स्वच्छ भारत मिशन (SBM): स्वच्छ और स्वस्थ भारत की दिशा में बड़ा कदम

 

नई दिल्ली। स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission – SBM) भारत सरकार की सबसे प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश में स्वच्छता को बढ़ावा देना, खुले में शौच की समस्या को समाप्त करना और कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाना है। इस मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

स्वच्छता को बनाया जन आंदोलन

स्वच्छ भारत मिशन को केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया गया। इस अभियान के तहत लोगों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। देशभर में नागरिकों, सामाजिक संगठनों और सरकारी संस्थाओं की भागीदारी से स्वच्छता अभियान को गति मिली।

शौचालय निर्माण से बदली तस्वीर

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पहले चरण (2014-2019) में ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार के अनुसार इस अवधि में 10 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया और लाखों गांवों को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित किया गया।

अब फोकस कचरा प्रबंधन और ODF प्लस पर

स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में केवल शौचालय निर्माण तक सीमित न रहकर ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, गांवों की साफ-सफाई और लंबे समय तक स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य गांवों को ODF Plus बनाना है, जहां कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था उपलब्ध हो।

शहरों में स्वच्छ भारत मिशन 2.0

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन-Urban 2.0 के तहत कचरा मुक्त शहरों का निर्माण, वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण, सीवेज प्रबंधन और स्वच्छ शहरों की रैंकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने SBM-U 2.0 को 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी दी है।

रोजगार और पर्यावरण पर भी असर

स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा प्रबंधन, रिसाइक्लिंग, सफाई सेवाओं और स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर भी विकसित हुए हैं। कई क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण और पुनर्चक्रण जैसी पहलें शुरू की गई हैं।

निष्कर्ष

स्वच्छ भारत मिशन ने भारत में स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया है। शौचालय निर्माण से लेकर कचरा प्रबंधन और स्वच्छ शहरों के निर्माण तक यह अभियान स्वस्थ, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: करोड़ों परिवारों का पक्के घर का सपना हुआ साकार

नई दिल्ली। देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक बन चुकी है। वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों को घर निर्माण एवं आवास सहायता प्रदान की जा रही है।

लाखों नए घरों को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) के तहत 2.13 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही PMAY-Urban 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत घरों की संख्या 16 लाख से अधिक हो गई है।

शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना दो भागों में संचालित की जाती है—

PMAY-Urban (शहरी)
PMAY-Gramin (ग्रामीण)

योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और आवासहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में विभिन्न घटकों के माध्यम से आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

योजना की उपलब्धियां

सरकारी आंकड़ों के अनुसार PMAY-Urban के तहत अब तक 125 लाख से अधिक घर स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 98 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत भी करोड़ों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं।

उत्तर प्रदेश को मिला बड़ा लाभ

हाल ही में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में PMAY-G के तहत 6.18 लाख ग्रामीण आवासों को मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों जरूरतमंद परिवारों को आवास सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

‘हर परिवार को आवास’ लक्ष्य की ओर बढ़ता भारत

प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से केंद्र सरकार “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। योजना ने लाखों गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर में भी सुधार आया है।

मुख्य तथ्य:

  • 2015 में हुई योजना की शुरुआत।
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू।
  • 125 लाख से अधिक घर स्वीकृत।
  • 98 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूर्ण।
  • PMAY-U 2.0 के तहत 2.13 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना

 

नई दिल्ली। देश के किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना आज देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

किसानों को मिलती है सालाना ₹6,000 की सहायता

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में ₹2,000 की एक किस्त दी जाती है। पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।

23वीं किस्त से करोड़ों किसानों को मिला लाभ

केंद्र सरकार ने जून 2026 में योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की। सरकार के अनुसार, योजना के शुरू होने से अब तक किसानों को ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है।

पात्रता और जरूरी शर्तें

योजना का लाभ केवल पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को दिया जाता है। लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का आधार से बैंक खाता लिंक होना, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन तथा e-KYC पूरा होना आवश्यक है। e-KYC अधूरी होने पर किस्त मिलने में देरी हो सकती है।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे और सीमांत किसानों को खेती के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि निवेश जुटाने में मदद की है। समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसानों की नकदी संबंधी समस्याओं में भी राहत मिली है।

प्रमुख बातें
– पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता।
– राशि तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर।
– DBT के माध्यम से पारदर्शी भुगतान व्यवस्था।
– e-KYC, आधार लिंक और भूमि सत्यापन आवश्यक।
– अब तक करोड़ों किसान योजना का लाभ उठा चुके हैं।

आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना: करोड़ों परिवारों के लिए मुफ्त इलाज की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

 

नई दिल्ली। आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है।

योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को की गई थी। इसके माध्यम से गंभीर बीमारियों, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती होने, दवाइयों और विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं का खर्च सरकार वहन करती है। योजना का लाभ देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में पोर्टेबिलिटी के साथ लिया जा सकता है।

70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी लाभ

केंद्र सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को, उनकी आय की परवाह किए बिना, योजना के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं
– प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
– सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा
– देशभर में पोर्टेबिलिटी की सुविधा
– भर्ती से पहले और बाद के आवश्यक चिकित्सा खर्च भी शामिल
– सैकड़ों गंभीर बीमारियों और सर्जरी का कवरेज
– पात्र लाभार्थियों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आसान पहचान और उपचार

अब तक की उपलब्धियां

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 24 मार्च 2025 तक 36.9 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को मुफ्त उपचार का लाभ मिला है, जिससे स्वास्थ्य पर होने वाले निजी खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।

आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं?

पात्र नागरिक अपना नाम आयुष्मान भारत की पात्रता सूची में जांच सकते हैं। पात्र पाए जाने पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अधिकृत केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है। कई राज्यों में मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यम से भी कार्ड बनाने और जानकारी अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध है।

निष्कर्ष:
आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाकर गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।

कांग्रेस दफ्तर घेरने निकली भाजपा को पुलिस ने रोका

कांग्रेस दफ्तर घेरने निकली भाजपा को पुलिस ने रोका
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा ने पलटवार किया। बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेडक्रॉस चौराहे से कांग्रेस कार्यालय की ओर विरोध मार्च लेकर निकले। हालांकि पुलिस ने रेडक्रॉस अस्पताल के सामने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और करीब 10 मिनट प्रदर्शन करने के बाद वापस लौट गए।

खंडेलवाल बोले- अभी तो सिर्फ चेतावनी दी है
प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा अभी केवल चेतावनी देने आई थी। यदि कांग्रेस का रवैया नहीं बदला तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस कार्यालय के दोनों प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात रहा।

प्रायोजित अराजकता की राजनीति
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय प्रायोजित अराजकता की राजनीति कर रही है। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाना, विदेशों में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करना राहुल गांधी और कांग्रेस की आदत बन चुकी है। राहुल गांधी सत्ता की लोलुपता में देश के सम्मान और राष्ट्रहित को भी दांव पर लगाने से नहीं चूकते हैं। भाजपा राष्ट्रहित, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिनी सत्र तीन दिन में सिमटा, मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिनी सत्र तीन दिन में सिमटा, मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र तीसरे दिन बुधवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। तीन दिन तक चले सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर सियासी माहौल गर्म रहा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की। प्रस्ताव नामंजूर होने पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

अनुपूरक बजट पारित
दूसरे दिन आठ और तीसरे दिन छह विधेयकों के पारित होने के बाद वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 7,765.06 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट चर्चा के लिए प्रस्तुत किया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद सदन ने अनुपूरक बजट पारित कर दिया। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज और विकास कार्यों में सुस्ती के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायकों को विकास निधि तक पूरी नहीं मिल रही है, जबकि सरकार बार-बार अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। उन्होंने नर्मदा घाटी परियोजनाओं, किसानों के लिए कम बजट, बढ़ते कर्ज, परिवहन टोल में कथित भ्रष्टाचार, युवाओं के लिए कम बजटीय प्रावधान और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।

सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, मूंग और गेहूं खरीदी में अव्यवस्था है, हजारों स्कूल बंद किए जा रहे हैं और जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अतिथि शिक्षकों की स्थिति, ओबीसी आरक्षण और छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। साथ ही सवाल किया कि पांच दिन के लिए बुलाए गए सत्र को तीन दिन में समाप्त करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग के CEO का प्रभार

1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग के CEO का प्रभार
मध्य प्रदेश के लिए प्रशासनिक दृष्टि से बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्य सचिव अनुराग जैन की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में हुई तो वहीं 1991 बैच के आइएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया गया।

बेदाग छवि के बर्णवाल को लक्ष्य की पूर्ति करने वाले और तेजतर्रार अधिकारी के रूप में माना जाता है। वे वर्तमान में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हैं। नियुक्ति के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की।

‘Toxic’ के नए गाने ‘मदहोश’ का Youtube पर कब्जा

‘Toxic’ के नए गाने ‘मदहोश’ का Youtube पर कब्जा
अगस्त का महीना सिनेमा प्रेमियों के लिए बेहद दिलचस्प होने वाला है। जहां एक तरफ सनी देओल अपनी फिल्म ‘बंटवारा: 1947’ के साथ आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यश की मच-अवेटेड गैंगस्टर-ड्रामा फिल्म ‘टॉक्सिक’ (Toxic) भी इसी महीने सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।

कियारा आडवाणी पर फिल्माए गए धमाकेदार गाने ‘तबाही’ की सफलता के बाद, अब मेकर्स ने फिल्म का दूसरा गाना ‘मदहोश’ (Madhosh) भी रिलीज कर दिया है। इस रोमांटिक ट्रैक में यश के साथ तारा सुतारिया की शानदार केमिस्ट्री देखने को मिल रही है। इस गाने ने आते ही यूट्यूब पर तबाही मचा दी है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना: आर्थिक समावेशन की सबसे बड़ी पहल, करोड़ों परिवारों को मिला बैंकिंग का लाभ

 

नई दिल्ली। देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) आज दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में गिनी जाती है। इस योजना ने करोड़ों ऐसे लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, जिनके पास पहले बैंक खाता नहीं था।

क्या है प्रधानमंत्री जन धन योजना?

प्रधानमंत्री जन धन योजना का उद्देश्य प्रत्येक वयस्क नागरिक को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है। इसके तहत बिना न्यूनतम राशि (Minimum Balance) के बेसिक सेविंग बैंक खाता खोला जा सकता है। योजना के माध्यम से लोगों को बचत खाता, बीमा, पेंशन, ऋण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है।

योजना के प्रमुख लाभ
– बिना न्यूनतम बैलेंस के बैंक खाता।
– मुफ्त RuPay डेबिट कार्ड।
– पात्र खाताधारकों को ₹10,000 तक ओवरड्राफ्ट सुविधा।
– RuPay कार्ड पर ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा (निर्धारित शर्तों के अनुसार)।
– सरकारी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की सुविधा।
– प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा – – योजनाओं से जुड़ने का अवसर।

करोड़ों लोगों तक पहुंची योजना

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 58.63 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में 3.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि है। कुल खातों में लगभग 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं, जबकि करीब 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।

DBT ने बढ़ाई पारदर्शिता

जन धन खाते, आधार और मोबाइल (JAM) के माध्यम से सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेज रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और सरकारी सहायता समय पर लाभार्थियों तक पहुंच रही है।

आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ने गरीब, महिलाओं, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन को नई गति दी है। यही कारण है कि यह योजना आज भारत की सबसे सफल सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल मानी जाती है।

यूपी में कावंड़ यात्रा को लेकर 14 बिंदुओं का एक्शन प्लान लागू

यूपी में कावंड़ यात्रा को लेकर 14 बिंदुओं का एक्शन प्लान लागू
कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर विकास विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद ने बुधवार को संबंधित नगरीय निकायों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा मार्गों पर सफाई, पेयजल, शौचालय, सड़क सुरक्षा, प्लास्टिक प्रतिबंध और रियल टाइम मानिटरिंग समेत 14 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए।

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