सिर्फ शराब ही नहीं ये 5 चीजें भी हैं लिवर की दुश्मन, जितना दूर रहेंगे उतना ही अच्छा है

enemies of the liver

 

सेहतमंद रहने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट एक हैल्दी लिवर(Liver Health) की वकालत करते आए हैं. हैल्दी लिवर आपके पूरे शरीर की सेहत को संभाल कर रखता है लेकिन खराब लिवर अपने साथ साथ दूसरी कई परेशानियों का सबब बन जाता है. ऐसे में अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा शराब पीने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है क्योंकि शराब लिवर के लिए बुरी कही जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लिवर की सेहत केवल शराब को छोड़ने से ही सही नहीं रह सकती. दरअसल कुछ और चीजे हैं जिनके सेवन से लिवर को अच्छा खासा नुकसान हो जाता है. चलिए जानते हैं कि शराब के अलावा और दूसरी क्या चीजें हैं जिनका लिवर पर बुरा असर पड़ता है.

लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं ये फ़ूड

चीनी खाने पर लगाइए लगाम

ज्यादा मीठा खाना यानी ज्यादा शुगर का सेवन आपके लिवर के लिए अच्छा साबित नहीं होता है. दरअसल जब कोई ज्यादा शुगर का सेवन करता है तो शरीर में जाकर इस एक्स्ट्रा शुगर को लिवर फैट में तब्दील कर देता है. ऐसे में अगर आप ज्यादा चीनी का सेवन करेंगे तो आपके शरीर में फैटी लिवर होने की आशंका बढ़ सकती है.

कोल्ड ड्रिंक्स से कीजिए तौबा

अगर आपको कोल्ड ड्रिंक्स और कार्बोनेटिड ड्रिंक पीने का शौक है तो अपने लिवर के साथ आप खिलवाड़ कर रहे हैं. इन सभी ड्रिंक्स में खूब सारी शुगर होती है और अगर आप लिमिट से ज्यादा इन ड्रिंक्स का सेवन करेंगे तो ज्यादा शुगर आपके शरीर में जाकर आपके लिवर को नुकसान करेगी और फैटी लिवर की दिक्कत हो जाएगी.

नमक का सीमा के भीतर कीजिए यूज

कहते हैं कि भोजन में नमक का होना बहुत जरूरी है. लेकिन जरूरत से ज्यादा नमक खाना भी आपके लिवर को बीमार करने के लिए जिम्मेदार बन सकता है. ज्यादा नमक का सेवन करने से शरीर में वाटर रिटेंशन हो जाता है और इसका बुरा असर लिवर पर पड़ता है. ऐसे में लिवर को फिट रखने के लिए आपको नमक का सेवन सीमित मात्रा में ही करें.

मैदा पहुंचाता है नुकसान

मैदा और मैदा बनी चीजों का सेवन कम करना चाहिए ताकि आपका लिवर हैल्दी बना रह सके. दरअसल मैदा से बने फूड्स और खासकर ऐसे मैदा युक्त फूड जो ज्यादा तेल में तले गए हों, ये सभी आपके लिवर को बीमार कर देते हैं. पास्ता, पिज्जा, ब्रेड जैसी चीजें आपके लिवर को नुकसान करती हैं.

रेड मीट

रेड मीट खाते हैं तो ये आपको ध्यान रखना होगा कि इसका भी सेवन लिमिट के भीतर किया जाए. रेड मीट में ढेर सारा प्रोटीन होता है और अगर आप ज्यादा प्रोटीन का इनटेक करेंगे तो उसे पचाने में लिवर को एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ेगी और उसकी कार्यक्षमता पर असर पड़ेगा.

  खाद्य तेल और दाल-दलहन सस्ता खाद्य तेल और दाल-दलहन सस्ता 

Edible oil and pulses

 

दिल्ली 15 अक्टूबर | विदेशी बाजारों के मिश्रित रुझान के बीच स्थानीय स्तर पर मांग फिसलने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों के साथ ही दाल-दलहन के भाव गिर गए वहीं अन्य जिंसों  में टिकाव रहा। तेल-तिलहन : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का नवंबर वायदा सप्ताहांत पर 140 रिंगिट उबलकर 3705 रिंगिट प्रति टन हो गया। वहीं, नवंबर का अमेरिकी सोया तेल वायदा 1.12 सेंट की गिरावट लेकर 54.48 सेंट प्रति पौंड रह गया।

जीत नहीं सकते तो, भारत से सीखो, रमीज राजा ने पाकिस्तानी टीम को लगाई फटकार

If you can't win

 

पाकिस्तान की करारी हार के बाद रमीज राजा नाराज हैं। उन्होंने कड़े शब्द में कहा कि टीम की हार दुखद और डरावनी है। भारत ने मैन इन ग्रीन को 191 रन पर समेट दिया। फिर रोहित शर्मा की शानदार पारी के बदौलत 30.3 ओवर में मैच जीत लिया। पू्र्व कप्तान राजा ने कहा, यह हार उन्हें दुख पहुंचाती है। पाकिस्तान टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में खराब प्रदर्शन किया। अगर आप जीत नहीं सकते को कम से कम उन्हें अच्छी लड़ाई तो देते।

रमीज राजा ने पाकिस्तान की हार पर कहा

रमीज राजा ने कहा, ‘यह सच है पाकिस्तान को इसके बारे में कुछ करने की जरूरत है। उन्हें टीम इंडिया के खिलाफ चोकर्स के रूप में नहीं जाना जा सकता है। यह कोई बड़ा टैग नहीं है।’ रमीज ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर काफी दबाव है। जब आप भारत के खिलाफ खेलते हैं, तो मैदान में 99% भारतीय फैंस होते हैं। मैं इन सभी चीजों को समझ सकता हूं। रमीज ने कहा, ‘बाबर आजम पिछले 4 से 5 सालों से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है।’

वनडे विश्व कप में भारत की 8-0 से बढ़त

रमीज राजा ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दबाव में खेलने का तरीका सीखने की सलाह दी। उन्होंने वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपनी पकड़ बनाए रखने पर भारतीय टीम की सराहना की। बता दें वनडे विश्व कप में भारत-पाकिस्तान 7 बार आमने-सामने हुई हैं। सभी मैच टीम इंडिया ने जीते हैं। पाक प्रशंसकों को उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले मैच में पाकिस्तान अनचाहा रिकॉर्ड तोड़ देगी, लेकिन एक बार फिर टीम जीतने में नाकाम रही। अब रिकॉर्ड 8-0 हो गया है।

दिन में गर्मी, सुबह-शाम ठंड, बदलते मौसम के कारण बढ़ रहा वायरल संक्रमण, सावधानी जरूरी वर्तमान में मौसम में बार-बार बदलाव हो रहा है। दिन में धूप के कारण गर्मी व सुबह व शाम ठंड का माहौल रहता है। बदले मौसम के कारण वायरल संक्रमण बढ़ रहे हैं। इसके कारण लोगों में श्वास संबंधित बीमारी भी हो रही है। श्वसन रोग विशेषज्ञ का कहना है कि अभी कई लोगों में वायरल के कारण खांसी, बुखार व सर्दी के लक्षण के दिखाई दे रहे हैं। कई मरीज डेंगू व पेट के संक्रमण से भी ग्रसित हैं। वर्तमान में नमी कम होने के कारण धूल के कण वायुमंडल में उड़ते रहते हैं। इससे लोगों को एलर्जी व अस्थमा की शिकायतें बढ़ जाती है। इस तरह की अनदेखी न करें यदि किसी को तेज बुखार, बदन में दर्द या श्वास लेने में कोई परेशानी हो या शरीर पर चकत्ते हो रहे हों तो तुरंत चिकित्सक का परामर्श लिया जाना चाहिए। कई बार लोग इसे सामान्य सर्दी-जुकाम व वायरल फीवर मानकर दवाएं लेते रहते हैं और रक्त की जांच भी नहीं करवाते हैं। इस तरह की अनदेखी के कारण मरीजों के प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती और आक्सीजन का लेवल कम होने भी परेशानी बढ़ सकती है। चेहरे पर मास्क, स्कार्फ पहनें या हेलमेट लगाएं इस मौसम में पौष्टिक भोजन करना चाहिए। जिन लोगों को अस्थमा या एलर्जी की शिकायत है, वो घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क, स्कार्फ या वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करे। इससे धूल के संक्रमण से बच सकेंगे। बुजुर्ग या अन्य किसी व्यक्ति को यदि डायबिटीज या अन्य कोई बीमारी है तो उससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। ऐसे मौसम में उन्हें भी विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

Heat during the day

 

वर्तमान में मौसम में बार-बार बदलाव हो रहा है। दिन में धूप के कारण गर्मी व सुबह व शाम ठंड का माहौल रहता है। बदले मौसम के कारण वायरल संक्रमण बढ़ रहे हैं। इसके कारण लोगों में श्वास संबंधित बीमारी भी हो रही है।

श्वसन रोग विशेषज्ञ का कहना है कि अभी कई लोगों में वायरल के कारण खांसी, बुखार व सर्दी के लक्षण के दिखाई दे रहे हैं। कई मरीज डेंगू व पेट के संक्रमण से भी ग्रसित हैं। वर्तमान में नमी कम होने के कारण धूल के कण वायुमंडल में उड़ते रहते हैं। इससे लोगों को एलर्जी व अस्थमा की शिकायतें बढ़ जाती है।

इस तरह की अनदेखी न करें

यदि किसी को तेज बुखार, बदन में दर्द या श्वास लेने में कोई परेशानी हो या शरीर पर चकत्ते हो रहे हों तो तुरंत चिकित्सक का परामर्श लिया जाना चाहिए। कई बार लोग इसे सामान्य सर्दी-जुकाम व वायरल फीवर मानकर दवाएं लेते रहते हैं और रक्त की जांच भी नहीं करवाते हैं। इस तरह की अनदेखी के कारण मरीजों के प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती और आक्सीजन का लेवल कम होने भी परेशानी बढ़ सकती है।

चेहरे पर मास्क, स्कार्फ पहनें या हेलमेट लगाएं

इस मौसम में पौष्टिक भोजन करना चाहिए। जिन लोगों को अस्थमा या एलर्जी की शिकायत है, वो घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क, स्कार्फ या वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करे। इससे धूल के संक्रमण से बच सकेंगे। बुजुर्ग या अन्य किसी व्यक्ति को यदि डायबिटीज या अन्य कोई बीमारी है तो उससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। ऐसे मौसम में उन्हें भी विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

नवरात्र के दूसरे दिन इस तरह करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग

Worship Goddess Brahmacharini

 

16 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या की देवी कहा जाता है। इनकी पूजा करने से भक्तों को सभी प्रकार के सुख मिलते हैं। मां ब्रह्मचारिणी के नाम में कई तरह की शक्तियां होती हैं। ब्रह्मा का अर्थ है “तपस्या” और चारिणी का अर्थ है “आचरण”। इसका मतलब है कि तप का आचरण करने वाली शक्ति मां ब्रह्मचारिणी हैं। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इनकी आराधना करता है। उसे तप, त्याग, संयम की प्राप्ति होती है।

इस तरह करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इसलिए इस दिन पूजा भी शास्त्रीय विधि से की जाती है।

इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
मां को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद मां दुर्गा को अक्षत चंदन और रोली चढ़ाएं।
मां ब्रह्मचारिणी को कमल और गुड़हल के फूल बहुत प्रिय हैं, इसलिए इन फूलों को पूजा में जरूर शामिल करना चाहिए।
कलश देवता और नवग्रह मंत्र की विधिवत पूजा करें। देवी मां की आरती घी और कपूर के दीपक से करें।

इन मंत्रों का करें जाप

मां ब्रह्मचारिणी के इन मंत्रों का जाप अवश्य करें।
दधाना करपद्माभ्याम्, अक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
वन्दे वांछित लाभायचन्द्रार्घकृतशेखराम्।
जपमालाकमण्डलु धराब्रह्मचारिणी शुभाम्॥
परम वंदना पल्लवराधरां कांत कपोला पीन।
पयोधराम् कमनीया लावणयं स्मेरमुखी निम्ननाभि नितम्बनीम्॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं ब्रह्मचारिणीय नमः।
ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:।।

मां ब्रह्माचारिणी को लगाएं इन चीजों का भोग

मां ब्रह्मचारिणी को पीली मिठाई का भोग लगाएं। केसरिया मिठाई, केले आदि का भोग लगा सकते हैं। इससे मां ब्रह्मचारिणी बहुत प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा बनी रहती है।

कुछ ही घंटों में होगा ‘बिग बॉस 17’ का आगाज, इस बार कंटेस्टेंट कर सकेंगे मोबाइल का इस्तेमाल

'Bigg Boss 17'

 

टेलीविजन का फेमस रियलिटी शो ‘बिग बाॅस 17’ अपने आगाज के लिए तैयार है। आज से इस शो का ग्रैंड प्रीमियर होने जा रहा है। आज से कई स्टार्स कंटेस्टेंट के तौर पर बिग बाॅस के घर में 105 दिन के लिए बंद होने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार का सीजन काफी अलग और नया होने वाला है। इस बार सिंगल्स और कपल्स के बीच में जंग देखने को मिलने वाली है। शो में शामिल होने वाले कंटेस्टेंट की लिस्ट पहले ही सामने आ गई है। शो में कई बड़े बदलाव भी किए गए है, जो दर्शकों का काफी मनोरंजन करने वाले हैं।

9 बजे से शुरू हो जाएगा शो

15 अक्टूबर, रविवार यानी आज से बिग बाॅस के नए सीजन की शुरुआत होने जा रही है। शो के प्रीमियर वीडियो भी रिलीज कर दिए गए हैं। शो में शामिल होने वाले कंटेस्टेंट की एक झलक भी दिखाई गई है। जिस घर में इन कंटेस्टेंट्स को रखा जाएगा, वहां पांच बड़े बदलाव किए गए हैं। दर्शकों के लिए इस बार शो काफी दिलचस्प होने वाला है। मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, घर के एंट्रेंस पर घोड़े का स्टैच्यू रखा गया है। इस बार घर में कोई कैप्टन नहीं बनेगा। न ही कोई जेल होगी और न ही डायनिंग एरिया। घर का किचन यूरोपियन थीम पर बनाया गया है।

कपल्स को मिलेंगे स्पेशल रूम

‘बिग बॉस 17’ का किचन एरिया कैफे की तरह होगा। साथ ही ये भी बताया गया है कि इस बार कंटेस्टेंट्स को मोबाइल भी इस्तेमाल करने की इजाजत है। हालांकि, इसमें भी एक ट्विस्ट है। सभी कंटेस्टेंट्स को फोन इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। सिर्फ कुछ ही ऐसे स्टार्स होंगे, जिन्हें इसकी परमिशन होगी। इस बार कपल्स की एंट्री हो रही है, जिसमें उन्हें दिल थीम वाला कमरा दिया जाएगा। जिसमें काफी लग्जरी आइटम होंगे। वहीं, दिमाग सेक्शन थीम वाला रूम उन्हें दिया जाएगा, जिन्हें फैंस अपना फेवरेट बताएंगे। वहीं, दम सेक्शन थीम वाले रूम के लिए कंटेस्टेंट को फाइट करनी होगी।

भोपाल जिले में तीन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित, मंत्री विश्वास सारंग को टक्कर देंगे मनोज शुक्ला

Congress candidates declared on three

 

भोपाल । नवरात्र के पहले दिन रविवार को कांग्रेस ने प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में 144 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इनमें भोपाल की नरेला, भोपाल (मध्य) और बैरसिया विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। नरेला से कांग्रेस ने मनोज शुक्ला के नाम पर दांव लगाया है | वहीं मध्य से एक बार फिर आरिफ मसूद पर कांग्रेस ने भरोसा जताया है। बैरसिया से जयश्री हरिकरण को भी फिर से टिकट दिया है।

नरेला में वर्ष-2018 में महेंद्र सिंह चौहान चुनाव लड़े थे। इस बार कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को टिकट दिया है। कांग्रेस ने तीनों टिकट सर्वे के आधार पर दिए हैं। जो जनता से जुड़ा, उन्हें टिकट दिया गया है। वहीं भाजपा पहले से ही मध्य विधानसभा क्षेत्र से ध्रुव नारायण सिंह, नरेला से मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और बैरसिया से विष्णु खत्री को चुनाव मैदान में उतार चुकी है। अभी भाजपा ने दक्षिण-पश्चिम से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। इधर कांग्रेस ने गोविंदपुरा, हुजूर, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम से प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में अभी तक जिले की तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस से आमने-सामने कौन-कौन उम्मीदवार होंगे, यह तय हो सका।

नरेला क्षेत्र – ये होंगे आमने सामने

भाजपा – विश्वास कैलाश सारंग

नरेला सीट से वर्तमान विधायक और प्रदेश सरकार में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हैं। भाजपा की ओर से राज्यसभा सदस्य रहे स्वर्गीय कैलाश सारंग के छोटे बेटे हैं। नरेला विधानसभा क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है। यही से जीतकर मंत्री बने हैं।

कांग्रेस – मनोज शुक्ला

क्यों टिकट मिला – क्षेत्र में सक्रिय हैं। महिलाओं को धार्मिक यात्राएं कराने से लेकर स्वयं अपने पैसों की लोगों की मदद करते हैं। भाजपा सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते। नरेला विधानसभा क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है| इसलिए कांग्रेस ने इस बार उन पर भरोसा जताया है।

मध्य विधानसभा क्षेत्र – मूसद व ध्रुव के बीच सीधी टक्कर

भाजपा – ध्रुव नारायण सिंह

क्यों टिकट दिया – ध्रुव नारायण सिंह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह के बेटे हैं। वो 2008 विधानसभा चुनाव में मध्य विधानसभा से चुनाव लड़े। विधायक बने। वर्ष 2013 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। उनकी जगह सुरेंद्रनाथ सिंह मम्मा को टिकट दिया। उन्होंने भी जीत दर्ज की। वहीं 2018 में सुरेंद्र मम्मा कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ मसूद से हार गए। अब भाजपा ने फिर ध्रुव नारायण पर भरोसा जताया है।

कांग्रेस – आरिफ मसूद

क्यों दिया टिकट – कांग्रेस ने एक बार फिर वर्ष-2018 विधानसभा चुनाव में जीतने वाले विधायक आरिफ मसूद पर विश्वास जताया है। मसूद मुस्लिम समुदाय में लोकप्रिय हैं। उनकी पकड़ हिन्दू आबादी में भी है। विधायक रहते हुए क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं। उन पर कोई ऐसा गंभीर आरोप नहीं लगा। उनकी सक्रियता पूरे क्षेत्र में रहती है। सर्वे में उनको अच्छे अंक मिले और कांग्रेस ने फिर से प्रत्याशी बनाया।

बैरसिया विधानसभा क्षेत्र – खत्री व जयश्री फिर मैदान में

भाजपा – विष्णु खत्री

क्यों टिकट दिया – इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 65 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति- जनजाति की है। यह सीट भी अनुसूचित जाति की है। वर्ष 2018 में विष्णु खत्री ने जयश्री हरिकिरण को 13779 मतों को हराया था। बीते पांच वर्षों में खत्री सक्रिय रहे। भाजपा ने उन पर फिर से भरोसा जताया।

कांग्रेस – जयश्री हरिकिरण

क्यों टिकट दिया- कांग्रेस नेता जयश्री हरिकरण अनुसूचित वर्ग से आती हैं। हारने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी। लोगों के दुख-सुख में खड़ी रहती हैं। कांग्रेस के सर्वे में उनका नाम आया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय की समर्थक हैं। कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के मतों की संख्या का प्रतिशत होने से जयश्री पर भी विश्वास जताया है।

ये सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी होने हैं घोषित, इसलिए फंसा पेंच

दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक पीसी शर्मा को कांग्रेस टिकट देना चाह रही है। वहीं संजीव सक्सेना दावेदारी जता रहे हैं। हुजूर विधानसभा क्षेत्र में जितेंद्र डागा, नरेश ज्ञानचंदानी दावेदारी जता रहे हैं। गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में रवींद्र झूमरवाला, रामबाबू शर्मा, दीपक गुप्ता दावेदारी जता रहे हैं। उत्तर में पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे आतिफ अकील को टिकट देने की चर्चा हैं, लेकिन आरिफ अकील के भाई आमिर अकील सड़क पर उतरकर विरोध कर चुके हैं। ऐसे में शहर की इन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। कांग्रेस आलाकमान एक-दो दिन में इन सीटों पर भी प्रत्याशियों का ऐलान कर सकता है।

महाकोशल को फिर भगवा रंग में रंगने जुटी भाजपा, कद्दावर नेताओं को चुनावी रण में उतारा

BJP again started painting Mahakoshal

 

जबलपुर। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने महाकोशल अंचल की 38 सीटों में से 24 सीटें जीती थीं। 2018 के चुनाव में जातिवाद का जहर और आदिवासियों की बेरुखी के कारण भाजपा की सीटें घटकर 13 रह गईं जबकि कांग्रेस का ग्राफ बढ़कर 24 हो गया। 2023 के चुनाव में भाजपा पुन: महाकोशल को भगवा रंग में रंगने जुट गई है। अपने गढ़ पर जीत सुनिश्चित करने पार्टी ने प्रहलाद सिंह पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते और राकेश सिंह जैसे कद्दावर नेताओं को चुनावी रण में उतारा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सितंबर 2022 से लगातार महाकोशल अंचल के प्रमुख केंद्र जबलपुर पर फोकस कर रहे हैं।

प्रहलाद सिंह पटेल के पास लंबा अनुभव

नरसिंहपुर सीट से भाजपा के प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है वह दो बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनकी मौजूदगी भाजपा को नरसिंहपुर के आस-पास की सीटों में भी लाभ पहुंचाएगी। केंद्रीय मंत्री तथा मंडला जिले की निवास सीट से भाजपा के प्रत्याशी फग्गन सिंह कुलस्ते का आदिवासी अंचल में अच्छा प्रभाव है वह गांव-गांव का भ्रमण कर रहे हैं।

मतदाता संपर्क अभियान के अंतर्गत भाजयुमो, महिला मोर्चा जुटा है। बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं भी इस कार्य में लगे हैं। जबलपुर की हाट सीटों में एक पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी और जबलपुर के सांसद राकेश सिंह मतदाताओं को शहर के विकास कार्यों से अवगत करा रहे हैं। वर्तमान में इस सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री तरुण भानोत विधायक हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लगातार दौरे

भाजपा सरकार में महाकोशल अंचल की उपेक्षा को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि लगातार आवाज उठाते रहे लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव के पहले भाजपा को इस क्षेत्र की 38 सीटें में अपनी स्थिति मजबूत करने की सुध आई और मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद आरंभ हुई। बीते कुछ महीनों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लगातार महाकोशल के प्रमुख केंद्र जबलपुर पहुंचकर चुनावी प्रबंधन का कार्य किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सितंबर 2022 से जबलपुर पर फोकस्ड हैं।

गाजा में पीने के पानी की कमी से जानलेवा बीमारियों का खतरा – डब्ल्यूएचओ

Risk of fatal diseases due to lack of

 

वाशिंगटन, 15 अक्टूबर | विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने शनिवार को कहा कि गाजा पट्टी में पीने के पानी की कमी होने से घातक महामारी का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, विशेषकर उन आबादी में जिनकी स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच नहीं है। घेब्रेयेसस ने एक्स पर कहा “स्वच्छ पानी की कमी होने जल जनित बीमारी होने का एक तत्काल जोखिम है, जो स्वास्थ्य देखभाल तक सीमित या पहुंच नहीं रखने वाले नाजुक आबादी के लिए घातक हो सकता है।”

सीएम शिवराज सिंह पीतांबरा माई के दरबार में पहुंचे, भाजपा की विजय के लिए लगाई अर्जी

reached the court of Pitambara Mai

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज विशेष विमान से दतिया पहुंचे। नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री ने देशभर में ख्याति प्राप्त तांत्रिक शक्तिपीठ देवी पीतांबरा माई के दरबार में ढोक लगाई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यहां देवी बगलामुखी की पूजा अर्चना की और विशेष पूजा अनुष्ठान के साथ चुनाव में विजयी कामना की अर्जी लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा भी रहे। दर्शन के बाद भिंड, मुरैना के लिए रवाना दतिया में पीताम्बरा माई के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भिंड के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री मुरैना के दिमनी विधानसभा में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर चंबल अंचल में 2018 के चुनाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था । ऐसे में भाजपा सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र पर अधिक नजर है। ग्वालियर चंबल क्षेत्र के चुनावी कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्यमंत्री ने मां पीतांबरा माई के दरबार में ढोक लगाकर की है।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...