मुंबई 18 जुलाई| वैश्विक बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर इंफोसिस, रिलायंस, एनटीपीसी, एलटी और टीसीएस समेत 13 दिग्गज कंपनियों में हुई लिवाली बदौलत शेयर बाजार आज सार्वकालिक उच्चतम शिखर पर पहुंच गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 205.21 अंक की उड़ान भरकर 66,795.14 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 37.80 अंक की तेजी लेकर 19,749.25 अंक पर रहा। वहीं, बीएसई का मिडकैप 0.18 प्रतिशत गिरकर 29,423.02 अंक और स्मॉलकैप 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 33,828.59 अंक पर आ गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3548 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1412 में लिवाली जबकि 2011 में बिकवाली हुई वहीं 125 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी की 21 कंपनियां हरे जबकि शेष 29 लाल निशान पर रही। बीएसई के आठ समूहों में तेजी का रुख रहा। इस दौरान आईटी 1.15, ऊर्जा 0.17, इंडस्ट्रियल्स 0.27, यूटिलिटीज 0.19, कैपिटल गुड्स 0.44, तेल एवं गैस 0.12, पावर 0.57 और टेक समूह के शेयर 1.13 प्रतिशत मजबूत रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.24, जर्मनी का डैक्स 0.06 और जापान का निक्केई 0.32 प्रतिशत चढ़ गया जबकि हांगकांग के हैंगसेंग 2.05 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.37 प्रतिशत लुढ़क गया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किया स्वामी जयेंद्र सरस्वती को नमन
भोपाल, 18 जुलाई| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि अपने जीवन का हर क्षण धर्म और मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर देने वाले कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती की जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन। सनातन धर्म के ध्वजवाहक के रूप में उन्होंने वैदिक विरासत, संस्कार एवं परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए मानव कल्याण के प्रयासों को गति प्रदान की।
श्रावण को खास बना रही इंदौर के होटलों की सेहत और स्वाद की ‘व्रत थाली’
इंदौर। व्रत, स्वास्थ्य और स्वाद इसका अगर तालमेल देखना हो तो इंदौर से बेहतर कहीं नहीं मिल सकता। यहां जायके की दुनिया को व्रत के नियमों में सजाकर खानपान के शौकीनों तक पहुंचाया जाता है। श्रावण मास में अब शहर के होटल भी व्रत के अनुरूप भोजन दे रहे हैं। घर में बनने वाले फलाहारी व्यंजन अब शहर की पांच सितारा होटल तक पहुंच गए हैं और उन पर नवाचार का रंग भी चढ़ गया है।
होटल के शेफ इन व्यंजनों में अपनी रचनात्मकता का तड़का लगा रहे हैं, साथ ही फलाहारी व्यंजनों को एक थाली के रूप में परोस रहे हैं, जिसे नाम दिया गया है व्रत की थाली। इसमें शेफ केवल स्वाद पर ही ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि सेहत को भी तवज्जो दे रहे हैं। चटपटे व्यंजनों में तेल-मसालों को कम किया जा रहा है तो मिठाई में प्राकृतिक मिठास को शामिल कर उसे स्वादिष्ट बनाया जा रहा है। भोजन में फलों के साथ कुट्टू, समा के चावल, सूखे मेवों को शामिल किया जा रहा है। रिफाइंड आइल के स्थान पर देसी घी का उपयोग हो रहा है।
कैलोरी और शुगर लेवल का भी रख रहे ध्यान
व्रत की थाली में केवल पूड़ी-सब्जी को ही शामिल नहीं किया गया, बल्कि वेलकम ड्रिंक से लेकर डेजर्ट तक को व्रत के अनुरूप तैयार किया गया। इसमें कैलोरी और शुगर लेवल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा इस पर भी गौर किया जा रहा है कि व्रत में स्वाद के चक्कर में सेहत पर दुष्प्रभाव न पड़े। वेलकम ड्रिंक में फलों का रस, शेक, छाछ परोसी जा रही है तो थाली में सलाद और फल भी परोसे जा रहे हैं।
इस तरह किया जा रहा भोजन को संतुलित
होटल शेरेटन ग्रैंड पैलेस के शेफ करम डोगरा बताते हैं वर्षा ऋतु में सेहत का बहुत ध्यान रखना पड़ता है और व्रत भी इसलिए ही किया जाता है। इसलिए भोजन को बहुत गरिष्ठ नहीं बनाया जा रहा। सब्जी को लालमिर्च या गर्म मसालों से चटपटा बनाने के बजाय हरी मिर्च का उपयोग किया जा रहा है। पकौड़े कच्चे केले के बनाए जा रहे हैं, ताकि सेहत पर ज्यादा बुरा प्रभाव न पड़े। इसमें कुट्टू के आटे का उपयोग कर रहे हैं। कुट्टू के आटे की ही पूड़ी बनाई जा रही है। पूड़ी और पकौड़े तलने में तापमान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, क्योंकि तापमान सही हो तो घी-तेल भी कम लगता है। मिठाई में शुगर फ्री नहीं डाली जा रही, क्योंकि वह व्रत में उपयोग नहीं की जाती, इसलिए प्राकृतिक ढंग से उसमें मिठास शामिल हो इस पर ध्यान रहता है। यदि किसी को जरूरत होती है तो अतिरिक्त शकर मिलाई जाती है।
यह भी हो रहे प्रयोग
बनाना शेक में सब्जा सीड्स ताकि पाचनतंत्र भी बेहतर रहे और पानी की कमी भी न हो।
सब्जी में ज्यादा मसाला शामिल नहीं करने के कारण जीरा आलू, दही-आलू, लौकी-टमाटर, केले की सब्जी बनाई जा रही है। पूड़ी को उचित तापमान पर तला जा रहा है जिससे तेल-घी कम लगे और वह अच्छे से फूल जाए।
कोफ्ते बनाने के लिए किसी तरह के आटे के बजाय मिल्क पाउडर का उपयोग हो रहा।
मिठाई में शकर कम कर फल और सूखे मेवे से मिठाई बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
शकरकंद और पनीर के व्यंजन बनाए जा रहे हैं।
फल के उपयोग पर विशेष ध्यान
होटल द पार्क के शेफ पिंटू पासवान बताते हैं व्रत की थाली में फलों को विशेष रूप से शामिल किया है। फ्रेश क्रश फ्रूट डिश में कई तरह के फल शामिल किए हैं तो भोजन में सब्जी के रूप में कच्चे केले के कोफ्ते, दही-लौकी कोफ्ता, समा के चावल प्रमुख रूप से शामिल किए हैं। कोफ्ते तैयार करने के लिए अाटे के स्थान पर मिल्क पाउडर का उपयोग कर रहे हैं अौर जिन्हें पूड़ी नहीं चाहिए उनके लिए फलाहारी अाटे से बनी रोटी दी जा रही है ताकि स्वाद अौर सेहत दोनों बरकरार रहे। मिठाई के लिए समा की खीर, मखाने की खीर, फ्रेश फ्रूट खीर, साबूदाना खीर तैयार की जा रही है। व्रत की थाली में इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि उसमें पौष्टिकता में कमी न रह जाए इसलिए फल को तरह-तरह से शामिल किया गया है।
एनआईए ने आतंकवादी गतिविधियों के संबंध में रतलाम में पोल्ट्री फॉर्म किया कुर्क
रतलाम, 18 जुलाई| राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मध्यप्रदेश के रतलाम में आईएसआईएस से प्रेरित एक आतंकवादी संगठन से जुड़ा एक पोल्ट्री फॉर्म कुर्क कर दिया। एनआईए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ‘सूफा’ नाम के एक आतंकवादी संगठन के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल में लाए जा रहे इस पोल्ट्री फॉर्म को एजेंसी ने सोमवार को कुर्क कर दिया। ये समूची कार्रवाई राजस्थान में आतंकवादी गतिविधियां फैलाने के संबंध में की गई है।
NIA ने मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रभावित आतंकवादी संगठन ‘सूफा’ के सदस्यों की संपत्ति को कुर्क किया है। एक अधिकारी द्वारा मंगलवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में NIA ने एक ऐसे पोल्ट्री फार्म को कुर्क किया जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ‘सूफा’ के सदस्य विभिन्न प्रकार की आतंकी गतिविधियों के लिए कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि अप्रैल 2022 में अस्तित्व में आए ‘सूफा’ के सदस्यों के खिलाफ राजस्थान में आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने की कथित साजिश रचने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था।
पिछले साल हुई थी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
NIA के एक प्रवक्ता ने बताया कि राजस्थान में आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने की साजिश के मामले में मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जुलवानिया गांव में इमरान खान नामक व्यक्ति के पोल्ट्री फार्म को UAPA के तहत कुर्क किया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक, ‘सूफा’ के सदस्य इस पोल्ट्री फार्म का इस्तेमाल समूह में शामिल किए गए लोगों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें IED बनाने की ट्रेनिंग देने के लिए करते थे। NIA ने पिछले साल 22 सितंबर को इमरान खान और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने IED बनाने में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक और घटक जब्त भी किए थे।
IS की गतिविधियों से प्रभावित हैं ‘सूफा’ के सदस्य
NIA ने बताया कि अप्रैल 2022 में अस्तित्व में आए ‘सूफा’ के सदस्यों के खिलाफ राजस्थान में आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने की कथित साजिश रचने के बारे में मामला दर्ज किया गया था। प्रवक्ता के मुताबिक, जांच से पता चला है कि ‘सूफा’ के सदस्य आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों से प्रभावित हैं और ‘जिहादी विचारधारा’ का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘सूफा के सदस्यों ने इलाके के अन्य युवाओं को भी उनके समूह में शामिल होने के लिए उकसाया था।’ बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों से इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित लोग पहले भी पकड़े गए हैं।
मुख्यमंत्री सीखो -कमाओ योजना में भोपाल जिले सेे 10 हजार से अधिक युवाओं ने करवाया पंजीयन
भोपाल, युवाओं को कौशल विकास के साथ ही लर्न एंड अर्न की तर्ज पर ऑन जॉब ट्रेनिंग की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना प्रारंभ की गई है। भोपाल जिले में 1 हजार 14 से अधिक कंपनियों ने योजना में 7 हजार 200 से अधिक रिक्तियां निर्मित हुई है। कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में इंदौर के बाद भोपाल दूसरे स्थान पर है। भोपाल जिले में 10 हजार 352 से अधिक अभ्यर्थियों ने योजना के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन किया है।
दिया जाएगा आठ हजार से 10000 प्रतिमाह स्टाइपेंड
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत ऐसे युवक-युवतियां जिनकी उम्र 18 से 29 वर्ष है तथा मध्यप्रदेश के स्थाई निवासी है और 12वी, आईटीआई या उच्च योग्यताधारी है, वे सभी युवा mmsky.mp.gov.in पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को आठ हजार से 10000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। पंजीयन के पूर्व आवेदक समग्र पोर्टल पर ई-केवायसी करवाना सुनिश्चित करें। ई-केवायसी के लिए आवश्यक दस्तावेज समग्र, आईडी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जरूरी है।
इस योजना में 12 वी या आईटीआई पास अथवा उच्च शिक्षित युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे। योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000, आईटीआई पास को 8500, डिप्लोमा धारी को 9000 और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में प्रतिमाह प्रतिमाह दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए :
योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल, मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आई.टी. सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। ऐसे बहतु से कार्य भी निर्धारित किये गये है।
डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट प्रोग्राम (DILRMP) के अंतर्गत प्रभावी भू-अभिलेख प्रबंधन प्रणाली विकसित कर भू-अभिलेख को रियल टाइम में अद्यतन करने के लिए मध्यप्रदेश के 15 जिलों के कलेक्टर्स को “भूमि सम्मान प्रमाण-पत्र” प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस उपलब्धि के लिए राजस्व विभाग, तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी, सभी संबंधित जिला कलेक्टर्स तथा पूरी टीम को बधाई दी है।
नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 15 जिलों भोपाल, उमरिया, अनूपपुर, हरदा, खरगोन, अलीराजपुर, गुना, आगर-मालवा, नीमच, टीकमगढ़, उज्जैन, इंदौर, विदिशा, सिंगरौली और सीधी जिले के कलेक्टर्स सम्मानित होंगे।
मध्यप्रदेश के इन जिलों द्वारा डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट प्रोग्राम के सभी घटकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर उन्हें प्लेटिनम ग्रेडिंग प्रदान की गई है। ये घटक है लैंड रिकॉर्ड्स का कंप्यूटराइजेशन, भू-कर मानचित्रों का डिजिटाइजेशन, पंजीयन का कंप्यूटराइजेशन, पंजीयन का भू-अभिलेखों के साथ एकीकरण, भू-कर मानचित्र का भू-अभिलेखों के साथ लिंकेज और आधुनिक रिकॉर्ड रूम।
यह है DILRMP
डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट प्रोग्राम केंद्र सरकार के शत-प्रतिशत वित्तपोषण से डिपार्टमेंट ऑफ लैंड रिसोर्सेस द्वारा वर्ष 2008-9 से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से आधुनिक, विस्तृत और पारदर्शी भू-अभिलेख प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2022 के बाद से, अच्छा कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कृत करने के लिए, उनके द्वारा कार्यक्रम के एमआईएस पर अंकित डाटा के आधार पर, मंथली ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है। इसमें 90% से 95% तक सिल्वर, 95% से 99% तक गोल्ड और 99% से अधिक कार्य दक्षता पर प्लैटिनम ग्रेड प्रदान की जाती है।
राष्ट्रपति कर रही हैं प्रदेश के 15 कलेक्टर को सम्मानित : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
भोपाल, 18 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बैठक से पहले अपने संबोधन में नीति आयोग से आई अच्छी खबर के लिए मंत्रि-परिषद के साथियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा जारी मल्टी डायमेंशनल पावर्टी इंडेक्स (राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक) के अनुसार प्रदेश में 15.94 प्रतिशत अर्थात एक करोड़ 36 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समग्र प्रभाव का परिणाम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि एक करोड़ 36 लाख लोगों को केंद्र और राज्य की योजनाओं से जो लाभ मिला, उसके समग्र प्रभाव का परिणाम है यह उपलब्धि। लोगों के पोषण, रहन-सहन, खान-पान में लगातार सकारात्मक बदलाव आया है, जो केंद्र और राज्य सरकार के कार्यक्रमों और योजनाओं के परिणामस्वरूप ही संभव हुआ है।
डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मॉर्डनाइजेशन में प्रदेश के 15 जिलों के कलेक्टर को सम्मान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉर्डनाइजेशन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 15 जिला कलेक्टर सहित देश के 75 जिलों के कलेक्टर को सम्मानित कर रही हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस उपलब्धि के लिए राजस्व विभाग, तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी, सभी संबंधित जिला कलेक्टर और राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन में लगी टीम को बधाई दी।
नई संविदा नीति पर शिवराज कैबिनेट की मुहर, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत
भोपाल। विधानसभा चुनाव को चार माह शेष हैं। ऐसे में शिवराज सरकार प्रदेश की जनता और कर्मचारी वर्ग को नित नई सौंगातें देने के लिए घोषणाएं कर रही है और उसे पूरा करने के प्रयास भी किए जा रहें हैं। इसी क्रम में अब मध्य प्रदेश में संविदाकर्मियों की नई संशोधित संविदा नीति लाई जा रही है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में संशोधित संविदा नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नीति के अनुसार संविदा कर्मियों को 100 प्रतिशत वेतन, बीमा, सरकारी अवकाश की पात्रता और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा। इसी तरह प्रदेश के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत मंहगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी शिवराज कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दी गई। अभी कर्मचारियों को 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिल रहा है, चार प्रतिशत मंहगाई भत्ता बढ़ने के बाद अब कर्मचारियों को एक जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत मंहगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

जुलाई से भत्ता लागू हो जाएगा और अगस्त में इस का भुगतान होगा। कर्मचारियों को छह माह का एरियर भुगतान भी किया जाएगा, जनवरी से लागू यह एरियर भुगतान तीन किस्तों में होगा। जिन कर्मचारियों ने जुलाई 2023 को 35 वर्ष की शासकीय सेवा पूरी कर ली है, उन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को दो हजार से लेकर दस हजार रुपये तक का लाभ होगा।
लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों में 18 लाख महिलाओं और बढेगी, जिन्हें योजना का मिलेगा लाभ। 1260 करोड़ सालाना खर्च आएगा। 25 जुलाई से आवेदन भरे जाएंगे, 10 सितंबर को राशि दी जाएगी।
पीडब्ल्यूडी की सात परियोजनाओं पर निर्णय
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सात नई परियोजनाओं का प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के लिए कैबिनेट में रखा गया। इनमें मालीवाया से सलकनपुर नीलकछार तक फोरलेन मार्ग निर्माण, इंदौर इच्छापुर मार्ग से ओंकारेश्वर नए बस स्टैंड तक फोर लेन सड़क, नागोद से मैहर व्हाया सुरदहा परसमनिया रामपुर मैहर मार्ग निर्माण, शाहपुर रंगोली गिरवर भैंसवाही हिनगन ढाना भोकलपुर चौराहा एनएच-44 तक मार्ग निर्माण, भोपाल इंदौर मार्ग पर संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में सीवेज पंप हाउस लाऊखेड़ी से नगर निगम विसर्जन घाट तक फ्लाई ओवर का निर्माण, ग्वालियर शहर के अंतर्गत महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा से गिरवाई पुलिस चौकी एबी रोड तक स्वर्णरेखा नदी पर फोरलेन ऐलीवेटर कारीडोर/ फ़्लाई ओवर का निर्माण कार्य शामिल हैं। इससे संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रि परिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाय) के लिए आरईसी से प्राप्त दीर्घकालीन शेष ऋण राशि 343.91 करोड़ रुपये, जिस पर ब्याज दर 9.50 से 10.25 प्रतिशत है, को पीएनबी से ऋण की शेष अवधि नौ वर्षों के लिए रिफायनेंस कराया गया है, जिसकी वर्तमान ब्याज दर आठ प्रतिशत है। जिसके अनुसार लगभग 10.29 करोड़ की बचत संभावित है। अतः पीएनबी से प्राप्त उक्त ऋण के लिए 343.91 करोड़ रुपये की प्रत्याभूति प्रदान की जाएगी।
निवाड़ी में दो जिला कार्यालय के लिए 19 पद स्वीकृत किए गए। कैबिनेट में नवगठित जिला निवाड़ी के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अंतर्गत दो जिला कार्यालय उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास तथा परियोजना संचालक, आत्मा की स्थापना को स्वीकृति दी गई।
इस राशि के लोगों की कुंडली में होता है राजयोग, जीवन में खूब पाते हैं धन-दौलतjj
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का व्यक्ति की जीवन पर काफी प्रभाव देखने को मिलता है। ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति से कुंडली में राजयोग का निर्माण होता है। कहा जाता है जिस किसी की कुंडली में राजयोग होता है, उस व्यक्ति को अपने जीवन में हर प्रकार की सुविधा प्राप्त होती है। उसे कभी भी धन से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। साथ ही ऐसे लोग राजा जैसा जीवन जीते हैं। आज हम आपको ऐसी ही राशि वालों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो जन्म से ही राजयोग लेकर आते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के स्वामी ग्रह सूर्य देव हैं। कहा जाता है कि सिंह राशि वाले काफी लकी होते हैं। इनका व्यक्तित्व बहुत तेज होता है। आकर्षक पर्सनालिटी होने के कारण हर कोई इनकी ओर खिंचा चला आता है। सिंह राशि वाले लोगों में लीडरशिप की क्वालिटी होती हैं। इन लोगों में खूब आत्मविश्वास होता है, जिसके बल पर ये समाज में खूब नाम कमाते हैं। इन लोगों को जीवन में धन-दौलत की कमी नहीं होती है।
तुला राशि
तुला राशि वाले किस्मत के धनी माने जाते हैं। ये लोग काफी मेहनती और बुद्धिमान होते हैं। इन लोगों को थोड़ी मेहनत में ही काफी सफलता मिल जाती है। इन्हें अपने जीवन में सब कुछ प्राप्त होता है। ये जिस भी कार्य में हाथ डालते हैं, उसमें सफलता जरूर प्राप्त होती है। इन्हें कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है। ये जीवन में खूब धन कमाते हैं। तुला राशि वालों को हर सुख-सुविधा प्राप्त होती है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों का स्वभाव काफी शांत और खुशमिजाज होता है। इन राशि वालों का दिमाग काफी तेज होता है। ये पढ़ाई के मामले में काफी आगे होते हैं। अपनी बुद्धि के बल पर ये समाज में खूब नाम कमाते हैं। इन लोगों को समाज में काफी मान-सम्मान मिलता है। कुंभ राशि वालों को जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है। धनवान व्यक्तियों में कुंभ राशि वालों की गिनती होती है।
डबल डेकर 6 लेन एलिवेटेड ब्रिज निर्माण पर नरेश ज्ञानचंदानी ने उठाये सवाल
भोपाल, मध्यप्रदेश केबिनेट की मंजूरी के बार हुजूर विधानसभा में बैरागढ़ क्षेत्र में बनने वाले मध्यप्रदेश के पहले 6 लेन डबल डेकर एलीवेटेड पुल निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है वही विधायक रामेश्वर शर्मा इसे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर बता रहे। विधायक रामेश्वर शर्मा ने एलिवेटेड पुल के रूप में मिली सौगात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा की संत हिरदाराम नगर में एलिवेटेड डबल-डेकर 6-लेन ब्रिज की सौगात के साथ हिरदाराम नगर प्रदेश में हिस्ट्री मेकर बन गया है, यह ब्रिज लगभग 306 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा।
बता दें कि विधायक शर्मा लंबे समय से इस ब्रिज की मांग कर रहे थे, जो कि मेट्रोपॉलिटन शहरों का विकास है। यह ब्रिज बनने के बाद संत हिरदाराम नगर प्रदेश का ऐसा पहला नगर होगा जिसके पास अपना एलिवेटेड डबल-डेकर 6-लेन ब्रिज होगा। इस डबल डेकर ब्रिज के बनने से BRTS की समस्या से मुक्ति मिलेगी साथ ही पार्किंग समस्या से जूझ रहे संत नगर को बड़ी राहत मिलेगी। आपको बता दें कि हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा की पहचान क्षेत्र में विकास पुरुष नेता की है। उनके कार्यकाल में पिछले 9 साल में कई आनोखे विकास कार्य किये जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता उठा रहे है सवाल
एलिवेटेड ब्रिज निर्माण को मिली केबिनेट की स्वीकृति के बाद कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी का कहना है कहा कि इस ब्रिज को शहर के बीच न बनाकर तालाब किनारे से बनाया जाए, शहर के बीच मे बनने से व्यापार चौपट हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों की समस्या को सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी इस ब्रिज को तालाब किनारे से बनाने का आग्रह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान को आग्रह कर चुके है।
नरेश ज्ञानचंदानी ने कहा चुनाव निकट आते ही आनन फानन मे बिना सोचे समझे यह योजना लाना सरकार पर सवाल खड़ा होता है। शिवराज सरकार को जो व्यापार बर्बाद होगा उसकी कोई चिंता नही है।
ज्ञानचंदानी ने आरोप लगाया की ब्रिज बनाने के लिए बैरागढ़ की जनता और व्यापारियों से सहमति नहीं ली गयी है। मंजूरी देते समय ये नहीं बताया की निर्माण में कितने साल लगेंगे ? कितनी दुकानें टूटेगी वो भी विधायक रामेश्वर शर्मा को स्पष्ट होना चाहिए।
हम पहले भी मांग कर रहे थे अब भी कह रहे है व्यापारियों के हित में इस ब्रिज को शहर के बीच से न बनाकर तालाब किनारे से बनाया जाए तो शहर को इससे दो मार्ग की सुविधा मिलेगी।














