100% एफडीआई को मिली मंजूरी, 87 साल पुराने नियमों में बदलाव के लिए बिल लोकसभा में पास

100% एफडीआई को मिली मंजूरी, 87 साल पुराने नियमों में बदलाव के लिए बिल लोकसभा में पास
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में बहुप्रतीक्षित ‘सबका बीमा सबकी रक्षा विधेयक 2025 पेश किया। जिसे सदन की ओर से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ने यह विधेयक पेश करते हुए बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश और घरेलू कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने का हवाला दिया। यह विधेयक में तीन प्रमुख कानूनों- बीमा अधिनियम (1938), जीवन बीमा निगम अधिनियम (1956) और बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण अधिनियम (1999) में व्यापक संशोधन का प्रस्ताव है।

विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “आम लोगों का बीमा हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता रही है और केंद्र सरकार ने कोविड महामारी के दौरान भी समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को बीमा प्रदान किया है।” सदन में प्रस्तावित संशोधनों को स्वीकार करते हुए विधेयक को पारित कर दिया गया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि संसद में पेश किए गए विधेयक के माध्यम से लाए गए बीमा सुधारों से लोगों को बीमा तक अधिक पहुंच मिलेगी, बेहतर नियामक निगरानी होगी और अनुपालन में आसानी सुनिश्चित होगी।

‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025’ को लोकसभा में विचार के लिए पेश करते हुए, सीतारमण ने कहा कि इस मसौदा कानून का उद्देश्य पारदर्शिता लाना, अनुपालन अनिवार्यताओं को आसान बनाना और इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाना है।

बीमा कंपनियों की संख्या 2014 में 53 से बढ़कर अब 74 हो गई
मंत्री ने कहा कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 2015 में 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत, 2021 में 74 प्रतिशत कर दी गई थी और अब इसे 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। सीतारमण ने कहा, “इनसे बीमा क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिला है। बीमा कंपनियों की संख्या 2014 में 53 से बढ़कर अब 74 हो गई है।”

उन्होंने कहा कि बीमा की पहुंच 2014-15 में 3.3 प्रतिशत से बढ़कर अब 3.8 प्रतिशत हो गई है और बीमा घनत्व या प्रति व्यक्ति एक वर्ष में भुगतान किया जाने वाला औसत बीमा प्रीमियम 2014 में 55 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अब 97 अमेरिकी डॉलर हो गया है। मंत्री ने कहा कि भुगतान किया गया कुल बीमा प्रीमियम 2014-15 में 4.15 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 11.93 लाख करोड़ रुपये हो गया है और प्रबंधन के तहत संपत्ति 24.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 74.4 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

इस बीच, राज्यसभा ने Appropriation (No. 4) Bill 2025 को चर्चा के बाद लोक सभा को वापस कर दिया गया। संविधान के अनुसार मनी बिल केवल लोक सभा में पेश होता है और राज्यसभा इसे अस्वीकार नहीं कर सकती, केवल चर्चा करने के बाद लौटाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनातनी विधायक को भेजा पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनातनी विधायक को भेजा पत्र

सनातनी विधायक गोलू शुक्ला के “चि. पुत्र अंजनेश शुक्ला एवं सौ. सिमर के शुभ विवाह के पावन एवं मंगल अवसर पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी ने स्नेहपूर्ण शुभकामना संदेश भेजा विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि यह अपार गौरव, सौभाग्य एवं अविस्मरणीय भावुक क्षण है। आपके स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभेच्छाओं के लिए हमारा समस्त परिवार हृदय की गहराइयों से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कोटि-कोटि आभार एवं सादर नमन अर्पित करता है।

मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को,लिखी जाएगी भविष्य के विकास की पटकथा

मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को,लिखी जाएगी भविष्य के विकास की पटकथा
भोपाल। विकसित,आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश,इसी संकल्प के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुधवार को आयोजित किया जा रहा है। इसमें विजन 2047 और अगले तीन वर्षों में प्रदेश के विकास को लेकर किए जाने वाले कामकाज पर गहन मंथन होगा। माना जा रहा है कि यह सत्र प्रदेश की अगले 22 वर्षों की विकास दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

विपक्ष ने कसी कमर,सरकार को घेरने की तैयारी
विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। जिसमें सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर रणनीति तय की गई। तय कार्यसूची के अनुसार,विकसित,आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश विषय पर सत्ता और विपक्ष के 10-10 विधायक अपने विचार रखेंगे। कांग्रेस ने विषयवार जिम्मेदारियाँ बांटते हुए विधायकों को तथ्यों के साथ सटीक हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए हैं।

किसान,युवा,महिला,आरक्षित वर्ग रहेंगे केंद्र में
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष सरकार के पिछले दो वर्षों के कामकाज को कसौटी पर कसेगा। सत्र में प्रदेश की आर्थिक स्थिति, किसान, युवा, महिलाएं और दलित-आदिवासी वर्ग से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाए जाने की तैयारी है। कांग्रेस का इरादा है कि इस एक दिन के सत्र के जरिए सरकार से जवाबदेही तय कराई जाए।

सरकार पेश करेगी विजन 2047 का खाका
वहीं, राज्य सरकार सत्र में विजन 2047 के साथ-साथ आगामी तीन वर्षों के कार्ययोजना और बीते दो साल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा रखेगी। मंगलवार को इसकी तैयारियों को लेकर मंत्रालय में अधिकारी पूरे समय व्यस्त रहे। इधर,विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी तेजतर्रार और विषय-विशेषज्ञ विधायकों को मोर्चे पर उतारने की तैयारी की है।

75 साल की विधानसभा,विशेष अवसर
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा की पहली बैठक 17 दिसंबर 1956 को हुई थी। इस लिहाज से विधानसभा 75 वर्ष पूरे कर रही है। 16वीं विधानसभा का यह आठवां विशेष सत्र इसी ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए बुलाया गया है। जहां परंपरा और भविष्य एक ही मंच पर आमने-सामने होंगे।

नार्थ‑ईस्ट की औषधीय विरासत वन मेले से रहेंगी दूर,इंडिगो की रद्द उड़ानें बनी बाधक

नार्थ‑ईस्ट की औषधीय विरासत वन मेले से रहेंगी दूर,इंडिगो की रद्द उड़ानें बनी बाधक
भोपाल। राजधानी भोपाल में 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहे 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में इस बार एक बड़ा खालीपन साफ नजर आएगा। उत्तर‑पूर्वी भारत की दुर्लभ और बहुमूल्य जड़ी‑बूटियाँ, जिनका बेसब्री से इंतज़ार था, इस बार मेले का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। वजह—इंडिगो एयरलाइंस की लगातार रद्द होती उड़ानें,जिनके चलते नार्थ‑ईस्ट के औषधि कारोबारी और पारंपरिक वैद्यों ने मेले में शामिल हो पाने में असमर्थता जताई है।

नार्थ‑ईस्ट की जड़ी‑बूटियाँ इसलिए हैं खास
उत्तर‑पूर्वी भारत जैव‑विविधता की दृष्टि से देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र माना जाता है। यहाँ की जड़ी‑बूटियाँ आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक हर्बल दवाओं में अहम भूमिका निभाती…
विधानसभा में सच या साजिश, आयुष विभाग के जवाबों ने खोले प्रशासनिक खेल

सदन को गुमराह करने का दुस्साहस
भोपाल। राजधानी भोपाल में 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहे 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में इस बार एक बड़ा खालीपन साफ नजर आएगा। उत्तर‑पूर्वी भारत की दुर्लभ और बहुमूल्य जड़ी‑बूटियाँ, जिनका बेसब्री से इंतज़ार था, इस बार मेले का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। वजह—इंडिगो एयरलाइंस की लगातार रद्द होती उड़ानें,जिनके चलते नार्थ‑ईस्ट के औषधि कारोबारी और पारंपरिक वैद्यों ने मेले में शामिल हो पाने में असमर्थता जताई है।

नार्थ‑ईस्ट की जड़ी‑बूटियाँ इसलिए हैं खास
उत्तर‑पूर्वी भारत जैव‑विविधता की दृष्टि से देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र माना जाता है। यहाँ की जड़ी‑बूटियाँ आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक हर्बल दवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। मेघालय, त्रिपुरा और असम से आने वाली औषधियाँ इम्यूनिटी, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और पाचन संबंधी उपचारों में विशेष उपयोगी मानी जाती हैं।

इन विशेषताओं को देखते हुए मप्र लघु वनोपज संघ ने इस बार त्रिपुरा व मेघालय की आगरवुड (अगर) तथा फ्रेश‑वॉटर आधारित सीपी खेती से जुड़े उत्पादकों को आमंत्रित किया था, ताकि मध्यप्रदेश के उपभोक्ता और वन समितियाँ इन नवाचारों से लाभ उठा सकें।

आगरवुड की है अंतर्राष्ट्रीय मांग
आगरवुड को दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में गिना जाता है। इसका उपयोग इत्र, अगरबत्ती, आयुर्वेदिक औषधियों और धार्मिक अनुष्ठानों में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इसकी भारी मांग है और नार्थ‑ईस्ट भारत इसका प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है। वन मेले में इसके लाइव डिस्प्ले और व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा प्रस्तावित थी, जो अब संभव नहीं हो पाएगी।

सीपी खेती,जल में उगता आर्थिक अवसर
इसी तरह,सीपी खेती यानी फ्रेश‑वॉटर में विशेष जलीय वनस्पतियों की वैज्ञानिक खेती, जिसे औषधीय और पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। यह खेती आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के लिए कम लागत में बेहतर आय का साधन बन रही है। वन मेले में इसे मप्र के जल संसाधन क्षेत्रों में लागू करने पर चर्चा होनी थी।

केरल और विदेशों की भागीदारी भी सीमित
इंडिगो की उड़ान बाधाओं का असर सिर्फ नार्थ‑ईस्ट तक सीमित नहीं रहा। केरल स्थित सीएसआईआर के प्रतिनिधि,वनोपज समिति सदस्य और वैद्य भी एक दिन की देरी से भोपाल पहुँचेंगे। वहीं, कोरोना काल के बाद से आयुर्वेदिक दवाओं को लेकर भारतीय और विदेशी मानकों में अंतर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

भारत में औषधि तो विदेशों में फूड सप्लीमेंट
भारत में आयुर्वेदिक औषधियाँ पारंपरिक ग्रंथों और आयुष मंत्रालय के दिशा‑निर्देशों के आधार पर तैयार होती हैं, जबकि अन्य कई देशों में हर्बल उत्पादों को दवाओं की बजाय फूड सप्लीमेंट की श्रेणी में रखा जाता है। इसके चलते गुणवत्ता,पैकेजिंग और परीक्षण मानकों में बड़ा अंतर सामने आता है। यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अब भूटान और नेपाल तक सीमित रह गया है। इन देशों के प्रतिनिधि भी इस बार आईआईएफएम के माध्यम से केवल कार्यशाला और विशेषज्ञ सत्रों तक सीमित हैं।

कच्चा माल मप्र का, दाम बाहर तय—संघ की नाराज़गी
मप्र लघु वनोपज संघ ने इस बार वन समितियों को राहत देने के लिए कच्चे माल के दाम में करीब 25 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव ट्राइफेक (दिल्ली) को भेजा है। संघ का तर्क है कि बढ़ती महंगाई के अनुरूप संग्रहकर्ताओं को उचित मूल्य मिलना चाहिए। विडंबना यह है कि कच्चा माल मध्यप्रदेश का होता है, लेकिन उसकी कीमतें राज्य के बाहर तय होती हैं। इसी को देखते हुए संघ ने सभी वन मंडलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लागत और मूल्य निर्धारण के निर्देश दिए हैं।

सौंदर्य प्रसाधन में कदम रखेगा बरखेड़ा अनुसंधान केंद्र
वन मेले का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि बरखेड़ा पठानी,भोपाल अनुसंधान केंद्र अब सौंदर्य प्रसाधन क्षेत्र में प्रवेश करने जा रहा है। महुआ से बने लोशन,माउथ फ्रेशनर जैसे उत्पाद पहली बार रिटेल स्वरूप में मेले में उपलब्ध होंगे। इससे वनोपज आधारित उत्पादों को नया बाज़ार मिलने की उम्मीद है।

अनोखा होगा इस बार का मेला
मप्र राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक समिता राजौरा ने कहा कि संघ, मेले का अंतर्राज्यीय व अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप बढ़ाने के हरसंभव जतन कर रहा है। उक्त प्रयास भी इसी दिशा में किए गए। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके इस बार का मेला कई मायनों में अनोखा रहने वाला है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे मेला का शुभारंभ
वहीं,वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में मेला आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। समृद्ध वन खुशहाल वन की थीम पर आयोजित होने वाले मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं।

जल्द हो सकती है निगम मंडलों में नियुक्तियां,सीएम हाउस में जुटे दिग्गज

जल्द हो सकती है निगम मंडलों में नियुक्तियां,सीएम हाउस में जुटे दिग्गज
भोपाल। मध्य प्रदेश में डॉ मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने के बाद निगम—मंडलों में सियासी नियुक्तियों को लेकर कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में भाजपा के दिग्गज नेताओं के बीच सोमवार शाम सीएम हाउस में मंथन हुआ।

सूत्रों के मुताबिक,बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय सह—संगठन मंत्री शिवप्रकाश,क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल,मप्र इकाई के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा,मुख्यमंत्री ​डॉ मोहन यादव व अन्य नेता शामिल रहे।

निगम,मंडलों में नियुक्तियों पर चर्चा
सूत्रों का दावा है कि बैठक में प्रदेश के निगम,मंडलों में सियासी नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई। हालांकि इन नियुक्तियों को लेकर सूचियां पहले से तैयार हैं। संभावित नामों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ यादव केंद्रीय नेतृत्व से भी चर्चा कर चुके हैं,लेकिन बिहार चुनाव के चलते यह नियुक्तियां लगातार टलती रहीं।

जल्द शुरू हो सकती हैं नियुक्तियां
राज्य की डॉ मोहन यादव सरकार ने दो दिन पहले ही अपना दो साल का कार्यकाल पूरा किया। इसे लेकर पार्टी में उस्ताह का वातावरण है। जगह—जगह अभ्युदय मध्य प्रदेश थीम पर कार्यक्रम भी हुए। इसके बाद अब बारी लंबे समय से अपने सियासी पुनर्वास की उम्मीद लगाए पार्टी नेताओं की उम्मीदों को पूरा करने की है। माना जा रहा है कि सरकार जल्दी ही राज्य के निगम,मंडलों में अध्यक्ष,उपाध्यक्ष व अन्य पदों पर नियुक्तियां शुरू कर सकती है।

मंत्रिमंडल विस्तार,विभागों में बदलाव की भी चर्चा
मोहन यादव सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार व मंत्रियों के दायित्वों में फेरबदल की भी अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही हैं। आज की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा के संकेत हैं। राज्य मंत्रिमंडल में वर्तमान में चार पद खाली हैं। माना जा रहा है कि सीएम अपने मंत्रिमंडल में दो और सदस्यों को जोड़ सकते हैं। वहीं,बीते दो साल में बेहतर परफार्मेंस नहीं दे पाने वाले सदस्यों के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है।

मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक,बैठक में मंत्री विजय शाह के लगातार सामने आ रहे बिगड़े बोल को लेकर भी चर्चा हुई। शाह ने हाल ही में लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया। इससे विपक्षी दल कांग्रेस को हमलावर होने का मौका मिला। शाह इससे पहले भी अपने बिगड़े बोलों से सरकार व संगठन की किरकिरी करा चुके हैं।

लाल परेड मैदान में 17 से 23 दिसंबर तक 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला

लाल परेड मैदान में 17 से 23 दिसंबर तक 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला
भोपाल | 15 दिसंबर 2025
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 2025 का आयोजन 17 से 23 दिसंबर तक किया जाएगा। इस मेले का उद्घाटन 17 दिसंबर को शाम 5 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय वन मेला प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस वर्ष मेले की थीम “समृद्ध वन, खुशहाल जन” रखी गई है। मेले का उद्देश्य लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों, उत्पादों और अवसरों को प्रदर्शित करना तथा इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों एवं नीति-निर्माताओं के बीच संवाद स्थापित करना है।

मेले में कुल 350 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें प्रदेश के जिला यूनियन, वन धन केंद्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, पारंपरिक खाद्य सामग्री के उत्पादक एवं विक्रेता अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। इनमें 10 शासकीय स्टॉल, अन्य राज्यों के 24 स्टॉल, 16 प्रदर्शनी स्टॉल, 136 प्राइवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल तथा विशेष रूप से वन विभाग के 3 स्टॉल शामिल हैं। इसके अलावा एक किड्स ज़ोन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

मेले के दौरान 19 व 20 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के 17 राज्यों, नेपाल एवं भूटान से प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह कार्यशाला IIFM के समन्वय से आयोजित होगी। वहीं 21 दिसंबर को क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उच्च गुणवत्तायुक्त लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों की कच्ची जड़ी-बूटियों के क्रय-विक्रय हेतु अनुबंध किए जाएंगे।

मेले में प्रतिदिन ओपीडी संचालन के तहत आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा नि:शुल्क परामर्श दिया जाएगा, जिसमें लगभग 200 मरीजों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिनमें ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, चित्रकला, फैन्सी ड्रेस, गायन एवं पारंपरिक नृत्य शामिल हैं।

वन मेले के दौरान 17 से 23 दिसंबर तक प्रतिदिन सायंकाल प्रसिद्ध कलाकारों एवं सांस्कृतिक समूहों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप, विरासत सूफी, सरगम म्यूजिकल ग्रुप, फॉरेस्ट मेलोडी, ज्योति प्राज सिंगर नीरज श्रीधर बैंड, मानसरोवर एवं झाबुआ का पारंपरिक नृत्य शामिल है।

आयोजकों ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया से अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है तथा सभी नागरिकों को इस अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में सपरिवार शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटिस्टिक और न्यूरोडाइवर्जेंट लोगों के अधिकारों से संबंधित जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटिस्टिक और न्यूरोडाइवर्जेंट लोगों के अधिकारों से संबंधित जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ऑटिज्म (Autism Patients) और अन्य बौद्धिक विकलांगता से पीड़ित व्यक्तियों की देखभाल, पुनर्वास और सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.
आबादी के अनुसार सुविधाएं करें स्थापित
दायर याचिका में एक विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है, जिसका उद्देश्य इस वर्ग के लोगों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करना है. दायर याचिका में कहा गया है कि ऐसे लोगों के लिए हर जिले में आबादी के हिसाब से आवासीय सुविधाएं स्थापित करे, और उनकी स्थापना, विनियमन और निगरानी के लिए व्यापक और बाध्यकारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाई जाए.
याचिका में केंद्र सरकार और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक जिले में ऑप्टिज्म और अन्य बैद्धिक विकारों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए जनसंख्या आधारित आवासीय सुविधाएं स्थापित करें.
चिकित्सा विशेषज्ञों को किया जाए शामिल
याचिका में मांग की गई है कि जो राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति बनाई जाए, उसमें ऑटिस्टिक लोगों के प्रतिनिधि, अभिभावक संघ, विकलागता अधिकार विशेषज्ञ और चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया जाए.
इसके साथ ही ऐसे लोगों के लिए बाकायदा चिकित्सा सुविधा, नियमित स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों, थेरेपिस्ट और प्रशिक्षण सहायताकर्मियों तक उनकी नियमित पहुच सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की गई हैं

दूसरे सोमवार भी रही ‘धुरंधर’ की चांदी

दूसरे सोमवार भी रही ‘धुरंधर’ की चांदी
फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस कमाई के मामले में भी धुरंधर साबित हो रही है। इस वक्त थिएटर्स में लगी सभी फिल्मों में यह कमाई के मामले में सबसे आगे चल रही है। बीते दो दिन सप्ताहांत में इसने जबर्दस्त कमाई करके चौंका दिया और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।

दूसरे सोमवार को भी धुआंधार कमाई जारी
फिल्म ‘धुरंधर’ 350 करोड़ क्लब में शामिल हो गई है। अब इसका अगला टारगेट 400 करोड़ क्लब है। इस फिल्म ने रिलीज के तीसरे ही दिन 100 करोड़ क्लब में एंट्री ले ली थी। पहले सप्ताह में 200 करोड़ी बन गई। दूसरे सप्ताह में कमाल का प्रदर्शन करते हुए 300 करोड़ क्लब में शामिल हुई। कल रविवार को इस फिल्म ने 58 करोड़ रुपये कमाए थे। खबर लिखे जाने तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक आज सोमवार को इस फिल्म ने 22.82 करोड़ रुपये कमाए हैं।

400 करोड़ क्लब से चंद कदम दूर
फिल्म ‘धुरंधर’ ने पहले सोमवार की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 23.25 करोड़ रुपये कमाए थे। वहीं, दूसरे सोमवार में कमाई का आंकड़ा इससे भी बेहतर होने की पूरी संभावना है। फिल्म का घरेलू बॉक्स ऑफिस पर टोटल कलेक्शन 373.57 करोड़ रुपये हो चुका है। 400 करोड़ी क्लब से अब यह फिल्म चंद कदम दूर है।

विधानसभा में सच या साजिश, आयुष विभाग के जवाबों ने खोले प्रशासनिक खेल

विधानसभा में सच या साजिश, आयुष विभाग के जवाबों ने खोले प्रशासनिक खेल
भोपाल। राज्य विधानसभा में गलत जवाबों के आरोप नई बात नहीं हैं, लेकिन हैरत यह है कि ऐसे मामले बार‑बार उठने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी सुधार से बाज नहीं आ रहे। ताज़ा मामला आयुष विभाग से जुड़ा है, जहाँ बिना पद के दोहरी नियुक्ति पाए जाने की शिकायत पर सदन में परस्पर विरोधी जवाब दिए गए।

आयुक्त ने बताई हकीकत,मंत्रालय ने दिया गोलमोल जवाब
कांग्रेस विधायक विवेक विक्की पटेल ने आयुष विभाग में होम्योपैथी ड्रग इंस्पेक्टर के पदों को लेकर प्रश्न लगाया। एक दिसंबर को भेजे गए लिखित जवाब में विभागीय आयुक्त उमा महेश्वरी ने स्पष्ट किया कि विभाग में होम्योपैथी ड्रग इंस्पेक्टर का कोई पद नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस पद पर नियुक्त महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति राठौर की नियुक्ति का कोई प्रस्ताव संचालनालय से शासन को कभी भेजा ही नहीं गया।

चिकित्सक दंपत्ति पर वसूली के आरोप
आयुक्त के जवाब में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. कीर्ति राठौर के खिलाफ विभाग को जबरिया वसूली की तीन शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इंदौर निवासी दवा कारोबारी मुरारीलाल बघेल की शिकायत में न केवल महिला चिकित्सा अधिकारी, बल्कि उनके पति डॉ. अखिलेश राठौर पर भी अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं।

सदन में मिला चौंकाने वाला उत्तर
हालाँकि, सदन में विधायक को जो उत्तर मिला, वह चौंकाने वाला था। जवाब में बताया गया कि विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर के दो पद स्वीकृत हैं, जिनमें से एक पद पर होम्योपैथी ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति है। जबकि विधायक ने अपने प्रश्न की पहली ही पंक्ति में आयुष विभाग में होम्योपैथी ड्रग इंस्पेक्टर के पदों की संख्या पूछी थी।

होम्योपैथी चिकित्सक को आयुर्वेद का दायित्व
राजपत्र में प्रकाशित विभागीय सेट‑अप के अनुसार, मध्यप्रदेश आयुष विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर के दोनों स्वीकृत पद केवल आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के हैं। होम्योपैथी और आयुर्वेद अलग‑अलग चिकित्सा पद्धतियाँ हैं—उनके सिद्धांत, उपचार पद्धति, शैक्षणिक पाठ्यक्रम और उपाधियाँ भी भिन्न हैं।

ऐसी स्थिति में होम्योपैथी चिकित्सक को आयुर्वेद के पद का दायित्व देना न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी माना जा सकता है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने इस विरोधाभासी जवाब को पूरे दुस्साहस के साथ सदन में पेश किया।

एक चिकित्सक,दो नियुक्तियाँ—सच छिपाने की दूसरी भूल
हैरानी की बात यह भी है कि आयुष विभाग ने एक ही महिला चिकित्सक डॉ. कीर्ति राठौर को दो पदों पर नियुक्त कर रखा है, जो न राज्य के नियमों में संभव है और न ही देश के किसी प्रावधान में। बताया जाता है कि यह नियुक्ति 13 वर्ष पहले की गई थी। अब जब मामला विधानसभा में उठा, तो एक गलती छिपाने के लिए गलत जवाब देकर दूसरी गलती कर दी गई।

वर्तमान में डॉ. राठौर आयुष संचालनालय में होम्योपैथी महिला चिकित्सा अधिकारी एवं ओएसडी के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें ही होम्योपैथी ड्रग इंस्पेक्टर का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया, जबकि विभाग में ऐसा कोई पद अस्तित्व में ही नहीं है।

विधायक की आपत्ति, शिकायत की तैयारी
इस पूरे मामले पर विभाग की उपसचिव रंजना देवड़ा का कहना है कि सदन में जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमानुसार ही दी गई है। वहीं, विधायक विवेक विक्की पटेल ने सदन में गलत जवाब दिए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रश्न कुछ और पूछा जाता है, जबकि उत्तर कुछ और दिया जाता है। विधायक इस मामले को लेकर विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ शाखा में शिकायत करने की तैयारी में हैं।

धर्मशाला में भारत ने T20 में लगाई जीत की हैट्रिक

धर्मशाला में भारत ने T20 में लगाई जीत की हैट्रिक
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को तीसरे टी20 मैच में सात विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। भारत ने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की मदद से दक्षिण अफ्रीका की पारी 20 ओवर में 117 रन पर ऑलआउट कर दी थी। भारत ने फिर 15.5 ओवर में तीन विकेट पर 120 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा रन बनाए। अभिषेक ने 18 गेंदों पर तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से 35 रन बनाए।

धर्मशाला में जीता लगातार तीसरा टी20
भारत ने इसके साथ ही धर्मशाला में जीत की हैट्रिक लगा ली है। भारत ने धर्मशाला के इस मैदान पर लगातार तीसरा टी20 मुकाबला जीता है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह मुकाबला जीतने से पहले 2022 में लंका के खिलाफ दो टी20 मैच जीते थे।

गिल-अभिषेक ने दिलाई शानदार शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक और शुभमन गिल ने भारत को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। इस साझेदारी को कॉर्बिन बॉश ने आउट किया। भारत ने एक बार फिर प्रयोग किया और तीसरे स्थान पर सूर्यकुमार की जगह तिलक वर्मा को उतारा। तिलक और गिल ने दूसरे विकेट के लिए 32 रनों की साझेदारी की, लेकिन मार्को यानसेन ने गिल को बोल्ड कर दिया। गिल 28 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 28 रन बनाकर आउट हुए।

कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर असफल रहे और 12 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद तिलक और शिवम दुबे ने भारत की जीत की औपचारिकता पूरी की। तिलक 34 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से नाबाद 25 रन और शिवम चार गेंदों पर एक चौका और एक छक्के की मदद से 10 रन बनाकर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका के लिए लुंगी एनगिडी, मार्को यानसेन और कॉर्बिन बॉश को एक-एक विकेट मिला। एनगिडी को भले ही एक सफलता मिली, लेकिन वह दक्षिण अफ्रीका के लिए टी20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले संयुक्त रूप से दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। एनगिडी ने अब तक राष्ट्रीय टीम के लिए 77 विकेट लिए हैं और उन्होंने कगिसो रबाडा की बराबरी कर ली है।

तिलक तेजी से 4000 टी20 रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज
भारतीय टीम के बल्लेबाज तिलक वर्मा ने इस दौरान टी20 में 4000 रन पूरे किए। तिलक सबसे तेजी से टी20 में 4000 रन पूरे करने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। तिलक ने 125 पारियों में ऐसा किया है और उन्होंने इस मामले में शुभमन गिल और विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है। भारत के लिए सबसे तेजी से टी20 में 4000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड ऋतुराज गायकवाड़ के नाम है जिन्होंने 116 पारियों में ऐसा किया है। दूसरे स्थान पर केएल राहुल हैं जिन्होंने 117 पारियों में 4000 टी20 रन पूरे किए थे।

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