भारत-श्रीलंका दूसरा टेस्ट आज, 2-0 की जीत के लिए मैदान में उतरेगी टीम इंडिया

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज, 23 अगस्त 2026 से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर शुरू होगा। भारतीय टीम की नजर इस मुकाबले को जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम करने पर होगी। वहीं, श्रीलंका की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

पहले टेस्ट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 165 रन से हराया था। इस जीत के साथ शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी।

कोलंबो में होने वाले मुकाबले में पिच और स्पिन गेंदबाजी अहम भूमिका निभा सकती है। टीम इंडिया के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर भी कुछ रणनीतिक फैसले होंगे। स्पिन विकल्पों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जबकि श्रीलंका भी अपनी टीम में बदलाव के साथ वापसी की कोशिश कर सकता है।

यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से शुरू होगा और 27 अगस्त तक चलेगा। मैच में जीत भारत को विदेशी जमीन पर सीरीज जीतने का महत्वपूर्ण मौका देगी, जबकि श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सीरीज बचाने की आखिरी चुनौती होगा।

MP Board का बड़ा फैसला: माता-पिता दोनों को खो चुके छात्रों को परीक्षा और नामांकन शुल्क से मिलेगी छूट

भोपाल। MP Board ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है, जिनके माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश के आदेश के अनुसार ऐसे छात्रों को हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने के लिए परीक्षा एवं नामांकन शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

यह सुविधा उन विद्यार्थियों को मिलेगी, जो माता-पिता के निधन के बाद किसी रिश्तेदार के आश्रय में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं या शासन/शासन द्वारा अधिकृत संस्था द्वारा संचालित अनाथालय में रह रहे हैं।

परीक्षा फॉर्म के साथ देना होगा प्रमाण-पत्र

शुल्क छूट का लाभ लेने के लिए परीक्षा फॉर्म भरते समय माता और पिता दोनों के मृत्यु प्रमाण-पत्र अथवा शासन द्वारा संचालित/मान्यता प्राप्त संस्था का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

MP Board ने यह सुविधा शैक्षणिक सत्र 2026-27 की परीक्षाओं से लागू की है। आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर विद्यार्थी शुल्क छूट के पात्र नहीं होंगे।

मंडल के इस फैसले से माता-पिता दोनों को खो चुके और आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई जारी रख रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।

नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी, RBI ने दो फाइनेंस कंपनियों पर लगाया भारी जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय नियमों के उल्लंघन को लेकर दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने दोनों कंपनियों पर लाखों रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। RBI की यह कार्रवाई वित्तीय संस्थानों को नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और ग्राहकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई है।

नियमों के उल्लंघन पर RBI की कार्रवाई
RBI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों पर अलग-अलग नियामकीय प्रावधानों का पालन नहीं करने के चलते जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने जांच के दौरान सामने आए नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया और संबंधित कंपनियों के खिलाफ मौद्रिक दंड लगाया।

कंपनियों को मिला सख्त संदेश
RBI की कार्रवाई से वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को स्पष्ट संदेश गया है कि नियामकीय दिशानिर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्रीय बैंक समय-समय पर बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की गतिविधियों की निगरानी करता है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करता है।

जुर्माना लगाने का मतलब कारोबार बंद होना नहीं
RBI द्वारा लगाया गया मौद्रिक जुर्माना नियामकीय अनुपालन में कमियों से संबंधित है। केवल जुर्माना लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है या उनका सामान्य कारोबार बंद हो गया है। कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।

RBI ने वित्तीय संस्थानों को नियामकीय दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है। ग्राहकों को भी किसी वित्तीय सेवा का इस्तेमाल करते समय संबंधित कंपनी और उसके नियमों की जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी जाती है।

टेस्ट क्रिकेट में जो रूट का बड़ा कारनामा, 68 फिफ्टी के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी

इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रूट ने कम टेस्ट मैचों में 68 बार 50+ रन बनाने के मामले में महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इस उपलब्धि के साथ रूट ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में अपनी निरंतरता और शानदार बल्लेबाजी का परिचय दिया है।

सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी
जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में 68वीं बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाकर सचिन तेंदुलकर के खास रिकॉर्ड की बराबरी की। हालांकि, रूट ने यह उपलब्धि सचिन की तुलना में कम टेस्ट मैच खेलते हुए हासिल की है। यही वजह है कि उनकी इस उपलब्धि को खास माना जा रहा है।

टेस्ट क्रिकेट में रूट का दबदबा
जो रूट पिछले कई वर्षों से इंग्लैंड की टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनकी तकनीक, धैर्य और लंबी पारियां खेलने की क्षमता ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में पहुंचाया है।

रूट लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनके आंकड़े उनकी निरंतरता की कहानी बताते हैं। सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज के रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।

रिकॉर्ड की दौड़ में आगे निकलने का मौका
68 फिफ्टी के साथ जो रूट अब सचिन तेंदुलकर के बराबर पहुंच गए हैं। ऐसे में आने वाली टेस्ट पारियों में रूट के पास इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाने का मौका होगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब उनकी अगली बड़ी पारी पर रहेगी।

रांची में प्रदर्शन के दौरान हंगामा, छात्र-पुलिस आमने-सामने; 14 नामजद समेत 200 पर केस

रांची में पुतला दहन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 14 नामजद समेत करीब 200 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

पुतला दहन के दौरान बिगड़ा माहौल
बताया जा रहा है कि छात्र किसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और इसी दौरान पुतला दहन किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

14 नामजद, 200 लोगों पर केस
पुलिस के अनुसार, मामले में 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब नामजद आरोपियों के साथ-साथ अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। घटनास्थल के वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आकांक्षा चमोला का आरोपों पर करारा जवाब, शादी के बाद की जिंदगी को लेकर किया बड़ा खुलासा

टीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा चमोला ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे ‘फर्जी तलाक’ और गौरव का इस्तेमाल करने जैसे आरोपों पर नाराजगी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच आकांक्षा ने अपनी बात रखते हुए इन आरोपों पर सफाई दी और कहा कि उनकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।

आकांक्षा ने कहा कि जब से उनकी शादी हुई है, तब से ही उनके निजी जीवन को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आती रही हैं। उन्होंने लोगों से बिना पूरी जानकारी के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की।

‘जब से मेरी शादी हुई है…’
आकांक्षा चमोला ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार कई तरह की बातों और सवालों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उन लोगों पर भी नाराजगी जताई जो उनके रिश्ते और व्यक्तिगत जीवन को लेकर बिना पुष्टि के दावे कर रहे हैं।

गौरव का इस्तेमाल करने के आरोप पर दिया जवाब
आकांक्षा पर गौरव खन्ना के नाम या लोकप्रियता का फायदा उठाने के आरोप भी लगाए जा रहे थे। इन आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी रिश्ते को बाहर से देखकर उसके बारे में धारणा बनाना सही नहीं है। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को लेकर फैल रही चर्चाओं पर आपत्ति जताई।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
आकांक्षा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके प्रशंसकों के बीच भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, दोनों की निजी जिंदगी से जुड़े दावों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच आधिकारिक तौर पर सामने आई जानकारी को ही तथ्य मानना उचित होगा।

शिलॉन्ग हिंसा मामले में बड़ा अपडेट, 15 FIR दर्ज; पांच संदिग्ध पुलिस के रडार पर, SIT जांच करेगी

शिलॉन्ग में 19 अगस्त को हुई हिंसा के मामले में मेघालय पुलिस ने अब तक 15 FIR दर्ज की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा के दौरान विशेष रूप से असम नंबर वाले वाहनों को निशाना बनाने के मामले में पांच नकाबपोश संदिग्धों की पहचान की गई है। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है।

मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नीआवभालांग धर ने बताया कि हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए वाहनों का आकलन किया जाएगा और कानून के तहत मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंसा के बाद 3,770 से अधिक असम-पंजीकृत वाहनों को सुरक्षित रूप से असम की ओर रवाना कराया गया है।

सरकार ने हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए SIT को जिम्मेदारी दी है। इस बीच असम और मेघालय सरकारों के बीच हुई संयुक्त बैठक में स्थिति सामान्य करने, फंसे हुए वाहनों और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा दोनों राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

हिंसा के बाद मेघालय के कुछ हिस्सों में आगजनी और पेट्रोल बम हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Maha CSR Authority: महाराष्ट्र में CSR फंड के लिए बनेगा नया प्राधिकरण, सामाजिक योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने Corporate Social Responsibility (CSR) फंड के इस्तेमाल को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में ‘MahaCSR Authority’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित प्राधिकरण CSR से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने और जरूरत के अनुसार फंड के बेहतर उपयोग में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी Authority

प्रस्ताव के मुताबिक MahaCSR Authority की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। इसके Governing Council में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। CEO को Governing Council के Member-Secretary के साथ Executive Council का प्रमुख बनाए जाने का प्रस्ताव है।

सरकार का मानना है कि फिलहाल राज्य में कई CSR परियोजनाएं अलग-अलग स्तरों पर स्वतंत्र रूप से संचालित होती हैं। ऐसे में एक केंद्रीय व्यवस्था बनने से इन योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

बनेगा प्राथमिकता वाली परियोजनाओं का Project Bank

प्रस्तावित MahaCSR Authority की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में Priority Project Bank तैयार करना शामिल होगा। इसमें सरकार की प्राथमिकता वाली ऐसी परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा, जिन्हें CSR फंड से सहायता की आवश्यकता है।

इस Project Bank को कंपनियों और गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपनी CSR राशि को उपयुक्त सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाओं में लगा सकें।

CSR फंड की निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने Authority के जरिए CSR फंड के समन्वय, निगरानी और उचित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि CSR के तहत मिलने वाली राशि वास्तविक जरूरत वाले क्षेत्रों और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।

सरकार छोटे और मध्यम उद्यमों को भी CSR नियमों के तहत उपयुक्त परियोजनाओं का चयन करने में मार्गदर्शन देने की योजना बना रही है।

अधूरी न रह जाएं CSR से बनी परियोजनाएं

CSR से परियोजनाएं तैयार होने के बाद उनके रखरखाव की समस्या भी सरकार के सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार निर्माण के बाद रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होती और कुछ वर्षों में ऐसी परियोजनाएं निष्क्रिय हो जाती हैं।

इसलिए प्रस्तावित व्यवस्था में CSR से तैयार परियोजनाओं के Maintenance और Repair पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।

छात्राओं के लिए भी CSR फंड का इस्तेमाल

महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के कॉलेजों में पढ़ने वाली करीब 12 लाख छात्राओं के लिए ‘Earn While You Learn’ योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल के लिए CSR फंड का इस्तेमाल किए जाने की योजना बताई गई है।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हो सकता है बड़ा असर

यदि MahaCSR Authority का प्रस्ताव लागू होता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, ग्रामीण विकास और अन्य सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को CSR फंड से सहायता प्राप्त करने के लिए एक अधिक व्यवस्थित मंच मिल सकता है।

MahaCSR Authority का मुख्य उद्देश्य CSR राशि को केवल खर्च करना नहीं, बल्कि उसे ऐसी परियोजनाओं तक पहुंचाना है जहां उसका सामाजिक प्रभाव अधिकतम हो।

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UP Scholarship 2025-26: 3.16 लाख छात्रों को फिर मिलेगा आवेदन का मौका, 1 सितंबर से खुलेगा पोर्टल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में UP Scholarship 2025-26 का लाभ पाने से वंचित रह गए हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है। तकनीकी समस्याओं के कारण पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं ले पाए 3,16,057 पात्र छात्रों को सरकार दोबारा आवेदन का मौका देने जा रही है। इसके लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 1 सितंबर 2026 से फिर खोला जाएगा।

तकनीकी समस्या के कारण नहीं मिल पाया था लाभ

उत्तर प्रदेश के सामाजिक कल्याण विभाग के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान बड़ी संख्या में पात्र छात्र तकनीकी कारणों से छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे। सरकार ने ऐसे छात्रों को आर्थिक सहायता से वंचित न रखने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला किया है।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 3,16,057 छात्रों में 31,836 छात्र सरकारी संस्थानों, 37,795 छात्र सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों और 2,46,426 छात्र निजी संस्थानों से जुड़े हैं। यानी प्रभावित छात्रों में सबसे बड़ी संख्या निजी संस्थानों के विद्यार्थियों की है।

1 सितंबर से दोबारा कर सकेंगे आवेदन

सरकार के फैसले के अनुसार UP Scholarship Portal 1 सितंबर 2026 से दोबारा खोला जाएगा। जिन पात्र छात्रों का आवेदन तकनीकी दिक्कतों के कारण पूरा नहीं हो पाया था, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फिर से आवेदन कर सकेंगे।

छात्रों को आवेदन करते समय अपना बैंक खाता, शैक्षणिक विवरण और अन्य जरूरी जानकारी ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन के सत्यापन और भुगतान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच खाते में आएगी छात्रवृत्ति

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जानी है। भुगतान Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से किया जाएगा।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

दोबारा आवेदन का अवसर उन पात्र छात्रों के लिए है जो तकनीकी कारणों से 2025-26 की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं ले पाए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें SC, ST, OBC, General और Minority वर्गों के पात्र विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित योजना की पात्रता शर्तें पूरी करते हों।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

पोर्टल खुलने के बाद आवेदन करने वाले छात्रों को अपने सभी विवरण सावधानी से भरने चाहिए। खास तौर पर बैंक खाते की जानकारी, आधार से संबंधित विवरण, शैक्षणिक रिकॉर्ड और जरूरी प्रमाणपत्रों की जांच कर लेना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या आवेदन संख्या सुरक्षित रखना भी उपयोगी रहेगा।

UP Scholarship 2025-26: महत्वपूर्ण तारीखें

विवरण तारीख
छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खुलेगा 1 सितंबर 2026
छात्रवृत्ति/फीस प्रतिपूर्ति भुगतान 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026
प्रभावित पात्र छात्र 3,16,057
सबसे अधिक प्रभावित निजी संस्थानों के छात्र

नोट: छात्रों को आवेदन की अंतिम तिथि और दस्तावेजों से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल और सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।

 

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महेश्वर में आदिवासी महिलाओं की बदली तस्वीर, माहेश्वरी साड़ी की बुनाई से मजबूत हो रही आजीविका

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले का महेश्वर अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ पारंपरिक हथकरघा कला के लिए भी देशभर में पहचान रखता है। यहां माहेश्वरी साड़ियों की बुनाई से जुड़ी आदिवासी महिलाओं के लिए बुनकर सुविधा केंद्र रोजगार और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। हाल ही में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने केंद्र का दौरा कर महिला बुनकरों से बातचीत की और उनकी आजीविका से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।

1,000 से 2,000 साड़ियों का रोजाना उत्पादन

महेश्वर के बुनकर सुविधा केंद्र का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत पंजीकृत सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। केंद्र में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय की महिलाएं प्रसिद्ध माहेश्वरी साड़ियों की बुनाई से जुड़ी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन करीब 1,000 से 2,000 साड़ियों का उत्पादन होता है।

यह काम महिलाओं को पारंपरिक हुनर के साथ नियमित आजीविका का अवसर भी दे रहा है। हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका देशभर में महत्वपूर्ण है और सरकार भी महिला बुनकरों को बाजार, प्रशिक्षण और उत्पादन से जोड़ने पर जोर दे रही है।

बाजार से जोड़ने में TRIFED और SHGs की भूमिका

बुनकरों के सामने अक्सर उत्पादन के साथ-साथ अपने उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाने की चुनौती रहती है। महेश्वर के इस केंद्र में इस दिशा में भी सहयोग मिल रहा है। TRIFED, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और जिला पंचायतों के माध्यम से साड़ियों को बाजार से जोड़ने के लिए फॉरवर्ड लिंकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय महिला बुनकरों को अपने उत्पाद के लिए व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।

दिल्ली के फैशन शो तक पहुंचा स्थानीय हुनर

केंद्र से जुड़ी एक महिला बुनकर हाल ही में दिल्ली में आयोजित फैशन शोकेस में भी अपने काम का प्रदर्शन कर चुकी हैं। यह उपलब्धि बताती है कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली माहेश्वरी साड़ियां अब केवल क्षेत्रीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।

पारंपरिक कला के साथ महिला सशक्तिकरण

माहेश्वरी हथकरघा केवल कपड़ा बनाने की परंपरा नहीं है, बल्कि यह स्थानीय परिवारों के लिए आजीविका का साधन भी है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार खरगोन जिले का माहेश्वरी हथकरघा क्षेत्र हजारों बुनकरों को रोजगार देता है और इसमें महिलाओं की भूमिका बुनाई, कताई और रंगाई जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण है।

महेश्वर में बुनकर सुविधा केंद्र जैसे प्रयासों से आदिवासी महिलाओं की आजीविका, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी और पारंपरिक हथकरघा कला को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है। इससे स्थानीय हुनर को बाजार मिलने के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी रास्ता मजबूत हो रहा है।

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