समर्थन मूल्य पर खरीदी की तैयारी, MP में 13 हजार से ज्यादा किसानों का पंजीयन

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। इंदौर जिले में अब तक 13,508 किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है। किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन करा लें। प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 1,100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के साथ सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के माध्यम से पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। सशुल्क केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीयन के दौरान किसानों को भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक खाते और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

सरकार के अनुसार समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने आधार, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखने की सलाह दी गई है। धान, ज्वार और बाजरा बेचने के इच्छुक किसानों के लिए समय पर पंजीयन कराना जरूरी है।

मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव नियमों में बदलाव: नामांकन और प्रस्तावक को लेकर क्या बदला?

भोपाल: मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है। 23 सितंबर 2026 को प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण), क्रमांक 293 में मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की गई है।

नए प्रावधानों में महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के निर्वाचन से जुड़े नामांकन और प्रस्तावक के नियमों को स्पष्ट किया गया है। आम मतदाता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पार्षद के प्रस्तावक और नामांकन की अंतिम तारीख से जुड़ा है।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव
पार्षद पद के उम्मीदवार का प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता होना चाहिए, जिस वार्ड से उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है।

पार्षद के नामांकन में प्रस्तावक कौन होगा?

यदि कोई उम्मीदवार किसी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ता है, तो उसके नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो उसी वार्ड का मतदाता हो।

आसान उदाहरण
अगर कोई उम्मीदवार वार्ड क्रमांक 25 से पार्षद का चुनाव लड़ रहा है, तो उसके नामांकन का प्रस्तावक वार्ड क्रमांक 25 का मतदाता होना चाहिए।

महापौर के लिए प्रस्तावक कौन बन सकता है?

महापौर के निर्वाचन के लिए प्रस्तावक संबंधित नगर निगम के किसी मतदाता को बनाया जा सकता है।

याद रखें
महापौर का प्रस्तावक = संबंधित नगर निगम का मतदाता

नगरपालिका/नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए प्रस्तावक?

अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए प्रस्तावक संबंधित नगरपालिका या नगर परिषद के मतदाता को बनाया जा सकता है।

सीधी भाषा में
महापौर और अध्यक्ष के लिए संबंधित स्थानीय निकाय का मतदाता प्रस्तावक हो सकता है। वहीं पार्षद के लिए प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता होना चाहिए।

नामांकन की आखिरी तारीख कैसे तय होगी?

संशोधित नियम के अनुसार महापौर, अध्यक्ष या किसी वार्ड के पार्षद के निर्वाचन के लिए सूचना में नामांकन की अंतिम तारीख, समय और स्थान निर्धारित किया जाएगा। नियम 21(क) में प्रावधान किया गया है कि अंतिम तारीख सूचना प्रकाशित होने के सातवें दिन होगी।

अगर सातवां दिन छुट्टी हो तो?
यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश है, तो उसके बाद आने वाला ऐसा अगला कार्य दिवस अंतिम तारीख होगा, जो सार्वजनिक अवकाश न हो।

नामांकन पत्र कौन जमा कर सकता है?

उम्मीदवार स्वयं या उसका प्रस्तावक निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ नामांकन पत्र निर्धारित समय में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) या अधिकृत असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के समक्ष जमा कर सकता है।

कौन प्रस्तावक नहीं बन सकता?

जो व्यक्ति संबंधित अधिनियम के तहत मतदाता के रूप में अयोग्य है, वह नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर नहीं कर सकता।

एक नजर में समझें पूरा नियम

पद प्रस्तावक कौन?
महापौर संबंधित नगर निगम का मतदाता
अध्यक्ष संबंधित नगरपालिका/नगर परिषद का मतदाता
पार्षद उसी वार्ड का मतदाता

क्या चुनाव की तारीख घोषित हो गई?

नहीं।
इस राजपत्र अधिसूचना से किसी विशेष नगरीय निकाय चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है। यह अधिसूचना मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन से संबंधित है।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव

संशोधित नियम में “निर्वाचन” की परिभाषा को भी बदला गया है। इसमें नगरपालिका के पदों के लिए चुनाव के साथ, जहां लागू हो, नगर निगम के महापौर या नगरपालिका/नगर परिषद के अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने से संबंधित निर्वाचन को भी शामिल किया गया है।

स्रोत
मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण), क्रमांक 293, भोपाल, 23 सितंबर 2026। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मध्यप्रदेश शासन।

विराट कोहली का बड़ा बयान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर किया खास ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य की तस्वीर साफ कर दी है। 26 सितंबर 2026 को दिए बयान में कोहली ने कहा कि 2027 का वनडे वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने टूर्नामेंट में टीम को खिताब दिलाने के लिए अपना सबकुछ झोंकने की बात कही।

कोहली ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों और भारतीय टीम के साथ इस अभियान को यादगार बनाने पर है।

विराट कोहली पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल भारतीय टीम के लिए वनडे प्रारूप में खेल रहे हैं। मई 2026 में भी उन्होंने कहा था कि यदि वह खेल रहे हैं तो 2027 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।

2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। कोहली का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम ने अगले विश्व कप की तैयारियों के लिए अपना वनडे अभियान आगे बढ़ाना शुरू किया है।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर का जन्मदिन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुभकामनाएं देकर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री कृष्णा गौर को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की।

डॉ. यादव ने कहा कि कृष्णा गौर निरंतर जनसेवा और प्रदेश के विकास से जुड़े कार्यों में सक्रियता से योगदान दे रही हैं। उन्होंने कामना की कि वे इसी तरह पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ प्रदेशवासियों की सेवा करती रहें।

मुख्यमंत्री ने जन्मदिन के अवसर पर राज्यमंत्री कृष्णा गौर के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। राज्य सरकार के सहयोगियों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें जन्मदिन पर बधाई दी।

पितृ पक्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्वजों को किया नमन, श्रद्धा का दिया संदेश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पितृ पक्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों और पितृजनों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और स्मरण व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पितरों का विशेष स्थान रहा है। पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अवसर पर अपनी परंपराओं और संस्कारों का पालन करते हुए पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।

बेटी संजू देवी की कामयाबी पर CM साय ने जताई खुशी, देश-प्रदेश का बढ़ाया गौरव

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने अपनी उपलब्धि से प्रदेश के साथ-साथ देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि संजू देवी की सफलता से अन्य बेटियों को भी अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।

संजू देवी की उपलब्धि को लेकर प्रदेशभर में खुशी का माहौल है। विभिन्न वर्गों से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं।

97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता, ‘आंगन मिलन सेवा’ ने बनाया नया रिकॉर्ड

प्रदेश में ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को उत्सव और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल के पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रदेशभर में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता दर्ज की गई।

आंगन मिलन सेवा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, महिलाओं, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने मिलकर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने आपसी संवाद एवं सहभागिता के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत बनाया।

इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और बाल विकास से जुड़ी सेवाओं तक सीमित न रखते हुए उन्हें समुदाय से जोड़ने वाले सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित करना है। कार्यक्रमों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

पहले ही दिन मिली व्यापक जनभागीदारी से आंगन मिलन सेवा को लेकर लोगों का उत्साह सामने आया है। विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भोपाल मास्टर प्लान 2047: दावे-आपत्ति कैसे करें? Land Use कैसे देखें, पूरी प्रक्रिया जानें

भोपाल। भोपाल के भविष्य के विकास को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भोपाल Planning Area के लिए भोपाल विकास योजना-2047 (Draft Bhopal Development Plan 2047) को मध्यप्रदेश राजपत्र में 25 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिया गया है। अब इस प्रारूप पर नागरिकों से लिखित आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं।

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश का क्रमांक 101-नग्रानि-वि.यो.-2026 है। अंग्रेजी में इसे No-101-T&CP-D.P.-2026 दिया गया है। यह सूचना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23 की उपधारा (2), सहपठित धारा 18 की उपधारा (1) के तहत प्रकाशित की गई है।


क्या है भोपाल विकास योजना-2047?

भोपाल विकास योजना-2047 भोपाल Planning Area के भविष्य के विकास, भूमि उपयोग, आवास, व्यावसायिक गतिविधियों, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकास गतिविधियों की दिशा तय करने वाला प्रारूप (Draft Development Plan) है।

प्रस्तावित योजना में करीब 1016.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, 254 गांवों और लगभग 45 लाख अनुमानित आबादी को ध्यान में रखा गया है। प्रस्तावित योजना में करीब 3,000 हेक्टेयर Growth Corridor और लगभग 51 किलोमीटर Growth Corridor की परिकल्पना बताई गई है।

महत्वपूर्ण: ये योजना के प्रस्तावित आंकड़े हैं। इन्हें अंतिम स्वीकृत Master Plan के आंकड़े के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

सबसे जरूरी सवाल: दावे-आपत्ति कौन कर सकता है?

राजपत्र की आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि यदि भोपाल Draft Development Plan के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव हो तो उसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। सूचना में यह नहीं कहा गया है कि केवल जमीन मालिक ही आपत्ति कर सकता है।

इसलिए ड्राफ्ट में अपने क्षेत्र, भूमि उपयोग, सड़क, सार्वजनिक सुविधा अथवा किसी अन्य प्रस्ताव को लेकर आपत्ति या सुझाव रखने वाला व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के भीतर अपनी बात प्रस्तुत कर सकता है।

किन मुद्दों पर आपत्ति या सुझाव दिया जा सकता है?

  • आपकी जमीन का प्रस्तावित Land Use
  • प्रस्तावित सड़क या Road Alignment
  • Residential क्षेत्र का प्रस्ताव
  • Commercial क्षेत्र का प्रस्ताव
  • Mixed Land Use
  • Green Area या Park
  • Public/Semi-Public उपयोग
  • Industrial अथवा अन्य प्रस्तावित उपयोग
  • किसी क्षेत्र में प्रस्तावित विकास गतिविधियां

आपत्ति में केवल “मुझे आपत्ति है” लिखने के बजाय किस प्रस्ताव से आपत्ति है और उसके कारण क्या हैं, यह स्पष्ट करना उपयोगी रहेगा।


दावे-आपत्ति कहां जमा करें?

राजपत्र में आपत्ति और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था दी गई है।

1. लिखित आपत्ति

आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में यहां प्रस्तुत किया जा सकता है:

संयुक्त संचालक,
नगर तथा ग्राम निवेश,
जिला कार्यालय, भोपाल

2. ई-मेल से आपत्ति

आधिकारिक राजपत्र में ई-मेल दिया गया है:

obj-sugg-bhopal@mp.gov.in

आपत्ति और सुझाव राजपत्र में सूचना प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले प्रस्तुत करने होंगे।

ध्यान दें: राजपत्र की सूचना में अलग से कोई कैलेंडर तारीख अंतिम तारीख के रूप में नहीं लिखी गई है। इसलिए अंतिम दिन के संबंध में संबंधित कार्यालय से पुष्टि करना उचित रहेगा।

भोपाल विकास योजना-2047 का Draft कहां देखें?

राजपत्र में Draft Plan को निरीक्षण के लिए इन कार्यालयों में उपलब्ध बताया गया है:

  1. आयुक्त, भोपाल संभाग, भोपाल
  2. कलेक्टर, जिला भोपाल
  3. आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल
  4. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल

इसके अलावा Draft Plan संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है।


👉 आधिकारिक वेबसाइट पर भोपाल Development Plan देखें


अपनी जमीन का Land Use कैसे देखें?

यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। सिर्फ यह देखकर फैसला नहीं किया जा सकता कि वर्तमान में जमीन पर मकान बना है या दुकान चल रही है। Development Plan के Proposed Land Use Map में अपनी जमीन की स्थिति देखना जरूरी है।

Land Use देखने का आसान तरीका

  1. अपनी जमीन/क्षेत्र की पहचान करें।
  2. भोपाल Development Plan का संबंधित Map देखें।
  3. Map में दी गई Legend देखें।
  4. Legend में दिए रंग/संकेत को अपनी जमीन की लोकेशन से मिलाएं।
  5. अपनी जमीन के सामने प्रस्तावित Land Use को नोट करें।

ध्यान रखें: वर्तमान में जमीन का उपयोग और Draft Plan में प्रस्तावित Land Use अलग हो सकते हैं।

Residential Land Use कैसे पहचानें?

Development Plan Map की Legend में Residential अथवा आवासीय श्रेणी देखें। उसके सामने दिए गए रंग या संकेत को Map में अपनी जमीन के स्थान से मिलाएं।

सिर्फ जमीन पर वर्तमान में मकान बना होना यह साबित नहीं करता कि Draft Plan में उसका Land Use Residential ही है।

Commercial Land Use कैसे पहचानें?

Map की Legend में Commercial/वाणिज्यिक श्रेणी देखें और उसके सामने दिए गए रंग या संकेत को Map में मिलाएं।

किसी सड़क पर अभी दुकान या बाजार चल रहा है, इससे यह जरूरी नहीं कि Draft Development Plan में पूरा क्षेत्र Commercial Land Use के रूप में प्रस्तावित हो। इसलिए आधिकारिक Map देखना जरूरी है।

Mixed Land Use क्या है?

Mixed Land Use का अर्थ ऐसे प्रस्तावित क्षेत्र से है जहां नियोजन प्रावधानों के अनुसार एक क्षेत्र में आवासीय और कुछ व्यावसायिक अथवा अन्य अनुमत गतिविधियों का मिश्रित उपयोग हो सकता है।

किसी खास जमीन पर कौन-कौन सी गतिविधियां अनुमत होंगी, यह संबंधित Proposed Land Use और लागू Development Control Regulations देखकर ही तय किया जाना चाहिए।

क्या अभी दुकान है तो जमीन Commercial मानी जाएगी?

जरूरी नहीं।

वर्तमान उपयोग और Development Plan में प्रस्तावित Land Use दो अलग बातें हैं। इसी तरह वर्तमान में मकान बना होना भी यह गारंटी नहीं है कि Draft Plan में जमीन Residential ही रहेगी।

इसलिए अपनी जमीन के लिए Proposed Land Use Map देखना जरूरी है।

अगर जमीन के सामने सड़क प्रस्तावित है तो क्या करें?

Development Plan Map में अपनी जमीन की लोकेशन और आसपास प्रस्तावित Road Network देखें।

यदि Draft Plan में सड़क, Road Alignment या दूसरी सार्वजनिक सुविधा आपकी जमीन को प्रभावित करती दिखाई दे रही है, तो उसे आपत्ति या सुझाव में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सकता है।

आपत्ति में उपलब्ध भूमि विवरण, खसरा नंबर, स्थान और संबंधित प्रस्ताव का उल्लेख करना उपयोगी रहेगा।

Green Area में जमीन दिखाई दे तो क्या करें?

यदि Draft Land Use Map में आपकी जमीन को Green Area, Park, Recreational अथवा किसी अन्य गैर-आवासीय उपयोग में दिखाया गया है और आपको उस प्रस्ताव पर आपत्ति है, तो संबंधित Land Use का उल्लेख करते हुए अपनी आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है।

हालांकि किसी जमीन पर अंतिम प्रभाव क्या होगा, यह केवल Draft Map देखकर तय नहीं किया जा सकता। संबंधित नियम और अंतिम स्वीकृत Development Plan देखना होगा।


आपत्ति के साथ कौन से दस्तावेज लगाए जा सकते हैं?

आपत्ति के विषय के अनुसार निम्न दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं:

  • खसरा विवरण
  • भूमि/स्वामित्व संबंधी दस्तावेज
  • संबंधित जमीन का Map
  • Draft Land Use Map का प्रिंट या स्क्रीनशॉट
  • सीमांकन संबंधी दस्तावेज, यदि लागू हो
  • आपत्ति के समर्थन में अन्य संबंधित दस्तावेज

नोट: कौन सा दस्तावेज अनिवार्य है, यह संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया/कार्यालय से पुष्टि करना उचित होगा।

दावे-आपत्ति के बाद क्या होगा?

राजपत्र की वर्तमान सूचना Draft Plan के प्रकाशन और आपत्ति-सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया बताती है। इस चरण पर इतना स्पष्ट है कि Draft प्रकाशित होने के बाद निर्धारित अवधि में आपत्ति और सुझाव प्राप्त किए जाएंगे तथा उनके आधार पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया होगी।

Draft Plan → दावे/आपत्ति एवं सुझाव → परीक्षण/विचार → आगे की वैधानिक प्रक्रिया → अंतिम Development Plan

किसी आपत्ति को स्वीकार या अस्वीकार करने का परिणाम पहले से तय मानना उचित नहीं होगा।

क्या यह भोपाल का Final Master Plan है?

नहीं।

राजपत्र में इसे स्पष्ट रूप से “भोपाल विकास योजना, 2047 (प्रारूप)” कहा गया है। यानी यह Draft है और अभी आगे की निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया बाकी है।

इसलिए अभी Map में दिखाई दे रही Proposed Land Use को अंतिम और अपरिवर्तनीय स्थिति नहीं माना जाना चाहिए।


भोपाल विकास योजना-2047: एक नजर में

विषय जानकारी
योजना भोपाल विकास योजना-2047
स्थिति प्रारूप (Draft)
राजपत्र प्रकाशन 25 सितंबर 2026
आदेश क्रमांक 101-नग्रानि-वि.यो.-2026
प्रस्तावित क्षेत्र लगभग 1016.90 वर्ग किमी
गांव लगभग 254
अनुमानित आबादी लगभग 45 लाख
Growth Corridor लगभग 51 किमी
Growth Corridor क्षेत्र लगभग 3,000 हेक्टेयर
आपत्ति/सुझाव लिखित रूप में
ई-मेल obj-sugg-bhopal@mp.gov.in
समयसीमा राजपत्र प्रकाशन से 30 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले
संबंधित विभाग नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश

FAQ: भोपाल विकास योजना 2047

भोपाल विकास योजना 2047 क्या है?

यह भोपाल Planning Area के भविष्य के विकास और भूमि उपयोग से संबंधित Draft Development Plan है।

Draft कब प्रकाशित हुआ?

25 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश राजपत्र में।

आपत्ति कौन कर सकता है?

राजपत्र में Draft के संबंध में आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत करने का प्रावधान दिया गया है। सूचना इसे केवल जमीन मालिक तक सीमित नहीं करती।

आपत्ति कहां दें?

संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल को या आधिकारिक ई-मेल obj-sugg-bhopal@mp.gov.in पर।

कितने दिन में आपत्ति देनी है?

राजपत्र में सूचना प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले।

अपनी जमीन का Land Use कैसे पता करें?

आधिकारिक Development Plan Map में अपनी जमीन की लोकेशन खोजकर Map की Legend से Proposed Land Use मिलाएं।

वर्तमान दुकान का मतलब Commercial Land Use है?

जरूरी नहीं। वर्तमान उपयोग और Draft Development Plan का Proposed Land Use अलग हो सकता है।

वर्तमान मकान का मतलब Residential Land Use है?

जरूरी नहीं। इसके लिए Draft Land Use Map देखना होगा।

क्या Draft में दिखाई गई Land Use अंतिम है?

नहीं। यह प्रारूप है और आगे की निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया बाकी है।


Kolar18 की अपील

यदि आपकी जमीन भोपाल Development Plan 2047 के Planning Area में आती है, तो Draft Plan को ध्यान से देखें। अपनी जमीन का खसरा नंबर, Proposed Land Use, Road Alignment और आसपास प्रस्तावित विकास की जानकारी जांचें। यदि कोई आपत्ति या सुझाव है तो निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले आधिकारिक माध्यम से अपनी बात दर्ज कराएं।

स्रोत: मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग-1, दिनांक 25 सितंबर 2026; संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, आदेश क्रमांक 101-नग्रानि-वि.यो.-2026।

अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक राजपत्र सूचना और प्रकाशित Draft Plan संबंधी विवरण पर आधारित है। किसी जमीन पर अंतिम Land Use, निर्माण अनुमति या अन्य कानूनी प्रभाव के लिए संबंधित आधिकारिक Map, नियम और सक्षम प्राधिकारी की जानकारी को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

भोपाल विकास योजना 2047: 45 लाख आबादी के लिए तैयार होगा नया मास्टर प्लान, 27% क्षेत्र ग्रीन जोन में

भोपाल। राजधानी भोपाल के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए भोपाल विकास योजना 2047 (प्रारूप) तैयार की गई है। योजना में करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिसमें 254 गांव सम्मिलित हैं। यह योजना लगभग 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रस्तावित योजना में कुल 61,017.02 हेक्टेयर क्षेत्र को विकास योग्य क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया गया है।

प्राकृतिक पर्यावरण और बड़े तालाब के संरक्षण पर जोर

भोपाल विकास योजना 2047 में शहर की प्राकृतिक संवेदनशीलता को प्रमुख आधार बनाया गया है। योजना में भोजताल (बड़ी झील) और उसके जलग्रहण क्षेत्र, पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबों और जलाशयों तथा बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के प्रावधान किए गए हैं।

योजना को चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है—प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन तथा आत्मनिर्भर और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला विकास।

51 किलोमीटर का ग्रोथ कॉरिडोर

भोपाल में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर Education Knowledge Artificial Intelligence (EKAI) City, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिसर सहित विभिन्न उपनगरों को जोड़ने का प्रस्ताव रखता है।

ग्रोथ कॉरिडोर में मिश्रित भू-उपयोग के साथ उच्च घनत्व वाले विकास की परिकल्पना की गई है। इसमें होटल एवं हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, व्यापार, IT सेक्टर, AI एवं डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, थोक व्यापार, हाइपर मार्केट, मॉल-मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस और आवास जैसी गतिविधियों को विकसित किया जा सकेगा।

इस कॉरिडोर में BRTS कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है, जिसे भविष्य में MRTS में अपग्रेड किया जा सकेगा। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्ग को भी ग्रोथ कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने का प्रस्ताव है।

बायपास के दोनों ओर 50-50 मीटर हरित क्षेत्र

निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर प्रस्तावित नए बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है।

ग्रीन एरिया बढ़ाकर 27 प्रतिशत

भोपाल विकास योजना 2005 में जहां हरित क्षेत्र लगभग 16 प्रतिशत निर्धारित था, वहीं भोपाल विकास योजना 2047 के प्रारूप में इसे बढ़ाकर लगभग 27 प्रतिशत किया गया है। योजना के अनुसार यह URDPFI गाइडलाइन के मानकों से अधिक है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए यहां गोल्फ कोर्स का प्रस्ताव भी रखा गया है।

इसके अलावा कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

आवासीय विकास के साथ अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर जोर

योजना में अधिक से अधिक अफोर्डेबल हाउसिंग विकसित करने के लिए ऐसी परियोजनाओं को FAR क्रय करने की बाध्यता से मुक्त रखने का प्रस्ताव है। प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग विकसित करने को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान रखा गया है।

विकसित क्षेत्रों में भूमि के बेहतर उपयोग के लिए प्लॉटों के समेकन और पुनर्विकास को प्रोत्साहित करने वाले प्रावधान भी प्रस्तावित हैं। 70 प्रतिशत निवासियों की सहमति होने पर RWA को आवासीय अपार्टमेंट के पुनर्विकास की अनुमति दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।

डिजिटल ट्विन सिटी और स्मार्ट सुरक्षा व्यवस्था

भोपाल विकास योजना 2047 में योजना के क्रियान्वयन की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अनधिकृत निर्माण, मोबिलिटी और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान करना है।

शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर निजी CCTV कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था से जुड़े प्रावधान भी प्रस्तावित हैं।

EKAI City से शिक्षा और AI आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ाव

योजना में Education Knowledge Artificial Intelligence (EKAI) City की परिकल्पना की गई है। भोजरी स्थित एजुकेशन हब के उन्नयन के साथ इसे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और AI आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।

61 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का प्रस्तावित उपयोग

योजना के अनुसार कुल 61,017.02 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रमुख भूमि उपयोग इस प्रकार प्रस्तावित है—आवासीय क्षेत्र 26,755.50 हेक्टेयर (43.85%), मिश्रित उपयोग 2,448.84 हेक्टेयर (4.01%), वाणिज्यिक 1,348.97 हेक्टेयर (2.21%), औद्योगिक 2,137.25 हेक्टेयर (3.50%), लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग 771.44 हेक्टेयर (1.26%), सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक 4,887.97 हेक्टेयर (8.01%), परिवहन 5,793.82 हेक्टेयर (9.53%) और ग्रीन क्षेत्र 16,489.94 हेक्टेयर (27.01%) प्रस्तावित है।

भोपाल विकास योजना 2047 का प्रारूप इस तरह राजधानी के भविष्य के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, आवास, परिवहन, रोजगार, AI आधारित अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को एक साथ ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

भोपाल मास्टर प्लान 2047: 21 साल बाद ड्राफ्ट तैयार, 1017 वर्ग किमी और 254 गांवों की योजना

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भोपाल। राजधानी भोपाल के नए मास्टर प्लान को लेकर 21 साल से चला आ रहा इंतजार अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। 26 सितंबर 2026 तक उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार है और इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक ड्राफ्ट को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सार्वजनिक किए जाने की तैयारी है। इसके बाद नागरिकों और संबंधित पक्षों से दावे-आपत्तियां तथा सुझाव लिए जाएंगे।

हालांकि, इसे अंतिम मास्टर प्लान नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी है, लेकिन अंतिम मास्टर प्लान के प्रकाशन से पहले न्यायालय को इसकी जानकारी देना और आगे की अनुमति लेना जरूरी रहेगा।

भोपाल Master Plan 2047 में क्या प्रस्तावित है?

पहले सामने आए ड्राफ्ट से जुड़ी जानकारी के अनुसार प्रस्तावित Bhopal Master Plan 2047 में लगभग 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल करने की योजना है। इसका उद्देश्य भोपाल के भविष्य के आवासीय विस्तार, परिवहन, सड़क नेटवर्क, व्यावसायिक गतिविधियों, उद्योग, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय जरूरतों के अनुरूप विकास की रूपरेखा तैयार करना है।

यानी प्रस्तावित प्लान केवल मौजूदा शहर के लिए नहीं, बल्कि भोपाल के आसपास के नियोजन क्षेत्र के भविष्य के विस्तार को भी ध्यान में रखता है।

2005 के बाद क्यों महत्वपूर्ण है नया मास्टर प्लान?

भोपाल में मौजूदा विकास व्यवस्था लंबे समय से पुराने मास्टर प्लान पर आधारित रही है। सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर 2026 की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि भोपाल का मास्टर प्लान 1995 के बाद संशोधित नहीं हुआ, जबकि समाचार रिपोर्टों में 2005 के प्लान को मौजूदा आधार के रूप में बताया गया है। इसलिए खबर में “2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ” कहना अधिक सुरक्षित और तथ्यात्मक है।

नए प्लान की प्रक्रिया पहले भी आगे बढ़ी थी। वर्ष 2021 में Master Plan-2031 का ड्राफ्ट तैयार किया गया था, लेकिन वह अंतिम रूप से लागू नहीं हो सका। बाद में 2047 को लक्ष्य बनाकर नई योजना तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

1017 वर्ग किमी और 254 गांव क्यों महत्वपूर्ण हैं?

यदि प्रस्तावित आंकड़े अंतिम ड्राफ्ट में भी कायम रहते हैं, तो करीब 1,017 वर्ग किमी नियोजन क्षेत्र और 254 गांवों के कारण मास्टर प्लान का प्रभाव वर्तमान नगर सीमा से काफी व्यापक होगा।

इससे मुख्य रूप से इन विषयों पर असर पड़ेगा:

  • भूमि उपयोग यानी Land Use Planning

  • नए आवासीय क्षेत्र

  • व्यावसायिक क्षेत्र

  • मिश्रित भूमि उपयोग

  • सड़क और परिवहन नेटवर्क

  • औद्योगिक क्षेत्र

  • सार्वजनिक एवं संस्थागत सुविधाएं

  • हरित एवं पर्यावरणीय क्षेत्र

  • भविष्य की आबादी के लिए आधारभूत ढांचा

इन प्रावधानों की अंतिम स्थिति आधिकारिक ड्राफ्ट के प्रकाशित होने के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।

Residential और Commercial Land Use पर सबसे ज्यादा नजर

भोपाल मास्टर प्लान का मौजूदा विवाद रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर की सुनवाई में स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता की जांच मौजूदा मास्टर प्लान और लागू Building By-laws के आधार पर की जाएगी। नया ड्राफ्ट आने से वर्तमान भूमि उपयोग अपने आप नहीं बदल जाएगा।

इसका मतलब यह है कि नया ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद भी वर्तमान नियमों के तहत किसी संपत्ति की वैधता स्वतः बदल नहीं जाएगी।

18 मीटर सड़क और Mixed Land Use पर क्या स्थिति है?

मास्टर प्लान-2047 से जुड़ी पहले की रिपोर्टों में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर प्रस्तावित नियमों का उल्लेख किया गया था। वहीं 26 सितंबर की ताजा रिपोर्ट में 12 से 24 मीटर तथा 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के संदर्भ में अलग-अलग Mixed Land Use और Commercial Activity प्रावधान बताए गए हैं।

लेकिन यहां महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है:

जब तक आधिकारिक Gazette/अधिसूचना का मूल ड्राफ्ट उपलब्ध नहीं होता, इन सड़क-चौड़ाई आधारित प्रावधानों को अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए।

यही बात 15 मंजिल या मेट्रो कॉरिडोर के आसपास निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रावधानों पर भी लागू होती है।

सुप्रीम कोर्ट का ताजा निर्देश क्या है?

22 सितंबर 2026 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी। लेकिन अंतिम मास्टर प्लान प्रकाशित करने से पहले न्यायालय की अनुमति आवश्यक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित बताई गई है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता का परीक्षण मौजूदा मास्टर प्लान और लागू भवन उपविधियों के अनुसार होगा।

8,084 प्रतिष्ठानों को नोटिस का मामला क्या है?

भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई भी इसी विवाद का हिस्सा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम की सूची में 62,500 प्रतिष्ठान दर्ज थे, जिनमें से 8,084 को नोटिस दिए गए और करीब 190 प्रतिष्ठानों को बंद/सील करने की कार्रवाई की गई।

इसलिए नया Master Plan-2047 व्यापारियों, मकान मालिकों, कॉलोनियों और जमीन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान नियमों के तहत चल रही कार्रवाई केवल ड्राफ्ट प्रकाशित होने से समाप्त नहीं होगी।

अब आगे क्या होगा?

ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण दावे और आपत्तियां होगा। नागरिक, जमीन मालिक, कारोबारी, कॉलोनी प्रतिनिधि और अन्य संबंधित पक्ष प्रस्तावित भूमि उपयोग तथा विकास व्यवस्था का अध्ययन करके निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे।

इसके बाद प्रस्तावों और प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम Master Plan के प्रकाशन के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की शर्त भी महत्वपूर्ण रहेगी।

भोपाल Master Plan 2047: एक नजर में

विषय

उपलब्ध जानकारी

प्लान

Bhopal Master Plan 2047

वर्तमान स्थिति

ड्राफ्ट तैयार/प्रकाशन प्रक्रिया

प्रस्तावित नियोजन क्षेत्र

करीब 1,017 वर्ग किमी

प्रस्तावित गांव

करीब 254

वर्तमान आधार

पुराने मास्टर प्लान की व्यवस्था

मुख्य लक्ष्य

Vision 2047

प्रमुख विषय

Land Use, Housing, Transport, Infrastructure

विवाद का प्रमुख मुद्दा

Residential में Commercial Activity

सुप्रीम कोर्ट

ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति

अंतिम प्लान

कोर्ट की अनुमति के बाद

अगली सुनवाई

23 नवंबर 2026

AEO: भोपाल Master Plan 2047 से जुड़े सवाल

भोपाल का नया मास्टर प्लान कब जारी होगा?

26 सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार ड्राफ्ट तैयार है और इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया चल रही है। गजट प्रकाशन की आधिकारिक प्रति उपलब्ध होने के बाद तारीख की पुष्टि की जानी चाहिए।

भोपाल Master Plan 2047 में कितने गांव शामिल हैं?

उपलब्ध ड्राफ्ट संबंधी रिपोर्टों के अनुसार करीब 254 गांव प्रस्तावित नियोजन क्षेत्र में शामिल हैं।

Master Plan 2047 में भोपाल का क्षेत्र कितना होगा?

प्रस्तावित योजना से जुड़ी रिपोर्टों में करीब 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का उल्लेख है। अंतिम आधिकारिक आंकड़ा Gazette/अंतिम अधिसूचना से सत्यापित किया जाना चाहिए।

क्या नया मास्टर प्लान आने से पुराने Land Use बदल जाएंगे?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट के 22 सितंबर के आदेश के अनुसार फिलहाल किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता मौजूदा मास्टर प्लान और लागू भवन उपविधियों के आधार पर जांची जाएगी।

क्या रिहायशी क्षेत्र में दुकान चलाने की अनुमति मिल जाएगी?

सिर्फ नया ड्राफ्ट आने से वर्तमान रिहायशी भूमि का उपयोग स्वतः Commercial नहीं हो जाता। अंतिम नियम आधिकारिक मास्टर प्लान और लागू भूमि उपयोग प्रावधानों से तय होंगे।

क्या 18 मीटर सड़क पर ही कारोबार की अनुमति होगी?

18 मीटर सहित सड़क चौड़ाई से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव मीडिया रिपोर्टों में सामने आए हैं, लेकिन आधिकारिक Gazette के मूल प्रावधान के बिना इसे अंतिम नियम कहना उचित नहीं होगा।

भोपाल Master Plan 2047 अब ड्राफ्ट स्तर से सार्वजनिक प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है। 1,017 वर्ग किलोमीटर और 254 गांवों से जुड़े प्रस्तावित आंकड़े, Vision-2047, Land Use, Transport और Residential-Commercial गतिविधियों के नियम इस योजना के प्रमुख हिस्से हैं। लेकिन ड्राफ्ट और अंतिम मास्टर प्लान में अंतर हो सकता है, इसलिए अंतिम प्रावधानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की आधिकारिक Gazette अधिसूचना को ही आधार माना जाना चाहिए।

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