मप्र विधानसभा चुनाव-2023 ख़ास मुद्दे:- कांग्रेस लागू करेगी नारी सम्मान योजना दो करोड़ 60 लाख 23 हजार 733 महिला मतदाताओं के वोट को लुभाने मई से भरवाए जाएंगे आवेदन

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Chhindwara News: कांग्रेस की सरकार बनने पर मध्य प्रदेश में नारी सम्मान योजना लागू की जाएगी। इसमें महिलाओं को डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान निधि दी जाएगी। इसके साथ ही पांच सौ रुपये में रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ इसकी घोषणा कर चुके हैं।

इसके लिए महिलाओं से आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत नौ मई को छिंदवाड़ा में आयोजित महिला सम्मेलन से होगी। इसके साथ ही सभी जिलों में आवेदन पत्र भरवाने का काम प्रारंभ हो जाएगा। प्रदेश के कुल पांच करोड़ 39 लाख 87 हजार 876 मतदाताओं में से दो करोड़ 60 लाख 23 हजार 733 महिला मतदाता हैं।

प्रदेश में शिवराज सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लागू की है। इसमें 23 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि जो भी महिलाएं रह गई हैं, उनके आवेदन भरवाए जाएं।

इस योजना को नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले में लाड़ली बहना सम्मेलन भी कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने भी इस योजना की काट में महिलाओं को डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह और पांच सौ रुपये में रसोई गैस सिलिंडर देने का वचन दिया है। इसके लिए सरकार बनते ही नारी सम्मान योजना लागू की जाएगी।

इसमें सभी वर्ग की महिलाएं पात्र होंगी और न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष रहेगी। आवेदन पत्र में आयु, जिला, विकासखंड, गांव या वार्ड, मध्य प्रदेश के मूल निवासी का प्रमाण, आधार नंबर और बैंक खाता नंबर लिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि सभी जिलों में एक साथ नौ मई से योजना के लिए आवेदन पत्र भरवाने का काम प्रारंभ हो जाएगा। जिला कांग्रेस इकाइयों के पास ये आवेदन पत्र आएंगे और वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेंगी। सरकार बनने पर जब योजना क्रियान्वित होगी तो अलग से आवेदन नहीं करना होगा।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विस्फोट कर वाहन उड़ाने से चालक समेत 11 जवान शहीद

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दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ के घुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में सर्चिंग आपरेशन से लौट रहे वाहन को आज दोपहर नक्सलियों के आईडी विस्फोट कर उड़ाने से वाहन चालक समेत सुरक्षा बलों के 11 जवान शहीद हो गए।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को अरनपुर थाना क्षेत्र के हिड़मा इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना प्राप्त हुई थी,जिस पर दंतेवाडा के पुलिस उप महानिरीक्षक ने एक अभियान लांच कर जवानों को सर्चिंग आपरेशन के लिए रवाना किया था।जवान इस आपरेशन से दोपहर में लौट रहे थे कि उनके वाहन को नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया जिससे वाहन के चालक समेत 11 जवान मौके पर ही शहीद हो गए।घटना की सूचना मिलने के बाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के साथ दंतेवाडा के पुलिस उप महानिरीक्षक भी मौके पर पहुंच गए है।शहीद जवानों एवं विस्फोट में उड़ाए गए निजी वाहन के चालक के पार्थिव शरीर को जिला मुख्यालय लाने के लिए एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई है।उन्होने बताया कि घटनास्थल जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर जंगली क्षेत्र में हैं।उन्होने बताया कि घटना में शहीद सभी जवान जिला रिजर्व पुलिस बल के थे।घटना के बारे में मिली और जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर काफी गहरा गड्डा बन गया।राज्य में लम्बे समय बाद नक्सलियों के हमले में इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए है।

करप्शन, क्राइम और कमीशन कांग्रेस की पहचान है: शिवराज सिंह चौहान

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कर्नाटक में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी की नज़रें सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी पर टिकी हुई हैं। राज्य में सक्रीय सभी राजनीतिक दल अपने – अपने में चुनावी माहौल बनाने में ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। अपनी सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए विपक्ष दलों में जमकर जुबानी हमला बोला जा रहा है। बीजेपी ने भी अपने देशभर के स्टार चेहरों कर्नाटक में तैनात कर रखा है। इनमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल है। इसी कड़ी में बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए कर्नाटक पहंचे है। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक में कांग्रस और इसके पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।

कर्नाटक में चुनावी सभा में शिवराज ने कहा है कि कांग्रेस की पहचान 3 ’सी’ हैं- करप्शन, क्राइम और कमीशन। दूसरी ओर बीजेपी की पहचान कनेक्टिविटी, क्लीनलीनेस और डेवलपमेंट है। राहुल गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 50 साल हो गई, लेकिन बुद्धि पांच साल के बच्चे जैसी है।

कर्नाटक में रोड शो के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। यहां अपने भाषम में शिवराज ने ‘3C’ का फॉर्मुला बताया है। सीएम चौहान ने कहा कि, करप्शन, क्राइम और कमीशन कांग्रेस की पहचान है। वहीं, दूसरी तरफ कनेक्टिव रोड, कनेक्टिव एयर, स्वच्छता और डेवलपमेंट विकास भारतीय जनता पार्टी की पहचान है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए ये भी कहा कि, ‘महात्मा गांधी जी ने आजादी के बाद कहा था कि, कांग्रेस को भंग कर दो, लेकिन नेहरू जी ने उनकी नहीं मानी।’

इसपर आगे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये कहा कि, गांधी जी ने कहा था कि, कांग्रेस देश को आजाद कराने के लिए गठित की गई थी। महात्मा गांधी की बात नेहरू जी ने नहीं मानी। वहीं, राहुल गांधी का जिक्र करते हुए शिवराज ने कहा कि, ‘राहुल गांधी जी ने संकल्प ले लिया कि, वो कांग्रेस को खत्म करके ही छोड़ेंगे। जिसके बाद कांग्रेस धीरे-धीरे सारे देश से खत्म हो रही है। कहीं कांग्रेस का कोई अस्तित्व रह नहीं गया है।’

मोबाइल में धमाका, चेहरे पर फट गया 8 साल की बच्ची की मौत

नई दिल्ली। मोबाइल फोन का यदि आप बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। केरल में मोबाइल फोन के फटने से एक 8 साल की बच्ची की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब वह मोबाइल चला रही थी। आदित्यश्री नाम की बच्ची ने मोबाइल को अपने चेहरे के पास ही रखा हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि यह घटना सोमवार को रात 10-30 बजे की है। आदित्य श्री पास के ही एक स्कूल में तीसरी क्लास की छात्रा थी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। मनोरमा न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य श्री पूर्व ब्लॉक पंचायत सदस्य अशोक कुमार की बेटी है। शुरुआती जांच के मुताबिक पुलिस का कहना है कि बच्ची लंबे समय से वीडियो देख रही थी। इसलिए ऐसा हो सकता है कि बैटरी ओवरहीट हो गई हो और उसके चलते मोबाइल में धमाका हो गया। बच्ची की घटना के थोड़ी ही देर बाद मौत हो गई। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर भेजा है, जिसने कुछ सबूत जुटाए हैं। मोबाइल फोन फटने की घटना हैरान करने वाली है और डराती भी है। ऐसे में पुलिस ने इसकी विस्तार से जांच का फैसला लिया है ताकि सच्चाई सामने आए। फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं। इसके •अलावा एक्सपर्टस को भी साथ लिया जा रहा है। मोबाइल तीन साल पहले खरीदा गया था। इस फोन को बच्ची के चाचा ने उसके पिता के लिए खरीदा था। बीते साल फोन की बैटरी भी बदलवाई गई थी । यह घटना जिस वक्त हुई, उस दौरान आदित्य श्री और उसकी दादी ही मौके पर थीं। आदित्य श्री की दादी उस समय किचन में थीं, जब उनकी पोती के चेहरे पर मोबाइल फट गया। मनोरमा न्यूज से बातचीत में पुलिस ने बताया, बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

गंगोत्री यमुनोत्री बद्रीनाथ और केदारनाथ चारधाम यात्रा का महत्व, यहां होता है दिव्य शक्तियों का वास

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भोपाल, भारत वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाली हिंदू धर्म की चार धाम यात्रा का खास महत्व है. जिसमें गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा प्रारंभ होती है. हर हिंदू को एक न एक बार चार धाम की यात्रा अवश्य करना चाहिए. सभी भारतीय का सपना होता है कि वह अपनी जिंदगी में एक बार चार धाम यात्रा जरूर करें. बता दें, दिनांक 25 अप्रैल यानी कि आज से कदारनाथ धाम के कपाट खुल चुके हैं. हालांकि यहां भारी बारीश और बर्फबारी भी हो रही है. जिसके कारण हरिद्वार और ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी गई है. अब ऐसे में इन चार धामों के बारे में जानना बेहद जरूरी है. तो आइए आज हम आपको अपने इस लेख में चार धाम यात्रा के बारे में बताएंगे, साथ ही इसका महत्व क्या है.

बद्रीनाथ धाम – Badrinath Dham

दिनांक 27 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 10 मिनट पर आप बद्रीनाथ के दर्शन कर पाएंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बिना चारधाम यात्रा अधूरी मानी जाती है. भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक नर और नारायण की बद्रीनाथ तपोभूमि मानी जाती है. ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति एक बार बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है, उसे मोक्ष मिल जाता है, उस व्यक्ति का दोबारा जन्म नहीं होता है.

केदारनाथ धाम- Kedarnath Dham

इस साल दिनांक 25 अप्रैल दिन मंगलवार यानी कि आज से केदारनाथ धाम के कपाट मेघ लग्न में पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए हैं. 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने भाइयों की हत्या के बाद प्राश्चित करने केदारनाथ ही आए थे.

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा- Gangotri and Yamunotri pilgrimage

दिनांक 21 अप्रैल 2023 को मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी. अब गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खुल चुके हैं.

चार धाम का महत्व, जानें क्या है?

1. सनातन धर्म में चार धाम का बहुत खास महत्व है. यहां दिव्य शक्तियों का वास होता है.

2. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चार धामों में बद्रीनाथ को सबसे श्रेष्ण और आठवां वैकुंठ धाम माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस स्थान पर भगवान विष्णु 6 महीने तक निंद्रा में रहते हैं और छह महीने तक जागृत अवस्था में होते हैं.

3. केदारनाथ धाम भगवान शिव का आराम स्थान माना जाता है. यही वह स्थान है, जहां भगवान शिव ने दर्शन दिए थे.

4. धार्मिक मान्यता है कि चार धाम यात्रा करने से मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति होती है.

 

चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर में 972 पदों की स्वीकृति, नियमित स्थापना के 488 पद और आउटसोर्स के 484 पद

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भोपाल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने स्कूल शिक्षा के प्रस्ताव और परियोजना परीक्षण समिति की अनुशंसा अनुसार प्रदेश में 70 सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के लिये अनुमानित लागत 2847 करोड़ 63 लाख रूपये से निर्माण किये जाने का निर्णय लिया। प्रदेश में सी.एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 विद्यालय विकसित किये जा रहे हैं।

1207 करोड़ 36 लाख रूपये की सिंचाई परियोजनाओं के लिए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पन्ना जिले की रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना लागत राशि 513 करोड़ 72 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 14 हजार 450 हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 47 ग्रामों के 14 हजार 450 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मझगाँय मध्यम सिंचाई परियोजना लागत राशि 693 करोड़ 64 लाख रूपये सैंच्य क्षेत्र 13 हजार 60 हेक्टेयर रबी की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 38 ग्रामों के 13 हजार 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

नि:शुल्क भूमि आवंटन

मंत्रि-परिषद ने देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मारक प्रतिष्ठान इन्दौर को ग्राम कस्बा इंदौर में 1.215 हेक्टेयर भूमि का निःशुल्क आवंटन करने का निर्णय लिया।

नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि धारकों के धारणाधिकार संबंध में अनुसमर्थन

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आदेश 31 फरवरी 2023 का अनुसमर्थन किया। नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि के धारकों के धारणाधिकार संबंधी मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना में नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्तियों की पट्टा हेतु पात्रता अवधि (अधिभोग की तिथि) में वृद्धि कर 31 दिसम्बर, 2014 से बढ़ा कर 31 दिसम्बर, 2020 की जाये। नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि में धारकों के धारणाधिकार संबंधी विभागीय परिपत्र दिनांक 24 सितम्बर, 2020 की प्रक्रिया एवं उपबंधों का अनुसरण करते हुए ऐसे अधिभोगी जो 31 जुलाई 2023 तक सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन करते हैं तो उन पात्र अधिभोगियों को नियमानुसार प्रब्याजि एवं भू-भाटक लेकर उनके अधिभोग के भूखंडों के 30 वर्षीय स्थाई पट्टे जारी किये जायें।

ऐसे मामलों में जिनमें इस परिपत्र के जारी होने की दिनांक के पूर्व लिए गए निर्णयों के अनुसरण में प्रीमियम राशि जमा की जा चुकी है, उन्हें पुनः विचार हेतु नहीं खोला जाएगा और न ही उन्हें कोई राशि वापिस प्राप्त करने अथवा भविष्य में देय राशि के समायोजन की पात्रता होगी।

लाइनमेन के लिए जोखिम भत्ता की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने लाईनमेन के विपरीत एवं विषम परिस्थितियों तथा जोखिम भरे कार्य के दृष्टिगत निर्णय लिया गया कि प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों में आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित आई. टी. आई. उत्तीर्ण श्रमिक, जो कंपनी में लाइनमेन का कार्य कर रहे हैं, को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित प्रतिमाह वेतन के अतिरिक्त 1000 रूपये का जोखिम भत्ता प्रदान किया जायेगा। ऐसे कार्यरत लाइनमेन को कंपनियों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने एवं तत्संबंधी आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर इस वर्ग में नियोजन की पात्रता होगी।

6 उत्पाद के लिए 10 जिलों का चयन

प्रदेश में जिले की विशेषता के आधार पर उनके द्वारा निर्मित उत्पाद की उत्पादन क्षमता में वृद्धि, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिये शासन द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के माध्यम से एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत जिलेवार उत्पादों का चयन किया गया है। मंत्रि-परिषद में कृषि संबंधी 6 उत्पाद अंतर्गत 10 जिलों में शामिल कोदो-कुटकी जिला अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिंगरौली, तुअर दाल जिला-नरसिंहपुर, चना जिला-दमोह. बासमती चावल जिला रायसेन, चिन्नौर चावल जिला-बालाघाट एवं सरसों जिला भिण्ड एवं मुरैना को ‘एक जिला-एक उत्पाद’ हेतु प्रशिक्षण एवं मूल्य संवर्धन योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना का क्रियान्वयन संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल के माध्यम से किये जाने का निर्णय लिया गया।

राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण को स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राजस्व न्यायालयों की कम्प्यूटरीकरण परियोजना RCMS 4.0. का विकास किए जाने के लिए आगामी 5 वर्षों (2023-24, 2024- 25, 2025-26, 2026-27 एवं 2027-28) के लिए तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव राशि 73 करोड़ 48 लाख 65 हजार का व्यय किये जाने तथा RCMS 4.0 का विकास किए जाने की अवधि में समानांतर रूप से RCMS परियोजना 3.0 को आगामी दो वर्षों (2023-24 एवं 2024-25) तक जारी रखने ₹9 करोड़ 78 लाख रूपये का व्यय किये जाने की स्वीकृति प्रदान की।

25 नवीन चलित एवं 20 नवीन स्थायी रसोई केन्द्रों की मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय योजना के द्वितीय चरण में स्थापित 100 रसोई केन्द्रों के अतिरिक्त 20 निकायों में 20 नवीन स्थाई रसोई केन्द्र तथा ऐसे लोगों की मदद के लिये जो स्थाई रसोई केंद्रों पर नहीं पहुँच पाते हैं, उनके लिये 16 नगर निगम तथा पीथमपुर एवं मण्डीदीप में कुल 25 नवीन चलित रसोई केन्द्र (इस प्रकार कुल 45 नवीन रसोई केन्द्र) खोले जाने का निर्णय लिया गया।

कोविड-19 महामारी के समय रसोई केन्द्रों की महत्ता भी प्रदर्शित हुई। इसलिये 26 फरवरी, 2021 को रसोई योजना के द्वितीय चरण में 52 जिला मुख्यालयों तथा 06 धार्मिक नगर मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, ओरछा एवं चित्रकूट में कुल 100 रसोई केंद्रों का संचालन आरंभ किया गया था। योजना में प्रत्येक जरूरतमंद को रुपये 10/- प्रति व्यक्ति की दर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। आज तक 01 करोड़ 62 लाख थालियों का वितरण किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों का आगमन होता है। शासन द्वारा प्रदेश के 55 नगरीय निकायों के 119 रैन बसेरा/आश्रय स्थलों में इनके लिये अस्थाई आश्रय तथा दीनदयाल अन्त्योदय रसोई योजना के प्रथम चरण 7 अप्रैल, 2017 से प्रदेश के 51 नगरीय निकायों के 56 रसोई केन्द्रों में किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।

972 पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर अंतर्गत 1000 बिस्तर नवीन निर्मित चिकित्सालय के संचालन के लिए नियमित स्थापना के 488 पद और आउटसोर्स के 484 पद विभिन्न संवर्ग को मिला कर 972 नवीन पद सृजित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

328 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सतना में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु पूर्व में जारी प्रशासकीय स्वीकृति 4 अक्टूबर, 2018 में प्रथम चरण के निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि 300 करोड़ रूपये के स्थान पर 328 करोड़ 79 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

फसल क्षति की सहायता राशि के मानदण्डों में संशोधन

मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड छ: क्रमांक 4 में वर्तमान में प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति हेतु परिशिष्ट-1 (एक) (क) की तालिका के अनुक्रमांक 01 एवं 02 में संशोधन का अनुसमर्थन किया गया। लघु एवं सीमांत 0 से 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि धारित करने वाले कृषक/खातेदार को वर्षा आधारित फसल के लिए 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 5 हजार 500 रूपये, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 8 हजार 500 रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 17 हजार रूपये, सिंचित फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 9 हजार 500 रूपये, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 16 हजार रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार 500 रूपये, बारामाही (पैरीनियल) (बोवाई/रोपाई से 6 माह से कम अवधि में 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर) फसल के लिये 9 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 19 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, बारामाही (पैरीनियल) (बोवाई/रोपाई से 6 माह से अधिक अवधि के बाद 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने) पर फसल के लिये 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 21 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, सब्जी, मसाले तथा ईसबगोल की खेती के लिये 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 19 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 27 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा। 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर सेरीकल्चर (एरी. शहतूत और टसर) फसल के लिये 6 हजार 500 रूपये प्रति हेक्टेयर तथा मूंगा के लिये 8 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा। 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर सेरीकल्चर (एरी. शहतूत और टसर) फसल के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर तथ मूंगा के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।

इसी प्रकार लघु एवं सीमांत कृषक से भिन्न कृषक-2 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि धारित करने वाले कृषक / खातेदार को वर्षा आधारित फसल के लिए 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 5 हजार रूपये, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 7 हजार 300 रुपये, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर 14 हजार 600 रूपये, सिंचित फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 7 हजार रूपये, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 14 हजार 500 रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 29 हजार रूपये, बारामाही (पैरीनियल) (बोवाई/रोपाई से 6 माह से कम अवधि के बाद 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर) फसल के लिये 7 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 19 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, बारामाही (पैरीनियल) (बोवाई/रोपाई से 6 माह से अधिक अवधि के बाद 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर) फसल के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 19 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, सब्जी, मसाले तथा ईसबगोल की खेती के लिये 25 से 33 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 15 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर 19 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर, 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 32 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान सहायता राशि दी जाएगी।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय नवीन महाविद्यालय, नंदानगर, इंदौर में स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय प्रारंभ किए जाने हेतु 25 शैक्षणिक तथा 22 अशैक्षणिक नवीन पद सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी।

पाकिस्तान की हार, मार्क चैपमैन ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, जड़ा शतक

mark chapmenपाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज़ 2-2 की बराबरी पर रही. न्यूज़ीलैंड ने आखिरी मैच 6 विकेट से जीतकर सीरीज़ ड्रा करवाई. इस मैच में न्यूज़ीलैंड के स्टार बल्लेबाज़ मार्क चैपमैन ने रनों का पीछा करते हुए अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक लगाया. अपने इस शतक के साथ उन्होंने टीम को जीत दिलाई और साथ ही अपने नाम कई रिकॉर्ड्स भी दर्ज किए.

मार्क चैपमैन ने अपने नाम किए ये रिकॉर्ड्स

चैपमैन टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने वाले पहले मेहमान बल्लेबाज बने. वहीं टी20 इंटरनेशनल के सफल रन चेज़ में चैपमैन नंबर पांच या उससे नीचे क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बने.
इस मैच में चैपमैन ने 57 गेंदों में 182.46 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 104 रन बनाए. उनकी इस पारी में कुल 11 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. न्यूज़ीलैंड की इस जीत में चैपमैन के साथ-साथ जेम्स नीशम का अहम योगदान रहा. उन्होंने 25 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रनों की पारी खेली. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 58 गेंदों में 121* रनों की साझेदारी की.

ऐसा रहा मैच का हाल

इस मैच में न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया. बल्लेबाज़ी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बोर्ड पर लगाए. टीम की इस पारी में ओपनर बल्लेबाज़ मोहम्मद रिज़वान ने 62 गेंदों में 7 चौके और 4 छक्कों की मदद से 98 रन बनाए.

194 रनों का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम ने 9.5 ओवर में 4 विकेट गंवा दिए. इसके बाद मार्च चैपमैन और जेम्स नीशम ने दारोमदार संभाला. चैपमैन ने अपने टी20 इंटरनेशनल करयिर का पहला शतक लगाया, वहीं नीशम ने 45 रनों की पारी खेल उनका साथ दिया और टीम को जीत दिलाने में मदद की

तीरंदाजी विश्व कप में भारत ने जीते चार पदक

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अंताल्या, अतानु दास, धीरज बोम्मादेवरा और तरुणदीप राय की भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने तीरंदाजी विश्व कप 2023 के स्टेज-1 में रजत पदक हासिल किया है।भारतीय तिकड़ी ने रविवार को खेले गये रोमांचक फाइनल में चीन के ली ज़ोंग्युआन, क्वी शियांगशुओ और वी शाओशुआन से 4-5 से हारने के बाद चांदी से संतोष किया। खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले दो सेट गंवाए, लेकिन अगले दो सेट जीतकर स्कोर 4-4 से बराबर कर लिया। निर्णायक सेट में दोनों टीमें 28-28 से बराबरी पर थीं, लेकिन शूट-ऑफ में चीनी टीम ने ली के शुरुआती शॉट से जीत हासिल कर ली। फाइनल में पहुंचने के लिये चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय टीम ने इटली, जापान, चीनी ताइपे और नीदरलैंड को हराया था।इसी के साथ भारत ने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य के साथ अपना सफर समाप्त किया। धीरज ने टीम प्रतियोगिता में रजत जीतने के बाद एकल रिकर्व प्रतियोगिता के कांस्य पदक मैच में कजाकिस्तान के इलफत अब्दुल्लिन को 7-3 से मात दी।इससे पहले, ज्योति सुरेखा वेनम ने शनिवार को भारत के लिये दो स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने महिला एकल कंपाउंड इवेंट में पोडियम में शीर्ष स्थान हासिल किया और कंपाउंड टीम इवेंट जीतने के लिये ओजस प्रवीण देवताले के साथ महत्वूपर्ण भागीदारी की।

सरफराज खान की अब एक बार फिर प्लेइंग 11 में वापसी

sarfaraj

 

आईपीएल 2023 का 34वां मैच दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जा रहा है. ये मैच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में हो रहा है. इस मैच में दिल्ली के कप्तान डेविड वॉर्नर ने टॉस जीतते हुए पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. वहीं, उन्होंने प्लेइंग 11 में एक ऐसे खिलाड़ी को शामिल किया है जिसको खराब खेल के चलते प्लेइंग 11 से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. ऐसे में ये मैच इस खिलाड़ी के लिए काफी अहम रहने वाला है.

दिल्ली टीम की कप्तानी संभाल रहे ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर डेविड वॉर्नर (David Warner) ने इस मैच में युवा बल्लेबाज सरफराज खान (Sarfaraz Khan) को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया है. सरफराज खान (Sarfaraz Khan) इस सीजन में इस मैच से पहले 2 मुकाबले खेलने को मिले थे. लेकिन इन दोनों ही मैचों में सरफराज खान (Sarfaraz Khan) पूरी तरह फ्लॉप रहे थे. जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया था.

शुरूआती दो मुकाबलों में रहे फ्लॉप

सरफराज खान (Sarfaraz Khan) ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ टीम के पहले आईपीएल मैच में 4 रन बनाए थे जबकि गुजरात टाइटंस के खिलाफ इनके बल्ले से 34 गेंदों में 30 रन निकले थे. ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने खराब प्रदर्शन की सजा इस खिलाड़ी को प्लेइंग-11 में शामिल न करके दे दी थी. सरफराज खान (Sarfaraz Khan) की अब एक बार फिर प्लेइंग 11 में वापसी हुई है. सरफराज इस मौके का फायदा जरूर उठाना चाहेंगे.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश की नारी शक्ति को मैं बधाई देता हूँ, हमारी सरकार ने करोड़ों दीदियों को लखपति दीदी बनाया: मोदी

हमारी सरकार ने करोड़ों दीदियों को लखपति दीदी बनाया: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि गाँव- गरीब का जीवन आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जो योजनाएँ बनाई हैं, उन्हें पंचायती राज संस्थाएँ प्रभावी तरीके से जमीन पर उतार रही हैं। आज मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ी 17 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण हो रहा है। यह परियोजनाएँ प्रदेशवासियों का जीवन आसान बनाने में मददगार होंगी। साथ ही रोजगार सृजन के नए अवसर भी निर्मित होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कर बेहतरीन कार्य किया है। मध्यप्रदेश की 50 लाख से अधिक महिलाएँ स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश की नारी शक्ति को मैं बधाई देता हूँ। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के इस कार्यक्रम से देश के 30 लाख से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधि जुड़े हैं। यह भारत के लोकतंत्र की सशक्त तस्वीर है। हम सभी जनता के प्रतिनिधि हैं और देश तथा लोकतंत्र के लिए समर्पित हैं। “जन सेवा से राष्ट्र सेवा” ही हम सब का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर देशभर की पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ-साथ विशेष ग्राम सभाओं को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह की उपस्थिति में रीवा के विशेष सशस्त्र बल मैदान में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह से प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 4 लाख 11 हजार हितग्राहियों को वर्चुअल गृह प्रवेश कराया। साथ ही मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन की 7853 करोड़ रूपये की लागत की रीवा, सतना और सीधी जिलों के लिए स्वीकृत 5 बड़ी समूह जल-प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के रेल नेटवर्क के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित कर 2300 करोड़ रूपये से अधिक की रेल परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभांरभ किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर प्रयासरत हैं। विकसित भारत के लिए गाँवों की सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था में सुधार और पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करना आवश्यक है। हमारी सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। देश में वर्ष 2014 के पहले पंचायतों के लिए मात्र 70 हजार करोड़ रूपये का वित्त आयोग का अनुदान था, जो हमारी सरकार के दौरान 2 लाख करोड़ से अधिक का हुआ है। पंचायतों को सुदृढ़ करने की दिशा में पिछले 8 साल में 30 हजार से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। पंचायतों तक ऑप्टिकल फायबर की कनेक्टिविटी का विस्तार करते हुए 2 लाख से अधिक गाँवों में ऑप्टिकल फायबर का जाल बिछाया गया है। स्वतंत्रता के पहले से देश में व्यवस्था का आधार रही पंचायती राज संस्थाओं पर पिछली सरकारों ने भरोसा नहीं किया। पंचायतों के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। हमारी सरकार ने वर्ष 2014 के बाद पंचायतों के सशक्तिकरण का बीड़ा उठाया और आज परिणाम सामने हैं। पंचायतें देश के विकास की प्राण-वायु बन कर उभरी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पंचायतों की मदद से गाँव और शहरों के बीच की खाई को कम करने की प्रयास भी निरंतर जारी है। डिजिटल माध्यम से पंचायतों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। अमृत सरोवरों के निर्माण में ड्रोन से सर्वे कराने के साथ निर्माण प्रक्रिया में अद्यतन तकनीक का उपयोग किया गया है। आज लोकार्पित किया गया एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल पंचायतों को अधिक सशक्त और उनकी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनायेगा। आधुनिक तकनीक का लाभ प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में स्पष्टत: दिखाई दे रहा है। गाँवों के आबादी क्षेत्र के ड्रोन टेक्नोलॉजी से हुए सर्वे और मानचित्रीकरण से सम्पत्ति के संबंध में बनने वाली विवाद की स्थितियाँ निर्मूल हुई हैं। देश के 75 हजार गाँवों में इसका कार्य पूर्ण हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की आधी से अधिक आबादी गाँवों में रहती है। उनकी बेहतर व्यवस्था के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। हमारी सरकार ने वर्ष 2014 के बाद गाँवों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उज्ज्वला योजना में रसोई गैस के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन और गाँवों में 3 करोड़ 75 लाख से अधिक आवासों का निर्माण इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से गाँवों के लाखों घरों में बिजली पहुँची है। जल जीवन मिशन से देश के 9 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घर में नल से जल मिल रहा है। इनमें से 60 लाख घर मध्यप्रदेश के हैं। पिछली सरकारों ने गाँव के लोगों का देश के बैंकों पर अधिकार ही नहीं माना। गाँव के लोगों के न बैंक में खाते थे और न ही उन्हें बैंक से कोई सुविधा मिल पाती थी। हमारी सरकार ने जन-धन योजना में 40 करोड़ से अधिक लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गाँवों तक बैंकों की पहुँच बढ़ाई और बैंक मित्र एवं बैंक सखी के माध्यम से लोगों को बैंकों से जोड़ा। इस अभियान का प्रभाव गाँवों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। खेती-किसानी से लेकर व्यापार तक में ग्रामीणों को बैंकों की मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में करीब ढाई लाख करोड़ रूपए सीधे किसानों के खातों में भेजे गए हैं। इस योजना से मध्यप्रदेश के लगभग 90 लाख किसानों को 18 हजार 500 करोड़ रूपए मिले हैं। रीवा के किसानों को इस निधि से लगभग 500 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। एमएसपी बढ़ाने से गाँवों में अतिरिक्त राशि पहुँच रही है। साथ ही गाँव में रहने वाले गरीब परिवारों को कोरोना काल से मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। गरीब कल्याण की इस योजना पर भी 3 लाख करोड़ रूपए से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। गाँवों में हो रहे इन कार्यों से रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। गाँव के युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से संचालित मुद्रा योजना में 24 लाख करोड़ रूपये की मदद दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धरती हमारी माँ है और माँ को मारने का हक किसी को नहीं है। खेती में बढ़ते रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के उपयोग ने धरती के लिए संकटपूर्ण स्थिति निर्मित कर दी है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को धरती की सेहत सुधारने के लिए कृत-संकल्पित होना होगा। हम प्राकृतिक खेती अपना कर और लोगों को यह पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर अपना योगदान दे सकते हैं। पंचायतें प्राकृतिक खेती पर केन्द्रित जन-जागरण अभियान चलाएँ।

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से प्रदेशवासियों को हुए लाभ, पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और रोजगार के नए अवसरों तथा किसानों, विद्यार्थियों, कारोबारियों को होने वाली सुविधा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के 100 एपिसोड पूर्ण होने के संबंध में कहा कि मध्यप्रदेश के अनेक लोगों की उपलब्धियों का उल्लेख मन की बात में आया है। उन्होंने आगामी रविवार को मन की बात के 100वें एपिसोड से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने की अपील की।

प्रदेशवासी 30 अप्रैल को मन की बात के 100वें एपिसोड से अवश्य जुड़ें – मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के दिल में बसते हैं। उनकी मन की बात, देशवासी सुनते भी हैं और आत्मसात भी करते हैं। यह सौभाग्य का विषय है कि मन की बात के 100वें एपिसोड का प्रसारण 30 अप्रैल को होगा। प्रदेश के सभी पोलिंग बूथ, वार्डों और पंचायतों में मन की बात सुनने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेशवासी 30 अप्रैल को प्रात: 10.45 बजे से मन की बात कार्यक्रम से अवश्य जुड़ें।

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी का रीवा में सुपारी से बनने वाले खिलौना भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश बदल रहा है। विंध्य क्षेत्र में भी रोड कनेक्टिविटी और सिंचाई क्षेत्र के साथ ही सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसान की आय दोगुनी करने का वचन दिया था। प्रदेश में गेहूँ, धान और सरसों का उपार्जन बढ़ा है। प्रधानमंत्री की मंशानुरूप किसानों की आय दोगुना करने का काम मध्यप्रदेश की धरती पर पूरा हुआ है। जल जीवन मिशन में ग्रामवासियों को घर में नल से जल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में व्यापक स्तर पर गतिविधियाँ जारी हैं। विंध्य क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी के साथ नये एयरपोर्ट की सौगात भी मिल रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती को बचाने और पर्यावरण-संरक्षण के लिए अपनी भावनाएँ व्यक्त की हैं। प्रदेशवासी पर्यावरण-संरक्षण और धरती की सेहत में सुधार के लिए संकल्पित हों। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेशवासियों को बिजली बचाने, पानी बचाने, पेड़ लगाने, प्राकृतिक खेती को अपनाने और स्वच्छता में योगदान देने का संकल्प दिलाया।

केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में पधार कर प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामवासियों का उत्साह बढ़ाया है। यह इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री मोदी गाँव, गरीब और किसान से निकट से जुड़े हैं। उन्होंने पंचायती राज और ग्रामीण विकास की बेहतरी के लिए निरंतर प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्बन न्यूट्रल पंचायत, पानीयुक्त गाँव, ग्रीन पंचायत के माध्यम से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों की सराहना की।

एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर देश भर की पंचायतों के लिए एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का लघु फिल्म के माध्यम से राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस एकीकृत पोर्टल से पंचायतें सामान और सेवाओं की खरीद और उनका भुगतान डिजिटल तरीके से कर सकेंगी।

“एकम समावेशी विकास” वेबसाइट और मोबाइल ऐप लांच

प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के लिए समावेशी विकास थीम का भी शुभारंभ किया। लघु फिल्म से “एकम समावेशी विकास” वेबसाइट और मोबाइल एप को राष्ट्रीय स्तर पर लांच किया गया। सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने “विकास की ओर साझे क़दम” अभियान का भी शुभांरभ किया। समावेशी विकास पर केन्द्रित इस अभियान में अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश का 1 करोड़ 25 लाखवां स्वामित्व संपत्ति कार्ड सिंगरौली जिले के ग्राम गड़हरा की श्रीमती सीता साकेत तथा सूरजलाल साकेत को प्रदान किया। इसमें गाँव की आबादी भूमि और घरों के सर्वे तथा मानचित्रण के बाद भूमि स्वामियों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक और अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाते हैं। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में प्रारंभ से ही अग्रणी है। “स्वामित्व- मेरी संपत्ति मेरा हक” पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ।

2300 करोड़ रूपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 2300 करोड़ रूपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। इनमें रीवा से इतवारी (नागपुर) व्हाया छिन्दवाड़ा, छिन्दवाड़ा से नैनपुर और नैनपुर से छिन्दवाड़ा चलने वाली ट्रेन का हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। साथ ही ग्वालियर रेलवे स्टेशन के 535 करोड़ रूपए की लागत से पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया।

जल जीवन मिशन की 7,853 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन की लगभग 7,853 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें रीवा जिले की 2319 करोड़ 45 लाख रूपये लागत की 1411 गाँव में पानी पहुँचाने वाली रीवा बाणसागर परियोजना, रुपये 2153 करोड़ 12 लाख लागत की रीवा और सतना जिले के 295 गाँव को लाभान्वित करने वाली सतना बाणसागर-2 परियोजना जल-प्रदाय योजना, रूपये 1641 करोड़ 52 लाख रूपये लागत की 677 गाँव में पीने का पानी पहुँचाने वाली सीधी बाणसागर समूह नल-जल योजना, रूपये 951 करोड़ 18 लाख रूपये लागत की रीवा जिले के 630 गाँव को लाभान्वित करने वाली टमस समूह नल-जल योजना और रूपये 788 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की 323 गाँव को लाभान्वित करने वाली गुलाब सागर समूह जल-प्रदाय योजना शामिल है। इन योजनाओं से 4 हजार 36 गाँव के लगभग 9 लाख 48 हजार परिवार लाभान्वित होंगे।

“धरती कहे पुकार के” शीर्षक की सांस्कृतिक प्रस्तुति

प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और नवाचारों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, आजीविका मिशन, अमृत सरोवर, ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना, रीवा अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना, बाणसागर परियोजना, व्हाइट टाइगर प्रोजेक्ट और कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर केंद्रित स्टाल थे। कार्यक्रम के आरंभ में “धरती कहे पुकार के” शीर्षक से सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुए राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह का साक्षी बनने के लिए देश की सभी ग्राम सभाएँ कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ी।

केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटील, केन्द्रीय जल-शक्ति एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल, सांसद वी.डी. शर्मा, जनार्दन मिश्र, गणेश सिंह, श्रीमती रीति पाठक, पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, विधायक, जन-प्रतिनिधि, केन्द्र, मध्यप्रदेश शासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समारोह में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न योजनाओं के हितग्राही और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

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