बुधादित्य और ब्रह्म शुभ योग में सोमवार को मनेगी गुरु पूर्णिमा

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बुधादित्य और ब्रह्म शुभ योग में सोमवार को मनेगी गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि तीन जुलाई सोमवार को है। इसे गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा पर इंद्र योग प्रात:काल से दोपहर 12:15 बजे तक है। इस योग में गुरुदक्षिणा लेना बेहद शुभ माना गया है। राजधानी भोपाल में धूमधाम से गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। 15 से अधिक जगहों पर बड़े आयोजन होंगे, जिसकी तैयारी जोर-सोर से चल रही है। मां चामुंडा दरबार के पंडित रामजीवन दुबे गुरुजी ने बताया कि इस बार गुरु पूर्णिमा पर वाशी, सुनफा, बुधादित्य और ब्रह्म योग जैसे शुभ योगों का संयोग रहेगा। वहीं मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि वालों के लिए भद्र योग और वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए शश योग बन रहा है। इन शुभ योग और मुहूर्त में गुरुदेव की पूजा से विशेष लाभ मिलता है।
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों की रचना की थी। इस कारण इन्हें प्रथम गुरु का दर्जा दिया जाता है।
शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा सोमवार तीन जुलाई गुरू पूर्णिमा पर सुबह 10:15 से 11:15 बजे तक शुभ मुहूर्त है। इसके बाद दोपहर 12:15 से 1:30 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दोपहर के बाद शाम चार से छह बजे तक लाभ-अमृत का मुहूर्त रहेगा।

गुरु मंत्र प्राप्ति मुहूर्त
गुरु पूर्णिमा पर इंद्र योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 12:15 बजे तक है, गुरु पूर्णिमा के दिन इस योग में जो व्यक्ति गुरु मंत्र लेता है, सर्वत्र विजयी होता है। गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा धनु राशि में रहते हैं, जिसपर बृहस्पति का शासन है। साथ ही पूवार्षाढ़ा नक्षत्र है, जिस पर इस समय शुक्र का शासन है। यही कारण है कि चंद्रमा को व्यक्ति के दिल और दिमाग का स्वामी माना जाता है। यह दिल और दिमाग के बीच का संबंध है जिसे हमारे गुरु पोषित करते हैं, जिससे हमें एक ऐसा व्यवहार विकसित करने में मदद मिलती है जो नैतिक और व्यावहारिक दोनों है।

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नानादि से निवृत होकर शिवजी और भगवान विष्णु की पूजा करें। इसके बाद देवगुरु बृहस्पति, महर्षि वेदव्यास की पूजा करें फिर अपने गुरु का पूजन करें। उन्हें नए वस्त्र, गुरुदक्षिणा, मिष्ठान, श्रीफल इत्यादि भेंट करें और उनसे सुखद भविष्य के लिए आशीर्वाद प्राप्त करें। यदि आपके गुरुदेव ब्रह्मलीन है तो उनकी समाधि स्थल पर जाकर नमन करें, पुष्प माला अर्पित कर उनकी पूजा-अर्चना करें और आशीर्वाद प्राप्ति की कामना करें।

मालगाड़ी की चपेट में आने से दो लोगों की मौत

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सीहोर, 02 जुलाई/ मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित मुरली फाटक के समीप एक महिला और एक बालिका की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गयी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कल शाम इंदौर से भोपाल की ओर जा रही मालगाड़ी मुरली रेलवे क्रासिंग के समीप पहुंची, तभी अचानक पटरियों पर करीब 45 वर्षीय महिला और 15 वर्षीय बालिका मालगाड़ी के सामने आ गईं। जब तक मालगाड़ी चालक ब्रेक लगा पाता, तब तक दोनों मालगाड़ी की चपेट में आ गयी, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी। पुलिस दोनों के शवों को कब्जे में लेकर उनकी पहचान में जुटी हुयी है।

महाराणा प्रताप, वीर तेजाजी और कुशवाह समाज कल्याण बोर्ड का गठन, जल्द होगी नियुक्ति

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भोपाल,2 जुलाई/मप्र महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड, मप्र वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड और मप्र कुशवाह समाज कल्याण बोर्ड
का गठन कर दिया है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने तीनों बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। बोर्ड में एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य होंगे। अध्यक्ष और सदस्य बनने मंत्रालय पहुंच रहे आवेदन, मुख्यमंत्री ने की थी बोर्ड के गठन की घोषणा।
मप्र महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड क्षत्रीय समाज के हितग्राहियों, मप्र वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड जाट समाज के हितग्राहियों
और मप्र कुशवाह समाज कल्याण बोर्ड कुशवाह समाज के हितग्राहियों के कौशल विकास प्रशिक्षण उद्यमिता संवर्धन
रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और स्टार्टअप व्यवसाय, उद्यम के लिए ऋण की व्यवस्था से संबंधित
विषय में राज्य शासन को समय -समय पर अपनी अनुशंसाएं प्रेषित करेगा।
जल्द ही इन बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। बोर्ड में अध्यक्ष बनने के लिए मुख्यमंत्री निवास,
सचिवालय और मंत्रालय में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में पहुुंचे रहे हैं। जल्द ही बोर्ड में अध्यक्ष
और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने की थी सामाजिक सम्मेलनों में घोषणा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 मई को महाराणा प्रताप और छत्रसाल जयंती समारोह में महाराणा प्रताप कल्याण
बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने महाराणा प्रताप के वंशज डा. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को भी बोर्ड में मार्गदर्शक की भूमिका में रहने का निवेदन किया था।
इसी तरह मुख्यमंत्री ने 14 मई को जाट सम्मेलन में जाट समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए मध्य प्रदेश में वीर
तेजाजी कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस तेजा दशमी पर भी ऐच्छिक
अवकाश की घोषणा की थी।
इसी तरह 14 मई को ही कुशवाहा समाज के सम्मेलन और सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कुशवाह कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। इस तीनों घाेषणाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने इन बोर्डों का गठन कर दिया है।

4 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज करेंगे सीखो कमाओ योजना के पंजीयन का शुभारंभ

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भोपाल/ मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत चार जुलाई से पात्र युवाओं का पंजीयन शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविंद्र भवन, भोपाल में इसके पंजीयन का शुभारंभ करेंगे। इसमें चिह्नित युवाओं का प्रतीकात्मक पंजीयन मुख्यमंत्री के द्वारा किया जाएगा। इस आनलाइन प्रक्रिया में युवाओं को कौशल सीखने के साथ ही आठ से दस हजार रुपये मासिक मानदेय (स्टाइपेंड) दिया जाएगा। इसमें से 75 प्रतिशत राशि राज्य सरकार देगी और 25 प्रतिशत राशि कंपनी द्वारा दी जाएगी। अब तक 10,368 प्रतिष्ठान (कंपनियां) पंजीकृत हो गई है और इन कंपनियों में 34 हजार से अधिक रिक्त पदों पर युवाओं की नियुक्ति की जाएगी।

जानिए पूरा कार्यक्रम

इस कार्यक्रम में MMSKY (मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना) पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन सात जून से प्रारंभ हो गया है। काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन चार जुलाई से आरंभ होगा। 15 जुलाई से युवाओं का आवेदन आरंभ होगा तथा 31 जुलाई से युवा, प्रतिष्ठान एवं मध्य प्रदेश के बीच अनुबंध हस्ताक्षर (आनलाइन) की कार्रवाई होगी। एक अगस्त से विभिन्न प्रतिष्ठानों में युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। एक माह प्रशिक्षण के बाद अर्थात एक सितंबर से युवाओं को मानदेय राशि (स्टाइपेंड) का वितरण राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। यह सभी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से आनलाइन की जाएगी।

युवाओं को लाभ

योजना के तहत प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को लाभ मिलेगा, आवश्यकतानुसार लक्ष्य बढ़ाया जा सकेगा। इस योजना में ऐसे युवा पात्र होंगे, जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष तक हो और वह मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी हों। इस कार्यक्रम में इंजीनियरिंग, पालिटेक्निक, आइटीआई और उच्च शिक्षा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के अलावा ग्यारहवीं-बारहवीं केविद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का जिला मुख्यालयों पर प्रसारण होगा।

एशियाई चैंपियन निकिता, कीर्ति फाइनल में एशियाई चैंपियन निकिता, कीर्ति फाइनल में

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01 जुलाई/ एशियाई जूनियर चैंपियन निकिता चंद और कीर्ति ने यहां जारी छठी यूथ महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उत्तराखंड की निकिता (60 किग्रा) ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को मध्य प्रदेश की खुशी सिंह को सर्वसम्मत निर्णय से 5-0 से हराया। निकिता शुरू से ही अपनी प्रतिद्वंदी पर हावी रहीं और उन्होंने चपलता एवं सटीकता का उपयोग करते हुए खुशी को मुकाबले में वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया।

हरी चूड़ी के दान से बुध देव होते हैं प्रसन्न, जानिए चूड़ियां पहनने के फायदे

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हिंदू धर्म में विवाहित महिलाएं हाथों में चूड़ियां पहनती हैं। कांच की चूड़ियां सुहागन के श्रृंगार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि चूड़ी पहनने से सेहत और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। आइए जानते हैं चूड़ी पहनने के पीछे क्या है धार्मिक महत्व।

चूड़ियों का धार्मिक महत्व
भारत में वैदिक काल से महिलाओं के चूड़ियां पहनने का चलन रहा है। ये सोलह श्रृंगार है। हिंदू धर्म में 16 श्रृंगार देवी दुर्गा को चढ़ाया जाता है। इनमें चूड़ियां भी होती हैं। माना जाता है कि चूड़ियों के दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। हरी चूड़ियों का दान करने से बुध ग्रह मजबूत होते है।

चटकी चूड़ियां नहीं पहनने
कई बार चूड़ियां पहनते समय चटक जाती है, लेकिन महिलाएं इन्हें पहन लेती है। ऐसा करने से पति का दुर्भाग्य शुरू हो जाता है। वहीं, टुटी चूड़ी से हाथ कटने का खतरा है।

कभी न पहने बराबर चूड़ियां
वैदिक शास्त्र के अनुसार, महिलाओं को दोनों हाथों में बराबर चूड़ियां नहीं पहननी चाहिए। दाएं हाथ में जितनी चूड़ियां पहनी हैं, बाएं हाथ में उससे एक या दो अधिक पहने।

स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
चूड़ियों के आपस में टकराने से महिलाओं के शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। चूड़ियों की आवाज से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा महिलाओं का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

बुलढाणा में बस में आग लगने से 25 यात्रियों की जलकर मौत ; मुर्मू , धनखड़ , मोदी ने जताया दुख

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बुलढाणा/दिल्ली 01 जुलाई/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा जिले में हुयी भीषण सड़क हादसे पर दुख व्यक्त किया है। श्रीमती मुर्मू ने ट्वीट करके अपने संवेदना संदेश में , ‘महाराष्ट्र के बुलढाणा में दिल दहला देने वाली त्रासदी में बच्चों और महिलाओं सहित कई अनमोल जिंदगियों का खत्म होना बेहद परेशान करने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ईश्वर इस हादसे को सहन करने के लिए परिजनों को हौसला दे । मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’ श्री धनखड़ ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर भी लिखा, ‘महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक दुखद बस की घटना में लोगों की मौत से गहरा दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और सांत्वना मिले। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महाराष्ट्र में हुई बस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। श्री शाह ने टि्वटर पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में सड़क दुर्घटना दिल दहला देने वाली है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस भीषण दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी।’ प्रशासन की ओर से घायलों को त्वरित इलाज मुहैया कराया जा रहा है। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’ बुलढाणा जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर एक कल देर रात बस में आग लगने की दुखद घटना में कम से कम 25 बस यात्रियों की जलकर मौत हो गई।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू

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दिल्ली, 01 जुलाई/ संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 11 अगस्त तक चलेगा। श्री जोशी ने सभी दलों से सत्र के दौरान सार्थक चर्चा में योगदान देने का भी आग्रह किया। संसदीय कार्यमंत्री ने ट्वीट किया, “संसद का मानसून सत्र 2023 आगामी 20 जुलाई से शुरू होगा और 11 अगस्त तक चलेगा। सत्र के दौरान सभी दल से आग्रह है कि विधायी कामकाज और अन्य विषयों पर सार्थक चर्चा करने में योगदान दें।” गौरतलब है कि पिछले बजट सत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराए जाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ विपक्ष के हंगामे के बाद दोनों सदनों में गतिरोध देखा गया था।

मोदी ने वेंकैया को जन्मदिन की दी बधाई

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दिल्ली, 01 जुलाई/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को उनके 74वें जन्मदिन पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री मोदी ने ट्वीट किया, “पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं।” उन्हाेंने कहा, “श्री नायडू एक उत्कृष्ट राजनेता है। श्री नायडू ने भारत के विकास में हमेशा योगदान दिया है। वेंकैया गारु ने किसानों, ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने और शहरी बुनियादी ढांचों को आधुनिक बनाने के लिए बहुत ही बड़े स्तर पर अपना योगदान दिया है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “ एक उत्कृष्ट राजनेता जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया है, वेंकैया गारू ने किसानों, ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।”

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी बोले- 2047 तक सिकल सेल एनीमिया से आदिवासी परिवारों, देश को मुक्ति दिलाएंगे

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शहडोल,1जुलाई/ जय सेवा जय जोहार सपना संबोधन शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज मुझे रानी दुर्गावती जी की पावन धरती पर आने का सौभाग्य मिला। रानी दुर्गावती के चरणों में श्रद्धांजलि समर्पित करता हूं। उनकी प्रेरणा से आज सिकलसेल मुक्ति मिशन बहुत बड़े अभियान की शुरुआत हो रही है। आज ही मध्य प्रदेश में एक करोड़ लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिए जा रहे हैं। इन दोनों प्रयासों के सबसे बड़े लाभार्थी हमारे गोंड समाज, भील समाज या अन्य हमारे आदिवासी समाज में लोग हैं। मैं आप सभी को मध्य प्रदेश की डबल इंजन सरकार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

आज शहडोल की इस धरती पर देश बहुत बड़ा संकल्प ले रहा है
यह संकल्प हमारे देश के आदिवासी भाई बहनों के जीवन को सुरक्षित बनाने का संकल्प है। यह संकल्प सिकल सेल एनीमिया की बीमारी से मुक्ति का यह संकल्प है। हर साल सिकल सेल एनीमिया की गिरफ्त में आने वाले ढाई लाख बच्चे उनके ढाई लाख परिवार जनों का जीवन बचाने का। मैंने देश के अलग-अलग इलाकों में आदिवासी समाज के बीच एक लंबा समय गुजारा है सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारी बहुत कष्टदाई होती है। इसके मरीजों के जोड़ों में हमेशा दर्द रहता है, शरीर में सूजन और थकावट रहती है, पीठ पर और सीने में असहनीय दर्द महसूस होता है, सांस फूलती है। लंबे समय तक दर्द सहने वाले मरीज के शरीर के अंदरूनी अंग भी क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।

यह बीमारी माता-पिता से ही बच्चे में आती है, यह अनुवांशिक है
यह बीमारी परिवारों को बिखेर देती है। और यह बीमारी न हवा से होती है न पानी से होती है न भोजन से फैलती है यह बीमारी ऐसी है जो माता-पिता से ही बच्चे में आती है। यह अनुवांशिक है और इस बीमारी के साथ जो बच्चे जन्म लेते हैं वह पूरी जिंदगी रोगों से जूझते रहते हैं। साथियों पूरी दुनिया में सिकल सेल एनीमिया के जितने मामले होते हैं उनमें से आधे यानी 50% अकेले हमारे देश में होते हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात है पिछले 70 सालों में कभी इसकी चिंता नहीं हुई, इससे निपटने के लिए कोई ठोस प्लान नहीं बनाया। इससे प्रभावित लोग आदिवासी समाज के थे। आदिवासी समाज के प्रति बेरुखी के चलते पहले की सरकारों के लिए यह कोई मुद्दा ही नहीं था, लेकिन आदिवासी समाज की हर चुनौती को हल करने का बीड़ा भाजपा की सरकार ने हमारी सरकार ने उठाया है।

हमारे लिए आदिवासी समाज सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है
यह हमारे लिए संवेदनशीलता का विषय है, भावनात्मक विषय है। जब मैं पहली बार गुजरात का मुख्यमंत्री बना था उससे भी बहुत पहले से मैं इस दिशा में प्रयास कर रहा हूं। हमारे जो गवर्नर हैं (मंगुभाई) आदिवासी परिवार के होनहार नेता रहे हैं। करीब 50 साल से मैं और मंगू भाई आदिवासी इलाकों में एक साथ काम करते रहे। आदिवासी परिवारों में जाकर के इस बीमारी के के प्रति कैसे जागरूकता लाई जाए लगातार काम करते थे। गुजरात का मुख्यमंत्री बना उसके बाद भी मैंने वहां इससे जुड़े कई अभियान शुरू किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद मैं जापान की यात्रा पर गया। मैंने वहां नोबेल पुरस्कार जीतने वाले एक विज्ञानी से मुलाकात की। मुझे पता चला था कि वे सिकलसेल बीमारी पर बहुत रिसर्च की है। मैंने भी सिकल सेल एनीमिया के इलाज में मदद मांगी।

देश के तमाम अस्पतालों में करीब 5 करोड़ गरीबों का इलाज हो चुका
2047 तक सिकल सेल एनीमिया से आदिवासी परिवारों को, देश को मुक्ति दिलाएंगे। सिकल सेल मरीजों के लिए खून की जरूरत होती है इसलिए ब्लड बैंक को ले जा रहे हैं। बोन मेरो ट्रांसप्लांट इकाई खोली जा रही हैं। समाज आगे आए सिकल सेल से मुक्ति मिलेगी। टीबी के मामलों में कमी आई है 2025 तक टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए देश कार्य कर रहा है। हमारी सरकार बनने से पहले 2013 में टीबी के 11000 मामले सामने आए थे। जांच और स्क्रीनिंग का आवश्यक है ऐसा न करने से लंबे समय तक इस बीमारी का मरीजों को पता नहीं चलता। हमारी सरकार का प्रयास है बीमारी कम हो साथ ही बीमारी पर होने वाला खर्च कम हो इसलिए हम आयुष्मान योजना लेकर आए। आयुष्मान भारत योजना से देश के तमाम अस्पतालों में करीब 5 करोड़ गरीबों का इलाज हो चुका है।

आदिवासी क्षेत्र में इस बीमारी को जड़ मूल से खत्म करने का संकल्प
फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि राज्यपाल महोदय के आने के बाद सिकलसेल की लगातार चिंता हुई है प्रधानमंत्री विशेष तौर पर इस ओर ध्यान दे रहे हैं। आदिवासी क्षेत्र में इस बीमारी को जड़ मूल से खत्म करने को जो संकल्प लिया है आज इसकी शुरुआत शहडोल की धरती से हो रही है आप सभी भाई बहनों की तरफ से प्रधानमंत्री का अभिनंदन करता हूं स्वागत करता हूं।

आज का यह दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में लिखा जाएगा
केंद्रीय स्वास्थ मंत्री डा. मनसुख स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज का यह दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में लिखा जाएगा। आज के दिन प्रधानमंत्री सिकलसेल जैसे बीमारी को खत्म करने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी से कई देशों ने मुक्ति पा ली है प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में इस बीमारी को खत्म करने के लिए बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है। डॉ मनसुख ने कहा कि आप बच्चों की शादी करते समय रक्त कुंडली अवश्य मिलाएं। आयुष्मान ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी जिसमें वंचित लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने की जानकारी दी जाएगी।

जबलपुर में रानी दुर्गावती का विशाल स्मारक और साल भर अनेक गतिविधि करते रहेंगे
शिवराज सिंह ने कहा कि जबलपुर में रानी दुर्गावती का विशाल स्मारक बनाया जाएगा और साल भर तक हम अनेक गतिविधि करते रहेंगे । पहले की सरकारें सिर्फ एक ही परिवार का महिमामंडित करती थी लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आदिवासी क्रांतिकारियों का सम्मान बढ़ाया है। मध्य प्रदेश में आज 25000 जगह आयुष्मान सभा चल रही है। प्रधानमंत्री जी का जिंदगी बदलने का यह अभियान है । कांग्रेस की सरकार ने आयुष्मान कार्ड नहीं बनाएं प्रधानमंत्री जी ने जितना आदिवासियों के लिए काम किया है वह किसी ने नहीं किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया डुमना विमानतल जबलपुर से हेलीकॉप्टर से शहडोल रवाना हो गए। राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का दोपहर लगभग 12.50 बजे भोपाल से विमान द्वारा डुमना विमानतल जबलपुर आगमन हुआ था ।

छह किलोमीटर लंबे कारिडोर में हर 50 कदम पर जवान तैनात
लालपुर से पकरिया तक छह किलोमीटर लंबा कारिडोर बनाया गया। 15 हजार लकड़ी की बल्लियां और 20 हजार बांस की बल्ली का उपयोग किया गया। इस छह किलोमीटर लंबे कारिडोर में हर पचास कदम पर पुलिस के जवान तैनात हैं। जब प्रधानमंत्री का काफिला यहां से गुजरा तो कारिडोर से किसी को भी निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
लालपुर सभा स्थल और पकरिया में पानी से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा वाटर प्रूफ पंडाल और डोम लगाए गए हैं। सभा स्थल लालपुर को पूरी तरह वाटर प्रूफ बनाया गया है। पकरिया में भी एक विशेष पंडाल लगाया गया है। वर्तमान मौसम को देखते हुए पकरिया का कार्यक्रम वाटर प्रूफ डोम में ही किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के आमसभा स्थल पर 08 लाख 80 हजार वर्गफिट में वाटर प्रूफ पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक लाख कुर्सियां लगाई हैं। इसी के अंदर मंच, ग्रीन रुम और वीआइपी एवं वीवीआइपी की बैठक व्यवस्था सहित सभी सुविधाएं तैयार की गई हैं। एक हजार से अधिक बसें लगाई। पकरिया में 364 लोगों को प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम में शामिल होना है, जिनके बैठने के लिए 134 खाट का इंतजाम किया गया है।

17 राज्य आनलाइन जुड़ेंगे
प्रधानमंत्री शहडोल में राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य, जनजातीय कार्य, आयुष मंत्रालय और देश के 17 राज्यों के प्रतिनिधि आनलाइन शामिल होंगे। प्रदेश के 20 जनजातीय बहुल जिलों के 89 विकासखंड के करीब 3 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के 2 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिकल सेल जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वर्चुअली वितरण किया गया।

आयुष्मान कार्ड का किया गया वितरण
प्रधानमंत्री पीवीसी आयुष्मान कार्ड वितरण योजना का शुभारंभ किया। देश में पहली बार प्रदेश में 3 करोड़ 57 लाख आयुष्मान हितग्राहियों को डिजिटल आयुष्मान कार्ड का वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा योजना के शुभारंभ के बाद ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पीवीसी आयुष्मान कार्ड वितरित किए जाएंगे।

पद्मश्री अर्जुन और जाेधाबाई शामिल हुईं
ग्राम पकरिया में एक जुलाई का दिन शहडोल के लिए बहुत ही ऐतिहासिक है। ऐसा पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री देसी अंदाज में जनजातीय समुदाय के साथ बैठकर कोदो भात-कुटकी खीर, इंद्ररह की कड़ी और महुआ का मालपुआ ग्रहण करेंगे। कार्यक्रम में पूरी व्यवस्था को भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के अनुसार तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दो विशेष जनजातीय समुदाय के कलाकारों को आमंत्रित किया है जिसमें डिंडौरी जिले के पद्मश्री से सम्मानित कलाकार अर्जुन सिंह धुर्वे और उमरिया जिले की पद्मश्री से सम्मानित कलाकार जोधईया बाई शामिल हैं।

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