मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जयदीप गोविंद के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

Jaideep Govind.

 

भोपाल, 19 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे और वर्तमान में मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड के अध्यक्ष श्री जयदीप गोविंद के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जयदीप गोविंद ने वर्ष 2013 और वर्ष 2014 में क्रमश: विधानसभा एवं लोक सभा निर्वाचन में मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में अविस्मरणीय सेवाएं दीं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

एक ही मूर्ति में दो रूपों की अलग-अलग विधि से होती है पूजा

worshiped in different

 

यहां स्थापित हैं अद्भुत द्विमुखी गणेशजी

मंदसौर। मंदसौर को जहां श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के कारण पहचाना जाता है। वहीं मंदसौर की घनी बस्तीं जनकूपुरा में स्थित गणपति चौक में प्राचीन श्री द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर है। यहां पाषाण युगीन द्विमुखी भगवान गणेशजी की मूर्ति है। सात फीट ऊंची इस मूर्ति में भगवान गणेशजी एक तरफ सेठजी के स्वरुप में हैं तो दूसरी तरफ पंचसुंडी रुप में हैं।

सात फीट ऊंचाई वाली श्री गणेशजी की खड़ी मुद्रा वाली इस अप्रतिम नयनाभिराम मूर्ति का स्वरुप अत्यंत ही सुंदर व कलात्मक है। मूर्ति के आगे का भाग पंचसुंडी रुप में और पीछे का स्वरुप श्रेष्ठी (सेठ)की मुद्रा को प्रदर्शित करता है। मस्तक पर सेठजी के समान पगड़ी व शरीर पर वस्त्र पहने हुए भगवान श्रीगणेश काफी आकर्षक स्वरुप में दर्शन दे रहे हैं। आगे व पीछे दोनों तरफ के पूजा के विधान भी अलग-अलग है। इस अनोखी मूर्ति के दर्शन के लिए दूर-दूर से अनेक दर्शनार्थी आ रहे हैं।

स्वप्न में दर्शन दिए तब जाकर नाहर सैय्यद तालाब से निकाली मूर्ति

मूर्ति का ज्ञात इतिहास लगभग 90 वर्ष पुराना है। हालांकि मूर्ति काफी प्राचीन हैं जो आक्रांताओं ने नाहर सैय्यद दरगाह के पास बने तालाब में फेंक दी थी। इस लिहाज से मूर्ति का इतिहास अर्वाचीन भी हो सकता है। प्रतिमा का प्राकट्य स्थल नाहर सैय्यद दरगाह के पास स्थित तलाई है। शहर के निवासी मूलचंद स्वर्णकार को स्वप्न में इस स्थान पर मूर्ति होने का आभास हुआ। स्वप्न की पुष्टि के लिए मूलचंद स्वर्णकार ने मौके पर जाकर देखा तो पत्थरों में दबी यह मूर्ति सामने दिखाई दी। मूलचंद स्वर्णकार को संवत 1986 में आषाढ़ सुदी पंचमी 22 जून 1929 को मूर्ति को प्रतिष्ठापित करने का प्रेरणात्मक आदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने आषाढ़ सुदी 10 विक्रम संवत 1986 को शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ इस मूर्ति को पत्थरों के बीच से निकलवाकर धूमधाम से बैलगाड़ी में विराजित कर आगे बढ़ाया।

गणपति चौक में आकर रुक गई बैलगाड़ी, यहीं बना भव्य मंदिर

बुजुर्गों के अनुसार गणेशजी की मूर्ति को नरसिंहपुरा क्षेत्र में किसी उचित स्थान पर प्रतिष्ठापित करने हेतु बैलगाड़ी से ले जा रहे थे। उस समय नरसिंहपुरा जाने हेतु सुगम मार्ग जनकूपुरा, मदारपुरा होकर ही था। बैलगाड़ी जनकूपुरा में वर्तमान स्थान पर गणपति चौक पर आकर रुक गई। काफी कोशिश के बाद भी बैलगाड़ी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी। भगवान गणेशजी की इच्छा को सर्वोपरि मानकर धर्मालुजनों द्वारा इसी स्थान पर एकादशी को मूर्ति की विधिपूर्वक स्थापना कर दी गई। तब से यह स्थान गणपति चौक के नाम से जाना जाता है।

पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं पंचसुंडी श्रीगणेश

द्विमुखी मूर्ति के दोनों तरफ के मुख अलग-अलग रुप व भावमयी मुद्राएं प्रकट करते हैं। आगे के मुख में पांच सुंड है पीछे के मुख में एक सुंड व सिर पर पगड़ी धारण किया विशेष श्रृंगार है। जो भगवान श्री गणेशजी को श्रेष्ठीधर सेठ के रुप में अभिव्यक्त करता है। जनकूपुरा क्षेत्र के महानुभावों की अगुवाई व नगर वासियों के सहयोग से मंदिर को भव्य रुप दिया गया। वर्तमान में यह मंदिर मंदसौर के साथ ही समूचे अंचल के धर्मालुजनों की आस्था का केंद्र बन चुका है। प्रति बुधवार सायंकाल महाआरती होती है। मंदिर में अन्य देवी देवता की प्रतिमाएं भी स्थापित है।

मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण

धर्मशास्त्र के उल्लेख के अनुसार प्रतिमा को पंचतत्वों से संबंधित माना गया है। आगे के मुख जिस पर पांच सुंड है उन्हें विघ्नहर्ता गणेशजी कहते हैं। पांचों सुंड की दिशा बांयी तरफ है पीछे के मुख की सुंड दाहिनी दिशा में हैं इसे संकट मोचन गणेशजी कहा जाता है। मान्यता है कि श्री द्विमुखी गणपति मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

ऐसी विलक्षण मूर्ति के दर्शन करने दूर-दूर से दर्शनार्थी आते है व अपनी मन की कामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं। जहां द्विमुखी चिंताहरण गणेशजी का मंदिर है। पहले इस स्थान को प्रचलित नाम इलाजी चौक के नाम से जाना जाता था जो अब गणपति चौक के नाम से प्रचलन में आ गया है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पेश, जानिए आगे क्या………

Nari Shakti Vandan Act

महिला आरक्षण बिल पर बुधवार को चर्चा होगी, लोकसभा से पास होने के बाद गुरुवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

दिल्ली। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित करने वाला महिला आरक्षण बिल (Women reservation bill) मंगलवार को संसद में पेश कर दिया गया। संसद के नए भवन में लोकसभा की पहली कार्यवाही में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बिल पेश किया। इसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan) नाम दिया गया है। अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि कानून पारित हुआ तो संसद में महिला सांसदों की संख्या 181 हो जाएगी।

महिला आरक्षण बिल, देश की महिलाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा गिफ्ट माना जा रहा है। अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि महिलाओं को लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए देश में लोकसभा की सीटें बढ़ाई भी जा सकती हैं।

महिला आरक्षण बिल पर श्रेय लेने की होड़

इस बीच, महिला आरक्षण बिल पर श्रेय लेने की होड़ भी मच गई है। कांग्रेस ने इसे अपना बताया है। मंगलवार को जब सोनिया गांधी संसद पहुंची और मीडिया ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा, महिला आरक्षण बिल अपना है।

क्या बढ़ने वाली हैं लोकसभा सीटों की संख्या

यदि महिलाओं को 33 फीसदी कोटा दिया जाता है, तो देश में लोकसभा की 180 सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। संसद के नए भवन में ज्यादा सांसदों के बैठने की व्यवस्था है। इसे भी महिला आरक्षण के बहाने लोकसभा सीटें बढ़ाने से जोड़कर देखा जा रहा है।

जिस दिन संसद के नए भवन में सांसदों के बैठने के लिए 750 सीटों की व्यवस्था की गई थी, उसी दिन हम समझ गए थे कि महिला आरक्षण बिल आने वाला है। – रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा सांसद

संसद के विशेष सत्र के पहले दिन उठी मांग

संसद के विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास करने की मांग उठी। खास बात यह है कि अधिकांश विपक्षी दलों ने ही इसकी पैरवी की।

लोकसभा में संविधान सभा से लेकर अब तक के 75 सालों की संसदीय यात्रा पर चर्चा के दौरान कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक पारित करने समेत कई मांगें रखीं हैं।

बीआरएस के नमा नागेश्वर राव को भी उम्मीद है कि लंबे अरसे से लंबित महिला आरक्षण विधेयक को नए संसद भवन में पारित कर दिया जाएगा। विपक्षी गठबंधन के कई दलों ने यह मांग रखी है कि लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों को आरक्षित कर दिया जाए।

महिला आरक्षण विधेयक में एससी/एसटी, ओबीसी और मुसलमान महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। – एसटी हसन, सपा सांसद

वहीं, लोजपा के चिराग पासवान महिला आरक्षण बिल और राष्ट्रीय न्यायिक आयोग के गठन का समर्थन किया।

बहनों के लिए हर साल 16 हजार करोड़

 

गंजबासौदा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का हुआ भव्य स्वागत

भोपाल, 19 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की 1.32 करोड़ बहनों के परिवारों को राहत दी है। परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए बहनों को चिंता नहीं करनी पड़ती। इस योजना में क्रमश: राशि बढ़ती जाएगी। बहनों की आँखों में आंसू नहीं होंगे। उन्हें इस योजना के माध्यम से सम्मान देने का कार्य भी किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज विदिशा जिले के गंजबसौदा में आम नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को गृह, जेल एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विधायक लीना जैन के अलावा विदिशा जिले के अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। गंजबासौदा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया।

टूटी टपरिया के बदले मिलेगा अपना मकान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में वे परिवार जो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने से छूट गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री जन आवास (लाड़ली बहना जन आवास) योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। परिवारों को मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना में पट्टे भी प्राप्त होंगे। आवास योजना के लिए प्रपत्र भरवाने का कार्य शुरू किया गया है। स्क्रीनिंग के बाद हितग्राहियों का चयन कर लाभ दिलवाया जाएगा।

सस्ते दाम पर रसोई गैस सिलेंडर और बढ़े हुए बिजली बिलों से राहत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जहाँ 200 रूपये की कमी कर रसोई गैस सिलेंडर के दाम घटाए हैं, वहीं प्रदेश सरकार ने सावन का उपहार देते हुए उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों को 450 रूपए में रसोई गैस सिलेंडर दिलवाने का कार्य किया है। यही नहीं बिजली के बढ़े हुए बिलों का भुगतान भी सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके लिए एक किलोवॉट क्षमता का विद्युत उपयोग करने वाले निर्धन परिवार पात्र होंगे।

किसानों को हर साल 12 हजार, किसानों के बेटे भी बन रहे डॉक्टर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसान वर्ग के लिए राज्य सरकार ने वे सभी योजनाएं पुन: प्रारंभ कीं, जो पूर्व सरकार ने वर्ष 2019 में बंद कर दी थीं। जहाँ किसान सम्मान निधि के अंतर्गत केन्द्र और राज्य सरकार की तरफ से किसान को वर्ष में 12 हजार रूपए की राशि प्राप्त हो रही है, वहीं अब किसानों के बेटा-बेटी भी सरकारी स्कूल में अध्ययन के बाद नीट के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का लाभ लेकर डॉक्टर बनेंगे। इसी तरह मेडिकल और इंजीनियरिंग की हिंदी में पढ़ाई का प्रबंध किया गया है।

सिंचाई योजनाओं के अमल में तेजी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने गंजबसौदा क्षेत्र सहित प्रदेश में सिंचाई योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं दिलवाया। अब इन योजनाओं के अमल में तेजी आई है। इसी तरह कृषकों को ट्रांसफार्मर के लिए अनुदान योजना के प्रपत्र भरवाना शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन का लाभ बड़ी संख्या में परिवारों को मिला है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में अब प्रदेश के बुजुर्ग हवाई यात्राएं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि आम जनता को योजनाओं का लाभ पहुंचाने और विकास कार्यों को अंजाम देने के लिए धनराशि की कमी नहीं होती। राज्य सरकार हर वर्ग की भलाई के लिए कार्य कर सकती है। इसके लिए सरकार में बैठे लोगों के हृदय में जनता के लिए कार्य करने की तड़प होना चाहिए। कुछ करने की ललक हों तो वित्तीय बाधाएं भी आड़े नहीं आती हैं। जो लोग कहते हैं कि सरकार में कार्यों के लिए राशि नहीं हैं, दरअसल वे जनकल्याण करना ही नहीं चाहते।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पीपल, कदम और जामुन के पौधे लगाए

planted saplings of Peepal, Kadam an

 

भोपाल , 19 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज स्मार्ट उद्यान में पर्यावरण प्रेमी नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और खिलाड़ियों के साथ पीपल, कदम और जामुन के पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ पौध-रोपण में मुरैना निवासी अनन्या शर्मा पचौरी ने जन्म दिवस के अवसर पर पौध-रोपण किया। सुधारकर शर्मा, गोविन्द त्यागी, पूजा त्यागी, पार्वती नरवरिया, आयुषी लोधी, अर्थ नरवरिया, अनवि नरवरिया और विनायक त्यागी भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति चौहान, रामेश्वर चौहान, राजेश चौहान और अनीता मिश्रा भी उपस्थित थे। टीवी पत्रकार आमिर खान ने धर्मपत्नी अस्फिया खान और परिवार के सदस्यों के साथ जन्म दिवस पर पौध-रोपण किया। राष्ट्रीय स्तर पर जीवन रक्षा श्रेणी में तैराकी की स्वर्ण पदक विजेता कु. महक ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ पौधे लगाए। कु. महक ने जून माह में बंगलुरू में हुई रेस्क्यू इंडिया 2023 नेशनल लेवल स्विमिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड के साथ सिल्वर और ब्रांज मैडल भी जीता है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह निवास में गणपति की स्थापना और पूजा अर्चना.

worship of Ganpati

 

भोपाल , 19 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर परिवार के साथ भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा के पास मूर्तिकार रवि प्रजापति द्वारा निर्मित विघ्नहर्ता गणपति जी की प्रतिमा लाकर निवास में प्रतिष्ठापित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की धर्मपत्नी साधना सिंह, पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में विधि विधान पूर्वक गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सपरिवार भगवान गणेश की पूजा अर्चना की।

गणेश चतुर्थी के दिन नए संसद भवन में प्रवेश, आप भी बनें ऐतिहासिक पलों के गवाह

Ganesh Chaturthi,

 

दिल्ली। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंगलवार से संसद के नए भवन में कामकाज शुरू हो गया। पहले पुराने संसद भवन में फोटो सेशन हुआ, फिर सभी सांसद पुराने सेंट्रल हॉल में जुटे। वहां संबोधन हुआ। फिर सभी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नए संसद भवन में प्रवेश किया। इस दौरान कई सांसदों ने माथा टेककर प्रवेश किया। इसके बाद नए संदव भवन में लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई।

संसद के नए भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला संबोधन

पीएम मोदी ने नए संसद भवन के अपने पहले भाषण में महिला आरक्षण पर बड़ा बयान दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट संकेत दिए कि उनकी सरकार महिला आरक्षण बिल लाने जा रही है। उन्होंने इसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan) नाम दिया।

पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र में राजनीति, नीति और शक्ति का इस्तेमाल समाज में प्रभावी बदलाव का एक बहुत बड़ा माध्यम होता है। इसलिए Space हो या Sports हो, स्टार्टअप्स हो या SHG हो, हर क्षेत्र में दुनिया भारतीय महिलाओं की ताकत देख रही है।

पीएम मोदी ने कहा, आज जब हम एक नई शुरुआत कर रहे हैं, तब हमें अतीत की हर कड़वाहट को भुलाकर आगे बढ़ना है। हम यहां से हमारे आचरण, वाणी और संकल्पों से जो भी करेंगे, वो देश के लिए, हर नागरिक के लिए प्रेरणा का कारण बनना चाहिए। हम सबको इस दायित्व को निभाने के लिए भरसक प्रयास भी करना चाहिए।

सेंट्रल हॉल में पीएम मोदी ने कहा, आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर, नए भविष्य का श्रीगणेश करने जा रहे हैं। आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराने, संकल्पबद्ध होने और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं। ये भवन और उसमें भी ये सेंट्रल हॉल हमारी भावनाओं से भरा हुआ है, ये हमें भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्यों के लिए प्रेरित भी करता है।

पीएम मोदी ने कहा, आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर, नए भविष्य का श्री गणेश करने जा रहे हैं। आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराना फिर एक बार संकल्पबद्ध होना और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं।

भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कहा, ‘आज एक ऐतिहासिक दिन है और मुझे इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा होने पर गर्व है। हम एक नई इमारत में जा रहे हैं और उम्मीद है कि यह भव्य इमारत नई आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगी। मुझे लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सांसद के रूप में इस सम्मानित सभा को संबोधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैंने अपना अधिकांश जीवन इस संस्थान में बिताया है और मैंने 7 प्रधानमंत्रियों और उनकी सरकारों को देखा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में मैं भाजपा में शामिल हुई थीं। तब से मैं भाजपा और इस सदन की गौरवान्वित सदस्य हूं। मैंने यहां बिताए हर मिनट का अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश की है।’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एमसीयू के रीवा परिसर के नवीन भवन का 20 सितंबर को करेंगे लोकार्पण

inaugurate the new building

 

भोपाल , सितम्बर | माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 20 सितम्बर को सुबह 10 बजे वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के जनसंपर्क एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्र उपस्थिति रहेंगे। जनसंपर्क मंत्री शुक्ल ने इसे विश्वविद्यालय की सतत प्रगति का एक और स्वर्णिम सोपान बताते हुए आशा व्यक्त की है कि प्रदेश के साथ विंध्य क्षेत्र के युवा छात्रों के लिए पत्रकारिता जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में रीवा परिसर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कुलपति प्रो. (डॉ.) के.जी.सुरेश ने बताया कि एमसीयू रीवा परिसर में वर्ष 2016 से मीडिया व कम्प्यूटर के स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के अनेक डिग्री व डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। जिनमें देशभर के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्तमान में इस परिसर से शिक्षा प्राप्त करके अनेक विद्यार्थी देश के नामी मीडिया संस्थानों व कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व में यह परिसर रीवा शहर के शिल्पी प्लाजा में संचालित हो रहा था, लेकिन अब विश्वविद्यालय का स्वयं का भवन बनकर तैयार हो चुका है, जिसमें क्लासरूम, ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब, अतिथि गृह, पुस्तकालय, कम्यूनिटी रेडियो, टीवी स्टूडियो और स्टुडेंट सेंटर बनकर तैयार है।

साईनाथ में हरतालिका तीज मनाई गई

पी डी तिवारी, कोलार

भोपाल, सोमवार को हरतालिका तीज के उपलक्ष्य में शिव एवं पार्वती की भव्य झांकी कोलार उपनगर के साईं नाथ नगर कॉलोनी डी -69 पं.पी डी तिवारी साईनाथ 80 के निज निवास पर सजाई गई जिसमें आज सा:य काल को मोहल्ले की सभी औरतें अपने-अपने थाल सजाकर शिव आराधना के लिए एकत्रित हुई एवं उन्होंने वैदिक विधि विधान से संकल्पित होकर शंकर भगवान का पूजन अर्चन किया ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को सतयुग में मां पार्वती ने शंकर भगवान को वरण करने के लिए इस कठिन व्रत को पूर्ण किया था उसी के फल स्वरुप मां पार्वती को शंकर भगवान जो की देवाधिदेव देव हैं पति रूप में प्राप्त हुए। इस व्रत को निर्जला उपवास करने वाले व्रत के रूप में भी जाना जाता है, ज्ञातव्य हो यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को प्रतिवर्ष मनाया जाता है । भगवान शंकर को प्रसन्न करने वाले व्रत के लिए भी यह व्रत जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपना पूर्ण श्रृंगार कर भगवान शंकर जी की रात्रि पर्यंत आराधना करती हैं एवं भजन कीर्तन मंगल गायन इत्यादि करती है, अगले दिन अल सुबह भोर में पूजन सामग्री एवं शिव की मूर्ति का विसर्जन विधान पूर्वक जलाशय में करती हैं यह त्योहार महिलाओं के लिए विशेष फल देने वाला है साईं नाथ नगर कोलार रोड कॉलोनी में प्रतिवर्ष यह त्यौहार महिलाएं विशेष उल्लास से मनाती है, श्रीमती वर्षा तिवारी श्रीमती शोभा सक्सेना श्रीमती ममता दीक्षित कुमारी अरणी तिवारी कुमारी नेहा दिक्षित कुमारी डॉ अदिति तिवारीMS, श्रीमती दीप्ति, श्रीमती पूजा तिवारी,डां कुमारी तृप्ति अरजरिया, श्रीमती सविता अरजरिया, श्रीमती विद्यावती अरजरिया इत्यादि महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

हर वर्ष मनाया जायेगा राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Martyrdom day

 

भोपाल , 18 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रतिवर्ष 18 सितम्बर को राजा शंकर शाह और कुंअर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस राज्य सरकार द्वारा मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह बात आज जबलपुर में मालगोदाम गोंडवाना चौक में जनजातीय नायक अमर शहीद राजा रघुनाथ शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के 166वें बलिदान पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प-चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के बाद कही। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की साढ़े 9 करोड़ जनता की ओर से दोनों अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने क्रांति की ऐसी ज्वाला धधकाई, जिससे अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा। अपने देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जनजातीय गौरव अमर शहीद पिता-पुत्र की पुण्य-स्मृति को बनाये रखना हमारा पवित्र कर्तव्य और धर्म है। इसलिए राज्य सरकार अब हर साल 18 सितम्बर को राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस का आयोजन करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लोगों से गोंडवाना साम्राज्य के पिता-पुत्र की बलिदान गाथा का पुण्य-स्मरण करते हुए उनके सपनों को पूरा करने में जी-जान लगा देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियां काटने के लिए पिता-पुत्र ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्हीं के त्याग और तपस्या की वजह से भारत देश अंग्रेजों से आजाद हुआ।

इसके पूर्व प्रतिमा स्थल पहुँचने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का परंपरागत आदिवासी गोंड करमा नृत्य से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ की ओर से परंपरागत पगड़ी साफा और पीला गमछा भेंटकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, नन्दिनी मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष वरकडे़ सहित पूर्व मंत्री अंचल सोनकर, प्रभात साहू, सुभाष तिवारी रानू, अखिलेश जैन एवं शरद जैन, नगर निगम अध्यक्ष किशोरीलाल भलावी सहित बड़ी संख्या, में गोंड समाज के पदाधिकारी और ग्रामीण जन मौजूद रहे।

तोप के मुंह पर बांधकर दिया मृत्युदंड

राजा शंकरशाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने आजादी की लड़ाई में देश के लिए उत्कृष्ट त्याग और बलिदान दिया। वे अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरूद्ध अपने विचारों और कविताओं के माध्यम से भी लोगों में आजादी के लिए जोश और उत्साह भरते थे। उनकी कविताओं से अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह की आग सुलग उठी। डिप्टी कमिश्नर ई. क्लार्क ने गुप्तचर की मदद से पिता-पुत्र को 14 सितम्बर 1857 की शाम 4 बजे बंदी बना लिया। अगले तीन दिनों तक मुकदमे का नाटक करने के बाद वीर सपूत राजा शंकरशाह एवं कुँवर रघुनाथ शाह को 18 सितम्बर 1857 को प्रात: 11 बजे तोप के मुंह पर बांधकर मृत्युदंड दे दिया।

संग्रहालय के रूप में विकसित हो रहा बंदी गृह

जनजातीय नायक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को अंग्रेजों ने 14 सितम्बर 1857 को गिरफ्तारी के बाद जहाँ बंदी बनाकर रखा था और जहाँ उन्हें सजा सुनाई गई थी, उस कक्ष को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।

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