दिल्ली 11 जून/ अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस की शुरुआत वर्ष 2002 में एक भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के प्रयासों से हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 12 जून को मनाने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ा है। श्री सत्यार्थी ने इस मुद्दे को लेकर विभिन्न देशों में एक सशक्त अभियान चलाया और आम जनता से लेकर राष्ट्राध्यक्ष राष्ट्रप्रमुखों, राजा – रानियों और महाराजा- महारानियों का समर्थन प्राप्त किया। करोड़ों बच्चों के शोषण के खिलाफ और उनके अधिकारों को लेकर आवाज उठाने के लिए वर्ष 2014 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
श्री सत्यार्थी ने बाल श्रम के बारे में दुनिया को जागरूक करने और उसे एक गंभीर अपराध के तौर पर स्वीकार करने को
लेकर वर्ष 1998 में ‘ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर’यानी वैश्विक जन जागरूकता यात्रा की शुरुआत की थी। यह यात्रा
17 जनवरी, 1998 को फिलीपींस के मनीला से शुरू हुई और छह जून, 1998 को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में
समाप्त हुई। करीब पांच महीने तक चली इस यात्रा में श्री सत्यार्थी के साथ 36 बच्चे भी थे ,जिन्होंने कभी बाल मजदूर के रूप में काम किया था। इस यात्रा को करीब डेढ़ करोड़ लोगों का व्यापक समर्थन भी प्राप्त हुआ। इस यात्रा की दो प्रमुख मांगें बाल श्रम के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय कानून बनाने और साल में एक विशेष दिन बाल मजदूरों को समर्पित करने की थी। यह यात्रा छह जून, 1998 को जब जेनेवा पहुंची तो उस समय संयुक्त राष्ट्र भवन में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन- आईएलओ का एक महत्वपूर्ण वार्षिक सम्मेलन चल रहा था। इस सम्मेलन में 150 से अधिक देशों के मंत्री और प्रतिनिधि सहित 2,000 से अधिक व्यक्ति मौजूद थे। इन सबके बीच जब संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के गलियारे इन बच्चों के नारों और मांगों से गूंज उठे। आईएलओ ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए इतिहास में पहली बार एक सामाजिक कार्यकर्ता श्री सत्यार्थी और दो बच्चों को बाल श्रम, बाल दासता, बाल वेश्यावृत्ति और तस्करी के बारे में अपनी बात रखने का अवसर दिया। वैश्विक जन जागरूकता यात्रा के एक साल बाद यानी 17 जून, 1999 को बाल श्रम उन्मूलन के लिए आईएलओ समझौता- 182 पारित किया गया। इसपर बहुत ही कम समय में संयुक्त राष्ट्र के सभी 187 देशों ने अपने हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही बाल श्रम निषेध को लेकर एक विशेष दिन घोषित किए जाने की मांग को भी मान लिया गया। वर्ष 2002 में इसकी घोषणा की गई कि अब से हर साल 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाएगा। इससे पहले बाल श्रम रोकने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1986 में बाल श्रम(निषेध और विनियमन) अधिनियम लागू किया। इससे कालीन निर्माण, चूड़ी बनाने, पटाखा फैक्ट्री, सर्कस, ताला उद्योग, पीतल के बर्तन बनाने, खेती के काम, साड़ी कढ़ाई, ईंट भट्ठों और घरों काम में कम कर रहे बच्चों को बचाया गया। लेकिन अभी तक कोई ऐसा अंतरराष्ट्रीय कानून या ढांचा नहीं था,जो बच्चों से मजदूरी कराने, उनकी तस्करी और उन्हें वेश्यावृत्ति या दूसरे खतरनाक कामों में धकेलने से रोकता हो।
एक भारतीय के प्रयास से हुई अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस की शुरुआत
मृतकों के परिवारों को चार लाख की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही: कलेक्टर
भोपाल/ रायसेन, 10 जून/ भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया की भोपाल-रायसेन सीमा पर स्थित बालमपुर गांव में हुई घटना की प्रारंभिक जांच के बाद स्थानीय पंचायत सचिव को निलबित कर दिया गया है और सरपंच को भी नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। भोपाल कलेक्टर श्री सिंह ने बताया की दुर्घटना की सूचना मिलते ही एडीएम हरेंद्र नारायण सिंह, हुजूर एसडीएम और तहसीलदार को बलरामपुर में
मिट्टी धसने की दुर्घटना का पता चलते ही घटना स्थल पर भेजा गया था। तुरंत ही एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर राहत कार्यों में लगाई गई थी जिससे जल्दी ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया था। इसके साथ ही इस दुर्घटना की जांच पर कार्रवाई जारी है।
टोल टैक्स कर्मचारियों से मारपीट करने वाला पार्षद गिरफ्तार
भिंड/ग्वालियर, 11 जून/ मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के बरेठा में स्थित एक टोल टैक्स कर्मचारियों से मारपीट करने वाले
भिंड जिला निवासी एक पार्षद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर पहले से ही हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार भिंड जिले की नगर परिषद मालनपुर के पार्षद अनिल गुर्जर ने कल शाम को भिण्ड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग 719 टोल टैक्स बरेठा पर हंगामा कर दिया। दरअसल कर्मचारियों ने एक कार चालक को अनिल गुर्जर के नाम से बिना टोल टैक्स दिए ग्वालियर की ओर जाने से मना कर दिया था। कार के चालक ने पार्षद अनिल गुर्जर को फोन कर शिकायत की, जिससे गुस्साए पार्षद ने टोल नाका पहुंचकर कर्मचारी गौरव भदौरिया, प्रदीप गौतम और रवि कुमार के साथ कंट्रोल रूम और मैनेजर कक्ष में पहुंचकर मारपीट की। पार्षद ने कार में रखी बंदूक भी निकाल ली थी।
लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक राशि बढ़कर आगे तीन हजार रूपए होगी:शिवराज
लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक 1000 की राशि बढ़कर होगी क्रमश: 3000 रूपए : मुख्यमंत्री चौहान
जो कहता हूँ करके दिखाता हूँ
– अब 21 वर्ष की विवाहित बहनें भी योजना का लाभ प्राप्त करेंगी
– पाँच वर्ष में सभी बहनें होंगी लखपति क्लब में शामिल
– वृद्ध महिलाओं की पेंशन बढ़कर होगी 1000 रूपये
– सिंगल क्लिक से 1.25 करोड़ बहनों के खातों में हुआ राशि का अंतरण
– मुख्यमंत्री चौहान ने बहनों पर पुष्प-वर्षा के साथ किया राशि का अंतरण
– जबलपुर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ी पूरे प्रदेश की बहनें

भोपाल : 10 जून, 2023 || मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लेकर बहनें मजबूत होंगी, वे अब मजबूर नहीं रहेंगी। योजना में प्रति माह 1000 रूपये की राशि देने के प्रावधान में संशोधन कर बहनों को क्रमश: बढ़ी हुई राशि का भुगतान किया जाएगा। आवश्यक वित्त व्यवस्था के फलस्वरूप योजना में 1000 रूपये के स्थान पर क्रमश: 1250 रुपए, इसके बाद 1500 रूपए, फिर 1750 रूपए, फिर 2 हजार रूपए और इसके बाद 2250 रुपए, 2500 रूपए और 2750 रूपए करते हुए राशि को 3 हजार रूपए तक बढ़ाया जाएगा। इसी तरह योजना के लिए विवाहित पात्र बहन की आयु न्यूनतम 23 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष की जाएगी। इसी तरह बहनों को आने वाले 5 वर्ष में लखपति बनाते हुए लखपति क्लब में शामिल किया जाएगा। वर्तमान में 23 से 60 वर्ष की विवाहित बहनें योजना में पात्र हैं। बहनों की आय कम से कम 10 हजार रूपए मासिक होना चाहिए। स्व-सहायता समूहों और आर्थिक समृद्धि की योजनाओं से लाभान्वित करते हुए बहनों की जिंदगी में सुख और आनंद लाने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को वे अपना परिवार मानते हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने आज जबलपुर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में बहनों के खातों में मासिक राशि अंतरित करने के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ बहनों के खाते में कुल 1209.64 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। इस कार्यक्रम से पूरे प्रदेश की बहनें भी जुड़ीं। प्रदेश के वार्डों और ग्रामों में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रसारण किया गया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वे बहनों को अब परिवार में आर्थिक रूप से किसी विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में मिलने वाली राशि उनके जीवन में आनंद लाने का कार्य करेगी। परिवार में बच्चों के लिए दूध, फल, दवाई लाने, उनकी पढ़ाई के प्रबंध को बेहतर बनाने में योजना की राशि उपयोगी होगी। परिवार में बहन के साथ बच्चों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में लाड़ली बहना सेनाएँ भी बनेंगी। बड़े ग्रामों में 21 सदस्य और छोटे ग्रामों में 11 सदस्य वाली सेनाएँ गठित होंगी। लाड़ली बहना सेना अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ेंगी। यह सेनाएँ महिलाओं को उनके कल्याण की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक महिला कल्याण योजनाओं से बहनों और बेटियों का सशक्तिकरण किया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्व-सहायता समूहों द्वारा आर्थिक उन्नयन की गतिविधियों से बहनें सशक्त हुई हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने बेटियों को लेपटाप प्रदान करने, बैगा, सहरिया और भारिया जनजाति की बहनों को प्रति माह दी जाने वाली आहार अनुदान राशि का भुगतान बंद कर दिया था जिसे हमारी सरकार ने पुन: प्रारंभ किया। पूर्व सरकार ने और भी कई कल्याणकारी योजनाएँ बंद करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों को पोषण के लिए दी जाने वाली राशि का ही विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का निर्माण किया गया। बहनों का कष्ट और दुख वे अपना कष्ट मानते हैं। बहनों के सम्मान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत और पुलिस में 30 प्रतिशत स्थान बेटियों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इसी तरह बेटियों और बहनों के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री की जाने पर मात्र एक प्रतिशत शुल्क लिया जाता है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज का दिन स्वर्णिम दिन है। बेटियाँ और बहनें अब रोने या विलाप करने का कार्य नहीं करेंगी। आनंद की अनुभूति से उनके जीवन को बेहतर बनाना प्रमुख उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं का आहवान किया कि वे अपने आँसू पोछकर घरों से बाहर निकले, अपनी जिंदगी बेहतर बनाये। चौहान ने महिलाओं का अपना परिवार बनाने, देश बनाने के लिए संकल्पबद्ध होने को कहा। मुख्यमंत्री चौहान ने कन्या-पूजन और एक बहन को शाल, श्रीफल भेंट कर एवं पाँव पखार कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने 341 करोड़ रूपये लागत के 73 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इन कार्यों में स्मार्ट सिटी जबलपुर के विभिन्न कार्य, सीएम राइज विद्यालय, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण कार्यों के साथ ही राजमार्ग उन्नयन एवं सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम का प्रांरभ मध्यप्रदेश गान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
मुख्यमंत्री चौहान ने विकास कार्यों पर केंद्रित प्रदर्शनी एवं वीरांगनाओं के योगदान पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में प्रभावशाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की गई। मुख्यमंत्री चौहान का विभिन्न जन-प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। अनेक बहनों ने मुख्यमंत्री चौहान को एक विशाल राखी भी भेंट की।
सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान संचालित किया तो मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ 45 लाख से अधिक बेटियों को दिया। अब बहनों को प्रतिमाह राशि प्राप्त होगी ।समाज में परिवर्तन का यह महत्वपूर्ण प्रयास है। सांसद राकेश सिंह ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुपंकजा मुंडे, मध्यप्रदेश की महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती माया नारोलिया, निगम अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र जामदार, बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह,पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, शरद जैन, विधायक अशोक रोहाणी, सदानंद गोडबोले, सुशील तिवारी, श्रीमती नंदनी मरावी, अंचल सोनकर, श्रीमती प्रतिभा सिंह, हरेंद्र जीत सिंह बब्बू, प्रभात साहू भी उपस्थित रहे।
खूबसूरत राखी एवं भावपूर्ण पाती भेंट कर माना आभार
मुख्यमंत्री चौहान को लाड़ली बहनाओं ने बेहद ही खूबसूरत लंबी और बड़ी राखी भेंट की। साथ ही लाड़ली बहनों ने अपने लाड़ले भैया को अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए पाती भी भेंट की। सभी ने एक बड़े पुष्पहार से भी अभिनंदन किया। सभी बहनें इस अवसर पर बेहद ही प्रसन्न नजर आई।
ड्रॉईंग प्रतियोगिता की विजेताओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री चौहान ने लाड़ली बहना थीम पर आधारित 8 जून को हुई ड्राइंग प्रतियोगिता की विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने अनघा गायकवाड़, तान्या पटेल और शौर्य जैन को पुरस्कृत किया।
नारी सशक्तिकरण पर नृत्य नाटिका “सृष्टि रूपा” का हुआ मंचन
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के शुभारंभ पर नारी ओजस्विता और नारी सशक्तिकरण की थीम पर नृत्य नाटिका का बेहतरीन मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। नृत्य नाटिका में प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण के लिये किये गये ऐतिहासिक और अभूतपूर्व फैसलों को बखूबी प्रदर्शित किया गया। इसमें पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत आरक्षण, महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री होने पर मात्र एक प्रतिशत का शुल्क, स्व-सहायता समूहों से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, महिलाओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लायसेंस सुविधा जैसी विभिन्न योजनाओं का रूपांकन किया गया।
मुख्यमंत्री रथ से पहुँचे कार्यक्रम स्थल
मुख्यमंत्री चौहान समन्वय चौक से रथ पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुँचे। रथ मार्ग पर और कार्यक्रम स्थल पर लाड़ली बहनों ने पुष्प वर्षा कर अपने लाड़ले भाई चौहान का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी अपनी बहनों पर पुष्प वर्षा कर स्नेह प्रकट किया
रोमांचक मुकाबले में जापान को हराकर फाइनल में पहुंचा भारत
काकामिगहारा (जापान), 10 जून/ भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने जूनियर महिला एशिया कप 2023 के रोमांचक सेमीफाइनल में शनिवार को मेज़बान जापान को 1-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस गलाकाट प्रतियोगिता में सुनेलीपा टोप्पो ने 47वें मिनट में मैच का एकमात्र गोल किया, जो भारत की जीत में निर्णायक साबित हुआ। भारत ने 2021 के बाद पहली बार जूनियर महिला एशिया कप के फाइनल में जगह बनाई है, जहां उसका सामना रविवार को कोरिया से होगा। इस जीत की मदद से भारत ने नवंबर-दिसंबर में होने वाले एफआईएच जूनियर महिला विश्व कप के लिये भी क्वालीफाई कर लिया। एक दशक बाद फाइनल में पहुंचने की उम्मीद लेकर उतरी भारतीय टीम ने पहले मिनट से ही आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन जापान के रक्षण को भेदना उसके लिये आसान नहीं रहा। जापान ने न सिर्फ डिफेंस में मज़बूती दिखाई, बल्कि कुछ देर बाद ही भारत पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मेज़बान टीम को 13वें और 14वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर प्राप्त हुए लेकिन भारत ने उसे खाता खोलने का मौका नहीं दिया। पहला क्वार्टर गोलरहित गुज़रने के बाद अगले 15 मिनटों में दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। जापान दो बार गोल करने के करीब भी आया लेकिन भारतीय गोलकीपर माधुरी किंदो ने शानदार रक्षण से उसके दोनों प्रयास विफल किये। दोनों टीमें इस क्वार्टर में भी पेनल्टी कॉर्नरों को गोल में नहीं बदल सकीं और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा। जापान ने तीसरे क्वार्टर में गेंद को अपने कब्ज़े में रखने की योजना बनायी। इस योजना के दम पर जापान को 34वें और 36वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि वह अपना खाता नहीं खोल सका। जापान की असफलता के बाद भारतीय लड़कियों ने मैच पर सहसा पकड़ मज़बूत कर ली। भारत ने जापान पर लगातार दबाव बनाते हुए 38वें मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक अर्जित किया। जापान ने इन मौकों पर गोल नहीं होने दिये, लेकिन भारत ने आक्रामक खेल जारी रखते हुए 39वें और 43वें मिनट में भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये। जापान ने लगातार मज़बूत डिफेंस का प्रदर्शन किया, लेकिन 47वें मिनट में सुनेलीता टोप्पो ने फील्ड गोल करके आखिरकार उसका रक्षण भेद दिया। बढ़त मिलने के बाद भारत ने गेंद को अपने कब्ज़े में रखने पर ध्यान दिया। नतीजतन, मेज़बान जापान एक गोल से हारकर एशिया कप से बाहर हो गयी। भारत और कोरिया के बीच फाइनल रविवार को भारतीय समयानुसार अपराह्न 2:30 बजे खेला जायेगा।
जापान में हनेडा हवाई अड्डे पर दो विमान टकराये
टोक्यो, 10 जून/ जापान की राजधानी टोक्यो के हनेडा हवाई अड्डे पर शनिवार को दो यात्री जेट की एक टैक्सीवे के पास आपस में टक्कर हो गयी। जापान के परिवहन मंत्रालय ने यह जानकारी दी हैं।
स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने हवाई अड्डे के साथ सूत्रों का हवाले से बताया कि आज सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 11:00 बजे बैंकॉक जा रहे थाई एयरवेज का विमान और ईवा एयर का विमान हनेडा हवाई अड्डे के रनवे ए पर टकरा गये। टोक्यो ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम की टेलीविजन फुटेज दिखाया गया है कि इस समय दोनों विमान रनवे में खड़े हैं। नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि टक्कर के कारण थाई एयरवेज विमान के विंग का हिस्सा टूट गया और जो कि रनवे के पास देखा गया है। हवाई अड्डा ने दुर्घटना स्थल के पास रनवे को बंद कर दिया है। दुर्घटना में अब तक किसी के घायल होने की रिपोर्ट नहीं है। कुछ घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में देरी हुई है।
कोलंबिया में विमान हादसे के 40 दिन बाद चार बच्चे जिंदा पाए गए
बगोटा, 10 जून/ कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने शनिवार को बताया कि उनके विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जंगल में 40 दिन बिताने वाले चार बच्चे जीवित पाए गए। श्री पेट्रो ने मई में कहा कि कोलंबियाई सशस्त्र बलों ने 13, नौ और चार साल की उम्र के तीन बच्चों और 11 महीने की उम्र के एक बच्चे को एक मई को उनके सेसना 206 हल्के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कैक्वेटा विभाग के जंगल में जीवित पाया।
सोमालिया के होटल पर आतंकवादी हमले में नौ लोगों की मौत
मोगादिशू, 10 जून/ सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में समुद्र तट पर बने होटल में शुक्रवार शाम हुए आतंकवादी हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी और अन्य 10 घायल हो गये हैं। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। पुलिस ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने हमले में शामिल अल-शबाब के सभी सात आतंकवादियों को मार गिराने के बाद लिडो समुद्र तट पर स्थित पर्ल बीच होटल में सात घंटे के घेराबंदी अभियान खत्म हो गया है। पुलिस ने कहा कि घटना में मारे गए लोगों में छह नागरिक और तीन सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। होटल में हमला कल स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजकर 55 मिनट पर हुआ। लिडो बीच पर प्राय: महत्वपूर्ण व्यक्तियों को देखा जाता है। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा बलों ने होटल में फंसे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 84 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि दो आत्मघाती हमलावरों ने होटल के प्रवेश द्वार पर विस्फोटक से खुद को उड़ा लिया था। आत्मघाती विस्फोट के समय होटल में सैंकड़ों लोग थे। लिडो बीच एक पसंदीदा स्थल है जो बीच होटल और रेस्तरां से घिरा हुआ है। हमले की जिम्मेदारी अल-शबाब के आतंकवादियों ने ली है और कहा है कि उसके लड़ाकों ने होटल में ठहरे मेहमानों को निशाना बनाया है।
मणिपुर के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता में शांति समिति का गठन
दिल्ली 10 जून/ केंद्र सरकार ने मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके की अध्यक्षता में शांति समिति का गठन किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक समिति के सदस्यों में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, राज्य के कुछ मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं। समिति का गठन राज्य के विभिन्न जातीय समूहों के बीच शांति प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया है। इन प्रक्रियाओं में शांतिपूर्ण वार्ता और परस्पर विरोधी दलों / समूहों के बीच बातचीत शामिल है। समिति सामाजिक सामंजस्य और आपसी समझ की मजबूती और विभिन्न जातीय समूहों के बीच सौहार्दपूर्ण संपर्क की पहल करेगी।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में हिंसा के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां का दौरा किया था और शांति समिति गठित करने की घोषणा की थी। दूसरी तरफ विपक्षी कांग्रेस मणिपुर में राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में मौजूदा संकट भाजपा की विभाजनकारी राजनीति और राज्य सरकार की खुफिया विफलता का भी परिणाम है।















