‘गौरी सावंत’ की रियल लाइफ, खुद सुनाई अपनी दास्तां

'Gauri Sawant'

 

कुछ समय पहले ही रिलीज हुई सुष्मिता सेन की वेब सीरीज ताली ट्रांसजेंडर सोशल वर्कर श्री गौरी सावंत की जिंदगी पर आधारित है। इस सीरीज में सुष्मिता सेन ने गौरी सावंत का किरदार निभाया है। इसके बाद से लोग गौरी सावंत की रियल लाइफ के बारे में पढ़ना चाहते हैं। हाल ही में जागरण से एक्सक्लूसिव बातचीत में गौरी सावंत ने अपने लाइफ एक्सपीरियंस शेयर किए हैं। उन्होंने बताया कि ताली सीरीज के रिलीज होने के बाद उनकी जिंदगी में क्या-क्या बदलाव आए हैं। सुष्मिता सेन का किरदार किस तरह उस रोल में ढल गया, इस पर भी उन्होंने बातचीत की है।

ताली सीरीज के रिलीज होने के बाद लाइफ में क्या बदला?

इसके जवाब में गौरी सावंत कहती हैं, “सुष्मिता सेन ने जिस तरह मेरे किरदार को जिया और लोगों में जिस तरीके से मुझे सराहा है, इससे बिल्कुल वैसी ही राहत मिली है, जैसे तपते पैरों को ठंडा रेत मिला हो। अगर दिन भर में मुझे 50 काॅल आते थे, तो अब 150 आने लगे हैं। लोग ट्रांसजेंडर्स को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे पहले लोगों को पता नहीं था कि हिजड़ों को पैदा कौन करता है।”

“वो मेरी कहानी का सिर्फ ट्रेलर है”

गौरी कहती हैं, “सीरीज में जो देखा, आपने वो मेरी कहानी का सिर्फ ट्रेलर है, जबकि रियलिटी में इससे कई गुना ज्यादा जिल्लत, नफरत और धोखे मिले हैं। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मैं उम्मीद करती हूं, इस सीरीज से लोग समझेंगे कि ट्रांसजेंडर्स की वास्तविक जिंदगी कैसी होती है। लोग हमारे समुदाय को देखने का नजरिया बदले। सकारात्मक बदलाव आएगा। हम भी नॉर्मल घर में पैदा होते हैं, किसी दूसरे ग्रह से नहीं आते हैं। एलियन नहीं हैं। ट्रांसजेंडर्स को बराबरी का मान-सम्मान और काम मिलना चाहिए।”

“हम भी नॉर्मल घर में पैदा होते हैं”

“2 जुलाई 1979 को पुणे के एक मराठी परिवार में मेरा जन्म हुआ था। पापा पुलिस में थे और मां हाउसवाइफ मेरे जन्म के समय डॉक्टर ने कहा था, सावंत सर बधाई हो, बेटा हुआ है। एक बेटी के बाद बेटा पैदा हुआ था, इसलिए मां-पापा बहुत खुश थे। पापा ने सबको मिठाई बांटी। बाकी बच्चों की तरह मेरे जन्म पर भी उत्सव मना। काफी सोच-विचार के बाद मां-पापा ने मेरा नाम गणेश नंदन रखा था। मुझे काफी प्यार से रखा गया, मेरी हर एक फरमाइश पूरी की जाती थी। पापा बाइक पर बिठाकर घुमाने ले जाते, लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई, वैसे-वैसे मैं उनके लिए शर्मिंदगी का कारण बनती गई। मां बहुत प्यार करती थी, लेकिन जब मैं सात साल की थी, तभी मां दुनिया छोड़कर चली गईं।”

“मां के बाद नानी ने पाला। मुझे नानी की साड़ियां पहनना अच्छा लगता था। सात-आठ साल की उम्र में मैं लड़कियों संग खेलती। स्कूल में बच्चे मेरा काफी मजाक उड़ाते थे। जैसे-जैसे में बढ़ रही थी, पापा ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी। मैंने पापा को अपनी फीलिंग्स समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने डांटा और बात करना छोड़ दिया। जब काॅलेज पहुंचीं तो मैं लड़कों के प्रति आकर्षित होने लगी। मैंने अपने परिवार को हर तरह से अपनी सेक्शुअलिटी के बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी भी स्वीकार नहीं किया। सिर्फ 16 साल की उम्र में 60 रुपए लेकर घर से निकल गई। उसके बाद पापा को कभी नहीं देखा। आजी से कभी नहीं मिली।”

पितृ दोष के कारण जीवन में आती हैं ये परेशानियां, तुरंत करें उपाय

due to Pitra Dosha

 

हिंदू धर्म में पूर्वजों का बहुत महत्व दिया जाता है। उनकी आत्मा की शांति के लिए व्यक्ति श्राद्ध, पिंडदान जैसे अनुष्ठान करता है। हर महीने की अमावस्या तिथि के अलावा पितृ पक्ष के 15 दिन पितरों को ही समर्पित माने जाते हैं। इस समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, दान-पुण्य आदि करना चाहिए। पितरों के नाराज होने पर पितृ दोष लगता है। पितृदोष के कारण जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ता है। वहीं, कुंडली में पितृ दोष का होना भी कई समस्याएं पैदा करता है। आइए, जानते हैं पितृ दोष से निजात पाने के लिए किए जाने वाले उपाय कौन-से हैं।

पितृ दोष होने पर मिलते हैं ये संकेत

– यदि किसी जातक की कुंडली में पितृ दोष हो तो उसे अपनी जीवन में कई कष्ट झेलने पड़ते हैं। पितृ दोष के कारण शादी में भी बाधा आती है। ऐसे में विवाह में देरी होती है।
– पितृ दोष के कारण वंश वृद्धि रुक जाती है। ऐसे में संतान प्राप्ति में बाधा आती है। साथ ही संतान राह भटक जाता है।
– पितृ दोष धन हानि और परिवार की तरक्की में रुकावट का कारण बनता है। कई कोशिशों के बाद भी व्यक्ति को सफलता नहीं मिल पाती है। पितरों के नाराज होने से व्यक्ति कंगाली की ओर चला जाता है। साथ ही परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
– पितृ दोष के कारण घर में झगड़े होते हैं। यदि बार-बार बिना कारण के घर में झगड़े हो रहे हों तो यह पितरों की नाराजगी का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में कुछ उपाय जरूर करने चाहिए।
– पितृ दोष होने के कारण परिवार के सदस्यों के बीच तनाव रहता है। साथ ही कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता है। इतना ही नहीं, पितृ दोष होने से जातक के रोजगार में बाधा आती है।

पितृ दोष में करें ये उपाय

पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं।
जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य देने से भी पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है स्मार्टवॉच का इस्तेमाल

smartwatch

 

इन दिनों स्मार्टवॉच का प्रचलन काफी बढ़ गया है और लोग 24 घंटे उसे पहने रहते हैं। इसके जरिए लोग नींद, सेहत और अन्य फिजिकल एक्टीविटीज का रिकॉर्ड रखते हैं। लेकिन एक नए अध्ययन से पता चला है कि ये स्मार्टवॉच सेहत के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं। ताजा रिसर्च के मुताबिक, एपल वॉच या फिटबिट जैसे रिस्टबैंड हानिकारक बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। इनकी वजह से बुखार, दस्त और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

क्या कहती है रिसर्च?

हाल ही में साइंस जर्नल एडवांसेज इन इंफेक्शियस डिजीज में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लगभग सभी एपल वॉच और फिटबिट्स हानिकारक बैक्टीरिया से भरे मिले। रिसर्च में मुख्य तौर पर ऐपल और फिटबिट ब्रैंड्स पर फोकस किया गया, लेकिन ये नतीजे सभी स्मार्टवॉच पर लागू होते हैं। रिसर्च में इन दोनों ब्रैंड्स के लगभग सभी रिस्टबैंड्स और स्मार्टवॉच मॉडल्स (करीब 95%) खतरनाक बैक्टीरिया के वाहक पाये गये। अध्ययन के अनुसार, जिम जाने वालों में स्टैफ संक्रमण ( Staphylococcus spp) के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया की संख्या सबसे अधिक थी, जो सेप्सिस या मौत तक की वजह बन सकता है। वहीं, 60 पर्सेंट में E. coli बैक्टीरिया और 30 पर्सेंट में बेहद खतरनाक Pseudomonas spp बैक्टीरिया मिला।

रिस्टबैंड्स से पड़ता है फर्क

रिसर्चर्स के मुताबिक, स्टैटिक सरफेस के चलते प्लास्टिक और रबर से बने रिस्टबैंड्स बैक्टीरिया इन्फेक्शन और बढ़त में सबसे ज्यादा सहायक होते हैं। इनकी तुलना में गोल्ड या सिल्वर से बने मेटल रिस्टबैंड्स में सबसे कम बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए सेहत का ध्यान रखना हो तो अपने स्मार्चवॉच को समय-समय पर साफ करते रहें और संभव हो तो मेटल रिस्टबैंड वाले वॉच का प्रयोग करें।

सामाजिक समरसता के भाव को पोषित करेंगी स्नेह यात्राएं- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Sneha Yatras

 

16 से 26 अगस्त तक निकाली जा रहीं यात्राओं में 72 पूज्य संत हो रहे हैं शामिल

भोपाल, 23 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि स्नेह यात्रा अद्भुत आनंद की यात्रा है। यह यात्रा बता रही है कि संतों की ताकत क्या है। संतों के पुण्य सानिध्य तथा आशीर्वाद से मध्यप्रदेश की भूमि धन्य हो रही है। स्नेह यात्रा कर संतों ने समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। समरसता, समन्वय और सहभागिता पर केंद्रित महाभियान पुन: चलाया जायेगा। समाज को जोड़ने वाली यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्नेह यात्रा के अनुभवों पर आधारित एक पुस्तक तथा डॉक्युमेंट्री भी तैयार की जाएगी, जो लंबे समय तक सामाजिक समरसता के भाव को पोषित करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश के 53 जिलों में निकल रही स्नेह यात्रा में शामिल पूज्य साधु-संतों से वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा गत दिवस निवास कार्यालय से चर्चा कर रहे थे।

भारत की ज्ञान परंपरा और देशज सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है

उल्लेखनीय है कि साधु-संतों के प्रेरक मार्गदर्शन में सकारात्मक और सार्थक वातावरण के निर्माण, सामाजिक समरसता, सामाजिक जीवन में एकात्म भाव के प्रतिपादन तथा समाज को विखंडित करने वाली शक्तियों के विरुद्ध ऊंच-नीच से परे एकीकरण के उद्देश्य से स्नेह यात्राऐं निकाली जा रही हैं। प्रदेश के 53 जिलों में 16 से 26 अगस्त तक निकाली जा रहीं इन यात्राओं में देश के 72 पूज्य संत सम्मिलित हो रहे हैं। संत- समाज, शासन, संस्थान, समन्वय, समरसता और सहभागिता इन यात्राओं के मूल घटक हैं। स्नेह यात्राओं से समाज को भारत की ज्ञान परंपरा के नेतृत्वकर्ता संतों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। जनसहभागिता से संचालित इन यात्राओं में सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता से समाज में देशज सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यात्रा में सक्रिय हैं सामाजिक सांस्कृतिक संगठन

स्नेह यात्रा में प्रदेश के 53 जिलों के 207 विकासखंडों की 3980 बस्तियों व ग्रामों में अब तक 3618 संवाद कार्यक्रम हुए हैं, यात्रा ने 3640 कि.मी. लम्बी दूरी तय की है। इस अभियान में 25 से अधिक सामाजिक/सांस्कृतिक संगठन सहभागिता कर रहे हैं। यात्रा में संत, नशा-मुक्ति और पौध-रोपण जैसे सामाजिक सरोकार के कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर किया नमन

tribute to Goswami Tulsidas

 

भोपाल, 23 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्रीरामचरितमानस के रचयिता महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि “अपनी साहित्य साधना, अपने सांस्कृतिक-लोकजतन से समाज में स्वतंत्र चेतना की लौ को तुलसीदास जी ने प्रज्वलित रखा। सनातन संस्कृति के अद्वितीय लोकनायक के रूप में उनका ओजस्वी व्यक्तित्व हमें सदैव लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।”

लगातार सिद्ध हो रहा है कि भारत सबसे आगे है- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

It is constantly being proved that India is at the forefront

 

भोपाल। इसरो द्वारा प्रक्षेपित चंद्रयान 3 आज चंद्रमा की सतह पर लैडिंग करने जा रहे है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसको लेकर कहा कि सारा देश आज गर्व से भरा हुआ है। मन आनंद और प्रसन्नता से सरोबार है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, मैं भारत के वैज्ञानिकों को हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिनकी बुद्धिमत्ता और परिश्रम के कारण यह क्षण आए हैं।

देश के लिए गौरव और आनंद का दिन

सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को भी प्रमाण करता हूं। जिनके नेतृत्व में भारत लगातार असाधारण उपलब्धियां हासिल कर रहा है। आज का देश के लिए गौरव, आनंद और प्रसन्नता का दिन है। यह लगातार सिद्ध होता जा रहा है कि भारत अब सबसे आगे है। यह हमारे लिए एक नया कीर्तिमान है।

एमपी के स्कूलों में दिखाया जाएगा चंद्रयान की लैंडिंग का लाइव प्रसारण

मध्य प्रदेश के सभी स्कूलों में चंद्रयान 3 की लैंडिंग का लाइव प्रसारण बच्चों को दिखाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को इसके लि निर्देश दिए गए हैं। शाम 5.27 से 6.30 तक स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए विशेष सभा के आयोजन की तैयारी है। इसके साथ ही जो विद्यार्थी आज लाइव प्रसारण नहीं देख पाएंगे उनके लिए गुरुवार को इसकी रिकार्डिंग दिखाने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विद्यार्थियों के साथ किया पौधा-रोपण

planted saplings with the students

 

आरजीपीवी विश्वविद्यालय के 25वें स्थापना दिवस पर लगाए नीम, कदंब और जामुन के पौधे

भोपाल , 23 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में नीम, करंज और जामुन के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 25वें स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सुनील गुप्ता तथा विद्यार्थियों नें पौधारोपण किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ निधि जोशी, सिद्धांत मीणा व वीणा सिंधु ने अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए। सौमित्र जोशी, कुमारी आर्या जोशी, कविता अनुरागी, शुभेंद्र सिंधु, बृजेश मीणा, कल्पना मीणा भी पौधा-रोपण में शामिल हुईं। तीन वर्षीय बालिका कुमारी अद्विका जैन के जन्म दिवस पर उनके परिजन अर्पित जैन व राशि जैन ने भी पौधे रोपे।

 चंद्रमा पर लैंडिंग की जगह तय, 5.44 बजे से शुरू हो जाएगी प्रोसेस

The place of landing on the moon is fixed

चंद्रयान-3 के लिए पूरा देश उत्साह से लबरेज है। 140 करोड़ भारतीयों समेत पूरी दुनिया की निगाहें मून मिशन पर टिकी है। आज शाम भारतीय समयानुसार शाम 6.04 बजे लैंडर विक्रम चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की जाना है । साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा। इस मिशन पर 600 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसरो 5.20 बजे इस घटनाक्रम का सीधा प्रसारण करेगा।

 

भारत का चंद्रयान-3 कुछ ही घंटों बाद चांद की सतह पर लैंड करने वाला है। Chandrayaan-3 का विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला है, जहां दुनिया को कोई भी देश आज तक सफल लैंडिंग नहीं कर पाया है। बीते सप्ताह रूस के अंतरिक्ष यान लूना-25 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर क्रैश लैंडिंग हो गई थी। लूना-25 यदि सफलतापूर्वक लैंड कर जाता तो शायद भारत संभवत: दुनिया का दूसरा देश होता, जो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग होता।इसरो ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के जिस लोंगिट्यूड और लैटीट्यूड पर विक्रम लैंडर के उतरने के संकेत दिए हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि विक्रम लैंडर मैनिंजस क्रेटर के आसपास ही कहीं उतरेगा।

कैसा है चांद का मैनिंजस क्रेटर

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर Maginus Crater दक्षिण पूर्व दिशा में स्थित है। इस क्रेटर के उत्तर में प्रॉक्टर मैनिंजस क्रेटर है, वहीं दक्षिण पूर्व दिशा में डेलुक क्रेटर है। Maginus Crater के पूर्वी हिस्से कई विशाल गड्ढे भी हैं। मैजिनस क्रेटर का व्यास करीब 168 किलोमीटर है। यह अपेक्षाकृत अच्छी तरह से संरक्षित किनारे वाला एक बड़ा गड्ढा है। इस क्रेटर का अधिकांश धरातल सपाट और चिकना है। क्रेटर के आंतरिक हिस्से में कुछ ऊंचे शिखर वाले पहाड़ भी हैं।

3.8 अरब साल पहले बना था ये क्रेटर

माना जाता है कि मैजिनस क्रेटर का निर्माण लगभग 3.8 अरब वर्ष पहले सौर मंडल के प्रारंभिक इतिहास के दौरान हुआ था। मैजिनस क्रेटर को धरती से दूरबीनों के सहयोग से आसानी से देखा जा सकता है।

New Jobs: NTPC Recruitment 2023 for fresher and experienced candidates

Ntpc requitment

 

NTPC Recruitment 2023–24: Get Latest NTPC Recruitment 2023 notifications for Executive, Trainee, Specialists, Engineer, Assistants and Manager vacancies. NTPC Recruitment through Gate 2023 is also conducted by National Thermal Power Corporation Limited. Find NTPC vacancies across India here which National Thermal Power Corporation Limited post on its official website www.ntpc.co.in. You can also get Free Job Alert of “Upcoming NTPC Recruitment 2023” notifications for fresher and experienced candidates. Also, Know Direct Official Link for NTPC Recruitment 2023.

Important Dates for NTPC Recruitment 2023: Diploma Trainee, Artisan Trainee Posts

The online application is open from 23rd August 2023. Online applications will not be accepted after the last date. The application should be submitted on or before 15th September 2023.

Start Date to Apply Online 23/08/2023
Last Date to Apply Online 15/09/2023

Vacancy details of NTPC Recruitment 2023: Diploma Trainee, Artisan Trainee Posts Candidates can view the vacancies in the below table. The vacancies for Diploma Trainee and Artisan Trainee positions are listed in the table below. Check the available positions and apply accordingly.

Post Name & No of Posts
– Diploma Trainee 18
– Artisan Trainee 32
TOTAL 50

Pay Scale:
Selected candidates will receive a monthly consolidated salary as given in the below table. Refer to the salary details here.

Post Name Salary
– Diploma Trainee 24,000/-
– Artisan Trainee 21,500/-

Age limit:
Candidates must not be over the specified age limit. The upper age limit for the Diploma Trainee & Artisan Trainee posts is as follows. According to the rules, we have provided upper age limits.

Name of the Posts & Age Limit
– Diploma Trainee / Artisan Trainee, 38 Years
Educational Qualification:
Candidates must have completed Diploma / ITI in a relevant discipline.
Selection Process:
The selection will be based on the following stages

Diploma Trainee:

  • Online Test (Aptitude Test)
  • Online Test (Technical Test)

ITI Trainee / Asstt Material / (Storekeeper) Trainee:

  • Online Test

Application Fee:
The application fees for each category are listed below. Check out the application fees for each category.

General / EWS / OBC – 300/-
SC / ST / PWD / XSM – NIL

 

NTPC Recruitment 2023 Apply Online:

How to Apply for NTPC Recruitment 2023: Diploma Trainee, Artisan Trainee Posts

Applications must be submitted online. Candidates can follow the given steps and apply online.

Apply online by visiting the NTPC official website www.ntpc.co.in
Click -> Careers -> Jobs at NTPC -> Apply Online.
Register using their active email id and mobile number.
Fill in all the online forms with the correct details.
Upload all the required documents.
Click SUBMIT.
Pay the application fee online.
Print the Application form for future reference

 

Click on Download Advertisement for Recruitment of DIPLOMA TRAINEES/ ARTISAN TRAINEES for NTPC Download Advertisement for Recruitment of DIPLOMA TRAINEES/ ARTISAN TRAINEES for NTPC Bongaigaon

 

 

 

प्रदेश का विकास और जनता का कल्याण मेरा लक्ष्य- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Development of the state and welfare

 

सेवढ़ा में रतनगढ़ वाली माँ का अद्भुत लोक बनेगा, इसी साल खुलेगा सीएम राइज स्कूल

 

भोपाल, 22 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि सेवढ़ा क्षेत्र में रतनगढ़ वाली मैया का अद्भुत लोक बनाया जायेगा। इसके लिये 5 करोड़ की राशि भिजवाई जायेगी। उन्होंने सेवढ़ा नगर के विकास के लिये भी 5 करोड़ की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की और कहा कि नया बस-स्टेण्ड और नगर पालिका भवन भी बनाया जायेगा। सेवढ़ा में इसी साल सीएम राइज स्कूल खुलेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज दतिया जिले के सेवढ़ा में जन-दर्शन के दौरान लाड़ली बहना सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिये 159 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। लाड़ली बहनों ने उन्हें राखी बाँधी और एक बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-वर्षा कर बहनों का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरव चन्द्रयान-3 चन्द्रमा की सतह पर उतरने वाला है। देश और प्रदेश में निरंतर विकास हो रहा है। सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई आदि सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिये कार्य कर रही है। प्रदेश का विकास और जनता का कल्याण ही मेरा लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में बहन-बेटियों को सशक्त बनाने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह/निकाह योजना के बाद लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों को उनका सम्मान और हक दिया जा रहा है। योजना में मिलने वाले 1000 रूपये केवल राशि नहीं, बल्कि बहनों का सम्मान और अधिकार है। योजना से अभी सवा लाख बहनें जुड़ी हैं, अभी और बहनें जुड़ेंगी। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रूपये की जायेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में बहनों को सशक्त बनाने के लिये स्थानीय निर्वाचन में उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आज बड़ी संख्या में बहनें पंचायत एवं नगरीय निकायों में सरकार चला रही हैं। पुलिस में बड़ी संख्या में बेटियाँ हैं। संबल योजना में बहनों को 16 हजार रूपये प्रसूति सहायता दी जाती है। मध्यप्रदेश में बेटियों के प्रति दुराचार करने वालों के लिये फाँसी का प्रावधान है। आजीविका मिशन के माध्यम से हर बहन की आय कम से कम 10 हजार रूपये महीना करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जनता की जिंदगी बदलने के लिये सरकार चला रहा हूँ। गरीबों को नि:शुल्क अनाज के साथ ही पक्का आवास भी दिलवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में जो हितग्राही छूट गये हैं, ऐसे सभी पात्र हितग्राहियों को सीएम आवास योजना बनाकर आवास स्वीकृत किये जायेंगे। सभी गरीबों को रहने की जमीन का पट्टा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि- “आज जन-दर्शन के दौरान सेवढ़ा में विशाल जन-समुदाय ने मुझे जो प्यार, आशीर्वाद दिया है, मेरे प्रति जो अटूट विश्वास प्रकट किया है, उसे मैं टूटने नहीं दूंगा। आपकी जिंदगी में खुशहाली लाने का हर संभव प्रयास करूंगा”। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आगामी 27 तारीख को दोपहर एक बजे वे भोपाल से प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करेंगे और राखी भी बंधवायेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सभी अपने बच्चों को पढ़ायें और आगे बढ़ायें। सरकार उनकी पढ़ाई के लिये हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। साइकिल के लिये 4500 रूपये दिये जाते हैं। अब सरकार 12वीं में स्कूल में टॉप करने वाले छात्र और छात्रा को स्कूटी प्रदान कर रही है। बारहवीं कक्षा पास विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में प्रशिक्षण के साथ 8 हजार रूपये महीना स्टाइपेंड भी दिया जायेगा। उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरवा रही है।

केन्द्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सेवढ़ा में विकास और प्रगति की वर्षा लेकर आये हैं। यहाँ 159 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास/लोकार्पण किया गया। दतिया में एयरपोर्ट का भी शिलान्यास किया जा चुका है। सिंधु नदी पर पुल का निर्माण किया जायेगा। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह देश की एक-एक महिला को सशक्त बनाने के लिये संकल्पित हैं और इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण की मिसाल है।

सांसद संध्या सुमन राय ने भी संबोधित किया। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, सुरेन्द्र सिंह बुधोलिया, जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनों सहित जन-समुदाय उपस्थित था।

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