‘दूधिया’ को नदी का पानी मिलाते कलेक्टर ने रंगे हाथ पकड़ा,समझाइश देकर छोड़ा

The collector caught red-handed mixing 'Dudhiya' with river water, released after giving an explanation

श्योपुर। दूध में पानी की मिलावट आम बात है,लेकिन कोई ऐसा करते रंगे हाथों पकड़ा जाए तो वहां दूध का दूध और पानी का पानी जैसी स्थिति बन जाती है। यह मिलावट भी ​यदि जिला कलेक्टर पकड़े तो दूध वाले भईयों में हड़कंप मचना स्वाभाविक है।

ऐसा ही एक वाक्या बुधवार को श्योपुर जिला मुख्यालय में हुआ। जब मार्निंग वाक पर निकले जिला कलेक्टर संजय झा ने ढेंगदा बस्ती में मोरडोंगरी नदी किनारे एक दूध विक्रेता को दूध के ढबरों में नदी का पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़ा। झा ने पहले गुपचुप उसकी तस्वीरें लीं और उन्हें वायरल भी किया। इसके बाद उन्होंने दूधिया नामक इस ​भईया को अपने पास बुलाकर उससे नदी का पानी मिलाने को लेकर पूछताछ की। The collector caught red-handed mixing 'Dudhiya' with river water, released after giving an explanation

दूधिया को जब यह पता चला कि पूछताछ करने वाला कोई और नहीं जिले का  प्रशासनिक मुखिया है तो जवाब में दूधिया का घिग्गी बंध गई..उसने तत्काल जिला कलेक्टर से क्षमा याचना की और भविष्य में मिलावट न करने की बात कही। इस पर झा ने भी सदाशयता का परिचय देते हुए दूधिया को भविष्य में मिलावट न करने की समझाइश दी।

बताया जाता है कि बारिश में नदी का पानी मटमैला व झागदार होने से दूध में पानी की मिलावट पकड़ नहीं आती। यही नहीं पानी ​की मिलावट के बाद भी दूध की फैट में अंतर नहीं आता है। दूधिया ने बताया कि कुछ अन्य विक्रेता भी इस ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आज की इस घटना के बाद शहर के सभी दूध वाले भईया सतर्क हो गए हैं।

एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ भोपाल में

Asia's biggest international literature festival 'Unmesh' in Bhopal

दिल्ली,26 जुलाई| राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अगस्त के प्रथम सप्ताह में मध्यप्रदेश के भोपाल में एशिया के सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ का उद्घाटन करेंगी। साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने आज यहां बताया कि ‘उन्मेष’का आयोजन भोपाल में तीन अगस्त से छह अगस्त तक किया जा रहा है। इस बारे इस अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के साथ ही संगीत नाटक अकादेमी द्वारा ‘उत्कर्ष’ शीर्षक से लोक एवं जनजातीय प्रदर्शन कलाओं का राष्ट्रीय उत्सव भी आयोजित किया जा रहा है। इन दोनों समारोहों का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।Asia's biggest international literature festival 'Unmesh' in Bhopal

आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित हो रहे इस उत्सव को साहित्य अकादमी, और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग, संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। साहित्य उत्सव में केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन, तेलंगाना की राज्यपाल तामिलिसाई सौंदराराजन, फिजी के भारत में राजदूत कमलेश शशि प्रकाश तथा वरिष्ठ साहित्यकार एस.एल. भऐरपा, शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, वी. कामकोटि, चंद्रशेखर कंबार, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, गौतम घोष, संजय रॉय, जयंत महापात्र, ऑस्कर पुयोल, तुलसी दिवस, एम.ए. आलवार, सुरेश गोयल, गिरीश्वर मिश्र, चित्रा दिवाकारुणी, विष्णु दत्त राकेश, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, लिंडा हेस, मामि यामदा, अमीश त्रिपाठी, सोनल मानसिंह, चित्रा मुद्गल, रघुवीर चौधरी, विनय सहस्रबुद्धे, ममता कालिया, महेश दत्तानी, वामन केंद्रे, प्रयाग शुक्ल, सुरजीत पातर, नवतेज सरना, विश्वास पाटिल, नमिता गोखले, महेंद्र कुमार मिश्र, शीन काफ़ निज़ाम, वासमल्ली के. अरुण कमल, गोविंद मिश्र, लीलाधर जगूड़ी और उषा किरण खान आदि भी शामिल होगीं।

अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ के 75 से अधिक कार्यक्रमों में लगभग 100 भाषाओं के 575 से अधिक लेखक सहभागिता कर रहे हैं। भारत के अतिरिक्त 13 अन्य देशों के लेखक भी उत्सव में शामिल होंगे। ‘उन्मेष’ का यह दूसरा संस्करण है। पहला आयोजन गत वर्ष जून में शिमला में आयोजित किया गया था। इस अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव में, कविता और कहानी पाठ के अलावा, भारतीय काव्यशास्त्र, भारतीय भक्ति साहित्य, सागर साहित्य, भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय नाटकों में अलगाव का सिद्धांत, विविधता में एकता, भारत की सौम्य शक्ति, सिनेमा और साहित्य, विदेशी भाषाओं में भारतीय साहित्य का प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों का साहित्य, साहित्य एवं प्रकृति, मशीनों का उदय – लेखकविहीन साहित्य, रचनात्मकता बढ़ाने वाली शिक्षा, अनुवाद, प्रगति का संचालक और आलोचनात्मक विचार, योग साहित्य, मातृभाषाओं का महत्त्व, फंतासी और विज्ञान कथा साहित्य, ई-साहित्य, नारीवाद और साहित्य, आदिवासी लेखन और हाशिये का स्वर – उत्पीड़ितों का उत्थान जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा और विचार-विमर्श होगा। उत्सव के दौरान साहित्य अकादमी की पुस्तकें आकर्षक छूट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।

समुचित पोषण की कमी से बच्चे में बढ़ता है चिड़चिड़ापन, रखें ध्‍यान

Lack of proper nutrition increases irritability in the child, keep in mind

भोपाल। अगर आपके बच्चे में भी चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। वह बात-बात पर गुस्सा कर रहा है तो आप अलर्ट हो जाइए। क्योंकि बच्चों का बर्ताव इस तरह बदलना उनके शरीर में विटामिन बी-12 की कमी की वजह से हो सकता है। शरीर की न्यूरोलाजिकल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए यह विटामिन काफी जरूरी है। इसकी कमी होने पर बच्चों के व्यवहार पर इसका सीधा असर पड़ता है। खानपान में कमी और कुछ जेनेटिक वजह से बच्चों में विटामिन बी-12 की कमी हो रही है। बच्चों का ख्याल रखने के लिए आपको भी विटामिन बी-12 की खूबियों और बच्चों की हेल्थ को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

विटामिन बी12 की कमी और बच्चों की सेहतLack of proper nutrition increases irritability in the child, keep in mind
विटामिन बी-12 की कमी का असर बच्चों की न्यूरोलाजिकल हेल्थ यानी ब्रेन पर पड़ सकता है। बच्चों में हमेशा थकान रहने और भूख कम लगने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है। इस विटामिन की कमी से कुछ बच्चों को चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। बच्चों में इस तरह के लक्षण नजर आए तो तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए।

विटामिन बी12 की कमी का कारण

उचित खानपान की कमी से विटामिन बी-12 का बैलेंस बिगड़ सकता है। कुछ मामलों में जेनेटिक कारणों से भी यह हो सकता है। अगर आपके बच्चे में इस विटामिन की कमी के संकेत नजर आए तो उनका ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। विटामिन बी12 की कमी का पता भी इसी से चलता है। दवाइयां या सप्लीमेंट्स देकर डाक्टर इस विटामिन की कमी दूर कर सकते हैं।

विटामिन बी12 की कमी पूरा करने के टिप्स

– बच्चों का खानपान बिल्कुल दुरुस्त दें। उस पर ध्यान दें। बच्चों के खानपान में दूध, अंडे और मछली को शामिल करें।
– बच्चों को हरी सब्जियां और सीजनल फ्रूट्स खाने में दें।

आज भोपाल आएंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, शाम को इन मार्गों पर जाने से बचें

Union Home Minister Amit Shah will come to Bhopal today, avoid going on these routes in the evening

 

भोपाल। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को भोपाल आएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्‍यवस्‍था में कुछ बदलाव किया है। इस दौरान शाम से कुछ मार्ग परिवर्तित रहेंगे। ट्रैफिक की व्यवस्था कुछ इस तरह रहेगी।

स्टेट हैंगर से बीजेपी कार्यालय तक आवागमन के दौरान
– शाम साढ़े पांच बजे से यात्री बसों का डायवर्सन रहेगा। इस दौरान इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ब्यावरा की ओर से आने-जाने वाली यात्री बसों का हलालपुर बस स्टैंड से आगे लालघाटी की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। राजगढ़-ब्यावरा की ओर से नादरा बस स्टैंड आने-जाने वाली बसें मुबारकपुर बायपास से गांधीनगर तिराहा, करोंद, बेस्टप्राइज तिराहा, जेपी नगर तिराहा से नादरा बस स्टैंड की ओर जाना-आना करेंगी। इसके साथ ही रोशनपुरा चौराहे से पालीटेक्निक, कमला पार्क, रेतघाट, वीआइपी रोड, लालघाटी, गांधी नगर तिराहा एवं पालीटेक्निक चौराहा से गांधी पार्क तिराहा, मालवीय नगर, अंकुर स्कूल, लिंक रोड नम्बर-एक, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, सुभाष स्कूल, महावीर द्वार, मानसरोवर तिराहा तक आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

यह होंगे वैकल्पिक मार्ग
भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नीलबड़ तिराहे से दायें मुड़कर, नाथू बरखेडा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा- मुबारकपुर चौराहा होकर आवागमन कर सकेंगे। नये शहर से प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरि, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करोंद चौराहा, नई जेल, गांधी नगर तिराहा होकर आवागमन कर सकेंगे।

सामान्य, दोपहिया वाहन (शाम साढ़े सात बजे से रात आठ बजे तक)
रोशनपुरा चौराहे से पालीटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआइपी रोड, लालघाटी, गांधी नगर तिराहा एवं पालीटेक्निक चौराहा से गांधी पार्क तिराहा, मालवीय नगर, अंकुर स्कूल, लिंक रोड नम्बर-एक, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, सुभाष स्कूल, महावीर द्वार, मानसरोहर तिराहा तक आवागमन के दौरान मार्ग पर यातायात का दबाव रहेगा।

नए भोपाल से पुराने शहर जाने के लिए व्यवस्था इस तरह रहेगी

– वाहन लिली टाकीज चौराहा, काली मंदिर तलैया से बुधवारा, मोती मस्जिद, रायल मार्केट एवं काली मंदिर तलैया से हमीदिया रोड की ओर आवागमन कर सकेंगे।
– बैरागढ़ एवं राजगढ़-ब्यावरा की ओर आवागमन करने वाले वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नीलबड़ तिराहे से दायें मुड़कर, नाथू बरखेड़ा रोड़, मुंगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा- मुबारकपुर चौराहा होकर आवागमन कर सकेंगे।

-सीहोर-इंदौर की ओर आवागमन करने वाले वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नीलबड़ , रातीबढ़ , झागरिया होकर आवागमन करेंगे।

– भोपाल से सीहोर-इंदौर एवं राजगढ़-ब्यावरा की ओर जाने वाले वाहन प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरि, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल, गांधी नगर तिराहा होकर आवागमन करेंगे।
एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग

शाम साढ़े सात बजे से रात आठ बजे के मध्य लालघाटी से स्टेट हैंगर तिराहे की ओर सामान्य वाहन जीप/कार दोपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। राजाभोज विमानतल की ओर आवागमन करने वाले वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नीलबड़ तिराहे से दायें मुड़कर, नाथू बरखेडा रोड़, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा-मुबारकपुर चौराहा होकर आवागमन करेंगे। राजाभोज एयरपोर्ट की ओर जाने वाले प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरि, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल, गांधी नगर तिराहा होकर आवागमन करेंगे।

भाजपा कार्यालय में कार्यक्रम के दौरान (शाम साढ़े सात बजे)

– वीवीआइपी आगमन के दौरान मानसरोवर तिराहा से सात नंबर चौराहा की ओर से कार्यक्रम समाप्ति तक यातायात आवागमन पूर्णत: बंद रहेगा।
– सात नंबर चौराहा से मानसरोवर की ओर जाने के लिए साढे छह नंबर, महिला पालीटेक्निक से प्रगति होकर मानसरोवर की ओर एवं 7 नंबर चौराहा से ओल्ड केम्पियन स्कूल होकर नर्मदा अस्पताल की ओर से अपने गंतव्य की ओर आवागमन कर सकेंगे।

– इसी प्रकार मानसरोवर तिराहा से सात नंबर चौराहा, व्यापम चौराहा, लिंक रोड़ नम्बर-एक की ओर जाने के लिए प्रगति चौराहा होकर शिवाजी नगर, व्यापमं चौराहा, लिंक रोड़ नम्बर-1, की ओर जा सकेंगे।

– मानसरोवर तिराहा से अरेरा कालोनी, शाहपुरा चूनाभट्टी, कोलार रोड की ओर जाने के लिए गणेश मंदिर तिराहा से 10 नंबर मार्केट, सान्या डायग्नोस्टिक्स सेंटर, एडवोकेट गोधा मार्ग से साढ़े दस नंबर चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

मध्य प्रदेश में खत्म होगा संविदा सिस्टम, जाने अब तक क्या थे नियम और आगे क्या मिलेगी सुविधाएं

Contract system will end in Madhya Pradesh, know what were the rules till now and what facilities will be available in future

 

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान किया था। साथ ही उन्होने इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह सुविधाएं देने की भी घोषणा की। बता दे कि मध्य प्रदेश में 32 विभागों में संविदा नियुक्ति की जाती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि प्रदेश के किन विभागों में संविदा नियुक्ति के क्या नियम हैं और नियमित होने के बाद कर्मचारियों को किन सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।

क्या कहते हैं नियम
स्वास्थ्य विभाग
राष्टीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से साल 2021 में जारी संविदा मानव संसाधन मैनुअल के अनुसार विभाग में एक साल के लिए संविदा नियुक्ति दी जाती है। वार्षिक कार्य आधारित मूल्यांकन में योग्य पाए जाने पर संविदा नियुक्ति आगे भी बढ़ाई जा सकती है। संविदा नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 और अधिकतम आयु 62 वर्ष है।

इसके साथ ही नियमित सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक संविदा के तहत नियुक्त किया जाता है। जबकि चिकित्सकों को अधिकतम 67 वर्ष की आयु तक संविदा के तहत नियुक्ति की जाती है।

मध्य प्रदेश सिविल विभाग
मध्य प्रदेश सिविल सेवा विभाग में विभागीय विज्ञापनों, मुख्यमंत्री की अनुशंसा और अन्य माध्यमों से संविदा नियुक्ति दी जाती है। संविदा के लिए अधिकतम आयु वही होगी जो संबंधित पद के लिए विभागीय भर्ती में कहे गए हैं। विभाग में शुरुआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। जिसके बाद नियुक्ति सीमा बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अधिकतम पांच वर्षों के लिए संविदा पर नियुक्ति की जाती है। हालांकि विभाग में संविदा पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन और वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा।

नगर पालिका
मध्य प्रदेश की नगरपालिकाओं में शुरुआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। विभाग में शुरूआती तौर पर एक साल के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। जिसके बाद नियुक्ति सीमा बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अधिकतम पांच वर्षों के लिए संविदा पर नियुक्ति की जाती है।

नियमित होने के बाद क्या होगी सुविधाएं
4 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान किया था। इस ऐलान के तहत कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह ही लाभ मिलेगा।

ये होगी सुविधाएं
– एक साल के अनुबंध प्रक्रिया समाप्त होगी

– समय-सीमा में मिलेगा नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ

– वेतन/मानदेय में पूर्व में निर्धारित 90 प्रतिशत के बजाए पूरी राशि प्रदान की जाएगी

– स्वास्थ्य बीमा योजना का भी मिलेगा लाभ

– अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी मिलेगा

– रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी की होगी व्यवस्था

– नियमित पदों पर भर्ती में 50 फीसदी पदों पर संविदा कर्मचारियों को आरक्षण मिलेगा

– नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश के साथ मातृत्व अवकाश भी मिलेगा

– नियमित कर्मचारियों की तरह आकस्मिक, अर्जित और ऐच्छिक अवकाश मिलेंगे

कमल नाथ ने किसानों के लिए की पांच सौगातों की घोषणा, नर्मदा सेवा सेना बनाने का भी ऐलान

Kamal Nath announced five gifts for farmers, also announced formation of Narmada Seva Sena

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने बुधवार को पीसीसी दफ्तर में आयोजित प्रेस कांफ्रेस के दौरान किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की। साथ ही साथ उन्‍होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को पांच सौगातें देने का वचन दिया। कमल नाथ कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसान न्‍याय योजना लागू की जाएगी। इस दौरान उन्‍होंने शिवराज सरकार पर भी जमकर हमला बोला। कमल नाथ ने कहा कि भाजपा हमेशा कहती रही कि किसान की आय दोगुना करेंगे। लेकिन प्रदेश के किसानों की आय कम हुई है। नीति आयोग ने भी ये आंकड़े दिए हैं। किसानों का कर्ज़ बढ़ता जा रहा है। आज भाजपा कहती है हम ब्याज़ माफ करेंगे लेकिन कर्ज़ का क्या होगा?। मप्र में हमारी सरकार बनने पर किसानों का कर्ज़ माफ करने की हमारी घोषणा को जारी करेंगे।

कमल नाथ की किसानों को पांच सौगातेंKamal Nath announced five gifts for farmers, also announced formation of Narmada Seva Sena

– 5 हार्सपावर का बिल माफ करेंगे।

– बिजली का बकाया बिल माफ करेंगे।

– किसानों का क़र्ज़ा होगा माफ।

– किसानों के खिलाफ चल रहे आंदोलनों के मुक़दमे माफ करेंगे।

– 12 घंटे निर्बाध बिजली देंगे।

कमल नाथ ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए 5 हार्स पावर तक के कृषि पंपों के लिए निश्शुल्क बिजली दी जाएगी। किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएंगे। कृषि उपयोग के पुराने दिनों की राशि माफ करने के साथ 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। कमल नाथ ने कहा कि खेती की लागत घटाने के लिए कृषक न्याय योजना को लागू करने का वचन देते हैं। इससे प्रदेश के 35 लाख किसानों को होगा लाभ।

नर्मदा सेवा सेना का होगा गठन
कमल नाथ ने यह घोषणा भी की कि प्रदेश में नर्मदा सेवा सेना का गठन किया जाएगा। 31 जुलाई को नर्मदा आरती से इसकी शुरुआत होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि हमने नर्मदा के संरक्षण के लिए नर्मदा सेवा सेना के गठन करने का निर्णय लिया है। इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। नर्मदा सेवा सेना घोषित करने का उद्देश्य नर्मदा के संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करना, पौधारोपण करना, प्रदूषण को रोकना, अवैध खनन के संबंध में जानकारी एकत्र कर अधिकारियों को देने जैसे कार्य किए जाएंगे।

प्रदेश के ऊपर बढ़ते कर्ज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा की जा रही लगातार घोषणाओं को लेकर कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के ऊपर तीन लाख तीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण हो चुका है। सरकार को यह बताना चाहिए कि इसका उपयोग कहां और किसके लिए किया है। हमने जो भी योजना सरकार बनने पर लागू करने की गारंटी दी है, उसके लिए वित्त प्रबंधन को लेकर विचार विमर्श किया है। जब किसानों की ऋण माफी योजना लागू कर रहे थे, तब भी अधिकारियों ने कहा था कि यह संभव नहीं हो पाएगा, पर हमने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियां करते हैं। निर्णय जनता को करना है और मुझे पूरा विश्वास है कि वह सच्चाई का साथ देगी।

दलित आदिवासियों पर प्रदेश में हो रहे अत्याचार के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट को या फिर अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचना है प्रदेश में दलित और आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जनता को भ्रमित करने के लिए भाजपा नए-नए हथकंडे अपनाती है।
रसोई गैस सिलेंडर पर पांच सौ रुपये अनुदान दिए जाने पर हो रहे मंथन को लेकर कमल नाथ ने कहा कि हमें तो खुशी है और ऐसा होता है तो इसका श्रेय हमें ही मिलेगा।

भाजपा ने बताया किसानों के साथ घोर मजाक
कमल नाथ की प्रेस कांफ्रेंस के बाद भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। भाजपा के प्रदेश प्रवक्‍ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए कहा कि जिस कमल नाथ जी की सरकार ने अपने पूरे 15 महीने के कार्यकाल के दौरान किसानों के साथ जमकर अन्याय किया, वह आज किसानों के साथ न्याय की बात कर रहे हैं…? घोर मजाक!!!

CM शिवराज सिंह ने शौर्य स्मारक स्थित शौर्य स्तंभ पर किया पुष्प-चक्र अर्पित

CM शिवराज सिंह ने शौर्य स्मारक स्थित शौर्य स्तंभ पर किया पुष्प-चक्र अर्पित

भोपाल, 26 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर शौर्य स्मारक स्थित शौर्य स्तंभ पर पुष्प-चक्र अर्पित कर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सैनिकों के शौर्य, अदम्य साहस और बलिदान का स्मरण कर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

CM Shivraj Singh laid wreath at Shaurya Stambh at Shaurya Memorial

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शौर्य स्मारक पर मीडिया को दिए संदेश में कहा कि “वे थे जिन्होंने हमारे देश की एक-एक इंच-इंच जमीन दुश्मनों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, हमें उन पर गर्व है। श्री अटल बिहारी वाजपेई उस समय प्रधानमंत्री थे। हमारी सेनाओं ने यह दिखा दिया कि भारत माता की तरफ कोई आँख उठाकर देखेगा तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक वैभवशाली-गौरवशाली-संपन्न-समृद्ध और शक्तिशाली भारत का निर्माण हुआ है, भारत अब महाशक्ति है।”

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हम देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगे थल-सेना, नौ-सेना, वायु-सेना के वीर जवानों को प्रणाम करते हैं। हमें अपनी सेनाओं और देश के जवानों पर गर्व है।

हार तय, फिर भी अविश्वास प्रस्ताव क्यों ला रहा विपक्ष, यह जिद

Defeat is certain, yet why is the opposition bringing no-confidence motion, this insistence

 

दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा है। जाहिर तौर पर लोकसभा के आंकड़े विपक्ष के खिलाफ है और एनडीए को स्पष्ट बहुमत है, फिर भी ऐसा क्यों किया जा रहा है? इसके पीछे विपक्ष का एक जिद है।

इस तरह अपनी जिद पूरी कर लेगा विपक्ष
जब से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, विपक्षी दल मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार हो गई, तो नई मांग रख दी गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में आकर इस पर बयान दे। दरअसल, यही वो जिद है, जिसने हार तय होने के बाद भी विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर किया है।

विपक्षी नेताओं को पता है कि अविश्वास प्रस्ताव आया तो चर्चा होगी और वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री जवाब देंगे। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव के जरिए ही सही, विपक्षी पीएम मोदी को सदन में बोलने को मजबूर करेगा।
नियमानुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब प्रधानमंत्री को देना होता है, जबकि मणिपुर पर चर्चा हुई, तो उसका जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे।

क्या हुआ था जब पिछली बार आया था अविश्वास प्रस्ताव 
मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्षी दल, जानिए पिछली बार क्या हुआ था

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ने यह साफ कर दिया है कि वह तब तक अपने रुख पर कायम रहेगा, जब तक कि प्रधानमंत्री मणिपुर मुद्दे पर सदन में बयान नहीं दे देते।

मोदी सरकार के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, जानिए लोकसभा का पूरा गणित

Opposition will bring no-confidence motion against Modi government today, know the complete maths of Lok Sabha

 

दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी दलों का गठबंधन I.N.D.I.A. बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा है। सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और ऐसे में किसी भी अविश्वास प्रस्ताव का कोई अर्थ नहीं होगा। दरअसल, विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है और मांग कर रहा है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब दे। सरकार चर्चा के लिए तैयार है, फिर भी विपक्ष हंगामा कर रहा है और इस कारण, संसद के मानसून सत्र में कोई काम नहीं हो पाया है। मौजूदा लोकसभा (17वीं) में यह पहली बार होगा, जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। इससे पहले 16वीं लोकसभा में 20 जुलाई 2018 को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें एनडीए सरकार ने 126 के मुकाबले 325 मतों से बहुमत साबित किया था।

अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव लाने के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि पिछली बार जब वे अविश्वास प्रस्ताव लाए थे तो भाजपा 300 से अधिक सीटों के साथ मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में वापस आई थी। इस बार अविश्वास प्रस्ताव लाए तो हमें 350 से अधिक सीटें मिलेंगी।”

मोदी सरकार के पास स्पष्ट बहुमत, नजर नहीं आएंगे राहुल गांधी
लोकसभा की 543 सीटों में से फिलहाल पांच रिक्त हैं, जिसमें राहुल गांधी की वायनाड सीट भी शामिल है।
मतलब इस बार अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी लोकसभा में नजर नहीं आएंगे।
मौजूदा स्थिति में NDA के पास लोकसभा में 330 से अधिक सदस्य हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 272 का है।
वहीं I.N.D.I.A. में शामिल दलों के पास लगभग 150 सांसद हैं।
वाईएसआर कांग्रेस, बीजेडी, भारत राष्ट्र समिति जैसे दलों के 60 से अधिक सांसद हैं और वे इन दोनों खेमों से बाहर हैं।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर क्या है नियम
सदन में प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है तो स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ वोटिग की तारीख की घोषणा करते हैं।
नियमानुसार प्रस्ताव स्वीकार होने के दिन से 10 दिनों के भीतर अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा होना जरूरी है।

अविश्वास प्रस्ताव को मिला 50 सांसदों का समर्थन
अविश्वास प्रस्ताव को पेश करने से पहले 50 सांसदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस ने यह समर्थन जुटा लिया है। इसका अर्थ यह है कि आज लोकसभा में प्रस्ताव पेश करने में कोई समस्या नहीं होगी।

कांग्रेस ने तैयार किया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस
मणिपुर पर संसद में गतिरोध के बीच विपक्ष बुधवार को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार रात ये एलान किया। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 26 जुलाई को सिंगरौली में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे

 

भोपाल, 26 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 26 जुलाई को सिंगरौली में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बैढ़न में संत रविदास समरसता यात्रा का शुभारंभ करेंगे और सरई में विकास पर्व के अंतर्गत रेहंद सिंचाई परियोजना एवं अन्य कार्यों का शिलान्यास/भूमि-पूजन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान बैढ़न में सुबह 10 बजे रामलीला मैदान से संत शिरोमणि रविदास जी की समरसता रथ यात्रा का शुभारंभ करेंगे। वे यात्रा में शामिल होने वाले संतों का सम्मान भी करेंगे। संतों द्वारा मुख्यमंत्री श्री चौहान को संत श्री रविदास जी की जन्म-भूमि की मिट्टी एवं गंगाजल भेंट की जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दोपहर 12 बजे सरई में शासकीय हायर सेकेन्ड्री स्कूल परिसर में मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना के सम्मेलन में शामिल होंगे और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 693 करोड़ 34 लाख रूपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास/लोकार्पण करेंगे। इनमें 672 करोड़ 25 लाख रूपये की लागत की रिहंद माईक्रो सिचाई परियोजना का शिलान्यास, 9 करोड़ 90 लाख रूपये के शासकीय महाविद्यालय देवसर के सभागार तथा उत्कृष्ट विद्यालय देवसर के खेल मैदान की बाउण्ड्री वॉल का लोकार्पण, 5 करोड़ 93 लाख रूपये लागत के शासकीय पॉलीटेक्निक कालेज के अतिरिक्त कक्ष तथा प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण और मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास परियोजना द्वारा 5 करोड़ 36 लाख रूपये की लागत के अमहरा मलगिया डांड से करामी सड़क का लोकार्पण शामिल है।

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