22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी, भगवान विष्णु की पूजा का विशेष दिन

22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी, भगवान विष्णु की पूजा का विशेष दिन
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और परिवर्तिनी एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे पद्मा, पार्श्व या वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा है। भक्त भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने के साथ एकादशी व्रत कथा का पाठ और श्रवण भी करते हैं।

पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। व्रत का पारण 23 सितंबर को किया जाएगा। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार पारण का समय सुबह 6:10 बजे से 8:35 बजे तक बताया गया है, हालांकि स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

परिवर्तिनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना के साथ दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता भी करेंगे।

मेरठ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, परिवारवाद और जातिवाद को लेकर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और समाज को जाति, क्षेत्र तथा भाषा के आधार पर बांटने वाली कोशिशों से सतर्क रहने की अपील की।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक देश की राजनीति में परिवारवाद और जातिवाद का प्रभाव रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने सत्ता को अपने और परिवार के हित साधने का माध्यम बनाया। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लगाए।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की संगठनात्मक सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी में “व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश” की भावना को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से यह सोचने की अपील की कि उन्हें क्या मिला, इसके बजाय वे देश के लिए क्या कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं और ओडीओपी योजना के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं।

मेरठ में आयोजित कार्यक्रम भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के संगठनात्मक कार्यक्रमों का हिस्सा था। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत संगठन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की शानदार शुरुआत, शूटिंग में बरसे मेडल

जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारत के खाते में कुल 6 पदक हो गए हैं, जिनमें 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। शूटिंग भारतीय दल के लिए सबसे सफल खेल साबित हुआ है।

भारतीय निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। चीन के शेंग लिहाओ ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।

इससे पहले पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। टीम ने 1890.1 अंक बनाए, जबकि चीन ने 1899.0 अंकों के साथ गोल्ड जीता।

भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि सुचिका तारियाल ने हासिल की। उन्होंने एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किए गए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

भारत के अब तक के 6 पदकों में 5 पदक शूटिंग से आए हैं, जबकि एक ब्रॉन्ज MMA में मिला है। भारतीय दल की नजर अब आगामी मुकाबलों में स्वर्ण पदक का खाता खोलने और पदकों की संख्या बढ़ाने पर रहेगी।

अगस्त में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ 4.8%, आर्थिक गतिविधियों को मिला सहारा

देश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अगस्त 2026 के दौरान 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की गतिविधियों में तेजी को अर्थव्यवस्था के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन देश की औद्योगिक गतिविधियों से सीधे जुड़ा होता है। इन क्षेत्रों में उत्पादन और मांग में बदलाव का असर व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई देता है।

अगस्त में दर्ज 4.8 प्रतिशत की वृद्धि से संकेत मिलता है कि बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में गतिविधियां जारी हैं। सड़क, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण और औद्योगिक परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सरकार की ओर से लगातार पूंजीगत व्यय और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रदर्शन पर उद्योग और बाजार की भी नजर बनी हुई है।

आने वाले महीनों में इन आठ प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार को समझने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

मराठी फिल्म ‘गोंधल’ ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री

भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म का चयन सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए किया गया है।

मराठी सिनेमा की इस फिल्म के ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उत्साह का माहौल है। क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान के बीच ‘गोंधल’ का चयन भारतीय सिनेमा की विविधता को भी सामने लाता है।

फिल्म की कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए इसे भारत की ओर से अकादमी पुरस्कारों की दौड़ में भेजने का फैसला किया गया है। अब फिल्म ऑस्कर की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी और आगे के चरणों में आधिकारिक चयन प्रक्रिया से गुजरेगी।

‘गोंधल’ के ऑस्कर एंट्री बनने की खबर सामने आने के बाद मराठी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ऑस्कर की अंतिम दौड़ में फिल्म का सफर आगे किस मुकाम तक पहुंचता है, इस पर अब भारतीय दर्शकों और फिल्म जगत की नजर रहेगी। ‘गोंधल’ का चयन एक बार फिर यह रेखांकित करता है कि भारतीय सिनेमा की क्षेत्रीय कहानियां भी वैश्विक दर्शकों तक पहुंच बनाने की क्षमता रखती हैं।

पत्रकार बीमा योजना 2026: 25 सितंबर अंतिम तिथि, ऐसे करें आवेदन

भोपाल। मध्यप्रदेश के पत्रकारों, फोटो पत्रकारों और कैमरामैन के लिए संचालित पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना 2026 में आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। पात्र पत्रकार अंतिम तिथि तक योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का मिलेगा विकल्प

योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा ₹4 लाख अथवा ₹2 लाख तथा व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा ₹10 लाख अथवा ₹5 लाख का विकल्प उपलब्ध है। योजना में 21 से 70 वर्ष की आयु के संचार प्रतिनिधियों के लिए पात्रता का प्रावधान है।
पत्रकारों के साथ निर्धारित नियमों के अनुसार फोटो पत्रकार और कैमरामैन भी योजना में शामिल हो सकते हैं। साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक पत्र-पत्रिकाओं तथा पंजीकृत वेब मीडिया के प्रतिनिधियों के लिए भी पात्रता संबंधी प्रावधान दिए गए हैं।

आवेदन की अंतिम तारीख 25 सितंबर

पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 है। पात्र पत्रकारों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है।
योजना की विस्तृत जानकारी जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट www.mpinfo.org⁠� पर उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा विज्ञप्ति में ऑनलाइन आवेदन/फॉर्म से संबंधित जानकारी के लिए mdindiaonline.com के माध्यम का भी उल्लेख किया गया है।

कब से शुरू होगी बीमा पॉलिसी?

जारी जानकारी के अनुसार अधिमान्य पत्रकारों की नई बीमा पॉलिसी 4 अक्टूबर 2026 से तथा गैर-अधिमान्य पत्रकारों की नई बीमा पॉलिसी 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
योजना में प्रीमियम, पात्रता, आवेदन और पॉलिसी से संबंधित नियमों की जानकारी आवेदन से पहले संबंधित वेबसाइट एवं विभागीय निर्देशों से देखी जा सकती है।

जरूरी जानकारी:

योजना: पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना 2026
अंतिम तिथि: 25 सितंबर 2026
स्वास्थ्य बीमा: ₹2 लाख/₹4 लाख
दुर्घटना बीमा: ₹5 लाख/₹10 लाख
आयु सीमा: 21 से 70 वर्ष

जानकारी: www.mpinfo.org

ऑनलाइन प्रक्रिया संबंधी जानकारी: mdindiaonline.com

लाल बाग के राजा पहुंचे हनुमान अंश गाने से फेमस हुए सुनील लोधी, विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया सम्मान

भोपाल। रविवार को मुखर्जी नगर, कोलार स्थित कोलार के राजा श्री गणेश जी के पंडाल में भक्ति और संगीत का विशेष आयोजन हुआ। हनुमान अंश फिल्म से जुड़े गायक सुनील लोधी सहित तीन कलाकारों ने पंडाल में पहुंचकर भगवान गणेश जी का आशीर्वाद लिया और भजनों की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के दौरान सुनील लोधी ने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ सहित अपने प्रमुख भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में झूमने पर मजबूर कर दिया। कोलार और भोपाल से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया।

लाल बाग के राजा समिति के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने बताया कि हनुमान अंश के तीनों कलाकारों ने पंडाल में पहुंचकर लाल बाग के राजा का आशीर्वाद लिया और अपनी भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया।

कार्यक्रम में समिति के संरक्षक एवं हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हनुमान अंश के गायक सुनील लोधी और नन्हे कलाकार सात्विक शर्मा सहित कलाकारों का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आयोजकों के अनुसार, सुनील लोधी की भजन प्रस्तुतियों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल गणेश भक्ति और भजनों की धुन से गूंजता रहा।

58 हजार दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को मिला लाभ, ₹68 करोड़ के सहायक उपकरण वितरित; जानिए Social Welfare अभियान की पूरी जानकारी

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नई दिल्ली। देशभर में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक आत्मनिर्भर, सुलभ और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से सामाजिक अधिकारिता शिविर आयोजित किए गए। 17 सितंबर 2026 को देश के 21 राज्यों में 76 स्थानों पर एक साथ आयोजित इन शिविरों में 58,000 से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को लगभग ₹68 करोड़ मूल्य के सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।

यह पहल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) ने Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India (ALIMCO) के सहयोग से आयोजित की। लाभार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों का पहले आकलन और परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।

Social Welfare अभियान का उद्देश्य क्या है?

सामाजिक अधिकारिता शिविरों का प्रमुख उद्देश्य केवल उपकरण वितरित करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की mobility, independence, dignity और self-reliance को मजबूत करना है।

दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार मिलने वाले उपकरण रोजमर्रा की गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता हासिल करने में मदद कर सकते हैं। सरकार की ओर से इस पहल को welfare schemes और assistive technology को जरूरतमंद लाभार्थियों तक अंतिम स्तर तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में बताया गया है।

किन-किन सहायक उपकरणों का वितरण हुआ?

शिविरों में लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार कई प्रकार के assistive devices वितरित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

– Motorised Tricycle
– Tricycle
– Wheelchair
– Crutches
– Walking Stick
– Rollator
– Accessible Cane
– Hearing Aid
– Foldable Walker
– Tripod

इन उपकरणों का चयन पूर्व आकलन और परीक्षण के आधार पर किया गया, ताकि लाभार्थी की वास्तविक जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

दिल्ली शिविर में भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को मिला सहयोग

नई दिल्ली के लव-कुश रामलीला मैदान, लाल किला में आयोजित कार्यक्रम में 463 लाभार्थियों को कुल 2,450 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इनमें 446 वरिष्ठ नागरिक और 17 दिव्यांगजन शामिल थे। इन उपकरणों का मूल्य लगभग ₹34.96 लाख बताया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शिविरों को अलग-अलग राज्यों के कैंप स्थलों से वर्चुअली जोड़ा गया। इससे लाभार्थियों, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ALIMCO के अधिकारियों को एक साझा मंच पर जोड़ा गया।

देशभर में Social Welfare Infrastructure को मजबूत करने पर जोर

कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चल रही अन्य पहलों की भी जानकारी दी गई।

सरकारी जानकारी के अनुसार देशभर में 109 प्रधानमंत्री दिव्यांगजन-वयोश्री केंद्र (PMD-VKs) संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ADIP Scheme और Rashtriya Vayoshri Yojana (RVY) से जुड़ी सेवाओं को लाभार्थियों के नजदीक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अलावा 28 Single Window Cross-Disability Early Intervention Centres (CDEICs) की स्थापना और राष्ट्रीय संस्थानों तथा Composite Regional Centres के माध्यम से rehabilitation services उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।

Senior Citizens Welfare पर भी विशेष फोकस

Social Welfare के व्यापक ढांचे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए care, healthcare और independent living को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार 2.88 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक shelter, nutritious food, healthcare, physiotherapy और अन्य support services से लाभान्वित हुए हैं। साथ ही 142 नए Senior Citizen Homes स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार 228 शिविरों के माध्यम से 4.91 लाख से अधिक लाभार्थियों को कवर किया गया और लगभग 23.93 लाख assistive living devices वितरित किए गए। इनमें पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए wheelchairs, hearing aids, walking sticks और spectacles जैसे उपकरण शामिल हैं।

Accessibility और सम्मानजनक जीवन पर जोर

Social Welfare का दायरा केवल आर्थिक सहायता या उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है। दिव्यांगजनों के लिए सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों और परिवहन व्यवस्था को अधिक barrier-free और accessible बनाने पर भी जोर दिया गया है।

दिव्यांगजनों को कला, संस्कृति, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए Divya Kala Melas जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया। इनका उद्देश्य दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पाद तथा प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना है।

Social Welfare में आखिरी छोर तक पहुंच महत्वपूर्ण

देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित ये सामाजिक अधिकारिता शिविर यह दिखाते हैं कि welfare programmers में last-mile delivery कितनी महत्वपूर्ण है। जरूरतमंद व्यक्ति की पहचान, उसकी जरूरत का आकलन और उसके अनुसार सहायता उपलब्ध कराना सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए mobility, healthcare, rehabilitation, accessibility और livelihood support को मजबूत करने से उन्हें परिवार और समाज में अधिक स्वतंत्र भूमिका निभाने के अवसर मिल सकते हैं।

सरकारी जानकारी के अनुसार सामाजिक अधिकारिता शिविरों के माध्यम से 21 राज्यों के 76 स्थानों पर 58,000 से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों तक सहायता पहुंची है। लगभग ₹68 करोड़ मूल्य के assistive devices का वितरण इस अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा।
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होसबाले बोले- ऊंच-नीच और छुआछूत को खत्म करना जरूरी, समाज में समरसता पर दिया जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वयंसेवक एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए जातिगत भेदभाव और छुआछूत को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है और जाति के नाम पर होने वाला दुर्व्यवहार हिंदू समाज पर कलंक है।

होसबाले ने कहा कि जातिभेद और छुआछूत को केवल कानून या उपदेश के जरिए समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों को अपने घर, परिवार और व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव लाना होगा। उन्होंने लोगों से जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करने और सामाजिक समरसता के लिए संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समाज को जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित करने से उसकी सामूहिक शक्ति कमजोर होती है। सभी को एकजुट होकर ऊंच-नीच और हीनभावना जैसी प्रवृत्तियों को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।

जागृत और संगठित समाज पर जोर
होसबाले ने कहा कि जागृत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने नागरिकों से केवल कानून के डर से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में जुटे स्वयंसेवक
लाल परेड ग्राउंड में संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शारीरिक प्रदर्शन, संघ गीत और घोष वादन सहित विभिन्न गतिविधियां हुईं।

होसबाले ने सामाजिक समरसता के साथ परिवार एवं संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, आत्मबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर भी काम करने की बात कही।

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की ग्राउंड रिपोर्ट, CM यादव ने खुद किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विकास कार्यों का पैदल भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था, आवागमन, मूलभूत सुविधाओं और शहर के समग्र विकास से जुड़े कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, इसलिए सभी तैयारियां व्यापक और सुव्यवस्थित तरीके से की जाएं।

डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण के दौरान प्रमुख मार्गों और आयोजन से जुड़े क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन के विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का भी महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजन से पहले शहर में स्थायी प्रकृति के ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका लाभ सिंहस्थ के बाद भी आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिलता रहे।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के पैदल निरीक्षण को इसी तैयारियों की जमीनी समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

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