एमपी के चुनाव में BRS की एंट्री, कहां तक दम मार पाएगी KCR की पार्टी

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री व भारत राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर राव ने पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वह हिंदी बेल्ट उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में भी पार्टी का विस्तार करेंगे। उनकी इस घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के चुनावी माहौल में एक और पार्टी का आगमन हो गया है। मध्यप्रदेश का चुनावी इतिहास बताता है कि यहां लड़ाई कांग्रेस और भाजपा तक सीमित रही है, ऐसे में चंद्रशेखर राव को यहां कितनी सफलता मिलती है यह देखने वाली बात होगी।
शनिवार को तेलंगाना भवन में महाराष्ट्र के सोलापुर, नागपुर और अन्य क्षेत्र के तीन सौ से अधिक नेता बीआरएस में शामिल हो गए। इस दौरान चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि वह पार्टी को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र समेत पूरे देश में विस्तार करेंगे। मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव हैं। चंद्रशेखर ने पार्टी को प्रदेश में मजबूत करने के लिए तैयारी पहले ही शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के दो नेता बीआरएस में हुए शामिल
31 मई 2023 को बीजेपी के पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक नरेश सिंह गुर्जर, समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक धीरेंद्र सिंह, विमला बागरी, संजय यादव, राकेश मालवीय और सत्येंद्र सिंह समेत कई नेता बीआरएस में शामिल हो गए। बुद्धसेन पटेल को चंद्रशेखर ने मध्यप्रदेश में पार्टी का समन्वयक बनाया है। बीआरएस मध्यप्रदेश में दूसरी पार्टी के नेताओं को तोड़कर धरातल पर अपने आपको खड़ा करने की कोशिश कर रही है।

एमपी में केसीआर करेंगे जनसभाओं को संबोधित
चंद्रशेखर राव तेलंगाना मॉडल को प्रदेश की जनता तक पहुंचाना चाहता है। भाजपा के पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल को प्रदेश का समन्वयक बनाकर उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी है। बुद्धसेन पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर राव का दौरा होगा। वह यहां कई जनसभाओं को संबोधित कर तेलंगाना मॉडल को जनता तक पहुंचाएंगे।

मध्यप्रदेश की चुनावी राजनीति कांग्रेस व भाजपा तक ही सीमित रही है। क्षेत्रीय दलों ने पहले भी कांग्रेस व भाजपा के इस तिलिस्म को तोड़ने की कोशिश की है, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय दल मायावती की बहुजन समाज पार्टी व अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने मध्यप्रदेश में कई चुनाव लड़े, लेकिन दोनों ही दल उस स्थिति तक भी नहीं पहुंच पाए, जहां इनके बिना समर्थन के सरकार ही ना बन पाए।

श्री सूर्य अष्टकम स्तोत्र का हर रविवार सुबह पाठ करें, होगी सूर्यदेव की कृपा

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श्री सूर्य अष्टकम स्तोत्र का पाठ करने से जातक के व्यक्तित्व में तेज आता है और उसके सभी कार्य सफल होते हैं।

श्री सूर्य अष्टकम स्तोत्र-

”आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर ।

दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥1॥

सप्ताश्व रथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम् ।

श्वेत पद्माधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥2॥

लोहितं रथमारूढं सर्वलोक पितामहम् ।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥3॥

त्रैगुण्यश्च महाशूरं ब्रह्माविष्णु महेश्वरम् ।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥4॥

बृहितं तेजः पुञ्ज च वायु आकाशमेव च ।

प्रभुत्वं सर्वलोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥5॥

बन्धूकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम् ।

एकचक्रधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥6॥

तं सूर्यं लोककर्तारं महा तेजः प्रदीपनम् ।

महापाप हरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥7॥

तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानप्रकाशमोक्षदम् ।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥8॥

सूर्याष्टकं पठेन्नित्यं ग्रहपीडा प्रणाशनम् ।

अपुत्रो लभते पुत्रं दारिद्रो धनवान् भवेत् ॥9॥

अमिषं मधुपानं च यः करोति रवेर्दिने ।

सप्तजन्मभवेत् रोगि जन्मजन्म दरिद्रता ॥10॥

स्त्री-तैल-मधु-मांसानि ये त्यजन्ति रवेर्दिने ।

न व्याधि शोक दारिद्र्यं सूर्य लोकं च गच्छति ॥11॥”

प्रेम और स्नेह का आदान-प्रदान थी टिफिन बैठक : शिवराज

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भोपाल, 09 जुलाई| मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद् में अपनी तरह की एक अलग ‘टिफिन बैठक’ के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये सिर्फ टिफिन बैठक नहीं, बल्कि प्रेम-स्नेह का आदान-प्रदान एवं प्रदेश के विकास और जनकल्याण का संकल्प थी। प्रदेश में कल रात मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद मुख्यमंत्री निवास में टिफिन बैठक आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री श्री चौहान समेत सभी मंत्री अपने घर से भोजन लेकर आए और सभी ने जमीन पर बैठकर इसका पारंपरिक अंदाज में आनंद लिया। इस दौरान मंत्रियों की पत्नियां भी उपस्थित रहीं।
प्रदेश में कल रात मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद मुख्यमंत्री निवास में टिफिन बैठक आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री चौहान समेत सभी मंत्री अपने घर से भोजन लेकर आए और सभी ने जमीन पर बैठकर इसका पारंपरिक अंदाज में आनंद लिया। इस दौरान मंत्रियों की पत्नियां भी उपस्थित रहीं।
इस बैठक के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि आनंद के वातावरण में पहले कैबिनेट बैठक हुई। बाद में एक परिवार की तरह सभी लोगों ने सबके घरों से लाए टिफिन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि सभी ने एक दूसरे को भोजन परोसा और जम कर खाया।
उन्होंने कहा कि इस बैठक के माध्यम से सभी ने अलग-अलग अंचलों का स्वाद लिया। ये केवल भोजन नहीं था, बल्कि प्रेम और स्नेह का आदान-प्रदान और ये संकल्प था कि प्रदेश के विकास और जनकल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

रातों-रात खुल जाएगा किस्मत का ताला, करें किचन के मसालों का ये टोटका

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हर कोई कड़ी मेहनत करता है, ताकि आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके। कई बार मेहनत रंग नहीं ला पाती। बहुत से लोग अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए उपाय करते हैं। कुछ ऐसे तरीके हैं जिन्हें नियमित रूप से किया जाए तो धीरे-धीरे वित्तीय स्थिति में सुधार हो जाएगा। ये उपाय आप दो किचन मसालों के साथ कर सकते हैं।

राई और काले जीरे का टोटका
शनिवार की रात को एक मुट्ठी राई और एक मुट्ठी काला जीरा लें। इन दोनों मसालों को लाल कपड़े में रखकर जला दें। अगर आप प्रत्येक शनिवार को ऐसा करते हैं, तो आपके दुश्मनों की संख्या कम हो जाएगी। जीवन में सकारात्मक परिवर्तन नजर आएगा।

तुलसी के पौधे का टोटका
तुलसी की देखभाल करने से आर्थिक उन्नति होती है। तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल दें। अगर कोई पत्तियां खराब हों तो उन्हें हटा दें। अगर पौधा सूख जाए तो उसे बदल दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा।

कुबेर देव
घर में कुबेर यंत्र या मूर्ति रखें। धन के देवता की मूर्ति रखने से आर्थिक वृद्धि होती है। भगवान कुबेर की कृपा पाने से आर्थिक प्रगति के साथ बाधाएं दूर होंगी।

शिवराज ने स्मृति ईरानी से की भेंट

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भोपाल, 09 जुलाई/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय महिला-बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी ने आज भोपाल प्रवास के दौरान यहां मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। श्रीमती ईरानी ने प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं की सराहना की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्रीमती ईरानी ने बताया कि वे जब महिलाओं के एक कार्यक्रम में इन्दौर आईं थीं तो निम्न मध्यवर्गीय तबके की हजारों महिलाओं ने उन्हें प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं के अच्छे अनुभवों से अवगत करवाया था। केन्द्र और राज्य सरकार की महिला कल्याण की योजनाओं से बड़ी संख्या में महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। श्रीमती ईरानी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में किए गए परिवर्तन से अब परिवार में दूसरी बेटी होने पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने श्रीमती ईरानी को प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई जिससे बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिला और प्रदेश में लिंगानुपात में भी सुधार हुआ। प्रदेश में निरंतर महिला कल्याण की योजनाएँ लागू की गई। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में पहले गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के लिए पोषण और देखभाल की व्यवस्था का अभाव था। वर्तमान में शिशु के जन्म के पहले 4 हजार और शिशु के जन्म के बाद 6 हजार रुपये माताओं को प्राप्त होते हैं जिससे वे अपने स्वास्थ्य और पोषण का पर्याप्त ध्यान रख पाती हैं। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय निकायों और पुलिस बल में क्रमशः 50 और 30 प्रतिशत का आरक्षण देकर बेटियों और महिलाओं का सशक्तिकरण किया गया है। यह पहल करने वाला मध्यप्रदेश पहला प्रदेश रहा है। पुलिस बल में आरक्षण का विभिन्न स्तरों पर विरोध सहन करने के बाद भी महिलाओं के हित में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में भी रियायत देने से बड़ी संख्या में महिलाएँ संपत्ति की मालिक बनी हैं। गाँव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना से भी बेटियाँ लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूंजीगत व्यय में कमी किए बिना प्रदेश के बजट में कई गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश अनेक क्षेत्रों में आगे है। विभिन्न वर्गों का कल्याण सुनिश्चित किया गया है। श्री चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने अनेक योजनाएँ बंद कर दी थीं, जिनमें बैगा, सहरिया और भारिया जनजाति की महिलाओं को मिलने वाली मासिक एक हजार रुपये की आहार अनुदान राशि भी शामिल थी। इसी तरह संबल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्व सरकार द्वारा नहीं किया गया। वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना प्रारंभ कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की राह आसान की है। योजना के अंतर्गत द्वितीय मासिक किश्त का भुगतान सोमवार 10 जुलाई को किया जा रहा है। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने औबेदुल्लागंज के 250 स्कूली बच्चों के साथ किया पौध-रोपण

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स, भोपाल स्थित उद्यान में आज बरगद, नीम, महुआ और करंज के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री के साथ आज रायसेन जिले के बच्चों ने पौध-रोपण किया। इनमें ब्राइट विद्यालय औबेदुल्लागंज, क्राइस्ट विद्या भवन, चाणक्य विद्यालय और सरस्वती शिशु मंदिर, औबेदुल्लागंज के कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्र-छात्राएँ शामिल हैं। बच्चों ने मुख्यमंत्री चौहान के साथ फोटो खिंचवाए और सेल्फी भी ली। प्रसन्न और उत्साहित बच्चों ने कहा कि “हमारे मामा सबसे अच्छे।” बच्चे जनजाति संग्रहालय देखने भोपाल आए थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू की है। नीति में ऐसी गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है, जिसमें बच्चे विद्यालय और किताबों से कुछ समय बाहर निकल कर विभिन्न संग्रहालय, स्मारक और प्राकृतिक मनोरम स्थल देखें, जिससे वे व्यावहारिक जीवन के साक्षी भी बनें।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ अन्य समाजसेवियों ने भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री के साथ आज योगेन्द्र कुमार, अरुण कुमार लोधी, नागेन्द्र शुक्ला, श्री आशीष महावर, बालाघाट के कार्यकर्ता सर्वश्री जितेन्द्र गौतम, सुश्री रवीना गौतम, रवीन्द्र सोनवाले, राजेश रहंगडाले एवं छिंदवाड़ा के सर्वश्री रामवतार दांगी, प्रदीप सिंह ठाकुर, चेतना रघुवंशी, अभिलाषा दांगी ने भी पौधे लगाए। पौध-रोपण करने वाले अन्य लोगों में सर्वश्री बाला सैनी, यश अग्रवाल, विनोद नागर, नीलेश वैष्णव, रितिक सेन, जयप्रकाश शर्मा, अम्बर शर्मा, पूजा लोधी, नीतेश अरोरा और राजेश शर्मा आदि शामिल थे।

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से किडनी के रोग के लिए सहायता राशि प्राप्त करने वाली श्रीमती बबीता ने परिजन के साथ पौध-रोपण किया। श्रीमती बबीता ने उपचार के लिए मिली मदद से नया जीवन प्राप्त किया है। श्रीमती बबीता ने उपचार सहायता के लिए मुख्यमंत्री चौहान का आभार माना।

गोलवलकर पर ट्वीट, दिग्विजय पर मामला दर्ज

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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजेश जोशी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोळवलकर ‘गुरुजी’ को लेकर सोशल मीडिया पर एक फर्जी बयान साझा किये जाने को लेकर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करायी है।
इंदौर के सुदामा नगर निवासी श्री जोशी ने शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे तुकोगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 469, 500 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी। श्री जोशी ने पुलिस रिपोर्ट में कहा है कि विश्व के सबसे बड़े निस्वार्थ समाजसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध विद्वेषपूर्ण तरीके से दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों और हिन्दुओं में शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्यता पैदा कर आपस में उकसाने एवं वर्ग संघर्ष के उद्देश्य से जानबूझकर किए गए पोस्ट से उनकी, आरएसएस के स्वयंसेवकों और हिन्दू समाज की धार्मिक आस्था आहत हुई है। कल अपराह्न करीब चार बजे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने ट्विटर पर एक कथित अखबारी कतरन को साझा करते हुए लिखा,” गुरु गोलवलकर जी के दलितों पिछड़ों और मुसलमानों के लिए व राष्ट्रीय जल जंगल व ज़मीन पर अधिकार पर क्या विचार थे अवश्य जानिए।” कथित अखबारी कतरन में गुरु गोलवलकर को उद्धृत करते हुए छापा गया है – “मैं सारी जिन्दगी अंग्रेज़ों की गुलामी करने के लिए तैयार हूँ लेकिन जो दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को बराबरी का अधिकार देती हो, ऐसी आजादी मुझे नहीं चाहिए।” इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता झूठ के सहारे सामाजिक विद्वेष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने श्री सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए ट्विटर पर उन्हें संबोधित करते हुए लिखा, “श्री गोलवलकर गुरुजी के संदर्भ में यह ट्वीट तथ्यहीन है तथा सामाजिक विद्वेष उत्पन्न करने वाला है। संघ की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह झूठा फोटोशॉप करके चित्र लगाया हैं। श्री गुरुजी ने कभी भी ऐसे नहीं कहा। उनका पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में लगा रहा।” श्री सिंह के इस ट्वीट पर आम लोगों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उनके ट्वीट को उनकी गरिमा और राजनीतिक हैसियत के प्रतिकूल करार दिया है।

मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्‍य सचिव निर्मला बुच का निधन, सीएम शिवराज ने जताया शोक

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भोपाल, पूर्व आइएएस अधिकारी निर्मला बुच का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थीं
और बीते कुछ समय से अस्‍वस्‍थ चल रही थीं। वह 1960 बैच की आइएएस अधिकारी थीं और 1990 से 1992 तक
तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की सरकार में मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव रहीं। उनके पति स्व महेश नीलकंठ बुच भी मध्य प्रदेश कैडर के आइएएस थे, जिन्‍होंने प्रशासनिक क्षेत्र में कई उल्‍लेखनीय कार्य किए थे। सोमवार को भोपाल में निर्मला बुच का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अद्भुत थी निर्मला जी की प्रशासनिक दक्षता – शिवराज
निर्मला बुच के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती निर्मला बुच जी के निधन के समाचार से मन दुःखी है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और
प्रशासनिक दक्षता अद्भुत थी। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने
की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ हैं।

निर्मला बुच का जन्‍म 11 अक्‍टूबर 1935 को उप्र के खुर्जा में हुआ था। वर्ष 1960 में मंसूरी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के
बाद उनकी पहली पदस्थापना 1961 में जबलपुर में हुई थी। वह 1961 से 1993 तक मध्य प्रदेश एवं भारत सरकार के
विभिन्न विभागों के प्रशासन एवं प्रबंधन के पदों पर रहीं। वह मध्य प्रदेश सरकार में 1975-77 तक वित्त सचिव एवं शिक्षा
सचिव तथा 1991-1992 में मुख्य सचिव के पद पर रहीं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास का जो मॉडल
तैयार किया, वह मील का पत्थर साबित हुआ।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पहुंची भाेपाल, बाेलीं- मध्यप्रदेश का आंगनबाड़ी गोद लेने का कार्यक्रम सराहनीय

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भाेपाल| मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी को गोद लेने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम को केंद्रीय कपड़ा तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सराहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से योजना का प्रगति प्रतिवेदन भिजवाने के लिए कहा है, ताकि इसे व्यापक स्तर पर लागू करने के संबंध में विचार किया जा सके।

भाेपाल प्रवास के दाैरान उन्हाेंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रशंसा करते हुए कहा कि मामा जी मां और बेटी दोनों के स्वास्थ्य व कल्याण की चिंता कर रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना का उल्लेख मैं अपने भाषण में करती हूं। मध्य प्रदेश में बेटियों के हित में संचालित योजनाओं को अन्य राज्यों ने अपनाया है, यह आपके कार्यों की सफलता का परिचायक है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण के कार्यों के अलावा अन्य योजनाओं की जानकारी दी। केंद्रीय कपड़ा तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी जब सीएम आवास पहुंची ताे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही गमछा एवं सांची स्तूप चिन्ह भी भेंट किया।
महिला माेर्चा के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हुईं शामिलः केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सीहोर में भाजपा महिला माेर्चा के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हाेने के लिए सुबह भाेपाल पहुंची। यहां से वह सिहाेर रवाना हाे गईं। जहां वह ग्रेसेस रिजोर्ट में जारी भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं। प्रशिक्षण शिविर के नवे सत्र को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संबाेधित किया। कार्यक्रम के बाद जब भाेपाल पहुंची ताे यहां वह सीधे सीएम आवास में पहुंची थी। जहां सीएम शिवराज सिंह के साथ साैजन्य भेंट के दाैरान कई जनहित की योजनाओं पर चर्चा की।

शिवराज ने मंत्रियों के साथ टिफिन बैठक की

भोपाल, 08 जुलाई| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज निवास पर कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों के साथ टिफिन बैठक की। सभी मंत्रीगण घर से अपना-अपना टिफिन लेकर बैठक में पहुंचे। मुख्यमंत्री भी अपने घर का बना भोजन टिफिन में लेकर आए। आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री चौहान ने सभी मंत्रियों के साथ निवास स्थित समत्व
भवन के सभागार में भोजन किया और भोजन के दौरान मंत्रीगण के साथ बातचीत भी की। श्री चौहान ने टिफिन बैठक के
बाद कहा कि यह केवल भोजन नहीं, परस्पर प्रेम, स्नेह का आदान-प्रदान और संकल्प लेने का अवसर था कि प्रदेश के
विकास और जन-कल्याण के कार्यों में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम सब एक परिवार के हैं। साथ मिलकर जनता की
सेवा कर रहे हैं।

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