मुंबई के घाटकोपर में भीषण भूस्खलन, 3 बच्चों समेत 7 की मौत; 4 घायल

मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ी का एक हिस्सा ढहने से मलबा रिहायशी इलाके के कई घरों पर जा गिरा, जिसमें 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। संकरी गलियों के कारण राहत कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही बारिश ने भी बचाव अभियान को प्रभावित किया।

बताया जा रहा है कि घाटकोपर का यह इलाका भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। भारी मानसूनी बारिश के चलते पहाड़ी का हिस्सा अचानक खिसक गया और नीचे बने घर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में कई परिवार प्रभावित हुए हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई है।

घाटकोपर हादसे ने एक बार फिर मुंबई में मानसून के दौरान भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

MP Forest Department News: वनक्षेत्रपाल से सहायक वन संरक्षक पदोन्नति में प्रतिनियुक्त अधिकारियों को भी शामिल करने की मांग

भोपाल। स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स (राजपत्रित) एसोसिएशन, मध्यप्रदेश ने वन विभाग में वनक्षेत्रपाल से सहायक वन संरक्षक पद पर होने वाली आगामी पदोन्नति प्रक्रिया में कुल 61 रिक्तियों को शामिल करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम 6(2) एवं 6(4) के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा है कि पदोन्नति हेतु रिक्तियों का निर्धारण नियमों के अनुरूप किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन के अनुसार, दिसंबर 2026 तक 21 तथा दिसंबर 2027 तक 10, कुल 31 प्रत्याशित रिक्तियां उपलब्ध होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त विभिन्न मंडल, निगम एवं बोर्ड में वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 30 सहायक वन संरक्षक अधिकारियों के पदों को भी नियम 6(4) के प्रावधानों के अनुसार विभागीय रिक्ति के रूप में गणना करते हुए आगामी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।
इस प्रकार आगामी विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में कुल 61 पदों को रिक्तियों के रूप में शामिल किए जाने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने शासन से अनुरोध किया है कि 31 प्रत्याशित रिक्तियों एवं प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 30 अधिकारियों के पदों सहित कुल 61 पदों को आगामी विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में शामिल किया जाए, ताकि पदोन्नति हेतु उपलब्ध रिक्तियों का नियमसम्मत एवं वास्तविक निर्धारण हो सके।

120 CCTV कैमरों की पड़ताल और बिरयानी के सुराग से इंदौर पुलिस ने पकड़े मोबाइल लुटेरे

मध्य प्रदेश के इंदौर में मोबाइल लूट की एक वारदात का खुलासा बेहद दिलचस्प तरीके से हुआ। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान करीब 120 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और बदमाशों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इस पूरी जांच में बिरयानी से जुड़ा एक सुराग भी पुलिस के लिए अहम साबित हुआ।

जानकारी के मुताबिक, जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय से मोबाइल लूटने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। शुरुआत में बदमाशों की पहचान करना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित रास्तों तक लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को एक-एक कर खंगाला।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की आवाजाही से जुड़े कई सुराग मिले। CCTV फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस ने उनके आने-जाने के रास्ते को ट्रेस किया। इसी क्रम में बिरयानी से जुड़ा सुराग भी सामने आया, जिसने जांच को नई दिशा दी और पुलिस बदमाशों तक पहुंचने में कामयाब हुई।

पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार CCTV फुटेज की पड़ताल के बाद मोबाइल लूट में शामिल दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई से एक बार फिर सामने आया कि शहर में लगे CCTV कैमरे अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस के लिए कितने उपयोगी साबित हो रहे हैं।

इंदौर पुलिस पहले भी मोबाइल झपटमारी के मामलों में CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच चुकी है। आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड में भी CCTV फुटेज के जरिए मोबाइल स्नैचिंग के आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी का उल्लेख है।

नेताजी पर आपत्तिजनक टिप्पणी से भड़के शुभेंदु अधिकारी, बोले- पोस्ट हटाकर मांगें माफी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस विवाद पर माफी मांगी है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विवादित पोस्ट को लेकर खेद जताते हुए माफी मांगने की बात कही।

विवादित पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने पोस्ट को आपत्तिजनक बताते हुए इसे हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी की ओर से सफाई और माफी सामने आई।

मामले ने एक बार फिर राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर बहस छेड़ दी है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा कोई भी विवाद पश्चिम बंगाल में भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

रवि योग के संयोग में नाग पंचमी, घरों में निभाई जाएगी नाग देवता पूजन की परंपरा

सावन मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व इस वर्ष 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम तक रहेगी। इस दिन नाग देवता की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

नाग पंचमी के अवसर पर कई परिवारों में अपनी कुल परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार नाग देवता का पूजन किया जाता है। घर के पूजा स्थल, मुख्य द्वार या दीवार पर नाग देवता का चित्र बनाकर फूल, अक्षत, जल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवताओं की पूजा करने से परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा की कामना की जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि शिवजी के गले में नाग विराजमान हैं।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष नाग पंचमी का पूजा मुहूर्त अलग-अलग स्थानों के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश के अनूपपुर क्षेत्र में पूजा का समय सुबह 5:40 से 8:15 बजे तक बताया गया है। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना उचित रहेगा।

नाग पंचमी पर परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत, पूजा और नाग देवता की आराधना की जाती है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा करने से नाग देवता और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है तथा घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

रूस-यूक्रेन के कानूनी विवाद में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की एंट्री, रूस की ओर से बने आर्बिट्रेटर

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को बड़ी अंतरराष्ट्रीय कानूनी जिम्मेदारी मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने जस्टिस चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक (Oschadbank) से जुड़े निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 के द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत गठित तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के सामने चल रहा है।

क्या है पूरा मामला?
यह विवाद यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक की उन संपत्तियों से जुड़ा है, जिनके बारे में बैंक का दावा है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद उसे डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में नुकसान हुआ। बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद संबंधी नोटिस भेजा था, जिसके बाद मामला अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया तक पहुंचा।

तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा विवाद की सुनवाई
मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कोस्टा रिका की पूर्व व्यापार मंत्री डियाला जिमेनेज ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष होंगी, जबकि यूक्रेन के ओशचाडबैंक ने ग्रीक मध्यस्थ स्टावरोस ब्रेकौलाकिस को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। रूस की ओर से पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ इस ट्रिब्यूनल में मध्यस्थ के तौर पर शामिल होंगे।

पहले भी रूस ने दिया था प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस चंद्रचूड़ ने इससे पहले रूस की ओर से कुछ अन्य निवेश संधि विवादों में मध्यस्थ बनने के प्रस्ताव ठुकराए थे। हालांकि, इस मामले में उन्होंने रूस का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

पुराने क्रीमिया मामले से अलग है विवाद
यह मामला ओशचाडबैंक से जुड़े 2014 के क्रीमिया विवाद से अलग है। उस पुराने मामले में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए ओशचाडबैंक को करीब 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा, ब्याज और मध्यस्थता लागत देने का आदेश दिया था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की इस नियुक्ति को अंतरराष्ट्रीय कानूनी मामलों में उनकी विशेषज्ञता और प्रतिष्ठा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि उनकी भूमिका रूस-यूक्रेन युद्ध में राजनीतिक मध्यस्थ की नहीं, बल्कि एक विशिष्ट निवेश-विवाद से जुड़े arbitrator की है।

नर्मदा किनारे सोनाक्षी ने लगाए ठुमके, महेश्वर की खूबसूरत वादियों ने ‘राधा नाचेगी’ को बनाया खास

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा का एक डांस वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें वह अपने लोकप्रिय गाने ‘राधा नाचेगी…’ पर थिरकती नजर आ रही हैं। वीडियो की खास बात यह है कि इसके बैकग्राउंड में मध्य प्रदेश का खूबसूरत महेश्वर और मां नर्मदा का मनमोहक दृश्य दिखाई दे रहा है। नर्मदा के किनारे बसे ऐतिहासिक महेश्वर ने इस प्रस्तुति की खूबसूरती को और बढ़ा दिया है।

वीडियो में सोनाक्षी सिन्हा पारंपरिक अंदाज में डांस करती दिखाई देती हैं। उनके पीछे बहती नर्मदा नदी और महेश्वर के घाटों का दृश्य नजर आता है। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक वातावरण और सोनाक्षी के डांस का यह मेल लोगों का ध्यान खींच रहा है।

महेश्वर की खूबसूरती ने जीता दिल
मध्य प्रदेश का महेश्वर अपने ऐतिहासिक घाटों, मंदिरों और नर्मदा नदी के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण और नदी किनारे बने प्राचीन घाट किसी भी दृश्य को खास बना देते हैं। यही वजह है कि वीडियो में सोनाक्षी के डांस के साथ महेश्वर का बैकग्राउंड भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोनाक्षी सिन्हा के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। फैंस अभिनेत्री के डांस के साथ-साथ महेश्वर के खूबसूरत नजारों की भी तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि नर्मदा किनारे महेश्वर की लोकेशन ने पूरे वीडियो को एक अलग ही खूबसूरती दे दी।

पर्यटन को भी मिल सकता है बढ़ावा
महेश्वर जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का फिल्मों और म्यूजिक वीडियो में नजर आना मध्य प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है। नर्मदा के घाट, प्राचीन मंदिर और किले की पृष्ठभूमि पर्यटकों के लिए पहले से ही आकर्षण का केंद्र हैं। ऐसे वीडियो के जरिए इन स्थलों की खूबसूरती सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचती है।

आम आदमी की जेब पर फिर पड़ेगा असर, बिस्किट, साबुन और तेल के बढ़ सकते हैं दाम

आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों पर महंगाई का एक और असर देखने को मिल सकता है। बिस्किट, साबुन, खाद्य तेल और अन्य FMCG उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख FMCG कंपनियां सितंबर तिमाही में कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

लागत बढ़ने से कंपनियों पर दबाव
FMCG कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत में बदलाव, पैकेजिंग खर्च, लॉजिस्टिक्स और अन्य इनपुट कॉस्ट लगातार महत्वपूर्ण चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में कंपनियां लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए उत्पादों की कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

बिस्किट से लेकर साबुन तक पर असर
संभावित कीमत बढ़ोतरी का असर रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों पर पड़ सकता है। इनमें बिस्किट, साबुन, खाद्य तेल, पर्सनल केयर और होम केयर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, हर कंपनी और उत्पाद की कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग हो सकती है।

छोटे पैक हो सकते हैं महंगे
कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ-साथ पैकेज के आकार में बदलाव का विकल्प भी अपना सकती हैं। इससे सीधे तौर पर MRP में बड़ा बदलाव किए बिना प्रति यूनिट लागत को समायोजित किया जा सकता है। खासकर कम कीमत वाले पैक में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

ग्राहकों की जेब पर बढ़ेगा बोझ
FMCG उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की कीमत बढ़ने से घरेलू खर्च बढ़ने की संभावना है। हालांकि, अंतिम कीमतों और बढ़ोतरी की मात्रा का फैसला संबंधित कंपनियों की ओर से किया जाएगा।

DAKHIN PACHCHIM Vidhan Sabha:शौर्य स्मारक से भारत माता चौराहा तक निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा, 100 से अधिक मंचों पर होगा स्वागत

भोपाल। स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 14 अगस्त को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। विधायक भगवानदास सबनानी के नेतृत्व में आयोजित होने वाली यात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे शौर्य स्मारक से होगा।

तिरंगा यात्रा दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए भारत माता चौराहा पहुंचेगी। यहां राष्ट्रभक्ति के जयघोष और भारत माता की आरती के साथ यात्रा का समापन होगा।

यात्रा के दौरान 100 से अधिक स्थानों पर स्वागत मंच बनाए जाएंगे। रहवासी संगठनों, कर्मचारी संगठनों, विद्यालयों, सामाजिक एवं सेवा संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की ओर से पुष्पवर्षा और राष्ट्रभक्ति के जयघोष के साथ यात्रा का स्वागत किया जाएगा।

विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि क्षेत्र के विकास के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना भी हमारी जिम्मेदारी है। तिरंगा देश की स्वतंत्रता, बलिदान, शौर्य और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों से यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

यात्रा को व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न समितियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यात्रा मार्ग, स्वागत, यातायात एवं पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, मंच-साउंड और मीडिया सहित अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए समितियां गठित की गई हैं।

आयोजकों ने दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों से 14 अगस्त को सुबह 10 बजे शौर्य स्मारक पहुंचकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अपील की है।

पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ के नक्शेकदम पर रॉकी, 65 गेंदों में ठोका तूफानी शतक

इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने सीनियर क्रिकेट में अपने बल्ले का दम दिखाते हुए शानदार शतक जड़ दिया। लंकाशायर की ओर से खेलते हुए रॉकी ने समरसेट के खिलाफ वनडे कप मुकाबले में महज 65 गेंदों में अपना पहला सीनियर शतक पूरा किया।

18 वर्षीय रॉकी ने अपनी विस्फोटक पारी में 76 गेंदों पर 123 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने लंकाशायर को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

रॉकी ने कप्तान कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर शानदार साझेदारी की और टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। लंकाशायर ने इस मुकाबले में 443/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया और समरसेट को 269 रन पर रोककर 174 रन से जीत दर्ज की।

इस शतक के साथ रॉकी लंकाशायर के लिए सीनियर स्तर पर शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बन गए। खास बात यह है कि वह पहले ही इंग्लैंड अंडर-19 और इंग्लैंड लायंस के लिए शतक लगाकर अपने पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं।

रॉकी की इस पारी के बाद क्रिकेट जगत में एक बार फिर फ्लिंटॉफ परिवार की क्रिकेट विरासत चर्चा में आ गई है। उनके आक्रामक अंदाज और दबाव में शानदार बल्लेबाजी ने संकेत दिया है कि वह आने वाले वर्षों में इंग्लैंड क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बन सकते हैं।

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