इंदौर में बिजासन माता को अर्पित होगी 2.5 किमी से लंबी चुनरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी होंगे शामिल; ट्रैफिक में बदलाव

धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगने जा रहा इंदौर एक भव्य चुनरी यात्रा का साक्षी बनेगा। मां बिजासन देवी को ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी। इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भी शामिल होने का कार्यक्रम है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

भव्य चुनरी यात्रा में शामिल होंगे श्रद्धालु
मां बिजासन के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए निकाली जा रही इस चुनरी यात्रा में भक्तजन चुनरी लेकर शामिल होंगे। ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी चुनरी इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी। धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धालु मां से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संभावित सहभागिता से आयोजन का महत्व और बढ़ गया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

यातायात व्यवस्था में किया गया बदलाव
आयोजन के दौरान भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। कुछ मार्गों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित या परिवर्तित किया जा सकता है। ऐसे में आयोजन स्थल की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी ताजा निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। लोगों से अपील है कि वे यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखें।

मां बिजासन को अर्पित की जाने वाली विशाल चुनरी श्रद्धालुओं की आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनेगी।

छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, रायपुर-कुरूद के बीच चलेंगी दो नई मेमू ट्रेनें; बड़ी रेललाइन का काम पूरा

छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने रायपुर से कुरूद के बीच दो नई मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इससे राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। नई ट्रेनों से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिल सकता है।

रायपुर-कुरूद के बीच मिलेंगी दो नई रेल सेवाएं
रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर-कुरूद मार्ग पर दो मेमू ट्रेनों को मंजूरी दी गई है। इनमें गाड़ी संख्या 68772/68771 और 68774/68773 शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर से रावघाट के बीच भी एक नई मेमू ट्रेन को स्वीकृति मिली है। इस तरह छत्तीसगढ़ को कुल तीन नई मेमू रेल सेवाओं की सौगात मिली है।

छात्रों और नौकरीपेशा यात्रियों को मिलेगी राहत
नई ट्रेनों के संचालन से रायपुर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए, कर्मचारियों को नौकरी के सिलसिले में और किसानों व व्यापारियों को अपने कामकाज के लिए आवागमन में सुविधा मिल सकती है। वहीं, इलाज के लिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों का सफर भी आसान होने की संभावना है।

समय-सारणी का इंतजार
नई मेमू ट्रेनों के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद अब यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से जारी होने वाली समय-सारणी और परिचालन शुरू होने की तारीख पर है। ट्रेन के प्रस्थान और आगमन का समय तथा बीच के स्टेशनों पर ठहराव की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद यात्री अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।

नई रेल सेवाओं से क्षेत्रीय परिवहन को बढ़ावा मिलने और रायपुर-कुरूद के बीच यात्रियों को सुविधाजनक रेल विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के गेट पर भीषण हादसा, ट्रक की चपेट में आए 50 से ज्यादा श्रद्धालु; 15 की मौत, ड्राइवर और मालिक गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के गेट पर एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मचा दी। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास ट्रक की चपेट में आने से 50 से अधिक श्रद्धालु प्रभावित हुए। हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच यह हादसा हुआ। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक के चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और ट्रक श्रद्धालुओं के बीच कैसे पहुंचा, इसकी पड़ताल की जा रही है।

हादसे से क्षेत्र में शोक
धार्मिक स्थल के पास हुए इस हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रभावित होने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना को मिली बड़ी सफलता, 2.95 किमी लंबी टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा

मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। करीब 2,957 मीटर लंबी इस सुरंग में रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया है। इस उपलब्धि से इंदौर से धार तक रेल सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

कंक्रीट के मजबूत आधार पर बिछाई गई पटरियां
टीही टनल में सामान्य रेलवे ट्रैक की तरह पटरियों के नीचे गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यहां बैलास्टलेस ट्रैक तकनीक अपनाई गई है, जिसमें पटरियों को मजबूत कंक्रीट के आधार पर स्थापित किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य सुरंग के भीतर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रैक बिछाने के बाद कंक्रीट को सेट होने के लिए लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।

विद्युतीकरण और फिनिशिंग का काम जारी
टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने के बाद अब विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था, एग्जॉस्ट फैन लगाने और अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सुरंग के दोनों सिरों पर रेलवे लाइन को जोड़ने से संबंधित कुछ कार्य भी किए जा रहे हैं। रेलवे का लक्ष्य इन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना है।

टीही से धार तक 47 किलोमीटर रेलखंड तैयार करने की कवायद
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत टीही से धार तक लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। इस हिस्से में ट्रैक, पुल-पुलिया, स्टेशन, प्लेटफॉर्म, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा शेष कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

सीआरएस निरीक्षण के बाद आगे बढ़ेगी ट्रेन संचालन की प्रक्रिया
रेलखंड का निर्माण पूरा होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा। इस निरीक्षण में रेल लाइन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही नियमित ट्रेन संचालन का रास्ता साफ होगा। इससे इंदौर, पीथमपुर और धार के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

नवरात्रि का सातवां दिन आज मां कालरात्रि की आराधना, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के संहार से जुड़ी है पौराणिक कथा

शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है। मां कालरात्रि को दुष्टों का संहार करने वाली और अपने भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां की उपासना से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। देवी के इस स्वरूप को ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है।

अत्यंत शक्तिशाली है मां कालरात्रि का स्वरूप
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत उग्र है। उनका वर्ण घने अंधकार के समान काला, केश बिखरे हुए और तीन नेत्र बताए गए हैं। वे गर्दभ यानी गधे पर सवार रहती हैं। उनके चार हाथों में अस्त्र-शस्त्र तथा अभय और वरद मुद्रा का वर्णन मिलता है। उनका उग्र स्वरूप बुराई, भय और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है।

शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के संहार से जुड़ी कथा
देवी महात्म्य की पौराणिक कथा के अनुसार, शुंभ-निशुंभ और उनके सहयोगी असुरों के अत्याचार से देवता परेशान थे। इसी युद्ध में रक्तबीज नामक असुर भी देवी के लिए बड़ी चुनौती बना। उसे वरदान प्राप्त था कि उसके रक्त की प्रत्येक बूंद धरती पर गिरते ही उसके समान एक नया असुर उत्पन्न हो जाता था। ऐसे में उसका वध करना कठिन हो गया था।

धार्मिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि देवी ने रक्तबीज के रक्त को धरती पर गिरने से रोककर उसका संहार किया। मां दुर्गा के उग्र काली स्वरूप की यह कथा बुराई पर शक्ति की विजय का संदेश देती है। शुंभ-निशुंभ के विरुद्ध युद्ध में भी देवी ने असुरों का सामना कर धर्म की रक्षा की।

ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा
नवरात्रि के सातवें दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई के बाद मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। देवी को रोली, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। इसके बाद मां के मंत्र का जाप कर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की प्रार्थना करें।

मां कालरात्रि का प्रमुख मंत्र है—

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

गुड़ का भोग लगाने की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ अथवा गुड़ से बनी मिठाई का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त इस दिन देवी से भय, संकट और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। पूजा के दौरान श्रद्धा, संयम और सात्विकता का विशेष महत्व बताया गया है।

भक्तों को निर्भयता और साहस का संदेश
मां कालरात्रि का स्वरूप यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी साहस और विश्वास बनाए रखना चाहिए। नवरात्रि के सातवें दिन देवी की आराधना कर श्रद्धालु अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को भक्तों का कल्याण करने वाली और दुष्ट शक्तियों का विनाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: भोपाल से खाटूश्यामजी जा रही ट्रैवलर नाले में गिरी, MP के 8 श्रद्धालुओं की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मध्य प्रदेश से खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। इस दुर्घटना में मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं की जान जाने से उनके परिवारों में शोक की लहर है।

सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेस-वे पर हुआ। ट्रैवलर में सवार यात्री भोपाल और बैतूल से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। वाहन के अनियंत्रित होने के बाद वह सड़क से नीचे नाले में जा गिरा। शुरुआती रिपोर्टों में चालक को झपकी आने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। नाले में पानी और गाद जमा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। घायलों को उपचार के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतकों की संख्या आठ, घायलों का उपचार जारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में आठ लोगों की जान गई है और कई यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से घायलों के उपचार तथा मृतकों की पहचान से जुड़ी कार्रवाई की गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

धार्मिक यात्रा मातम में बदली
खाटूश्यामजी के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले श्रद्धालुओं की यात्रा इस भीषण दुर्घटना के कारण दुखद हादसे में बदल गई। हादसे की खबर से मध्य प्रदेश में उनके परिजनों और परिचितों के बीच शोक व्याप्त है। दुर्घटना के कारणों और अन्य विवरणों को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

रूस से तेल-गैस खरीदने पर भारत को बड़ी राहत, ट्रंप ने फिलहाल टाला 100% टैरिफ का खतरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने संबंधी प्रावधानों से फिलहाल छूट देने का फैसला किया है। इससे भारत को बड़ी राहत मिली है। नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। हालांकि, ट्रंप के ताजा आदेश से इन प्रतिबंधों और टैरिफ का तत्काल खतरा टल गया है।

अमेरिका ने राष्ट्रीय हित का दिया हवाला
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 16 अक्टूबर को जारी कार्यकारी आदेश में कहा कि मौजूदा समय में इन प्रतिबंधों से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। यह फैसला रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए गए नए कानून के प्रावधानों के लागू होने से पहले लिया गया।

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से कच्चा तेल खरीदता है। रूस से तेल की खरीद भारतीय ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में अमेरिका की ओर से 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारतीय निर्यातकों और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता था। फिलहाल छूट मिलने से भारत को तत्काल राहत मिली है।

आगे भी बदल सकती है स्थिति
ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल संबंधित प्रावधानों से छूट दी है, लेकिन इसे स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। आदेश के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके वरिष्ठ अधिकारी भविष्य में जरूरत पड़ने पर दोबारा कार्रवाई का फैसला कर सकते हैं। इसलिए भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी रहेगी।

नीलबड़ में आज से गूंजेगा गरबा-डांडिया का उल्लास, दो दिवसीय ‘कोलास गरबा महोत्सव 2026’ के लिए सजा मंच

भोपाल। राजधानी भोपाल के नीलबड़ में आज से दो दिवसीय कोलास गरबा महोत्सव 2026 का भव्य आगाज होने जा रहा है। 17 और 18 अक्टूबर को शिव सांवरिया गार्डन, वार्ड क्रमांक 26 में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में गरबा-डांडिया की रंगीन शाम के साथ संगीत की शानदार प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों दिन शाम 7 बजे होगी।
महोत्सव की पहली शाम, 17 अक्टूबर को सम्राट म्यूजिकल ग्रुप अपनी संगीतमय प्रस्तुति से समां बांधेगा। वहीं, 18 अक्टूबर को कविता शर्मा बुंदेली की लोक गायन प्रस्तुति कार्यक्रम में खास रंग भरेगी। दो दिनों तक चलने वाला यह आयोजन नीलबड़ क्षेत्र में उत्सव और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बनाएगा।

कोलास गरबा महोत्सव का आयोजन वीरेंद्र सिंह मारण (गोलू भैया) के नेतृत्व में किया जा रहा है। हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा महोत्सव के संरक्षक हैं। आयोजन को लेकर गरबा प्रेमियों में उत्साह के बीच आयोजकों ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है।

कार्यक्रम एक नजर में

तारीख: 17 एवं 18 अक्टूबर 2026
समय: शाम 7 बजे से
स्थान: शिव सांवरिया गार्डन, वार्ड क्रमांक 26, नीलबड़, भोपाल
17 अक्टूबर: सम्राट म्यूजिकल ग्रुप
18 अक्टूबर: कविता शर्मा बुंदेली की प्रस्तुति

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को गांव में मिला गार्ड ऑफ ऑनर

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भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी प्रियजन को खो दिया। लेकिन इस असहनीय दुख के बीच परिवार ने ऐसा निर्णय लिया, जिससे तीन अन्य लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिली। नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी क्षेत्र के ग्राम खापा खुर्द निवासी बिलाश टांटी शर्मा, जिन्हें शिवानी के नाम से जाना जाता था, के अंगदान के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सम्मानित किया।

सड़क हादसे के बाद एम्स भोपाल में चल रहा था इलाज

प्राप्त समाचार रिपोर्टों के अनुसार, शिवानी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

इस कठिन परिस्थिति में उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। परिवार की सहमति से शिवानी के अंगों का दान किया गया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिलने का अवसर मिला।

दो किडनी और लिवर से तीन लोगों को मिली उम्मीद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवानी की दोनों किडनी और लिवर दान किए गए। इन अंगों के प्रत्यारोपण से तीन जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली।

जिस परिवार के लिए यह समय सबसे बड़ी व्यक्तिगत क्षति का था, उसी परिवार के निर्णय ने उन लोगों के लिए उम्मीद का रास्ता खोला, जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता थी।

पैतृक गांव में मध्य प्रदेश पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

शिवानी के अंगदान के योगदान को सम्मान देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार उनके पैतृक गांव खापा खुर्द में पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

यह सम्मान उस मानवीय निर्णय के प्रति श्रद्धांजलि था, जिसके माध्यम से शिवानी के अंगों ने तीन अन्य लोगों के जीवन में नई संभावना पैदा की। इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिजनों के फैसले की सराहना करते हुए इसे मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की मिसाल बताया।

एक परिवार का फैसला, तीन परिवारों के लिए नई उम्मीद

शिवानी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगदान से जुड़े इस फैसले ने तीन परिवारों के जीवन में उम्मीद जगाई है। दुख की घड़ी में अंगदान के लिए सहमति देने वाले परिजनों का निर्णय इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है।

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पैतृक गांव में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर शिवानी के अंगदान और उनके परिवार के इस मानवीय योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

social welfare 2026
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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी। योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।

दिव्यांग पेंशन की पात्रता में बदलाव

योजना के तहत दिव्यांगजन पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की पात्रता सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई है। न्यूनतम आयु की शर्त भी हटाई जाएगी, जिससे पात्र दिव्यांगजन जन्म से ही योजना के दायरे में आ सकेंगे।

घोषणा के अनुसार, 0 से 79 वर्ष की आयु के लिए ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लिए ₹625 की मासिक सहायता निर्धारित की गई है।

#SocialWelfare #PensionScheme #DivyangPension #SocialJustice #Kolar18

पेंशन योजनाओं के नाम भी बदलेंगे

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के नाम भी बदले जाएंगे।

वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के साथ राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना मौजूदा व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगी। दिव्यांगजन पेंशन के नए पात्रता मानदंड और सहायता राशि को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाने हैं।

सरकारी स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), 14 अक्टूबर 2026।

आधिकारिक लिंक: https://www.pib.gov.in/PressReleasepage.aspx?PRID=2323264&lang=1&reg=48

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