युवती को फंसाकर की शादी फिर दोस्तों के साथ मिलकर किया दुष्कर्म, केस दर्ज

Trapped a girl and got her marrie

 

ग्वालियर। गोला का मंदिर इलाके में रहने वाली युवती के साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य का मामला सामने आया है। युवती को फंसाया, आर्य समाज मंदिर से शादी की। इसके बाद युवती को आरोपित ने किराये के घर में रखा। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित के दोस्तों ने भी दुष्कर्म किया। इस मामले में गोला का मंदिर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य की धाराओं में एफआइआर दर्ज कर ली है।

रात को आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस इनके घरों पर पहुंची। यहां से यह लोग गायब थे। ग्वालियर के पिछोर इलाके में रहने वाली 22 वर्षीय युवती की मुलाकात कुछ समय पहले धर्मेंद्र शर्मा पुत्र दीनदयाल शर्मा से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। युवती को मिलने के लिए बुलाया। उससे आर्य समाज मंदिर में शादी की। इसके बाद उसे गोला का मंदिर इलाके में किराये से मकान लिया। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य किया। फिर आरोपित ने अपने दो और साथियों को बुला लिया। उसने हेमंत तिवारी और भूरा पचौरी को बुलाया। इन लोगों ने भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। फिर उसे जान से मारने की धमकी दी। उसके साथ कई बार मारपीट की। किसी तरह पीड़िता यहां से भागी और अपने स्वजनों के पास पहुंची। पीड़िता अपने स्वजनों के साथ थाने पहुंची और एफआइआर दर्ज करवाई। इस मामले में पुलिस रात को ही आरोपितों के घर पहुंची, लेकिन यह लोग पकड़े नहीं जा सके हैं।

ट्रक चालक ने लिफ्ट देने के बहाने महिला के साथ किया दुष्कर्म

एक महिला को ट्रक चालक ने लिफ्ट देने के बहाने ट्रक में बैठाया। उसे महाराजपुरा इलाके में ले गया। यहां जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में महाराजपुरा थाना पुलिस ने दुष्कर्म की एफआइआर दर्ज कर ली है। महाराजपुरा थाना प्रभारी आलोक सिंह भदौरिया ने बताया कि देशराज गुर्जर पेशे से ट्रक चालक है। महाराजपुरा इलाके में रहने वाली एक महिला अपने रिश्तेदार के यहां गई थी। वह घर लौट रही थी। बड़ागांव के पास ट्रक चालक ने उसे लिफ्ट देने के बहाने रोका। इसके बाद उसे ट्रक में बैठाया। उसे लेकर महाराजपुरा पहुंचा। यहां मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। आरोपित ने उसके साथ मारपीट भी की। पीड़िता थाने पहुंची और रात में एफआइआर दर्ज करवाई।

विरासत सहेजने को लेकर भोपाल स्मार्ट सिटी को मिला दूसरा स्थान

Bhopal Smart City

 

भोपाल । राजधानी की 120 वर्ष पुरानी विरासत को सहेजने के लिए स्मार्ट सिटी भोपाल को देश में दूसरा स्थान मिला है। यह पुरस्कार बुधवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों स्मार्ट सिटी के सीईओ गौरव बेनल ने ग्रहण किया। यह पुरस्कार सदर मंजिल को हेरिटेज होटल के तौर पर विकसित करने के लिए दिया गया है। बता दें कि स्मार्ट सिटी ने 11 करोड़ रुपये से सदर मंजिल का सुंदरीकरण किया है। अब इसे हेरिटेज होटल के रूप में संचालित किया जा रहा है।

इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने संचालन के लिए कोलकाता की आरडीबी रिएलिटी कंपनी के साथ अनुबंध किया है। इसके बदले स्मार्ट सिटी को उक्त कंपनी हर वर्ष 80 लाख रुपये लीज रेंट चुकाएगी। यह हर तीन वर्ष में 10 प्रतिशत लीजरेंट बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड ने पेन सिटी परियोजना अंतर्गत सदर मंजिल का हेरिटेज कंजर्वेशन कार्य किया है। इसमें ऐतिहासिक इमारत सदर मंजिल को मूर्त रूप दिया गया है, इससे सदर मंजिल की उम्र 150 साल और बढ़ गई है। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, भारत सरकार के सचिव मनोज जोशी उपस्थित थे।

इंडो-इस्लामिक और यूरोपीय शैली में किया गया निर्माण

सदर मंजिल का निर्माण वर्ष 1860 से 1880 के बीच हुआ था। नवाब सिकंदर जहां बेगम ने इसका निर्माण इंडो-इस्लामिक और यूरोपीय शैली में कराया था। सदर मंजिल में नवाब सुल्तान जहां बेगम का दरबार लगता था। इसके बाद नवाब हमीदुल्ला खां का दरबार भी यहां लगा। बाद में शहर की इंतजामिया कमेटी का कार्यालय भी सदर मंजिल में लगा। कई वर्षों तक सदर मंजिल में नगर निगम का मुख्यालय संचालित हुआ।

सदर मंजिल से दिखता है बड़े तालाब का खूबसूरत नजारा

सदर मंजिल के भीतर हेरिटेज होटल का काम पूरा हो गया है। यहां दरबार हाल में कोटयार्ड बनाया गया है। जहां बैठकर राजसी अंदाज में डिनर पर्यटक व शहरवासी डिनर या लंच कर सकते हैं। इसके फर्स्ट फ्लोर पर इवनिंग काफी शाप बनाई गई है। इसकी लोकेशन ऐसे सेट की गई है कि यहां से बड़ी झील का खूबसूरत नजारा देखा जा सके। सदर मंजिल में होटल के फर्स्ट फ्लोर पर 22 कमरे बने हैं, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर कोटयार्ड के साथ अन्य सुविधाएं दी गई हैं।

सुंदरीकरण में उड़द दाल, मेथी, जूट, गुड़, मार्बल का उपयोग

सदर मंजिल के सुंदरीकरण का काम भी स्मार्ट सिटी कंपनी ने ही किया था। इसके लिए उड़द दाल, मेथी, जूट, गुड़, मार्बल पाउडर, चूना और सरखी का इस्तेमाल किया गया था, क्योंकि इस इमारत को जब बनाया गया, तब इन्हीं चीजों का उपयोग किया गया था। सदर मंजिल के एक हिस्से में संस्कृति विभाग भोपाल पर केंद्रित म्यूजियम भी बनाएगा। इसमें भोपाल के इतिहास की जानकारी दी जाएगी।

जे के हॉस्पिटल चौराहे पर दुर्गा पूजा के लिए हुआ भूमिपूजन

 

भोपाल, कोलार उपनगर के जेके हॉस्पिटल चौराहे पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने नवरात्र उत्सव के लिए श्री दुर्गा उत्सव समिति द्वारा बैठाई जाने वाली झांकी के लिए भूमिपूजन किया।कार्यक्रम के संयोजक पूर्व पार्षद भूपेंद्र माली ने बताया हम इस बार भी गत वर्ष की तरह भव्य झांकी तैयार करने जा रहे है साथ ही उत्सव के दौरान गरबा, जागरण, भंडारा सहित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर पार्षद श्रीमति ज्योति मिश्रा, वरिष्ठ समाजसेवी आर सी मालवीय, जितेंद्र पूरी सहित समिति अध्यक्ष अनूप सिंह बेस, अरुण तिवारी, सुनील सिंह बघेल, एल के त्रिपाठी, सुभाष दवे, विशाल पाठक, अभिषेक द्विवेदी, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती नमिता सक्सेना, नरेश शर्मा, नरेंद्र रघुवंशी, रणवीर सिंह, आचंल पाटिल, राजेश सेंगर एवं बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहें।

Business News : केंद्र सरकार करेगी एलपीजी सब्सिडी और मुफ्त राशन योजना का मूल्यांकन

National Food Security Act, Development Monitoring and Evaluation Office, MSME, LPG subsidy

एलपीजी सब्सिडी और मुफ्त राशन योजना का होगा मूल्यांकन

केंद्र सरकार चार लाख करोड़ रुपये की अब तक की सबसे बड़ी सब्सिडी योजनाओं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और एलपीजी के मूल्यांकन की तैयारी में है। नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। चार लाख करोड़ रुपये की इन सब्सिडी योजनाओं की समीक्षा इसलिए की जाएगी, ताकि होने वाले खर्च को तर्कसंगत बनाया जा सके। इसके साथ ही किसी तरह के रिसाव को रोका जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सही लोगों तक लाभ पहुंच रहा है।

नीति आयोग से जुड़े विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय ने दोनों योजनाओं के मूल्यांकन के लिए एक केंद्रीय समन्वय एजेंसी के लिए प्रस्ताव मंगाया है। इससे सालाना लगभग 4,00,000 करोड़ रुपये का खर्च आता है। महत्वपूर्ण खर्च के बावजूद भारत को अभी भी खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी परिणाम प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत वैश्विक भूख की आबादी में लगभग 30 फीसदी का योगदान देता है।

एमएसएमई के 256 करोड़ रुपये के दावे मंजूर

वहीं, सरकार ने विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास-1’ के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के 256 करोड़ के रिफंड से जुड़े 10,000 से अधिक दावों को मंजूर कर लिया है। योजना के तहत एमएसएमई कंपनियां कोरोना के दौरान सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की ओर से जब्त प्रदर्शन या बोली गारंटी के 95 फीसदी राशि के रिफंड का दावा कर सकती हैं।

वित्त मंत्रालय ने कहा, कुल 256 करोड़ रुपये के रिफंड में एमएसएमई को सबसे ज्यादा 116.47 करोड़ की राहत पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दी है। रेलवे और रक्षा मंत्रालयों के तहत एजेंसियों के मामले में रिफंड क्रमशः 79.16 करोड़ और 23.45 करोड़ रुपये का है। इस्पात व बिजली मंत्रालय क्रमशः 14.48 करोड़ व 6.69 करोड़ रिफंड देंगे। विवाद से विश्वास योजना की घोषणा 2023-24 के बजट में हुई थी।

 

मीथेन उत्सर्जन रोकने के लिए जैविक अपशिष्ट काे निपटाना जरूरी

मीथेन उत्सर्जन को रोकने के लिए जैविक अपशिष्ट के निपटान पर सरकारों को काम करना चाहिए। साथ ही अपशिष्ट कचरा स्थल और जैविक अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं से मीथेन उत्सर्जन का सटीक अनुमान लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी अध्ययन होना चाहिए। यह सलाह विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र ने जारी एक रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लैंडफिल साइट पर जैविक रूप से नष्ट होने वाले अपशिष्ट के निस्तारण को तत्काल चरणबद्ध करना बहुत जरूरी है। रिपोर्ट में एक प्रमुख चिंता नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट और मीथेन उत्सर्जन से संबंधित आंकड़े की अविश्वसनीयता व असमानता से जुड़ी है। इसे हल करने के लिए प्रथम-क्रम क्षय (एफओडी) विधि के उपयोग का सुझाव दिया है, जो लैंडफिल साइट से मीथेन उत्सर्जन का अधिक सटीक अनुमान लगाने के लिए क्षेत्र के आंकड़े और प्राथमिक अनुसंधान पर निर्भर करती है।

वैश्विक नेतृत्व के लिए फार्मा उद्योग को नए उत्पादों पर देना होगा ज्यादा ध्यान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का कहना है कि वैश्विक नेतृत्व हासिल करने के लिए देश के फार्मा उद्योग को नवोन्वेषी उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मा मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय नीति को लॉन्च किया। इसी के साथ ही फार्मा क्षेत्र के लिए सरकार ने एक पीआरआईपी योजना भी शुरू की है, जिसके तहत फार्मा कारोबार को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन और उर्वरक व नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल भी उपस्थिति रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, आज एक ऐतिहासिक दिन है। फार्मा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हमें भारतीय फार्मा और मेड टेक क्षेत्रों को नवाचार आधारित उद्योग में बदलने की जरूरत है। नीति का उद्देश्य पारंपरिक दवाओं, फाइटोफार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना है।

Latest Crime News: पुलिस को मिली कामयाबी मोबाइल लुटेरा गिरफ्तार

BHOPAL, आगामी चुनाव एवं त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुये चोरों, लुटेरो के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी द्वारा दिशा निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस उपायुक्त जोन-01 रामजी श्रीवास्तव तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 शशांक के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज संभाग ,भोपाल वीरेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व मे थाना प्रभारी द्वारा गठित टीम को सूचना मिली कि कोलुआ तिराहा इमली वाली माता के पास एक लडका संदिग्ध हालत में घूम रहा है मौके पर लडके को घेराबंदी कर हमराह स्टाफ व गवाहान की मदद से पकडा जिससे नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम शोयेब खान पिता सईद खान उम्र 22 साल निवासीः-म.न.131 एहसान नगर कालोनी दारूल मदरसा के पास करोंद थाना निशातपुरा भोपाल बताया एवं उसके पास वीवो कंपनी के मोबाईल फोन मिली जिसने पहले तो स्वंय का मोबाईल होना बताया, दस्तावेज मांगने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये, सख्ती से पूछने पर अशोका गार्डन क्षेत्र में लूट की वारदात करना कबूल किया, जिसके कब्जे से प्रकरण में लूटा गया मोबाईल बरामद किया गया आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जिसका धारा 27 साक्ष्य अधिनियम का मेमोरेण्डम लेख किया गया जिसने अपने दोस्त रानू के साथ मोटर सायकल से मोबाईल लूट करना बताया । इस प्रकार अशोका गार्डन पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से लूट का मशरूका जप्त करने में सफलता प्राप्त की ।

घटना का विवरणः-

दिनांक 11.09.2023 को फरियादी मोहन प्रसाद भार्गव अपने दोस्त विकास यादव के साथ थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि मैं उपरोक्त लिखाये पते पर रहता हूँ, आज रात करीब 09.00 बजे की बात है अपने होस्टल मिनाल जा रहा था, जैसे ही मैं डी-सेक्टर औद्योगिक क्षेत्र में पहुँचा तो एक मोटर सायकिल पर सवार दो अज्ञात लडके जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब होगी गाडी चलाने वाला नीले कलर का शर्ट पहने था पीछे से आये और मेरे हाथ से पीछे बैठे लडके ने मेरा मोबाईल छीन कर भाग गये की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक-448/23, धारा 394 भादवि. का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

प्रकरण में की गई कार्यवाही

प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक टीम गठित कर लगातार कैमरे चैक किये गये एवं टेक्निकल लीड के आधार पर आरोपी को दस्तयाब कर प्रकरण में लूटा गया मोबाईल फोन दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की ।

शेष कार्यवाही
प्रकरण के आरोपी का पुलिस रिमांड लेकर भोपाल जिले के अन्य लूट के प्रकरणों के संबंध में पूछताछ की जाना ही।

सराहनीय भूमिका

थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र पाठक, सउनि. संजय सिसौदिया, सउनि. रमेश शर्मा, प्रआर.690 सलमान खांन, प्रआर.1784 मेघ खत्री, प्रआर.3031 ऋषिकेश राय,आर. 1413 यासिर खांन ,आर.1961 राहुल राणा एवं आर. पुष्पेन्द्र भदौरिया पुलिस उपायुक्त कार्यालय जोन-1,भोपाल की सराहनीय भूमिका रही ।

न्याय इतना महंगा न हो कि आम आदमी की पहुँच से दूर हो जाये – राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु

Justice should not be so expensive

 

राष्ट्रपति मुर्मु ने किया हाईकोर्ट एनेक्सी भवन का शिलान्यास

भोपाल, 27 सितम्बर | राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा है कि न्याय इतना मंहगा नही हो कि वह आम आदमी की पहुँच से दूर हो जाये। इसलिए सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के लिये संस्था और अधिवक्ताओं के समूह को आगे आना चाहिए।

राष्ट्रपति आज जबलपुर में 460 करोड़ की लागत से बनने वाले हाईकोर्ट भवन के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रही थीं। ट्रिपल आईटीडीएम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि हाईकोर्ट का भवन 134 वर्ष पुराना है। तकनीकी रूप से हाईकोर्ट भवन को सर्वसुविधायुक्त और सक्षम बनाना समय की मांग है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि विवादों के वैकल्पिक समाधान सस्तें व सुलभ कैसे हो इस पर विचार करें। अदालतों में लंबित प्रकरणों के कारण तथा छोटे-मोटे अपराध के कारण जो जेल में बंद है उन पर विचार करें और पंच परमेश्वर की धारणा अनुसार विवादों का निपटारा करें। मध्यस्थता से विवादों के निपटारे को समाज में व्यापक समर्थन मिलता है। इससे लिटीगेशन भी कम होते हैं। न्याय पालिका में सरल, सुलभ व त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि टेक्नालॉजी से आज देश प्रत्येक क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। न्याय क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। इसमें ई-कोर्ट व्यवस्था विश्वसनीय साबित हुई है। न्याय प्रक्रिया को सुगम व सरल बनाने के लिये टेक्नालॉजी के प्रयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये पिछले सप्ताह संसद में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का अधिनियम पारित हुआ है। उन्होंने कहा कि न्याय क्षेत्र में भी महिलाओं की सामूहिक भागीदारी हो क्योंकि महिलाओं में न्याय का नैसर्गिक भाव होता है। न्याय में पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान का होना बहुत जरूरी है। वर्ष 1976 के एडीएम वर्सेज शिवकांत शुक्ला का एक प्रकरण का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकारों के पक्ष में दिये निर्णय ने जबलपुर का नाम इतिहास में अमिट है।

हाईकोर्ट भवन के शिलान्यास के अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कोर्ट न्याय का मंदिर होता है जहाँ निष्ठा के साथ लोकतांत्रिक विश्वास को मजबूत बनाया जाता है। उन्होने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहाँ नि:शुल्क कानूनी सलाह की व्यवस्था है। सुराज का आधार न्याय ही होता है। अंग्रेजी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी निर्णय उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करें। जेलों में विचाराधीन व्यक्ति जो सामान्यत: गरीब परिवार के होते हैं उन्हें प्राथमिकता दें और कार्य संस्कृति और नवाचारों को आगे बढ़ायें। उन्होंने कहा कि पूर्ण सुविधायुक्त न्याय का मंदिर बने जहाँ कोई निर्दोष को दंड न मिले।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति मुर्मु का संस्कारधानी के साथ न्यायधानी मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से स्वागत किया और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि 134 वर्ष पुरानी भवन के साथ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एनेक्सी भवन का शिलान्यास किया जा रहा है। भवन में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा न्याय तंत्र की व्यवस्था पर भी निर्भर करता है। न्याय तंत्र ठीक है तब लोकतंत्र में सुलभ, सुगम, समदर्शी, संवेदनशील और आसानी से शीघ्र न्याय मिलता है। यह लोकतंत्र का मूल है कि शीघ्रता से न्याय कैसे मिले।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि भवन निर्माण में 460 करोड़ रूपये से भी ज्यादा लगते हैं तो उसकी चिंता न करें। जल्दी न्याय दिलाने के लिये ऑनलाईन जैसी नई व्यवस्था पर उन्होंने जोर दिया। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश में लोक अदालत की स्वस्थ परंपरा रही है जिससे आपसी सुलह से न्याय मिल जाता है। इस दिशा में भी प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने 89 ब्लॉकों में पेसा कानून के अंतर्गत शांति व विवाद निवारण समिति में आपसी विवादों के शानदार निपटारे का जिक्र करते हुये पंच परमेश्वर की धारणा को बताया। उन्होंने कोर्ट में लंबित प्रकरणों की संख्या कम करने और मासूमों पर हो रहे दुराचार पर सख्ती से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

शिलान्यास समारोह में मुख्य न्यायाधिपति रवि मलिमठ ने हाईकोर्ट एनेक्सी नई बिल्डिंग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि मध्यप्रदेश मेरा राज्य है और मैं चाहता हूँ की न्याय दिलाने की पद्धति यहाँ सबसे अच्छी हो। उन्होंने उपस्थित हाईकोर्ट परिवार से कहा कि इसके लिये हर घड़ी, हर पल मेहनत करना पड़ेगा ताकि भविष्य में अच्छा परिणाम देखने को मिले।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग व जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, आयुष मंत्री राम किशोर कांवरे, महापौर जगत बहादुर अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि व प्रशासन व पुलिस के अधिकारी उपस्थित थे।

इंडियन स्मार्ट सिटी कान्क्लेव 2023 के आयोजन में शामिल हुई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

Indian Smart City Conclave 2023

 

भोपाल, 27 सितम्बर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि शहरों और नागरिकों की जरुरत का आंकलन कर विकास का रोडमेप तैयार किया जाना चाहिये। जलवायु परिवर्तन पर अपनी चिंता जाहिर करते हुये उन्होने स्मार्ट शहरों में किये जा रहे कार्यों को सकारात्मक पहल बताया। इस दिशा में और टिकाऊ विकास पर और अधिक काम किये जाने की जरूरत है। शहरी विकास में समग्र निवेश पिछले दशकों में दोगुना से अधिक हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन का इसमें बड़ा योगदान है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज इंदौर में इंडिया स्मार्ट सिटी कान्क्लेव-2023 में सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होने मध्यप्रदेश को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदेश का पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। उन्होंने आईसी अवार्ड सेरेमनी में विजेता शहरों और राज्यों को पुरस्कार वितरित किए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ,केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इन्दौर ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में अपना स्थान बनाए रखा है। इंदौर देश की स्मार्ट सिटीज में भी सबसे ऊपर है। उन्होंने इंदौर के निवासियों, जन-प्रतिनिधियों, प्रशासन के अधिकारियों, केन्द्र सरकार के सम्बद्ध विभागों तथा अन्य सभी स्टेकहोल्डर्स की सराहना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंडिया स्मार्ट सिटीस अवार्ड कॉन्टेस्ट 2022 में मध्यप्रदेश द्वारा बेस्ट स्टेट का गौरव प्राप्त करने पर राज्य के सभी निवासियों, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उनकी पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने राज्य के सभी स्मार्ट शहरों में किए जा रहे कार्यों से जुड़े लोगों की सराहना भी की। साथ ही सर्वश्रेष्ठ केन्द्र शासित प्रदेश का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए चंडीगढ़ और राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर दूसरा स्थान प्राप्त करने के लिए तमिलनाडु तथा संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी बधाई दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अलग श्रेणियों में 66 पुरस्कार विजेता स्मार्ट शहरों और राज्यों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी, लगभग 46 करोड़ से बढ़कर 87 करोड़ से अधिक हो जाएगी। तब हमारे 50 प्रतिशत से अधिक देशवासी शहरी क्षेत्रों में रहेंगे। भारत के शहर आज देश की जीडीपी में लगभग दो-तिहाई योगदान करते हैं। अनुमान है कि शहरों का जीडीपी को कुल योगदान वर्ष 2047 तक 80 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा। इन आंकड़ों से यह संदेश मिलता है कि शहरों और नगरवासियों की बढ़ती आकांक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर भविष्य का रोडमेप तैयार करना है और उस पर आगे बढ़ना है। एक महत्वपूर्ण मुद्दा, जो प्रत्येक विषय पर तथा हर स्तर पर सतत विकास की चर्चा में शामिल है – वह है क्लाईमेट चेंज इस संदर्भ में क्लाईमेट स्मार्ट सिटीस असेसमेंट फ्रेमवर्क जो भारत के 100 स्मार्ट शहरों के लिए शुरू किया गया था, वह इस बात का उदाहरण है कि शहरों में जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय स्तर पर कैसे कार्य किया जा सकता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शहरों में एनर्जी एफीसियेंशी के लिए ग्रीन बिल्डिंग्स तथा रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर दिया जा रहा है लेकिन इन क्षेत्रो में और अधिक व्यापक स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना है। एसडीजी 11 का लक्ष्य है – मेक सिटीज एण्ड हृयूमन सेटेलमेंट इन्क्लूसिव, सेफ, रिसाईलेंट एण्ड सस्टेनेबल – यह लक्ष्य शहरों के सम्पूर्ण और समावेशी विकास के महत्व को रेखांकित करता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रसन्नता जाहिर की कि शहरी विकास में देश का समग्र निवेश पिछले दशक के दौरान, पहले की तुलना में 10 गुना से भी अधिक हो गया है। बेस्ट प्रेक्टिसेस को लागू करने और टिकाऊ बिजनेस मॉडल्स विकसित करने में स्मार्ट सिटीस मिशन का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। हाल ही में भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया है। अर्बन-20, जी-20 का एक सब ग्रुप था। अर्बन-20 ने शहरों के बीच जुड़ाव की एक स्थायी प्रथा स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके माध्यम से एक सामूहिक संदेश भी दिया गया कि सतत विकास की प्राथमिकता को आगे बढ़ाने में शहरों के प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए विश्व के बेस्ट मेनेज्ड शहरों की बेस्ट प्रेक्टिसेस, उनके बिजनेस मॉडल्स से हमें सीखना चाहिए और अपने सफल प्रयासों को भी अन्य देशों के साथ साझा करना चाहिए। लोकल और ग्लोबल स्तर पर सहयोग करना समग्र तथा सतत विकास के लिए आवश्यक है। सभी 100 स्मार्ट शहरों में इन्टीग्रेटेड कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर संचालित हैं, जो डेटा का उपयोग करके उस पर आधारित निर्णय ले रहे हैं। नागरिकों खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

सीसीटीवी सर्विलैंस कैमरे आज कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद कर रहे हैं। इन 100 स्मार्ट सिटीज में किए जा रहे प्रयास हमारे 4800 से अधिक कस्बों और शहरों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे। पूरे देश में सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ नेबरहुड को विकसित करना है। कई स्मार्ट शहरों में ऐसा किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि लोग खुद जिम्मेदार बनें और अपने शहर तथा निवासियों के प्रति अपने कर्तव्य को समझें।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इंदौर, सूरत, कोहिमा, श्रीनगर और कई अन्य शहरों ने जन-भागीदारी द्वारा सुव्यवस्थित शहरीकरण के सफल उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। यह प्रसन्नता की बात है कि वाराणसी, गुवाहाटी, अहमदाबाद जैसी स्मार्ट शहरों में लैण्ड रिक्लेमेशन किया जा रहा है और नदियों के किनारे सार्वजनिक स्थान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने सुझाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों की तरह स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षण संस्थान तथा बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। ऐसा करने से शहरों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण क्षेत्र की जनता का जीवन भी बेहतर होगा। देश के विभिन्न शहरों से इस कार्यक्रम के साथ जुड़े मेयर्स एण्ड म्युनिसिपल कमिश्नर्स से उन्होंने आग्रह किया कि आप सब लोग निरंतर नए विश्वास और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़े। इस कान्क्लेव में साझा किए गए सफल प्रयासों की जानकारी का उपयोग आप सब अपने-अपने शहरों में करेंगे। ऐसा करके आप सब इस आयोजन को और अधिक सार्थक बनाएंगे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य और यहाँ के पाँच शहरों को 10 पुरस्कार मिलना हम सबको गर्व से भर रहा है। मध्यप्रदेश विकास के नये आयाम गढ़ रहा है। विकास का नया मॉडल जो कि भविष्य की जरुरतों को देखकर बनाया गया है। सपनों को हकीकत में बदलने का काम कर रहा है। यहाँ समावेशी विकास का अभूतपूर्व प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को एकजुट होकर आत्मनिर्भर शहर और मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने का आव्हान किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य होने का तमगा हासिल हुआ है। हम सब गौरवान्वित हैं। प्रदेश की जनता इसके लिये बधाई की पात्र है। पुरस्कृत स्मार्ट शहरों और उनके नागरिकों को भी बधाई। मध्यप्रदेश विकास की दिशा में नये आयाम तय कर रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राज्य में सपनों को हकीकत में बदलने का काम किया गया है। उन्होंने इंदौर को सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट सिटी अवार्ड मिलने पर कहा कि सपनों का और सफाई का सिरमौर इंदौर हर दौर में अव्वल रहने का आदी है। यहाँ जो भी आता हैं यहीं का होकर रह जाता है। यहाँ के लोग सभी को दिल से अपनाते हैं। यहाँ के नागरिकों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता मिशन की शुरूआत की। समूचे देश ने उनका साथ दिया। हमनें भी मध्यप्रदेश में शहर-शहर जाकर नागरिकों से संवाद किया और इसे जन आन्दोलन बनाया। यही कारण है कि आज मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का प्रतीक है स्मार्ट सिटी मिशन। मिशन की गति उल्लेखनीय है। इसके तहत देश के 100 शहरों का चयन किया गया। इसमें से इंदौर जो कि स्वच्छता में छह बार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वेस्ट मैनेजमेंट कार्बन क्रेडिट, पब्लिक स्पेस के विकास के क्षेत्र में किए काम के कारण समूचे देश के लिये मॉडल शहर बन चुका है। इसी तरह मध्यप्रदेश को बेस्ट स्टेट का पुरस्कार मिला है। यहाँ के निवासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मिशन और अधिक गति पकड़ेगा और इसे देश के बचे हिस्सों तक भी पहुँचाने की योजना है।

कार्यक्रम के दौरान आईएसएसी पुरस्कार-2022 सार-संग्रह, एससीएम के न्यूज़ लेटर का सार-संग्रह, यूएन हैबिटेट द्वारा रिपोर्ट: स्मार्ट सिटीज मिशन- सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय बनाना, आईएसएसी पुरस्कार 2023 ब्रोशर (ई-रिलीज़) का विमोचन किया गया। स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह,सांसद शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित देशभर से आये स्मार्ट सिटी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश को मिले 13 अवार्ड

इण्डिया स्मार्ट सिटीज अवार्ड्स कॉन्टेस्ट-2022 में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर मध्यप्रदेश की 5 स्मार्ट सिटी को विभिन्न श्रेणी में 13 अवार्ड मिले हैं। मध्यप्रदेश को बेस्ट स्टेट का अवार्ड मिला है। इंदौर नेशनल स्मार्ट सिटी अवार्ड में प्रथम स्थान पर है। प्रोजेक्ट अवार्ड्स में स्मार्ट सिटी इंदौर को 5, भोपाल को एक, जबलपुर को 2, ग्वालियर को एक और सागर को एक अवार्ड मिला है।

स्वच्छता थीम में गोबरधन बॉयो सीएनजी प्लांट, शहरी पर्यावरण थीम में एयर क्वालिटी इम्प्रूवमेंट और अहिल्या वन विथ वर्टिकल गॉर्डन और जल थीम में सरस्वती और कान्ह लाइफ लाइन, रेनवाटर हॉर्वेस्टिंग एवं झीलों, कुओं और बावड़ियों के कायाकल्प के लिये इंदौर को प्रथम स्थान मिला है। बिल्ट इन्वायरमेंट थीम में रिवर फ्रंट डेव्हलपमेंट के लिये इंदौर को द्वितीय स्थान मिला है। भोपाल को सदर मंजिल रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट के लिये द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इकोनॉमी थीम में जबलपुर को स्टार्ट-अप इंक्यूबेशन सेंटर के लिये प्रथम एवं इंदौर को वेल्यू केप्चर फायनेंसिंग के लिये द्वितीय स्थान मिला है। गवर्नेंस थीम में जबलपुर को इम्पलीमेंटेशन ऑफ 311 एप्लीकेशन के लिये तृतीय स्थान मिला है। आईसीसीसी बिजनेस मॉडल थीम में ग्वालियर को इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिये तृतीय स्थान और मोबेलिटी थीम पर सागर को इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम इम्प्रूविंग रोड सेफ्टी के लिये तृतीय स्थान मिला है। इनोवेशन अवार्ड श्रेणी में कोविड इनोवेटिव थीम पर इंदौर को कोविड-19 रिस्पांसेस-मल्टीपल इनिशिएटिव्स के लिये द्वितीय स्थान मिला है।

अनंत चतुर्दशी कल, इस समय करें गणपति विसर्जन, इन बातों का रखें ध्यान

Anant Chaturdashi

 

इस समय गणेश उत्सव चल रहा है। यह उत्सव 10 दिनों तक मनाया जाता है और अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश का विसर्जन किया जाता है। कल यानी गुरुवार को अनंत चतुर्दशी मनाई जाने वाली है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की भी पूजा की जाती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन बप्पा की विधि-विधान से पूजा करने के बाद उनका विसर्जन किया जाता है और अगले साल आने की प्रार्थना की जाती है। कहा जाता है कि बप्पा अपने साथ घर की सारी समस्याओं को लेकर जाते हैं, इसलिए इस दिन कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

अनंत चतुर्दशी तिथि और शुभ मुहूर्त

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 28 सितंबर 2023 को प्रातः 06:12 से शुरू हो रही है, जो कि अगले दिन 28 सितंबर 2023 को शाम 06:51 पर समाप्त हो जाएगी।

शुभ चौघड़िया – 06:12 से 07:42 तक

चर चौघड़िया – 10:42 से 12:11 तक

लाभ चौघड़िया – 12:11 से 01:30 तक

शुभ चौघड़िया – 04:41 से 06:11 तक

राहु काल – दोपहर 01:30 से 03:20 तक

अनंत चतुर्दशी नियम

-गणेश विसर्जन के दिन बप्पा की पूरे विधि-विधान से परिवार के साथ मिलकर पूजा करें। उन्हें लाल चंदन, लाल पुष्प, दूर्वा, बेसन के लड्डू, पान, सुपारी, धूप-दीप आदि चीजें अर्पित करें।

-इस दिन यदि संभव हो सके, तो हवन जरूर करना चाहिए। इसके बाद गणपति जी की भव्य आरती करें।

-बप्पा को घर से विदा करते समय उन्हें खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए। बप्पा के हाथ में एक लड्डू की पोटली जरूर देनी चाहिए।

-यदि भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति स्थापित की गई है, तो घर में ही आप उन्हें एक टब में विसर्जित कर सकते हैं। जब मिट्टी घुल जाए, तो उस पानी को आप गमलों में डाल दें।

-बप्पा को घर से विदा करते समय उनसे अगले साल फिर लौटने की प्रार्थना करें। विसर्जन के समय साफ-सफाई का भी ध्यान रखें। पूरे श्रद्धा भाव के साथ ही उन्हें विदा करें और इस दिन काले कपड़े न पहनें।

नेपाल ने एक ही मैच में तोड़े क्रिकेट कई रिकॉर्ड, आंकड़े देखकर होश उड़ जाएंगे

Nepal broke many

 

नेपाल ने टी20 क्रिकेट में एक बड़ा कारनामा किया है। एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट से पहले ही मैच में न सिर्फ चौके-छक्के लगाए, बल्कि रिकॉर्ड की झड़ी लगा दी। नेपाल की टीम ने अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। इस मैच में नेपाल ने कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। आइए देखते हैं कि इस छोटी-सी टीम ने ऐसे कौन-से रिकॉर्ड बनाए हैं जो अन्य टीम नहीं बना पाई।

टी20 में 300 रन का रिकॉर्ड

मंगोलिया के खिलाफ मैच में नेपाल टीम ने 20 ओवर में 314 रन बनाए। उन्होंने 3 विकेट के खोकर इतना बड़ा स्कोर बना दिया। यह पहली बार है जब किसी टीम ने टी20 इंटरनेशनल मैच की एक पारी में 300 रन का आंकड़ा पार किया। नेपाल T20 इंटरनेशनल में 300 रन बनाने वाली पहली टीम बन गई है।

टी20 में सबसे तेज शतक

नेपाल टीम के बल्लेबाज कुशल मल्ला (Kushal Malla) ने टी20 इतिहास का सबसे तेज शतक जड़ा। उन्होंने 34 बॉल में शतक लगाया है। कुशल 50 गेंदों पर 137 रन पर नाबाद रहे। उन्होंने 8 चौके और 12 छक्के लगाए।

दीपेंद्र सिंह ने जड़ा सबसे तेज अर्धशतक

इसके अलावा दीपेंद्र सिंह ऐरी ने सबसे तेज अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 9 गेदों में हाफ सेंचुरी जड़ दी। दीपेंद्र ने 6 छक्के और 2 चौके लगाए। उन्होंने टी20 में सबसे तेज अर्धशतक के मामले में युवराज सिंह का रिकॉर्ड तोड़ दिया। दीपेंद्र सिंह 10 गेंदों में नाबाद 52 रन बनाए। युवराज ने 2007 में टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था।

नेपाल ने 273 रनों से जीता मैच

नेपाल टीम ने 314 रनों का पहाड़ खड़ा करते हुए 26 छक्के और 14 चौके लगाए। इस विशाल स्कोर का पीछा करते हुए मंगोलियाई टीम 41 रन पर सिमट गई। नेपाल ने मैच 273 रनों से जीत लिया। मंगोलिया के 5 खिलाड़ी शून्य पर आउट हुए। हैरानी की बात है कि नेपाली गेंदबाजों ने 23 रन अतिरिक्त दिए। इसमें दो नो बॉल, 16 वाइड और 5 लेग बाई शामिल हैं।

Madhya Vidhan Sabha: शालीमार काम्प्लेक्स गुलमोहर में ध्रुव नारायण सिंह का भव्य स्वागत

 

भोपाल, बुधवार को मध्य विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह का शालीमार कॉम्प्लेक्स G-3 गुलमोहर के अध्यक्ष प्रकाश कनाडे सहित स्थानीय रहवासियों ने भव्य स्वागत किया। शालीमार काम्प्लेक्स गुलमोहर विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक भी हुई। बैठक में स्थानीय पार्षद MIC सदस्य सुषमा बाबिसा, भाजपा शाहपुरा मंडल अध्यक्ष उत्कर्ष नायक, महामंत्री राज पाटीदार, उपाध्यक्ष राहुल यति, वार्ड क्रमांक 50 के पालक विजय राजपूत, अरेरा मंडल उपाध्यक्ष रजनीश सेन सहित समस्त रहवासीगण उपस्थित रहे।

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