कोलार में सैकड़ो व्यापारी शौचालय की समस्या से परेशान #swachabharatmishan

भोपाल, चुनावी साल है जहाँ जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच जाकर पुरजोर तरीकें से जनसमस्याओं के समाधान में लगे हुए है वही पार्षद की कार्यो के प्रति उदासीनता के कारण भोपाल नगर निगम के उपनगरीय क्षेत्र कोलार रोड में आने वाले वार्ड 82 में व्यापारी शौचालय की समस्या से जूझ रहे है।

अभी हाल ही में कोलार व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजीव मिश्रा के साथ पार्षद ज्योति मिश्रा ने शौचालय न होने की महिला व्यापारियों द्वारा समस्या की शिकायत होने पर भरत आर्केड व्यवसायिक परिसर का निरीक्षण भी करा था, आश्वासन भी दिया था जल्द बंद पड़ा शौचालय शुरू किया जाएगा। 10 दिन से अधिक समय बीतने के बाद अब तक कोई भी कार्य नहीं किया गया है।

बताया जाता है व्यापारिक परिसर बिल्डर ने पूर्व में शौचालय निर्माण किया था। जिसे व्यक्ति विशेष की शिकायत पर प्रशासनिक दबाव बनाकर हटवा दिया गया है।

व्यापारी चर्चा करते सुने जाते है कि बिल्डिंग से लगी भूमि सरकारी है इस पर सरकारी सीवेज लाइन भी डाली हुई है। इस स्थान पर शौचालय बनाकर समस्या का समाधान किया जा सकता है। इस स्थान को पास के प्लाट मालिक द्वारा पक्की दीवार से घेर लिया गया है।

वर्तमान में बिल्डिंग में शौचालय वाले स्थान में बिजली मीटर लगे हुए है। छत पर जाने वाले रास्ते को बंद कर एक शौचालय ऊपर बनाया गया था जिसे भी बंद किया गया है। जानकारी मिली है शौचालय के लिए बिना रसीद के चंदा इक्क्ठा किया गया था।

MP Latest news: एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मुर्गे की मांग, स्कूल में दारू पार्टी

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बुरहानपुर के खकनार विकासखंड के ग्राम सोनुद का मामला

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने का काम किया है। यहां चिकन-दारू पार्टी करने के लिए प्रिंसिपल और टीचर्स ने स्कूल में पढ़ने के लिए आए बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने टीचरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामला मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के खकनार विकासखंड के ग्राम सोनुद की प्राथमिक स्कूल का है। जानकारी के अनुसार स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा एडमिशन के नाम पर अभिभावक से मुर्गा मांगा गया था। उस मुर्गे की ही पार्टी स्कूल में चल रही थी। प्रिंसिपल पर आरोप है कि वो अक्सर एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मुर्गे की मांग करते हैं और उसके बाद शराब और मुर्गा पार्टी करने के लिए समय से पहले स्कूल बंद कर बच्चों को घर भेज देते है। पूरे मामले पर स्कूल में पढ़ रही एक छात्रा ने बताया कि हमारे स्कूल के सर अक्सर स्कूल में शराब पीकर पहुंचते हैं और पढ़ाते भी नहीं है। इतना ही नहीं वह शराब के इतने नशे मे रहते हैं कि पेंट में ही यूरिन कर देते हैं। सोनुद के रहने वाले पवन कुमार ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल और सर ने एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मुर्गा और शराब की मांग की। जिसके बाद उन्होंने मिड-डे बनाने वाले किचन में ही उसको बनवाया। इन लोगों ने स्कूल में ही इसे खाया।

जब कलेक्टर सुश्री भव्य मित्तल से बात की तो उन्होंने बताया कि अगर इस तरह का मामला सामने आया है, तो इन तीनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर इन पर जांच की जाएगी । क्योंकि शिक्षा के मंदिर में इस तरह का कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं होगा।

कलेक्टर का बयान सर्वथा उचित है । परंतु जो ग्रामीण क्षेत्र हैं और सुदूर ग्रामीण क्षेत्र हैं, वहां पर शिक्षकों के साथ ही अन्य सरकारी अमले पर पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों की कभी जांच होती है ? कभी उनकी निगरानी होती है, कि वह आखिर क्या कर रहे हैं ? और यहां सवाल यदि हम शिक्षकों की करतूतों का ही करें, तो सरस्वती के मंदिर में इस प्रकार की घटना निश्चित रूप से निर्लज्जता की सीमा को पार कर देती है । स्कूल में दारू और मुर्गा की पार्टी, जहां सदैव माता सरस्वती विराजमान रहती है, इसको कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है ? और इन शिक्षकों के मानसिक स्तर को किस प्रकार से हम समझे कि यह स्वयं को शिक्षक मानते हैं अथवा नहीं ? यदि शिक्षक मानते हैं तो इस प्रकार की घटना को यह अंजाम दे ही नहीं सकते । लेकिन ऐसा नहीं है। यह स्वयं को शिक्षक नहीं, एक कर्मचारी मानते हैं, जिसका काम अपनी नौकरी करना और जितना से ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाया जा सके, उतना लाभ उठाना, यह रह गया है । अब शासन प्रशासन पर निर्भर करता है कि ऐसे शिक्षकों पर क्या कार्रवाई की जाए, और जो वीडियो वायरल हुआ है उसके बाद किसी प्रकार की जांच की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती । ऐसे में तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाना चाहिए और ऐसे शिक्षकों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी कतई नहीं देना चाहिए, और इनको यह बता देना चाहिए कि उन्होंने बहुत गलत कार्य किया है। और इसकी सजा मात्र और मात्र यह है कि ये अपने घर बैठे, और अपने क्रियाकलापों पर जीवन भर विचार करें कि हमने क्या किया जो हमें नहीं करना चाहिए था।

प्रदेश में उद्योगों और निवेश के लिए स्वस्थ वातावरण: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Healthy environment for industries and investment in the state: Chief Minister Shivraj Singh

 

भोपाल, 1 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों और निवेश के लिए स्वस्थ वातावरण विद्धमान है। राज्य सरकार का उद्योगों के प्रति हर संभव सहयोग और स्वागत का भाव है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह बात उनसे भेंट के लिए मंत्रालय आए टेकफैब इंडिया, गुलशन पॉलिओल्स और ग्रीनको ग्रुप के प्रतिनिधियों से कही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से टेकफैब इंडिया के प्रबंध संचालक अनंत कनोई, गुलशन पॉलीओल्स की आरुषि जैन और ग्रीनको ग्रुप के प्रबंध संचालक अनिल चलमलसेट्टी ने भेंट की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से भेंट में टेकफैब इंडिया के अनंत कनोई ने बताया कि टेक्सटाईल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग फेब्रिकेशन में विशेषज्ञता रखने वाली उनकी कम्पनी मंडीदीप में 100 करोड़ रूपए के निवेश से सड़क निर्माण में उपयोगी सामग्री की इकाई प्लग एण्ड प्ले आधार पर स्थापित करने की इच्छुक है। यह समूह भोपाल के पास वेयरहाउसिंग यूनिट भी स्थापित करना चाहता है।

गुलशन पॉलिओल्स नरसिंहपुर में रासायनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करने का इच्छुक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से गुलशन पॉलिओल्स की आरुषि जैन ने बताया कि 40 वर्षों से अनाज और खनिजों से विशेष रसायन बना रहा 1200 करोड़ रूपए के टर्न ओवर वाले उनके उद्योग समूह का छिंदवाड़ा में डिस्टलरी प्लांट संचालित है। गुलशन पॉलिओल्स 200 करोड़ के निवेश से प्रदेश में रासायनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करने का इच्छुक है, जिसमें लगभग एक हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। समूह ने इकाई के लिए नरसिंहपुर जिले में जमीन चिन्हित की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से भेंट में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य कर रहे ग्रीनको ग्रुप के श्री अनिल चलमलसेट्टी ने नीमच जिले में 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित 1920 मेगावाट क्षमता की पम्प स्टोरेज परियोजना की क्षमता वृद्धि के संबंध में चर्चा की।

कांग्रेस का आदिवासी कार्ड, कांतिलाल भूरिया को चुनाव अभियान समिति की कमान

Tribal card of Congress, command of election campaign committee to Kantilal Bhuria

 

भोपाल। नवंबर में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने के लिए कांग्रेस ने चुनाव से संबंधित समितियों का गठन कर दिया है। आदिवासी कार्ड खेलते हुए चुनाव अभियान समिति की कमान आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को सौंपी गई है। साथ ही समिति में अन्य आदिवासी नेताओं को भी स्थान दिया है। वहीं, चुनाव समिति के अध्यक्ष कमल नाथ रहेंगे। दोनों समितियों में क्षेत्रीय और गुटीय संतुलन को साधने के साथ वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।

प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधानसभा सीटें आदिवासियों के लिए सुरक्षित हैं। 30 अन्य सीटों पर आदिवासी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी मतदाताओं का साथ कांग्रेस को मिला था और सुरक्षित सीटों में से 30 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं।

इसके कारण 15 वर्ष बाद पार्टी की सत्ता में वापसी हुई थी। इस वोटबैंक का साथ बरकरार रखने के लिए कांग्रेस लगातार प्रयास कर रही है। आदिवासी स्वाभिमान यात्रा और सामाजिक संगठनों के माध्यम से अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचाने में जुटी है।

वहीं, भाजपा ने भी आदिवासी वोटबैंक को अपने पक्ष में करने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले दिनों आदिवासी बहुल शहडोल में आदिवासियों से संवाद कर चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सतना में कोल महाकुंभ में शामिल हुए थे।

शिवराज सरकार ने आदिवासियों के हित में कई कदम उठाए हैं। दरअसल, दोनों ही दल अच्छी तरह से जानते हैं कि सत्ता की चाबी आदिवासियों के हाथ में है इसलिए इन्हें साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति की कमान आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को देने के साथ बाला बच्चन, ओमकार सिंह मरकाम और सुरेंद्र सिंह बघेल को सदस्य बनाया है। हालांकि, वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार को दोनों समितियों में स्थान नहीं मिला।

क्षेत्रीय संतुलन साधा
चुनाव अभियान और चुनाव समिति के माध्यम से कांग्रेस ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का काम किया है। विंध्य क्षेत्र से अजय सिंह, राजेंद्र सिंह, राजमणि पटेल, कमलेश्वर पटेल को दोनों समितियों में रखा गया है। महाकोशल से विवेक तन्खा, तरुण भनोत, हिना कांवरे, नकुल नाथ, एनपी प्रजापति, ओमकार सिंह मरकाम और सुखदेव पांसे सदस्य बनाए गए हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र को तुलनात्मक रूप से सबसे कम प्रतिनिधित्व मिला है। यहां से केवल सुरेंद्र चौधरी को अभियान समिति में रखा है। मालवा-निमाड़ से अरुण यादव, बाला बच्चन, विजयलक्ष्मी साधौ, जीतू पटवारी, शोभा ओझा सहित अन्य को स्थान मिला है तो ग्वालियर-चंबल से डा.गोविंद सिंह, अशोक सिंह, रामनिवास रावत, लाखन सिंह यादव, केपी सिंह, लक्ष्मण सिंह को समितियों में सम्मिलित किया है। मध्य क्षेत्र से सुरेश पचौरी और आरिफ मसूद दोनों समितियों के सदस्य हैं।

चुनाव अभियान समिति

चुनाव अभियान समिति में अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ, नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, राजमणि पटेल, नकुल नाथ, सज्जन सिंह वर्मा, एनपी प्रजापति, केपी सिंह, लक्ष्मण सिंह, बाला बच्चन, तरुण भनोत, ओमकार मरकाम, विजयलक्ष्मी साधौ, राजेंद्र सिंह, हिना कांवरे, लाखन सिंह यादव, सुखदेव पांसे, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, सुरेंद्र सिंह बघेल हनी, रामनिवास रावत, सुरेंद्र चौधरी, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, शोभा ओझा, अशोक सिंह, राजीव सिंह, महिला, युवा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष और अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष।

चुनाव समिति

चुनाव समिति के अध्यक्ष कमल नाथ के अलावा नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह, विवेक तन्खा, राजमणि पटेल, नकुल नाथ, सज्जन सिंह वर्मा, विजयलक्ष्मी साधौ, तरुण भनोत, ओमकार मरकाम, सुखदेव पांसे, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, आरिफ मसूद सहित महिला, युवा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव समिति का ऐलान

Announcement of Congress election committee in Madhya Pradesh

 

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने चुनाव समिति की लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा जारी लिस्ट में कमल नाथ की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है। इस समिति में कांतिलाल भूरिया, गोविंद सिंह, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, राजमणि पटेल, नकुल नाथ, सज्जन सिंह वर्मा, विजयलक्ष्मी साधौ, तरुण भनोत, ओंकार सिंह‍ मरकाम, सुखदेव पासे, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, आरिफ मसूद के नाम शामिल हैं।

पहले कांतिलाल भूरिया को बताया अध्यक्ष फिर कमल नाथ को बनाया

कांग्रेस द्वारा जारी चुनाव समिति की लिस्ट में पहले कांतिलाल भूरिया को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वापस से लिस्ट जारी की गई, जिसमें कमल नाथ को अध्यक्ष बनाया गया।

भाजपा बोली, कमल नाथ के ऊपर कांतिलाल भूरिया का नाम

कांग्रेस की चुनाव समिति की लिस्ट जारी होने के बाद भाजपा प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने इस पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, कल ही सीनियर आब्जर्वर के रूप में रणदीप सुरजेवाला की नियुक्ति हुई और आज उनके ऊपर कांतिलाल भूरिया को बैठा दिया, समझा जा सकता है कि कमल नाथ को पहले पार्टी ने चेहरा बनाने से इनकार किया और अब उनके चेहरे को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख ना बनाकर, नकार दिया गया है।

 

लिस्ट में परिवारवाद चला

इस समिति में कई योग्य जिम्मेदार लोगों के नाम नदारद हैं, यहां भी परिवारवाद जमकर चला है। जहां एक तरफ कमल नाथ का नाम. वहीं नकुल नाथ का नाम भी है। जहां दिग्विजय सिंह का नाम., वहां लक्ष्मण सिंह का नाम भी है।

कई बड़े नेताओं के नाम ही नहीं

नरेन्द्र सलूजा ने ट्वीट में लिखा, लिस्ट में कई वरिष्ठों के नाम नदारद है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री सचिन यादव, आदिवासी वर्ग से आने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार, आदिवासी विधायक हीरालाल अलावा, अर्जुन काकोडिया, बैजनाथ कुशवाह, पांचीलाल मेडा जैसे कई आदिवासी विधायकों के नाम नदारद हैं।

अगर आप भी चादर बिछाने के बाद हफ्तों तक नहीं करते चादर चेंज, तो यहां जानिए क्या हो सकते हैं इससे नुकसान …

If you also do not change the bed sheet for weeks after laying the bed sheet, then know here what can be the harm…

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस बिस्तर पर हम रोज सोते हैं उसकी चादर भी आपके सेहत को खराब कर सकती है। आपको पता है कि लंबे समय से बेड पर बिछी चादर आपको कई तरीके से नुकसान पहुंचा सकती है। दरअसल, गंदे बेडशीट पर हजारों डेड स्किन सेल्‍स, धूल, तेल आदि जम जाते हैं जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

कई लोग ऐसे भी होते हैं जो एक बार चादर बिछाने के बाद कई हफ्तों तक उसे नहीं बदलते। और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बिस्तर पर बैठ कर खाना भी खा लेते हैं, कंघी भी कर लेते हैं,सब्जी भी काट लेते हैं, और जाने रोजाना के कितने ही काम कर लेते हैं । जिससे बेडशीट पर कितने ही कीटाणु आ जाते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कितने दिन पर चादर को बदलना चाहिए जिससे आप बीमारियों से दूर रह सकें।

 

कितने दिन पर बदलें चादरIf you also do not change the bed sheet for weeks after laying the bed sheet, then know here what can be the harm…

एक सप्ताह से ज्यादा चादर नहीं बिछाकर रखना चाहिए और सोने से पहले चादर को अच्छे से झाड़ भी लेना चाहिए। इसके अलावा बेड पर खाना नहीं खाना चाहिए और आप जब भी बाहर से आएं तो अच्छे से हाथ पैर साफ करके ही बेड पर बैठें।वहीं, जो लोग अस्थमा के मरीज हैं उन्हें तो खास तौर से हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए।जिन लोगों को पसीना बहुत आता है उन्हें तो 3 से 4 दिन पर ही चादर बदल देनी चाहिए।

चादर ना बदलने के नुकसान

-अगर आप एक सप्ताह से ज्यादा चादर बिछाकर रखते हैं तो फिर आपको बैक्‍टीरिया, फंगस, जर्म की चपेट में आसानी से आ सकते हैं।

-आपको एग्जिमा, स्‍लीप एप्‍निया का भी सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह से स्‍टफी नोज, छींक, खर्राटे का भी सामना करना पड़ता है।

-इसलिए आप सप्ताह में एकबार गरम पानी में डिटर्जेंट डालकर चादर को कुछ देर भिगो दीजिए इससे बाद हाथ से अच्छे से रगड़कर चादर साफ कर लीजिए।

बालों के झड़ने से हैं परेशान तो आज ही आजमाएं ये हेयर मास्क, मिलेंगे फायदे

If you are troubled by hair loss, try this hair mask today itself, you will get benefits

 

आज के समय में बिजी लाइफ स्टाइल के कारण बालों और स्किन की केयर कर पाना काफी मुश्किल होता है। बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट्स कई बार फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान पहुंचा देते हैं, ऐसे में नैचुरल चीजों से बालों और स्किन की देखभाल की जाए, तो काफी फायदे मिलते हैं। अनहेल्दी डाइट, धूल, गंदगी, पॉल्यूशन, चेंज ऑफ वेदर, धूप और टेंशन के कारण बालों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। आज हम आपको नेचुरल चीजों का ऐसा हेयर मास्क बताने जा रहे हैं, जो आपके बालों की खूबसूरती को बढ़ा देगा और कई परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

शहद हेयर मास्क

शहद हमारी हेल्थ और स्किन के साथ-साथ बालों के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसी कारण कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में शहद का इस्तेमाल किया जाता है। शहद से बने हेयर मास्क की मदद से आपके बाल रूखे, बेजान और डैमेज बालों से छुटकारा मिलता है।

इस तरह बनाएं

शहद का हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले 2 बड़े चम्मच शहद, 2 चम्मच सेब का सिरका और एक बड़ा चम्मच नारियल का तेल लें। अब इन तीनों चीजों को एक कटोरी में डालकर मिक्स कर लें और गीले बालों में लगाएं। इसे आधे घंटे के लिए लगे रहने दें। आखिर में साफी पानी से बालों को धो लें।

दालचीनी हेयर मास्क

दालचीनी को बालों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। दालचीनी के हेयर मास्क को तैयार करने के लिए एक कटोरी में दालचीनी पाउडर और नारियल तेल को अच्छी तरह से मिला लें। इस हेयर मास्क को रात में सोने से पहले अपने बालों में लगाएं। इसके बाद अगले दिन अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें। इससे बालों में चमक आने के साथ-साथ हेयर फॉल की समस्या भी खत्म हो जाएगी।

कम उम्र में भी बढ़ने लगा है आस्टियोपोरोसिस का खतरा

The risk of osteoporosis has started increasing even at a young age

 

हड्डियों का कमजोर होना आस्टियोपोरोसिस कहलाता है। बाडी मास इंडेक्स लास के पहले लेवल को आस्टियोपेनिया के रूप में जाना जाता है। इससे हड्डियों के फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।

हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अविनाश मंडलोई के अनुसार, इसमें शुरुआत में हड्डियों को नुकसान होना शुरू होता है तो कोई खास लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन बाद में यह खतरनाक साबित हो सकता है। वैसे तो आस्टियोपोरोसिस 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अधिक होता है, लेकिन अब यह पुरुषों के साथ ही कम उम्र के लोगों को भी होने लगा है। आस्टियोपोरोसिस सिर्फ कैल्शियम की कमी के कारण ही नहीं होता है।

महिलाओं में एस्ट्रोजन बीएमडी लेवल को बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बदलती जीवनशैली, खान-पान की खराब आदतें, अनुवांशिकता के साथ ही एक्सरसाइज में कमी, कैल्शियम की कमी, विटामिन डी की कमी, प्रोटीन की कमी, धूमपान, अधिक शराब का सेवन, वजन कम होना आदि इसके होने के मुख्य कारण हैं।

आमतौर पर आस्टियोपोरोसिस की तरफ तब तक किसी का ध्यान नहीं जाता, जब तक कोई व्यक्ति फ्रैक्चर से पीड़ित नहीं होता। लेकिन अगर पीठ दर्द, बोन फ्रैक्चर या शरीर का पोश्चर झुका हुआ लगे तो यह आस्टियोपोरोसिस के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं।

इससे बचाव के लिए प्रतिदिन व्यायाम करें, कैल्शियम और विटामिन डी लें, मोटापा कम करें, धूमपान और शराब का सेवन छोड़ दें। इसके निदान के लिए कैल्शियम और प्रोटीन युक्त डाइट, हार्मोनल थेरेपी एवं रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसे समाधान मौजूद हैं।

दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश, बुधवार को होगी चर्चा, सदन कल तक के लिए स्थगित

Delhi Service Bill introduced in Lok Sabha, discussion to be held on Wednesday, House adjourned till tomorrow

 

दिल्ली। संसद मानसून सत्र के दौरान मंगलावर को दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से नित्यानंद राय ने बिल पेश किया। विपक्ष ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया है। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताते हुए कहा कि सेवाएं राज्य का अधिकार हैं। बुधवार को इस पर बहस होगी।

दिल्ली अध्यादेश बिल को विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की पहली अग्नि परीक्षा बताया जा रहा है। दिल्ली से जुड़ा होने के कारण यह आम आदमी पार्टी के लिए सबसे जरूरी है। अरविंद केजरीवाल ने पिछले दिनों हर राज्य में जाकर इस मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ समर्थन मांगा था।

संसद में हंगामा

मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई होते ही विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

दिल्ली अध्यादेश बिल पर पार्टी लाइन से अलग संदीप दीक्षित का बयान

दिल्ली अध्यादेश बिल पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, ”लोकसभा में बीजेपी के पास बहुमत है। ये बिल सदन में पास होना चाहिए। ये बिल दिल्ली की स्थिति के मुताबिक है। अगर आप दिल्ली को शक्तियां देना चाहते हैं, तो ये पूर्ण राज्य बनाया जाना चाहिए। मेरी राय में इस बिल का विरोध करना गलत है।”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता डॉ. हर्ष वर्धन, कहा- “मैं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बयान की सराहना करता हूं।

शिवसेना (यूबीटी) करेगी बिल का विरोध

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने दिल्ली सेवा बिल का विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “हम सभी इसका विरोध करेंगे, क्योंकि आज यह दिल्ली में हो रहा है, कल यह हो सकता है आंध्र प्रदेश, तेलंगाना या ओडिशा में होगा। यह असंवैधानिक, अनैतिक, अलोकतांत्रिक अध्यादेश है, इसका सभी को विरोध करना चाहिए।”

मणिपुर मामले में लगातार हो रहा हंगामा
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन अब तक कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ है। पूरा समय विपक्ष की भेंट चढ़ा है। विपक्ष ने पहले मणिपुर पर चर्चा की मांग की। सरकार तैयार हुई तो किस नियम के तहत चर्चा हो, इस पर पेंच फंसा दिया। विपक्ष अड़ा है कि प्रधानमंत्री चर्चा के दौरान उपस्थित रहें और जवाब दें।

 प्रदेश के कर्मचारियों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान, 4 नए कालेज खुलेंगे, दो नई तहसीलों को भी मंजूरी

Employees of the state will get the fourth time scale pay scale, 4 new colleges will open, two new tehsils will also be approved

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के समान संवर्गों के लिये सुनिश्चित केरियर प्रोन्नयन योजना लागू करने की स्वीकृति दी गयी। इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को 35 वर्ष अथवा अधिक अवधि की सेवा होने की स्थिति में दिनांक 01 जुलाई, 2023 से चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत हो सकेगा। चतुर्थ समयमान वेतनमान के दिशा-निर्देश जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया। यह वेतनमान स्वीकृत करने पर शासन पर अनुमानित व्यय भार 250 करोड़ रूपये आयेगा।

युवाओं को कला प्रशिक्षण फैलोशिप- 2023

मंत्रि-परिषद ने “युवाओं को कला प्रशिक्षण फैलोशिप-2023” देने का निर्णय लिया। परंपरागत एवं जन-जातीय लोक कला को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय के माध्यम से प्रदेश के 1 हजार युवाओं को 3 महीने की अवधि के लिए 10 हजार रूपये की मानद फैलोशिप प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई। योजना में युवाओं को गायन, वादन, नृत्य, नाट्य, चित्र तथा शिल्प आदि में से किसी एक कला का प्रशिक्षण 3 माह में दिया जाएगा।

4 नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा 04 नवीन शासकीय महाविद्यालय, शासकीय विधि महाविद्यालय डिंडोरी, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज मंडला, शासकीय महाविद्यालय खिरकिया हरदा, शासकीय महाविद्यालय खड्डी सीधी की स्थापना की स्वीकृति दी गई। साथ ही 03 शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय शासकीय महाविद्यालय ताला, सतना (वाणिज्य), शासकीय महाविद्यालय रामनगर, सतना (विज्ञान एवं वाणिज्य), शासकीय महाविद्यालय सिलवानी रायसेन (विज्ञान), 03 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर नवीन विषय शासकीय महाविद्यालय ताला, सतना (संस्कृत, गृह विज्ञान, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान), शासकीय महाविद्यालयन्यू रामनगर, सतना (अर्थशास्त्र, भूगोल, संस्कृत, इतिहास), शासकीय महाविद्यालय अमरपाटन, सतना (कंप्यूटर साइंस) एवं 06 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन विषय प्रारंभ किए जाने के लिए कुल 341 नवीन पद सृजन तथा आवर्ती व्यय भार रूपये 1981.00 लाख प्रतिवर्ष एवं अन्य अनावर्ती व्यय रूपये 5854.32 लाख, इस प्रकार कुल 7835.32 लाख के व्यय की स्वीकृति दी गई है।

नर्मदापुरम जिले में नवीन तहसील शिवपुर का सृजन

मंत्रि-परिषद ने जिला नर्मदापुरम में नवीन तहसील शिवपुर के सृजन की स्वीकृति दी। वर्तमान तहसील सिवनी मालवा के राजस्व निरीक्षक मंडल शिवपुर के पटवारी हल्का नम्बर 01 से 09, राजस्व निरीक्षक मण्डल चापडाग्रहण के पटवारी हल्का नम्बर 10 से 19, राजस्व निरीक्षक मण्डल पगढाल के पटवारी हल्का नम्बर 20 से 30 कुल 30 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। तत्पश्चात तहसील सिवनी मालवा में राजस्व निरीक्षक मण्डल खपरिया के पटवारी हल्का नम्बर 01 से 13, राजस्व निरीक्षक मण्डल धरमकंडी के पटवारी हल्का न. 14 से 23, राजस्व निरीक्षक मण्डल सिवनी मालवा के पटवारी हल्का नं. 24 से 33, राजस्व निरीक्षक मण्डल लोखरथलाई के पटवारी हल्का न. 34 से 45, राजस्व निरीक्षक मण्डल के नंदरवाड़ा के पटवारी हल्का न. 46 से 57, इस प्रकार कुल 57 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे।

नर्मदापुरम जिले की नवीन तहसील शिवपुर के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार 01, सहायक ग्रेड-2 के 02, सहायक ग्रेड-3 का 04, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 01, जमादार / दफतरी / बस्तावरदार 1, वाहन चालक 1, भृत्य 04 इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किये गये हैं।

सीधी में नवीन तहसील मड़वास का सृजन

मंत्रि-परिषद ने सीधी जिले में नवीन तहसील मड़वास के सृजन का निर्णय लिया। वर्तमान तहसील मझौली के राजस्व निरीक्षक मण्डल गिजावर के पटवारी हल्का 33,35-38,40,42-45 एवं 48 तथा राजस्व निरीक्षक मण्डल मडवास के पटवारी हल्का नम्बर 31,32,39,41,46,47 एवं 49 से 55 इस प्रकार कुल 24 पटवारी हल्के एवं 71 ग्राम समाविष्ट होंगे, जिनके गठन के बाद शेष तहसील मझौली में तहसील मझौली के प.ह.न. 1-11, 14-22 तथा रा.नि. मण्डल जोबा के प.ह.न. 12,13, 23-30 एवं 34, इस प्रकार कुल 31 पटवारी हल्के तथा 61 ग्राम समाविष्ट होंगे।

सीधी में नवीन तहसील मड़वास के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार 01, नायब तहसीलदार 02, सहायक ग्रेड 2 के 02, सहायक ग्रेड 3 के 04, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 3, जमादार/दफतरी/बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1. भृत्य के 06 इस प्रकार कुल 20 पद स्वीकृत किये गये हैं।

दूरसंचार की सुगमता एवं विस्तार दिशा-निर्देश 2023 का अनुमोदन

भारत सरकार द्वारा जारी राईट ऑफ वे (Right of Way Rules) नियम 2022 तथा भारतीय तार (अवसंरचना सुरक्षा) नियम, 2022 के साथ संरेखण करते हुए तैयार की गई “मध्यप्रदेश में दूरसंचार अवसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने हेतु नीति 2023” एवं “मध्यप्रदेश में दूरसंचार अवसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने हेतु दिशा-निर्देश 2023” का मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। उक्त नीति लागू किये जाने से मध्यप्रदेश में दूरसंचार अवसरंचना (4G/5G) का शीघ्रता और सुगमता से विस्तार होगा तथा राज्य शासन की आय में वृद्धि होगी।

प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं एवं अधोसंरचना के सुनियोजित विकास एवं विस्तार को सुनिश्चित करने के लिये “मध्यप्रदेश में दूरसंचार सेवा, इंटरनेट सेवा, अवसंरचना प्रदाताओं द्वारा वायर लाइन या वायरलेस आधारित वाइस एवं डाटा पहुँच सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने के लिये नीति एवं दिशा-निर्देश 2019 “वर्तमान में लागू है। नीति की वैधता अवधि दिसम्बर, 2023 तक है। वर्तमान में देश के अंदर 5G दूरसंचार की सुविधाएँ भी Rollout कर दी गई है। भारत सरकार, संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग द्वारा दिनांक 17 अगस्त 2022 को भारतीय तारमार्ग के अधिकार (ROW) (संशोधन) नियम, 2022 जारी किए गए हैं, जिसमें 5G रोल-आउट से संबंधित दूरसंचार अवसंरचना की स्थापना एवं बुनियादी ढाँचे को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिये विशिष्ट प्रावधान किये गये हैं। दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा 3 जनवरी 2023 को भारतीय तार (अवसंरचना सुरक्षा) नियम, 2022 जारी किये गये हैं। इन नियमों में यह प्रावधान किया गया है कि सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति पर स्थापित मौजूदा दूरसंचार अवसंरचना स्थल पर कोई व्यक्ति / एजेन्सी खुदाई या खनन का कार्य करता है, तो सामान्य, पोर्टल के माध्यम से संबंधित अनुज्ञप्तिधारी को सूचित करेगा। इससे दूरसंचार अवसंरचना को अवांछित क्षति से बचाया जा सकेगा।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उद्यमियों के लिए निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों हेतु 20 प्रतिशत भूखंड का आरक्षण तथा इन उद्यमियों को प्रब्याजी और विकास शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने के संबंध में मध्यप्रदेश एमएसएमई के औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 (यथा संशोधित अक्टूबर 2022) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।

6 नवीन शासकीय आईटीआई की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में 6 नवीन शासकीय आईटीआई की स्थापना का निर्णय लिया गया। इन 6 आईटीआई के लिए 114 प्रशिक्षकीय और 66 प्रशासकीय पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इन 6 आईटीआई के लिए अनावर्ती व्यय रूपये 9487.20 लाख तथा पांच वर्ष के लिए आवर्ती व्यय लगभग रुपये 2580.00 लाख के वित्तीय प्रावधान की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

शा. पॉलीटेक्निक्, नर्मदापुरम में 4 नवीन पाठ्यक्रम की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय पॉलीटेक्निक् महाविद्यालय, नर्मदापुरम में चार नवीन पाठ्यक्रमों (सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साईंस इंजीनियरिंग) के संचालन की स्वीकृति दी गयी। यह पॉलीटेक्निक् वर्ष 1996 से एक ही संकाय के साथ संचालित है। इस हेतु प्रस्तावित 33 शैक्षणिक पद, गैर शिक्षकीय एवं सहायक अमले के 15 पद तथा गैर शिक्षकीय एवं चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ के 20 पद (जिलाध्यक्ष द्वारा निर्धारित दर पर आउटसोर्सिंग पर), इस प्रकार कुल 68 पद के सृजन की स्वीकृति दी गयी। इस पर होने वाले आवर्ती व्यय लगभग 1068.08 लाख और अनावर्ती व्यय लगभग 801.26 लाख रूपये के वित्तीय प्रावधान की भी स्वीकृति दी गई।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा मुद्रा योजना की पूर्व से मौजूद इकाइयों के लिये, जिनका 01 सितम्बर 2022 के बाद नवीनीकरण किया जा रहा है, मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना में पात्र होने पर लाभांवित किये जाने के लिये योजना में नवीन उद्यम होने संबंधी प्रावधान से छूट दी जाने का निर्णय लिया गया।

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