‘गनमास्टर G9’ का टीजर ‘टॉक्सिक’ के साथ दिखाया जाएगा, सिनेमाघरों में मिलेगा बड़ा सरप्राइज

इमरान हाशमी की आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘गनमास्टर G9’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म का टीजर सिनेमाघरों में यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ के साथ दिखाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीजर **26 अगस्त 2026** से ‘टॉक्सिक’ के शो से पहले दर्शकों को देखने को मिलेगा।

खास बात यह है कि ‘गनमास्टर G9’ का टीजर ‘टॉक्सिक’ की फिल्म प्रिंट के साथ सीधे अटैच नहीं किया जाएगा। इसके बजाय सिनेमाघरों में इसे अलग से स्क्रीन किया जाएगा। इस रणनीति से फिल्म के टीजर को ‘टॉक्सिक’ देखने पहुंचने वाले बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

इमरान हाशमी के साथ नजर आएंगे ये कलाकार
‘गनमास्टर G9’ में इमरान हाशमी के साथ **जेनिलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना** अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन **आदित्य दत्त** कर रहे हैं। फिल्म को एक्शन और रोमांस से भरपूर प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा है।

27 नवंबर को रिलीज होगी फिल्म
‘गनमास्टर G9’ की **वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज 27 नवंबर 2026** को निर्धारित है। टीजर को ‘टॉक्सिक’ के साथ बड़े पर्दे पर दिखाने का फैसला फिल्म की रिलीज से पहले दर्शकों के बीच चर्चा और उत्सुकता बढ़ाने की रणनीति माना जा रहा है।

इमरान हाशमी के प्रशंसकों के लिए यह थिएटर विजिट और भी खास हो सकती है, क्योंकि ‘टॉक्सिक’ के साथ उन्हें अभिनेता की अगली फिल्म की पहली झलक बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व, जानें क्यों प्रिय है महादेव को बेलपत्र

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय माना गया है और इसे श्रद्धा व भक्ति का प्रतीक बताया गया है।

तीन पत्तियों वाले बेलपत्र का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियों को भगवान शिव के **त्रिनेत्र, त्रिगुण और त्रिदेव** से जोड़ा जाता है। इसी वजह से तीन पत्तियों वाला बेलपत्र शिव पूजा में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त पर उनकी कृपा बनी रहती है।

शिवलिंग पर कैसे चढ़ाएं बेलपत्र?
पूजा के दौरान साफ और साबुत बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु पहले भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और इसके बाद बेलपत्र, फूल आदि चढ़ाते हैं। पूजा की अलग-अलग परंपराओं में बेलपत्र अर्पित करने के नियमों में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय परंपरा या मंदिर के नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।

सावन में बढ़ जाता है महत्व
श्रावण मास में शिव पूजा का विशेष महत्व होने के कारण बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा भी अधिक प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पण करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष **सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026** को है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में सामग्री से अधिक श्रद्धा, शुद्ध भाव और भक्ति को महत्व दिया जाता है। इसलिए बेलपत्र अर्पित करते समय भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप करने की परंपरा है।

U-20 विश्व कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन, तीन और पदक जीते

स्लोवाकिया में आयोजित U-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन और पदक अपने नाम किए हैं। भारत को एक रजत और दो कांस्य पदक मिले। मानसी लाठर ने 68 किलोग्राम वर्ग में रजत, जबकि तन्वी गुंदेश मगदुम और कोमल ने क्रमशः 57 और 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीते।

मानसी लाठर ने जीता रजत पदक
68 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मानसी लाठर का सामना चीन की चेनलिंग सोंग से हुआ। कड़े मुकाबले में मानसी को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

तन्वी और कोमल ने कांस्य पर जमाया कब्जा
57 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में तन्वी गुंदेश मगदुम ने कनाडा की एग्निया क्राकोवस्का को 10-4 से हराया। वहीं 59 किलोग्राम वर्ग में कोमल ने हंगरी की एडा बालाज्स को 5-2 से मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले भारत की काजल धोचक ने 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने भार वर्ग में रजत पदक हासिल किए। इस तरह भारतीय महिला पहलवानों का टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।

प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय पहलवान अब पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं के 57, 65, 79 और 92 किलोग्राम वर्गों में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल से इन मुकाबलों में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर CM साय का जोर, स्व-सहायता समूहों को मिल रहे नए अवसर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार के विशेष फोकस को दोहराया है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिला स्व-सहायता समूहों को नए क्षेत्रों से जोड़कर आय के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी महिला समूहों की भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में कई महिलाएं सोलर वेंडर के रूप में काम करते हुए घरों में सोलर संयंत्र लगाने की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

सरकार के अनुसार, प्रदेश में **2.82 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से ज्यादा महिलाएं** जुड़ी हैं, जबकि **13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी** बन चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को कौशल, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी को और बढ़ाया जाए।

वहीं, **महतारी वंदन योजना** के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय का कहना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी और मजबूत करना है।

जबलपुर बनेगा मेट्रोपॉलिटन सिटी, CM मोहन यादव ने विकास का खाका तैयार करने के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य जबलपुर को आधुनिक सुविधाओं से लैस महानगर के रूप में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन की तर्ज पर जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए शहर के बुनियादी ढांचे, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जबलपुर के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें मदन महल क्षेत्र में **रानी दुर्गावती के नाम से आधुनिक चिड़ियाघर**, दो सांदीपनि विद्यालय और मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को AIIMS की तर्ज पर विकसित करने की योजना शामिल है।

इसके अलावा महाकोशल क्षेत्र में उपलब्ध लकड़ी को देखते हुए जबलपुर में **फर्नीचर क्लस्टर** स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और निर्यात के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से जबलपुर में शहरी विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य जबलपुर को महाकोशल क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक और विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

Crime News kolar: कजलीखेड़ा थाना- सूने मकान से 50 तोला सोना और सवा किलो चांदी ले उड़े चोर, 70 लाख से ज्यादा का माल साफ

भोपाल। कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में चोरों ने एक बार फिर सूने मकान को निशाना बनाकर पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। प्रियंका नगर स्थित दिवाकर चतुर्वेदी के मकान में धावा बोलकर बदमाश 50 तोला से अधिक सोना, करीब सवा किलो चांदी के आभूषण व सिक्के तथा 20 से 25 हजार रुपए नकद समेट ले गए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत 70 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने फिलहाल 85 हजार रुपए की चोरी का प्रकरण दर्ज किया है।

खिड़की के रास्ते दाखिल हुए बदमाश

परिवार के बड़े बेटे के पास अबूधाबी जाने के कारण मकान में ताला लगा हुआ था। इसी का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, 18-19 अगस्त की रात चोरों ने घर में प्रवेश किया और बेडरूम में रखी अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे जेवरात, चांदी के सिक्के और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

सुबह पड़ोसी ज्योति सेंगर ने मकान का ताला टूटा देखा तो उन्होंने दिवाकर चतुर्वेदी को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

CCTV में कैद हुआ नकाबपोश संदिग्ध

वारदात की जांच में पुलिस को मकान में लगे CCTV कैमरों से अहम सुराग मिला है। फुटेज में एक नकाबपोश संदिग्ध पैंट-शर्ट पहने हुए दिखाई दे रहा है। वह खिड़की का कांच खोलकर मकान के भीतर प्रवेश करता नजर आया। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने के साथ उसके आने-जाने के रास्तों की भी पड़ताल कर रही है।

जेवरों की पूरी सूची विदेश से लौटने के बाद

फरियादी के मुताबिक, चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपए में है। हालांकि माता-पिता के विदेश से लौटने के बाद ही जेवरात और अन्य सामान की पूरी सूची मिल सकेगी। इसके बाद चोरी गए माल की वास्तविक कीमत स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस ने 85 हजार रुपए की चोरी दर्ज की है।

एक ही इलाके में लगातार दूसरी बड़ी वारदात

कजलीखेड़ा क्षेत्र में यह हाल के दिनों में दूसरी बड़ी चोरी है। इससे पहले 7-8 अगस्त की रात चित्रांश साई विहार कॉलोनी निवासी आनंद प्रजापति के सूने मकान को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था। वहां से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेत करीब 55 लाख रुपए का माल चोरी हुआ था। उक्त वारदात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।

लगातार सूने मकानों को निशाना बनाए जाने से कजलीखेड़ा क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस के सामने न सिर्फ ताजा वारदात के आरोपियों तक पहुंचने, बल्कि पूर्व में हुई चोरी का खुलासा करने की भी चुनौती है।

#कजलीखेड़ा #भोपाल #BhopalNews #Kajlikheda #CrimeNews #BhopalCrime #चोरी #चोरीकीवारदात #बड़ीचोरी #CrimeInBhopal #BreakingNews #LatestNews #CCTVFootage #PoliceInvestigation #भोपालपुलिस #कजलीखेड़ान्यूज #MadhyaPradeshNews #MPNews #HindiNews #CrimeAlert #Kolar18 #Kolar18News

सफाई कर्मचारियों के लिए Missed Call Facility अब आसानी से दर्ज होगी Complaint

NCSK
NCSK

नई दिल्ली। सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) रविवार, 23 अगस्त 2026 को अपना 32वां स्थापना दिवस मनाएगा। नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया स्थित मावलंकर सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 900 सफाई कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ शहरी स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं और सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े अन्य हितधारकों की भी भागीदारी रहेगी। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले और बी.एल. वर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

गरिमा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर

स्थापना दिवस कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों की गरिमा, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही खतरनाक मैनुअल सफाई कार्य को समाप्त करने, मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देने, पुनर्वास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिकायतों के लिए शुरू होगी मिस्ड-कॉल सुविधा

NCSK की ओर से स्थापना दिवस पर एक ‘मिस्ड-कॉल सुविधा नंबर’ भी जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से सफाई कर्मचारी और अन्य हितधारक अपनी शिकायतें, समस्याएं और अभ्यावेदन आयोग तक पहुंचा सकेंगे। आयोग संबंधित मामलों को संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष उठाकर समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्रवाई करेगा।

सीवर मौत और पुनर्वास पर भी नजर

आयोग सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के साथ सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों के मामलों में कानूनी वारिसों को मिलने वाले मुआवजे की स्थिति की भी समीक्षा करता है। साथ ही सफाई कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को लेकर सरकार को सिफारिशें देता है।

चीनी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सख्त, स्टॉक लिमिट घटाई और 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की मंजूरी

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। त्योहारी सीजन से पहले बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। यह कदम करीब एक दशक बाद उठाया गया है।

सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के स्टॉक रखने की सीमा भी सख्त कर दी है। अब महीने में 10 टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले बड़े खरीदार अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर स्टॉक रख सकेंगे। इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।

कीमतों में तेज बढ़ोतरी
पिछले कुछ सप्ताह में चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई को चीनी का भाव करीब ₹48.18 प्रति किलो था, जो 20 अगस्त तक बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो पहुंच गया। कुछ बाजारों में कीमतें इससे भी ऊपर जाने की खबरें हैं।

सरकार के अनुसार मौजूदा तेजी की प्रमुख वजह चीनी उत्पादन में कमी, मौसम से फसल को हुए नुकसान और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को केवल एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल से जोड़ना सही नहीं है।

उत्पादन में गिरावट का अनुमान
सरकार ने मौजूदा सीजन में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर करीब 306 लाख टन कर दिया है, जबकि पहले 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। यानी शुरुआती अनुमान की तुलना में उत्पादन करीब 11 फीसदी कम रहने की संभावना है।

केंद्र सरकार का लक्ष्य त्योहारी मौसम में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अनावश्यक उछाल को रोकना है। स्टॉक लिमिट, स्टॉक की निगरानी और शुल्क-मुक्त आयात जैसे कदमों से बाजार में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है।

ईरान ने इराकी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की दी मंजूरी, बगदाद की अपील के बाद बड़ा फैसला

ईरान ने कई इराकी तेल टैंकरों को रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की विशेष अनुमति दे दी है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, बगदाद की ओर से लगातार किए गए अनुरोधों के बाद यह फैसला लिया गया है।

बताया गया है कि इराक ने विभिन्न माध्यमों से ईरान से अपने तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने की मांग की थी। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ की हालिया इराक यात्रा के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।

इराकी राष्ट्रपति निजार अमीदी ने भी पुष्टि की कि हाल के दिनों में ईरान ने इराकी तेल ले जाने वाले कुछ जहाजों के मार्ग को सुगम बनाया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच होर्मुज के रास्ते इराकी तेल निर्यात को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि, उन्होंने इसे अभी भी जटिल मुद्दा बताया।

तेल निर्यात पर संकट का असर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के कारण यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर से काफी कम हो गई है। ऐसे में इराकी तेल टैंकरों को मिली यह विशेष अनुमति बगदाद के लिए महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।

इराक इसके साथ ही अपने तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक मार्गों पर भी काम कर रहा है। तुर्की के जयहान बंदरगाह के अलावा सीरिया के बनियास और जॉर्डन के अकाबा बंदरगाह के जरिए निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि ईरान की ओर से दी गई यह अनुमति कितने जहाजों तक सीमित रहती है और क्या इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही में व्यापक सुधार होता है।

रसोइयों के लिए खुशखबरी! यूपी सरकार ने बढ़ाया मानदेय, अब ₹3,000 प्रतिमाह

उत्तर प्रदेश सरकार ने मिड-डे मील यानी पीएम पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के करीब 3.53 लाख रसोइयों का मासिक मानदेय 1,000 रुपये बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इससे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे रसोइयों को राहत मिलेगी।

जानकारी के मुताबिक, रसोइयों को पहले 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। अब इसमें 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा रसोइयों को यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और ग्लव्स के लिए 400 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाती है।

प्रदेश के करीब 1.41 लाख परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 1.46 करोड़ विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील तैयार करने में रसोइयों की अहम भूमिका है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में रसोइयों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।

सरकार ने रसोइयों के कल्याण के लिए अन्य कदम भी उठाए हैं। इनमें मातृत्व अवकाश के नियमों में बदलाव और कैशलेस चिकित्सा सुविधा शामिल है। 3.53 लाख रसोइयों और उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा देने के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि पीएम पोषण योजना में रसोइयों की भूमिका बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। मानदेय में बढ़ोतरी और चिकित्सा सुविधा से उनके आर्थिक और सामाजिक कल्याण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

0
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
yogi modi modal

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

0
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...
maaldhari-family

गुजरात में मालधारी परिवारों के पुनर्वास की नई योजना: ₹15 लाख सहायता, 100 वर्ग...

0
गुजरात। गुजरात सरकार ने बर्दा वन्यजीव अभयारण्य (Barda Wildlife Sanctuary) में रहने वाले मालधारी परिवारों के स्वैच्छिक पुनर्वास के लिए नई योजना की घोषणा...
mann ki baat 1st episode

विजयादशमी के दिन शुरू हुई थी ‘मन की बात’: 3 अक्टूबर 2014 से सितंबर...

0
विशेष जानकारी | मन की बात पहले 14 मिनट के प्रसारण से 100वें एपिसोड और 2026 के आधिकारिक रेडियो आर्काइव तक की महत्वपूर्ण तारीखें। शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 अवसर विजयादशमी पहला...