Sawan Maha: ललिता नगर में 9 अगस्त को होगा संगीतमय सुंदरकांड पाठ, शिव महापुराण का वितरण
स्थान: सोमेश्वर महादेव एवं मनोकामनेश्वर पंचमुखी हनुमान मंदिर, ललिता नगर, कोलार रोड, भोपाल
चरण सेवक: पंडित मिथलेश गौतम
महिलाओं के खातों में आई महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, सरकार ने जारी की राशि
छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में योजना की 30वीं किस्त की राशि पहुंच गई है। सरकार की इस पहल से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके दैनिक खर्चों में सहयोग देना है।
30वीं किस्त जारी होने के बाद महिला हितग्राहियों में खुशी का माहौल है। सरकार का कहना है कि महिला सशक्तीकरण और परिवारों की आर्थिक मजबूती के लिए ऐसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
योजना की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। सरकार द्वारा पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लगातार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
कोसा वस्त्रों को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल, ‘कोशल फैब’ ब्रांड की शुरुआत
छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा और कोसा वस्त्र को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ को लॉन्च किया। इस ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक कोसा वस्त्र और हस्तनिर्मित उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प से जुड़ी हुई है। यहां के बुनकरों द्वारा तैयार किए जाने वाले कोसा वस्त्र अपनी गुणवत्ता, प्राकृतिक चमक और पारंपरिक बुनाई के लिए विशेष पहचान रखते हैं। ‘कोशल फैब’ के माध्यम से इन उत्पादों को आधुनिक बाजार और नई पीढ़ी के ग्राहकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनकी आय के अवसर बढ़ाना है। प्रीमियम ब्रांड के रूप में ‘कोशल फैब’ को विकसित कर छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ने से प्रदेश के बुनकरों और कारीगरों को नई संभावनाएं मिलेंगी। ‘कोशल फैब’ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, आधुनिक डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण हस्तनिर्मित उत्पादों का संगम बनकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ब्रांड के लॉन्च से छत्तीसगढ़ के कोसा और अन्य हथकरघा उत्पादों को नई ब्रांड पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे बुनकर समुदाय को बाजार विस्तार के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
Kolar Police News: कोलारवासियों ने पुलिस आयुक्त के सामने रखीं समस्याएं, पार्किंग से लेकर अवैध ठेलों तक उठे मुद्दे
भोपाल। अपराधों की रोकथाम और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने गौरव नगर थाना क्षेत्र के कजलीखेड़ा में नागरिकों के साथ जनसंवाद किया। इस दौरान कोलार क्षेत्र के रहवासियों ने अपने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को पुलिस आयुक्त के सामने रखा और उनके निराकरण की मांग की।
पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख
जनसंवाद के दौरान नागरिकों ने बताया कि डीमार्ट और कलारी के सामने अव्यवस्थित पार्किंग के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। रहवासियों ने यहां सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
इसी तरह ललिता नगर स्थित वाइन शॉप के सामने अवैध पार्किंग के कारण होने वाले यातायात अवरोध का मुद्दा भी उठाया गया।
नशे में विवाद और मारपीट की शिकायत
नागरिकों ने कुछ किरायेदारों पर शराब के नशे में घरों और कॉलोनियों में विवाद एवं मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। रहवासियों का कहना था कि ऐसी घटनाओं से पूरे ब्लॉक का माहौल प्रभावित होता है।
तेज रफ्तार डम्पर और ई-रिक्शा से भी परेशानी
कॉलोनी के सामने से भारी डम्परों के तेज रफ्तार से गुजरने की शिकायत भी पुलिस आयुक्त से की गई। नागरिकों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़क के बीच वाहन खड़ा करने से यातायात प्रभावित होने की समस्या भी सामने रखी गई।
अवैध ठेले और आवारा मवेशियों का मुद्दा
रहवासियों ने मुख्य मार्ग पर लगने वाले अवैध ठेलों और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही। नागरिकों ने नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा मुख्य सड़क पर आवारा मवेशियों के बैठे रहने से दुर्घटना का खतरा होने की बात कहते हुए उन्हें हटाने की मांग भी की गई।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मेन गेट की मांग
जनसंवाद में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। नागरिकों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय से संबंधित विभाग को पत्र भेजने का अनुरोध किया, ताकि बाहरी असामाजिक तत्वों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो।
अब कार्रवाई का इंतजार
जनसंवाद के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर अब कोलारवासियों की नजर है। खासतौर पर पार्किंग, तेज रफ्तार डम्पर, ई-रिक्शा, अवैध ठेले और असामाजिक तत्वों से जुड़ी शिकायतों पर पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद कब तक कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
जनता की शिकायतों पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, 3 अधिकारी सस्पेंड; 2 पर वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने तीन अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए, जबकि दो अधिकारियों का एक-एक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान आम लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और जिम्मेदारी के निर्वहन में कमी सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से निराकरण होना चाहिए। शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम के निर्देश के बाद तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश दिए गए। इसके अलावा दो अधिकारियों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों को दिया जवाबदेही का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को केवल दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की देरी न करें। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छिंदवाड़ा में जनसुनवाई के दौरान हुई इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि आम जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
संसद में PM मोदी से मिले सुखबीर बादल, पंजाब चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात ने पंजाब की सियासत में चर्चाओं को तेज कर दिया है। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संभावित राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पंजाब चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं की बैठक के बाद गठबंधन और चुनावी तालमेल को लेकर अटकलें भी तेज हो सकती हैं।
भाजपा और अकाली दल के बीच पहले भी राजनीतिक गठजोड़ रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को पंजाब की आगामी राजनीति में संभावित नए समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
क्या फिर करीब आएंगे BJP और अकाली दल?
पंजाब की राजनीति में भाजपा और अकाली दल के रिश्ते लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। दोनों दलों ने पहले साथ मिलकर चुनाव भी लड़ा है, हालांकि बाद में दोनों के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ गई थी।
अब प्रधानमंत्री मोदी और सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों दल भविष्य में एक बार फिर किसी तरह के राजनीतिक तालमेल की ओर बढ़ सकते हैं। फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
आगामी दिनों में दोनों दलों के नेताओं की गतिविधियों और बयानों पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहेगी। पंजाब में चुनावी समीकरणों को लेकर यह मुलाकात आने वाले समय में किस दिशा में जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
छात्रों और सरकार के बीच बैठक खत्म, मांगों पर बनी सहमति के संकेत
छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद छात्रों ने दावा किया कि सरकार ने उनकी मांगों को जायज माना है। हालांकि, मांगों पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, इसे लेकर छात्रों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। छात्रों ने कहा कि उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा। बातचीत के दौरान सरकार की ओर से उनकी मांगों को गंभीरता से सुना गया।
छात्रों ने बैठक को बताया सकारात्मक
बैठक खत्म होने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने इसे सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को अनुचित नहीं माना और कई मुद्दों पर सहमति के संकेत मिले हैं। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
छात्रों ने कहा कि उनकी ओर से लंबे समय से संबंधित मुद्दों को उठाया जा रहा है। बैठक के बाद उन्हें उम्मीद है कि अब इन मांगों पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
फैसले पर टिकी नजर
सरकार के साथ बातचीत के बाद छात्रों का रुख फिलहाल सकारात्मक नजर आ रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय और मांगों के क्रियान्वयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। छात्र प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि वे सरकार के अगले कदम का इंतजार करेंगे।
बैठक के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर क्या औपचारिक फैसला लेती है और उसे कब तक लागू किया जाता है।
एशिया का अनोखा हिल स्टेशन, जहां गाड़ियों की ‘नो-एंट्री’, अंग्रेजों के दौर में खोजी गई थी महाराष्ट्र की ये खूबसूरत जगह
महाराष्ट्र में एक ऐसा खूबसूरत हिल स्टेशन मौजूद है, जहां पहुंचने के बाद आपको गाड़ियों के शोर से राहत मिलती है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और अनोखे नियम के लिए जानी जाती है। खास बात यह है कि यहां सामान्य वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है, जिसके कारण यह हिल स्टेशन पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
हम बात कर रहे हैं माथेरान की, जो मुंबई से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। समुद्र तल से लगभग 800 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह हिल स्टेशन पश्चिमी घाट की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित है। यहां वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित होने के कारण पर्यटक पैदल चलकर, घोड़े की सवारी या टॉय ट्रेन के जरिए घूमने का आनंद लेते हैं।
अंग्रेजों ने विकसित किया था हिल स्टेशन
माथेरान की खोज का श्रेय ब्रिटिश अधिकारी ह्यू पॉयन्ट्ज मलेट (Hugh Poyntz Malet) को दिया जाता है। 1850 के दशक में उन्होंने इस क्षेत्र की खूबसूरती को देखा और बाद में इसे हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया गया। ब्रिटिश शासन के दौरान माथेरान गर्मियों में आराम करने और छुट्टियां बिताने के लिए पसंदीदा स्थानों में शामिल हो गया।
गाड़ियों के शोर से दूर है माथेरान
माथेरान की सबसे बड़ी खासियत इसका नो-व्हीकल जोन होना है। पर्यावरण और यहां की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मोटर वाहनों की आवाजाही पर रोक है। पर्यटक दस्तूरी नाका तक वाहन से पहुंच सकते हैं, इसके बाद उन्हें पैदल या घोड़े के जरिए माथेरान जाना पड़ता है।
प्राकृतिक खूबसूरती और शानदार नजारे
माथेरान में करीब 30 से अधिक व्यू-पॉइंट्स हैं, जहां से पश्चिमी घाट और आसपास की घाटियों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं। लुइसा पॉइंट, पैनोरमा पॉइंट, इको पॉइंट और चार्लोट लेक यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। घने जंगल, ठंडी हवा और हरियाली पर्यटकों को खास अनुभव देती है।
टॉय ट्रेन भी है खास आकर्षण
माथेरान की नेरल-माथेरान टॉय ट्रेन भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। पहाड़ी रास्तों से गुजरती यह छोटी ट्रेन सफर को यादगार बना देती है। हालांकि सेवा मौसम और संचालन संबंधी परिस्थितियों के अनुसार प्रभावित हो सकती है।
माथेरान की शांत वादियां, प्रदूषण रहित वातावरण और ऐतिहासिक विरासत इसे महाराष्ट्र के सबसे खास पर्यटन स्थलों में शामिल करती हैं। यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता और शांति का आनंद लेने पहुंचते हैं।
इंफर्टिलिटी का कनेक्शन सिर्फ महिलाओं से नहीं, पुरुषों की ये समस्याएं भी बनती हैं वजह
इंफर्टिलिटी यानी बांझपन को अक्सर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भधारण में परेशानी के पीछे पुरुषों से जुड़े कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कई मामलों में पुरुषों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने के कारण दंपती को गर्भधारण में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पुरुषों में इंफर्टिलिटी के प्रमुख कारणों में स्पर्म काउंट कम होना, स्पर्म की गतिशीलता में कमी और स्पर्म की गुणवत्ता प्रभावित होना शामिल हैं। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन तंत्र से जुड़ी समस्याएं और कुछ आनुवंशिक कारण भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल भी बन सकती है वजह
आज की बदलती जीवनशैली का असर पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी पड़ सकता है। धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, लंबे समय तक तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारक प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहना भी कुछ मामलों में स्पर्म उत्पादन पर असर डाल सकता है।
समय पर जांच जरूरी
गर्भधारण में लगातार परेशानी होने पर केवल महिला की जांच कराने के बजाय पति-पत्नी दोनों की जांच कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। पुरुषों में सामान्यतः सीमेन एनालिसिस के जरिए स्पर्म काउंट, उनकी गतिशीलता और आकार जैसी चीजों का आकलन किया जाता है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर अन्य जांच भी सलाह दे सकते हैं।
समस्या का इलाज संभव
इंफर्टिलिटी का मतलब यह नहीं है कि गर्भधारण संभव नहीं होगा। कारण के आधार पर दवाओं, जीवनशैली में बदलाव, सर्जरी या सहायक प्रजनन तकनीकों के जरिए उपचार किया जा सकता है। इसलिए समस्या को लेकर झिझकने के बजाय योग्य डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता से जुड़े कारणों को समान रूप से समझना और समय पर जांच कराना जरूरी है। इससे समस्या की सही वजह पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
गर्ल्स हॉस्टल में महिला बनकर घुसने और युवती की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा
पुलिस ने एक युवती की हत्या की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी महिला का वेश धारण कर गर्ल्स हॉस्टल में दाखिल होने और वहां रह रही एक युवती की हत्या करने की योजना बना रहे थे। पुलिस की सतर्कता से वारदात को अंजाम देने से पहले ही सभी आरोपी पकड़े गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने हॉस्टल में प्रवेश करने के लिए महिला का रूप धारण करने की योजना बनाई थी, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद हॉस्टल में मौजूद युवती को निशाना बनाने की साजिश थी। पुलिस को जब इस योजना की जानकारी मिली तो टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में कथित तौर पर हॉस्टल में घुसकर युवती की हत्या की योजना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, साजिश के पीछे की वजह और युवती को निशाना बनाने के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। समय रहते हुई गिरफ्तारी के चलते एक बड़ी वारदात को टालने में पुलिस को सफलता मिली है।














