भोपाल, जुलाई 14 | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि भोपाल, राज्यों की राजधानी में स्वच्छतम राजधानी है। अब पुन: स्वच्छता सर्वेक्षण होने वाला है, जिसमें सिटीजन फीडबेक मांगा जा रहा है। मैंने अपना फीडबेक दे दिया है। कृपया आप भी अपना फीडबेक दीजिए, जिससे हमारा भोपाल स्वच्छता सर्वेक्षण में देश का स्वच्छतम शहर, बन सके। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पौध-रोपण के बाद महापौर श्रीमती मालती राय को स्वच्छता सर्वेक्षण में क्यूआर कोड पर दिए अपने फीडबेक के बाद भोपालवासियों के लिए सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जारी संदेश में यह बात कही।
आनलाइन महंगा मोबाइल मंगाकर सौदा कैंसल करते, रिटर्न पार्सल में रख देते थे साबुन
आनलाइन होम अप्लायंसेज एवं इलेक्ट्रोनिक आइटम सप्लाई करने वाली होलसेल कंपनी उड़ान की वेबसाइट पर आर्डर प्लेस कर लाखों रुपए की हेराफेरी करने वाली गैंग का पर्दफाश हुआ है। गिरोह के लोग आनलाइन महंगा मोबाइल फोन मंगवाकर इसमें हेरफेर या खराबी बताकर मौके पर वापस लौटाने का नाटक करते थे। ये लोग डिलीवरी ब्वाय को चकमा देकर मोबाइल निकालकर उसमें साबुन रखकर पार्सल की इस तरह सफाई से वापस पैकिंग कर देते थे कि किसी को शक भी नहीं होता था। क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के सवाई माधौपुर से तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा 17 लाख रुपये का कीमती सामान हड़पने की जानकारी मिली है। इसमें 95 महंगे मोबाइल भी शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपितों द्वारा बहाना यह बनाया जाता था कि कंपनी द्वारा गलत प्रोडक्ट्स सप्लाई कर दिया गया है, इसलिए दोबारा आर्डर कर सही सामग्री मंगवाई जाएगी। उड़ान कंपनी इस प्रकार सामान वापस लेकर अपने गोदाम में रख लेती थी। किसी अन्य व्यापारी द्वारा आर्डर आने पर उसे भेज दिया जाता था। इस बीच लगातार व्यापारियों द्वारा शिकायत भेजी गई की सप्लाई में मिले मोबाइल के डिब्बों के अंदर पत्थर एवं साबुन बरामद हुए हैं। उड़ान कंपनी ने शिकायत आने के बाद भोपाल क्राइम ब्रांच से मदद मांगी थी। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच के बाद राजस्थान के जिला सवाई माधौपुर से चेतराम मीणा, दिनेश चंद्र मीणा, अनिल कुमार मीणा को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों ने गिरोह बनाकर आनलाइन माल सप्लाई करने वाली उड़ान नामक कंपनी के साथ धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। इसे अंजाम देने के लिए आरोपितों ने फर्जी टाइटल से कंपनी गठन किया था। अपनी फर्जी कंपनी के नाम पर आनलाइन आर्डर भेजा जाता था और माल आने पर इसे थोड़ी देर बाद वापस लौटा देते थे। पुलिस को शक है कि इस मामले में उड़ान कंपनी के भी कुछ कर्मचारी मिले हुए हैं।
भारत के विश्वगुरु बनने की राह में मील का पत्थर साबित होगा प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा : शर्मा
भोपाल, 14 जुलाई| भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा भारत के विश्वगुरु बनने की राह में मील का पत्थर साबित होगा।
श्री शर्मा ने अपने बयान में कहा कि वैश्विक समुदाय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता विश्व पटल पर भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया है। वहीं भारत और फ्रांस के बीच कई ऐसे समझौते होने जा रहे हैं, जो भारत को 5 ट्रिलियन इकॉनॉमी बनाने के साथ-साथ उसे विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित करने की राह में मील का पत्थर साबित होंगे।
जून में थोक मुद्रास्फीति दर में 4.12 फीसदी की गिरावट
दिल्ली 14 जुलाई| ईधन एवं विनिर्मित उत्पादों की कीमतें कम होने से जून में थोक मुद्रास्फीति की दर में 4.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। महीने-दर-महीने आधार पर इस साल जून में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में 0.40 फीसदी की गिरावट आई है।
ईंधन और बिजली बास्केट की मुद्रास्फीति जून में घटकर शून्य से 12.63 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 9.17 प्रतिशत नीचे थी। विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति उक्त महीने में शून्य से 2.71 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 2.97 प्रतिशत नीचे थी।
खाद्य पदार्थ, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में नरमी से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में (-) 4.12 प्रतिशत पर पहुंच गई। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मई में शून्य से 3.48 प्रतिशत नीचे थी। पिछले साल जून में यह 16.23 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जून में घटकर शून्य से 1.24 प्रतिशत नीचे आ गई, जो मई में शून्य से 1.59 प्रतिशत नीचे थी।
ईंधन और बिजली बास्केट की मुद्रास्फीति जून में घटकर शून्य से 12.63 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 9.17 प्रतिशत नीचे थी। विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति उक्त महीने में शून्य से 2.71 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 2.97 प्रतिशत नीचे थी।
जून 2023 में मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से खनिज तेलों, खाद्य उत्पादों, बुनियादी धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और वस्त्रों की कीमतों में गिरावट के कारण है।
जाने क्यों मंदिर की पैड़ी या चबूतरे पर कुछ देर बैठा जाता है
बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि जब भी किसी मंदिर में दर्शन के लिए जाएं तो दर्शन करने के बाद बाहर आकर मंदिर की पैड़ी या चबूतरे पर थोड़ी देर बैठते हैं । क्या आप जानते हैं इस परंपरा का क्या कारण है? आजकल तो लोग मंदिर की पैड़ी पर बैठकर अपने घर की व्यापार की राजनीति की चर्चा करते हैं, परंतु यह प्राचीन परंपरा एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई। वास्तव में मंदिर की पैड़ी पर बैठ कर के हमें एक श्लोक बोलना चाहिए। यह श्लोक आजकल के लोग भूल गए हैं।
यह श्लोक इस प्रकार है
अनायासेन मरणम् ,बिना देन्येन जीवनम्।
देहान्त तव सानिध्यम्, देहि मे परमेश्वरम् ।।
इस श्लोक का अर्थ है
– अनायासेन मरणम्… अर्थात बिना तकलीफ के हमारी मृत्यु हो और हम कभी भी बीमार होकर बिस्तर पर पड़े पड़े ,कष्ट उठाकर मृत्यु को प्राप्त ना हो चलते फिरते ही हमारे प्राण निकल जाएं ।
– बिना देन्येन जीवनम्….. अर्थात परवशता का जीवन ना हो मतलब हमें कभी किसी के सहारे ना पड़े रहना पड़े। जैसे कि लकवा हो जाने पर व्यक्ति दूसरे पर आश्रित हो जाता है वैसे परवश या बेबस ना हो । ठाकुर जी की कृपा से बिना भीख के ही जीवन बसर हो सके ।
– देहांते तव सानिध्यम…. अर्थात जब भी मृत्यु हो तब भगवान के सम्मुख हो। जैसे भीष्म पितामह की मृत्यु के समय स्वयं ठाकुर जी उनके सम्मुख जाकर खड़े हो गए। उनके दर्शन करते हुए प्राण निकले ।
– देहि में परमेशवरम्... हे परमेश्वर ऐसा वरदान हमें देना ।
यह भी करें
– यह प्रार्थना करें गाड़ी ,लाडी ,लड़का ,लड़की, पति, पत्नी ,घर धन यह नहीं मांगना है यह तो भगवान आप की पात्रता के हिसाब से खुद आपको देते हैं । इसीलिए दर्शन करने के बाद बैठकर यह प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए ।
– यह प्रार्थना है, याचना नहीं है । याचना सांसारिक पदार्थों के लिए होती है जैसे कि घर, व्यापार, नौकरी ,पुत्र ,पुत्री ,सांसारिक सुख, धन या अन्य बातों के लिए जो मांग की जाती है वह याचना है वह भीख है।
– जब हम मंदिर में दर्शन करने जाते हैं तो खुली आंखों से भगवान को देखना चाहिए, निहारना चाहिए । उनके दर्शन करना चाहिए। कुछ लोग वहां आंखें बंद करके खड़े रहते हैं। आंखें बंद क्यों करना हम तो दर्शन करने आए हैं ।
– भगवान के स्वरूप का, श्री चरणों का ,मुखारविंद का, श्रंगार का, संपूर्णानंद लें । आंखों में भर ले स्वरूप को । दर्शन करें और दर्शन के बाद जब बाहर आकर बैठे तब नेत्र बंद करके जो दर्शन किए हैं उस स्वरूप का ध्यान करें मंदिर में नेत्र नहीं बंद करना।
-बाहर आने के बाद पैड़ी पर बैठकर जब ठाकुर जी का ध्यान करें तब नेत्र बंद करें और अगर ठाकुर जी का स्वरूप ध्यान में नहीं आए तो दोबारा मंदिर में जाएं और भगवान का दर्शन करें । नेत्रों को बंद करने के पश्चात उपरोक्त श्लोक का पाठ करें।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में भोपाल के 8400 युवाओं ने करवाया पंजीयन
भोपाल, युवाओं को कौशल विकास के साथ ही लर्न एंड अर्न की तर्ज पर आन जाब ट्रेनिंग की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत पोर्टल में युवाओं का पंजीयन गत 4 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। भोपाल जिले में 900 से अधिक कंपनियों में इस योजना में 7 हजार से अधिक रिक्तियां निर्मित हुई है। कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में इंदौर के बाद भोपाल दूसरे स्थान पर है। भोपाल जिले में 8 हजार 400 से अधिक अभ्यर्थियों ने योजना के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन किया है।
युवाओं को दिया जाएगा 8000 से 10000 रुपये मासिक स्टाइपेंड
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत ऐसे युवक-युवतियां जिनकी उम्र 18 से 29 वर्ष है, तथा मध्यप्रदेश के स्थाई निवासी है और 12वी, आइटीआइ या उच्च योग्यताधारी है, वे सभी युवा mmsky.mp.gov.in पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 8000 से 10000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। पंजीयन के पूर्व आवेदक समग्र पोर्टल पर ई-केवायसी करवाना सुनिश्चित करें। ई-केवायसी के लिए आवश्यक दस्तावेज समग्र, आईडी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जरूरी है। योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000, आईटीआई पास को 8500, डिप्लोमा धारी को 9000, और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में प्रतिमाह प्रतिमाह दिया जाएगा।
योजना के लिए चिह्नित किए गए हैं 703 कार्यक्षेत्र
योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्यक्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल, मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आइटी सेक्टर, साफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। ऐसे बहुत से कार्य भी निर्धारित किए गए हैं।
चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग, दुनिया की नजरें मून मिशन पर
इसरो के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आज चंद्रयान-3 चांद की ओर रवाना हो गया है। भारत के लिए यह ऐतिहासिक पल था, जब चंद्रयान-3 इतिहास रचने के लिए चांद पर जा रहा है। इसरो के इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजर थी। चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 2:35 बजे लॉन्च किया गया।
चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को इसरो के ऑफिशियल वेबसाइट पर लाइव देख सकते हैं। साथ ही दूरदर्शन पर भी इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसरो के पूर्व निदेशक के सिवन ने एएनआई को बताया कि मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान जैसे कार्यक्रमों का मनोबल बढ़ेगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि चंद्रयान-3 चांद की सतह पर 23 अगस्त को लैंडिंग कर सकता है।
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जमी हुई बर्फ खोजेगा चंद्रयान-3
चंद्रमा के साउथ पोल पर अपना मिशन किसी भी देश ने आज तक नहीं भेजा है। यदि सब कुछ ठीक रहता है तो चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरकर चंद्रयान इतिहास रच देगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का अधिकांश हिस्सा हमेशा अंधेरे में रहता है क्योंकि वहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती है। इस जगह पर तापमान शून्य से 235 डिग्री तक नीचे रहता है। ऐसे में चंद्रयान-3 इस स्थान पर जमी हुई बर्फ की खोज करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ISRO को दी शुभकामनाएं, कहा हो सकता है कि भविष्य में हम चांद पर रहने लगें
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के लिए देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आज कहा कि यह मिशन भारत की आशाओं एवं सपनों को आगे बढ़ाएगा।
श्री मोदी ने ट्वीटर पर कई ट्वीट के माध्यम से जारी संदेश में कहा कि जहां तक भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र का सवाल है, 14 जुलाई 2023 हमेशा सुनहरे अक्षरों में अंकित रहेगा। चंद्रयान-3, हमारा तीसरा चंद्र मिशन, अपनी यात्रा शुरू करेगा। यह उल्लेखनीय मिशन हमारे देश की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि कक्षा उत्थान प्रक्रिया के बाद चंद्रयान-3 को चंद्र स्थानांतरण प्रक्षेप पथ में डाला जाएगा। 300,000 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए, यह आने वाले हफ्तों में चंद्रमा पर पहुंचेगा। जहाज पर मौजूद वैज्ञानिक उपकरण चंद्रमा की सतह का अध्ययन करेंगे और हमारे ज्ञान को बढ़ाएंगे। श्री मोदी ने वैज्ञानिकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “हमारे वैज्ञानिकों को धन्यवाद, अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का इतिहास बहुत समृद्ध है। चंद्रयान-1 को वैश्विक चंद्र मिशनों में एक पथप्रदर्शक माना जाता है क्योंकि इसने चंद्रमा पर पानी के अणुओं की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह दुनिया भर के 200 से अधिक वैज्ञानिक प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ था।”
उन्होंने कहा कि चंद्रयान-1 तक, चंद्रमा को एक हड्डी-सूखा, भूवैज्ञानिक रूप से निष्क्रिय और निर्जन खगोलीय पिंड माना जाता था। अब, इसे पानी और उप-सतह बर्फ की उपस्थिति के साथ एक गतिशील और भूवैज्ञानिक रूप से सक्रिय निकाय के रूप में देखा जाता है। हो सकता है कि भविष्य में इस पर संभावित रूप से निवास किया जा सके। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 भी उतना ही अग्रणी था क्योंकि इससे जुड़े ऑर्बिटर के डेटा ने पहली बार रिमोट सेंसिंग के माध्यम से क्रोमियम, मैंगनीज और सोडियम की उपस्थिति का पता लगाया था। इससे चंद्रमा के जादुई विकास के बारे में अधिक जानकारी भी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान 2 के प्रमुख वैज्ञानिक परिणामों में चंद्र सोडियम के लिए पहला वैश्विक मानचित्र, क्रेटर आकार वितरण पर ज्ञान बढ़ाना, आईआईआरएस उपकरण के साथ चंद्र सतह के पानी की बर्फ का स्पष्ट पता लगाना और बहुत कुछ शामिल है। यह मिशन लगभग 50 प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ है। श्री मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “मैं आप सभी से इस मिशन और अंतरिक्ष, विज्ञान और नवाचार में हमने जो प्रगति की है, उसके बारे में और अधिक जानने का आग्रह करता हूं। इससे आप सभी को बहुत गर्व महसूस होगा।”
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की बड़ी घोषणा, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया, केंद्र के समान मिलेगा 42 प्रतिशत
भोपाल। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को अब केंद्रीय कर्मचारियों के समान 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इस बात की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शुक्रवार को कर दी। राज्य के कर्मचारियों को यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2023 से मिलेगा और जुलाई माह के वेतन के साथ इसकी शुरुआत हो जाएगी, जो कि अगस्त में मिलेगा। जनवरी से जून तक महंगाई भत्ते का एरियर 3 समान किस्तों में मिलेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इस फैसले से प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एक अन्य बड़ा निर्णय करते हुए एक जुलाई 2023 को सेवा में 35 वर्ष पूरे करने वाले कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों को अभी 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। जबकि, केंद्रीय कर्मचारियों को 42 प्रतिशत के हिसाब से जनवरी 2023 से महंगाई भत्ता मिल रहा था। मुख्यमंत्री ने 23 जून को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी लेकिन यह निर्णय नहीं हो पा रहा था कि इसका लाभ कब से देना है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को निर्धारित कर दिया कि जनवरी 2023 से ही कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। जुलाई का वेतन, जो अगस्त में मिलेगा, उसमें चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर मिलेगा। जनवरी से जून 2023 तक महंगाई भत्ते का एरियर तीन समान किस्तों में दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्रद्धेय कैलाश जोशी जी की जयंती पर नमन किया
भोपाल, 14 जुलाई| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय कैलाश जोशी जी की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निवास स्थित सभागार में श्रद्धेय जोशी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धेय कैलाश जोशी का जन्म 14 जुलाई 1929 को हाटपिपलिया जिला देवास में हुआ था। श्रद्धेय जोशी वर्ष 1977-78 में प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। श्रद्धेय जोशी 8 बार विधायक, 2 बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा के सदस्य रहे। श्रद्धेय जोशी जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। आप मध्यप्रदेश की राजनीति में संत के नाम से प्रसिद्ध थे। श्रद्धेय जोशी का अवसान 24 नवम्बर 2019 को हुआ।














