गोसेवा से प्रसन्न होते हैं शनिदेव, शनिवार को करें इन मंत्रों का जाप

Shani Dev is pleased with Goseva, chant these mantras on Saturday

 

भारतीय ज्योतिष में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनिदेव किसी भी जातक को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। यही कारण है कि शनिदेव के प्रकोप से सभी डरे हुए रहते हैं और शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हर उपाय करते हैं ।

मजबूत शनि देता है तरक्की

ज्योतिष के मुताबिक, यदि किसी जातक की कुंडली में शनि ग्रह मजबूत होते हैं तो व्यक्ति जीवन में बहुत ज्यादा तरक्की करता है, लेकिन शनि के कमजोर होने पर जातक के जीवन में कई समस्याएं आती है। ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को ये उपाय जरूर करना चाहिए।

शनिवार को पीपल के नीचे जलाएं दीपक

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करने के साथ ही सूर्योदय से पहले कड़वे तेल का दीपक जलाना करना चाहिए। इसके अलावा दूध व धूप आदि भी अर्पित कर सकते हैं।

काली गाय की सेवा करें

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को काली गाय की सेवा जरूर करना चाहिए। ज्योतिष के मुताबिक, शनिवार को काली गाय के शीश पर रोली और सींगों में कलावा बांधकर धूप-आरती करनी चाहिए। गाय को बूंदी के लड्डू खिलाने से भी शनि दोष दूर होता है।

मछलियों को खिलाएं काले चने

शुक्रवार की रात में ही काले चने भिगो दें और उन्हें शनिवार को मछलियों को खिलाना चाहिए। ऐसा करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। हर शनिवार को ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप शांत होता है।

शनिवार को इस मंत्र का करें जाप

ओं ह्रां ह्रीं क्लीं श्रीं द्रूं द्रं द्रं हुं फट्। रक्ष रक्ष कालिके कुंडलिके निगुटे।

गठिया रोग से बचाव के लिए भरपूर मात्रा में पीएं पानी

Drink plenty of water to prevent arthritis

गठिया एक जीर्ण रोग है जिसे क्रानिक डिसीज भी कहते हैं। गठिया के रोगी को बहुत अधिक शारीरिक दर्द का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण व्यक्ति अधीर, उत्तेजित व नकारात्मक विचारों से ग्रसित हो जाता है व स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है।Drink plenty of water to prevent arthritis

प्राकृतिक चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ वृंदा खांडवे के अनुसार, गठिया का रोग जब शरीर में बढ़ने लगता है तो सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द होने के साथ ही कब्ज की शिकायत रहने लगती है। गठिया में जोड़ों में दर्द होता है लेकिन यह दर्द अधिकतर पैर के अंगूठे से आरंभ होता है और फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर के जोड़ों में फैलता जाता है। जोड़ों में जहां-जहां दर्द होता है वहां हल्की सी गर्माहट होती है और उस जगह पर हल्का लालपन दिखाई देने लगता है।

इससे बचाव के लिए पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए, हमें ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न हो। वहीं ठंडी जगहों पर जाने के साथ ही ठंडी चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए। खानपान में विशेषकर अत्याधिक नमकीन, तला, बासी, मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए। ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद, छिलके वाली मूंग की दाल, मोटा अनाज, लाल रंग के फल, अपने आहार में नियमित शामिल करें।

इसके साथ ही व्यायाम नियमित करें, लेकिन ध्यान रखें कि व्यायाम करते समय जोड़ों या शरीर में किसी भी संधि स्थान पर अत्यधिक दबाव ना आए। अपने शरीर का पोश्चर हमेशा सही रखें, कुर्सी, टेबल पर काम करते समय या किसी भी तरह उठते-बैठते, चलते-फिरते, सोते समय अपना पोश्चर सही रखें।

एशिया के सबसे बड़ा साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ में 13 देशों से आएंगे 575 साहित्यकार

575 litterateurs from 13 countries will come in Asia's biggest literary festival 'Unmesh'

 

भोपाल। एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ का आयोजन तीन से छह अगस्त तक शहर के रवीन्द्र भवन में होगा। साहित्य अकादमी और संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के संयुक्त आयोजन का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। इसमें दिन में साहित्य से जुड़ी गतिविधियां होंगी तो शाम के सत्र में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। देशभर के राज्यों से 36 जनजातीय दल बुलाए गए हैं। हर दिन 12-12 दल लोक नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। 75 से अधिक कार्यक्रमों में 100 भाषाओं के 575 से अधिक लेखक सहभागिता करेंगे। 13 अन्य देशों के लेखक भी शामिल होंगे। उन्मेष का यह दूसरा संस्करण है। पहला आयोजन शिमला में पिछले साल हुआ था।

काव्यशास्त्र-भक्ति साहित्य जैसी गतिविधियां भी हाेंगी

इस अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के साथ ही संगीत नाटक अकादमी उत्कर्ष शीर्षक से लोक एवं जनजातीय प्रदर्शन कलाओं का राष्ट्रीय उत्सव भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें कविता-कहानी पाठ के अलावा, भारतीय काव्यशास्त्र, भारतीय भक्ति साहित्य, सागर साहित्य, भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय नाटकों में अलगाव का सिद्धांत, विविधता में एकता, भारत की सौम्य शक्ति, सिनेमा और साहित्य, विदेशी भाषाओं में भारतीय साहित्य का प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों का साहित्य, साहित्य एवं प्रकृति, मशीनों का उदय, लेखकविहीन साहित्य, रचनात्मकता बढ़ाने वाली शिक्षा जैसी गतिविधियां होंगी। साथ ही अनुवाद, प्रगति का संचालक और आलोचनात्मक विचार, योग साहित्य, मातृभाषाओं का महत्त्व, फंतासी और विज्ञान कथा साहित्य, ई-साहित्य, नारीवाद और साहित्य, आदिवासी लेखन और हाशिये का स्वर उत्पीड़ितों का उत्थान जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा भी होगी।

समारोह में ये हस्तियां लेंगी हिस्सा

समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन, तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन, फिजी के राजदूत कमलेश शशि प्रकाश, एसएल भैरप्पा, शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, वी कामकोटि, चंद्रशेखर कंबार, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, गौतम घोष, संजय राय, जयंत महापात्र, आस्कर पुयोल, तुलसी दिवस, एमए आलवार, सुरेश गोयल, गिरीश्वर मिश्र, चित्रा दिवाकारुणी, विष्णु दत्त राकेश, रमेश पोखरियाल निशंक, लिंडा हेस, मामि यामदा, अमीश त्रिपाठी, सोनल मानसिंह, चित्रा मुद्गल, रघुवीर चौधरी, विनय सहस्रबुद्धे, ममता कालिया, महेश दत्तानी, वामन केंद्रे, प्रयाग शुक्ल, सुरजीत पातर, नवतेज सरना, विश्वास पाटिल, नमिता गोखले, महेंद्र कुमार मिश्र, शीन काफ़ निज़ाम, वासमल्ली के. अरुण कमल, गोविंद मिश्र, लीलाधर जगूड़ी और उषा किरण खान आदि शामिल होंगी।

लाडली बहना के पंजीयन में रोड़ा बन रहा सर्वर, 23 से 60 उम्र में बिना ट्रैक्टर पंजीयन नहीं

Server is becoming a hindrance in the registration of Ladli Bahna, without tractor registration in the age of 23 to 60

 

लाड़ली बहना योजना में दोबारा रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद अब सर्वर फिर परेशानी बन रहा है। 21 से 23 साल की उम्र वाली महिलाओं में इसको लेकर उत्साह है, लेकिन पंजीयन की संख्या सर्वर के कारण ज्यादा नहीं हो पा रही है। वहीं जो महिलाएं पहले पंजीयन नहीं करा सकीं उन्हें 23 से 60 साल की उम्र कैटेगरी में सिर्फ उन्हें लाभ मिलेगा जिनके नाम पर या परिवार में किसी के पास ट्रैक्टर है।

इस ट्रैक्टर का वैरीफिकेशन आरटीओ के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन आवेदक को दौड़भाग नहीं करना होगी। जिले में नए पंजीयन अभी तक 1174 हो चुके हैं और इनमें 50 ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें घर में ट्रैक्टर होने के कारण पंजीयन का मौका मिला। जिले में दो किश्तें पाने वाली महिलाओं की संख्या तीन लाख तीन हजार से ज्यादा है और 3500 ऐसी हैं जिनके केस फेल हो गए। यहां यह बता दें कि 25 जुलाई से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के पंजीयन प्रदेश में दोबारा शुरू किए गए हैं।

जुलाई से आवेदन

पहले 23 से 60 साल की महिलाओं को लाभ मिल रहा था अब उम्र को 21 साल तक कर दिया है। पहले लेकिन जो 23 से 60 साल की उम्र में पंजीयन नहीं करा सकीं अब उन्हें मौका नहीं मिलेगा, अगर उनके यहां परिवार में ट्रैक्टर है तभी पंजीयन हो सकेगा। नए रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद से महिला एवं बाल विकास विभाग के पास पूछताछ के लिए महिलाओं का आना शुरू हो गया है।

फार्म भरने के लिए ये महिलाएं है पात्र

– 23 से 60 वर्ष की वही महिलाएं फार्म भरने के लिए पात्र हैं जिनके परिवार में ट्रैक्टर है, चाहे वह ट्रैक्टर उनके देवर या जेठ पर ही क्यों न हो। जिनके घर में ट्रैक्टर नहीं हैं वह महिलाएं फार्म भरने के लिए पात्र नहीं हैं।

– 21 से 23 वर्ष की विवाहित महिलाएं भी पात्र हैं।

– महिला का मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है।

21 से 23 साल
20 हजार को मिल सकता है लाभ ग्वालियर जिले में 21 से 23 साल की उम्र श्रेणी में लगभग 20 हजार महिलाओं को लाभ मिल सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ऐसा कोई अधिकृत आंकड़ा जारी नहीं किया गया। यह अनुमानित आंकड़ा विभाग की ओर से लिया गया है। नए रजिस्ट्रेशन के लिए सर्वर की परेशानी स्थिर बनी हुई है, इसी कारण रफ्तार धीमी है।

कॉमिक अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया जॉनी वाकर ने

Johnny Walker mesmerized the audience with his comic act

 

पुण्यतिथि 29 जुलाई के अवसर पर

मुंबई, 28 जुलाई| बॉलीवुड में अपने लाजवाब कॉमिक अभिनय से दर्शकों के दिलों में गुदगुदी पैदा करने वाले जॉनी वॉकर को बतौर अभिनेता अपने सपनों को साकार करने के लिये बस कंडक्टर की नौकरी भी करनी पड़ी थी। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर मे एक मध्यम वर्गीय मुस्लिम परिवार मे जन्में बदरूदीन जमालुदीन काजी उर्फ जॉनी वाकर बचपन के दिनों से ही अभिनेता बनने का ख्वाब देखा करते थे। वर्ष 1942 में उनका पूरा परिवार मुंबई आ गया। मुंबई में उनके पिता के एक जानने वाले पुलिस इंस्पेकटर थे जिनकी सिफारिश पर जॉनी वाकर को बस कंडकटर की नौकरी मिल गयी। इस नौकरी को पाकर जॉनी वाकर काफी खुश हो गये क्योंकि उन्हे मुफ्त में ही पूरी मुंबई घूमने का मौका मिल जाया करता था। इसके साथ ही उन्हें मुंबई के स्टूडियो में भी जाने का मौका मिल जाया करता था।

जॉनी वाकर का बस कंडक्टरी करने का अंदाज काफी निराला था। वह अपने विशेष अंदाज मे आवाज लगाते माहिम वाले पैसेन्जर उतरने को रेडी हो जाओ लेडिज लोग पहले। इसी दौरान जॉनी वाकर की मुलाकात फिल्म जगत के मशहूर खलनायक एन.ए.अंसारी और के आसिफ के सचिव रफीक से हुयी। लगभग सात आठ महीने के संघर्ष के बाद जॉनी वाकर को फिल्म अखिरी पैमाने में एक छोटा सा रोल मिला। इस फिल्म में उन्हें पारिश्रमिक के तौर पर 80 रुपये मिले जबकि बतौर बस कंडक्टर उन्हें पूरे महीने के मात्र 26 रुपये ही मिला करते थे। एक दिन उस बस में अभिनेता बलराज साहनी भी सफर कर रहे थे।वह जॉनी वाकर के हास्य व्यंग के अंदाज से काफी प्रभावित हुये और उन्होंने जॉनी वाकर को गुरुदत्त से मिलने की सलाह दी। गुरुदत्त उन दिनों बाजी नामक एक फिल्म बना रहे थे। गुरुदत्त ने जॉनी वाकर की प्रतिभा से खुश होकर अपनी फिल्म बाजी में काम करने का अवसर दिया।

30 जुलाई को जानापाव आएंगे केंद्रीय मंत्री अमित शाह, सुबह 9 से 1 बजे तक बंद रहेगा आवागमन

Union Minister Amit Shah will come to Janapav on July 30, traffic will be closed from 9 am to 1 am

महू। महू के जानापाव में 30 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आएंगे। उनके साथ में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी होंगे। इंदौर में कार्यक्रम से पहले वे हेलीकाप्टर से नेटरेक्स पहुंचेंगे। वहां से बाय रोड जानापाव जाएंगे। यहां पूजन कर वे इंदौर कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 जुलाई को भाेपाल पहुंचेंगे। इसके बाद 30 जुलाई को इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसे लेकर शुक्रवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए इंदौर ग्रामीण आइजी राकेश गुप्ता, डीआइजी चंद्रशेखर सोलंकी, एसपी ग्रामीण हितिका वासल और मानपुर टीआइ अमित कुमार सहित अन्य ने दौरा किया।

वर्षा के कारण जानापाव के पास नहीं बनेगा हेलीपैडUnion Minister Amit Shah will come to Janapav on July 30, traffic will be closed from 9 am to 1 am
ग्रामीण एसपी हितिका वासल ने बताया कि कार्यक्रम से पहले अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महू स्थित परशुराम जन्मस्थली जानापाव भी पहुंचेंगे। इसके कारण सुबह 9 बजे से 1 बजे तक जानापाव पर आवागमन बंद रहेगा। केंद्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री चौहान हेलीकाप्टर से नेटरेक्स पहुंचेंगे। इससे पहले जानापाव के आसपास ही हेलीपैड बनाने की योजना थी, लेकिन बारिश को देखते हुए स्थल बदला गया है। आगे भी बदवाल हो सकता है।

रविवार को जानापाव पर आवागमन रहेगा बंद
रविवार होने से जानापाव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। साथ ही इंदौर जिले सहित आसपास के जिलों से कावड़ यात्रा भी जानापाव के साढ़े सात नदियों के उद्गम स्थल से जल भरकर उज्जैन या ओंकारेश्वर की ओर जाते हैं और सोमवार को जल अर्पण करते हैं। इस बार रविवार को वीआइपी मूवमेंट के चलते ये सभी कार्य प्रभावित होंगे। सुबह 9 से 1 बजे तक जानापाव पर आवागमन बंद रहेगा। इससे कावड़ियों और श्रद्धालुओं को भी इंतजार करना होगा।

हेपेटाइटिस से बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता जरूरी : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Awareness about preventive measures against hepatitis is necessary: ​​Chief Minister Shivraj Singh

 

भोपाल, 28 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि हेपेटाइटिस बीमारी के कारणों और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता जरूरी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने “विश्व हेपेटाइटिस दिवस” पर सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि हेपेटाइटिस, संक्रामक रक्त, दूषित भोजन या पानी के कारण होने वाला जानलेवा रोग है। समय पर रोग की जाँच और उपचार से अमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेशवासियों से “विश्व हेपेटाइटिस दिवस” पर इस बीमारी के कारण और रोकथाम के उपायों के बारे में स्वयं के साथ दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लेने की अपील की है।

महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण देना जरूरी : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

To give equal status to women, it is necessary to give them a safe environment: Chief Minister Shivraj Singh

 

भोपाल, 28 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि आधी आबादी के साथ न्याय के बिना न देश आगे बढ़ सकता है न समाज। बहन बेटियों की झिझक टूटे, उनका आत्मविश्वास और सम्मान बड़े इसी उद्देश्य से पुलिस बल में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह जैसी योजनाएं और कार्यक्रम आरंभ किए गए। जब तक हम बहन-बेटी को समाज में बराबरी पर लाकर नहीं खड़ा कर देते, तब तक हम चैन की सांस नहीं लेंगे। इसमें महिला सुरक्षा सबसे अहम है। अपराधियों में भय पैदा करने महिला हेल्प डेस्क को वाहन उपलब्ध कराकर गतिशील बनाने और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने के लिए आरंभ किया गया “अभिमन्यु अभियान”, महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश के थानों में काम कर रही उर्जा महिला हेल्प डेस्क की महिला पुलिस कर्मियों को दोपहिया वाहन प्रदान करने के लिए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंहने 250 महिला पुलिस कर्मियों की स्कूटर रैली को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के प्रति पुरुषों को जागरूक करने तथा महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से संचालित अभिमन्यु अभियान की पुस्तिका “अभिमन्यु” का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बहन-बेटियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ेगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बेटा-बेटी में भेद और घरेलू हिंसा की विकृत सोच को बदलने की जरूरत है। पुलिस में 30% महिलाओं की भर्ती से पीड़ित महिलाओं को थानों में अपनी व्यथा बयान करने और उस पर कार्रवाई कराने में मदद मिली है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम क्रूर नहीं हैं, किंतु प्राय: यह देखा गया है कि बुरी प्रवृत्ति के लोग कड़ी कार्यवाही के बिना मानते नहीं है, अपराधियों में भय पैदा करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने महिला पुलिस कर्मियों का आव्हान किया कि वे आंतरिक देवत्व को जागृत कर दुर्जनों पर कार्यवाही करें और बहन बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोगी बने। इससे बहन-बेटियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ेगा और पुलिसकर्मियों की यश और कीर्ति का विस्तार होगा।

महिला सुरक्षा के लिए संचालित अभियानों को निरंतर चलाना जरूरी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान जैसे महिला सुरक्षा के लिए संचालित किए जाने वाले अभियानों को निरंतर चलाने की आवश्यकता है। अभिमन्यु अभियान महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने और बच्चों व युवाओं में संस्कार विकसित करने में सहायक होगा।

संकल्प को धरातल पर उतारना कहलाता है सिद्धि – गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि संकल्प को धरातल पर उतारना सिद्धि कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं के सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया है उसे लगातार वे धरातल पर उतारते जा रहे हैं। जब वे मुख्यमंत्री नहीं थे तब से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना तक महिलाओं के आत्मबल को बढ़ाने के लिये जो कार्यक्रम किये जा सकते हैं, वे सभी उन्होंने किये है। प्रदेश में महिलाओं को नौकरियों में आरक्षण के साथ पंचायती राज संस्थाओं में सहभागिता भी सुनिश्चित की है। बेटियों के मान सम्मान के साथ प्रदेश के वातावरण को उनके लिये सुरक्षित बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। जब बेटियों के हाथ में डंडा होता है, तो बाकी मौजूद बेटियाँ स्वयं को सुरक्षित समझती हैं, उनका आत्मबल भी बढ़ता है। महिला पुलिस की उपस्थिति में शक्ति मिलती है। मध्यप्रदेश में ही महिला अपराधों को नियंत्रित करने के लिये दुष्कर्मियों को फाँसी की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में “ऊर्जा महिला हैल्प डेस्क” की बेटियों को प्रदाय की गई स्कूटियाँ निश्चित ही महिला अपराध रोकथाम में सहायक होंगी।

To give equal status to women, it is necessary to give them a safe environment: Chief Minister Shivraj Singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पुलिस बैंड पर बज रही “मध्यप्रदेश पुलिस हैं हम”, “यह भारत देश है मेरा” और “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा” गानों की धुन पर 250 दोपहिया वाहनों की रैली को फ्लैग ऑफ किया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को स्मृति-चिन्ह भेंट किया तथा निर्भया फंड के माध्यम से महिला थानों में स्थापित हेल्प डेस्क की गतिविधियों की जानकारी दी।

पूर्व विधायक भगवत सिंह पटेल की अंत्येष्टि की तैयारी के दौरान मिले निशान, बेटी की आपत्ति के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Marks found during preparation for funeral of former MLA Bhagwat Singh Patel, sent for postmortem after daughter's objection

रायसेन| रायसेन जिले के उदयपुरा बरेली विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधायक भगवत सिंह पटेल (87) गुरुवार रात अपने निवास पर संदिग्ध हालत में मृत पाए गए। उनके शरीर पर गोली लगने जैसे निशान हैं, इस बात का खुलासा तब हुआ जब अंत्येष्टि की तैयारी के दौरान उनकी बेटी ने यह निशान देखे और आपत्ति जताई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया, और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया है।

बता दें, भगवत सिंह पटेल की 3 बेटियां है, जिनकी शादी हो चुकी है। वे अपने निवास पर 2 नौकरों साथ रहMarks found during preparation for funeral of former MLA Bhagwat Singh Patel, sent for postmortem after daughter's objection ते थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, सूत्रों की मानें तो उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी गायब है।

2 बार विधायक रह चुके

रायसेन जिले के उदयपुरा बरेली विधानसभा क्षेत्र से 1990 में भाजपा ने किसान नेता भगवत पटेल को मैदान में उतारा था। उनके सामने कांग्रेस से जसवंत सिंह थे। इन दोनों के बीच 3 चुनाव लड़े गए, जिसमें से 2 चुनाव भगवत पटेल ने जीते थे। वे किरार समाज के बड़े नेताओं में शुमार थे।

गोली लगने से नहीं हुई माैत: SP

रायसेन एसपी विकास कुमार शाहवाल ने बताया कि पूर्व विधायक भगवत पटेल की मौत गोली लगने से नहीं हुई है। वे अकेले रहते थे, और टॉयलेट में गिरे हैं, जिससे उनको यह चोट लगी है। बाकी की स्थिति पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट होगी। वे काफी बुजुर्ग भी थे।

आसान नहीं संविदाकर्मियों की राह, ये शर्त पूरी करने वाले कर्मचारी ही होंगे नियमित

The path of contract workers is not easy, only those who fulfill this condition will be regular

भोपाल। विधानसभा चुनाव से पूर्व शिवराज सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर विस्तृत नियम भी जारी कर दिए हैं। हालांकि संविदा कर्मियों को सीधे तौर पर नियमित नहीं किया जाएगा। लिहाज़ा उन्हे सरकार द्वारा तय कई पैमानों को पर खरा उतरना होगा। यानी उन्हे प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजरना होगा और निर्धारित अंक लाने होंगे। उसमें चयनित होने पर ही कर्मचारियों के नाम के आगे से सविंदा के बजाए नियमित कर्मचारी का टैग लगेगा। इस लेख में हम आपको बताते हैं आखिर वे कौन से नियम है, जिनसे संविदा कर्मियों को गुजरना होगा।

ऐसी होगी भर्ती प्रक्रिया
वर्तमान में जिस पद पर सविंदा कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्ही पदों पर उन्हे नियमित नहीं किया जाएगा। इसके बजाए उनका चयन विभिन्न विभागों में नियमित पदों पर होेने वाली सीधी भर्ती प्रक्रिया के जरिए होगा। इन भर्ती प्रक्रियाओं में संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाएंगे।

हालांकि, संविदाकर्मियों के लिए आरक्षित पद उन्ही के माध्यम से नहीं भर पाते हैं या वे भर्ती प्रक्रिया में खरे नहीं उतर पाते हैं तो वे पद अन्य उम्मीदवारों द्वारा भरे जाएंगे और इन पदों को कैरी फारवर्ड नहीं किया जाएगा।

इन कर्मचारियों को ही मिलेगा आरक्षण का लाभ
ऐसे संविदा कर्मचारी जो पांच साल तक संविदा के तहत नियुक्त रहे हैं, केवल उन्हे ही आरक्षण व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इसके लिए संविदा कर्मचारियों को पांच साल के अनुभव का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यह प्रमाण जिला अथवा राज्य स्तर के अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।

हालांकि कर्मचारी ने अगर एक पद के बजाए विभिन्न संविदा पदों पर कार्य किया और पांच साल की अवधि पूर्ण हो रही है तो वे भी इसके लिए पात्र होंगे।

ऐसे संविदाकर्मी जिन्हे पद से हटाया गया था और बाद में दोबारा पद पर रखा गया। अगर वे भी हटाने की अवधि को छोड़कर पांच साल का अनुभव रखते हैं तो उन्हे भी इसकी पात्रता होगी।

योग्यता और अनुभव भी अनिवार्य
संविदा कर्मी जिस नियमित पद के लिए आवेदन कर रहा है, उस पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को पूरा करना होगा। ऐसा न होने की स्थिति में वह आवेदन के लिए पात्र नहीं होगा।

बता दे कि मध्य प्रदेश में 32 विभागों में संविदा नियुक्ति की जाती है। आपको यह भी बताते हैं कि प्रदेश के किन विभागों में संविदा नियुक्ति के क्या नियम हैं और नियमित होने के बाद कर्मचारियों को किन सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।

क्या कहते हैं नियम
स्वास्थ्य विभाग
राष्टीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से साल 2021 में जारी संविदा मानव संसाधन मैनुअल के अनुसार विभाग में एक साल के लिए संविदा नियुक्ति दी जाती है। वार्षिक कार्य आधारित मूल्यांकन में योग्य पाए जाने पर संविदा नियुक्ति आगे भी बढ़ाई जा सकती है। संविदा नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 और अधिकतम आयु 62 वर्ष है।

इसके साथ ही नियमित सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक संविदा के तहत नियुक्त किया जाता है। जबकि चिकित्सकों को अधिकतम 67 वर्ष की आयु तक संविदा के तहत नियुक्ति की जाती है।

मध्य प्रदेश सिविल विभाग
मध्य प्रदेश सिविल सेवा विभाग में विभागीय विज्ञापनों, मुख्यमंत्री की अनुशंसा और अन्य माध्यमों से संविदा नियुक्ति दी जाती है। संविदा के लिए अधिकतम आयु वही होगी जो संबंधित पद के लिए विभागीय भर्ती में कहे गए हैं। विभाग में शुरुआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। जिसके बाद नियुक्ति सीमा बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अधिकतम पांच वर्षों के लिए संविदा पर नियुक्ति की जाती है। हालांकि विभाग में संविदा पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन और वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा।

नगर पालिका
मध्य प्रदेश की नगरपालिकाओं में शुरुआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। विभाग में शुरूआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। जिसके बाद नियुक्ति सीमा बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अधिकतम पांच वर्षों के लिए संविदा पर नियुक्ति की जाती है।

नियमित होने के बाद क्या होगी सुविधाएं
4 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान किया था। इस ऐलान के तहत कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह ही लाभ मिलेगा।

ये होगी सुविधाएं
– एक साल के अनुबंध प्रक्रिया समाप्त होगी

– समय-सीमा में मिलेगा नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ

– वेतन/मानदेय में पूर्व में निर्धारित 90 प्रतिशत के बजाए पूरी राशि प्रदान की जाएगी

– स्वास्थ्य बीमा योजना का भी मिलेगा लाभ

– अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी मिलेगा

– रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी की होगी व्यवस्था

– नियमित पदों पर भर्ती में 50 फीसदी पदों पर संविदा कर्मचारियों को आरक्षण मिलेगा

– नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश के साथ मातृत्व अवकाश भी मिलेगा

– नियमित कर्मचारियों की तरह आकस्मिक, अर्जित और ऐच्छिक अवकाश मिलेंगे

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नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

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भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
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POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...