लोअर लेक में अवैध निर्माण और सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, चार सप्ताह में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

भोपाल। राजधानी की लोअर लेक में कथित अवैध निर्माण, बिना उपचारित सीवेज के प्रवाह और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित विभागों को चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 21 दिसंबर 2026 को होगी।

NGT की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने 15 अक्टूबर 2026 को मूल आवेदन क्रमांक 58/2026 (CZ) की सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए। यह मामला राशिद नूर खान बनाम कलेक्टर, भोपाल एवं अन्य से संबंधित है। सुनवाई न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ के समक्ष हुई।

प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण पर उठे सवाल

आवेदक राशिद नूर खान की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी ने लोअर लेक क्षेत्र में कथित अवैध और अनधिकृत निर्माण का मुद्दा उठाया। वहीं, नगर निगम की ओर से संबंधित कार्यों को मौजूदा संरचनाओं की मरम्मत बताया गया।

ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध या अनधिकृत निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। पीठ ने वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 के नियम 4 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

झील में गंदे पानी का प्रवाह रोकने के निर्देश

लोअर लेक में बिना उपचारित सीवेज पहुंचने का मामला भी सुनवाई के दौरान उठा। नगर निगम ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत नालों के इंटरसेप्शन और डायवर्जन का काम चल रहा है।

इस पर ट्रिब्यूनल ने नगर निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को निर्देश दिए कि झील में बिना उपचारित सीवेज का प्रवाह रोकने के लिए की गई कार्रवाई और नालों के डायवर्जन की प्रगति का विवरण चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

अब संबंधित विभागों की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि झील में प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और चल रहे कार्यों की स्थिति क्या है।

पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी जवाब तलब

मामले में पेड़ों को कथित तौर पर जहरीले रसायनों से नुकसान पहुंचाने और उनके सूखने या मृत्यु से जुड़े आरोप भी उठाए गए। इस संबंध में वन विभाग, नगर निगम और ट्री ऑफिसर की ओर से कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पीठ ने नाराजगी जताई।

ट्रिब्यूनल ने संबंधित अधिकारियों को पेड़ों को हुए नुकसान, वृक्ष कटाई की अनुमति और प्रतिपूरक वनीकरण से संबंधित कार्रवाई एवं अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

भोज वेटलैंड के संरक्षण पर निगाहें

भोपाल की लोअर लेक, भोज वेटलैंड का हिस्सा है। भोज वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। ऐसे में झील की जल गुणवत्ता, आसपास के पर्यावरण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी का संरक्षण महत्वपूर्ण है।

इस मामले में अब नगर निगम, PHE, वन विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर निगाहें रहेंगी। चार सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट से पता चलेगा कि कथित अनधिकृत निर्माण, सीवेज प्रदूषण और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में क्या कार्रवाई की गई।

अगली सुनवाई 21 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।

यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूतियों का मिसाइल हमला, 5 मिसाइलें दागने का दावा; प्रधानमंत्री और मंत्री सुरक्षित

यमन में जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को देश की अस्थायी राजधानी अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर पर मिसाइल हमला किया। यमन सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, परिसर को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिसर में मौजूद प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की मौत की खबर भी सामने आई है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरयानी ने बताया कि हूतियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर पर पांच मिसाइलें दागीं। शुरुआती रिपोर्टों में दो सुरक्षा गार्डों की मौत की जानकारी दी गई है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अधिक बताई गई है। घटना में हताहतों की अंतिम संख्या की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

सैन्य मुख्यालय और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों से जुड़ी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, हमले में परिसर के भीतर स्थित सऊदी अधिकारियों के सैन्य अभियान मुख्यालय और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने भी हमले को सऊदी सैन्य मौजूदगी के खिलाफ कार्रवाई बताया। हालांकि, लक्ष्यों को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी अरब के साथ बढ़ रहा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हो रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने भी हाल के दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की कोशिशों का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते टकराव से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे संवेदनशील सरकारी परिसर को निशाना बनाए जाने से देश में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

एमपी जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप: नित्या की दोहरी सफलता, मेधांश और प्रणीत ने भी दर्ज की जीत

मध्य प्रदेश जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नित्या ने दोहरी सफलता हासिल कर ध्यान आकर्षित किया, वहीं मेधांश और प्रणीत ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की।

चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले। नित्या के दोहरी सफलता हासिल करने से प्रतियोगिता में उनकी स्थिति मजबूत हुई। वहीं, मेधांश और प्रणीत की जीत ने भी आगे के मुकाबलों के लिए उनकी उम्मीदों को बढ़ाया।

जूनियर स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव हासिल करने का अवसर देना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों के परिणाम और अगले दौर में पहुंचने वाले खिलाड़ियों की जानकारी सामने आने के साथ चैंपियनशिप का रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।

हत्या को गैर-इरादतन हत्या में बदलने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा- ‘यह दयनीय स्थिति’

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को उम्रकैद से घटाकर 10 साल कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यायाधीशों को आपराधिक कानून के बुनियादी प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार और आरोपी चिंतामणि उर्फ चिंटू पटेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ ने क्या कहा?
14 अक्टूबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश पर सवाल उठाए। जस्टिस पार्डीवाला ने टिप्पणी की कि हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 के भाग एक और भाग दो के बीच अंतर की जानकारी होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने मामले में घातक चोटों की प्रकृति और मृतका को चोटें किस तरह लगीं, इन महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। शीर्ष अदालत ने पूछा कि हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर निचली अदालत के फैसले को फिर से बहाल क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?

यह मामला फरवरी 2021 में छत्तीसगढ़ में रायमोती पटेल नामक महिला की मौत से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, चिंतामणि उर्फ चिंटू पटेल ने नशे की हालत में महिला को धक्का दिया था, जिसके बाद वह ईंटों पर गिर गई और उसकी मौत हो गई। महिला ने मौत से पहले अपने पति को बताया था कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की थी।

मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत ने सितंबर 2022 में चिंतामणि को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नवंबर 2024 में दोषसिद्धि को हत्या से बदलकर गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में कर दिया और सजा घटाकर 10 साल कर दी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हत्या का मकसद और पूर्व साजिश साबित नहीं होने समेत अन्य पहलुओं पर विचार किया था।

IPC की धारा 304 के भाग एक और दो में क्या अंतर है?

धारा 304, भाग एक: ऐसे मामलों से संबंधित है, जहां गैर-इरादतन हत्या में मृत्यु कारित करने या ऐसी चोट पहुंचाने का इरादा शामिल हो, जिससे मृत्यु होने की आशंका हो।

धारा 304, भाग दो: ऐसे मामलों से संबंधित है, जहां आरोपी को अपने कृत्य से मृत्यु होने की आशंका का ज्ञान हो, लेकिन मृत्यु कारित करने का इरादा न हो।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी का प्रमुख कारण यही था कि हाई कोर्ट के फैसले में इन कानूनी प्रावधानों और मामले के तथ्यों का आकलन किस तरह किया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और चिंतामणि पटेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत इस बात पर विचार करेगी कि हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा बहाल की जानी चाहिए या नहीं। फिलहाल, शीर्ष अदालत की टिप्पणी के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

EPFO के नए नियम: बीमारी में बिना लिमिट, पढ़ाई के लिए 10 और शादी के लिए 5 बार निकाल सकेंगे PF एडवांस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नियमों को आसान बनाया है। नए नियमों के तहत कर्मचारी बीमारी, पढ़ाई, शादी और मकान से जुड़ी जरूरतों के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं। निकासी के अलग-अलग कारणों के लिए सीमा तय की गई है, जबकि पात्र सदस्यों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 12 महीने रखी गई है।

किस काम के लिए कितनी बार निकाल सकेंगे PF का पैसा?

1. बीमारी के इलाज के लिए: कर्मचारी अपने या पात्र परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए पीएफ एडवांस ले सकते हैं। इस श्रेणी में निकासी की संख्या पर कोई निर्धारित सीमा नहीं है। हालांकि, योजना की अन्य शर्तें लागू रहेंगी।

2. पढ़ाई के लिए 10 बार: शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार पीएफ एडवांस लिया जा सकता है।

3. शादी के लिए 5 बार: कर्मचारी अपनी या पात्र परिवार के सदस्यों की शादी के लिए सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार एडवांस निकाल सकते हैं।

4. मकान के लिए 5 बार: घर या प्लॉट खरीदने, मकान बनाने, होम लोन चुकाने तथा मकान की मरम्मत या सुधार जैसे पात्र आवासीय उद्देश्यों के लिए कुल 5 बार निकासी की सुविधा है।

5. विशेष परिस्थितियों में साल में 2 बार: विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित श्रेणी के अंतर्गत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार पीएफ एडवांस लिया जा सकता है।

कितना पैसा निकाल सकते हैं?
नए नियमों के तहत पात्र सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखने का प्रावधान है, ताकि रिटायरमेंट के लिए बचत सुरक्षित रहे। आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम 12 महीने की सदस्यता अवधि की शर्त भी लागू होती है। वास्तविक पात्र राशि और निकासी पर लागू शर्तें संबंधित प्रावधानों पर निर्भर करेंगी।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
पीएफ सदस्य अपने UAN के माध्यम से EPFO के आधिकारिक सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करके पात्रता और KYC विवरण की जांच कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित एडवांस क्लेम के लिए आवेदन किया जा सकता है। आधार, बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण अपडेट होने से क्लेम प्रक्रिया में मदद मिलती है।

ध्यान दें: पीएफ से एडवांस निकालना और नौकरी छोड़ने के बाद पूरे पीएफ का अंतिम भुगतान लेना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। दोनों के नियमों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

शाई होप ने रचा इतिहास, तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड; टी20 इंटरनेशनल में वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने भारत के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में धमाकेदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया। 14 अक्टूबर 2026 को खेले गए इस मुकाबले में होप ने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन की शानदार पारी खेली। इस शतक के साथ उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

क्रिस गेल और एविन लुईस को छोड़ा पीछे
शाई होप का यह टी20 इंटरनेशनल करियर का तीसरा शतक था। इससे पहले क्रिस गेल और एविन लुईस दोनों के नाम दो-दो शतक दर्ज थे। होप ने तीसरा शतक लगाकर दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। उनकी इस उपलब्धि ने वेस्टइंडीज क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

50 गेंदों में नाबाद 102 रन, नौ छक्कों से मचाया धमाल
हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और नौ छक्के लगाए। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट खोकर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा।

भारत दौरे पर शानदार फॉर्म में हैं शाई होप
शाई होप इस भारत दौरे पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वनडे सीरीज में भी उन्होंने बड़ी पारियां खेलीं और टी20 मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। उनकी निरंतरता और कप्तानी पारी ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को मजबूती दी है।

अब शाई होप की नजरें आगामी मुकाबलों में भी इसी प्रदर्शन को जारी रखने पर होंगी। क्रिस गेल जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ना उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

जेलर 2 बॉक्स ऑफिस पर मचाएगी धमाल! पहले दिन 58-62 करोड़ की कमाई का अनुमान, रजनीकांत की चौथी सबसे बड़ी ओपनर बनने की तैयारी

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। फिल्म की रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इसकी जबरदस्त चर्चा हो रही है। एडवांस बुकिंग, बड़े स्तर पर रिलीज और रजनीकांत के स्टारडम को देखते हुए फिल्म से शानदार ओपनिंग की उम्मीद की जा रही है। ट्रेड अनुमानों के मुताबिक, फिल्म पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 58 से 62 करोड़ रुपये की नेट कमाई कर सकती है। हालांकि, यह अनुमान है, वास्तविक कलेक्शन रिलीज के बाद सामने आएगा।
पहले दिन टूट सकता है बड़ा रिकॉर्ड

14 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, ‘जेलर 2’ को पहले दिन तमिलनाडु से करीब 22-23 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन मिलने की उम्मीद है। केरल और कर्नाटक से संयुक्त रूप से 19-21 करोड़ रुपये, जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से लगभग 14-15 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान लगाया गया है। उत्तर भारत से करीब 3 करोड़ रुपये मिलने की संभावना जताई गई है। इन अनुमानों के आधार पर फिल्म कॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्मों की सूची में चौथे स्थान तक पहुंच सकती है।
‘बीस्ट’ और ‘2.0’ से होगी टक्कर

तमिल सिनेमा की बड़ी ओपनिंग फिल्मों में विजय की ‘कुली’ और ‘लियो’ के साथ रजनीकांत की ‘2.0’ भी शामिल हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, ‘जेलर 2’ अगर 49.3 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करती है, तो यह ‘बीस्ट’ को पीछे छोड़ सकती है। वहीं, 60.25 करोड़ रुपये से अधिक की ओपनिंग इसे ‘2.0’ से आगे ले जा सकती है। फिल्म की वास्तविक रैंकिंग उसके पहले दिन के अंतिम आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

एडवांस बुकिंग से बढ़ीं उम्मीदें
फिल्म की एडवांस बुकिंग को लेकर भी उत्साह देखने को मिला है। Sacnilk के 14 अक्टूबर सुबह के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में फिल्म की पहले दिन की एडवांस बुकिंग करीब 30.84 करोड़ रुपये ग्रॉस तक पहुंच गई थी। यह आंकड़ा टिकटों की अग्रिम बिक्री पर आधारित है, न कि फिल्म की अंतिम कमाई पर।

फिर लौटेंगे टाइगर पांडियन
नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर टाइगर पांडियन के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्साह की एक बड़ी वजह 2023 में रिलीज हुई पहली ‘जेलर’ की सफलता भी है। अब सभी की निगाहें फिल्म की ओपनिंग, दर्शकों की प्रतिक्रिया और वीकेंड कलेक्शन पर टिकी हैं।

क्या ‘जेलर 2’ रजनीकांत की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में जगह बना पाएगी? इसका जवाब फिल्म की रिलीज के बाद आने वाले बॉक्स ऑफिस आंकड़े देंगे।

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को 5 उपायों से करें प्रसन्न, जीवन की बाधाएं दूर होने की है मान्यता

शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है। इस वर्ष 15 अक्टूबर, गुरुवार को मां स्कंदमाता की पूजा की जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता की आराधना से भक्तों को सुख-शांति, सकारात्मकता और संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है। मां का स्वरूप ममता, करुणा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि नवरात्रि के पांचवें दिन विधि-विधान से मां की पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है। यदि आप भी जीवन में आ रही परेशानियों से मुक्ति और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, तो मां स्कंदमाता की पूजा के दौरान ये पांच उपाय कर सकते हैं।

1. मां को केले का भोग लगाएं
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केला अर्पित करना शुभ माना जाता है। आप चाहें तो केले से बनी मिठाई या अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।

2. पीले फूल अर्पित करें
मां स्कंदमाता की पूजा में पीले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और मां की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद श्रद्धापूर्वक फूल अर्पित कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

3. मां के मंत्र का जाप करें
मां स्कंदमाता की आराधना के दौरान उनके मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। पूजा के समय शांत मन से इस मंत्र का उच्चारण करें।

मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
आप अपनी श्रद्धा और पूजा-पद्धति के अनुसार 11, 21 या 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं। माना जाता है कि नियमित मंत्र-जाप से मन एकाग्र होता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है।

4. मां को सफेद मिठाई या खीर अर्पित करें
मां स्कंदमाता की पूजा में सात्विक भोग का विशेष महत्व माना जाता है। आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार खीर, दूध से बनी मिठाई या फल अर्पित कर सकते हैं। भोग लगाने के बाद मां की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

5. जरूरतमंदों की सहायता करें
नवरात्रि में दान-पुण्य और सेवा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पांचवें दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, फल, कपड़े या आवश्यक वस्तुएं दान कर सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से सेवा और करुणा को देवी की आराधना से जोड़कर देखा जाता है।

मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व
मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। उन्हें चार भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है। उनके दो हाथों में कमल के फूल होते हैं, जबकि वे अपने पुत्र स्कंद को गोद में धारण करती हैं। उनका स्वरूप मातृत्व, प्रेम, संरक्षण और साहस का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि मां स्कंदमाता की उपासना से भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण मिलता है। हालांकि, इन उपायों को आस्था और परंपरा के रूप में अपनाएं; जीवन की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना भी जरूरी है।

कोलार में बच्चों की प्रतिभा का सम्मान, ड्रॉइंग प्रतियोगिता के विजेताओं को मिले पुरस्कार

भोपाल। हुजूर विधानसभा क्षेत्र के कोलार में सृजन जनसेवा समिति द्वारा आयोजित ड्रॉइंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजकुमार सिंह ने विजेता बच्चों को प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और शील्ड प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी कलात्मक प्रतिभा निखारने के लिए मंच प्रदान करना था। पुरस्कार मिलने पर बच्चों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद माताओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर जयपाल ठाकुर, रामराज तिवारी, आशीष राय, अभय गौतम, काशी यादव, गिरीश वर्मा और भूपेंद्र अहिरवार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए भगत सिंह उत्सव समिति के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

राजकुमार सिंह बोले

इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।

नवरात्रि 2026: ग्रहों की परेशानियों से राहत पाने के लिए करें ये आसान उपाय, ज्योतिषियों ने बताए पूजा के तरीके

शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, साधना और आत्मिक शांति का विशेष अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, सकारात्मकता और शक्ति का संचार होता है। ज्योतिष शास्त्र में भी नवरात्रि को ग्रहों से जुड़ी परेशानियों के लिए पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने का उपयुक्त समय माना गया है।

यदि किसी व्यक्ति को जीवन में बार-बार बाधाओं, आर्थिक परेशानियों या पारिवारिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, तो वह अपनी श्रद्धा के अनुसार नवरात्रि में कुछ सरल धार्मिक उपाय कर सकता है। हालांकि, इन उपायों को धार्मिक आस्था और परंपराओं के रूप में देखना चाहिए, इनके परिणामों की वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।

नवरात्रि में ग्रहों की शांति के लिए क्या करें?
1. सूर्य ग्रह के लिए: प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें और मां दुर्गा की आराधना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना मजबूत करने की प्रेरणा मिलती है।

2. चंद्रमा के लिए: मां दुर्गा को सफेद पुष्प अर्पित करें और जरूरतमंदों को दूध, चावल या अन्य उपयोगी सामग्री दान करें। इसे मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन से जोड़कर देखा जाता है।

3. मंगल ग्रह के लिए: मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में मंगल को साहस और ऊर्जा से जोड़ा जाता है।

4. बुध ग्रह के लिए: मां दुर्गा को हरी इलायची या हरे फल अर्पित करें। जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहायता करना भी एक अच्छा सेवा कार्य हो सकता है।

5. गुरु ग्रह के लिए: मां दुर्गा की पूजा के साथ भगवान विष्णु का स्मरण करें। जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकें या शिक्षा सामग्री दान करना शुभ कार्य माना जाता है।

6. शुक्र ग्रह के लिए: मां दुर्गा को सुगंधित पुष्प अर्पित करें और जरूरतमंद महिलाओं की सहायता करें। धार्मिक परंपराओं में शुक्र का संबंध सुख-सुविधाओं और सौंदर्य से जोड़ा जाता है।

7. शनि ग्रह के लिए: नवरात्रि में जरूरतमंदों की सेवा करें, श्रमिकों का सम्मान करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार काले तिल या उपयोगी वस्तुओं का दान करें। इसे सेवा और परोपकार की भावना से जोड़कर देखा जाता है।

8. राहु-केतु के लिए: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और पूजा के दौरान मन को शांत रखें। दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।

मां दुर्गा के इस मंत्र का करें जाप

नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के लिए इस प्रचलित मंत्र का जाप किया जा सकता है:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

श्रद्धालु प्रतिदिन अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं। पूजा में स्वच्छता, नियमितता और एकाग्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

क्या हर व्यक्ति को ग्रहों के अनुसार अलग उपाय करना चाहिए?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अलग-अलग ग्रहों की स्थिति के आधार पर उपाय सुझाए जाते हैं। इसलिए किसी विशेष ग्रह को लेकर चिंता होने पर योग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली के संदर्भ में सलाह ली जा सकती है। बिना आवश्यकता महंगे रत्न खरीदने या कठिन अनुष्ठान कराने की जरूरत नहीं है।

नवरात्रि का वास्तविक संदेश शक्ति, संयम, सेवा और सकारात्मक आचरण से जुड़ा है। इन नौ दिनों में पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंदों की मदद करना, परिवार के साथ समय बिताना और अच्छे कर्मों का संकल्प लेना भी पर्व की भावना के अनुरूप है।

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