भारत की विश्व कप टीम, ये 6 भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे

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भारत में इस साल 5 अक्टूबर से ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमिटी ने 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमिटी ने भारत के 6 नए खिलाड़ियों की किस्मत खोल दी है, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे. वनडे वर्ल्ड कप में मेजबान के रूप में उतर रहा भारत 2011 के जादुई प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगा जब उसने करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में खिताब जीता था. अजित अगरकर की अगुवाई में चयनकर्ताओं ने टीम में किसी हैरान करने वाले नाम को जगह नहीं दी और मुख्य रूप से संतुलित टीम का चयन किया गया.  विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने पूरी तरह फिट होकर भारत की विश्व कप टीम में जगह बना ली, जबकि संजू सैमसन और तिलक वर्मा को 15 सदस्यीय स्क्वाड से बाहर रहना पड़ा।

भारत की विश्व कप टीम

रोहित शर्मा (कप्तान), विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या (उपकप्तान) , श्रेयस अय्यर, रवींद्र जडेजा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव, मो. सिराज, मो. शमी, अक्षर पटेल और शार्दुल ठाकुर.

ये 6 भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे

1. शुभमन गिल

सेलेक्शन कमिटी ने शुभमन गिल की किस्मत खोल दी है, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी से काफी उम्मीदें होंगी जिन्होंने पिछले 12 महीने में सभी प्रारूप में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्हें शिखर धवन की जगह लेनी है जो पिछले दशक में आईसीसी प्रतियोगिताओं में संभवत: भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे हैं. गिल खेल का दिग्गज खिलाड़ी बनने की राह पर हैं और बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करके वह इस राह पर आगे बढ़ सकते हैं.

2. ईशान किशन

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भारत के लिए पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे. अंतिम 15 में ईशान किशन के चयन को लेकर थोड़ा संदेह था लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मुकाबले में दबाव की स्थिति में 82 रन की शानदार पारी ने उनका पलड़ा भारी कर दिया और चयनकर्ताओं को भी उनके और लोकेश राहुल में से किसी एक को चुनने का मुश्किल फैसला नहीं करना पड़ा. ईशान किशन ने अब तक मिले सीमित मौकों पर शीर्ष और मध्य क्रम दोनों में प्रभावित किया है. बल्लेबाजी क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार है और Playing 11 में ईशान किशन के चयन से बल्लेबाजी क्रम में विविधता आएगी.

3. सूर्यकुमार यादव

सूर्यकुमार यादव भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे. सूर्यकुमार यादव ने अपनी ताकत, नए शॉट और 360 डिग्री पर शॉट खेलने की क्षमता से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आते ही प्रभावित किया. उन्होंने 2021 में 30 साल की उम्र में डेब्यू किया और टी20 में 46.02 के औसत से 1841 रन बना चुके हैं. वनडे इंटरनेशनल फॉर्मेट में हालांकि उनकी फॉर्म चिंता का विषय है. वह टी20 प्रारूप के अपने दबदबे को 50 ओवर के प्रारूप में दिखाने में नाकाम रहे हैं.

4. श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे. श्रेयस अय्यर को भारतीय क्रिकेट के संभवत: सबसे महत्वपूर्ण चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी मिलेगी. उन्हें भी वर्ल्ड कप से पहले काफी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने का मौका नहीं मिलेगा, जिससे मुंबई का यह बल्लेबाज दबाव में होगा. इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. प्रभावी फुटवर्क से उन्हें स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ दबदबा बनाने का मौका मिलता है. स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी करना उनका मजबूत पक्ष है. हालांकि विरोधी टीमों को शॉर्ट गेंद के खिलाफ उनकी कमजोरी की जानकारी है, जिसका वे फायदा उठा सकती हैं.

5. मोहम्मद सिराज

मोहम्मद सिराज भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे. मोहम्मद सिराज टीम में एक अन्य खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में काफी प्रगति की है. शमी और बुमराह की गैरमौजूदगी में कैरेबिया के टेस्ट दौरे पर उन्होंने तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की और इस भूमिका में छाप छोड़ी. नई गेंद से स्विंग हासिल करने की क्षमता उन्हें किसी भी टीम के लिए खतरा बनाती है. हालांकि डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी पर सवालिया निशान है. इस 29 वर्षीय गेंदबाज ने अब तक अपने वनडे करियर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 26 मैच में 20.69 के औसत से 46 विकेट चटकाए हैं.

6. शार्दुल ठाकुर

शार्दुल ठाकुर भारत के लिए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे. मुंबई का यह गेंदबाजी ऑलराउंडर ‘पालघर एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर है. शार्दुल ठाकुर साझेदारियां तोड़ने में सक्षम हैं. जब हालात उनके पक्ष में हों तो शार्दुल ठाकुर गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं. साथ ही वह हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी करने में भी सक्षम है और उनके पास प्रभावी बाउंसर भी है जिससे वह बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं. वह वनडे मैचों में अक्सर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टीम में महत्वपूर्ण संतुलन लाते हैं और फिटनेस पर ध्यान देकर उन्होंने अपनी क्षेत्ररक्षण क्षमताओं में भी सुधार किया है.

कांग्रेस को ‘भारत’ पर क्या आपत्ति है?

Is Bharat the other official name of India?

नई दिल्ली, इंडिया के नाम बदलने पर हो रही सुगबुगाहट पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेता देश विरोध पर उतर आए हैं. हालांकि उन्होंने नाम बदलने पर सीधा-सीधा कुछ नहीं कहा लेकिन यह जरूर कहा कि कांग्रेस को भारत नाम से क्यों आपत्ति है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत नाम तो है ही. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस पर कोई बिल लाएगी तो उन्होंने कहा कि देश भारत ही है.

कांग्रेस नहीं करती है संविधान और डॉ आंबेडकर का सम्मान: जेपी नड्डा 

राष्ट्रपति भवन में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के डिनर का निमंत्रण ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘भारत के राष्ट्रपति’ के नाम से भेजे जाने पर सियासी घमासान मचा हुआ हैं. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दल आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. इस बीच बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस की एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें संविधान की प्रस्तावना लिखी हुई है. बीजेपी अध्यक्ष ने पोस्ट को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर कहा, “क्या हम उस पार्टी से कोई उम्मीद कर सकते हैं, जो भारत की प्रस्तावना तक नहीं जानती. कांग्रेस में संविधान और डॉ आंबेडकर के प्रति सम्मान की कमी.” शर्मनाक!

 

मध्य विधानसभा: देवकरण झोरढ़ बने मीडिया प्रभारी

भोपाल,  मध्य विधानसभा क्षेत्र क्र.153 के भाजपा प्रत्याशी ध्रुवनारायण सिंह ने मध्य विधानसभा क्षेत्र के लिए श्री देवकरण झोरढ़  को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया।

विश्वकर्मा समाज ने मांगी कांग्रेस से टिकट , हुजूर विधानसभा से प्रबल दावेदार है विष्णु विश्वकर्मा

 

भोपाल। विश्वकर्मा समाज के सैकड़ो लोगों सहित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पंहुचे प्रदेशाध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा ने  पार्टी फ़ोरम वरिष्ठ नेताओं समाज की मांग से विधिवत अवगत कराया और विष्णु विश्वकर्मा को हुज़ूर विधानसभा सीट से दावेदारी प्रस्तुत की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मप्र कांग्रेस के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने भेंट की। वहीं समाज के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत सत्कार किया उन्हें मध्यप्रदेश के सामाजिक समीकरण से अवगत कराया और विष्णु विश्वकर्मा को हुज़ूर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित करने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने नेताओं को बताया कि विष्णु विश्वकर्मा लगातार तीन बार जिला पंचायत चुनाव जीते हैं और धार्मिक व स्वच्छ छवि एवं क्षेत्रीय किसान होने के कारण क्षेत्र के लोगों का उनपर गहरा भरोसा है।

विश्वकर्मा समाज का वोट गणित

सर्व विश्वकर्मा समाज समिति के प्रदेशाध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा के अनुसार मध्यप्रदेश में लगभग 52 लाख विश्वकर्मा निवासरत हैं, तथा लगभग 30 लाख मतदाता हैं। उनका कहना है हुज़ूर विधान सभा मे लगभग 18000 वोटर है और 35 हज़ार परिवार निवासरत है! प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 4 से 6 प्रतिशत मतदाता विश्वकर्मा समाज के हैं जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हुए परिणाम तय करते है। विश्वकर्मा समाज के प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि हमने सिर्फ 1 टिकिट माँगा है! यदि विष्णु विश्वकर्मा को हुज़ूर से पार्टी प्रत्याशी बनाती है तो मप्र की हर विधानसभा में विश्वकर्मा समाज कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2023 से सम्मानित हुए प्रदेश के पांच शिक्षक

National Teacher Award 2023

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किया सम्मान

भोपाल, 05 सितम्बर| प्रदेश के पांच शिक्षकों को आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में नर्मदापुरम की सारिका घारू, इंदौर की चेतना खंबेटे, भोपाल के डॉ. यशपाल सिंह, दतिया के रविकांत मिश्रा और रतलाम की सीमा अग्निहोत्री को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार और अन्नपूर्णा देवी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में देश के कुल 75 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

नर्मदापुरम के पिपरिया स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका सारिका घारू ने जनजातीय छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए अपनी कक्षा को मस्ती की पाठशाला बनाया। इनके परिश्रम से विद्यालय के जनजातीय छात्रों ने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

इंदौर के केंद्रीय विद्यालय नंबर 2, बीएसएफ की शिक्षिका चेतना खंबेटे 18 वर्षों से रुचिकर तरीके से जीव विज्ञान का अध्यापन करा रहीं हैं। इन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 3-डी मॉडल और इंटरएक्टिव शिक्षण सामग्री विकसित की हैं।

भोपाल के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के डॉ. यशपाल सिंह को सामाजिक बदलाव लाने और शिक्षण क्षेत्र के प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया। छात्रों को ज्ञान देने के साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों और बाल विवाह, दहेज जैसी कुरीतियों के विरुद्ध समाज में जागरूकता लाने का सराहनीय प्रयास किया है।

दतिया के बीकर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के रविकांत मिश्रा को तकनीक के उपयोग से शिक्षा को सरल और रोमांचक बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर पढ़ाने, पीएम ई-विद्या राष्ट्रीय चैनलों पर सजीव कक्षा लेने और स्वास्थ्य जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता लाने जैसे कई कदम उठाए हैं।

रतलाम के सीएम राइज शासकीय विनोबा उच्चतर माध्यमिक शाला की सीमा अग्निहोत्री को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षण सामग्री को आनंददायक बनाने के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए उन्होंने समुदाय को शामिल कर कहानी पढ़ने की प्रतियोगिता, समाचार पत्र लेखन, नाटक और नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की हैं।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश को बनाया बीमारू से बेमिसाल राज्य – केन्द्रीय मंत्री अमित शाह

Union Minister Amit Shah

 

जनजातीय विकास में मध्यप्रदेश अग्रणी

भोपाल, 05 सितम्बर| केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मंडला में जनसभा में कहा कि मध्यप्रदेश को बीमारू से बेमिसाल राज्य बनाने का अद्भुत कार्य हुआ है। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने गरीबों और पिछड़ों के कल्याण और सम्मान का कार्य करते हुए मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया है। जनजातीय विकास में मध्यप्रदेश पेसा कानून को जमीन पर उतारने वाला पहला राज्य बना है। मध्यप्रदेश में जनजातीय सम्मेलन में की गई घोषणाओं को पूरा किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज, नर्मदा जी जिनके दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है, के अंचल में आने का अवसर मिला है। नर्मदा जी मध्यप्रदेश और गुजरात के लिए जीवनदायिनी है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने रानी दुर्गावती की भूमि को वीरों की भूमि बताया और शहीद रघुनाथ शाह और शंकर शाह के बलिदान का स्मरण किया। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि बलिदानियों का स्मरण युवाओं के लिए प्रेरक है। जबलपुर में भव्य स्मारक निर्मित किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जनजातीय बलिदानियों को सम्मान देने के लिए अभिनंदन के पात्र हैं।

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें विश्व के सर्वाधिक नागरिक सम्मान मिले हैं। यह व्यक्ति का नहीं संपूर्ण राष्ट्र और समस्त नागरिकों का सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जो देश पूर्व सरकार के समय विश्व में 11वें नंबर पर था, अब 5वीं बड़ी अर्थ-व्यवस्था है। चहुँओर विकास हो रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक से शत्रु के घर घुसकर नियंत्रण की कार्रवाई की गई। प्रधानमंत्री का स्पष्ट मत है कि भारत की सीमा और सेना के साथ कोई छेड़खानी न करें। केन्द्र सरकार ने पुलवामा और उरी के हमलावरों को स्पष्ट संकेत दिया कि अब यहाँ एक सजग सरकार है। विश्व में भारत की छवि सुधारने वाली सरकार है। बेटियों को आगे बढ़ाने वाली सरकार है। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर गरीबी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। मध्यप्रदेश में पूर्व सरकार के समय करीब 51 योजनाएँ बंद कर दी गई थीं।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन भारत की संस्कृति और विकास से विश्व को अवगत करवा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 10 लाख महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर और 42 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास मंजूर किए। कोरोना के संकट के बाद 130 करोड़ जनता, जिसमें 60 करोड़ निर्धन भी शामिल हैं, टीकाकरण करवाकर जीवन सुरक्षित किया गया। मध्यप्रदेश में निर्धनों, दलितों और पिछड़ों के कल्याण का कार्य हुआ। प्रति व्यक्ति 5 किलो नि:शुल्क अनाज का लाभ दिया जा रहा है।

जनजातीय आबादी का हित-संरक्षण

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास के क्षेत्र में विशेष कार्य हुआ है। साक्षरता में मंडला जिला उपलब्धि प्राप्त कर रहा है। पूर्व सरकार जल, जंगल, जमीन के अधिकार देने के स्थान पर तुष्टिकरण में लगी थी। हमारी सरकार ने दलितों, पिछड़ों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों का कल्याण किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब दायित्व संभाला था तो संसद की भूमि को प्रणाम कर समाज के पिछड़े वर्गों, निर्धनों और जनजातियों के कल्याण का संकल्प लिया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के कार्यकाल में जनजातीय विकास मंत्रालय बनाया गया था। वर्ष 2023 तक देखें तो गत 9 वर्ष में अनेक बदलाव किए गए हैं। हमने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ नागरिकों की सुरक्षा, उनके सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में कार्य किया है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 23 जातियों को जनजातियों में जोड़ा गया है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना प्रारंभ की गई। देश के 10 स्थानों पर जनजातीय नायकों के संग्रहालय बनाए गए हैं। देश में एकलव्य विद्यालयों पर 287 करोड़ की राशि व्यय हो रही है। स्वतंत्रता के पश्चात एक निर्धन संथाली परिवार की बेटी को देश के सर्वोच्च राष्टपति के पद का सम्मान देने की पहल की गई, जिसके बारे में पूर्व सरकार ने कभी सोचा ही नहीं।

गरीब कल्याण पर फोकस

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जल जीवन मिशन के माध्यम से घरों तक टोंटी से जल प्रदाय के लिए मंजूरी दी, जिसका लाभ मध्यप्रदेश के 60 लाख परिवारों को मिल रहा है। स्वास्थ्य का खर्चा भी सरकार उठा रही है। खाद्यान्न वितरण से निर्धन परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभ उठा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में हुआ है जनजातीय नायकों का सही अर्थों में सम्मान- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हम किसानों और जनता को अवर्षा के संकट से पार निकालकर ले जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि दृढ़-संकल्प के फलस्वरूप कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, तीन तलाक कानून समाप्त करने के साथ ही भारत के विकास के लिए कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट लागू करने सहित जनजातीय समाज के हित में की गई सभी घोषणाओं को पूरा किया गया है। मंडला में राजा हृदय शाह के नाम से मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया जाएगा। इसके पहले छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय का नामकरण जनजातीय नायक शंकर शाह जी के नाम पर और भोपाल में रेलवे स्टेशन का नामकरण रानी कमलापति के नाम पर किया गया है। यह सही अर्थों में हमारे जनजातीय नायकों और बलिदानियों का सम्मान है।

किसानों, बहनों के जीवन बदलने के प्रयास

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में परिवार की तरह सरकार का संचालन हो रहा है। ऐसे कार्य किए गए हैं, जो पूर्व सरकार ने किए ही नहीं। गरीबों को मुफ्त राशन और आवास की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में हम आगे हैं। केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर किसानों को प्रति किसान प्रति वर्ष 12 हजार रूपए की कल्याण निधि प्रदान करने का कार्य किया है। मध्यप्रदेश में पूर्व सरकार ने ऐसे किसानों की सूची केन्द्र सरकार को नहीं भेजी, जिसके कारण किसान लाभ से वंचित रहे। हमारी सरकार ने 80 लाख किसानों को लाभान्वित करने का कार्य किया। पूर्व सरकार ने तीर्थ-दर्शन यात्रा, विद्यार्थियों के लिए साइकिल और लैपटाप की सुविधा, बहनों के लिए प्रसव सहायता की योजनाओं को रोक दिया था। आज लाड़ली बहना योजना के माध्यम से प्रदेश की बहनों को लाभान्वित करने का कार्य हो रहा है। रक्षाबंधन पर 250 रूपए के उपहार, उज्ज्वला योजना की बहनों को 450 रूपए में रसोई गैस सिलेंडर के प्रदाय का कार्य किया गया है। आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश में 3 करोड़ 60 लाख हितग्राही नि:शुल्क उपचार का लाभ लेने के पात्र बने हैं। जल जीवन मिशन में बहनों और बेटियों की परेशानी को कम करने के लिए घर-घर नल से जल पहुंचाने का कार्य किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, सांसद राकेश सिंह, सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मेहमानों को ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ के नाम से भेजा न्योता, ‘इंडिया’ शब्द हटाने पर सियासत शुरू

President of bharat

 

गुलामी की मानसिकता और इससे जुड़ी हुई सभी चीजों से बदलने का काम लगातार मोदी सरकार कर रही है। इसी कड़ी में अब केंद्र सरकार संविधान से ‘इंडिया’ शब्द भी हटाने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि विपक्ष ने भी अपने गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ ही रखा है। आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सूत्रों का दावा है कि इससे जुड़े प्रस्ताव की तैयारियां चल रही है।

इन बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि राष्ट्रपति भवन में 9 सितंबर को होने वाले G20 के डिनर के आमंत्रण पत्र में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया के स्थान पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा है। जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल के जरिए लिखा कि, ‘तो ये खबर वाकई सच है। राष्ट्रपति भवन ने 9 सितंबर को जी 20 रात्रिभोज के लिए ‘President Of India’ की बजाय ‘President Of Bharat’ के नाम पर निमंत्रण भेजा है। अब संविधान में अनुच्छेद-1 हो सकता है: “भारत, जो इंडिया था, राज्यों का एक संघ होगा।

केजरीवाल बोले, क्या देश का नाम बदल देंगे

राष्ट्रपति भवन में जी20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज का निमंत्रण ‘भारत के राष्ट्रपति’ के नाम पर भेजे जाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी पार्टी का गठबंधन ‘INDIA’ बन जाता है तो वे (भाजपा) देश का नाम बदल देंगे? देश 140 करोड़ लोगों का है, किसी एक पार्टी का नहीं। अगर कल INDIA गठबंधन का नाम बदलकर भारत रख लिया जाता तो क्या वे (भाजपा) भारत का नाम भी बदल देंगे? भाजपा के वोट कम ना हो जाएं इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं। यह देश के साथ गद्दारी है।

भाजपा ने किया पलटवार

इधर, कांग्रेस नेता जयराम रमेश के दावे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, भारत से हर किसी को प्यार है और हर देश वासी को प्यार है। अब जिनको भारत से प्यार नहीं वह इस पर सवाल उठाएंगे।

RSS प्रमुख की अपील

हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सदियों से हमारे देश का नाम भारत रहा है। उन्होंने लोगों से इंडिया की जगह ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल करने की अपील भी की थी।

संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से

केंद्र सरकार ने 5 दिन के लिए 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। हालांकि अभी तक इस सत्र के एजेंडे के बार में विशेष जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसी भी संभावना है कि विशेष सत्र में चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 मिशन सहित हाल ही में हासिल की गई सफलताओं पर भी चर्चा हो सकती है।

भाजपा सांसद ने भी की थी मांग

गौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान भी भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने ‘इंडिया’ शब्द को हटाकर ‘भारत’ शब्द के इस्तेमाल की मांग की थी। नरेश बंसल ने कहा था कि ‘इंडिया’ शब्द गुलामी और औपनिवेशिक दासता का प्रतीक है। वहीं पीएम मोदी ने 25 जुलाई को भाजपा संसदीय दल की बैठक में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. पर निशाना साधते हुए कहा था कि ईस्ट इंडिया कंपनी और इंडियन नेशनल कांग्रेस का गठन अंग्रेजों ने किया था।

जन्माष्टमी पर भोग लगाने के लिए इस तरह तैयार करें धनिया की पंजीरी

Coriander Panjiri

 

भगवान कृष्ण को सबसे ज्यादा माखन मिश्री का भोग पसंद है

हर साल जन्माष्टमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन को भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस साल 6 और 7 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। 6 सितंबर को गृहस्थ जीवन के लोग यह पर्व मनाएंगे। वहीं, 7 सितंबर को वैष्णव संप्रदाय के अनुयायी जन्माष्टमी मनाएंगे। जन्माष्टमी पर हर मंदिर को बड़े ही खास अंदाज में सजाया जाता है। साथ ही घरों में भी लोग पूरी श्रद्धा भाव के साथ भगवान कृष्ण को सजाते हैं। इस दिन बाल गोपाल को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। भगवान कृष्ण को सबसे ज्यादा माखन मिश्री का भोग पसंद है, लेकिन माना जाता है कि जन्म के बाद छोटे से कान्हा को धनिया पंजीरी का भोग लगाते हैं। इस दिन धनिया पंजीरी प्रसाद का विशेष महत्व होता है। आज हम आपके लिए धनिया पंजीरी बनाने की आसान विधि लेकर आए हैं।

-देसी घी
-धनिया पाउडर
-मखाने
-पिसी चीनी या बूरा
-नारियल
-काजू
-बादाम
-पिस्ता
-चिरौंजी
-गुलाब की कुछ पत्तियां

धनिया पंजीरी बनाने की आसान विधि

-धनिया की पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक भारी तले वाली कढ़ाई लेनी होगी। अब इस कढ़ाई में देसी घी गर्म करें।
-गाय के दूध से बने देसी घी से बनी पंजीरी काफी स्वादिष्ट लगती है। घी को गर्म करने के बाद इसमें धनिया पाउडर डालें और अच्छी तरह भून लें।
-अगर आप चाहें तो पहले धनिया को भून कर, इसका पाउडर बना सकते हैं। धनिया पाउडर तैयार करने के बाद एक अलग कढ़ाई में मखाने के टुकड़े करके उसे फ्राई कर लें।
-मखानों के ठंडा होने के बाद इन्हें पीस लें। इसके बाद काजू और बादाम को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
-भुना धनिया, पिसे हुए मखाने, कद्दूकस किया नारियल और पिसी हुई चीनी को अच्छी तरह मिला लें। इसे मिलाने के बाद इसमें तैयार मेवा डाल दें।
-इस तरह आपकी पंजीरी तैयार है। इसमें आप ऊपर से हल्की सी गुलाब की पत्तियां भी डाल सकते हैं। बस तुलसी की पत्ती डालकर, लड्डू गोपाल के जन्म के बाद उन्हें भोग लगाएं।

वायुसेना 30 सितम्बर को भोपाल में करेगी फ्लाई पास्ट

Air Force

 

वायुसेना मनायेगी 91वां वर्षगांठ समारोह

भोपाल, 05 सितम्बर| भोपाल के भोजताल पर वायुसेना के 91वें वर्षगांठ समारोह के अवसर पर भारतीय वायुसेना द्वारा 30 सितम्बर को मल्टी एयरक्राफ्ट फ्लाई पास्ट का आयोजन किया जायेगा। समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में होगा। समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भी शामिल होंगे। साथ ही वायु सेना प्रमुख श्री वी.एस. चौधरी, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर मार्शल विभाष पांडे एवं वायुसेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहेंगे।

फ्लाई पास्ट में लड़ाकू विमान (सुखोई -30, मिराज-2000, जगुआर, एलसीए तेजस, हॉक), हेलीकॉप्टर (चिनूक, एमआई-17 वी 5, चेतक) और परिवहन विमान (सी130, आईएल-78 और एएन-32) शामिल होंगे। समारोह में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और आकाश गंगा टीम द्वारा हैरतअंगेज प्रदर्शन किये जाएंगे। फ्लाई पास्ट की फुलड्रेस रिहर्सल 28 सितंबर गुरूवार को होगी। फ्लाई पास्ट का अभ्यास 26 और 27 सितम्बर को होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 सितम्बर को बीना में पेट्रो केमिकल परिसर में 50 हजार करोड़ रुपए निवेश कार्य का भूमि-पूजन करेंगे

Narendra Modi will

भोपाल, 05 सितम्बर| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 तारीख को सागर के बीना के बीपीसीएल में पेट्रो केमिकल परिसर में 50 हजार करोड़ रुपए की लागत से होने वाले निवेश का भूमि-पूजन करेंगे। बीना रिफायनरी के पास पेट्रो केमिकल्स उत्पादन के लिए 50 हजार करोड़ का निवेश होने जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ लाख करो़ड़ का निवेश और होने वाला जिससे तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह जानकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने वाले विकास रथों को रवाना करने के बाद दी। ये विकास रथ आमजन को अवगत कराने के लिए “विकास किया है-विकास करेंगे” की थीम पर आधारित हैं। विकास रथों को जिलों की यात्रा के लिए रवाना किया। यह रथ ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में 40 दिन तक भ्रमण करेंगे। प्रदेश में कुल 127 विकास रथ चलाये जा रहे है।

हमारी सरकार ने प्रदेश को विकसित राज्यों की पंक्ति में लाकर खड़ा किया है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि हमारी सरकार ने प्रदेश को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है। हमारी सरकार की अनेकों उपलब्धियाँ हैं, यह हमारा कर्तव्य है कि हम प्रदेशवासियों को यह बताएं कि प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के लिए हमने क्या-क्या कार्य किए हैं। हमारे विकास रथ हमारी उपलब्धियों और रिपोर्ट कार्ड को जनता के सामने रखेंगे। सड़कें, सिंचाई की व्यवस्था, अर्थव्यवस्था की प्रगति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली के प्रबंध आदि हर क्षेत्र में प्रगति हुई है। गाँव-शहरों का विकास, फसलों का उत्पादन, प्रदेश में आने वाला निवेश निरंतर बढ़ा है। प्रचार रथ के द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जाएगा।

तीन लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

प्रदेश की प्रगति पर केंद्रित फिल्में प्रदर्शित करेंगे विकास रथ

उल्लेखनीय है कि विकास रथों में लगी एलईडी के माध्यम से विभिन्न वीडियो फिल्म और गाने दिखाये जायेंगे। इन वीडियो में जिले के विकास पर केन्द्रित फिल्म दिखाई जायेगी। जिसमें इसके साथ रघुवीर यादव द्वारा गाया गया मध्यप्रदेश गान, मध्यप्रदेश पर आधारित फिल्म तब और अब, मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार की योजनाएँ तब और अब, अद्भुत मध्यप्रदेश, जन-सरोकार, वंदे-मध्यप्रदेश, महिला सशक्तिकरण, लाड़ली बहना सेना, कृषि और सिंचाई, स्व-सहायता समूह और सीखो-कमाओ योजना पर आधारित वीडियो फिल्में दिखाई जायेगी। जिलों में लगने वाले हाट-बाजार तथा विभिन्न धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण क्षेत्रों, नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में और प्रमुख स्थलों पर विकास रथ से वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन कर प्रचार-प्रसार करेंगे।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, सांसद वी.डी. शर्मा, भोपाल महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक कृष्णा गौर, पूर्व महापौर आलोक शर्मा तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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