चलते-चलते हुई पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत

PM Modi and Chinese President Xi Jinping

 

जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित ब्रिक्स देशों की समिट में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन हुआ। पीएम मोदी ने ब्रिक्स में शामिल हुए नए देशों को बधाई दी। साथ ही चंद्रयान-3 की सफलता का भी जिक्र किया।

पीएम मोदी ने दुनियाभर से मिली बधाइयां स्वीकार्य करते हुए देशवासियों और वैज्ञानिकों की ओर से धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की इस उपलब्धि का पूरी दुनिया को फायदा होगा।

पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच बातचीत

ब्रिक्स समिट का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बातचीत करते नजर आ रहे हैं। दोनों नेता चलते-चलते कुछ पलों के लिए बात करते हैं। कहा जा रहा था कि दोनों नेता इस शिखर सम्मेलन के इतर वन-टू-वन मीटिंग करेंगे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।

ब्रिक्स समिट 2023: पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे खुशी है कि तीन दिन की इस बैठक से कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हमने ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर इसका विस्तार करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है।”
‘मुझे खुशी है कि सभी ने ब्रिक्स के विस्तार के लिए तैयार किए गए मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं पर आम सहमति बनाई है।
इनके आधार पर हम ब्रिक्स में अर्जेंटीना, मिस्र, ईरान, सऊदी अरब, इथियोपिया और यूएई का स्वागत करने पर सहमत हुए हैं।’
“चंद्रयान-3 की सफलता की उपलब्धि को पूरी मानवता के लिए एक उपलब्धि के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।”

जियो फाइनेंस में भारी गिरावट से बाजार ने गंवाई तेजी

Jio Finance

 

मुंबई 24 अगस्त| विश्व बाजार के सकारात्मक रुझान के बावजूद स्थानीय स्तर पर जियो फाइनेंस, रिलायंस, एनटीपीसी, मारुति और टाटा स्टील समेत अठारह दिग्गज कंपनियों में करीब पांच प्रतिशत तक की गिरावट के दबाव में शेयर बाजार ने पिछले लगातार तीन दिन की तेजी आज गंवा दी।

बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 180.96 अंक की गिरावट लेकर 65,252.34 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 57.30 अंक उतरकर 19,386.70 अंक पर आ गया। हालांकि दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों में लिवाली हुई, जिससे मिडकैप 0.11 प्रतिशत की तेजी लेकर 30,980.16 अंक और स्मॉलकैप 0.21 प्रतिशत चढ़कर 36,142.74 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3780 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1827 में गिरावट जबकि 1789 में तेजी रही वहीं 164 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह 35 में बिकवाली जबकि 16 में लिवाली हुई। बीएसई के 11 समूहों में गिरावट का रुख रहा। इस दौरान कमोडिटीज 0.01, ऊर्जा 0.69, वित्तीय सेवाएं 0.05, हेल्थकेयर 0.72, इंडस्ट्रियल्स 0.12, यूटिलिटीज 0.03, ऑटो 0.35, कैपिटल गुड्स 0.30, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.39, धातु 0.45 और तेल एवं गैस समूह के शेयर 0.23 प्रतिशत गिर गए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी रही। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.37, जर्मनी का डैक्स 0.24, जापान का निक्केई 0.87, हांगकांग का हैंगसेंग 2.05 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.12 प्रतिशत मजबूत रहा।

कैंसर के उपचार से बचा जच्चा बच्चा का जीवन

Cancer treatment saved life of mother and child

 

दिल्ली 24 अगस्त| गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के सफल उपचार के बाद मिजाेरम की एक महिला तथा उसके गर्भस्थ शिशु का जीवन बचा लिया गया है और लगभग डेढ़ वर्ष के उपचार के बाद दोनों स्वस्थ हैं। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के कैंसर सेंटर के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. पी.के. दास ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा ,“ कैंसर पीड़ित मरिना सीएच राल्टे (39) का मामला असाधारण था, जिसके लिए एक बहु-विषयक विशेषज्ञों की जरूरत होती है। हमारी प्राथमिकता मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखना था। दवाओं से गर्भस्थ शिशु को कोई नुकसान नहीं होना प्राथमिकता रही रही।” उन्होंने कहा कि महिला को उसके गर्भावस्था में बीमारी का पता चला। उनके गर्भाशय में सात सेंटीमीटर लंबा टयूमर था। इसलिए कैंसर का उपचार और साथ में सुरक्षित प्रसव कराना बड़ी चुनौती थी।

विश्‍व रिकार्ड बनाने को सबसे उम्रदराज पन्‍ना की वत्सला की होगी कार्बन डेटिंग

Carbon dating of Panna's Vatsala

 

लंबे समय तक पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को बाघ का दीदार कराने वाली वत्सला कभी मां नहीं बन सकी। लेकिन दूसरी हथिनियों के 25 से अधिक बच्चों की देखभाल की। हथिनियों के प्रसव के समय दाई की अच्छी भूमिका अदा की। देश की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला इस समय बीमार है। जन्म से संबंधित प्रमाण के अभाव में वत्सला के शतायु होने अधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई लेकिन प्राणी विशेषज्ञ इसे सौ वर्ष से अधिक का बताते हैं। गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में सबसे उम्रदराज हाथी का नाम दर्ज कराने पन्ना टाइगर रिजर्व ने बहुत प्रयास किए। कुछ दिनों पूर्व वत्सला के गिर चुके दांतों को कार्बन डेटिंग के लिए भेजा गया है।

वत्सला की जन्मभूमि केरल के नीलांबुर वन मंडल में भी उसकी जन्मतिथि का प्रमाण कोई प्रमाण नहीं है। वर्ष 1972 में वह 50 वर्ष की आयु में पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंची थी। यहां वह पर्यटकों को बाघ दिखाया करती थी। इसके पूर्व वह होशंगाबाद वन मंडल में लकड़ी ढुलाई का काम करती थी। वत्सला केरल में वयस्क हुई और वनोपज परिवहन का काम करने लगी। हाथियों की आयु दांतों की गणना से होती है लेकिन वत्सला के पूरे दांत गिर चुके हैं । नानाजी देशमुख वेटरनरी विश्वविद्यालय, जबलपुर के स्कूल आफ वाइल्ड लाइफ फारेंसिक एंड हेल्थ की प्रभारी संचालक डा. शोभा जावरे ने बताया कि पिछले वर्ष उसे मलनिकासी में तकलीफ हुई थी जिसका उपचार कराया गया।

दुनिया में इतनी वृद्ध हाथिनी और कहीं नहीं है

पन्ना टाइगर रिजर्व के पूर्व फील्ड डायरेक्टर आर श्रीनिवास मूर्ति बताते हैं कि वह निश्चित तौर पर शतायु है और इसके अलावा दुनिया में इतनी वृद्ध हाथिनी और कहीं नहीं है। पन्न टाइगर रिजर्व पार्क के फील्ड डायरेक्टर, बृजेंद्र कुमार झा का कहना है कि वत्सला की आयु का पता लगाने के लिए हैदराबाद स्थित सेंटर फार सेलुलर एंड माल्युक्यूलर बायोलाजी लैब से संपर्क साधा गया था लेकिन उन्होंने हथिनी की टूटी हुई दाढ़ों से कार्बन डेटिंग करने स मना कर दिया। पार्क के वेटरनरी डाक्टरों से सलाह मशविरा कर हथिनी के दांतों से आयु पता लगाने के लिए अन्य संस्थानों का पता किया जा रहा है।

कई वर्षों से हाजमा बिगड़ा, सेमिसालिड पदार्थ खा रही है

पन्ना टाइगर रिजर्व में वत्सला की देखरेख कर रहे डा संजीव गुप्ता का कहना है कि पिछले कई वर्षों से हथिनी का हाजमा बिगड़ा हुआ है उसे सेमिसालिड पदार्थ खाने के लिए दिया जा रहा है। वत्सला को बिल्कुल दिखाई नहीं देता लेकिन वह सूंड के सहारे चलती फिरती है। नेशनल बोर्ड आफ वाइल्ड लाइफ के सदस्य और इकोलाजिस्ट आर सुकुमार दावा करते हैं कि वत्सला दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी है। वत्सला का परीक्षण कर चुके सुकुमार ने बताया कि केरल के उत्तरी मालाबार में 1948 में पेरी (89) नाम की मादा हथिनी की मृत्यु हुई थी सबसे अधिक आयु वाले हाथियों की सूची में पेरी शामिल है। तमिलनाडु के मुदुमलाई नेशनल पार्क में सारा, रति, गोदावरी कई ऐसी हथनियां थीं जो 70 वर्ष तक जीवित रहीं।

मादा हाथी होती है समूह की मुखिया

हाथी मातृ सत्तात्मक होते हैं। समूह का नेतृत्व सबसे उम्रदराज मादा हाथी करती है। प्रसव और मृत्यु के समय हाथियों का झुंड एकत्र हो जाता है। प्रसव के समय सूंड से मादा हथिनी को सहलाकर भावनात्मक संबल प्रदान किया जाता है। हाथी के बच्चों को बाघों से बचाना और उन्हें सावधान रहने का प्रशिक्षण भी मादा हाथी देती हैं।

भद्राकाल में क्यों नहीं बांधी जाती है, समझें इसका महत्व

Why it is not tied in Bhadrakal

 

हिंदू धर्म में भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक के रूप रक्षाबंधन त्योहार मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन त्योहार पर भद्राकाल का साया पड़ रहा है। रक्षाबंधन पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन का पर्व 30 और 31 अगस्त है। ऐसे में लोगों के मन में यह असमंजस हैं कि आखिर राखी बांधने का सही समय क्या है? पंचांग के अनुसार 30 अगस्त बुधवार को रात 9.5 मिनट से लेकर 31 अगस्त की सुबह 9 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए शुभ माना गया है। व्यावहारिक दृष्टि से 30 अगस्त की शाम को राखी बांधना उचित नहीं है, ऐसे में 31 अगस्त को रक्षाबंधन त्योहार मनाया जा सकता है।

भद्रा काल को लेकर ये है धार्मिक मान्यता

पौराणिक कथा के मुताबिक, भद्रा का जन्म दानवों का नाश करने के लिए हुआ था। ऐसी मान्यता है कि जन्म के समय भद्रा गधे के मुंह, लंबी पूंछ और 3 पैरों के साथ जन्मी थी। भद्रा को भगवान सूर्य और उनकी पत्नी छाया की कन्या और शनिदेव की बहन के रूप में जाना जाता है। भद्रा का जन्म जैसी ही हुआ था, तो उन्होंने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। वह सभी मंगलकार्यों में विघ्न डालने लगी थी। ऐसे में सूर्यदेव को बेटी के विवाह की चिंता सताने लगी और ब्रह्माजी के पास गए। तब भद्रा को ब्रह्माजी ने कुछ विशेष स्थानों पर निवास करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि यदि तुम्हारा कोई आदर न करे या तुम्हारे समय में गृह प्रवेश करें या मांगलिक कार्य करें तो उसी स्थिति में तुम भी उसके शुभ कार्य में विघ्न डाल सकती हो।

जानें भद्रकाल के बारे में

हिंदू ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, भद्रा का वास धरती लोक में उस दौरान होता है, जब चंद्रमा कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि में होता है। इस दौरान भद्रा प्राणियों को सताने लगती है। इसके अलावा चंद्रमा मेष, वृषभ, मिथुन और वृश्चिक में रहता है तो भद्रा स्वर्गलोक के कार्यों में विघ्न डालती हैं। इसी प्रकार जब चंद्रमा कन्या, तुला, धनु और मकर राशि में स्थित होगा तो भद्रा पाताल लोक की ओर चली जाती है। जब भद्रा स्वर्ग और पाताल लोक में निवास करती है तब ही धरती लोक पर शुभ कार्य किए जाते हैं।

चांदी धारण करने से कई लाभ, पहनते समय इन बातों की रखें सावधानी

many benefits of wearing silver

 

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, हमारा शरीर पंचतत्व से मिलकर बना हुआ है और इन पंचतत्व में कई धातुएं भी शामिल होती है, जिनका हमारे शरीर पर शुभ और अशुभ प्रभाव होता है। ज्योतिष में चांदी के छल्लों को धारण करने के बारे में विस्तार से जिक्र किया गया है। चांदी के छल्लों को धारण करने से व्यक्ति की कई प्रकार की समस्याओं का निदान हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लग्न कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही किसी धातु के छल्ले को धारण करना चाहिए। चांदी का छल्ला धारण करने से क्या फायदे हैं और इसे धारण करते समय किन बातों की सावधानी रखनी चाहिए।

चांदी का छल्ला पहनने से लाभ

चांदी को शुक्र और चंद्रमा से संबंधित माना गया है। चांदी धन और वैभव को खींचने का काम करती है। इसे धारण करने से जातक को मानसिक शांति मिलती है। व्यक्ति कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है। मानसिक तनाव होने पर चांदी जरूर पहनना चाहिए।

इन बातों की रखें सावधानी

-चांदी का छल्ला धारण करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसमें कहीं से भी जोड़ न हो।
-चांदी के छल्ले को हाथ के अंगूठे में ही पहनना चाहिए।
-महिलाओं को बाएं हाथ में चांदी का छल्ला धारण करना चाहिए, वहीं पुरुषों को दाएं हाथ के अंगूठे में पहनना चाहिए।
-चांदी का छल्ला धारण करने से राहु दोष का निवारण होता है।
-चांदी का छल्ला कर्क, वृश्चिक, वृषभ, तुला और मीन राशि के लोगों के लिए शुभ होता है।
-चांदी का छल्ला सोमवार या शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए।

इन बीमारियों में भूलकर भी नहीं खाना चाहिए बैंगन, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Brinjal should not be eaten

 

बारिश के मौसम में बैंगन की सब्जी बहुत ज्यादा आती है। इसे भारतीय घरों में कई तरह से बनाकर खाया जाता है। आमतौर पर अधिकांश डॉक्टर बीमार होने पर बैंगन की सब्जी नहीं खाने की सलाह देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि ब्लड शुगर, दिल की बीमारी सहित कई पुरानी बीमारियों में इस सब्जी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आयुर्वेद में भी बैंगन की सब्जी को लेकर कई परहेज बताए गए हैं।

बवासीर हो तो न खाएं बैंगन

बवासीर से पीड़ित मरीजों को बैंगन खाने से बचना चाहिए। बैंगन का सेवन करने से बवासीर की समस्या बढ़ सकती है। बैंगन के सेवन से पेट संबंधी विकार बढ़ जाता है। इसके अलावा मासिक धर्म के समय भी महिलाओं को बैंगन का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। बैंगन की तासीर गर्म होती है, जिससे ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है।

गैस या एसिडिटी

पेट के रोगियों को बैंगन खाने से बचना चाहिए। बैंगन का सेवन करने से गैस व एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है। बैंगन खाने से डाइजेशन सिस्टम कमजोर हो जाता है। बैंगन खाने से सूजन की समस्या भी हो सकती है। आंखों से जुड़ी कोई दिक्कत हो तो परहेज करना चाहिए।

खून की कमी और एलर्जी

शरीर में खून की कमी होने पर भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। बैंगन शरीर में खून उत्पादन को प्रभावित करता है। इसके अत्यधिक सेवन से शरीर कमजोर हो जाता है। बैंगन खाने से स्किन एलर्जी भी हो सकती है और पथरी का दर्द बढ़ सकता है। बैंगन में पाया जाने वाला ऑक्सलेट पथरी की समस्या को बढ़ा देता है।

गड्डा मुक्त सड़कों के संकल्प की पूर्ति के लिए 2 सितम्बर से पीडब्ल्यूडी का अमला उतरेगा सड़कों पर

PWD staff will hit the roads

 

दो चरणों में चलेगा विशेष अभियान

भोपाल, 24 अगस्त| गड्डा मुक्त सड़कों के संकल्प की पूर्ति के लिए प्रदेश में 2 से 9 सितम्बर तक सड़कों के निरीक्षण से लेकर संधारण के विशेष अभियान का प्रथम चरण चलाया जाएगा। अभियान में उप यंत्री से लेकर कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारियों को सड़क संधारण की जिम्मेदारी दी जाएगी। सम्पूर्ण अमला एक साथ उन्हें आवंटित सड़कों का निरीक्षण करेगा। निरीक्षण, संधारण कार्य में लापरवाही पर संबंधित इंजीनियर की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा गड्डा मुक्त सड़क का जो संकल्प लिया है उसकी पूर्ति के लिए यह विशेष अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। द्वितीय चरण 29 सितम्बर से चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों को सड़कों के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। वे 2 सितम्बर से सड़कों का निरीक्षण प्रारंभ कर क्षतिग्रस्त स्थानों, जलभराव क्षेत्रों की फोटो-वीडियो तैयार करेंगे। ऐसी क्षतिग्रस्त सड़कें जो परफॉरमेंस गारंटी में है उनके ठेकेदारों को 7 दिवस में संधारण कराये जाने के निर्देश दिए जाएगे। अगर ठेकेदार द्वारा सुधार कार्य नहीं कराया जाता है तो विभाग जोनल ठेकेदार अथवा विभागीय अमले से सड़क का संधारण करवा कर संधारण व्यय की राशि परफॉरमेंस गारण्टी राशि से समायोजित करेगा।

प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि जो सड़क परफॉरमेंस पीरियड से बाहर की है का संधारण विभागीय मद से कराया जाएगा। सभी मंडल अधीक्षण यंत्रियों को भी निर्देश दिए गए है कि वे अपने संभाग में दौरा कर सड़कों का आकस्मिक निरीक्षण करें। साथ ही राज्य स्तर से भी मुख्य अभियंता और प्रमुख अभियंता द्वारा कम से कम 10-10 सड़कों का निरीक्षण किया जायेगा।

निरीक्षण सप्ताह में प्राप्त जानकारी की राज्य स्तरीय समीक्षा 11 सितम्बर 2023 को की जाएगी।

वर्दी समाज और देश के सम्मान का प्रतीक – राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Governor Mangubhai Patel

 

एस.एस.बी. के प्रशिक्षु अधिकारियों को दी नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार की सलाह

भोपाल, 24 अगस्त| राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्दी समाज और देश के सम्मान का प्रतीक है। वर्दी जनता के मन में सुरक्षा का विश्वास पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को राजभवन में सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षु अधिकारियों को धैर्यवान, तनावरहित रहने, अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित योग, व्यायाम करने और पौष्टिक खान-पान की सलाह दी। सशस्त्र सीमा बल के महा निरीक्षक संजीव शर्मा द्वारा राज्यपाल को पौधा एवं स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा भी उपस्थित थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा, नागरिकों के सुख-चैन का आधार होती है। जब परिवार से दूर रहकर हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए सीमा के प्रहरी जागते है तभी हम देशवासी चैन और शांति की नींद सो पाते है। किसी भी देश के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षु अधिकारी निष्ठा, ईमानदारी एवं राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर-सैनिकों की गाथाओं से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल पर नेपाल और भूटान जैसे मित्र राष्ट्रों की सीमाओं की सुरक्षा की संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। सीमा की सुरक्षा के लिए असामाजिक तत्वों एवं राष्ट्र विरोधी ताकतों का पूरी कठोरता के साथ दमन करें। साथ ही सीमाओं पर रहने वाले आमजनों को सदैव सुरक्षित महसूस कराएं। कभी किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने पाए।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप लोग कठिन प्रशिक्षण के पश्चात “आजादी के अमृतकाल” के महत्वपूर्ण प्रसंग में देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को देश के प्रतिष्ठित और गौरवशाली सुरक्षा बल का सदस्य बनने पर शुभकामनाएं दीं।

स्वागत उद्बोधन में महानिरीक्षक एस.एस.बी. अकादमी भोपाल शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग से चयनित 23 प्रशिक्षु अधिकारियों के 52 सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी दी। महिला प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री रौनक त्यागी ने समस्त प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल के उप-सचिव स्वरोचिष सोमवंशी, उप-महानिरीक्षक एस.एस.बी. सोमित जोशी एवं सशस्त्र सीमा बल के सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से रेल मंत्री वैष्णव ने की सौजन्य भेंट

Railway Minister

 

भोपाल, 24 अगस्त मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रेल मंत्री वैष्णव के मुख्यमंत्री निवास आगमन पर पुष्प-गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मंत्री वैष्णव को प्रदेश में जारी विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के संबंध में चर्चा की।

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