MP election 2023: मध्यप्रदेश में सरकार बनाने पूरे आत्मविश्वास में नजर आ रहे हैं कमलनाथ

 

अवधेश पुरोहित (वरिष्ठ पत्रकार)

भोपाल।(आरएनएस)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ मध्यप्रदेश में सरकार बनाने पूरे आत्मविश्वास और तेवर में नजर आर हे हैं। उनकी निजी सर्वे कंपनी से जो फीडबैक मिल रहा है। उसके अनुसार पार्टी 120 प्लस सीटें लाकर कंफटेंबल मेजेरिटी के साथ सरकार बना रही है। कमलनाथ के बंगले पर इन दिनों भावी मंत्री मंडल में पद पाने के इच्छुक नेताओं की आवाजाही बढ गई है।कांग्रेस ने नौकरशाहों को चुनाव अभियान के दौरान बार बार चेतावनी दे थी कि वो कांग्रेस के साथ पक्षपात बंद करें। अन्यथा सरकार बनाने की स्थिति में खमियाजा भुगतना पडेगा। इस चेतावनी का असर अब देखने को मिल रहा है। नौकरशाही के एक वर्ग के रवैए में बदलाव स्पष्ट देखने को मिल रहा है। कई अधिकारी कमलनाथ के बंगले पर जाते हैं। प्रदेश में ऐसे भी अधिकारी की कमी नहीं हैं। जो कमलनाथ के नजदीक लोगों को सधने में लग गए हैं। कमलनाथ सरकार की संभावना के मद्देनजर नौकरशाही का वह वर्ग सबसे सबसे अधिक प्रसन्न है जो भाजपा सरकार के समय अपेक्षित रहा।यही वर्ग बढ चढकर कमलनाथ से नजदीकी बढाने में लगा हुआ है। कमलनाथ के कतिपय समर्थकों को उपमुख्यमंत्री बनने के सपने भी आने लगे हैं। कुल मिलाकर कांग्रेसी तीन दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि तीन दिसंबर के दोपहर 12 बजे बाद प्रदेश के राजनैतिक पटल पर मंजर बदल जाएगा।

कमलनाथ ने बकायदा सभी प्रत्याशियों और जिला प्रभारी से मतदान केंद्रों के हिसाब फीडबैक लिया है।उनके द्वारा हायर की गई पालिटकल रिसर्च कंपनी भी लगातार मतदान की टेड का विश्लेषण कर रही है।कांग्रेस को पूरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बहुमत के साथ सरकार बना रही है। मतगणना के समय सरकारी तंत्र कोई गड़बड़ी न करें इसके लिए कमलनाथ ने बकायदा प्रशिक्षण दिया है।इसके अलावा 3 दिसंबर के बाद की स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस के प्लान बी तैयार किया है। इसके अनुसार यदि कांग्रेस बहुमत से थोड़ा सा दूर रहती है तो पार्टी के ही बागी प्रत्याशियों को साथ लेने की कोशिश जाएगी जो जीत हासिल करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस बसपा,सपा और आम आदमी पार्टी से संपर्क करने के लिए अलग से व्यवस्था करने वाली है। कमलनाथ ने केन्द्रीय स्तर पर के सी वेणुगोपाल और जय रमेश अन्य दलों के विधायकों का समर्थन लेने के लिए संपर्क साधने के लिए तुरंत कोशिश करेंगे।

कमलनाथ के खास लोग सुरेश पचौरी,विवेक तंखा,उनके बेटे सांसद नकुल नाथ,सज्जन सिंह वर्मा,तरूण भानोट,बाला बच्चन,रवि जोशी,प्रवीण पाठक जैसे नेता चुनाव बाद के मैनेजमेंट को संभालेंगे। कमलनाथ ने इस संबंध में विभिन्न नेताओं को संभाग के हिसाब से जिम्मेदारी दी है। कहां कौन सा प्रत्याशी या दल के टिकट पर जीतने की स्थिति में है। कुल मिलाकर 2020 को हुए दल बदल और अपनी सरकार के पतन से उन्होंने पहले ही सावधानी और सतर्कता बरतनी प्रारंभ की है। खास बात यही की पलिटिकल मैनेजमेंट के मामले में इस बार इस सभी मैनेजमेंट मे कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह पर निर्भर नहीं है।

उन्होंने ने सभी प्रत्याशियों को निर्देश दिए हैं कि वह तीन दिसंबर को दोपहर 12 बजे के बाद जुलूस निकाले और रात तक भोपाल पंहुच जाए सभी विधायकों को एक साथ ठहराने की व्यवस्था की जारही है. कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के सरकार बनाने के अति आत्मविश्वास को देखते हुए राजधानी के बुजुर्ग नेताओं को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्रीमती फिरोज गांधी के समय के समाजवादी नेताओं की चुनावी रणनीति का स्मरण हो आया जब चुनाव के दौरान समाजवादी नेता काफी हाऊस में बैठकर समाजवादी पार्टी की सरकार बना लेते ही नहीं प्रधानमंत्री एवंं पूर मंत्री मंडल बना लेते ही नहीं थे? बल्कि मंत्रियों के विभाग भी बाट लिया करते थे? इन राजनेताओं के अनुसार ही कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी उन्हीं समाजवादियों के अनुसार कमलनाथ भी अति आत्मविश्वास का खेल खेल रहे हैं?;? जबकि लोकतंत्र की प्रतिक्रिया पूरी होने में अभी 3 दिसम्बर अभीआना बाकी है? इन राजनेताओं का कहना है कमलनाथ के इस अति आत्मविश्वास के योजना में उनका साथ दिग्विजय सिंह शामिल नहीं है यह भी तमाम सबाल खडे कर रहे हैं? इस योजना में कमलनाथ ने उस नेता पर भरोसा कर अपनी योजना में शामिल किया जिसकी राजनीति केबल और केबल गांधी परिवार के भरोसे चलती आज लोकतंत्र की परिक्रमा से किसी पंच या नगर पालिका परिषद के पार्षद का चुनावी समर में उतर कर विजय हासिल करके या जब भी पार्टी ने अवसर दिया तो अपने पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ विपक्षी दल के नेताओं सांठगांठ कर पैसा लेकर टिकट बेचने का काम करके विपक्षी दल की सरकार मध्यप्रदेश राज्य में सत्ता पर बैठा देने काम करने में कोई मौका छोडना? कमलनाथ को एसे नेता से गल वहियां करने का एहसास शायद तब हो जब उस नेता के साथ मिलकर कांग्रेस को इसी मध्यप्रदेश जब माहौल होते हुए सन 2008 में सत्ता गवाने के बाद हुआ था? लेकिन विपक्षी दल से मिलकर टिकट बेचने की शिकायत उस समय भी पार्टी के नेताओं ने उस समय श्रीमती सोनिया गांधी से की थी मगर वह उक्त नेता के खिलाफ कुछ भी नहीं कर पाई थी? इसका ही परिणाम है कि बिना जमीनी अधार बाला नेता कांग्रेस को समय आने पर गज्जा देने के लिए बिना अधार के बदौलत जमे हुए है?

रायपुर पहुंचे भारत और आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी, इंडिया-इंडिया के नारों से गूंजा एयरपोर्ट, एक को होगा मुकाबला

Players from India

 

रायपुर । राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को होने वाले टी-20 मुकाबले के लिए भारत और आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी बुधवार शाम को रायपुर पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट इंडिया…इंडिया…इंडिया के नारों से गूंज उठा। भारतीय टीम यहां जीत कर सीरीज पर कब्जा करने के इरादे से उतेगी। अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को देखने के लिए फ्लाइट के समय से चार घंटे पहले ही एयरपोर्ट पर खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों की भीड़ उमड़ी थी।

भारत के खिलाड़ी एयरपोर्ट के मुख्य दरवाजे से पहले बाहर निकले। आगे सुर्यकुमार यादव की अगुवाई में एक-एक करके पूरी टीम और सपोर्टिंग स्टाफ बाहर निकला। इस दौरान लोगों का उत्साह देखने लायक था। लोगों ने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया के नारे लगाए। खिलाड़ियों ने भी हाथ उठाकर अपने फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। टीम इंडिया के बाद आस्ट्रेलिया की टीम बाहर निकली। भीड़ ने विदेशी खिलाड़ियों का भी ताली बजाकर छत्तीसगढ़ की धरा पर स्वागत किया।

पोस्टर और स्कैच लेकर पहुंचे समर्थक

भारत के खिलाडि़यों के फैंस की दीवानगी भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में देखने को मिलती है। रायपुर एयरपोर्ट पर में फैंस खिलाडि़यों का पोस्टर लेकर पहुंचे थे। वहां उनका स्वागत किया।

खिलाड़ियों और वीवीआइपी के लिए अलग मार्ग

भारतीय टीम और आस्ट्रेलिया की टीम को होटल कोर्टयार्ड मैरिएट से स्टेडियम तक लेने जाने के लिए इस तरह रोड मैप तैयार किया गया है- उन्हें होटल कोर्टयार्ड मैरिएट से नवा रायपुर प्रवेश मार्ग सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होते हुए स्टेडियम टर्निंग से छोटा गोल चौक कयाबांधा टर्निंग से कोटरा भांठा चौक ग्राम सेंध चौक से होते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ले जाया जाएगा।

दोनों ही टीमें करेंगी अभ्यास

भारतीय और आस्ट्रेलिया की टीमें गुरुवार को दोनों की टीमें अभ्यास करेंगी। 12 बजे से आस्ट्रेलिया की टीम अभ्यास करने पहुंचेगी। वहीं भारतीय टीम शाम चार बजे अभ्यास के लिए जाएगी। जिसके बाद दोनों ही टीमें शुक्रवार को आमने-सामने होंगी।

आदमखोर हो चुके बांधवगढ़ नेशनल पार्क के दो बाघों की छिनी आजादी, भेजे गए भोपाल

Two tigers of Bandhavgarh National Park,

आदमखोर हो चुके बांधवगढ़ नेशनल पार्क के दो बाघों की छिनी आजादी, भेजे गए भोपाल

लंबे समय से आतंक मचा रहे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgadh National Park) के दो बाघों (Tiger) को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. इनका नया ठिकाना अब भोपाल का वन विहार होगा. पिछले दिनों दोनों बाघों को बेहोश कर शहडोल जिले के बांधवगढ़ नेशनल पार्क से भोपाल के वन विहार में भेज दिया गया. वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह दोनों आदमखोर बाघ 5 लोगों की जान ले चुके थे.

यहां बताते चले कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी जोन के बहेराहा इंक्लोजर में रखे गए दो बाघों को वन विहार भोपाल भेजा गया है. एक बाघ को पतौर तो दूसरे को मानपुर के मझखेता से रेस्क्यू कर पकड़ा गया था. इसके बाद दोनों बाघों के स्वभाव का अध्ययन कराया गया. विशेषज्ञों ने दोनों बाघों को जंगल में रहने के अनुकूल नहीं पाया, लिहाजा दोनों को वन विहार (चिड़ियाघर) भोपाल में शिफ्ट कर दिया गया है. इन दोनों बाघों को अब बची हुई जिंदगी खुले जंगल के बजाय वन विहार में ही गुजारनी होगी. इन दोनों टाइगर्स को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने पहले रेस्क्यू कर बाड़े में छोड़ा था.

जंगल में सर्वाइव करने के नहीं थे लायक

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पी के वर्मा ने बताया कि दोनों बाघ टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे गांवो के जंगल में विचरण कर रहे थे. वे लगातार मवेशियों का शिकार करने के अभ्यस्त हो चुके थे. इसके अलावा दोनों ने कई बार ग्रामीणों के ऊपर हमला कर जनहानि को भी अंजाम दिया था. वर्मा के मुताबिक ये दोनों बाघ जंगल के भीतर सर्वाइव करने लायक नहीं थे. अगर इन्हें जंगल में छोड़ा जाता है तो ये भूख से या फिर किसी बड़े बाघ के हमले में मारे जाते. लिहाजा इनके जीवन की रक्षा के लिए भोपाल के वन विहार में शिफ्ट कर दिया गया है. रवाना करने से पहले एक्सपर्ट्स ने दोनों बाघों की जांच की थी.

दोनों बाघ ले चुके 5 लोगों की जान

पार्क प्रबंधन के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ये दोनों बाघ अब तक 5 लोगों की जान ले चुके हैं. पतौर इलाके से पकड़े गए एक बाघ ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें मार दिया था, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. वहीं, मानपुर एरिया से पकड़ा गया बाघ ज्यादा आक्रामक था. उसने तीन लोगों की जान ली थी. ये दोनों टाइगर 6 माह पहले रेस्क्यू किए गए थे और उसके बाद से टाइगर रिजर्व के मगधी जोन के बहेराहा इनक्लोजर में रखे गए थे.

डिजिटल डिवाइस से बढ़ रही आंखों की बीमारियां, कम उम्र में लग रहे चश्मे

Eye diseases are

 

आजकल डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटाप आदि) का उपयोग सभी आयु वर्ग के लोग अधिक करने लगे हैं। इसके कारण आंखों से संबंधित समस्या भी बढ़ने लगी है। इनका अधिक उपयोग करने से कम उम्र में ही अब बच्चों को भी चश्मे लगने लगे हैं।

नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों के मामलों में स्वजन को ध्यान रखने की आवश्यकता है कि उनसे मोबाइल दूर कर मैदान में खेलने के लिए भेजें। इससे उनकी सेहत भी अच्छी रहेगी। जिन लोगों को डिजिटल डिवाइस का उपयोग करने का अधिक काम पड़ता है उन्हें 20-20-20 फार्मूला अपनाना चाहिए। यानी हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखना चाहिए। इससे आंखें सेहतमंद रहती हैं।

बीच-बीच में पलक झपकाते रहें

वहीं जो लोग डिजिटल डिवाइस का अधिक उपयोग करते हैं, उन्हें पलक झपकाने की आदत भी डालनी चाहिए। इससे आंखों में नमी बनी रहती है। ड्रायनेस और आई स्ट्रैन से बचाव के लिए लैपटाप और आंखों के बीच एक हाथ की दूरी रखें। एसी या कूलर के सामने न बैठें। लैपटाप की स्क्रीन आंखों से तीन-चार इंच नीचे रखें, दो घंटे से अधिक उपयोग पर 15 मिनट आराम करें।

लैपटाप और मोबाइल का ज्यादा उपयोग न करें

मोबाइल और लैपटाप के उपयोग से सबसे अधिक ड्रायनेस और आई स्ट्रैन की समस्या होती है। इनके लक्षण आंखें लाल होना, पानी आना, खुजली होना, जलन होना, आंखों और सिर में दर्द होना आदि है। डिवाइस का इस्तेमाल करते समय ब्लू लाइट फिल्टर ग्लास का उपयोग करना चाहिए। यह भी आंखों के लिए फायदेमंद होता है।

क्यों मनाई जाती है गणाधिप संकष्टी चतुर्थी, पढ़िए शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

Ganadheep Sankashti Chaturthi

 

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है, क्योंकि हर शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस तरह सारे काम बिना किसी रुकावट के पूरे हो जाते हैं। इस वर्ष गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 30 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही जीवन में आने वाले कष्ट और परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसलिए भक्त भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करते हैं।

मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि गुरुवार 30 नवंबर को रात्रि 2 बजकर 24 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। यह अगले दिन शुक्रवार 1 दिसंबर को दोपहर 3.31 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, 30 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा।

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में नल नाम का एक राजा था, जो अन्य राजाओं में सर्वश्रेष्ठ राजा था। उनकी पत्नी का नाम दमयंती था, जो अत्यंत सुंदर थी। राजा नल ने एक बार जुआ खेला और सब कुछ हार गए। अतः उसे अपना सम्पूर्ण राज्य गंवाना पड़ा। तदनन्तर राजा अपनी रानी के साथ वन में चले गए। एक श्राप के कारण राजा को अपनी पत्नी से भी वियोग सहना पड़ा।

इसी दौरान दमयंती को वन में शरभंग महर्षि के दर्शन हुए। उसने हाथ जोड़कर ऋषि से प्रार्थना की, कि वह उसे अपने पति से मिलाने का कोई उपाय बताएं। तब शरभंग ऋषि ने कहा कि तुम्हें भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए और व्रत करना चाहिए। यदि तुम श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश का व्रत करोगी, तो तुम्हें अपना पति वापस मिल जाएगा। दमयंती ने ऋषि ने जैसा कहा था, वैसा ही किया और इस व्रत के प्रभाव से दमयंती को अपना पति मिल गया। इसके अलावा, इस व्रत के प्रभाव से नल को अपना राज्य भी वापस प्राप्त हुआ।

गुजरात जा रही स्पेशल ट्रेन में अचानक बीमार पड़ गए 90 यात्री, सबको हुई थी फूड प्वाइजनिंग

90 passengers suddenly

 

भारतीय रेलों में मिलने वाले खाने को लेकर शिकायतों की कई घटनाएं सामने आती रही हैं. इस बीच खबर सामने आई है कि चेन्नई से गुजरात जा रही एक स्पेशल ट्रेन में फूड प्वाइजनिंग होने के चलते 90 यात्री बीमार हो गए.

पीटीआई के मुताब‍िक, एक अध‍िकारी के मुताब‍िक रेलवे पैसेंजर ग्रुप ने खाना निजी तौर पर खरीदा था और इसकी आपूर्ति रेलवे या भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की ओर से नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि यात्रियों की ओर से खाया जाने वाला खाना पेंट्री कार में तैयार किया गया था. लगभग 80 से 90 यात्रियों ने सोलापुर और पुणे के बीच बुधवार (29 नवंबर) को एक कोच के फूड प्वाइजनिंग की शिकायत की थी.

चि‍क‍ित्‍सा सहायता के बाद ट्रेन गंतव्‍य को हुई रवाना

अधिकारी ने कहा क‍ि उन्होंने उबकाई, दस्त और सिरदर्द की शिकायत की थी. उन्होंने कहा कि पुणे स्टेशन पर डॉक्टरों की एक टीम ने सभी यात्रियों की देखभाल की और उनको उपचार प्रदान किया गया. करीब 50 मिनट बाद ट्रेन को गंतव्‍य के ल‍िए रवाना कर द‍िया गया. अधिकारी ने बताया कि सभी यात्रियों की हालत स्थिर है.

धार्मिक कार्यक्रम को बुक करवाई थी स्पेशल ट्रेन

बताया गया क‍ि ये स्पेशल ट्रेन चेन्नई से चलकर गुजरात जा रही थी. अचानक यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के कारण ट्रेन को 29 नवंबर को पुणे स्टेशन पर रोकना पड़ा था. अधिकारियों ने बताया कि भारत गौरव ट्रेन को गुजरात के पलिटाना में होने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए स्पेशल तौर पर बुक किया गया था.

न‍िजी कंपनी पर कार्रवाई करेगा रेल मंत्रालय

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताब‍िक, रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एक निजी कंपनी खानपान की सेवा का संचालन कर रही है. सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

सुबह से छाया रहा कोहरा, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल में बारिश होने के आसार

Players from India

 

 

भोपाल। वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने के कारण इस सीजन में पहली बार पूरे प्रदेश में बुधवार सुबह कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश में सक्रिय है। इस वजह से बुधवार को भी जबलपुर, नर्मदापुरम, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। उधर भोपाल-इंदौर संभाग में कोहरा छंटने के बाद दोपहर में धूप निकल सकती है, लेकिन शाम के समय बूंदाबांदी होने के भी आसार हैं।

इन इलाकों में पड़ी बौछारें

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मलाजखंड में 31.2, पचमढ़ी में 12, मंडला में 8.2, सिवनी में 8.2, जबलपुर में 6.8, नरसिंहपुर में चार, छिंदवाड़ा में 3.6 एवं बैतूल में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।

हवाओं के साथ आ रही नमी

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान और उससे लगे मध्य प्रदेश पर बना प्रेरित चक्रवात समाप्त हो गया है, लेकिन प्रदेश पर एक पश्चिमी विक्षोभ अभी भी द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है। हवाओं के साथ नमी आने के कारण बुधवार सुबह राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकतर शहरों में कोहरा छाया रहा। जबलपुर, शहडोल एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों में अभी भी बादल बने हुए है। इन क्षेत्रों में बुधवार को भी वर्षा होने की संभावना है।

कल से शुरू हो सकता है वर्षा का नया दौर

प्रदेश के शेष क्षेत्रों में दोपहर तक कोहरा छंटने पर धूप निकल सकती है। हालांकि वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण भोपाल, इंदौर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी की स्थिति भी बन सकती है। उधर बुधवार रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत क्षेत्र में सक्रिय होने जा रहा है। उसके प्रभाव से गुरुवार से एक बार फिर प्रदेश में नम हवाएं आने से वर्षा का एक और दौर भी शुरू हो सकता है। बादल रहने के कारण जहां दिन के तापमान में गिरावट बनी रहेगी, जबकि रात का तापमान बढ़ा हुआ रहेगा। धूप नहीं निकलने की वजह से वातावरण में सिहरन महसूस होती रहेगी।

Dry Day: 3 दिसम्बर को 24 घण्टे बंद रहेगी दारू की दुकान

 

मतगणना दिवस 3 दिसम्बर को शुष्क दिवस (Dry Day) घोषित

भोपाल (Bhopal) : 29 नवम्बर 2023

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भोपाल आशीष सिंह ने मतगणना दिवस 3 दिसम्बर 2023 के संपूर्ण दिवस यानि 24 घंटे के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है।

भोपाल जिले की सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों की 87 शराब दुकानों पर मदिरा के क्रय-विक्रय और भंडारण आदि पर प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान जिले की परिसीमा में स्थित एवं संचालित सभी शराब दुकानों, रेस्टोरेंट बार, होटल बार, सिविलियन क्लब, सैनिक थोक कैंटीन, फुटकर कैंटीन, वाइन विक्रय के लिए स्वीकृत रिटेल आउटलेट एवं अन्य लाइसेंस केंद्र, जिंसी चौराहा स्थित देशी शराब भंडारागार और गांधीनगर स्थित विदेशी शराब भंडारागार से शराब के आयात, निर्यात, परिवहन, क्रय, विक्रय एवं प्रदाय पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

कलेक्टर आशीष सिंह ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए हैं कि उक्त आदेश का सख्ती से पालन किया जाए एवं उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।

अडानी समूह की इस पॉपुलर बिजनेस से निकलने की तैयारी, हिस्सेदारी खरीदने पर ITC की नजर

Adani Group preparing

अडानी ग्रुप को लेकर बड़ी खबर आई है. अडानी ग्रुप अपनी जेवी कंपनी अडानी विल्मर में पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है. अडानी विल्मर फार्च्यून ब्रांड के नाम से खाद्य तेल (एडिबल ऑयल) और दूसरे फूड प्रोडक्ट्स बेचती है. अडानी विल्मर एक जॉइंट वेंचर कंपनी है जिसमें अडानी ग्रुप और सिंगापुर का विल्मर इंटरनेशनल हिस्सेदार हैं. दोनों कंपनियां इसमें 43.97 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं.

आईटीसी खरीदेगी अडानी विल्मर का हिस्सा !

फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक देश की एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी अब अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी विल्मर में इसकी हिस्सेदारी को खरीद सकती है. हालांकि विल्मर जेवी में हिस्सा बेचने के बारे में भेजे गए मेल का अडानी की ओर से कोई जवाब नहीं आया. वहीं आईटीसी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी बाजार की अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती है.

आईटीसी करेगी एडिबल ऑयल बिजनेस में रीएंट्री

ऐसी चर्चा बढ़ रही है कि कोलकाता की कंपनी आईटीसी एडिबल ऑयल बिजनेस में दोबारा एंट्री का प्लान बना रही है. जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक सिगरेट से लेकर एफएमसीजी बिजनेस की दिग्गज कंपनी आईटीसी की अडानी विल्मर में 44 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के प्लान की यही वजह है. ब्रांडेड प्रोडक्ट्स में अडानी विल्मर की बढ़ती उपस्थिति इसका एक कारण हो सकता है आईटीसी इस पर विचार कर रही है.

आईटीसी करना चाहती है फूड बिजनेस का एक्सपेंशन

सनफीस्ट बिस्कुट, आशीर्वाद आटा और यिप्पी नूडल्स की प्रोड्यूसर कंपनी अपने फूड बिजनेस का विस्तार करना चाह रही है. वित्त वर्ष 23 के लिए आईटीसी के 19,123 करोड़ रुपये के कुल एफएमसीजी रेवेन्यू में फूड बिजनेस लगभग 83-84 फीसदी का हिस्सा रखता है. सेक्टर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रांडेड कमोडिटी जैसे एरिया में पिछले कुछ सालों में अनब्रांडेड से ब्रांडेड की ओर बदलाव तेजी से हुआ है. इसके जरिए नेशनल और लोकल प्लेयर्स को अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है.

20 साल पहले आईटीसी ने बेचा था एडिबल ऑयल कारोबार

हालांकि आईटीसी ने दो दशक (20 साल) पहले एडिबल ऑयल कारोबार से बाहर निकल गई थी. कंपनी ने आईटीसी एग्रो टेक में अपना कंट्रोलिंग स्टेक तत्कालीन फूड बिजनेस पार्टनर कंपनी कॉनग्रा फूड्स को बेच दिया था. सूत्रों ने बताया है कि आईटीसी ने इस कारोबार में दोबारा वापसी के विचार को बंद नहीं किया था. लिहाजा आईटीसी की एडिबल ऑयल बिजनेस में वापसी हो सकती है, बशर्ते उसे एक मजबूत ब्रांड और प्रोसेसिंग प्लांट मिल जाएं. अमेरिका की कॉनग्रा फूड्स को अब कॉनग्रा ब्रांड्स कहा जाता है.

हिस्सा बेचने के लिए अडानी ग्रुप की कई कंपनियों से चर्चा

कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अहमदाबाद स्थित अडानी ग्रुप की कुछ और इंवेस्टर्स से भी बातचीत चल रही है. विल्मर में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए अडानी समूह कुछ मल्टीनेशनल कंज्यूमर कंपनियों के साथ-साथ जीक्यूजी पार्टनर्स और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआईए) जैसे फाइनेंशियल इंवेस्टर्स जैसे कई प्लेयर्स से बात कर रहा है. अडानी और विल्मर के इस जॉइंट वेंचर में लगभग 2.5-3 बिलियन डॉलर मूल्य (20,000-24,000 करोड़ रुपये) की हिस्सेदारी बेचने के लिए अडानी ग्रुप की तलाश जारी है. अडानी ग्रुप एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस पर फोकस करने के लिए इस फूड बिजनेस जेवी से बाहर निकलना चाहता है या अडानी समूह बिजनेस को कंसोलिडेट करने पर फोकस कर रहा है- ऐसी खबरें हैं.

देश की बड़ी फूड बिजनेस कंपनियों में अडानी विल्मर का नाम

वित्त वर्ष 2023 में 58,185 करोड़ रुपये और 582 करोड़ रुपये की इनकम के साथ अडानी विल्मर जेवी देश के टॉप के रिफाइनरों में से एक रहा है. ये एडिबल ऑयल और फूड प्रोडक्ट्स के फॉर्च्यून ब्रांड के लिए सबसे पॉपुलर है. इसकी वेबसाइट के मुताबिक कंपनी 113 मिलियन (11.3 करोड़) से ज्यादा घरों तक पहुंचती है, इसके 23 मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और 5,700 डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं.

भारत में एडिबल ऑयल बिजनेस की कई लोकल कंपनियां मौजूद

भारत के एडिबल ऑयल बाजार में कुछ लोकल खिलाड़ियों में एग्रो टेक फूड्स शामिल हैं, जो सनड्रॉप ब्रांड नाम से एडिबल ऑयल बनाती है, कारगिल इंडिया जो नेचरफ्रेश, स्वीकार और जेमिनी रिफाइंड ऑयल बनाता है. वहीं बंज इंडिया जो डालडा वनस्पति और खाना पकाने का तेल बनाता है. इनके अलावा और ब्रांड भी शामिल हैं जिनमें इमामी एग्रोटेक (स्वस्थ और स्वादिष्ट), मैरिको (सफोला) और पतंजलि फूड्स के नाम प्रमुख हैं.

बालाघाट में डाक मत पत्रों को लेकर कलेक्टर ने स्वीकारी प्रक्रियात्मक त्रुटि

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बालाघाट जिले में डाक मत पत्रों की गिनती नहीं हुई। प्रक्रियात्मक त्रुटि अवश्य हुई है। तीन बजे स्ट्रांग रूम खोला जाना था लेकिन उसे डेढ़ बजे ही खोल दिया गया और राजनीतिक दल व अभ्यर्थियों को पत्र भेजने के स्थान पर फोन से सूचना दी गई। इसके लिए डाक मत पत्रों के नोडल अधिकारी तहसीलदार लालबर्रा को निलंबित कर दिया है। यह रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को मंगलवार को भेजी है।

कलेक्टर डा. गिरीश कुमार मिश्रा ने भी प्रक्रियात्मक त्रुटि को स्वीकार किया है और यह भी कहा कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रांग रूम खोला गया। हालांकि, वहां अभ्यर्थियों के अधिकृत प्रतिनिधि और राजनीतिक दल के लोग उपस्थित थे। उधर, इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने एक-दूसरे पर भ्रम फैलाने के आरोप लगाए हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी गई है। डाक मत पत्रों की न तो गणना हुई है और न ही उन्हें खोला गया है। प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, जिसके लिए कार्रवाई की गई है। जब स्ट्रांग रूम को सील किया गया, तब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि वहां उपस्थित थे। सूत्रों का कहना है कि इस बार डाक मत पत्र से मतदान की व्यवस्था में परिवर्तन हुआ है।

कर्मचारियों से प्रशिक्षण स्थल पर बनाए सुविधा केंद्रों पर ही मतदान कराया गया है। यह कार्य मतदान के पूर्व सभी जिलों में हुआ। डाक मत पत्रों को सील बंद करके कोषालय के स्ट्रांग रूम में रखा गया। विधानसभा क्षेत्रवार डाक मत पत्रों के बंडल मतगणना से पूर्व बनाए जाने थे लेकिन बालाघाट में यह कार्य अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को फोन पर सूचना देकर 27 नवंबर को किया गया। यह त्रु़टि हुई। अव्वल तो बाकायदा लिखित में सूचना दी जानी थी और जब तीन बजे का समय नियत किया गया था, तो डेढ़ बजे नहीं खोला जाना था। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी, जो नहीं दी गई।

 

‘गंभीर कदाचरण को सही सिद्ध करने का प्रयास अक्षम्य अपराध’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि बालाघाट में डाक मत पत्रों को जिस तरह से खोला गया, वह गंभीर कदाचरण है। इसके बाद भी सरकारी मशीनरी और जिम्मेदार अधिकारियों ने जिस तरह से इस कृत्य को सही साबित करने का प्रयास किया, वह और भी अक्षम्य अपराध है।

चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी इस समय चुनाव आयोग के अंतर्गत काम कर रहे हैं। कोई भी इस समय किसी पार्टी या मंत्री के मातहत काम नहीं कर रहे हैं इसलिए सभी से निवेदन है कि वे किसी भी असंवैधानिक या गैरकानूनी आदेश का पालन न करें और केवल वही कार्य करें जो करना उनका प्रशासनिक दायित्व है।

कांग्रेस ने आयोग को सौंपा वीडियो, कार्रवाई की मांग

उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग को बालाघाट में डाक मतपत्रों की छंटाई के विषय को लेकर शिकायत की। पार्टी नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि हमने आयोग को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का वीडियो दिया है।

इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि जिला निर्वाचन अधिकारी, जो रक्षक होते हैं वह भक्षक बन गए और मतपत्रों से छेड़खानी की जा रही है। इस पर आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। हम विश्वास करते हैं कि आयोग द्वारा जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा ने एक्स पर पोस्ट किया कि नियम व प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है। इसकी पूरी जवाबदारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाक मत पत्र के रिटर्निंग अधिकारी की होती है इसलिए दोनों को निलंबित किया जाना चाहिए।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कांग्रेस के सारे आरोप झूठे हैं। पार्टी के संगठन मंत्री स्वयं बयान दे चुके हैं कि भ्रम के कारण यह स्थिति बनी। हम संतुष्ट हैं। साथ ही कांग्रेस के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डाक मत पत्रों के बंडल जमाने का काम हुआ, इसके पंचनामें में सबके हस्ताक्षर हैं।

स्ट्रांग रूम की बिजली गुल, सीसीटीवी कैमरे हुए बंद

पालिटेक्निक कालेज में मतगणना के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम की बिजली मंगलवार को गुल हो गई, जिससे सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए। इससे नाराज कांग्रेस की ओर से मामले की त्वरित जांच करने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गिरीश कुमार मिश्रा को हटाने की मांग की गई है।

कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी से जनरेटर की व्यवस्था के लिए कहा था। करीब आधा से पौन घंटे तक बिजली गुल रही। इससे मतगणना के दिन भी गड़बड़ी किए जाने की आशंका है।

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