारियों के रूप में भी यात्रियों के रूप में भी और व्यापारियों के वेष में भी और उन्होंने पूरी जमावट कर ली थी । कुछ फकीरों के वेष में भी थे । यही नहीं मेहमूद ने एक नजूमी को भी भेजा था । नजूमी यनि भविष्य बताने वाला । जब मेहमूद ने सोमनाथ पर आक्रमण किया तब गुजरात में भीमदेव का शासन था । राजा भीमदेव ज्योतिष पर बहुत भरोसा करता था । इसकी सूचना मेहमूद गजनवी को थी । उसने इसका लाभ उठाया । नजूमी के रूप में जिसे भेजा गया था वह जासूस था और अनेक भाषाएँ जानता था । उस ने राजा को चौबीस घंटे रुक कर मुक़ाबला करने की सलाह दी थी और कहा कि चौबीस घंटे तक कालग्रास योग है । यह मेहमूद की योजना थी । वह रास्ते में युद्ध लड़ना नहीं चाहता था और पूरी शक्ति के साथ सीधे सोमनाथ पहुंचना चाहता था । इसलिए उसने जो मार्ग चुना था वह लंबा जरूर था पर भारतीय रियासतों के किनारे से निकला था । उसने रास्ते में केवल दो स्थानों में युद्ध लड़ा । बाकी जगह रसद और भेंट लेकर आगे बढ़ता रहा । उसकी योजना थी कि गुजरात की धरती पर भी युद्ध न लड़ना पड़े । वह पूरे रास्ते सुरक्षात्मक युद्ध करते ही आगे बढ़ा था । युद्ध टालने के लिये ही उसने राजा के पास नजूमी को भेजने की योजना बनाई थी । गुजरात के राजा ने चौबीस घंटे रुकने की बात मानी । और रुक गया । मेहमूद ने इस समय का फायदा उठाया और सीधा सोमनाथ धमक गया । राजा को मूहमूद के आने की सूचना थी । पर सूचना यह भी थी कि हमला गुजरात पर होगा । इसलिये सेना की सुरक्षा राजधानी में मजबूत की गयी और अधिकांश सेना राजधानी की सुरक्षा में लगा दी गयी । मंदिर की सुरक्षा के लिये न सेना पहुंच ही सकी और न ध्यान ही गया ।
उस दिन वहां कोई उत्सव चल रहा था । श्रृद्धालुओ की भारी भीड़ थी । मेहमूद की सेना ने मंदिर से पहले वीरावल पर धावा बोला और वह मार्ग छोड़ दिये जो मंदिर की ओर जाते थे । उन दिनों वीरावल व्यापारियों की बस्ती थी । मेहमूद चाहता था कि वीरावल के व्यापारी भी अपना मालमत्ता लेकर मंदिर में छुपने के लिये भाग जायें । हुआ भी वही । वीरावल में लूट मचाकर मेहमूद ने मंदिर परिसर को चारों और से घेरा ताकि कोई बाहर न निकल सके । तब मंदिर के भीतर कोई पचास हजार से अधिक स्त्री पुरुष और बच्चे एकत्र थे । इनमे उत्सव में भाग लेने आये लोगों के अतिरिक्त वीरावल के व्यापारी भी थे जो छुपने के लिये मंदिर परिसर आ गये थे । यह आकड़े भी अल्बरूनी ने ही लिखे हैं । अल्बरूनी के अनुसार गजनवी के सिपाही आँधी की तरह टूट पड़े । जिनकी संख्या पाँच हजार थी । सबसे पहले कत्ले-आम शुरू हुआ । फिर दस्ता शिवलिंग की ओर गया । इस दस्ते ने शिवलिंग का विध्वंस किया । वहां जितने लोग थे सबको यातनायें देकर धन एकत्र किया गया । पहले पुरूषों और बच्चो को मारा फिर महिलाओं पकड़ा गया । शायद ही कोई महिला ऐसी बची हो जिसके साथ बलात्कार न हुआ हो । सैकड़ो महिलाओं को पशुओं की भांति बांधकर ले जाया गया जिन्हे बाद में गुलामों के बाजार में बेचने के लिये भेज दिया गया ।
इस विध्वंस के बाद गुजरात के राजा भीमदेव और धार के राजा भोज ने जीर्णोद्धार कराया ।
लेकिन सोमनाथ में गजनवी की लूट अंतिम नहीं थी । इसके बाद दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने 1297 में लूट की विध्वंस किया । फिर 1397 में गुजरात के सूबेदार मुजफ्फर शाह ने लूटा, फिर 1442 में अहमद शाह ने । औरंगजेब के हमले को सोमनाथ मंदिर ने दो बार झेला । एक बार 1665 में और दूसरी बार 1706 में । जो मेहमूद ने किया वही औरंगजेब ने दोहराया ।
इस समय जो सोमनाथ मंदिर दिख रहा है इसका श्रेय के एम मुंशी और सरदार वल्लभ भाई पटेल को जाता है । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुविख्यात लेखक और नेहरूजी की केबिनेट में मंत्री रहे के एम मुंशी जी ने पहली बार भग्न सोमनाथ के दर्शन 1922 में किये थे तभी उनके मन में संकल्प आया जो 1955 में पूरा हुआ । इसका वर्णन उन्होंने अपनी पुस्तक “पिलग्रिमेज टू फ्रीडम” में किया है । उन्होंने अपनी इस पुस्तक में एक कैबिनेट बैठक के बाद नेहरूजी से हुई बातचीत का भी विवरण दिया है जिसमें नेहरूजी ने सोमनाथ के जीर्णोद्धार के प्रति अपनी असहमति जताई थी । लेकिन उनके अभियान को राष्ट्रपति डा राजेन्द्र प्रसाद का समर्थन मिला और अभियान पूरा हुआ ।

Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव में भी काफी पुराने चेहरों को उतारने से भाजपा करेगी परहेज

BJP will avoid fielding very old faces in Lok Sabha

 

 

Lok Sabha Chunav 2024: भोपाल। भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी काफी पुराने चेहरों को उतारने से परहेज करेगी। पार्टी के रणनीतिकारों के अनुसार आगामी लोकसभा चुनाव में जो नेता तीन या उससे अधिक बार सांसद रह चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने सात सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा दिया था, इनमें से ज्यादातर तीन या अधिक बार चुनाव जीत चुके थे।

साथ ही पार्टी मध्य प्रदेश से भी ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों को लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी कर रही है। फिलहाल प्रदेश की 29 संसदीय सीटों में से पांच सीटें रिक्त हैं। पार्टी ने प्रत्याशियों की तलाश के लिए सर्वे करवाना शुरू कर दिया है। पार्टी विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव से दो महीने पहले ही कई प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। पहली सूची में आकांक्षी सीट यानी हारी या फिर कमजोर लग रही सीट के प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं।

लोकसभा चुनाव- 2024 की तैयारी में जुटी भाजपा चार या उससे अधिक बार के सांसदों को पहले ही विधानसभा चुनाव लड़वा चुकी है। इनमें फग्गन सिंह कुलस्ते छह बार के सांसद हैं। हालांकि वे चुनाव हार गए। प्रहलाद पटेल पांच बार सांसद रहे हैं। जबलपुर से राकेश सिंह और सतना से गणेश सिंह चार बार के सांसद रह चुके हैं। प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह को राज्य में मंत्री बना दिया गया।

गणेश सिंह विधानसभा चुनाव भी नहीं जीत पाए इसलिए उनकी सतना लोकसभा सीट से भाजपा किसी नए चेहरे पर दांव लगा सकती है। सांसद के रूप में तीन कार्यकाल पूरा करने वालों में केंद्रीय कृषि मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर अब मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हैं। इसी तरह होशंगाबाद से सांसद रहे राव उदय प्रताप सिंह को भी प्रदेश में मंत्री बना दिया गया है।

टीकमगढ़ सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और राजगढ़ से रोडमल नागर की दावेदारी पर भी विचार चल रहा है। वीरेंद्र कुमार भी छह बार के सांसद हैं। तीन बार के सांसदों में धार के छतर सिंह दरबार भी हैं। रोडमल नागर दूसरी बार के सांसद हैं लेकिन क्षेत्र में उनका विरोध है।

कई सीटों पर बदल सकते हैं चेहरे

कई सांसद ऐसे हैं, जो कमजोर प्रदर्शन के कारण दोबारा टिकट पाने से वंचित रह सकते हैं। ऐसे नामों में ग्वालियर से विवेक नारायण शेजवलकर, सागर से राजबहादुर सिंह, रीवा से जनार्दन मिश्रा, भोपाल से प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विदिशा से रमाकांत भार्गव, शहडोल से हिमाद्री सिंह, मंदसौर से सुधीर गुप्ता और खरगोन से गजेंद्र सिंह पटेल हैं। इनकी जगह पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है।

युवा और नए चेहरों को मिलेगा अवसर

भाजपा लोकसभा चुनाव में युवा और नए चेहरों को अवसर देकर यहां भी पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देना चाहती है। इससे पहले भाजपा ने राज्यसभा के लिए भी ज्यादातर नए चेहरों पर ही दांव लगाया है। नए चेहरों में खासतौर से उन युवाओं को मौका मिल सकता है, जो संघ की विचारधारा से जुड़े हैं।

MP School: सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को 20 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शुरू करने का आदेश जारी

issued to start all government and no

 

MP School: मध्य प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है. शीतलहर और प्रतिकूल मौसम को देखते हुये राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों के खुलने को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक, प्रदेश में सुबह से संचालित होने वाले सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को 20 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शुरू करने का आदेश जारी किया है. मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का ये आदेश तत्काल प्रभाव से सभी स्कूलों पर लागू होगा.

प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला अधिकारियों को प्रेषित आदेश में कहा कि गया है कि ऐसे सभी शासकीय और अशासकी स्कूल जो सुबह में जल्दी खुलते हैं, वह सुबह 10 बजे से संचातिल होंगे. सोमवार (8 जनवरी) को जारी इस आदेश में कहा गया है कि ये आदेश उन स्कूलों पर भी लागू होगा जहां पर दो पालियों में क्लास होती है, कड़ाके की ठंड को देखते हुए उन स्कूलों में स्कूल सुबह 10 बजे से संचालित किए जाएंगे.

इस क्लास की परीक्षाएं होंगी निर्धारित समय से

हालांकि मध्य प्रदेश के जिन स्कूलों में क्लासेज साढ़े दस बजे से शुरू होती हैं, वहां पर स्कूलों के खुलने का समय यथावत पहले की तरह जारी रहेगा. इस दौरान प्रदेश के जिन शासकीय और गैर शासकीय स्कूलों में क्लास 6 से 12वीं तक की परीक्षाएं होनी हैं, वह पर परीक्षा पहले से निर्धारित टाइम टेबल के मुताबिक ही होंगी. मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह द्वारा जारी यह आदेश तत्काल से प्रभाव से लागू होगा.

मौमस विभाग ने क्या कहा?

यहां बताते चले कि मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर चलने का अनुमान व्यक्त किया है. इसके अलावा सुबह-सुबह कोहरे का भी काफी असर है. सुबह 10 बजे तक विजिबिलिटी भी बेहद कम है. न्यूनतम तापमान भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है. इसलिए सरकार का स्कूल सुबह 10 बजे लगाने का फैसला छोटे बच्चों के साथ उनके पेरेंट्स को भी फायदा देगा.

Gold Silver Price: सोना 1300 रुपये सस्ता, चांदी की कीमत में भी 2,400 रुपये की आई गिरावट

Gold Silver Price

 

Gold Silver Price: दस दिन पहले ही नए शिखर पर पहुंचे सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से सोना 1300 रुपये सस्ता हो गया है, वहीं चांदी की कीमतों में भी 2,400 रुपये की गिरावट आई है। शादी के सीजन के पहले ही कीमती धातुओं के दाम में गिरावट आना शुभ संकेत माना जा रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी इनकी कीमतों में गिरावट का इंतजार बना रहता है। सोमवार शाम को रायपुर सराफा बाजार में सोना 64,000 रुपये प्रति दस ग्राम (स्टैंडर्ड) और चांदी प्रति किलो 73,350 रुपये रही। एक जनवरी को रायपुर सराफा बाजार में सोना प्रति दस ग्राम(स्टैंडर्ड) 65,300 रुपये और चांदी प्रति किलो 75,800 रुपये थी।

गोल्ड लोन की मांग ज्यादा

सराफा कारोबारियों का कहना है कि कीमतें घटते ही फिर से आभूषणों की मांग बढ़ने लगी है। खरीदारी भी जोर पकड़ती जा रही है। इस सीजन में पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा कारोबार की उम्मीद है। इन दिनों गोल्ड लोन की मांग भी काफी ज्यादा हो रही है। बैंकों के साथ ही गोल्ड लोन देने वाली फाइनेंस कंपनियों द्वारा भी इसमें आकर्षक आफर दिया जा रहा है।

India Maldives Issue: मालदीव के बहिष्कार में कूदी एक और कंपनी, ट्रेवल इंश्योरेंस पर लगाई रोक

Another company jumps into b

 

lakshadweep Trip of PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लक्षद्वीप की यात्रा भारत और मालदीव के बीच तनाव की वजह बन गई. आश्चर्यजनक रूप से पीएम मोदी की यह यात्रा मालदीव सरकार के कुछ मंत्रियों को नागवार गुजरी और उन्होंने सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट कर डाले. इसके बाद मालदीव सरकार ने इन तीनों ही मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया मगर तब तक देर हो चुकी थी. अपने प्रधानमंत्री और देश का अपमान भारतीयों को खफा कर गया. एक के बाद एक बड़े नामचीन लोगों ने मालदीव का बहिष्कार करना शुरू कर दिया. इस लड़ाई में देश की कंपनियां और व्यापारिक संगठन भी कूद आए और अपने-अपने तरीके से मालदीव को जवाब दे रहे हैं. आइये एक नजर कंपनियों द्वारा लिए गए फैसलों पर डाल लेते हैं.

 

इंश्योरेंस देखो भी बहिष्कार मुहीम में हुई शामिल

सोमवार सुबह सबसे पहले ईज माय ट्रिप (EaseMyTrip) ने मालदीव सरकार का विरोध करते हुए सारी फ्लाइट बुकिंग कैंसिल कर दीं. शाम होते-होते एक और ट्रेवल टेक स्टार्टअप इंश्योरेंस देखो (InsuranceDekho) भी इसी मुहिम में शामिल हो गई. कंपनी ने मालदीव जा रहे लोगों के लिए ट्रेवल इंश्योरेंस सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया. कंपनी के को फाउंडर और सीटीओ ईश बब्बर ने लिंक्डइन पर घोषणा की कि इंश्योरेंस देखो अपने देश के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है. हम मालदीव के लिए किसी भी प्रकार का बीमा नहीं देंगे.

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने टूर प्रमोट न करने की अपील की

इससे पहले इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने टूरिज्म ट्रेड एसोसिएशनों से फौरन मालदीव के टूर को प्रमोट करने पर रोक लगाने की अपील की थी. चैंबर ने मालदीव जाने वाली सभी एयरलाइंस से अपने ऑपरेशन को संस्पेंड कर उड़ान स्कीम के तहत लक्षद्वीप के लिए उड़ानें शुरू करने का आह्वान किया था.

ईज माय ट्रिप ने मालदीव की सभी फ्लाइट की बुकिंग सस्पेंड की थी

ईज माय ट्रिप के सीईओ निशांत पिट्टी ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि हम राष्ट्र के साथ एकजुट हैं. इसलिए कंपनी मालदीव की सभी फ्लाइट की बुकिंग सस्पेंड कर रही है. ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक बातों की भर्त्सना भी की. इसके अलावा एडेलवाइज म्युचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने एक्स पर लिखा था कि मैं हमेशा सोचती हूं कि जब हमारे पास लक्षद्वीप और अंडमान हैं तो मालदीव जाने के लिए हमें इतना अधिक पेमेंट क्यों करना पड़ता है. सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने भी X पर पोस्ट किया था कि हमारे देश में अकल्पनीय संभावनाओं वाले बहुत सारे शानदार पर्यटन स्थल हैं.

Parking Problem: कोलार क्षेत्र में होटल, मैरिज गार्डन सहित व्यापरिक प्रतिष्ठानों को होंगे नोटिस जारी

भोपाल, (Kolar Road Bhopal) कोलार सिक्स लेन रोड निर्माण के साथ ही कोलार क्षेत्र में नए व्यापरिक प्रतिष्ठान खुल रहे है। जिस कारण वाहन पार्किंग समस्या ज्यादा बढ़ रही है।

अब कोलार सिक्स लेन रोड सहित कोलार के अन्य मुख्य मार्गो के किनारे बने मैरिज गार्डन, शापिंग कांपलेक्स को मिनिमम ओपन स्पेस निकलना होगा।

ये स्थान इनके ग्राहकों की पार्किंग के उपयोग में लिया जाएगा। यदि कोई कॉम्प्लेक्स या मैरिज गार्डन के एओएस में पर्याप्त जगह नहीं निकलेगी तो उसे क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले प्रतिष्ठान को बंद किया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी और नगर निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कई स्थानों पर पार्किंग की समस्या समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे।

बिना पार्किंग के होटल, रेस्टोरेंट वालों पर होगी कार्यवाही

पार्किंग नहीं होने के कारण ग्राहक सड़क पर कहीं भी अपना वाहन खड़ा कर चले जाते है। इस कारण जाम की स्थिति बनती है।

एक्का दुक्का शापिंग कॉम्प्लेक्स में है पार्किंग की व्यवस्था

कोलार क्षेत्र में मुख्य मार्ग ही सबसे बड़ा व्यापारिक क्षेत्र है। मुख्य चौराहे मंदाकिनी, महबली गेट, बीमा कुंज तिराहा, गोडशेफर्ड मोड़, CI चौराह, ललिता नगर मार्केट, डी मार्ट नहर चौराह इन स्थानों पर सबसे ज्यादा जाम लगता है। इन स्थानों टर्निग क्षेत्र में तितर बितर खड़े वाहन जाम की मुख्य वजह है।

ग्राहकों के लिए पार्किंग व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालक को निकलना होगी

क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है की नए भवनों में तो एमओएस रखना अनिवार्य है ही, जो मौजूद है उनसे इसका पालन कराएंगे। शापिंग कॉम्प्लेक्स, मैरिज गार्डन तक को पार्किंग के लिए जगह छोड़ना होगा। उनके ग्राहकों की पार्किंग सड़क के भरोसे नहीं होने देंगे। निगम ने नोटिस तैयार कर लिए है।

केवट बंधु प्रभु श्रीराम के भी प्रिय थे और हम श्रीराम भक्तों के भी सदैव सम्मानीय हैं – विधायक रामेश्वर शर्मा

 

स्व. ‘कंछेदीलाल केवट जी’ की स्मृति में हुजूर के बेहटा गांव में “विधायक वोट रेस” का आयोजन, विजेता को मोटरसाइकल के साथ 21 हजार का नगद पुरस्कार

भोपाल। भोपाल में उत्सव धर्मी स्वभाव वाले विधायक की पहचान बनाने वाले हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा लगातार क्षेत्रवासियों के आनंद और उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कराते रहते हैं। हाल ही में संत नगर के शहीद हेमू कालानी स्टेडियम में क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद शनिवार को हुजूर के संत हिरदाराम नगर क्षेत्र के बेहटा गांव में विधायक रामेश्वर शर्मा ने “विधायक वोट रेस” का आयोजन कराया। यह प्रतियोगिता स्व. कन्छेदी लाल केवट जी की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। जिसमें जूनियर और सीनियर कैटेगरी के प्रतिभागी शामिल होते हैं। इस बार लगातार चौथे वर्ष इस प्रतियोगिता को भव्य रूप में आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता में तीन कैटेगरी में 36 टीमों ने हिस्सा लिया। इन सभी टीमों में भोपाल सहित आसपास के जिलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 21 हजार, 11 हजार, व 5 हजार रुपये की नगद राशि के साथ ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं तीनों टीमों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विजेता को मोटरसाइकल और 21 हजार की नगद राशि प्रदान की गई।

प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के केवट समाज सहित हजारों लोग उपस्थित रहे जिन्हें विधायक रामेश्वर शर्मा ने संबोधित किया।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह अद्भुत संयोग बना है, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जी का दिव्य मंदिर बनने जा रहा है और प्रभु श्रीराम जी को वनवास के दौरान पार लगाने वाले केवट समाज के साथ हम यह उत्सव मना रहे हैं। केवट भाई-बहन समाज के अभिन्न और अत्यंत आवश्यक अंग है। वह प्रभु श्रीराम के भी प्रिय थे और हम श्रीराम भक्तों के भी सदैव सम्मानीय हैं।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मैंने पिछले वर्ष वादा किया था कि हर वर्ष यह रेस पहले से अधिक भव्यता के साथ मनाई जाएगी। उसी भांति इस वर्ष वोट रेस आयोजन की भव्यता और नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाया है।

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