नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपितों के घर तोड़े गए

The houses of the accused who gang-raped a minor were demolished

 

मध्‍य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में 11 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। शनिवार की सुबह 11 बजे प्रशासन जेसीबी लेकर उदयपुर स्थित रविंद्र चौधरी के घर पहुंचा और आरोपितों के घर जमींदोज कर दिए। एसडीएम मैहर ने बताया कि रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया के परिजनों को गत दिवस नोटिस दिया गया था। जांच में पाया गया कि उनका मकान अवैध रूप से बना हुआ है जिसे शनिवार जेसीबी की सहायता से तोड़ा गया है। डॉक्टरों की मानें तो अभी पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया के रूप में की गई है। दोनों आरोप‍ित मैहर मंदिर प्रबंध समिति की गौशाला के कर्मचारी हैं।

अगर शासन फांसी नहीं देता है तो हम उनकी हत्या कर देंगे

पीड़िता के दादा ने कहा कि दोनों ही दरिंदों को फांसी दी जानी चाहिए । उन्होंने बताया कि इस परिषद में उनकी पोती उन्हें मिली थी ऐसा लगा कि वह मर ही गई है लेकिन बाद में पता चला कि वह जिंदा है। पीड़िता की मां ने कहा कि रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया को मेरी आंखों के सामने फांसी दी जानी चाहिए। आक्रोशित पीड़िता के दादा ने कहा कि अगर शासन उन्हें उसे फांसी नहीं देता है तो उनकी हत्या कर देंगे।

क्या थी घटना

बच्ची गत गुरुवार दोपहर करीब एक बजे घर के बाहर से लापता हो गई थी। शुक्रवार सुबह वह लौटी। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजह पूछने पर उसने परिजन को वारदात की जानकारी दी।इसके बाद परिजन स्थानीय लोगों के साथ थाने पहुंचे और मामला दर्ज क

राया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निर्देश-कोई अपराधी बचना नहीं चाहिये

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा इंटरनेट मीडिया ट्वीट कर कहा कि मैहर की बेटी के साथ दुष्कर्म की जानकारी मिली है मन पीड़ा से भरा हुआ है व्यथित हू मैंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कोई अपराधी बचना नहीं चाहिए पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि बेटी के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए कोई भी अपराधी बचेगा नहीं कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने पीड़िता को परिजन और स्टाफ के साथ मेडिकल चेकअप के लिए मैहर सिविल हॉस्पिटल भेजा। यहां जांच के बाद बच्ची को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेज दिया गया है। जानकारी मिलते ही मैहर एसडीएम सुरेश जाधव, एसडीओपी लोकेश डावर, टीआई अनिमेष द्विवेदी और तहसीलदार जितेंद्र पटेल भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। बच्ची के इलाज के संबंध में डॉक्टरों से चर्चा भी की।

मेडिकल में हुई दुष्‍कर्म की पुष्टि

मैहर एसडीएम सुरेश जाधव ने बताया कि नाबालिग को बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर किया है। टीआई अनिमेष द्विवेदी उसके साथ गए हैं। वहीं, एसडीओपी लोकेश डावर ने बताया कि मेडिकल में नाबालिग के साथ रेप की पुष्टि हुई है। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

कमल नाथ ने साधा सरकार पर न‍िशाना

मासूम से गैंगरेप की इस घटना पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा- मध्यप्रदेश में रोज ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इनमें से कई सामने नहीं आती हैं। बच्चों के साथ बलात्कार, महिलाओं पर अत्याचार, आदिवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग पर अत्याचार आज मध्यप्रदेश की छवि बन गई है। यहां कानून-व्यवस्था नहीं बची है। अपराधी बेखौफ हैं। किसी को किसी का डर नहीं है।कमल नाथ ने पीड़िता को बेहतर उपचार और एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग की है।

शारदा मंदिर प्रबंध समिति ने दोनों को सेवा से पृथक किया

मैहर में मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति के दो कर्मचारियों को अशोभनीय कृत्य और मैहर थाने में लैंगिक अपराध का प्रकरण दर्ज होने पर सेवा से पृथक कर दिया गया है। प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारी रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया की सेवाएं प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति एवं एसडीएम मैहर सुरेश जादव ने समाप्त कर दी है।

प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बेटी के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए ।

कलेक्टर ने जारी की सहायता राशि

पीड़ित बच्चे के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा रेड क्रॉस चेक 50000 की आर्थिक सहायता कराई गई है।

The houses of the accused who gang-raped a minor were demolished
आरोपितों के घर पर चलेगी प्रशासन की जेसीबी

एसडीएम मैहर सुरेश जाधव ने नईदुनिया से बातचीत करते हुए कहा कि आरोपितों के घर गिरा जाएंगे इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके इलाज के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं।

 

इस घटना को अंजाम देने वाले दरिंदों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। दरअसल, दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद भी जब दरिंदों को संतोष नहीं हुआ, तो उन्होंने नाबालिग के नाजुक अंग में लकड़ी डाल दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खून से लथपथ होकर नाबालिग आज सुबह अपने घर पहुंची। जहां पर उसके परिजन उसे लेकर सीधे थाने पहुंचे।

शुभ योग में मनाया जाएगा सावन का चौथा सोमवार, जानिए रुद्राभिषेक का मुहूर्त और पूजा विधि

Fourth Monday of Sawan will be celebrated in auspicious yoga, know the auspicious time and worship method of Rudrabhishek

 

इस समय भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना चल रहा है। सावन में शिव जी की आराधना करने से हर मनोकामना पूरी होती है। मान्यता है कि सावन माह में शिव जी धरती पर विचरण करते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं सुनते हैं। इस बार सावन माह में अधिक मास भी पड़ रहा है, जिसके कारण सावन 59 दिनों तक रहेगा। साथ ही 8 सोमवार भी पड़ रहे हैं। सावन का चौथा सोमवार कल है, इस दिन रवि योग बन रहा है। सावन के चौथे सोमवार पर रुद्राभिषेक के लिए शिववास भी है, लेकिन ये सुबह जल्द ही खत्म हो जाएगा। आइए, जानते हैं सावन के चौथे सोमवार पर पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

सावन के चौथे सोमवार पर रवि योग

इस बार सावन के चौथे सोमवार पर रवि योग बन रहा है। इस दिन रवि योग सुबह 05 बजकर 42 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा विष्कम्भ योग सुबह से लेकर रात 11 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। जिसके बाद प्रीति योग शुरू हो जाएगा। रवि और प्रीति योग को बेहद शुभ माना जाता है।

रुद्राभिषेक का शुभ समय

31 जुलाई को शिववास प्रातः काल से लेकर सुबह 07 बजकर 26 मिनट तक है। ऐसे में सावन के चौथे सोमवार पर रुद्राभिषेक करने के लिए शुभ समय सुबह 07 बजकर 26 मिनट तक ही रहेगा। इस दिन शिववास नंदी पर है।

रुद्राभिषेक पूजा विधि

सावन के चौथे सोमवार पर सुबह स्नान के बाद व्रत और शिवजी की पूजा का संकल्प लें।
इसके बाद शुभ मुहूर्त में किसी शिव मंदिर में जाकर या घर ही शिवलिंग की विधि पूर्वक पूजा अर्चना करें।
गंगाजल या दूध से शिवजी का अभिषेक करें।
भगवान शिव को चंदन, अक्षत, सफेद फूल, बेलपत्र, भांग की पत्तियां, शमी के पत्ते, धतूरा, भस्म और फूलों की माला अर्पित करें।

इसके बाद शिव जी को शहद, फल, मिठाई, शक्कर, धूप-दीप अर्पित करें।
इसके बाद शिव चालीसा और सोमवार व्रत कथा का पाठ करें।
आखिर में शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और शिव जी की आरती करें।

तीन प्रतिशत लोग हेपेटाइटिस के शिकार, दूषित खानपान मुख्य वजह

Three percent people are victims of hepatitis, contaminated food is the main reason

 

हेपेटाइटिस (लिवर में सूजन) को लेकर लोगों में जागरूकता नजर नहीं आ रही है। इसके कारण इसकी चपेट में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। शहर में तीन प्रतिशत लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जो कि चिंताजनक है। इसका मुख्य कारण दूषित पानी और जंक फूड माना जा रहा है।

मरीजों की संख्या बढ़ने का एक कारण कोरोना भी माना जा रहा है, क्योंकि दो साल तक इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग ही नहीं की गई है। इसके कारण मरीजों की संख्या और उन्हें समय पर उपचार ही नहीं मिल पाया था। वहीं हेपेटाइटिस का टीका भी सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। इसके कारण कई लोग इसको लगवाने से अभी भी वंचित रह गए हैं। इससे बचाव के लिए नियमित खाने में सावधानियां और पानी को हमेशा उबालकर पीना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आकड़े के मुताबिक, अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक करीब 400 मरीज हेपेटाइटिस के मिले हैं। नोडल अधिकारी डा. अजय गुप्ता के मुताबिक, 100 लोगों की स्क्रीनिंग में से तीन पाजिटिव आते हैं। हम लगातार हेपेटाइटिस रोकथाम के लिए जगह-जगह शिविर आयोजित भी करते हैं, ताकि हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों को लिवर कैंसर न हो और वह प्रारंभिक अवस्था में पकड़ में आ जाए।

हम सभी मरीजों का डाटा आनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड करते है। हर छह माह में उन्हें जांच के लिए वापस बुलाते हैं। हेपेटाइटिस की जांच निजी अस्पतालों में करीब पांच हजार रुपये तक होती है, जिसे पीसी सेठी अस्पताल में निश्शुल्क करते हैं।

लिवर कैंसर का कारण हेपेटाइटिस बी और सी

विशेषज्ञों के मुताबिक वायरल हेपेटाइटिस वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, जिससे प्रति वर्ष 1.34 मिलियन मौतें होती हैं। हेपेटाइटिस बी वायरस और हेपेटाइटिस सी लिवर कैंसर के 80% मामलों का कारण बनते हैं। यह जागरूकता नहीं होने के कारण प्रभावित कर सकता है। वर्तमान में हेपेटाइटिस बी से पीड़ित 90% और हेपेटाइटिस सी से पीड़ित 80% लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पता नहीं होता है। इसके परिणामस्वरूप उनके जीवन में किसी समय घातक यकृत रोग विकसित होने और कुछ मामलों में, अनजाने में दूसरों तक संक्रमण फैलने की वास्तविक संभावना हो सकती है।

ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस बी और सी

– दूसरे द्वारा प्रयोग किया हुआ सीरिंज उपयोग करना।
– असुरक्षित यौन संबंध दोनों विषम लैंगिक और समलैंगिक।
– संक्रमित रक्त और रक्त उत्पादों का ट्रांसफ्यूशन और डायलिसिस आदि।
– दूसरों के उपयोग में लाए गए रेजर, ब्लेड, नेल कटर, टूथ ब्रश का उपयोग करना।
– टैटू, नाक, कान और शारीरिक छेदी के लिए संक्रमित सूई और स्याही का उपयोग।
ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस ए और ई
– समय-समय पर हाथ न धोने के कारण।
– स्वच्छ भोजन और पानी न होने के कारण।

नवजात को जन्म के 24 घंटे के अंदर लगवाएं टीका

विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से संक्रमित गर्भवती से जन्मे शिशु को भी यह रोग हो सकता है। इसलिए गर्भवतियों को सावाधानियां रखना जरूरी है। गर्भवतियों को जांच करवाना चाहिए। हेपेटाइटिस बी पाजिटिव गर्भवती से जन्मे नवजात को 24 घंटे के अंदर टीका लगवाना चाहिए।

विधानसभा चुनाव में भाजपा पिछली बार की तरह इस बार कोई कौताही नहीं बरतेगी- कैलाश विजयवर्गीय

Like the last time, this time BJP will not hesitate in the assembly elections - Kailash Vijayvargiya

 

इंदौर | भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में चौथी बार शामिल होने के बाद प्रदेश के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उनका सम्मान सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार चुनावों में वह पिछली बार की तरह किसी भी तरह की कौताही नहीं बरतेगी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को घोषित अपनी नई सूची में कैलाश विजयवर्गीय को महासचिव पद पर बरकरार रखा है। उनके अलावा प्रदेश के तीन नेताओं को भी जगह मिली है। इस बारे में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा सम्मान यहां के प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान है, क्योंकि मैं कार्यकर्ताओं का नेता हूं। पार्टी ने मुझे जो भी जिम्मेदारी दी है, मैं उसे पूरी तरह निभाने का प्रयास करता हूं।

आगामी विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान हम अतिआत्मविश्वास में आ गए थे। हम सोच रहे थे कि जनता हमारे अच्छे कामों को ध्यान में रखते हुए हमें ही फिर से मौका देगी। इसलिए हमने अपने प्रयास थोड़े कम कर दिए थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। हम अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान संभालेंगे। हम जनता के बीच अपने कामों को बता रहे हैं।

विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे लोगों को साथ लेकर चल रही है, जो भारत विरोधी नारे लगाते हैं और भारत के टुकड़े करना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी ऐसे ही लोगों को आगे बढ़ा रही है। उनका इशारा कन्हैया यादव की ओर रहा, जो 30 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के साथ शहर में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस बोगस सर्वे दिखाकर प्रदेश का माहौल खराब कर रही है। कल गृहमंत्री अमित शाह की होने वाली सभा के बाद सभी कुछ बदल जाएगा। संभाग के नौ जिलों के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे।

मर्यादा में बंधे पुलिस कर्मी मांग-पत्र भी नहीं देते, उनकी तकलीफें देखकर बढ़ाईं सुविधाएं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Police personnel bound by dignity do not even give demand letter, facilities increased after seeing their problems: Chief Minister Shivraj Singh

मर्यादा में बंधे पुलिस  कर्मी मांग-पत्र भी नहीं देते, उनकी तकलीफें देखकर बढ़ाईं सुविधाएं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

भोपाल, 29 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि अनुशासन के दायरे में रहने और मर्यादा में बंधे रहने के कारण पुलिसPolice personnel bound by dignity do not even give demand letter, facilities increased after seeing their problems: Chief Minister Shivraj Singh
कर्मी अपनी समस्याओं से अवगत नहीं करवाते, न ही कोई मांग-पत्र आदि देते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री जी की शहडोल यात्रा के समय उन्होंने मैदानी पुलिस बल के सदस्यों से चर्चा में उनकी समस्याएं पूछीं तो वे मौन रहे, लेकिन फील्ड में पुलिसकर्मियों की समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में पुलिस जवानों की सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की प्रमुख घोषणाएं

1. सभी पुलिस थानों में पदस्थ आरक्षक से उप-निरीक्षक स्तर तक के ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को जिनके पास शासकीय वाहन नहीं है, उन्हें 15 लीटर पेट्रोल-भत्ता प्रतिमाह दिया जायेगा।

2. पुलिसकर्मियों का पौष्टिक आहार भत्ता एक हजार रूपए प्रतिमाह किया जायेगा।

3. आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक का वर्दी भत्ता प्रतिवर्ष 5 हजार रूपए किया जायेगा।

4. राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को पंचम वेतनमान दिया जायेगा।

5. नि:शुल्क भोजन भत्ते की दर 100 रूपए प्रतिदिन की जायेगी।

6. 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुलिसकर्मियों का नि:शुल्क मेडिकल चेकअप किया जायेगा।

7. सभी पुलिसकर्मियों के लिए रोटेशन से साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जायेगा।

8. पुलिसकर्मियों के लिए 25 हजार नये आवास बनाये जायेंगे।

9. विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के जवानों के लिए एक हजार रुपये भत्ता राशि स्वीकृत होगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में उनसे मिलने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों सहित पुलिस बल के मैदानी अमले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा प्रदेश के पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के हित में की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं के लिए पुलिस-बल ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर उनका आभार व्यक्त किया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पुलिस-बल के कल्याण की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस निरीक्षक, कंपनी कंमाडर, उप निरीक्षक और आरक्षकों ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का आभार व्यक्त किया। पुलिस कमिश्नर श्री हरि नारायणचारी मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित निरीक्षक, उप निरीक्षक, आरक्षक उपस्थित थे।

 

बच्चों को बनाया अतिथि

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पुलिसकर्मियों के दो बच्चों को भी मंच पर बिठाया और उन्हें प्यार-दुलार किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पुलिस कर्मियों के कक्षा पांचवी में पढ़ने वाले दो बच्चों अव्यान शुक्ला और युवान ठाकुर को मंच पर अतिथियों की तरह साथ बिठाया। दोनों बच्चे काफी देर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से बातें करते रहे।

परिवार के भाव से कर रहे सरकार का संचालन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि “आपकी प्रसन्नता देखकर मैं भी प्रसन्न हूं। एक परिवार के भाव से सरकार का संचालन करने में मेरा विश्वास है।” मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के परिवार का हिस्सा पुलिस परिवार है। मेरी कोशिश है कि फील्ड की दिक्कतें समझूं। ये फैसले सिर्फ पुलिसकर्मियों के हित में ही नहीं बल्कि प्रदेश के हित में हैं। अच्छी सुविधाएं प्राप्त कर पुलिसकर्मी अधिक निष्ठा से सेवाएं देंगे। मध्यप्रदेश को पुलिसिंग में भी सर्वश्रेष्ठ बनाएंगे। पुलिस बल से संवाद का यह क्रम आगे भी चलेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बढ़ाया मनोबल

डीसीपी भोपाल विनीत कपूर ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा की घोषणाएं पुलिस कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी हैं। पोषण-आहार, वर्दी-भत्ता, पेट्रोल-भत्ता जैसे लाभ पूर्व में नहीं मिले। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पुलिस बल से रूबरू होकर उनकी तकलीफों के बारे में चर्चा करते हैं। अनुशासन में रहने के कारण पुलिसकर्मी प्रायः अपनी समस्याएं नहीं बताते। लेकिन मुख्यमंत्री जी द्वारा पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने का यह महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस बल बेहतर सेवाएं दे पाएगा। एडिशनल डीसीपी संदीप दीक्षित ने कहा कि पांचवें वेतनमान सहित अन्य कल्याणकारी घोषणाएं पुलिस के हित में हैं। राज्य पुलिस सेवा की यह बहुप्रतिक्षित मांग थी। हम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

टी. आई. हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में पेट्रोल-भत्ता प्राप्त नहीं होता था। अब इसका प्रावधान किया गया है जो उपयोगी रहेगा। शहरी क्षेत्र में कॉलोनियों के विकास से कार्य-क्षेत्र में वृद्धि हुई है। पेट्रोल भत्ता मिल जाने से कार्य में आसानी होगी। मुख्यमंत्री जी ने यह महत्वपूर्ण सौगात दी है। इंस्पेक्टर आकांक्षा शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की घोषणाओं से पुलिस परिवार में प्रसन्नता का वातावरण है।

आरक्षक संजू शर्मा ने कहा कि पुलिस के इतिहास में यह दिन अहम है। अच्छी वर्दी पहनने का सभी को शौक होता है। हमें वीकली ऑफ भी प्राप्त होगा और 5 हजार रुपये वर्दी-भत्ता मिलने से आसानी होगी। इसके पहले वर्दी-भत्ता 24 सौ रुपये था। वरिष्ठ निरीक्षक एन.एस. चौहान ने कहा कि चिकित्सकीय परीक्षण सुविधा से मैदानी क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को अपना स्वास्थ्य ठीक रखने में आसानी होगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय है। एसएएफ के जवान दीपक रजक ने कहा कि कई बार विषम परिस्थितियों में ड्यूटी करनी होती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हमारी मनोदशा समझी और विशेष सशस्त्र बल का भत्ता एक हजार रुपये स्वीकृत किया। कंपनी कमांडर भोजराज पटेल ने कहा कि पौष्टिक आहार के लिए राशि बढ़ाई गई है। इस निर्णय से पुलिसकर्मी गौरवान्वित हैं। इस अवसर पर अनेक पुलिसकर्मियों के परिजन भी आभार-प्रदर्शन के लिए पहुंचे और सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

ठेकेदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने जताई हत्‍या की आशंका

Contractor's death under suspicious circumstances, relatives expressed fear of murder

 

भोपाल। शहर के ऐशबाग थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर के फर्श पर पड़ा मिला। गले में रस्सी का फंदा कसा हुआ था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। वह प्लास्टर आफ पेरिस (पीओपी) का काम ठेके पर लेता था।

ऐशबाग थाना पुलिस के मुताबिक मूलत दमोह का रहने वाला 40 वर्षीय पर्वत सिंह पुत्र नारायण सिंह लोधी पुष्पा नगर में राजू साहू के मकान में किराए से रहता था। साथ में पत्नी और बच्चे भी रहते थे। पर्वत सिंह पीओपी का काम ठेके पर लेता था। शुक्रवार सुबह उसकी पत्नी बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थी। करीब साढ़े आठ बजे पत्नी वापस लौटी तो पति को कमरे के फर्श पर बेसुध पड़े देखा। उसके गले में रस्सी का फंदा कसा हुआ था। यह देख पत्‍नी ने शोर मचाया तो पड़ोस में रहने वाला पर्वत सिंह का भतीजा विक्रमसिंह व अन्य लोग मौके पर पहुंचे और उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल ले गए। वहां चेक करने के बाद डाक्टर ने पर्वत सिंह को मृत घोषित कर दिया।

विक्रम सिंह ने अपनी चाचा की मौत की सूक्ष्मता से जांच करने की मांग की है। उसका कहना है कि चाचा के गले में दो फीट का रस्सी का टुकड़ा कसा हुआ था। यदि फांसी लगाने के दौरान रस्सी टूटती तो उसका सिरा छत के कुंदे में बंधा मिलना था। उधर पुलिस का कहना है कि घटना स्थल की वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने जांच की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण भी स्पष्ट हो जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पीपल, जामुन और गुलमोहर के पौधे रोपे

Chief Minister Shivraj Singh planted saplings of Peepal, Jamun and Gulmohar

भोपाल, 29 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्मार्ट उद्यान में पीपल, जामुन और गुलमोहर के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ अपने जन्म-दिवस पर 5 वर्ष के प्रक्षित व्यास, अनीता व्यास, उमाकांत व्यास, अंकित व्यास, वर्षा व्यास ने पौध-रोपण किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश वाधवानी ने अपनी जन्म वर्षगांठ पर पौधा लगाया। पार्षद एवं एमआईसी सदस्य राजेश हिंगोरानी के साथ ही वासुदेव वाधवानी, हेमा वाधवानी, प्रवीण प्रेमचंदानी, कमल प्रेमचंदानी ने भी पौधे लगाए। अन्य समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा हैं डॉक्टर : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Doctors are the soul of medical system: Chief Minister Shivraj Singh

भोपाल, 28 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि डॉक्टर, चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा हैं। अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों जैसी चिकित्सा अधो-संरचना का संचालन चिकित्सकों से ही संभव है। उनकी उपस्थिति और सक्रियता से ही कोई स्थान निरोगधाम बन जाता है। डॉक्टर का कार्य का एक मिशन के समान है। वे मरीज का दर्द दूर करने में अपने दिन-रात खपा देते हैं। उनके द्वारा किये गये अथक परिश्रम से ही वे भगवान के समान दर्जा पाते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में मेडिकल कॉलेज सतना के नव-नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान कर संवाद कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा मोहम्मद सुलेमान तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 35 नव नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों कोDoctors are the soul of medical system: Chief Minister Shivraj Singh  नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

नव नियुक्त चिकित्सा शिक्षक, लोगों को स्वस्थ भी करेंगें और शिक्षा देने का कार्य भी करेंगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति में निरोगी काया को उत्तम सुख माना गया है। लोग स्वस्थ्य रहें, इसमें चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नव नियुक्त चिकित्सा शिक्षक, लोगों को स्वस्थ भी करेंगे और शिक्षा देने का कार्य भी करेंगे। आप सब प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिये दायित्व ग्रहण करने से पहले आपको संवाद के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा संस्थानों का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्ष 1965 के बाद प्रदेश में मेडिकल कॉलेज वर्ष 2006 में सागर में आरंभ किया गया। प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है। प्रदेश में चिकित्सा अधो-संरचना के विस्तार के साथ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। दवाओं और उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। शासकीय चिकित्सा व्यवस्था लगातार उन्नत हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमने तय किया है कि प्रदेश में मेडिकल की पढा़ई में भाषा को बाधा नहीं बनने देंगे, जो विद्यार्थी हिन्दी माध्यम से मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, वे हिन्दी में अध्ययन कर सकते हैं।

चिकित्सा शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में प्रदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब पदभार ग्रहण किया था, तब प्रदेश में केवल 5 चिकित्सा महाविद्यालय थे, जो अब बढ़ कर 14 हो गए हैं। प्रदेश में 12 प्रायवेट मेडिकल कॉलेज हैं और लगभग 10 मेडिकल कॉलेज प्रक्रिया में है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने नव नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

संवेदना मानव की मौलिक प्रकृति- राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Compassion is the fundamental nature of human - Governor Mangubhai Patel

 

भोपाल, 28 जुलाई| राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि कमजोर के प्रति संवेदना और सहयोग मानव की मौलिक प्रकृति है। वसुधैव कुटुम्बकम् विश्व को एक परिवार मानना और सबको साथ लेकर चलना भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता है। शोषण और अत्याचार मानवीय विकृतियां है, जिन पर नियंत्रण की प्रेरणा और प्रोत्साहन देना, सभ्य समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि विमुक्त जनजातियों की महिलाओं की छोटी-छोटी चुनौतियों को समझकर समाधान के निर्णायक प्रयासों के लिए समाज को आगे आना होगा। वंचित वर्ग के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव के लिए भी कार्य किया जाना चाहिए।Compassion is the fundamental nature of human - Governor Mangubhai Patel

राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा रेस लैब के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय “विमुक्त जनजाति महिलाओं की चुनौतियाँ” था। कार्यक्रम के प्रारम्भ में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि परिवार की जिम्मेदारियों का केन्द्र महिलाएं होती है। महिलाओं की पारिवारिक, सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ कर, उनके समाधान के प्रयास जरुरी हैं। उन्होंने जनजाति कल्याण कार्य के सभी हितधारकों से कहा कि समुदाय के बीच जाएं, चुनौतियों को समझें और अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाधान के प्रयास करें। छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव के प्रेरक बनेंगे। उन्होंने जेल के बंदियों से हुई चर्चा के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वंचित समाज के सदस्य जो राहत, बचाव के प्रावधानों से अनजान, असमर्थ है, अत्यंत मामूली अपराधों में उन्हें निरुद्ध करने की दृष्टि और दृष्टिकोण पर चिंतन किया जाना चाहिए। उन्होंने एक विद्यार्थी द्वारा फीस के अभाव में आत्महत्या की घटना का उल्लेख किया और पूछा कि क्या सभ्य समाज में ऐसी घटना होनी चाहिए।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शिक्षित समुदाय से आहवान किया कि वह वंचितो की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग के लिए आगे आए। समाज के दृष्टिकोण परिवर्तन में सहयोगी हो। स्वयंसेवी सस्थाओं से कहा कि योजनाओं के लाभ समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचायें। क्रियान्वयन की दृष्टि और दिशा में संवेदनशीलता, सहृदयता का होना जरुरी है। इसके लिए समुदाय के साथ जीवंत संवाद और सम्पर्क बनाएं। शिक्षा, प्रगति की मौलिक आवश्यकता है। शिक्षा के प्रसार के साथ ही ड्राप-आऊट की चुनौतियों के समाधान के कारगर प्रयास करें। सभी व्यक्तियों को सम्मानपूर्ण जीवन समाज में मिले, संगोष्ठी इस दिशा में चिंतन करे। आवश्यक चुनौतियों और समाधान के सुझावों को संकलित करना, संगोष्ठी की सफलता होगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि विमुक्त जनजाति समुदाय विशेष कर महिलाएं उनके प्रति पक्षपाती सामाजिक सोच, जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की पहुँच में अंतराल, स्थाई निवास आदि की चुनौतियों का सामना कर रही है। भोपाल की कार्यशाला पहली है, जिससे सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव और विकास के लिए आयोग ने वैचारिक स्तर पर शोध और अनुसंधान की पहल की है। उन्होंने कहा कि समुदाय के विकास के लिए भावी पीढ़ी को शिक्षा और कौशल के साथ बड़ा करने के प्रयास जरुरी हैं।

राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य राजीव टंडन ने कहा कि विमुक्त जनजाति की महिलाओं की प्रमुख चुनौती समाज और विकास एजेंसियों का दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए प्रेरक का आग्रह और हितग्राही की ग्राह्यता महत्वपूर्ण कारक होते हैं। दोनों के रवैये में परिवर्तन के प्रयास आवश्यक हैं।

अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने कहा कि समुदाय की महिलाओं की चुनौतियों का समाधान, सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन है। कौशल विकास के साथ रोजगार और स्व-रोजगार उपलब्ध कराने के कार्य किए गए हैं। स्व-रोजगार के लिए 25 प्रतिशत अनुदान पर बैंकों से ऋण और 6 से 8 प्रतिशत के ब्याज राहत के साथ पूँजी की उपलब्धता कराई जा रही है।

स्वागत उद्बोधन रेस लैब के निदेशक डॉ. वीरेन्द्र मिश्रा ने दिया। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी की चर्चा का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री मालविका ने आभार माना।

मणिपुर यौन उत्पीड़न मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं

No hearing in Manipur sexual assault case on Friday

दिल्ली, 28 जुलाई| उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के शुक्रवार को उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होने वाली मणिपुर यौन हिंसा समेत अन्य मामलों की सुनवाई टाल दी गई। शीर्ष अदालत की ओर से एक बयान जारी कर यह जानकारी दी गई। केंद्र सरकार ने मणिपुर में जारी हिंसा के मामले में गुरुवार को अपना जवाब दाखिल किया था। शुक्रवार को उससे संबंधित मामले में सुनवाई होनी थी। केंद्र ने मणिपुर में दो महिलाओं के यौन उत्पीड़न और हिंसा घटनाओं को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने के फैसले से गुरुवार को उच्चतम न्यायालय को अवगत कराते हुए इस मामले की सुनवाई राज्य से बाहर छह महीने के भीतर करने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने शीर्ष अदालत के समक्ष तय सुनवाई से एक दिन पहले गुरुवार को दायर एक हलफनामे यह भी कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सामने आने के बाद लगातार मामले की निगरानी की जा रही है। केंद्र सरकार ने अदालत के समक्ष कहा है कि उसका दृष्टिकोण महिलाओं के खिलाफ किसी भी स्तर के अपराध को बर्दाश्त नहीं करने की रही है। वह वर्तमान घटना को भी बहुत जघन्य मानती है। वह मानती है कि इस मामले को न केवल गंभीरता से लिया जाना चाहिए बल्कि समय पर तरीके से न्याय भी होना चाहिए, ताकि इसका असर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के संबंध में पूरे देश में निवारक प्रभाव पड़े।

केंद्र सरकार ने इन दलीलों के साथ शीर्ष अदालत से मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर स्थानांतरित करने करने की गुहार लगाते हुए कहा कि आरोप पत्र दाखिल होने के छह महीने के भीतर समयबद्ध तरीके से सुनवाई पूरी की जानी चाहिए। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह उससे अनुरोध करती है कि विचाराधीन अपराध के मुकदमे सहित पूरे मामले को मणिपुर है से बाहर किसी भी राज्य में स्थानांतरित करने का आदेश दे। मणिपुर की महिलाओं से जुड़ी भयावह घटना का वायरल वीडियो सामने आने के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले हफ्ते अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से कहा था कि यह अदालत ‘बेहद से परेशान’ है। इसने केंद्र और मणिपुर सरकार से यह भी कहा था कि या तो अपराधियों को पकड़ें अन्यथा न्यायपालिका कार्रवाई करेगी।

भल्ला ने लिखित जवाब में कहा है कि मणिपुर सरकार ने 26 जुलाई 2023 को सचिव, डीओपीएंडटी को मामले को आगे की जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है, जिसे गृह मंत्रालय ने 27 जुलाई के पत्र के माध्यम से सचिव, डीओपीएंडटी को विधिवत सिफारिश की है। इस प्रकार जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि उपचारात्मक उपायों के रूप में राज्य सरकार ने 18 मई और 5 जुलाई 2023 को अपने आदेश के माध्यम से विभिन्न राहत शिविरों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मदद के लिए जिला मनोवैज्ञानिक सहायता टीमों का गठन किया है। हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस अधीक्षक रैंक का एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की सीधी निगरानी में आपराधिक मामलों की जांचों की निगरानी की जाएगी। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि आपराधिक घटनाओं की रिपोर्ट करने और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जानकारी प्रदान करने के लिए उचित इनाम भी दिया जाएगा। आपराधिक मामलों की रोकथाम और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वह (मौजूदा कंपनियों के अलावा) 3 मई 2023 से सीएपीएफएस की अतिरिक्त कंपनियां प्रदान कर रहा है। केंद्र ने अदालत को बताया है कि “स्थानीय पुलिस के अलावा सीएपीएफएस की 124 अतिरिक्त कंपनियां और सेना/असम राइफल्स की 185 टुकड़ियां मणिपुर में तैनात हैं। सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता में सभी सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधित्व वाली एक एकीकृत कमान स्थापित की गई है। भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नागरिक प्रशासन के सहयोग से खुफिया जानकारी जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कार्रवाई की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि कर्फ्यू, अन्य कानूनों आदि का उल्लंघन करने के लिए 13,782 लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।

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