पिपरिया की दाल मप्र, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी खुशबू बिखेर रही जलवे 

पिपरिया की दाल मप्र, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी खुशबू बिखेर रही जलवे

खाद्यान्न के साथ ही दलहनी फसलों की ओर नर्मदांचल के किसानों का रुझान तेज हुआ है। नर्मदापुरम जिले की पिपरिया की तुअर की दाल की मांग तो राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी होती है। यहां के जलवायु और दालों के स्वाद के कारण जो भी एक बार पिपरिया की दाल का स्वाद चखता है। उसका मुरीद हो जाता है। इसी कारण पिपरिया में तीनों दाल मिले सफल हो गई हैं। शासन के द्वारा भी दलहनी फसलों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा था। कृषि विभाग ने भी जोर मारा इस कारण नर्मदापुरम जिले व संभाग में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ता जा रहा है। जहां बीते वर्ष नर्मदापुरम जिले में दलहनी फसलों का रकबा 48 हजार हेक्टेयर में था। वह इस वर्ष बढ़कर 65 हजार हो गया है। जो 17 हजार हेक्टेयर बढ़ा है। वहीं नर्मदापुरम संभाग में पूर्व में 2 लाख हेक्टेयर में दलहनी फसलें थी इस वर्ष 28 हजार बढ़कर 2 लाख 28 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलें लगाई गई है।

मध्यप्रदेश ने दो स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य सहित कुल सात पदक जीते

मध्यप्रदेश ने दो स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य सहित कुल सात पदक जीते

 

खेलो इंडिया यूथ गेम्स में आज मध्यप्रदेश के खिलाड़ी छाए रहे। मध्यप्रदेश ने दो स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य सहित कुल सात पदक जीते। मोनिका भदौरिया ने सिंगल स्कल में स्वर्ण पदक जीता। रोइंग में हरियाणा ने भी शानदार प्रदर्शन कर दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य सहित कुल छह पदक के साथ मध्यप्रदेश को जोरदार टक्कर दी। वहीं महिला वर्ग में केरल का दबदबा रहा।

राजधानी के बडे तालाब पर बालिका वर्ग के सिंगल स्कल में मध्यप्रदेश की मोनिका भदौरिया ने स्वर्ण पदक जीता, तेलंगाना की बी हेमलता ने रजत और महाराष्ट्र की अक्षदा निगल ने कांस्य पदक जीता। बालिका डबल स्कल में हरियाणा की जोड़ी सुमन देवी व सविता ने स्वर्ण पदक जीता। मध्यप्रदेश की संतोष यादव और जिज्ञासा रेगर ने रजत एवं ओडिशा की गुरशरण सिंह और अनुप्रीत कौर की जोड़ी ने कांस्य पदक प्राप्त किया। बालिका कॉक्लेस फोर में केरल ने स्वर्ण, तमिलनाडु ने रजत तथा ओडिशा ने कांस्य पदक जीता। बालिका कॉक्लेस पेयर में पंजाब ने स्वर्ण पदक जीता। तमिलनाडु ने रजत तथा तेलंगाना कांस्य पदक जीता।

बालक वर्ग के सिंगल स्कल में उत्तराखंड के गौरव कुमार ने स्वर्ण, मध्यप्रदेश के प्रभाकर रजावत ने रजत और हरियाणा के लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता। डबल स्कल में हरियाणा के रोहित और अजय की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता। मध्यप्रदेश के अंकित सेधव और हरिओम ठाकुर ने रजत पदक जीता। कॉक्लेस पेयर में ओडिशा के सुमित एवं रवि ने स्वर्ण, मध्यप्रदेश के गोपाल ठाकुर और योगेश ठाकुर ने रजत एवं हरियाणा के अंकित व विशाल की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। कॉक्लेस फोर में केरल ने स्वर्ण एवं हरियाणा ने रजत एवं मध्यप्रदेश ने कांस्य पदक जीता। मध्यप्रदेश की टीम में छोटूनाथ, बंटी सेंधव, वेदांश और धीरज वर्मा शामिल थे।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ समत्व भवन में हुई बैठक

मुख्यमंत्री चौहान के साथ समत्व भवन में हुई बैठक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि निगम मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष प्रदेश में चल रही विकास यात्रा से जुड़ कर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलवाने और उन्हें जागरूक बनाने के प्रयासों में सहभागिता करें। प्रदेश में लाड़ली बहना योजना से समाज में महिलाओं के बड़े वर्ग को आर्थिक सहयोग की पहल की गई है। विभिन्न वगों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया के लोगों को प्रतिमाह सहायता देने की शुरूआत की गई है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और बेटियों को उच्च शिक्षा में सहयोग भी किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में निगम मण्डल के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के साथ बैठक में उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में विकास और हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है। मंत्री, सांसद, विधायक यात्राओं में भागीदारी कर रहे हैं। निगम मण्डल के पदाधिकारी भी जनता के हित में भागीदारी सुनिश्चित कर इन प्रयासों को सफल बनाएँ। प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान का निगम अध्यक्ष और उपाध्यक्षों ने प्रतीक-चिन्ह, गणेश प्रतिमा और कलाकृतियाँ भेंट कर बैठक आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। तीर्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष माखन सिंह, गोपालन एवं पशु संवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद सहित अनेक निगम अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने बरगद, जामुन और कचनार के पौधे लगाए

मुख्यमंत्री चौहान ने बरगद, जामुन और कचनार के पौधे लगाए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पौध-रोपण अब जन- अभियान का रूप ले रहा है। लोग अपने जन्म-दिवस, विवाह वर्षगाँठ तथा अन्य अवसरों पर स्व-प्रेरणा से पौध-रोपण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पौध-रोपण के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री चौहान ने बरगद, जामुन और कचनार के पौधे रोपे।

 

मुख्यमंत्री चौहान के साथ नसरूल्लागंज जिला सीहोर के प्रजेश शिशिर तथा उमा शिशिर, राजगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता प्रसम जैन, सारंगपुर के मनोज ठाकुर और भोपाल के अधिवक्ता तुषार कक्कड़ ने अपने जन्म- दिवस पर पौध-रोपण किया। नसरूल्लागंज के मोहन गुप्ता, करूणा गुप्ता, राजगढ़ के सौरभ तिवारी, नितिन जैन, सार्थक नागर, समर्थ नागर, दीपक यादव, गोलू शर्मा, ध्रुव शर्मा आदि पौध-रोपण में सम्मिलित हुए।

 

श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में सारंगपुर से आए हंसराज राजपूत, सुनील नागर, पवन नागर, रामचरण गुर्जर तथा भोपाल के अरविंद सिंह पाल, पलाश जैन, आदित्य सिंह ने भी पौधे लगाए। इस अवसर पर उत्कर्ष चौहान, आलोक साहू, देवेंद्र भारती, विश्वजीत सिंह, भगवान सिंह, महेश, योगेश और पीयूष वर्मा उपस्थित थे।

मलखंभ प्रतियोगिता में देवास के देवेंद्र पाटीदार ने जीता गोल्ड

मलखंभ प्रतियोगिता में देवास के देवेंद्र पाटीदार ने जीता गोल्ड

खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2022 की राष्ट्रीय मलखंभ प्रतियोगिता में गुरुवार को देवास के देवेंद्र पाटीदार ने मध्यप्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया। उन्होंने यह पदक रोप मलखंभ इवेंट में जीता। यह उनके पांच साल के खेल करियर का तीसरा स्वर्ण पदक है। इसके पहले वे अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुके हैं। मलखंभ में अपनी विशेष पहचान बनाना थी, इसलिए उज्जैन को अपनी कर्मभूमि चुना, इसलिए यहीं पढ़ाई के साथ मलखंभ का अभ्यास किया। सुना और पढ़ा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी उज्जैन आकर 16 विद्या और 64 कलाएं सीखी थीं। यहां की भूमि, वातावरण में दूसरों से कुछ बेहतर कर दिखाने की ताकत है। पिता भवगवान सिंह, किसान है। मम्मी गृहणी है। लोक मान्य तिलक स्कूल में कक्षा नौवीं का नियमित विद्यार्थी हूं। बचपन देवास के गांव रसुल्याकुल्मी में बीता है। लोक मान्य तिलक सांस्कृतिक न्यास के मलखंभ सेंटर में अपने खेल को निखार रहा हूं। लक्ष्य अर्जुन अवार्ड प्राप्त करना है।

 

मध्यप्रदेश के खाते में मलखंभ प्रतियोगिता के तीन स्वर्ण पदक आ गए हैं। एक पदक टीम चैंपियनशिप, दूसरा उज्जैन के प्रवण कोरी और तीसरा देवेन्द्र पाटीदार का है। उज्जैन की सिद्धि गुप्ता ने रोप और पोल मलखंभ में रजत पदक झटका है। मेडल वितरण समारोह एवं प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार दोपहर 2 बजे होगा।

लाहरी बाई की “श्री अन्न” मोटे अनाज के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया – मुख्यमंत्री चौहान

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि डिण्डौरी जिले की निवासी बहन लाहरी बाई द्वारा मोटे अनाज “श्री अन्न” के संरक्षण के लिए किए गए अभूतपूर्व कार्यों ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में “श्री अन्न” अर्थात मोटे अनाजों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को सफलता मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाहरी बाई के प्रयासों की सराहना उनकी संवदेनशीलता का परिचायक है। मुख्यमंत्री चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात कही। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर डिण्डौरी जिले की लाहरी बाई द्वारा “श्री अन्न” के संरक्षण के लिए उत्साहपूर्वक किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए लिखा है कि – ‘लाहरी बाई के प्रयास अन्य लोगों को भी “श्री अन्न” के संरक्षण और उन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।’

बैगा जनजाति की लाहरी बाई डिण्डौरी जिले के ग्राम सिलपदी की निवासी हैं। वे एक दशक से अधिक समय से कुटकी, सांवा, कोदो, कतकी जैसे मोटे अनाजों के संरक्षण में लगी हैं। उनके पास अनेक प्रकार के मोटे अनाजों के बीजों का भंडारण है। ग्रामीण आवास योजना से बना दो कमरों का उनका मकान, आस-पास के क्षेत्र में मोटे अनाज के बीज भंडार के रूप में जाना जाता है। लाहरी बाई का कहना है कि “हमारे यहाँ जो बीज विलुप्त हो गए थे, उन्हें बचाने के लिए हम अन्य गाँव से बीज लेकर आए और उनका उत्पादन किया, किसानों को बीज बाँटे, किसानों ने अपने खेतों के छोटे क्षेत्रों में उन्हें बोया और फसल आने पर हमने उनसे यह वापस ले लिए। विलुप्त हो चुकी कई तरह की फसलों के बीज अब हमारे पास हैं।”

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को मिलेट ईयर अर्थात मोटे अनाज के वर्ष के रूप में घोषित किया है। मोटे अनाज कम सिंचाई में अच्छी उपज देने वाले तथा पोषण से परिपूर्ण होते हैं। फसल चक्र को सुचारू बनाने और छोटे किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

ट्रेडिशनल लुक में दिल्ली पहुंचें सिद्धार्थ-कियारा

ट्रेडिशनल लुक में दिल्ली पहुंचें सिद्धार्थ-कियारा

सिद्धार्थ मल्होत्रा-कियारा आडवाणी हाल ही में शादी के बंधन में बंधे हैं। 7 फरवरी 2023 को दोनों ने जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में सात फेरे लिए। दोनों ने अपनी शादी के फंक्शन्स को काफी प्राइवेट रखा था। मीडिया को भी अलाउड नहीं किया था। शादी होने के कुछ घंटो बार कपल ने अपने इंस्टाग्राम शादी की ऑफिशियल अनाउंसमेंट की थी। जिसके बाद आज दोपहर सिद्धार्थ और कियारा शादी के बाद पहली बार साथ नजर आए। दोनों को जैसलमेर एयरपोर्ट पर स्पाॅट किया गया। अब सिद्धार्थ और कियारा दिल्ली पहुंच चुके हैं। जहां दोनों रेड ट्रेडिशनल लुक में नजर आए।

पीएम मोदी के भाषण पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

पीएम मोदी के भाषण पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लोकसभा में दिए जवाब में अदाणी विवाद से जुड़े सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा, साफ है कि वह उद्योगपति गौतम अदाणी का बचाव कर रहे हैं। लोकसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री के पास जवाब नहीं थे। मेरे एक सवाल का भी प्रधानमंत्री ने जवाब नहीं दिया।

 

मैंने यही पूछा है कि वह कितनी बार आपके साथ गए हैं और वहां कितनी बार मिले हैं। सामान्य से सवाल हैं, मगर जवाब नहीं दिया। जांच की बात नहीं हुई। रक्षा कंपनियों में बेनामी पैसा घूम रहा है, उसके बारे में प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।” राहुल गांधी ने इसके बाद पत्रकारों से अपनी इस संक्षिप्त चर्चा का वीडियो Tweet करते हुए कहान जांच कराएंगे न जवाब देंगे, प्रधानमंत्री जी बस अपने मित्र का साथ देंगे।”

 

कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सवालों का जवाब देने के बजाय इस मुद्दे को भटकाने व अस्वीकार करने की कोशिश की और अपने पसंदीदा व्यवसायी अदाणी या उनके घोटालों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक शब्द भी नहीं बोला।

सागर के पास बड़तूमा में 100 करोड़ की लागत से बनेगा संत रविदास का विशाल और भव्य मंदिर : मुख्यमंत्री चौहान

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि सागर के पास बड़तूमा में 100 करोड़ रूपए की लागत से संत रविदास का विशाल और भव्य मंदिर बनाया जाएगा। मंदिर की दीवारों पर संत रविदास के दोहे और शिक्षाएँ उकेरी जाएंगी। मंदिर परिसर में संत रविदास के व्यक्तित्व और कृतित्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में संत शिरोमणि रविदास महाराज के आदर्श राज्य की कल्पना चरितार्थ हुई है। संत रविदास ने कहा था कि “ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।” उनके बताये हुए इसी मार्ग पर हम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनता के साथ और संतों के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश विकास की ऊँचाइयाँ छुएगा। मुख्यमंत्री चौहान आज सागर में संत रविदास महाकुंभ में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियों का सम्मान सर्वोच्च है। स्त्री-पुरुषों में कोई भेद नहीं किया जाता। बेटियों के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद अब बहनों के लिए लाडली बहना योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें गरीब एवं मध्यम वर्ग की बहनों को एक हजार रूपये दिये जायेंगे। प्रदेश में सबके लिए भोजन, पढ़ाई, लिखाई, दवाई, मकान, रोजगार सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश में जात-पांत नहीं है, कोई छोटा-बड़ा नहीं है, सब समान है, सबको समान अवसर है और सभी का बराबर सम्मान हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने 251 करोड़ 25 लाख रूपए लागत की शाहगढ़-बंडा समूह जल-प्रदाय योजना का भूमि-पूजन किया। उन्होंने सरपंचों को कलश भेंट कर कलश-यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान ने समारोह स्थल पर संत रविदास और ‘‘एक जिला-एक उत्पाद’’ पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने के लिए गरीबों को आवासीय को पट्टे दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में टीकमगढ़ जिले में 10 हजार 800 और सागर जिले में 12 हजार पट्टे दिए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों को निजी अस्पतालों में वर्ष में 5 लाख रूपये तक के इलाज की सुविधा है। कोविड काल में जनता को नि:शुल्क वैक्सीन लगवाया गया। प्रदेश में उच्च शिक्षा की फीस भी अब सरकार भरवा रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है। छात्राओं को स्कूल जाने के लिए साइकिल के लिए 3 हजार 900 रूपए दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए उनके परिवार की वार्षिक आय सीमा को 6 लाख से बढ़ा कर 8 लाख रूपए किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में संत रविदास की जन्म स्थली बनारस के लिए मध्यप्रदेश से तीर्थ यात्रा ट्रेन जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अजा और अजजा वर्ग के युवाओं को उद्योग लगाने के लिए 20 प्रतिशत भू-खंड आरक्षित किए जाएंगे। एमएसएमई क्लस्टर नीति में अजा वर्ग के उद्योगपतियों के संगठन को एक क्लस्टर दिया जाएगा। साथ ही अजा वर्ग के व्यक्तियों को एलाट हुए पेट्रोल पंप लगाने के लिए भूमि दी जाएगी। उद्योग विभाग में अजा वर्ग को मार्गदर्शन के लिए नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे। भंडार क्रय नियम में भी सर्विस और ट्रेडिंग सेंटर में छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिये अब मैनहोल की सफाई मशीन से ही की जाएगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्य नारायण जटिया ने कहा कि संत रविदास महाकुंभ मध्यप्रदेश शासन द्वारा की गई अच्छी शुरुआत है। प्रदेश में समाज के उत्थान का एक नया वातावरण बना है, जो प्रदेश और देश को विकास की ओर ले जाएगा।

सांसद वी. डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश में सामाजिक समरसता पर आधारित समतामूलक समाज का निर्माण हो रहा है। संत रविदास महाकुंभ इसी का एक सशक्त प्रयास है। प्रदेश में संत रविदास की अवधारणा के अनुरूप राज व्यवस्था है।

अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अजा वर्ग के उत्थान के चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश मंत्री-मंडल में अनुसूचित जाति वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री चौहान ने संत रविदास महाकुंभ मनाने की गौरवशाली शुरूआत की थी, जो निरंतर जारी है। उन्होंने सभी वर्गों के कल्याण के साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए भी अनेक योजनाएँ संचालित की हैं। अनुसूचित जाति वर्ग की शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कन्याओं का पूजन किया और संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आरती की। मुख्यमंत्री का स्थानीय महिलाओं ने लाडली बहना योजना शुरू करने के लिए आभार माना और अभिनंदन किया। स्वागत भाषण विधायक प्रदीप लारिया ने दिया। जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने आभार माना। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, जल संसाधन और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य-विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोक निर्माण और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव, सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद राजबहादुर सहित 200 से अधिक संत और बड़ी संख्या में जन-सामान्य उपस्थित थे।

सन्नी पाजी जब दहाड़ेंगे- “हिंदुस्तान जिंदाबाद”, 11 अगस्त को आयेगी “ग़दर-2”

90 के दशक में अजय मेहरा (घायल), करन भाई(जीत)
मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी (बॉर्डर), काशी (घातक), जिद्दी (देवा) और तारासिंह (गदर) को देखने जो भीड़ सिनेमाघरों में उमड़ती थी। उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल लगाना पड़ता था। दामिनी में उनका डायलॉग- “ये ढाई किलो का हाथ” आज तक लोगों की जुबां पर है। हिंदी सिनेमा देखने के उस स्वर्णिम दौर को फिर से लाने की क्षमता सन्नी पाजी में ही है। उम्मीद करते हैं कि 11 अगस्त को देशभर के सिंगल स्क्रीन टॉकीज फिर से गुलजार होंगे। सन्नी पाजी जब दहाड़ेंगे- “हिंदुस्तान जिंदाबाद” तो फिर से तालियां और सीटियां बजेंगी। सोशल मीडिया में अभी मची है ग़दर- 2 के पोस्टरों की, पूरे हिंदुस्तान को शिद्दत से इंतजार है।

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