मोदी ने राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

modi-jaipur vande-bharat-train

 

जयपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का आज उद्घाटन किया ।मोदी ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर इसे जयपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां भारती की वंदना करने वाली राजस्थान की धरती को आज पहली वंदे भारत ट्रेन मिल रही ह और दिल्ली कैंट-अजमेर वंदेभारत एक्सप्रेस से, जयपुर-दिल्ली आना-जाना और आसान हो जाएगा। यह ट्रेन, राजस्थान की टूरिज्म इंडस्ट्री को भी बहुत मदद करेगी। तीर्थराज पुष्कर हो या फिर अजमेर शरीफ, आस्था के ऐसे महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंचने में भी अब श्रद्धालुओं को ज्यादा आसानी होगी। उन्होंने कहा ” बीते दो महीनों में ये छठी वंदेभारत एक्सप्रेस है जिसे हरी झंडी दिखाने का मुझे सौभाग्य मिला है। मुंबई-शोलापुर वंदेभारत एक्सप्रेस, मुंबई-शिरडी वंदे भारत एक्सप्रेस, रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-तिरुपति वंदेभारत एक्सप्रेस, चेन्नई कोयंबटूर वंदेभारत एक्सप्रेस, और अब ये जयपुर-दिल्ली वंदेभारत एक्सप्रेस आज शुरू हो रही है। जब से ये आधुनिक ट्रेनें शुरू हुई हैं, तब से करीब-करीब 60 लाख लोग, इन ट्रेनों में सफर कर चुके हैं। तेज रफ्तार वंदे भारत की सबसे बड़ी विशेषता है, कि यह लोगों का समय बचा रही हैं। और एक स्टडी है कि एक वंदे भारत की यात्रा करने पर लोगों के कुल मिलाकर, हर ट्रिप में करीब-करीब ढाई हजार घंटे बचते हैं। यात्रा में बचने वाले यह ढाई हजार घंटे, लोगों को अन्य कार्यों के लिए उपलब्ध हो रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग कौशल से लेकर सुरक्षा की गारंटी तक, तेज रफ्तार से लेकर खूबसूरत डिजाइन तक, वंदे भारत तमाम खूबियों से संपन्न है। इन्हीं सब खूबियों को देखते हुए आज देशभर में वंदेभारत ट्रेन का गौरवगान हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा ” वंदे भारत ने एक तरह से कई नई शुरुआत की है। वंदे भारत, पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है जो मेड इन इंडिया है। वंदे भारत, पहली ऐसी ट्रेन है जो इतनी कम्पैक्ट और एफीसियंट है। वंदे भारत, पहली ट्रेन है जो स्वदेशी सेफ्टी सिस्टम कवच के अनुकूल है। वंदे भारत, भारतीय रेलवे के इतिहास की वो पहली ट्रेन है, जिसने बिना अतिरिक्त इंजन के सह्याद्रि घाट की ऊंची चढ़ाई पूरी कर दी। वंदे भारत एक्सप्रेस इंडिया की फर्स्ट, आलवेज फर्स्ट की भावना समृद्ध करती है। मुझे खुशी है कि वंदे भारत ट्रेन आज विकास, आधुनिकता, स्थिरता और आत्म-निर्भरता का पर्याय बन चुकी है। आज की वंदे भारत की यात्रा, कल हमें विकसित भारत की यात्रा की ओर ले जाएगी। ये राजस्थान के लोगों को वंदेभारत ट्रेन के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”

देश के भीतर दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है : कांग्रेस

aand-sharma

दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि देश इस समय संवैधानिक संकट से जूझ रहा है और संसद तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष मौजूदा समय में जो चुनौतियां हैं पहले कभी इस तरह की स्थिति नहीं आई है। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘ देश के भीतर दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। स्थिति यह बन गई है कि इस समय सरकार ही खुद संसद नहीं चलने दे रही है, इसलिए यह बड़ा सैद्धांतिक विषय उभरकर आया है कि आखिर हम किस दिशा की तरफ बढ रहे हैं।”शर्मा ने कहा, “शायद आजादी के बाद हर संस्था,जो देश के संवैधानिक व्यवस्था पर विश्वास रखती है, उसके सामने कभी इतनी बड़ी चुनौती नहीं आई। संसद में जहां चर्चा होती थी, विपक्ष के सवाल होते थे, सरकार जवाब देती थी वह परंपरा टूट चुकी है। संसद चले यह सरकार की जिम्मेदारी होती है और लोगों की भी अपेक्षा यही होती है कि सरकार संसद चलाए। विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सरकार की जिम्मेदारी तय करे लेकिन यहां तो सत्ता पक्ष ही संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का काम कर रहा है।”कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र को भव्य इमारत बनाने से नहीं बल्कि संसदीय परंपराओं का पालन करके ही संसद को जिंदा रखा जा सकता है। लोकतंत्र में जहां स्वच्छंद रूप से चर्चा करने और अपनी बात कहने की जगह थी वह सिकुड़ती जा रही है। केवल बड़ी इमारत खड़ी कर देने से प्रजातंत्र मजबूत नहीं होता।उन्होंने कहा, “देश में पिछले और इस वर्ष भी बेरोजगारी का आकंडा बढ़ रहा है और युवा बेरोजगारों की संख्या 42 प्रतिशत पहुंच गई है लेकिन इस बारे में कोई चर्चा नहीं होती है। मार्च में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में 95 लाख रोजगार घट गया। औद्योगिक सेक्टर में लगभग 72 लाख रोजगार घटा। रिटेल सेक्टर में करीब 65 लाख रोजगार कम हुए। मार्च में बेरोजगारी दर का आंकड़ा हम सबने देखा लेकिन अब सवाल है कि सरकार ने क्या कदम उठाए।”प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर जो फैसला आया है और उस पर सरकार ने जिस तरह से कार्रवाई की है यदि यही पैमाना सब पर लागू हो तो संसद खाली हो जाएगी और ज्यादा लोग संसद से बाहर होंगे। उनका कहना था कि पहले भी जेपीसी बनी है और वर्ष 1992 के बाद कई बार जेपीसी का गठन हुआ है इसलिए इस बार भी सरकार को जेपीसी का गठन करना चाहिए।

प्रियंका चोपड़ा लाडली बेटी के साथ ट्विनिंग करती दिखीं एक्ट्रेस

priynka chupda

नई दिल्ली : बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा आए दिन किसी न किसी वजह से चर्चा में रहती हैं. हाल ही में प्रियंका चोपड़ा नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) के लिए मुंबई में अपने परिवार के साथ मौजूद थीं. वहीं अब प्रियंका वापस अमेरिका जा चुकी हैं. ईस्टर के मौके पर एक्ट्रेस ने कुछ खूबसूरत तस्वीरों को अपने इंस्टा हैंडल पर शेयर किया है. इन तस्वीरों में उनकी बेटी मालती की भी झलक देखने को मिल रही है. प्रियंका ने एक के बाद एक कई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वे मालती के साथ ट्विनिंग करती भी नजर आईं.
प्रियंका चोपड़ा ने ईस्टर पर कुल पांच तस्वीरों को शेयर किया है. पहली तस्वीर में प्रियंका और मालती को देखा जा सकता है. दूसरी फोटो में मां-बेटी एक जैसे कपड़े में ट्विनिंग करती नजर आ रही है. तीसरी और चौथी फोटो में मालती अपनी मस्ती में खेलती दिख रही हैं. जबकि आखिरी फोटो में मालती को घर के गार्डन में देखा जा सकता है, जिसमें उनके दो पेट डॉग भी नजर आ रहे हैं. प्रियंका चोपड़ा ने महज कुछ घंटे पहले ही इन तस्वीरों को शेयर किया है, जिस पर 4 लाख से भी अधिक लाइक्स आ गए हैं

अशोकनगर विधायक जज्जी के जाति प्रमाण पत्र का मामला, आवेदन खारिज अब चुनाव याचिका में चार मई को होगी गवाही

अशोकनगर विधायक जज्जी के जाति प्रमाण पत्र का मामला, आवेदन खारिज अब चुनाव याचिका में चार मई को होगी गवाही

ग्वालियर, हाई कोर्ट की एकलपीठ ने अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव याचिका की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने चार मई की तारीख गवाही के लिए लगा दी है। याचिकाकर्ता को अपने गवाह उपस्थित रखने होंगे।

लड्डूराम कोरी ने वर्ष 2018 में जज्जी के खिलाफ भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे जज्जी से चुनाव हार गए। इसके बाद उनके खिलाफ 2019 में चुनाव याचिका हाई कोर्ट में दायर की। साथ ही एक रिट पिटीशन भी दायर की, जिसमें जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी गई थी।

हाई कोर्ट की एकलपीठ ने रिट पिटीशन का निराकरण करते हुए जज्जी का जाति प्रमाण पत्र रद कर दिया था। उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। रिट पिटीशन के आदेश पर युगलपीठ ने रोक लगा दी, लेकिन चुनाव याचिका की सुनवाई एकलपीठ में की जा रही है।
जज्जी ने न्यायालय में भारतीय दंड सहिता की धारा 10 के तहत एक आवेदन पेश किया। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी है। जब तक रिट अपील का फैसला नहीं आता है तो तब तक चुनाव याचिका की सुनवाई रोकी जाए।
इसके जवाब में लड्डूराम कोरी के अधिवक्ता संगम जैन ने तर्क दिया कि रिट पिटीशन जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ की थी। रिट पिटीशन व चुनाव याचिका अलग-अलग हैं। इस कारण चुनाव याचिका की सुनवाई नहीं रोकी जा सकती है। कोर्ट ने जज्जी का आवेदन खारिज कर दिया और गवाही की तारीख निर्धारित कर दी।

Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan पिटी तो सलमान खान होंगे जिम्मेदार?

Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan salmaan khan

मुंबई, सलमान खान की मचअवेटेड फिल्म ‘किसी का भाई किसी का जान’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है. सोमवार को ट्रेलर रिलीज इवेंट में दबंग खान का मजेदार अंदाज दिखा. उनके सेंस ऑफ ह्यूमर ने लोगों का खूब एंटरटेन किया. एक्टर ने मजाकिया अंदाज में बताया क्या होगा अगर ये मूवी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली.

सलमान का कहना है अगर ‘किसी का भाई किसी की जान’ फ्लॉप हुई, तो मूवी के डायरेक्टर उन्हें ही कोसेंगे. हुआ यूं कि डायरेक्टर फरहाद सामजी ने फिल्म की सक्सेस पर कहा अगर सलमान खान हैं, तो कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. डायरेक्टर की इस बात पर सलमान खान ने तुरंत रिएक्ट किया. उन्होंने कहा- अगर ये फिल्म नहीं चली, तो पूरा बिल मेरे पर फटेगा. तब फरहाद कहेंगे- ये ही है वो आदमी जिसकी वजह से फिल्म नहीं चली. ऑरिजनल स्क्रिप्ट अभी भी मेरे पास है. सलमान का ये जवाब सुन वहां मौजूद लोग हंसने लगते हैं.

मंत्रि-परिषद ने लिया म.प्र. राज्य मिलेट मिशन योजना लागू करने का निर्णय

news-cm

भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना का क्रियान्वयन संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास के माध्यम से सभी जिलों में किया जायेगा। योजना की अवधि 2 वर्ष (2023-24 एवं वर्ष 2024-25) की होगी। इन 2 वर्षों में योजना में 23 करोड़ 25 लाख रूपए व्यय किए जाएंगे। किसानों को मोटे अनाज के उन्नत प्रमाणित बीज सहकारी/शासकीय संस्थाओं से 80 प्रतिशत अनुदान पर प्रदान किए जाएंगे। योजना की मॉनिटरिंग के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी।

मिलेट मिशन योजना की गतिविधियों का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मिलेट फसलों के उत्पादन, प्र-संस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं राज्य के बाहर अध्ययन भ्रमण होंगे। मिलेट को बढ़ावा देने के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मेले, कार्यशाला, सेमीनार, फूड फेस्टिवल, रोड-शो किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मिलेट अनाज की फसलें कभी प्रदेश की खान-पान की संस्कृति के केंद्र में थी। वर्तमान में इन फसलों के पोषक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए इन्हें बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। इन फसलों की खेती प्रायः कम उपजाऊ क्षेत्रों में की जाती है। वर्तमान में उपभोक्ताओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से मिलेट फसलों की माँग बढ़ रही है। कोदो, कुटकी, रागी, सांवा जैसी फसलें स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभदायक हैं। इन मिलेट फसलों के महत्व के दृष्टिगत इनको पोषक अनाज का दर्जा दिया गया है। इन फसलों के अनाज आयरन, कैल्शियम, फाइबर आदि से भरपूर होते हैं। साथ ही इनमें वसा का प्रतिशत भी कम होता है, जिससे हृदय रोगी एवं डायबिटीज रोगियों के द्वारा इनका उपयोग सुरक्षित पाया गया है। इसलिए किसानों के बीच मिलेट फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने एवं मिलेट फसलों से तैयार व्यंजनों का प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है। मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी, ज्वार एवं रागी के क्षेत्र विस्तार, उत्पादकता एवं उत्पादन वृद्धि की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। साथ ही मिलेट फसलों के बढ़ते बाजार के दृष्टिगत मूल्य संवर्धन (Value Addition) की संभावना भी काफी अधिक है। प्रदेश में शासकीय कार्यक्रमों में जहाँ भोजन की व्यवस्था की जाती है, एक व्यंजन मोटे अनाज का भी रखा जायेगा। छात्रावास एवं मध्यान्ह भोजन में सप्ताह में एक दिन मोटे अनाज का उपयोग हो, इसकी व्यवस्था की जायेगी।

गेहूँ निर्यात पर मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति संबंधी संशोधन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने गेहूँ निर्यात पर मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति संबंधी विभागीय अधिसूचना 7 अप्रैल 2022 में संशोधन की स्वीकृति दी। संशोधन अनुसार प्रदेश के किसी भी कृषि उपज मंडी क्षेत्र में निर्यात के उद्देश्य से क्रय की गई अधिसूचित कृषि उपज “गेहूँ” पर मंडी फीस की प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान करने पर विचार किया जायेगा। मंडी फीस की प्रतिपूर्ति, अधिसूचित कृषि उपज “गेहूँ” की भुगतान पत्रक से क्रय की गई मात्रा पर प्राप्त होगी। देश के अन्य राज्यों से व्यापारियों द्वारा वाणिज्यिक प्रयोजन के अनुक्रम में क्रय एवं विक्रय की गई अधिसूचित कृषि जिन्स पर मंडी फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की जायेगी। मंडी फीस की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा। मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि का वहन मंडी बोर्ड के बजट प्रावधान के कृषि उपज निर्यात प्रोत्साहन मद से किया जावेगा।

ट्रांसजेण्डर को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने ट्रांसजेण्डर को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग की सूची के क्रमांक 93 के बाद क्रमांक 94 में सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की।

उज्जैन में डुंगरिया सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा डुंगरिया सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 104 करोड़ 74 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3 हजार हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से उज्जैन के महिदपुर विकासखण्ड के 8 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

टिकटोली डिस्ट्रीब्यूटरी परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा टिकटोली डिस्ट्रीब्यूटरी (हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर से पोषित) परियोजना लागत 44 करोड़ 90 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3 हजार 700 हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना से ग्वालियर जिले के 27 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान में (PM-AASHA) प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) एवं मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) में ग्रीष्मकालीन वर्ष 2021-22 (विपणन वर्ष 2022-23) में मूंग एवं उड़द का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन, राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।

फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप को केंद्र के साथ बिहार, तमिलनाडु सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया

news-kashyap

दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में हिंदी भाषी प्रवासी मजदूरों पर हमलों के संबंध में फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप याचिका पर मंगलवार को केंद्र के साथ बिहार, तमिलनाडु सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। याचिकाकर्ता कश्यप ने अपने खिलाफ दर्ज सभी पांच प्राथमिकियों (एफआईआर) की सुनवाई को एक जगह करने का अनुरोध किया है।न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति संजय करोल की पीठ ने कश्यप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे एवं संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया।पीठ के समक्ष श्री दवे ने अनुरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को दो राज्यों में पांच मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने पत्रकार अर्नब गोस्वामी के मामले का उल्लेख करते हुए करते हुए कहा कि एक अपराध कई मामलों को जन्म नहीं दे सकता। उन्होंने अदालत से यह निर्देश देने की गुहार लगाई कि बिहार में प्राथमिकी को मुख्य प्राथमिकी बनाया जाए और अन्य सभी मामलों को वहां स्थानांतरित किया जाए।श्री दवे ने पीठ के समक्ष कहा कि उनके मुवक्किल को तमिलनाडु ले जाया गया है, जहां वह भाषा नहीं समझ सके।तमिलनाडु सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। कश्यप को पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया जा चुका है।श्री सिब्बल ने पीठ से अनुरोध करते हुए मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केंद्र, तमिलनाडु और बिहार सरकारों से जवाब एक सप्ताह में दाखिल करने का आदेश देते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को की जाएगी।इससे पहले कश्यप को मदुरै की एक अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

राम माधव पर कार्रवाई करें मोदी : कांग्रेस

pawan kheda

दिल्ली, कांग्रेस ने कहा है कि कई राज्यों के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने 300 करोड़ की रिश्वत के एक मामले का खुलासा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता राम माधव का नाम लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में उनके (माधव के) खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले मलिक ने आरएसएस नेता कहकर अपनी बात कही थी लेकिन अब उन्होंने एक ताजा साक्षात्कार में उस नेता का नाम राम माधव बताया है। माधव आरएसएस के नेता तथा मोदी के करीबी हैं। उनका कहना था कि इस खुलासे में यदि सच्चाई नहीं है तो माधव को सत्यपाल मलिक पर मानहानि का मुकदमा करना चाहिए और यदि नहीं करते हैं तो मोदी को तत्काल उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

खेड़ा ने सवाल किया कि पूर्व राज्यपाल के खुलासों पर भाजपा महासचिव राम माधव के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीस जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारी क्यों नहीं आये जबकि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए मलिक ने अक्टूबर 2021 में नाम लिए बिना ख़ुलासा किया था कि आरएसएस के एक प्रमुख नेता ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फ़ाइलें मंज़ूर कराने के लिए 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की थी। मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राजयपाल रहे और फिर मेघालय के राज्यपाल बने थे।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मलिक ने इस संबंध में बड़ा खुलासा करते हुए एक यूट्यूब चैनल से कहा कि उस समय उन्होंने आरएसएस के जिस नेता की तरफ इशारा किया था वह भाजपा नेता राम माधव थे।

इस पर माधव ने मलिक के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी और खुद पर लगे आरोपों को झूठ बताया है।
प्रवक्ता के अनुसार मालिक ने ताजा साक्षात्कार में कहा “यदि वह दो फ़ाइलें मैं मंज़ूर कर देता तो मुझे 300 करोड़ रुपए मिल जाते। इनमें से दो फ़ाइलें जल विद्युत परियोजना से संबंधित थीं और एक इश्योरेंस मामले से जुड़ी थी। मैंने प्राइवेट इंश्योरेंस बंद कर सीजीएचएस लागू करते हुए कहा था कि मैं गलत काम नहीं करूंगा। इसमें जो अस्पताल चयनित किए गये हैं वे महज 4-5 हैं और सब थर्ड ग्रेड के हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सुबह से शाम तक भ्रष्टाचार विरोधी होने का राग अलापते रहते हैं तो रा) कांग्रेस ने कहा है कि कई राज्यों के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने 300 करोड़ की रिश्वत के एक मामले का खुलासा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता राम माधव का नाम लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में उनके (माधव के) खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले मलिक ने आरएसएस नेता कहकर अपनी बात कही थी लेकिन अब उन्होंने एक ताजा साक्षात्कार में उस नेता का नाम राम माधव बताया है। माधव आरएसएस के नेता तथा मोदी के करीबी हैं। उनका कहना था कि इस खुलासे में यदि सच्चाई नहीं है तो माधव को सत्यपाल मलिक पर मानहानि का मुकदमा करना चाहिए और यदि नहीं करते हैं तो मोदी को तत्काल उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

मोदी ने की, शाह की अरुणाचल प्रदेश यात्रा की सराहना

modiji

 

दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए आज कहा कि इससे राज्य के दूरदराज के इलाकाें में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाएंगे।श्री मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के दौरान आईटीबीपी द्वारा किबीथू में शुरू की गयी कई योजनाओं के बारे में तस्वीर सहित ट्वीट का जवाब देते हुए उक्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है।एक ट्वीट में श्री शाह ने कहा कि उन्होंने किबिथू में आईटीबीपी द्वारा शुरू की गई ढेर सारी योजनाओं के साथ 9 मिनी-सूक्ष्म पनबिजली परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी में भी भाग लिया है।इस पर प्रधानमंत्री ने श्री शाह के ट्वीट के जवाब में ट्वीट किया, “ये विकास कार्य अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगे।”

RPF में नौ हजार उपनिरीक्षकों एवं हवलदारों की भर्ती वाली खबरें फेक है

Indian-Railways jobs

 

दिल्ली,  रेल मंत्रालय ने आज स्पष्ट किया कि रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) में नौ हजार उपनिरीक्षकों एवं हवलदारों की भर्ती के संबंध में प्रिंट एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित प्रचारित खबर असत्य एवं निराधार है।रेल मंत्रालय ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा कि आरपीएफ में नौ हजार उपनिरीक्षकों एवं हवलदारों की भर्ती के बारे में प्रिंट एवं सोशल मीडिया में एक असत्य एवं भ्रामक संदेश प्रचारित है। सभी संबद्ध पक्षों को यह सूचित किया जाता है कि इस आशय की ऐसी कोई अधिसूचना आरपीएफ या रेल मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट अथवा किसी प्रिंट या इलैक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी नहीं की है।

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

0
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
yogi modi modal

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

0
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...