त्योहारी सीजन में जरूरत है पैसे की तो गोल्ड लोन भी बनेगा सहारा, 5 कारण जो इसे बनाते हैं बेहतर ऑप्शन

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Gold Loan: जीवन में किस मोड़ पर क्या वित्तीय जरूरत सामने आ जाए, यह कोई नहीं जानता. ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए हमें कभी भी लोन की ज़रूरत पड़ सकती है. उस समय हमारे पास शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लोन जैसे कई ऑप्शन होते हैं. लोग सबसे पहले पर्सनल लोन के विकल्प की तरफ भागते हैं. मगर, बढ़ती ब्याज दरों ने इसे एक महंगा विकल्प बना दिया है. हालांकि, गोल्ड लोन आपके लिए एक आसान और जेब पर कम दबाव बनाने वाला ऑप्शन बन सकता है. बच्चों की फीस, मेडिकल खर्चे, शादी या नया व्यापार खोलते समय गोल्ड लोन आपकी मदद को आसानी से तैयार रहता है.

गोल्ड लोन का फायदा उठाने के लिए आपको सबसे पहले यह समझना चाहिए कि कर्ज चुकाने की आपकी कितनी क्षमता है. ताकि बिना किसी दबाव के आप अपने काम भी निपटा सकें और आसानी से कर्ज चुकाकर भविष्य के लिए अपना क्रेडिट स्कोर मजबूत रख सकें. आइये समझते हैं वो पांच कारण, जो गोल्ड लोन को एक बेहतर ऑप्शन बनाते हैं.

तेजी से होगा लोन, झटपट मिलेगा पैसा

टेक्नोलॉजी ने गोल्ड लोन मिलने की प्रक्रिया को भी आसान और तेज बना दिया है. फिलहाल यह तेज, सुरक्षित और आसान कर्ज बन चुका है. गोल्ड लोन से जुड़ी कंपनियां यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों का समय बर्बाद न हो और उन्हें जल्द से जल्द पैसा मिल जाये.

आसानी से मिल जाता है गोल्ड लोन

गोल्ड लोन मिलने की शर्तें भी आसान होती हैं. यह मार्केट में चल रही कई तरह की लोन स्कीमों से आसान होता है. मजबूत क्रेडिट स्कोर या आपके इनकम सोर्स से जुड़े दस्तावेज यहां बहुत ज्यादा मायने नहीं रखते. यही वजह है कि गोल्ड लोन काफी पॉपुलर हो चुका है.

गोल्ड के मुकाबले मिल जाता है ज्यादा लोन

हमारे घरों में पड़े गहने काफ़ी काम के होते हैं. गोल्ड लोन सिर्फ इनकी मार्केट वैल्यू पर मिल जाता है. यही वजह है कि इस कर्ज में लोन टू वैल्यू (LTV) रेशियो काफी ज्यादा होता है और आपको अन्य कर्जों के मुकाबले ज्यादा पैसा मिल सकता है.

आकर्षक और कम ब्याज दरें

चूंकि यह कर्ज अन्य लोन के मुकाबले कंपनियों के लिये भी काफी सुरक्षित माना जाता है. इसीलिए यहां ग्राहकों को कम ब्याज दरों का फायदा भी मिल जाता है. पर्सनल लोन, कार लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड लोन जैसे विकल्पों को बैंक और फायनेंस कंपनियां गोल्ड लोन के मुकाबले जोखिम भरा मानती हैं.

कर्ज चुकाने की कई सारी स्कीम

गोल्ड लोन न सिर्फ मिलना आसान है बल्कि उसका मैनेजमेंट भी उतना ही सरल है. कुछ गोल्ड लोन स्कीम तो कर्ज लेने वाले से शुरुआत में सिर्फ ब्याज चुकाने की मांग करती हैं ताकि एकदम से उन पर किस्त का बोझ न आ जाये. साथ ही अगर ग्राहक चाहे तो कर्ज की राशि और ब्याज दोनों का भुगतान लोन की अवधि पूरी होने पर भी कर सकता है. यह लचीला रवैया ही इस कर्ज को आपके लिए एक शानदार विकल्प बना देता है.

अब भारत में रॉकेट बनाएगी ये फेमस विदेशी कंपनी, डिफेंस सेक्टर का पहला 100 पर्सेंट एफडीआई मंजूर

Now this famous foreign company

भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को हाल ही में बड़ा बूस्ट मिला है. सरकार ने पहली बार डिफेंस सेक्टर में किसी 100 पर्सेंट एफडीआई के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. एफडीआई का यह प्रस्ताव भारत में ही रॉकेट के विनिर्माण से जुड़ा हुआ है. इसका मतलब हुआ कि प्रस्ताव देने वाली फेमस विदेशी डिफेंस कंपनी जल्दी ही मेड-इन-इंडिया रॉकेट बनाने वाली है.

बनाई जा चुकी है नई कंपनी

ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने जिस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, वह स्वीडन की कंपनी साब का है. साब ने रॉकेट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए एफडीआई का यह प्रस्ताव दिया है. इसके लिए साब एफएफवी इंडिया नाम से एक नई कंपनी रजिस्टर कराई गई है. कंपनी भारत में कार्ल-गुस्ताफ एम4 सिस्टम रॉकेट की नई पीढ़ी का विनिर्माण करने वाली है. इस एफडीआई प्रस्ताव की वैल्यू 500 करोड़ रुपये से कम बताई जा रही है.

इस राज्य में बन सकता है प्लांट

साब अभी तक कार्ल-गुस्ताफ एम4 सिस्टम का विनिर्माण सिर्फ स्वीडन में करती है. इस रॉकेट का इस्तेमाल भारतीय सेना पहले से कर रही है. भारत के अलावा अमेरिका और यूरोप के कई देश भी इस रॉकेट का इस्तेमाल करते हैं. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साब की रॉकेट फैसिलिटी हरियाणा राज्य में बनाई जा सकती है. साब की वेबसाइट पर बताया गया है कि उसकी भारतीय फैसिलिटी में अगले साल से मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत हो सकती है.

दशकों पुरानी है भागीदारी

भारतीय सेना दशकों से साब के रॉकेट का इस्तेमाल कर रही है. कार्ल-गुस्ताफ सिस्टम के लिए भारतीय सेना और साब के बीच सबसे पहले 1976 में एग्रीमेंट हुआ था. इस एफडीआई प्रस्ताव से पहले साब भारतीय कंपनियों म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड और एडवांस्ड वीपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर भारतीय सेना के लिए हथियार व आयुध बना रही थी.

2015 में नियम किए गए आसान

यह पहला ऐसा मामला होगा, जब डिफेंस सेक्टर में किसी 100 पर्सेंट एफडीआई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई हो. भारत में अभी तक ऑटोमैटिक रूट से डिफेंस सेक्टर में 74 फीसदी तक एफडीआई अलॉउड है. उससे ऊपर एफडीआई के लिए मामला-दर-मामला आधार पर मंजूरी दी जाती है. सरकार ने 2015 में एफडीआई से जुड़े नियमों को आसान बनाया था.

Kolar Crime news: डंपर की टक्कर से महिला की मौत

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भोपाल, उपनगर कोलार पर चल रहे सिक्स लेन रोड निर्माण कार्य के चलते एक और मौत हुई है। क्षेत्र के व्यस्ततम इलाके बीमा कुंज के सामने वृद्धा को बंसल कम्पनी के डंपर ने कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उसके साथ दो छोटे बच्चे थे। दोनो को कोई चोट नहीं आई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। मौके पर चक्का जाम भी कर दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर फरार हो गया है।

बीमा कुंज परिसर में रहने वाली 58 वर्षीय मृतक महिला के परिवार में 4 लड़के है और 1 बेटी है।

 

विराट कोहली ने रचा इतिहास, वनडे में जड़ा 49वां शतक, सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी

Virat Kohli created history

 

टीम इंडिया वनडे विश्व कप में शानदार फॉर्म में है। टीम ने 7 मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम ने अपना आठवां मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को ईडन गार्डन्स में खेला है। आज विराट कोहली का 35वां जन्मदिन है। किंग कोहली ने अपने बर्थडे पर टीम और फैंस को रिटर्न गिफ्ट दिया है। उन्होंने अपने करियर का 49वां शतक जमाकर इतिहास रच दिया। विराट ने 119 गेंदों पर सेंचुरी जड़ी।

इस मैच में विराट कोहली ने 121 गेंदों का सामना कर नाबाद 101 रनों की पारी खेली। उन्होंने 10 चौके लगाए। इस पारी के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 327 रनों का लक्ष्य दिया।

विराट कोहली ने सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी

विराट कोहली ने वनडे में शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर (49 शतक) के रिकॉर्ड की बराबरी की। विराट ने यह सेंचुरी 227वें वनडे में जमाई। सचिन ने यह कारनामा 451वीं पारी में किया था। सचिन तेंदुलकर ने 463 वनडे मैच खेले हैं। जिसमें 44.83 के औसत से 18,426 रन बनाए हैं। विराट और सचिन ने 49-49 शतक जड़े है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के नाम वनडे में 31 शतक दर्ज है।

वनडे इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज

सचिन तेंदुलकर- 49

विराट कोहली- 49

रोहित शर्मा- 31

रिकी पोंटिंग- 30

सनथ जयसूर्या- 28

हाशिम अमला- 27

एबी डी विलियर्स- 25

क्रिस गेल- 25

कुमार संगकारा- 25

डेविड वॉर्नर- 22

सौरव गांगुली- 22

तिलकरत्ने दिलशान- 22

क्विंटन डिकॉक- 21

ठंड में जरूर करें गराडू का सेवन, शरीर को होंगे ये फायदे

Consume Garadu in winter

 

मौसम के राजा ‘गराडू’ की आवक शुरू हो गई है। हालांकि शीत ऋतु ने अभी तक अपने तेवर नहीं दिखाए हैं, लेकिन शौकीनों ने गराडू के जायके का लुत्फ उठना शुरू कर दिया है। आवक बढ़ने के साथ ही मालवा की माटी में उत्पादित गराडू देश के कई स्थानों पर अपने अनूठे स्वाद के चलते धूम मचाएगा।

 

गराडू सेवन के फायदे

गरमागरम गराडू सर्दी की शाम-रात में खाने से आपको न केवल लाजवाब स्वाद मिलता है। गर्माहट के साथ-साथ शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा भी देता है।

यह फाइबर यानी रेशे से भरपूर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। खास तौर से यह बुरे कोलेस्ट्राल को हटाने में मदद करता है। इसके अलावा फाइबर आपके पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है और कब्ज में फायदेमंद होता है।

गराडू कॉपर, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज, फास्फोरस के अलावा कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो आपके स्वास्थ्य और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

गराडू में विटामिन्स के साथ एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो न केवल मानसिक तनाव को कम करते हैं, अपितु आपको जवां दिखने में भी मदद करता हैं। यह झुर्रियों के आने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी गराडू फायदेमंद हैं। इसके अलावा यह हड्डियों के विकास में भी सहायक हैं और शरीर की चोट या फिर घाव को जल्दी भरने में सहायक है।

जिले के इन गांवों में हो रहा उत्पादन

मालवा की हृदय स्थली रतलाम में तीन दशक पहले खेतलपुर के प्रगतिशील किसान रामचंद्र धाकड़ ने गराडू उत्पादन की शुरुआत की थी। वर्तमान में खेतलपुर सहित बांगरोद, शंकरगढ़, धमोत्तर, अम्बोदिया, रत्तागढ़खेड़ा, आलनिया, रूपाखेड़ा, मांगरोल आदि स्थानों पर सैकड़ों किसान गराडू का उत्पादन कर रहे हैं।

गुजरात-राजस्थान में भी रहती है मांग

शीत ऋतु में मेवे के रूप में उपयोग होने वाले गराडू की मांग हर जगह रहती हैं। जिले में उत्पादित गराडू इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, भोपाल, दिल्ली, बड़ौदा, अहमदाबाद, बांसवाड़ा आदि स्थानों पर भेजा जाता है।

दिवाली पर चिचुंद्री और सफेद उल्लू देखने क्यों माना जाता है शुभ, पढ़ें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

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दिवाली का त्योहार हर साल बड़े धूमधाम से मनाया है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। दीपावली पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यदि इस दिन चिचुंद्री या सफेद उल्लू दिखा जाए तो समझें कि पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिवाली के दिन जिसे भी सफेद उल्लू या चिचुंद्री दिख जाए, उसका भाग्य बदल सकता है। उस जातक के अच्छे दिनों की शुरुआत हो जाती है।

देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा

पौराणिक कथा के अनुसार, देवता कुबेर दिवाली पर चिचुंद्री के दर्शन से प्रसन्न होते हैं। ऐसे लोगों धन-दौलत की बारिश करते हैं। इसके अलावा जीवन की बाधाएं दूर होने लगती है। साथ ही मानसिक चिंता दूर हो जाती हैं। माना जाता है कि चिचुंद्री जिस घर में आती है। उसे बहुत जल्द लाभ होता है। मान्यता है कि जिस घर में चिचुंद्री होती है। वहां देवी लक्ष्मी का वास होता है।

सफेद उल्लू लक्ष्मी का वाहन

सफेद उल्लू देवी लक्ष्मी के वाहन का प्रतीक है। दिवाली के दिन सफेद उल्लू दिखना अच्छे समय की शुरुआत का संकेत है। पूरे साल देवी लक्ष्मी अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं। घर में सुख-शांति लाती हैं।

छत्तीसगढ़ हमने बनाया, हम ही संवारेंगे- जेपी नड्डा

We created Chhattisgarh

 

बिलासपुर।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस होगी, वहां भ्रष्टाचार होगा, अनाचार होगा, अत्याचार होगा। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हमने किया है। स्वाभाविक बात है इसे संवारने और विकास की राह पर तेज गति से दौड़ाने की जिम्मेदारी भी हमारी है। यहां मैंने एक नारा सुना हैअब न सहिबो, बदलकर रहिबो। ये इसलिए जरूरी है कि कांग्रेस का विकास के साथ छत्तीस का आंकड़ा है। विकास की गंगा बहाने के बजाय भ्रष्टाचार की गंगा बहा रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा रविवार को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा हाई स्कूल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने किया है। वे एक स्वपन दृष्टा थे। राज्य गठन के साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकास का सपना देखा था। उनका उद्देश्य भी यही था। अटल जी के सपने को साकार करना हम सबकी जिम्मेदारी है। हम इस जिम्मेदारी का ईमानदारी और गंभीरता के साथ निर्वहन करेंगे। छत्तीसगढ़ को हमने बनाया है तो संवारने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। हम इसे संवारेंगे सजाएंगे और युवाओं,किसानों और ग्रामीणों के सपनों को पंख भी लगाएंगे। एक नई ऊंचाई पर लेकर जाएंगे।

कांग्रेस आई तो लूट की गारंटी

भाजपाध्यक्ष ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की ग्रामीणों को जानकरी दी। केंद्र सरकार द्वारा आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए निर्णय की जानकारी दी। संकल्प पत्र में किए गए वायदों की जानकारी दी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार आएगी तो विकास की पक्की गारंटी रहेगी। अगर आपने बघेल और कांग्रेस को लेकर आए तो लूट की पक्की गारंटी रहेगी।

बिलासपुर से किया था चुनाव का शंखनाद

राष्ट्रीय जेपी नड्डा ने बिलासपुर के सेकरसा फुटबाल मैदान से विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। तब चुनाव की घोषणा नहीं हुई थी। विजय संकल्प रैली की शुरुआत बिलासपुर से उन्होंने की थी। बीते छह दिनों के भीतर रविवार को वे दूसरी मर्तबे छत्तीसगढ़ के प्रवास पर पहुंचे। गौरेला पेंड्रा मरवाही और मस्तूरी में उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित किया। माना जा रहा है कि उनके आने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा साथ ही माहौल भी बनेगा।

मस्तूरी के चिल्हाटी में सभा को किया संबोधित

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक जेपी नड्डा गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में सभा को संबोधित करने के बाद मस्तूरी के ग्राम चिल्हाटी में सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संकल्प पत्र में कही गई एक-एक बातों पर गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन की बात कही और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया।

कुछ खास बातें

पेंड्रा हाई स्कूल में आयोजित चुनावी सभा में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार प्रणव कुमार मरपच्ची व कोटा विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे। दोनों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के साथ मंच शेयर किया।

सभा में प्रेक्षक व्यय द्वारा खर्च का जो आंकलन किया जाएगा दोनों उम्मीदवारों के चुनाव खर्च में बराबर-बराबर बांट दिया जाएगा।

पेंड्रा में सभा को संबोधित करने के बाद मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में सभा को संबोधित किया।

राष्ट्रीय खेलों में मप्र के कैनो खिलाड़ी अर्जुन और रिमसन ने जीते दो दो स्‍वर्ण पदक

Rimson won two

 

भोपाल। गोवा में आयोजित हो रहे 37वें राष्ट्रीय खेलों में मप्र के कयाकिंग एंव कैनोइंग खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण व दो रजत सहित कुल चार पदक जीते। अर्जुन सिंह और रिमसन ने दो दो, सोनू वर्मा व केनान ने एक एक रजत पदक जीते। इसके साथ ही 22 स्वर्ण, 34 रजत और 32 कांस्य सहित कुल 88 पदक जीतकर पदक तालिका में छठवें स्थान पर है। मप्र के शूटिंग व स्क्वैश खिलाड़ियों ने भी पदक जीते है।

मापुसा स्थित चपोरा रिवर में यह कयाकिंग एंव कैनोइंग प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले मप्र के अर्जुन सिंह ने पुरुषों के सी-1 इवेंट की 1000 मी. रेस में स्वर्ण पदक जीता। सी-2 पुरूष की 1000 मी. स्पर्धा मे भी अर्जुन सिंह ने सोनू वर्मा के साथ मिलकर रजत पदक जीता। मप्र एक और जोड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया है। रिमसन और केनान की जोड़ी ने के-2 इवेंट की 1000मी. रेस में स्वर्ण पदक जीता। रिमसन ने के-1 पुरुष के 1000 मी. इवेन्ट में रजत पदक जीता। इस तरह मप्र के अर्जुन और रिमसन ने दो दो पदक प्रदेश की झोली में डाले है।

शूटिंग (रायफल, पिस्टल और शाटगन) में मप्र के खिलाडी युग प्रताप और नेन्सी सोलंकी ने 10 मी एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेन्ट में तथा 50मी. रायफल 3 पोजीशन में आषी चौकसे ने कांस्य पदक जीते। रितुराज बुंदेला ने शाटगन स्कीट इवेन्ट में अपना निशाना साधकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा मप्र ने स्क्वैश में भी जीता कांस्य पदक। गोवा स्थित चिकलिम मल्टीपरपस मैदान वास्को डी गामा में मप्र के खिलाड़ियों ने पुरूष टीम स्पर्धा में शानदार खेल दिखाकर कांस्य पदक जीता।

कमलनाथ सरकार बनी तो घर में नहीं जलेगा चूल्हा, बच्चों को भूखा मार देंगे, सीधी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा

Kamal Nath government is formed

 

सीधी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह रविवार को सीधी जिले के धौहनी विधानसभा सीट चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के योजनाओं को देखकर कांग्रेस बौखला गई है। कमलनाथ सरकार ने योजनाओं को बंद करने का काम किया था। कांग्रेस की सरकार बनी तो घरों के चूल्हे नहीं चलेंगे बच्चों को भूखा मार देंगे। पांच साल में कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा।

जनता की तकलीफ दूर करना मेरा मिशन है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हम सरकार नहीं परिवार चलाते हैं। इसकी सरकार ने जनता को सताने का काम किया है। सभी को सावधान रहने की जरूरत है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाओं को भी बंद कर दिया था। कांग्रेस ने अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा की व्यवस्था की थी।

भांजे भांजियों के लिए हमने इंजीनियरिंग डॉक्टर की पढ़ाई को हिंदी माध्यम से किया। अब हर गरीब और हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले बच्चे अपने सपने को पूरा कर सकेंगे। बेरोजगारों को सजाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हर परिवार को एक रोजगार देंगे।

ऐसी बहनें जिनका नाम लाडली बहना योजना से छूट गया है उन्हें चुनाव के बाद लाडली बहना में शामिल किया जाएगा। बहनों को लखपति बनाना मेरा सपना है। कांग्रेस कहती है कि देखना मां कहीं चुपके से बहनों के खाते में पैसा डाल देगा। हम डंके की चोट पर बहनों के खाते में पैसे देते हैं।

बहनों की जिंदगी में तकलीफ नहीं आने देंगे। आमसभा में सांगा और सौतेला भाई होने का भी बात करते हुए जनता से सवाल किया। बता दें की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कुंवर सिंह टेकाम के पक्ष में चुनावी सभा करने आए हुए थे।

पिछली सरकार बनने पर समाजवादियों को ढूंढ़ रहे थे बड़े-बड़े दल, अखिलेश यादव ने टीकमगढ़ में कहा

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टीकमगढ़। मुझे अच्छे से याद है कि पिछली बार जब सरकार बननी थी, तो यही बड़े-बड़े दल, जो समाजवादियाें को पहचान नहीं रहे हैं। वहीं हमें ढूढ़ रहे थे। हमारे और कार्यालय के फोन बज रहे थे और फोन पर कई नेता समर्थन मांग रहे थे। मुझे याद है कि उस समय सबसे पहले समाजवादी पार्टी के विधायक ने समर्थन दिया था और परिणाम हुआ कि कांग्रेस की सरकार बन गई थी।

यह अलग बात है कि भाजपा का काम करने का तरीका अलग है। वो लूट पर भरोसा करते है, लोकतंत्र पर नहीं। भाजपा लूटतंत्र पर पूरा भरोसा करती है। दूसरे प्रदेश हो या फिर मप्र, इन्होंने लूटने का काम किया है। भाजपा की मप्र में सरकार नहीं थी, लेकिन इन्होंने विधायकों को न जाने कौन सा प्रसाद दिया है।

मैं जानना चाहता हूं कि वह कहां का प्रसाद था कि विधायक कांग्रेस को छोड़कर भाजपा के संग चले गए। यह बात समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टीकमगढ़ के जतारा में आयोजित आमसभा के दौरान कही।

अखिलेश यादव भाजपा-कांग्रेस पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का भाषण सुन रहा था। भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए हैं। अगर हम यह मान लें कि 13 करोड़ में से 6 करोड़ मध्यप्रदेश के लोग हैं। तो केवल गरीब ही बचे हैं, वाकी सब अमीर हो गए।

फिर कहते हैं कि हम खाद्यान बांट रहे हैं, वो अगले पांच साल बांटते रहेंगे, 13 करोड़ वाली बात मान लें, या वो राशन वाली बात मान लें। जिस होटल से गरीबी को लेकर भाषण दे रहे थे, जहां प्रधानमंत्री कह रहे थे कि 13 करोड़ गरीब गरीबी रेखा से बाहर हो गए हैं। उस होटल में काली दाल एक प्लेट लोगे, तो एक हजार रूपये की पड़ेगी। वहां पर 400 रूपये की एक रोटी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अग्निवीर व्यवस्था जो बनी है, अगर कोई शहीद होगा। तो उस नौजवान को सम्मान नहीं मिलेगा। न ही मदद मिलेगी और न शहीद का दर्जा मिलेगा। पंजाब का 19 साल का नौजवान लड़ते-लड़ते शहीद हो गया। इस सरकार ने न कोई मदद की और न सम्मान मिला।

सरकार कहती है कि हम राष्ट्र भक्त है। ऐसी सरकार, जो फौज की आधी-अधूरी नौकरी दे रही है। ऐसी सरकार, जो नौजवानों को लेकर भर्ती करा दे और 4 साल बाद ही रिटायरमेंट। कोई पेंशन नहीं और कोई सुविधा नहीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सरकार राष्ट्र प्रेमी कैसे हो सकती है। इसलिए सावधान रहना।

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