CM शिवराज सिंह ने पर्यावरण प्रेमी नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ किया पौध-रोपण

CM Shivraj Singh planted saplings with environment loving citizens and representatives of social organizations

भोपाल, 16 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नियमित पौध-रोपण अंतर्गत आज स्मार्ट उद्यान में पर्यावरण प्रेमी नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ नीम, बेलपत्र और जामुन के पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ समाजसेवी डॉ. संदीपा मल्होत्रा, अनामिका और दीपा ने पौध-रोपण किया। ग्लोबल स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की शिक्षिका ललिता, रूचि जैन, प्रियदर्शना, अंशिका, नयना, श्वेता, इशिता के साथ ही अनेक विद्यार्थी भी पौध-रोपण में शामिल हुए। जन्म-दिवस पर सर्वश्री विपेन्द्र प्रताप सिंह, वैभव्य और मनु ने पौधे लगाए। सामाजिक कार्यकर्ता सर्वश्री अजय पटेल, गोलू पटेल और शंकरलाल शर्मा ने भी पौध-रोपण में हिस्सा लिया।.

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्पों को साकार कर रही भाजपा सरकार- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

BJP government realizing the resolutions of late Atal Bihari Vajpayee – Chief Minister Shivraj Singh

 

भोपाल, 16 अगस्त| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए वैभवशाली, गौरवशाली और शक्तिशाली भारत के निर्माण के संकल्प पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर स्थानीय डीबी मॉल के सामने उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने भी स्वर्गीय वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज श्रद्धेय वाजपेयी जी की पुण्यतिथि है। ‘हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा, काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं’, इन पंक्तियों और अटल जी का पूरा देश आज भी दीवाना है। बेदाग राजनीतिक जीवन में प्रतिपक्ष में काम करते हुए और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत माता की अद्भुत सेवा की। उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए वैभवशाली, गौरवशाली और शक्तिशाली भारत के निर्माण के संकल्प को लेकर भाजपा सरकार काम कर रही है।

हुजूर विधानसभा में सामुहिक हुनमान चालीस कर मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 

भोपाल, हुजूर विधानसभा में स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। काँग्रेस नेता विष्णु विश्वकर्मा ने संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ में सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ कर मनाया।

हुजूर विधानसभा के प्रत्येक खेड़ापति में श्री हनुमान चालीसा पाठ करने का संकल्प विष्णु विश्वकर्मा द्वारा लिया गया है। विश्वकर्मा ने बताया की सितंबर माह में संकल्प पूरा होने पर 11फिट की श्री हनुमान गदा सम्पूर्ण हुज़ूर विधान सभा के सभी 226 हनुमान मंदिर पर भ्रमण कर छींद धाम में हनुमान दद्दा जी महाराज के श्री चरणों मे अर्पण की जाएगी । आज के कार्यक्रम में सैकड़ो लोगों ने सहभागिता।

आजादी हमें सहजता से नहीं, हजारों लोगों के त्याग और बलिदान से मिली है- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

We did not get freedom easily, it was due to the sacrifice and sacrifice of thousands of people – Chief Minister Shivraj Singh

भोपाल, 15 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि भारत को आजादी सहजता से नहीं, हजारों लोगों के त्याग, तपस्या और बलिदान से मिली है। आजादी दिलाने वाले क्रांतिकारियों की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता। मध्यप्रदेश के क्रांतिकारियों ने भी आजादी की लडाई में बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर रविन्द्र भवन में अमृत महोत्सव अंतर्गत संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित “आजादी का महापर्व” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा दिल्ली के कर्तव्य पथ, इंडिया गेट पर लगाई गई है। शहीदों के स्मारक बन रहे हैं। स्मारक बनाकर हम उन वीरों की पूजा भी करते हैं। इसके बिना कोई देश विकास और प्रगति नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वराज संस्थान को आजादी की गाथाओं पर पुस्तक प्रकाशित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों को जरूर पढ़ें, अमर शहीदों के सर्वस्व न्यौछावर की वजह से हमें आजादी मिली है, इसे व्यर्थ न जाने दें। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में गौरवशाली, वैभवशाली, समृद्ध और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।

स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि आज का कार्यक्रम अद्भुत और अनूठा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में संस्कृति विभाग पूरे समर्पण से कार्य कर रहा है। आने वाली पीढ़ी क्रांतिकारियों से परिचित हो सके इसके लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पर आधारित पांच पुस्तकों का विमोचन किया। आभार प्रदर्शन प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में सिने कलाकार अन्नू कपूर और उनके दल ने देश भक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित पुलिस अधिकारियों का निवास पर स्वागत किया

Chief Minister Shivraj Singh welcomed the President's medal awarded police officers at his residence

भोपाल, 15 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस अपनी भूमिका का अच्छे ढंग से निर्वहन कर रही है। प्रदेश की पुलिस और बेटा-बेटियों पर मुझे गर्व है। मैं आपके परिवार का मुखिया हूँ, जब भी जरुरत पड़ेगी आपके साथ खड़ा रहूँगा। पुलिसकर्मी अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिता सकें इसलिए प्रदेश में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था की गई है। तनावमुक्त रहकर ज्यादा अच्छे से कार्य कर सकें, इसलिए राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ और कार्यक्रम शुरू किए हैं। हर महीने 15 लीटर पेट्रोल के पैसे पुलिसकर्मियों के खाते में डाले जाएंगे। शीघ्र ही 25 हजार आवास बनाएंगे ताकि रहने के लिए घर मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास पर राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस, नगर सेना और जेल विभाग के वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक प्राप्त 64 अधिकारियों एवं कर्मचारियों, दो अन्य विभूतियों तथा उनके परिजन का स्वागत और सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की धर्मपत्नी साधना सिंह, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महानिदेशक होमगार्ड अरविंद कुमार, महानिदेशक जेल राजेश चावला तथा अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैं सरकार नहीं परिवार चलाता हूँ, उसी परिवार के आप भी सदस्य हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पुलिस के जवान अपराधियों, हत्यारों, नक्सलियों और आतंकवाद का डटकर मुकाबला करते हैं। अपराधियों के लिए वज्र से ज्यादा कठोर और जनता के लिए फूल से भी ज्यादा कोमल बने रहो। प्रदेश को विकास की ऊँचाइयों पर ले जाने में सतत योगदान करते रहो।

पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि पुलिस की उपलब्धियों से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पुलिस खरा उतरने की कोशिश करेगी। उन्होंने पदक विजेताओं और उनके परिवाजन तथा आज लाल परेड मैदान पर हुई राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस परेड में शामिल पुलिस कर्मियों को बधाई दी। पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि किसी भी प्रदेश में मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के लिए ऐसा कार्यक्रम नहीं होता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान सबको परिवार की भांति मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। स्वास्थ्य रक्षा योजना, पुलिस आवासों का निर्माण और रिक्त पदों पर भर्तियां लगतार जारी हैं। कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों द्वारा देशभक्ति पर केन्द्रित आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गई।

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भ्रष्टाचार,परिवारवाद और तुष्टीकरण के चक्रव्यूह को तोड़ कर विकसित राष्ट्र बनेगा भारत- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

India will become a developed nation by breaking the cycle of corruption, familyism and appeasement - Prime Minister Narendra Modi

 

दिल्ली, 15 अगस्त| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर आज 10वीं बार लाल किला की प्राचीर से देश को संबोधित किया लेकिन पहली बार मेरी प्यारे ‘देशवासियों’ की जगह मेरी प्यारे ‘परिवारजन’ शब्द का इस्तेमाल का राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘मेरे प्रिय 140 करोड़ परिवारजन’ कहकर की और करीब डेढ़ घंटे के भाषण के दौरान 48 बार ‘परिवारजन’ शब्द का इस्तेमाल किया। भाषण के दौरान प्रवाह में वह देशवासियों शब्द का इस्तेमाल करते तो तुरंत इसमें सुधार कर ‘मेरे प्यारे प्रिय परिवारजन’ शब्द का प्रयोग कर भाषण के नए विषय पर बोलना शुरू कर देते।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आने वाले कालखंड में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए मंगलवार को कहा कि देशवासियों का एक- एक कदम , एक -एक फैसला 2047 के विकसित भारत के निर्माण की नींव रखेगा और देश को भ्रष्टाचार, परिवारवाद तथा तुष्टीकरण के चक्रव्यूह से बाहर निकालकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले लाल किले की प्राचीर से दसवीं बार देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में देश ने अनिश्चितता , अस्थिरता और राजनीतिक मजबूरी के दौर से बाहर निकलकर दुनिया में अपनी जगह बनायी और दुनिया भी मान रही है कि अब भारत का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने 77 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डेढ घंटे से भी अधिक समय तक चले अपने संबोधन में 140 करोड़ देशवासियों को भाई-बहनों या मेरे प्रिय देशवासियों की जगह बार-बार ‘मेरे परिवारजनों’ कह कर संबोधित किया और कहा कि आने वाला कालखंड देश के हजारों वर्ष के इतिहास को लिखेगा। उन्होंने कहा ,“ अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर जाने नहीं देना चाहिए, हमें मौका छोड़ना नहीं चाहिए। भारत में मैं मेरे देशवासियों का इसलिए भी अभिनंदन करता हूं कि मेरे देशवासियों में एक नीर-क्षीर विवेक का सामर्थ्‍य है, समस्‍याओं की जड़ों को समझने का सामर्थ्‍य है और इसलिए 2014 में मेरे देशवासियों ने 30 साल के अनुभव के बाद तय किया कि देश को आगे ले जाना है तो स्थिर सरकार चाहिए, मजबूत सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए, और देशवासियों ने एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाई है और तीन दशकों तक जो अनिश्चिता का काल था, जो अस्थिरता का कालखंड था, जो राजनीतिक मजबूरियों से देश जकड़ा हुआ था, उससे मुक्ति मिली।” उन्होंने कहा , “ मेरे शब्द लिखकर के रखिए मेरे प्यारे परिवारजनों इस कालखण्ड में जो हम करेंगे, जो कदम उठाऐंगे, जितना त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, एक के बाद एक फैसले लेंगे, आने वाले एक हजार साल का देश का स्‍वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में होने वाली घटनाएं आगामी एक हजार साल के लिए इसका प्रभाव पैदा करने वाली हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में देशवासियों से आशीर्वाद और सहयोग मांगते हुए कहा ,“ मेरी नीति साफ है और नीयत पर कोई सवालिया निशान नहीं है। सच्चाई को स्वीकार करके उसके समाधान के लिए आगे बढ़ना होगा। मैं आज आपसे मदद और आशीर्वाद मांगने आया हूं कि देश की समस्याओं को गंभीरता से लेना है। वर्ष 2047 में जब देश आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा , तब दुनिया में विकसित भारत का तिरंगा फहराएंगे। हमारे संकल्प में रत्ती भर भी कमी नहीं आएगी। ” उन्होंने कहा, “ इसके लिए शुचिता , पारदर्शिता और निष्पक्षता पहली जरूरत है। यह हमारा सामूहिक दायित्व है। पचहत्तर साल के इतिहास में भारत का सामर्थ्य कम नहीं हुआ। जो देश सोने की चिड़िया था, वह साल 2047 में देश की आज़ादी के शताब्दी वर्ष में फिर से उसी वैभव से खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में 30 साल से कम आयु के सबसे अधिक लोग भारत में हैं। देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति और आम मानवीय की शक्ति पर भरोसा है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर देश वर्ष 2047 में विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। ” उन्होंने कहा, “ हमें यह संकल्प लेना है कि वर्ष 2047 में हमारा तिरंगा एक विकसित राष्ट्र का राष्ट्रीय ध्वज होगा।देश आज हमारी माताओं-बहनों के सामर्थ्य से आगे बढ़ा है। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो हमारे किसान भाई-बहनों का पुरुषार्थ है, यह उनका ही परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के विकसित राष्ट्र बनने में तीन चुनौतियों को सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए सभी से इनसे मिलकर लड़ने का आह्वान किया और कहा कि ये तीन चुनौतियां भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की नीति हैं और सभी को इनके सफाये के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि वह इन समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा , “ अब आंख बंद करने का समय नहीं है। अगर सपनों को सिद्ध करना है, संकल्‍प को पार करना है तो हमें यह आंख-मिचौली बंद करके आंख में आंख मिला करके तीन बुराइयों से लड़ना समय की मांग है। हमारे देश की सारी समस्‍याओं की जड़ में भ्रष्‍टाचार ने दीमक की तरह देश की सारी व्‍यवस्‍थाओं को, देश के सारे सामर्थ्‍य को पूरी तरह नोंच लिया है। भ्रष्‍टाचार से मुक्ति, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जंग हर इकाई में हर क्षेत्र में और मैं देशवासियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, यह मोदी के जीवन का कमिटमेंट है, यह मेरे व्‍यक्तित्‍व का एक कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा हमारे देश को नोंच लिया है परिवारवाद ने। इस परिवारवाद ने देश को जिस प्रकार से जकड़ करके रखा है उसने देश के लोगों का हक छीना है, और तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। यह तुष्टिकरण में भी देश के मूल चिंतन को, देश के सर्वसमावेशक हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया इन लोगों ने। और इसलिए मेरे प्‍यारे देशवासियों, इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों हमें इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है। भ्रष्‍टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण यह चुनौतियां, ये ऐसी चीजें पनपी है जो हमारे देश के लोगों का, जो आकांक्षाएं है, उसका दमन करती हैं। हमारे देश के कुछ लोगों के पास जो छोटा-मोटा सामर्थ्‍य है उसका शोषण करती हैं। यह ऐसी चीजें है, जो हमारे लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं को सवाल या निशान में गढ़ देती है। हमारे गरीब हो, हमारे दलित हो, हमारे पिछड़े हो, हमारे पसमांदा हो, हमारे आदिवासी भाई-बहन हो, हमारी माताएं-बहनें हो, हमने सबने उनके हकों के लिए इन तीन बुराइयों से मुक्ति पानी है। हमें भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एक नफरत का माहौल बनाना है। जैसे गंदगी हमें नफरत पैदा करती है न मन में, गंदगी पसंद नहीं है, यह सार्वजनिक जीवन की इससे बड़ी कोई गंदगी नहीं हो सकती। और इसलिए हमारे स्‍वच्‍छता अभियान को एक नया मोड़ ये भी देना है कि हमें भ्रष्‍टाचार से मुक्ति पानी है। सरकार टेक्‍नोलॉजी से भ्रष्‍टाचार की मुक्ति के लिए बहुत प्रयास कर रही है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ इतिहास में एक कालखंड की एक छोटी-सी घटना ने देश पर दीर्घकालिक प्रभाव डाला और देश ने एक हजार साल की गुलामी झेली और आज हम ऐसे संक्रमण काल में खड़े हैं , जहां हमारे कार्य आने वाले 1000 वर्ष तक भारत के भविष्य की दिशा निर्धारित करेंगे। हम जो भी करेंगे, जो भी कदम उठाएंगे, जो फैसला लेंगे, वह अगले एक हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है, भारत के भाग्य को लिखने वाला है। ” प्रधानमंत्री ने देशवासियों विशेष रूप से युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने तथा उन संकल्पों को सिद्ध करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ,“ हम अमृतकाल में प्रवेश कर गये हैं जो हमें हजार वर्षों के स्वर्णिम युग में ले जायेगा। देश और दुनिया का भारत में असीम विश्वास एवं भरोसा है और उनकी भारत से बहुत बड़ी अपेक्षा है।” उन्होंने कहा , “ भारत के अमृतकाल के कालखंड में हम जितना त्याग करेंगे, आने वाले एक हजार वर्ष का स्वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। हमारे पास डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी और डायवर्सिटी की त्रिवेणी है जो भारत को बहुत आगे ले जायेगी। ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर विश्वकर्मा योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसे जमीनी स्तर पर लागू कर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत सुनार, सुतार, राजमिस्त्री, धोबी, नाई आदि वर्ग के लोगों को परंपरागत औज़ारों की जगह नये तकनीकी उपकरण मुहैया कराये जाएंगे। इसके लिए 13 से 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों की संख्या 10 हजार से बढ़ा कर 25 हजार की जाएगी। उन्होंने रिफॉर्म, परफॉर्म एवं ट्रांसफॉर्म को अपना कार्य मंत्र बताया। प्रधानमंत्री ने मणिपुर को लेकर देश की चिंताओं को भी रखा और कहा कि समूचा देश मणिपुर के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा,“ पिछले कुछ सप्ताह नार्थ-ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागो में, लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है। मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को आगे बढ़ाए और शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर के उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही हैं, करती रहेंगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई की समस्या पर भी बोले और कहा,“ युद्ध के कारण पूरा विश्व महंगाई से परेशान है। हम भी महंगाई से पीड़ित हैं , लेकिन वह इसे भी दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि देश के विकास को लेकर क्षेत्रीय आकांक्षाओं का समाधान करना जरूरी है। इसीलिए उनकी सरकार देश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास की योजनाओं पर काम कर रही है। देश के साढ़े 13 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर नये मध्य वर्ग में शामिल करने में कामयाबी मिली है। गरीब की क्रय शक्ति जब बढ़ती है तो मध्यम वर्ग की कारोबारी शक्ति एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और इससे अर्थव्यवस्था का चक्र तेज़ होता है। प्रधानमंत्री ने भाषण में अपनी सरकार के नौ साल के कामकाज का उल्लेख किया और अगले लोकसभा चुनाव में जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि वह अगले वर्ष भी लालकिले से देश को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आने वाले कालखंड में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए मंगलवार को कहा कि देशवासियों का एक- एक कदम , एक -एक फैसला 2047 के विकसित भारत के निर्माण की नींव रखेगा और देश को भ्रष्टाचार, परिवारवाद तथा तुष्टीकरण के चक्रव्यूह से बाहर निकालकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। श्री मोदी ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले लाल किले की प्राचीर से दसवीं बार देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में देश ने अनिश्चितता , अस्थिरता और राजनीतिक मजबूरी के दौर से बाहर निकलकर दुनिया में अपनी जगह बनायी और दुनिया भी मान रही है कि अब भारत का समय आ गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डेढ घंटे से भी अधिक समय तक चले अपने संबोधन में 140 करोड़ देशवासियों को भाई-बहनों या मेरे प्रिय देशवासियों की जगह बार-बार ‘मेरे परिवारजनों’ कह कर संबोधित किया और कहा कि आने वाला कालखंड देश के हजारों वर्ष के इतिहास को लिखेगा। उन्होंने कहा ,“ अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर जाने नहीं देना चाहिए, हमें मौका छोड़ना नहीं चाहिए। भारत में मैं मेरे देशवासियों का इसलिए भी अभिनंदन करता हूं कि मेरे देशवासियों में एक नीर-क्षीर विवेक का सामर्थ्‍य है, समस्‍याओं की जड़ों को समझने का सामर्थ्‍य है और इसलिए 2014 में मेरे देशवासियों ने 30 साल के अनुभव के बाद तय किया कि देश को आगे ले जाना है तो स्थिर सरकार चाहिए, मजबूत सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए, और देशवासियों ने एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाई है और तीन दशकों तक जो अनिश्चिता का काल था, जो अस्थिरता का कालखंड था, जो राजनीतिक मजबूरियों से देश जकड़ा हुआ था, उससे मुक्ति मिली।” उन्होंने कहा , “ मेरे शब्द लिखकर के रखिए मेरे प्यारे परिवारजनों इस कालखण्ड में जो हम करेंगे, जो कदम उठाऐंगे, जितना त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, एक के बाद एक फैसले लेंगे, आने वाले एक हजार साल का देश का स्‍वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में होने वाली घटनाएं आगामी एक हजार साल के लिए इसका प्रभाव पैदा करने वाली हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में देशवासियों से आशीर्वाद और सहयोग मांगते हुए कहा ,“ मेरी नीति साफ है और नीयत पर कोई सवालिया निशान नहीं है। सच्चाई को स्वीकार करके उसके समाधान के लिए आगे बढ़ना होगा। मैं आज आपसे मदद और आशीर्वाद मांगने आया हूं कि देश की समस्याओं को गंभीरता से लेना है। वर्ष 2047 में जब देश आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा , तब दुनिया में विकसित भारत का तिरंगा फहराएंगे। हमारे संकल्प में रत्ती भर भी कमी नहीं आएगी। ” उन्होंने कहा, “ इसके लिए शुचिता , पारदर्शिता और निष्पक्षता पहली जरूरत है। यह हमारा सामूहिक दायित्व है। पचहत्तर साल के इतिहास में भारत का सामर्थ्य कम नहीं हुआ। जो देश सोने की चिड़िया था, वह साल 2047 में देश की आज़ादी के शताब्दी वर्ष में फिर से उसी वैभव से खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में 30 साल से कम आयु के सबसे अधिक लोग भारत में हैं। देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति और आम मानवीय की शक्ति पर भरोसा है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर देश वर्ष 2047 में विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। ” उन्होंने कहा, “ हमें यह संकल्प लेना है कि वर्ष 2047 में हमारा तिरंगा एक विकसित राष्ट्र का राष्ट्रीय ध्वज होगा।देश आज हमारी माताओं-बहनों के सामर्थ्य से आगे बढ़ा है। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो हमारे किसान भाई-बहनों का पुरुषार्थ है, यह उनका ही परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के विकसित राष्ट्र बनने में तीन चुनौतियों को सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए सभी से इनसे मिलकर लड़ने का आह्वान किया और कहा कि ये तीन चुनौतियां भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की नीति हैं और सभी को इनके सफाये के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि वह इन समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा , “ अब आंख बंद करने का समय नहीं है। अगर सपनों को सिद्ध करना है, संकल्‍प को पार करना है तो हमें यह आंख-मिचौली बंद करके आंख में आंख मिला करके तीन बुराइयों से लड़ना समय की मांग है। हमारे देश की सारी समस्‍याओं की जड़ में भ्रष्‍टाचार ने दीमक की तरह देश की सारी व्‍यवस्‍थाओं को, देश के सारे सामर्थ्‍य को पूरी तरह नोंच लिया है। भ्रष्‍टाचार से मुक्ति, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जंग हर इकाई में हर क्षेत्र में और मैं देशवासियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, यह मोदी के जीवन का कमिटमेंट है, यह मेरे व्‍यक्तित्‍व का एक कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा हमारे देश को नोंच लिया है परिवारवाद ने। इस परिवारवाद ने देश को जिस प्रकार से जकड़ करके रखा है उसने देश के लोगों का हक छीना है, और तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। यह तुष्टिकरण में भी देश के मूल चिंतन को, देश के सर्वसमावेशक हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया इन लोगों ने। और इसलिए मेरे प्‍यारे देशवासियों, इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों हमें इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है। भ्रष्‍टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण यह चुनौतियां, ये ऐसी चीजें पनपी है जो हमारे देश के लोगों का, जो आकांक्षाएं है, उसका दमन करती हैं। हमारे देश के कुछ लोगों के पास जो छोटा-मोटा सामर्थ्‍य है उसका शोषण करती हैं। यह ऐसी चीजें है, जो हमारे लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं को सवाल या निशान में गढ़ देती है। हमारे गरीब हो, हमारे दलित हो, हमारे पिछड़े हो, हमारे पसमांदा हो, हमारे आदिवासी भाई-बहन हो, हमारी माताएं-बहनें हो, हमने सबने उनके हकों के लिए इन तीन बुराइयों से मुक्ति पानी है। हमें भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एक नफरत का माहौल बनाना है। जैसे गंदगी हमें नफरत पैदा करती है न मन में, गंदगी पसंद नहीं है, यह सार्वजनिक जीवन की इससे बड़ी कोई गंदगी नहीं हो सकती। और इसलिए हमारे स्‍वच्‍छता अभियान को एक नया मोड़ ये भी देना है कि हमें भ्रष्‍टाचार से मुक्ति पानी है। सरकार टेक्‍नोलॉजी से भ्रष्‍टाचार की मुक्ति के लिए बहुत प्रयास कर रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ इतिहास में एक कालखंड की एक छोटी-सी घटना ने देश पर दीर्घकालिक प्रभाव डाला और देश ने एक हजार साल की गुलामी झेली और आज हम ऐसे संक्रमण काल में खड़े हैं , जहां हमारे कार्य आने वाले 1000 वर्ष तक भारत के भविष्य की दिशा निर्धारित करेंगे। हम जो भी करेंगे, जो भी कदम उठाएंगे, जो फैसला लेंगे, वह अगले एक हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है, भारत के भाग्य को लिखने वाला है। ”

प्रधानमंत्री ने देशवासियों विशेष रूप से युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने तथा उन संकल्पों को सिद्ध करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ,“ हम अमृतकाल में प्रवेश कर गये हैं जो हमें हजार वर्षों के स्वर्णिम युग में ले जायेगा। देश और दुनिया का भारत में असीम विश्वास एवं भरोसा है और उनकी भारत से बहुत बड़ी अपेक्षा है।” उन्होंने कहा , “ भारत के अमृतकाल के कालखंड में हम जितना त्याग करेंगे, आने वाले एक हजार वर्ष का स्वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। हमारे पास डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी और डायवर्सिटी की त्रिवेणी है जो भारत को बहुत आगे ले जायेगी। ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर विश्वकर्मा योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसे जमीनी स्तर पर लागू कर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत सुनार, सुतार, राजमिस्त्री, धोबी, नाई आदि वर्ग के लोगों को परंपरागत औज़ारों की जगह नये तकनीकी उपकरण मुहैया कराये जाएंगे। इसके लिए 13 से 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों की संख्या 10 हजार से बढ़ा कर 25 हजार की जाएगी। उन्होंने रिफॉर्म, परफॉर्म एवं ट्रांसफॉर्म को अपना कार्य मंत्र बताया। प्रधानमंत्री ने मणिपुर को लेकर देश की चिंताओं को भी रखा और कहा कि समूचा देश मणिपुर के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा,“ पिछले कुछ सप्ताह नार्थ-ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागो में, लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है। मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को आगे बढ़ाए और शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर के उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही हैं, करती रहेंगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समस्या पर भी बोले और कहा,“ युद्ध के कारण पूरा विश्व महंगाई से परेशान है। हम भी महंगाई से पीड़ित हैं , लेकिन वह इसे भी दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि देश के विकास को लेकर क्षेत्रीय आकांक्षाओं का समाधान करना जरूरी है। इसीलिए उनकी सरकार देश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास की योजनाओं पर काम कर रही है। देश के साढ़े 13 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर नये मध्य वर्ग में शामिल करने में कामयाबी मिली है। गरीब की क्रय शक्ति जब बढ़ती है तो मध्यम वर्ग की कारोबारी शक्ति एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और इससे अर्थव्यवस्था का चक्र तेज़ होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण में अपनी सरकार के नौ साल के कामकाज का उल्लेख किया और अगले लोकसभा चुनाव में जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि वह अगले वर्ष भी लालकिले से देश को संबोधित करेंगे।

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डा. बिंदेश्वर पाठक का निधन

Sulabh International founder Dr. Bindeshwar Pathak passed away

दिल्ली: सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डा. बिंदेश्वर पाठक का दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। दिल्ली में कार्डियक अरेस्ट होने पर उन्हें दोपहर डेढ़ बजे एम्स की इमरजेंसी में लाया गया। डाक्टरों ने उन्हें सीपीआर (कार्डियक पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर धड़कन ठीक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

कौन थे बिंदेश्वर पाठक?

मूल रूप से बिहार के वैशाली जिला स्थित रामपुर बघेल गांव के रहने वाले बिंदेश्वर पाठक ने सुलभ शौचालय की शुरूआत की थी। बिहार के वैशाली जिले के एक गांव में 2 अप्रैल 1943 को पाठक का जन्म हुआ था। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में ग्रेजुएशन की। इसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से मास्टर और पीएचडी की। साल 1968-69 में बिहार गांधी जन्म शताब्दी समारोह समिति के साथ उन्होंने काम किया था। यहीं समिति ने उनसे कहा कि वे सस्ती शौचालय तकनीक विकसित करने पर काम करें।

सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना

समाज और परिवार के काफी विरोध के बावजूद उन्होंने साल 1970 में सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की। यह एक सामाजिक संगठन था। सुलभ इंटरनेशनल में उन्होंने दो गड्ढों वाला फ्लश टॉयलेट डेवलप किया। उन्होंने डिस्पोजल कम्पोस्ट शौचालय का आविष्कार किया। इसे कम खर्च में घर के आसपास बनाया जा सकता था। फिर उन्होंने देशभर में सुलभ शौचालय बनाना शुरू कर दिया। पाठक को अपने काम के लिए भारत सरकार से पद्म भूषण सम्मान मिला था।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन पचमढ़ी में किया ध्वजारोहण

Governor Mangubhai Patel hoisted the flag at Raj Bhavan Pachmarhi

 

भोपाल, 15 अगस्त| राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर राजभवन पचमढ़ी में गरिमामय समारोह में ध्वजारोहण किया। खुले आकाश में गुब्बारे उड़ा कर स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन सचिवालय के कर्मचारियों और उनके बच्चों से भेंट की और मिष्ठान वितरण किया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पत्नी नर्मदाबेन पटेल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, सचिव एवं सदस्य जनजाति प्रकोष्ठ बी.एस. जामोद, राज्यपाल के परिसहाय अतुल शर्मा, राज्यपाल के ओ.एस.डी. अरविन्द पुरोहित, विपुल पटेल, नियंत्रक शिल्पी दिवाकर, सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह चावड़ा, राज्यपाल के परिजन, जनजाति प्रकोष्ठ के सदस्य, स्थानीय अनुसूचित जनजाति छात्रावास के सदस्य और स्थानीय प्रशासन एवम् पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सुरक्षा अमले को प्रमाण पत्र और नगद प्रोत्साहन देने की घोषणा- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Announcement to give certificate and cash incentive to security staff – Chief Minister Shivraj Singh

 

भोपाल,15 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज प्रातः स्वतंत्रता की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री निवास में ध्वजारोहण किया। पुलिस की टुकड़ी द्वारा उन्हें सलामी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वतंत्रता की वर्षगांठ की सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा ध्वजारोहण किए जाने पर मुख्यमंत्री कार्यालय और निवास कार्यालय सहित मुख्यमंत्री सुरक्षा स्टाफ के समस्त अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उनकी सुरक्षा में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उत्कृष्ट-सेवाओं के लिए उन्हें सम्मान स्वरूप प्रमाण-पत्र तथा पुरस्कार राजपत्रित अधिकारियों को प्रशंसा पत्र, निरीक्षक स्तर के स्टाफ को 7 हजार रूपए, उप निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक स्तर के स्टाफ को 6 हजार 500 रूपए तथा प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक को 6 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की।

शौर्य स्मारक पहुँचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शहीदों को नमन किया

Chief Minister Shivraj Singh bowed down to the martyrs after reaching Shaurya Smarak

भोपाल, 15 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वतंत्रता की वर्षगांठ पर आज शौर्य स्मारक पहुंचकर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नियमित पौधरोपण के अंतर्गत आज शौर्य स्मारक परिसर में शहीदों की स्मृति में पौधे लगाए।Chief Minister Shivraj Singh bowed down to the martyrs after reaching Shaurya Smarak

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भारत माता की प्रतिमा पर भी नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान भी उपस्थित थीं। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को शौर्य स्मारक में आने वाले नागरिकों के लिए विकसित की गई सुविधाओं की जानकारी दी।

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