राष्ट्रमंडल खेलों का रंगारंग आगाज, भारत की नजरें पदकों की बड़ी फसल पर
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों का शानदार और रंगारंग आगाज हो गया है। उद्घाटन समारोह में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं की झलक पेश की। आतिशबाजी, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेलों की शुरुआत ने दर्शकों का मन मोह लिया।
भारत ने भी इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में मजबूत तैयारी के साथ कदम रखा है। भारतीय दल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा प्रतिभाएं शामिल हैं, जिनसे देश को पदक जीतने की उम्मीद है। भारतीय खिलाड़ी भारोत्तोलन, कुश्ती, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में चुनौती पेश करेंगे।
भारतीय दल की अगुवाई अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में है। देश को उम्मीद है कि खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति को मजबूत करेंगे। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारत ने कई खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार इस बार भारतीय खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
राष्ट्रमंडल खेलों का यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच आपसी सहयोग और खेल भावना को भी मजबूत करता है। करोड़ों भारतीय खेल प्रेमियों की नजर अब भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और पदक जीतने की उम्मीदों पर टिकी है।
केंद्र के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, छात्र आंदोलन जारी
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और मिले आश्वासनों के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उनके अनशन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने तथा प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाना था।
वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भी आश्वासन दिया गया है।
अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की अपील की।
वहीं, छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन विभिन्न रूपों में जारी रहेगा। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाएं और पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार अपने आश्वासनों को प्रभावी ढंग से लागू करती है, तो इससे परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
भारत पर अमेरिका का नया 10% टैरिफ लागू, निर्यातकों की बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 10 प्रतिशत नया टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला अमेरिकी प्रशासन द्वारा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कथित जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े उत्पादों पर कार्रवाई के तहत लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत भारत को 10 प्रतिशत की दर वाले देशों में रखा गया है, जबकि कुछ अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया गया है।
इस निर्णय के बाद भारतीय निर्यातकों के बीच चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग उत्पाद, वस्त्र, रसायन, ऑटो पार्ट्स और अन्य निर्यात-आधारित उद्योगों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि आवश्यक वस्तुओं जैसे ऊर्जा, खाद्य सामग्री और कुछ विशेष श्रेणी के उत्पादों को इस टैरिफ से छूट दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए टैरिफ से भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है। वहीं, दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं पर भी उद्योग जगत की नजर बनी हुई है। भारत और अमेरिका के अधिकारी व्यापारिक मुद्दों के समाधान के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।
व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो भविष्य में भारतीय उत्पादों पर शुल्क में राहत मिलने की संभावना बन सकती है। फिलहाल निर्यातक उद्योग सरकार से आवश्यक सहायता और वैकल्पिक बाजारों की रणनीति तैयार करने की मांग कर रहे हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बूथ अध्यक्षों के महाकुंभ से भाजपा ने भरी हुंकार
अभियान हो या संगठन की बैठक। सामाजिक कार्यक्रम हो या धार्मिक अनुष्ठान…हर मंच से भाजपा चुनावी लक्ष्य भेदने का प्रयास करती है। 2027 विधान सभा चुनाव की डगर पर रथ उतार चुकी भाजपा ने बुधवार को पहली बार प्रदेश के सभी बूथों को एक साथ मथा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वसहायता समूह की बहनों को प्रदान की 2.10 करोड़ रुपए की ऋण राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के आलीराजपुर सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। झाबुआ, आलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट सहित प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए एक तीर्थ के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रशेखर आजाद नगर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वी जयंती पर नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। राज्य सरकार इन शहीदों के बलिदान का स्मरण करते हुए आदरांजलि अर्पित करती है। कार्यक्रम में बताया गया कि डही नर्मदा पाइप लाइन परियोजना सिंचाई परियोजना पूर्ण हो गई है, जिसका शीघ्र ही लोकार्पण होगा। जोबट तक भी शीघ्र नर्मदा जल पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आलीराजपुर जिले में बलराम कृषि महोत्सव हो रहा है। महोत्सव में उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान किया गया, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। आलीराजपुर के किसानों ने इस बार कम वर्षा के बाद भी हौसला दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 10 हजार 136 हितग्राहियों को लाभ मिला है और 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 हजार 124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिले के 5 लाख 70 हजार 179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिल रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए संकल्पित है। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिलती है।
विभिन्न धर्मों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एयरपोर्ट पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का व्यक्त किया आभार
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर समाज के विभिन्न धर्मं और वर्गों में व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आगमन पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया तथा इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान न्याय उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता, समानता और न्याय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समर्थन के लिए उपस्थित सभी धर्मों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का यह विश्वास और सहयोग प्रदेश के समावेशी विकास तथा सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
इस मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला तथा गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा आदि मौजूद थे।
अमलीपदर की रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
महतारी वंदन योजना से माताओं और बहनों का बढ़ा आत्मविश्वास – मुख्यमंत्री साय
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।
बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल
क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद
रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना लक्ष्य-मुख्य सचिव विकासशील
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हर घर नल-जल जीवन मिशन की प्रगति पर कलेक्टर कॉन्फ्रेंस सम्पन्न
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पूर्ण योजनाओं को 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन करें
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने कार्ययोजना तैयार करें
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों के भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्य बाधित नही हो। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी एवं स्थानीय संसाधनों, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर एवं अन्य उपलब्ध स्रोतों से आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर योजनाओं को पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले को जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान करने, जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता। बैठक में सोलर आधारित नल जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना-वार विश्लेषण कर स्वीकृत राशि एवं व्यय का समुचित मिलान किया जाए।
जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग करें
मुख्य सचिव विकासशील ने प्रत्येक जिले को हर घर जल के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करने एवं गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करने तथा जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए।














