दस महत्वपूर्ण सामाजिक क्रांतियों से देश में विकास का मध्यप्रदेश मॉडल बना उदाहरण – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Ten important social revolutions have made Madhya Pradesh an example of development in the country - Chief Minister Shivraj Singh

लाड़ली बहनों को लाभान्वित कर सार्थक हुआ मेरा मुख्यमंत्री बनना

भोपाल, 15 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रदेश में सभी नागरिकों को पक्का मकान मिलेगा। कोई परिवार बिना छत के नहीं रहेगा। आवास प्लस में जो लोग शामिल नहीं हैं उन हितग्राहियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा, मुख्यमंत्री जन आवास योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में बचे हुए परिवारों को भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें उपचार की सुविधा मिल सके। जो परिवार इनकम टैक्स नहीं देते या अन्य किसी माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं लेते उन सभी परिवारों को आयुष्मान योजना सम्मिलित किया जाएगा। मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना में 3 करोड़ 50 लाख से अधिक नाम जोड़े गए हैं। मध्यप्रदेश में लोकतंत्र की परिभाषा जनता का जनता के लिए और जनता द्वारा शासन को सही अर्थों में जीवंत किया गया है। मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र, जनता और सरकार के बीच का काम करते हैं। इन्हें प्रत्येक 50 परिवारों पर दायित्व दिया जाएगा। प्रदेश में करीब 3 लाख युवाओं को इस दायित्व से जोड़ेंगे। प्रदेश का कोई भी कोना या कोई भी दिशा विकास से वंचित न रहे, इसके लिए केन्द्र के साथ राज्य की डबल इंजन सरकार सच्चे अर्थों में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का संबोधन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नागरिकों को 77 वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन भारत को एक सूत्र में जोड़ने का दिन है। यह शहीदों के बलिदान के यशगान का दिन है। ये 140 करोड़ भारवासियों की मुस्कान का दिन है। भारत का इतिहास सिर्फ 76 साल पुराना इतिहास नहीं, बल्कि हजारों साल का पुराना ज्ञात इतिहास है। जब दुनिया में सभ्यता का सूर्योदय नहीं हुआ था, तब भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय संचालित थे। भारत की धरती ने सत्यमेव जयते का उद्घोष किया। जियो और जीने दो के सिद्धांत में भारत का विश्वास रहा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भाव और समूचे विश्व का कल्याण भारत के दर्शन में रहा है। सभी के सुखी और निरोगी होने की कामना करते हुए भारत की आत्मा कभी मरी नहीं। बाहरी आक्रमणों के कारण देश गुलामी का शिकार हुआ। इसके बाद आजादी का संघर्ष शुरू हुआ तब नाना साहब पेशवा, मंगल पाण्डे, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से लेकर वासुदेव फड़के, रासबिहारी बोस, लाल-बाल-पाल के रूप में जाने गए लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, विपिनचंद्र पाल और फिर मदन मोहन मालवीय और महात्मा गांधी तक सभी ने वतन के लिए मरने-मिटने का कार्य किया। कई क्रांतिकारी जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस, वीर सावरकर ने कड़ी सजाएँ भोगी और फांसी के फंदे पर चढ़ते हुए क्रांतिकारियों के पाँव नहीं काँपे। अशफाक उल्लाह खान, सुखदेव, उधम सिंह और अनेक क्रांतिवीरों ने भारत माता के उद्घोष के साथ जीवन का बलिदान दिया। ऐसे प्रयासों से भारत आजाद हुआ। इसके साथ ही देश के विभाजन की विभीषिका भुलाए नहीं भूलती। राष्ट्र के टुकड़े हो गए। कश्मीर की आजादी के लिए सेना लड़ रही थी। लेकिन युद्ध विराम हुआ और धारा-370 जैसे प्रावधानों से दो विधान, दो निशान और दो प्रधान की बात सामने आयी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गौरवशाली, वैभवशाली और सम्पन्न भारत के निर्माण के लिए गत 9 वर्ष में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी ने भी कहा था कि भारत सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है। भारत एक जीता-जागता राष्ट्र पुरुष है। यह वीरों और ऋषियों की भूमि है। हमें राष्ट्र के लिए ही जीना-मरना है। दाह संस्कार के बाद हमारी राख भी गंगा में प्रवाहित होगी तब भी आवाज आएगी भारत माता की जय।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के अमृतकाल में 21वीं सदी का एक समर्थ और समृद्ध भारत आकार ले रहा है। दुनिया भारत की ओर देख भी रही है और भारत से सीख भी रही है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ जनता की जिन्दगी बदलना मध्यप्रदेश सरकार का मिशन है। देश के 140 करोड़ लोगों के साथ ही दुनिया के 100 देशों को कोविड से बचाव की वैक्सीन उपलब्ध करवाने में प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से हम सभी परिचित हैं। आज हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। भारत का मंत्र है, हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन कोई हमें छेड़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा‍कि हम ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण कर रहे हैं, जहाँ गरीबी भी समाप्त हो रही है और पिछड़ापन भी। लोगों की आय भी बढ़ रहीं और आत्मविश्वास भी। मध्यप्रदेश सरकार शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के सुख को हर नागरिक तक पहुँचाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। सेवा और सुशासन की प्रतिज्ञा के साथ मध्यप्रदेश के कायाकल्प का अभियान शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरकार ने विकास को त्यौहार का स्वरूप दे दिया है। पूरे प्रदेश में जुलाई और अगस्त माह में गाँव-गाँव और शहर-शहर में विकास पर्व की लहर चली। विकास पर्व में 45 हजार करोड़ रूपये से अधिक के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण पिछले एक माह में सम्पन्न हुआ है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री जी के समावेशी विकास, अंत्योदय, अधो-संरचना एवं निवेश, ग्रीन ग्रोथ, युवा-शक्ति, अर्थ-शक्ति और क्षमताओं के अधिकतम विकास को मिशन मोड में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के रूप में मध्यप्रदेश में प्रथम चरण में 83 लाख से अधिक हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलवाया गया। द्वितीय चरण में 68 लाख से अधिक आवेदनों और करीब पौने दो लाख सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया। इस तरह विकास यात्रा, विकास पर्व और मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान की त्रिवेणी ने प्रदेश की तस्वीर को बदला है।

महत्वाकांक्षी परियोजनाएँ मध्यप्रदेश के प्रोफाइल को देंगी ऊँचाइयाँ

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आने वाले समय में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य प्रगति पथ, मालवा विकास पथ, मध्य विकास पथ और बुंदेलखंड विकास पथ जैसी महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे परियोजनाएँ मध्यप्रदेश की प्रोफाइल को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगी। राज्य सरकार ने कायाकल्प अभियान में चालू माली साल से शहरों की सड़कों के नवनिर्माण और संधारण के लिए 3 हजार करोड़ रूपए मंजूर करने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश आज साढ़े 13 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बन चुका है। नए विकास कार्यों पर 56 हजार करोड़ से अधिक की राशि का व्यय और अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ प्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बीना रिफायनरी के विस्तार के अंतर्गत पेट्रो केमिकल्स काम्पलेक्स बनाया जाएगा। प्रदेश की बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के बाद ओंकारेश्वर में संसार के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट का‍निर्माण और साँची को सोलर सिटी बनाने से मध्यप्रदेश का भविष्य अधिक रोशन होगा। प्रदेश में 44 हजार 605 करोड़ लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना मंजूर हो चुकी है। प्रदेश में 486 सिंचाई परियोजनाओं से 33 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।

मध्यप्रदेश देश का फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हवाई और रेल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। सुनियोजित प्रयासों से मध्यप्रदेश देश के सबसे फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में उभर रहा है।

स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए हमारा संकल्प, वर्ष 2030 तक हासिल करेंगे नई उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भविष्य के नए मध्यप्रदेश के निर्माण का सपना पूरा करने के संकल्प के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वर्ष 2030 तक नई उपलब्धियाँ हासिल करने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश को फिर टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है। प्रदेश में इंसान की जिंदगी बेहतर बनाने के साथ ही वन्य प्राणियों के संरक्षण का अभियान जारी रहेगा। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सामुदायिक युवा नेतृत्व विकास कार्यक्रम, चीफ मिनिस्टर्स यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम, पेसा समन्वयक और मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र से राज्य सरकार युवाओं को भागीदार बना रही है।

वर्ष 2030 तक लक्ष्य प्राप्ति के संकल्प के प्रमुख बिन्दु

मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था का आकार हम 45 लाख करोड़ रुपए की ऊँचाई तक पहुँचाएंगे।

मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों को ग़रीबी की रेखा से ऊपर लेकर आएंगे।

प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को हम दोगुना कर देंगे। इसे वर्तमान एक लाख 40 हजार के स्थान पर 2 लाख 80 हजार तक ले जाया जाएगा।

राज्य के कुल कृषि उत्पादन को बढ़ाकर 10 करोड़ मीट्रिक टन के स्तर तक ले जाएंगे।

हर किसान के खेत के अंतिम छोर तक भरपूर सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंचाई क्षमता को 65 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा दिया जाएगा।

घर हो या फिर उद्योग या खेती, सब बिजली से रोशन रहेंगे। प्रदेश की ऊर्जा क्षमता वर्तमान के 29 हजार मेगावॉट से बढ़कर 38 हजार मेगावॉट से भी अधिक की जाएगी।

प्रदेश में एक लाख किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों का जाल बिछा दिया जाएगा।

सभी जिला मुख्यालयों को 4 लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। सभी नगरीय निकायों को 2 लेन सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।

प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

हर विकासखण्ड मुख्यालय पर कम से कम 30 बिस्तरीय सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की सुविधा मिलेगी।

मातृ मृत्यु दर को घटाकर 100 प्रति लाख तक और शिशु मृत्यु दर को घटाकर 35 प्रति हजार तक लाया जाएगा।

मध्यप्रदेश की धरती से कुपोषण के कलंक को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।

राज्य सरकार 6 हजार से अधिक सर्वसुविधायुक्त सी.एम. राइज स्कूलों का संचालन प्रारंभ कर देगी।

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लगभग 25 हजार रिक्त पद भर दिए जाएंगे।

मध्य प्रदेश के 45 हजार आँगनवाड़ी केंद्रों को प्री- प्रायमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक सरकारी कॉलेज होगा, जिससे विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकें।

महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों की संख्या वर्तमान 53 लाख से बढ़ाकर 65 लाख और महिला स्व-सहायता समूहों की संख्या को वर्तमान 04 लाख 20 हजार से बढ़ाकर 5 लाख 10 हजार किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में 200 करोड़ रुपए के निवेश से एक हजार से अधिक एफ.पी.ओ. गठित किए जाएंगे।

प्रदेश में महिलाओं की न्यूनतम आय 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक पहुँचाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।

मेक इन मध्यप्रदेश को प्रोत्साहित करते हुए हमारे निर्यात को रूपये एक लाख करोड़ तक ले जाएंगे।

भोपाल एवं इन्दौर के मध्य एक नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट एवं इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना अनुसार संपूर्ण भारत के हस्तकला, हस्तशिल्प एवं ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उज्जैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला यूनिटी मॉल बनाया जाएगा।

मध्यप्रदेश में आई.टी. के क्षेत्र में 5 लाख नए रोज़गार के अवसर सृजित किए जाएंगे।

5-G सेवाएँ पूरे प्रदेश में उपलब्ध करा दी जाएंगी।

अमृतकाल में मध्यप्रदेश कृषि, युवा, महिला, कौशल और ग्रीन टेक्नोलॉजी के पंचामृत की शक्ति से आगे बढ़ेगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में अधिकारी, नागरिक, विद्यार्थी हुए उत्साह से शामिल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लाल परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण, राष्‍ट्रीय धुन एवं परेड द्वारा सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस अवसर पर मुख्‍य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्‍सेना, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक साजिद फरीद शापू, संभागायुक्‍त पवन शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री एवं जनसंपर्क विवेक पोरवाल, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह सहित अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे।

परेड में 18 टुकड़ियाँ, लाड़ली बहना और लाड़ली सेना दल की सदस्य भी शामिल हुईं

स्वतंत्रता दिवस परेड का नेतृत्‍व भारतीय पु‍लिस सेवा की सहायक पुलिस आयुक्‍त इंदौर सुश्री सोनाक्षी सक्‍सेना ने किया। सहायक परेड कमांडर की भूमिका उप पुलिस अधीक्षक एटीएस भोपाल राहुल कुमार सैयाम ने निभाई। परेड में पुलिस बैण्‍ड सहित कुल 18 टुकड़ियों ने भाग लिया। इनमें राजस्‍थान प्रदेश पुलिस बल, विशेष सशस्‍त्र बल (उत्‍तरी जोन), महिलाओं का विशेष सशस्‍त्र बल, जिला बल एवं रेल की संयुक्‍त टुकड़ी, हॉकफोर्स, एसटीएफ, जिला पुलिस बल, जेल विभाग, शासकीय रेल पुलिस, नगर सेना (होमगार्ड), एन.सी.सी.(सीनियर विंग गर्ल्‍स), एन.सी.सी.(सीनियर डिवीजन), गाइड गर्ल्‍स, स्‍काउट्स बॉयज, शौर्या दल, लाड़ली बहना तथा अश्‍वारोही दल शामिल है। लाड़ली बहनों के साथ लाड़ली बहना सेना की सदस्य एक गणवेश में अनुशासन के साथ परेड में शामिल हुईं।

इस वर्ष के राष्ट्रपति पदक प्राप्तकर्ता

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने राष्ट्रपति पदक प्राप्त 64 अधिकारियों / कर्मचारियों एवं अन्‍य दो विभूतियों को पदक प्रदान किये। सर्वोत्‍तम जीवन रक्षा पदक कुमारी अंजली बघेल दतिया, उत्‍तम जीवन रक्षा पदक किरण बैगा सीधी को प्रदान किया गया। जीवन रक्षा पदक बृजेश कुमार साहू प्रधान आरक्षक 26 थाना सिविल लाइन हरदा को प्रदान किया गया।

वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक- पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपूत, उपायुक्‍त झोन-। नगरीय पुलिस इंदौर आदित्‍य मिश्रा, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक सिवनी (सेवानिवृत्‍त) श्‍याम कुमार मरावी, निरीक्षक टीमनी थाना हरदा सुशील पटेल, निरीक्षक हॉकफोर्स बालाघाट अंशुमान सिंह चौहान, निरीक्षक एसआईबी पु.मु. भोपाल सलीम खान, निरीक्षक एसआईबी शिव कुमार मरावी, सहायक उप निरीक्षक हॉक फोर्स अतुल कुमार शुक्‍ला, प्रधान आरक्षक एसआईबी शेख रसीद तथा प्रधान आरक्षक हॉक फोर्स राजकुमार कोल को प्रदान किया गया।

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रबंध) पुलिस मुख्‍यालय भोपाल आलोक रंजन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन दिनेश चन्‍द सागर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) संजीव शमी, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी (पदेन सचिन) म.प्र. शासन गृह विभाग संजय तिवारी, उप पुलिस महानिरीक्षक/विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी अंशुमान सिंह, सेवानिवृत्‍त सहायक सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल रामकीर्ति शुक्‍ला, उप निरीक्षक (एम) पुम‍नि कार्यालय देहात भोपाल घनश्‍याम राहुल, प्रधार आरक्षक 87 दूसरी वाहिनी विसबल ग्‍वालियर टेक सिंह बिष्ट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दूसरी वाहिनी विसबल ग्‍वालियर श्री राम सिया बघेल को प्रदान किया गया।

सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट जोन संजय कुमार, निदेशक एफएसएल मुख्‍यालय भोपाल शशिकांत शुक्‍ला, उप पुलिस महानिरीक्षक योजना पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार जैन, जोनल पुलिस अधीक्षक एस.बी. उज्‍जैन सुनील कुमार मेहता, पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. रीवा वीरेन्‍द्र जैन, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक धार देवेन्‍द्र कुमार पाटीदार, पुलिस उपायुक्‍त झोन-02 इंदौर श्री राजेश व्‍यास, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्‍त उज्‍जैन अनिल कुमार विश्‍वकर्मा, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर संजय साहू, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, रेडियो मुख्यालय भोपाल सुनील दत्त छौकर, ए.सी.पी. कोतवाली, भोपाल नागेन्द्र पटेरिया, डी.एस.पी. पीटीएस, उमरिया मोहम्मद इसरार मंसूरी, उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस रेडियो प्रशिक्षण शाला, इंदौर राजिन्दर सिंह वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, थाना यातायात, छिन्दवाड़ा रामेश्वर प्रसाद चौबे, का.वा. उप पुलिस अधीक्षक एस.सी.आर.बी. पुलिस मुख्यालय भोपाल मनोज सिंह राजपूत, निरीक्षक, लोकायुक्त, उज्जैन बसंत श्रीवास्तव, निरीक्षक, सी. आई.डी. पुलिस मुख्यालय भोपाल नीता चौबे, निरीक्षक, (एम)/ स्टेनो, पी.आर.टी. एस. इंदौर संजय कुमार मोरे, निरीक्षक (एम)/ स्टेनो, पुलिस अधीक्षक, कार्यालय, नर्मदापुरम उल्हास जगताप, उप निरीक्षक रेडियो 2री वाहिनी विसबल, ग्वालियर छवि लाल क्षेत्री, सूबेदार (एम) ऑडिट शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल श्री शेष नारायण पाण्डेय,सूबेदार (एम) ऑफिस ऑफ डीजीपी कार्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल आशीष सक्सेना, सूबेदार (एम) सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल (सेवानिवृत्त) श्र प्रेम नारायण त्रिवेदी, सूबेदार (एम) प्रशासन शाखा जी.बी. पुलिस मुख्यालय भोपाल (सेवानिवृत्त) चन्द्रा दुबे, सउनि कोतवाली, उज्जैन चन्द्रभान सिंह चौहान, सउनि 29वीं वाहिनी विसबल दतिया रामेश्वर दयाल यादव, का.वा. सउनि डी.आर.पी. लाईन शाजापुर राजेश कुमार द्विवेदी, प्रधान आरक्षक 25वीं वाहिनी विसबल, भोपाल राजेन्द्र श्रीवास, प्रधान आरक्षक पुलिस अकादमी, भौंरी नारायण बहादुर थापा, प्रधान आरक्षक 324, 9वीं वाहिनी विसबल, रीवा दिलीप कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक पुलिस अधीक्षक, कार्यालय ग्वालियर सुरेन्द्र कुमार भटेले, प्रधान आरक्षक लोकायुक्त ग्वालियर धनंजय कुमार पाण्डेय तथा का.वा. प्रधान आरक्षक 544., 23वीं वाहिनी विसबल भोपाल रवि भूषण वर्मा को प्रदान किया गया।

जेल विभाग में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक लेखापाल जेल मुख्‍यालय, भोपाल अनंत कुमार पाण्‍डेय, कशीदाकारी शिक्षक,केन्‍द्रीय जेल, भोपाल नीना श्रीवास्‍तव, मुख्‍य प्रहरी जिला जेल झाबुआ भारत सिंह कनास्‍या, मुख्‍य प्रहरी उज्‍जैन सुनील कुमार रणधीर तथा प्रहरी केन्‍द्रीय जेल भोपाल आशाराम यादव को प्रदान किया गया।

नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा के लिए विशिष्ठ सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक स्‍वयंसेवी कंपनी हवलदार मेजर क्रं-33 होमगार्ड जिला नर्मदापुरम राम नाथ वर्मा और डिवीजनल वार्डन सिविल डिफेन्‍स जिला भोपाल रनदीप जग्‍गी को प्रदान किया गया।

नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा के लिए सराहनीय सेवा के लिए राष्‍ट्रपति का पुलिस पदक स्‍वयंसेवी प्‍लाटून कमाण्‍डर क्रं-143 होमगार्ड जिला धार विश्राम सिंह चौहान, स्‍वयंसेवी, सैनिक क्रं-158 होमगार्ड जिला शाजापुर नासिर अली, स्‍वयंसेवी कंपनी क्‍वार्टर मास्‍टर क्रं-112 होमगार्ड जिला बालाघाट भीषम सिंह सूर्यवंशी और स्‍वयंसेवी सैनिक क्रं-70 होमगार्ड जिला शाजापुर अनिल सोनी को प्रदान किया गया।

स्वतंत्रता दिवस हनुमान चालीसा का पाठ कर मनाएंगे विष्णु विश्वकर्मा

भोपाल, भगवामय हो चुकी है हुजूर विधानसभा, हुजूर विधानसभा के प्रत्येक खेड़ापति मन्दिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे कांग्रेस नेता विष्णु विश्वकर्मा संकल्प के साथ 51000 हनुमान चालीसा का क्रम  आगे बढ़ते हुए स्वतंत्रता दिवस पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में सुबह चोला चढ़ाकर शाम 4 बजे बस स्टैंड के पास, संत नगर बैरागड़ मे हनुमान चालीसा पाठ करेंगे। अभी तक 30 हजार पाठ पूर्ण हो चुके है।

 

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम जन-जन के कार्यक्रम : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Independence Day programs People's programs: Chief Minister Shivraj Singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भोपाल में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा यात्रा में हुए शामिल

 

भोपाल , 14 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम जन-जन का कार्यक्रम है। इसके लिए 15 अगस्त को हर नागरिक अपने घर तिरंगा जरूर फहराए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच-प्रण की शपथ भी लें। तिरंगा झंडा देश-भक्ति, विकास और हमारे आत्म-सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भोपाल में तिरंगा यात्रा में शामिल होने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। महापौर मालती राय, पूर्व महापौर आलोक शर्मा, जन-प्रतिनिधि, लाड़ली बहनें, छात्र-छात्राएँ और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, क्रांतिकारियों के बलिदान से देश को आजादी मिली है। हम प्रदेश के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेशवासी शिक्षित और समृद्ध प्रदेश बनाने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि वे रक्षा बंधन के पहले 27 अगस्त को जम्बूरी मैदान, भेल में लाड़ली बहनाओं के साथ संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जीएडी चौराहे पर कन्या-पूजन कर तिरंगा झंडा यात्रा को रवाना किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंहका महापौर मालती राय ने तिरंगी पगड़ी पहना कर स्वागत किया। यात्रा का समापन कर्फ्यू वाली माता चौराहे पर हुआ। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में झंडा-वंदन में मशाल प्रज्ज्वलित की और भारत माता का पूजन किया। कार्यक्रम स्थल पर तिरंगा थीम पर आधारित फूलों, गुब्बारों तथा कपड़े से सजावट की गई। तिरंगा यात्रा का मार्ग के दोनों तरफ आवास तथा प्रतिष्ठानों से नागरिकों ने पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।

महिला से पुरुष बनेगी रतलाम की पुलिस आरक्षक, मप्र गृह विभाग ने दी अनुमति

Police constable of Ratlam will become male from female, MP Home Department gave permission

 

भोपाल। रतलाम में पदस्थ पुलिस की एक महिला आरक्षक अब पुरुष बनेगी। दो वर्ष पहले उसने पुलिस मुख्यालय से लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी थी।

गृह विभाग ने लिंग परिवर्तन की अनुमति दी

मुख्यालय के प्रस्ताव पर गृह विभाग ने लिंग परिवर्तन की अनुमति सोमवार को दे दी है। पुरुष बनने के साथ ही उसे महिला पुलिसकर्मी के तौर पर शासन से मिलने वाली सभी सुविधाएं छिन जाएंगी।

दो वर्ष के भीतर दूसरा मामला

दो वर्ष के भीतर किसी महिला आरक्षक द्वारा लिंग परिवर्तन का यह दूसरा मामला है। इसके पहले निवाड़ी में पदस्थ एक आरक्षक को गृह विभाग ने अनुमति दी थी। दिल्ली के एक मनोचिकित्सक ने महिला को जेंडर आइडेंटिटी डिसआर्डर से पीड़ित बताते हुए लिंग परिवर्तन की सलाह दी थी।

मेडिकल बोर्ड से महिला का परीक्षण कराया

मप्र गृह विभाग ने रतलाम जिला अस्पताल के जिला मेडिकल बोर्ड से भी महिला का परीक्षण कराया। बोर्ड ने लिंग बदलने की सलाह दी। इसके बाद भी बड़ी अड़चन यह थी शासकीय कर्मचारी के लिंग परिवर्तन के संबंध में अभी तक शासन के कोई नियम नहीं हैं।

गृह विभाग ने विधि विभाग से राय ली

ऐसे में गृह विभाग ने मामले में विधि विभाग से राय ली। विधि विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का संदर्भ देते हुए महिला आरक्षक को लिंग परिवर्तन की सलाह गृह विभाग को दी थी, जिसके आधार पर विभाग ने स्वीकृति दी है।

इनका कहना है

जेंडर आइडेंटिटी डिसआर्डर में व्यक्ति प्राकृतिक रूप से अपने जेंडर के प्रति सहज नहीं रहता। उसके भाव और क्रियाकलाप विपरीत लिंग की तरह होते हैं। यह बीमारी नहीं है, इसलिए इसका कोई उपचार नहीं है। लिंग परिवर्तन कराना ही एकमात्र विकल्प है। कई बार लोग इसे मान्यता नहीं देते, जिससे व्यक्ति अवसाद में आकर खुदकुशी जैसा कदम उठाने की सोचता है।

डा. सत्यकांत त्रिवेदी, मनोचिकित्सक भोपाल

ब्रोंकाइटिस से अलग होता है अस्थमा, इन बातों की न करें अनदेखी

Asthma is different from bronchitis, do not ignore these things

 

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस ऐसी बीमारियां हैं, जिससे मरीज को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। दोनों ही बीमारियों के कुछ लक्षण समान होते हैं, लेकिन उनके कारण और उपचार में काफी अंतर होता है। हालांकि Asthma और Bronchitis के इन लक्षणों को देखकर तत्काल किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

अस्थमा के लक्षण

सांस लेने में कठिनाई, खांसना, सोते समय घरघराहट की आवाज आना।

ब्रोंकाइटिस के लक्षण

खांसी के दौरान हरा, सफेद या पीला बलगम निकलना, सीने में जकड़न, सीने में दर्द, सिर दर्द, ठंड लगना, बहुत अधिक थकान महसूस होना।

क्रोनिक ब्रोंकाइटिस

ब्रोंकाइटिस तीव्र या दीर्घकालिक हो सकता है। तीव्र ब्रोंकाइटिस वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है और यह बीमारी कुछ सप्ताह के लिए होती है, जबकि क्रोनिक ब्रोंकाइटिस लंबे समय तक रहता है और यह ऐसे पदार्थों के कारण होता है, जो फेफड़ों में जलन पैदा करते हैं। यदि आपको अस्थमा के साथ ब्रोंकाइटिस भी है तो स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इन बातों की रखें सावधानी

इंदौर के अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद झवर के मुताबिक, वायरस या बैक्टीरिया की वजह से ब्रोंकाइटिस, अस्थमा में बदल सकता है, इसलिए ज्यादा समय तक सर्दी खांसी रहे तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

अस्थमा एक पुरानी स्थिति है, जो फेफड़ों में सूजन और सिकुड़न पैदा करती है। धूल, धूप, धुआं और तनाव जैसी स्थिति में जाने बचना चाहिए।
साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखने का प्रयास करें। दवाओं के समय पर सेवन करें।

पांड्या ने पांचवें टी20 में हार की ज़िम्मेदारी ली

Pandya took responsibility for the defeat in the fifth T20

 

लॉडरहिल, 14 अगस्त| भारत के कप्तान हार्दिक पांड्या ने वेस्ट इंडीज के विरुद्ध निर्णायक टी20 में 18 गेंद पर 14 रन की पारी खेलने के बाद हार की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ली है। हार्दिक जब रविवार को बल्लेबाज़ी करने उतरे तब भारत 10.2 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 87 रन बना चुका था। विंडीज ने हालांकि इसके बाद रनगति पर शिकंजा कसा और अगले पांच ओवर में मात्र 36 रन दिये।

पांड्या ने अपनी पारी की 17वीं पारी पर छक्का जड़ा लेकिन रफ्तार पकड़ने की कोशिश में वह 18वीं गेंद पर आउट हो गये। पांड्या ने मैच के बाद कहा, “जब मैं बल्लेबाजी करने आया तो 10वें ओवर के बाद मैच हमारे हाथ से निकलता रहा। मुझे लगता है कि मैं परिस्थिति का फायदा नहीं उठा सका और पारी को खत्म नहीं कर सका। मेरा मानना है कि अन्य खिलाड़ी बहुत अच्छा खेले। जब मैं मैदान पर गया तो उस तरह नहीं खेल सका जिस तरह खेलना चाहिये था।” हार्दिक की असफलता के बाद भारत उभर नहीं सका और सूर्यकुमार यादव (61) के अर्द्धशतक की बदौलत 20 ओवर में 165 रन ही बना सका। वेस्ट इंडीज ने यह लक्ष्य दो विकेट गंवाकर 18 ओवर में हासिल कर लिया। जब हार्दिक से गेंदबाजी में उनके निर्णयों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं एक मौके पर जो महसूस करता हूं, उसी के हिसाब से गेंदबाजी पर निर्णय लेता हूं। मैं इसकी कोई योजना नहीं बनाता। मैं स्थिति देखता हूं और अगर मुझे कोई बेहतर विकल्प लगता है तो मैं उसे चुनता हूं।” भारत इससे पहले कभी भी पांच टी20 मैचों की शृंखला नहीं हारा था, हालांकि यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा और मुकेश कुमार जैसे नये चेहरों से सजी टीम ने 2-0 से पिछड़ने के बाद सीरीज में सराहनीय वापसी की। हार्दिक ने कहा, “यह बहुत अच्छा है कि वे (युवा खिलाड़ी) हिम्मत दिखा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह बहुत ज़रूरी है। जो भी युवा आगे आ रहा है उसे अपने ऊपर विश्वास है। वे जिस तरह इस सीरीज में आये और खुलकर प्रदर्शन किया, ज़िम्मेदारी ली, उसके लिये उनको बधाई। बतौर कप्तान में इससे ज़्यादा खुश नहीं हो सकता कि सभी युवा खिलाड़ी आगे आकर ज़िम्मेदारी ले रहे हैं।” भारत को हालांकि अगले साल वेस्ट इंडीज और अमेरिका में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी करनी है। विराट कोहली और रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में युवा खिलाड़ियों के लिये यह सफर मुश्किल होगा, इसलिये कप्तान पांड्या एक-दो सीरीज़ की हार को लेकर ज़्यादा चिंतित नहीं हैं। पांड्या ने कहा, “मेरा मानना है कि एक समूह के तौर पर हम खुद को चुनौती देने वाले हैं। हम इन सब द्विपक्षीय मैचों में कुछ सीखने वाले हैं। देखा जाये तो एक-दो सीरीज हारने में कोई बुराई नहीं। यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसे किसी को समझाने की ज़रूरत नहीं। कुल मिलाकर खिलाड़ी हमारी योजनाओं पर अडिग हैं जो बेहद रोमांचक है।” उन्होंने कहा, “टी20 में क्या करना है यह सोचने के लिये हमारे पास पर्याप्त समय है। कभी-कभी जीतना अच्छा होता है क्योंकि आप इससे बहुत कुछ सीखते हैं। इससे वे गलतियां नहीं ढक जातीं जो आपने की हैं लेकिन मुझे लगता है कि हमने यहां बहुत कुछ सीखा है। ईमानदारी से कहूं तो खिलाड़ियों ने खुद को प्रतिबद्ध किया, जब हम 2-0 से पीछे थे तो उन्होंने चुनौती का सामना किया और पूरी शृंखला में दमखम दिखाया। आज ऐसा लग रहा था कि यह बहुत ही एकतरफा मैच है लेकिन खिलाड़ी कोशिश करते रहे। जीतना और हारना प्रक्रिया का एक हिस्सा है। हमें बस सीखने पर ध्यान देना है।”

मप्र के कर्मचारियों को 35 साल की सेवा पर मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान, सरकार ने जारी किए आदेश

MP employees will get fourth time scale pay scale after 35 years of service, orders issued by the government

 

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में नियमित कर्मचारियों के हित में शिवराज सरकार ने पिछले दिनों बड़ा निर्णय लिया था। सरकार ने 35 साल की सेवा पूरी करने पर कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया था। आज इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए।

जानकारी के अनुसार इसका लाभ वेतन, महंगाई भत्ते और पेंशन में होगा। एक जुलाई 2023 से यह समयमान वेतन स्वीकृत किया गया है। इससे शासन पर 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने सभी विभागों के समान संवर्गों के लिए सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन योजना लागू करने की स्वीकृति दी गई।

चतुर्थ समयमान वेतनमान मिलने से कर्मचारियों को दो से लेकर दस हजार रुपये तक लाभ होगा। प्रथम श्रेणी अधिकारियों को आठ से दस हजार, द्वितीय श्रेणी में छह से आठ हजार, तृतीय श्रेणी में दो से चार हजार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो हजार रुपये तक लाभ होगा।

पेंशन में भी कर्मचारियों का चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिलेगा। प्रदेश में अभी तक कर्मचारियों को तृतीय समयमान वेतनमान की पात्रता थी, जबकि राज्य प्रशासनिक और वित्त सेवा के अधिकारियों को पांचवां समयमान वेतनमान दिया जा रहा है।

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को पांचवां समयमान वेतनमान देने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी की है। इसी कड़ी में सरकार ने कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया।

स्मार्ट क्लास के एलईडी पैनल से गैस लीक, दो दर्जन से अधिक छात्राएं बीमार, हालत खतरे से बाहर

Gas leaks from LED panel of smart class, more than two dozen girl students ill, condition out of danger

 

गांधीनगर के चिल्ड्रंस होप गर्ल्स स्कूल में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कक्षा संचालन के दौरान ही धुएं का गुब्बार उठा। वहां बैठी छात्राओं ने पहले उल्टी होने एवं बाद में सांस में तकलीफ होने की शिकायत की।

डीके अस्पताल के आईसीयू में छात्राओं का इलाज किया जा रहा है।

गांधीनगर के चिल्ड्रंस होप गर्ल्स स्कूल में धुएं का गुब्बार उठा।अस्पताल के डायरेक्टर डा. दुर्गेश खेमचंदानी के अनुसार छात्राओं का इलाज किया जा रहा हैकुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

संत हिरदाराम नगर। गांधीनगर स्थित एक निजी स्कूल के कक्ष में चल रही स्मार्ट क्लास के बीच अचानक एलईडी पैनल से धुआं उठने लगा। कुछ बच्चों ने सांस में तकलीफ एवं उल्टी होने की शिकायत की। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर हैं। कुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

जानकारी के अनुसार गांधीनगर के चिल्ड्रंस होप गर्ल्स स्कूल में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कक्षा संचालन के दौरान ही धुएं का गुब्बार उठा। वहां बैठी छात्राओं ने पहले उल्टी होने एवं बाद में सांस में तकलीफ होने की शिकायत की। सूचना मिलने पर प्रबंधन ने तत्काल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। क्षेत्र के पार्षद लक्ष्मण राजपूत ने भी मौके पर पहुंचकर कुछ बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चों के अनुसार अचानक ऐसा लगा किगैस रिसन हो रही है। कुछ छात्राओं को खांसी होने लगी। इस स्कूल का संचालन करने वाली समिति के पदाधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। छात्राओं को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया फिर अस्पताल पहुंचाया। डीके अस्पताल में करीब आधा दर्जन छात्राओं का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल के डायरेक्टर डा. दुर्गेश खेमचंदानी के अनुसार छात्राओं का इलाज किया जा रहा है सभी स्वस्थ हैं। जल्द ही उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। पूर्व विधायक जितेंद्र डागा एवं जीतू बलुआ भी छात्राओं से मिलने पहंुंचे।

स्कूल में जांच करने पहुंचे इंजीनियर

स्कूल प्रबंधन ने घटना के बाद इंजीनियरों को बुलाया। एक एलईडी बंद मिली लेकिन गैस रिसन होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। संचालन समिति के सचिव एसी साधवानी के अनुसार स्कूल के पास ही कचरे का ढेर है वहां से भी धुआं आ रहा था हो सकता है उसी कारण छात्राएं बीमार हुई हैं। संस्थान की और से सभी का इलाज कराया जा रहा है। करीब दो दर्जन बच्चे प्रभावित हुए थे। शिक्षा विभाग की टीम भी स्कूल पहुंच गई है।

हिमाचल में फिर तबाही, शिमला के समरहिल में भूस्खलन, 5 की मौत, कई दबे

Devastation again in Himachal, landslide in Summerhill of Shimla, 5 killed, many buried

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मे एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं उत्तराखंड में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर पुल बहने की सूचना है।

शिमला के समरहिल में बड़ा भूस्खलन हुआ है। इससे जहां एक शिव मंदिर दब गया है। आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत तथा बचाव कार्य जारी है। अब तक 5 लोगों के मारे जाने की खबर है। 20-25 लोग दबे हो सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश: 3 दिन में 20 से अधिक लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 20 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी है। पिछले 3 दिनों से प्राकृतिक आपदा से गिरे मंडी जिला में 13 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सोलन जिला में सात लोगों की मौत होने की सूचना है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले 24 घंटों तक मानसून इसी प्रकार सक्रिय रहेगा।

हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी उफान पर है, जिससे कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया, जिसमें सोमवार को राज्य में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार ने लगातार बारिश के कारण भूस्खलन के कारण पिछले 24 घंटों में कई सड़कें अवरुद्ध होने के कारण राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की है।

लगातार हो रही बारिश के बाद नंदाकिनी नदी का जलस्तर चमोली के नंदानगर क्षेत्र में खतरे के निशान को पार कर गया। नदी का पानी कई घरों में घुस गया और लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। चमोली पुलिस ने यह जानकारी दी है।

उत्तराखंड में भारी वर्षा की स्थिति को देखते हुए दो दिनों के लिए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि मौसम को देखते हुए ही यात्रा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के दृष्टिगत सभी अधिकारियों, एसडीआरएफ की टीमों एवं राहत व बचाव में लगे सभी दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देशित किया गया है।

गदर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर, 130 करोड़ से अधिक की कमाई की

Gadar 2 creates havoc at the box office, earns more than 130 crores

 

मुंबई, 14 अगस्त| बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल और अभिनेत्री अमीषा पटेल की फिल्म गदर 2 ने अपने पहले वीकेंड के दौरान 130 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ वर्ष 2001 में रिलीज हुयी थी। इस फिल्म में सनी देओल ,अमीष पटेल और अमरीश पुरी ने अहम भूमिका निभायी थी।

‘गदर: एक प्रेम कथा’ के सीक्वल गदर 2 में एक बार फिर से सनी और अमीषा की जोड़ी है। ‘गदर 2’ 11 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुयी है। गदर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा दिया है। गदर 2 ने अपने प्रदर्शन के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 40.1 करोड़ का शानदार कारोबार किया था। गदर 2 ने दूसरे दिन 43.08 करोड़ का बिजनेस किया। गदर 2 ने तीसरे दिन 50 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। गदर 2 ने वीकेंड पर ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। गदर 2 ने 130 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है। ‘गदर 2 ,में सनी और अमीषा के साथ उत्कर्ष शर्मा, मनीष वाधवा, सिमरत कौर, लव सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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