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दिल्ली, कांग्रेस ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट का पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ रविवार को किये उपवास को पार्टी विरोधी मानते हुए उनके खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करने के संकेत दे दिए हैं।कांग्रेस के राजस्थान के प्रभारी महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार देर रात यहाँ जारी एक बयान में पायलट के कल दिन भर के उपवास को पार्टी हित के विरुद्ध बताते हुए कांग्रेस विरोधी गतिविधि करार दिया है।उन्होंने कहा कि पायलट को यदि सरकार से शिकायत थी तो उसे अपनी सरकार के साथ उठाने में किसी को कोई समस्या नहीं होती। ऐसे मुद्दों को मीडिया में ले जाने की बजाय पार्टी मंचों पर उठाकर उन पर चर्चा की जा सकती है।रंधावा ने कहा “मैं पिछले 5 महीने से राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी हूं और पायलट ने मेरे साथ इस मुद्दे पर कभी चर्चा नहीं की। मैं उनके संपर्क में हूं। वह पार्टी के लिए अहम है और मैं उनसे अब भी शांतिपूर्ण तरीके से संवाद करने की अपील करता हूं।”

मुख्यमंत्री चौहान ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर किया नमन

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सामाजिक समानता, महिला शिक्षा के अग्रदूत और सत्यशोधक समाज के संस्थापक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री चौहान ने महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा छुआछूत, नारी शिक्षा, कमजोर और किसानों के कल्याण एवं उत्थान के लिए किए गए संघर्ष और योगदान का स्मरण किया। महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। निर्धन तथा निर्बल वर्ग को न्याय दिलाने के लिए ज्योतिबा ने ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना 1873 में की। उनकी समाज-सेवा देख कर वर्ष 1888 में मुंबई की एक विशाल सभा में उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि दी गई। महात्मा फुले ने महिलाओं और दलितों के उत्थान के अनेक कार्य किए। वे समाज के सभी वर्गों को शिक्षा प्रदान करने के प्रबल समर्थक थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे। महात्मा फुले बाल विवाह के विरोधी थे, विधवा विवाह को उन्होंने समर्थन दिया। वे समाज को कुप्रथाओं और अंध-श्रद्धा के जाल से मुक्त करना चाहते थे। महात्मा फुले महिलाओं को स्त्री-पुरुष भेदभाव से बचाना चाहते थे। उन्होंने भारत में पहली कन्या पाठशाला पुणे में स्थापित की। स्त्रियों की तत्कालीन दयनीय स्थिति से फुले बहुत व्याकुल और दुखी थे। इसीलिए उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वे समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाकर ही रहेंगे। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्री बाई फुले को स्वयं शिक्षा प्रदान की। सावित्री बाई फुले भारत की प्रथम महिला अध्यापिका थी। महात्मा ज्योतिबा फुले का निधन 28 नवम्बर 1890 को पुणे में हुआ।

उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में राज्यव्यापी ‘पथ संचलन’ (रूट मार्च) अनुमति का फैसला सुनाया

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दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को तमिलनाडु में राज्यव्यापी ‘पथ संचलन’ (रूट मार्च) करने की मद्रास उच्च न्यायालय की अनुमति को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी और आरएसएस को तमिलनाडु में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यव्यापी ‘पथ संचलन’ (रूट मार्च) अनुमति का फैसला सुनाया। तमिलनाडु सरकार ने उच्च न्यायालय के 10 फरवरी 2023 के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें ‘पथ संचलन’ की इजाजत दी गई थी। आरएसएस ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और ‘गांधी जयंती’ के मद्देनजर राज्य में ‘पथ संचलन’ करने की अनुमति अक्टूबर 2022 में तमिलनाडु सरकार से मांगी थी। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आरएसएस ने पथ संचलन की इजाजत के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की उस दलील के बाद सुनवाई स्थगित कर दी थी, जिसमें कहा गया था कि वह आरएसएस से बातचीत कर ‘पथ संचलन’ विवाद का हल निकालने का प्रयास करेगी। सरकार ने अदालत को बताया था कि वह प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए उपयुक्त मार्गों को तलाशने के वास्ते
आयोजक आरएसएस से बातचीत करेगी। पीठ ने तीन मार्च को राज्य सरकार की इस दलील के बाद ‘पथ संचलन’ के प्रस्तावित मार्गों पर 17 मार्च तक आरएसएस के साथ बातचीत करने की अनुमति दी थी। पीठ के समक्ष सरकार का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा था कि राज्य सरकार ने आरएसएस के ‘पथ संचलन’ का विरोध नहीं किया, बल्कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील मार्गों का मुद्दा उठाया था। पीठ के समक्ष दलील देते हुए रोहतगी ने कहा था कि राज्य सरकार प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की गतिविधियों और बम विस्फोटों से प्रभावित छह जिलों में राज्यव्यापी ‘पथ संचलन’ को प्रतिबंधित करना चाहती है। वरिष्ठ अधिवक्ता रोहतगी कहा था कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने हमारी (राज्य सरकार की) दलीलों पर सहमति जताई, लेकिन खंडपीठ ने अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे (पथ संचलन काे) अनुमति दे दी थी। शीर्ष अदालत के समक्ष वकील जोसेफ अरस्तू के माध्यम से दायर अपनी अपील में तमिलनाडु सरकार ने तर्क दिया था कि इस तरह के ‘पथ संचलन’ की अनुमति देने से राज्य में कानून-व्यवस्था समेत अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। याचिका में कहा गया है कि मार्च के खिलाफ राज्य का निर्णय सार्वजनिक
व्यवस्था बनाए रखने के लिए संविधान के अनुच्छेद 19 (2) के तहत मौलिक अधिकारों पर उचित प्रतिबंधों के तहत था। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में सितंबर 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध के मद्देनजर सार्वजनिक शांति भंग की आशंका से संबंधित रिपोर्टों का भी हवाला दिया था ।मद्रास उच्च न्यायालय के एकल पीठ के फैसले को आरएसएस ने दो सदस्यीय पीठ के समक्ष चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की पीठ ने फरवरी में अपने आदेश में आरएसएस की याचिका को स्वीकार कर लिया था और उसे पथ संचलन की अनुमति दी थी।उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने यह भी कहा था कि राज्य को नागरिकों के भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को बनाए रखना चाहिए।

हुजूर विधानसभा में गेंहू तुलाई विवाद बढ़ा, ज्ञानचंदनी ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी

भोपाल, हुजूर विधानसभा के कोडिया देव गेहूं उपार्जन केन्द्र को बंद किये जाने से किसान नाराज है। अब कांग्रेस भी किसानों के समर्थन में मैदान में लड़ाई की चेतावनी दे रही है। कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी तुलाई के लिए परेशान किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने बताया कि उनके गांव में पिछले 15 सालों से गेंहू उपार्जन होता आ रहा है लेकिन इस बार गांव में उपार्जन बन्द करके 15 किलोमीटर दूर मूंडला गांव में कर दिया गया है हमारे गांव के ही वेयर हाउस में 35 हजार क्विंटल अनाज की क्षमता खाली है दूर तुलाई केंद्र किये जाने से किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है और इसकी वजह से कोडिया और आसपास के किसानों में नाराजगी है तमाम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी तुलाई केंद्र नहीं बदला जा रहा है।

नरेश ज्ञानचंदनी ने आरोप लगाया की मूंडला वेयर हाउस भाजपा नेता का है इस वजह से आसपास के वेयरहाउस बन्द करके निर्माण पूरा नहीं होने के बावजूद भी उस पर तुलाई की जा रही है। साथ ही इस वेयरहाउस पर न तो छाया के लिए टेंट की व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की इसके अलावा ग्रामीणों ने मुंडला वेयर हाउस पर गेंहूँ चोरी करने और तुलाई में एक क्विंटल पर 1600 ग्राम गेंहू अधिक लेने तक के आरोप लगाए।

 

मूंडला वेयर हाउस पहुंचे नरेश ज्ञानचंदानी ने किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब स्थानी वेयरहाउस खाली हैं तो उसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा है? क्यों जानबूझकर किसानों को परेशान किया जा रहा है उन्होंने कहा की किसान भी जानते हैं कि ये वेयरहाउस किसका है और अधिकारी किसके दवाब में काम कर रहें है उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि जल्द से जल्द बन्द पड़े सभी वेयरहाउस पर तुलाई चालू करें उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा को अगर 2 दिन के वेयरहाउस पर तुलाई चालू नहीं हुई तो प्रसाशन जिम्मेदार होगा और वो किसानों के साथ धरना प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।

गडकरी ने जोजिला दर्रे और सोनमर्ग सुरंगों के काम का जायजा लिया

श्रीनगर, केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी ने सोमवार को रणनीतिक रुप से महत्वूपूर्ण सुरंगों के काम का जायजा लेने के लिए जोजिला दर्रे और सोनमर्ग का दौरा किया।ज़ोजिला सुरंग और जेड-मोड़ सुरंगें कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के बीच साल भर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक परियोजना का हिस्सा हैं। यह मार्ग भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों के दौरान बंद रहता है। गडकरी के साथ निरीक्षण के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग पर संसदीय सलाहकार समिति के सदस्य भी थे।अधिकारी ने कहा कि 6.5 किलोमीटर जेड- मोड सुरंग पर काम साल के अंत तक पूरा हो जाएगा तथा तेरह किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग पर काम 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। जोजिला सुरंग देश में सबसे लंबी सड़क सुरंग है।केन्द्रीय मंत्री ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा कि केन्द्र सरकार ने ज़ोजिला सुरंग परियोजना में आधुनिक तकनीक के उपयोग से 5000 करोड़ रुपये बचाए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 19 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत जोजिला में 6800 करोड़ रुपये की लागत से 13.14 किलोमीटर लंबी सुरंग एवं अप्रोच रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह 7.57 मीटर ऊंची घोड़े की नाल के आकार की सिंगल ट्यूब, 2-लेन सुरंग है, जो कश्मीर में गांदरबल और लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास शहर के बीच हिमालय में जोजिला दर्रे के नीचे से गुजरेगी।उन्होंने कहा कि परियोजना में एक स्मार्ट टनल (एससीएडीए) प्रणाली शामिल है, जिसका निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि का उपयोग करके किया गया है। यह सीसीटीवी, रेडियो कंट्रोल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और वेंटिलेशन जैसी सुविधाओं से लैस है।अब तक ज़ोजिला सुरंग का 28 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस सुरंग के बनने से लद्दाख के लिए हर मौसम में कनेक्टिविटी हो जाएगी। अब जोजिला दर्रे को पार करने में औसत यात्रा समय कभी-कभी तीन घंटे लग जाते हैं, इस सुरंग के पूरा होने के बाद यात्रा का समय घटकर 20 मिनट रह जाएगा।एक अन्य ट्वीट में कहा गया है कि यह सुरंग कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच साल भर संपर्क बनाए रखेगी, जो लद्दाख के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय सामानों की मुक्त आवाजाही और आपात स्थिति में भारतीय सशस्त्र बलों की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

कांग्रेस का आरोप सरकार को अपने जासूसों पर भरोसा नही, नए उपकरण ‘कॉग्नाइट’ की खरीद में जुटी

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दिल्ली, कांग्रेस ने कहा है कि ‘न्यूनतम शासन और अधिकतम सेवा’ की बात करने वाली मोदी सरकार झूठ के सहारे चल रही है और उसकी असलियत सामने नहीं आए इसलिए ‘पेगासस’ की बदनामी के बाद अब जासूसी के लिए करोड़ों रुपए की लागत से ‘कॉग्नाइट’ उपकरण की खरीद कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार को अपने जासूसों पर भरोसा नहीं है इसलिए वह जासूसी संचार उपकरणों पर ज्यादा भरोसा कर रही है। पेगासस को लेकर पोल खुलने के बाद अब वह ‘कॉग्नाइट’ नाम के जिस नये जासूसी उपकरण को खरीद रही है वह पेगासस का विकल्प है और इसकी खरीद पर आम लोगों का 986 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।उन्होंने व्यापार डाटा के विवरणों को आधार बनाते हुए सरकार से सवाल किया है कि क्या यह सच नहीं है कि रक्षा मंत्रालय के माध्यम से पेगासस के विकल्प के रूप से ‘कॉग्नाइट’ से कुछ जासूसी ‘संचार उपकरण’ खरीदे गये हैं। उनका कहना था कि सरकार को बताना चाहिए कि क्या किसी मंत्रालय ने इस जासूसी उपकरण की खरीद के अनुरोध का प्रस्ताव किया है और यदि किया है तो उस मंत्रालय का नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसमें यह भी खुलासा होना चाहिए कि कॉग्नाइट संचार उपकरण पर कुल कितना खर्च आया है।प्रवक्ता ने उद्योगपति अडानी का नाम लिये बिना कहा कि सरकार शायद अपने ‘परम मित्र’ को बचाने के लिए यह सारे उपाय कर रही है। पहले कैंब्रिज एनालिटिका-सीए, फिर ‘पेगासस’ और ‘टीम जॉर्ज’ के नेतृत्व में इज़राइली कॉन्ट्रैक्ट हैकर्स का इस्तेमाल किया और अब देश की राजनीतिक व्यवस्था तथा लोकतंत्र में दखल देने के लिये नये जासूसी उपकरण की तलाश की जा रही है। ऐसा लगता है कि ‘मित्र’ को बचाने के लिए सरकारी तंत्र और निधि का इस्तेमाल कर विपक्ष पर तांक-झाँक करना इस सरकार की मजबूरी है और इसीलिए हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च कर लोकतंत्र को कुचलने का काम करने का प्रयास किया जा रहा है।

टाइगर वर्सेज पठान में काम करेंगे जेसन मामोआ

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मुंबई, हालीवुड स्टार जेसन मामोआ आने वाली फिल्म टाइगर वर्सेज पठान में काम करते नजर आ सकते हैं।बॉलीवुड फिल्मकार आदित्य चोपड़ा ‘टाइगर वर्सेज पठान’ बनाने जा रहे हैं। ‘टाइगर वर्सेज पठान’ में शाहरुख खान और सलमान खान पठान और टाइगर के जासूस के रूप में अपनी भूमिकाओं में फिर से दिखेंगे। इस फिल्म को सिद्धार्थ आनंद निर्देशित करेंगे।इस फिल्म का बजट 300 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस फिल्म में गेम ऑफ थ्रोन्स स्टार जेसन मामोआ काम करते नजर आ सकते हैं।मेकर्स द्वारा जेसन से बात की जा रही है। फिल्म के प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा का कहना है कि जेसन सिर्फ इंडियन ही नहीं बल्कि ग्लोबल लेवल पर दर्शकों को अट्रैक्ट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस फिल्म की शूटिंग जनवरी 2024 में शुरू होगी।

त्रिपाठी की फॉर्म टीम के लिये अच्छा संकेत : मार्करम

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हैदराबाद, सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान एडेन मार्करम ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 74 रन की मैच-जिताऊ पारी खेलने वाले बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी की तारीफ करते हुए कहा है कि उनकी फॉर्म टीम के लिये अच्छा संकेत है।पंजाब ने रविवार शाम के मुकाबले में सनराइजर्स के सामने 144 रन का लक्ष्य रखा था, जिसका पीछा करते हुए मार्करम की टीम ने 45 रन पर दो विकेट गंवा दिये। राहुल ने इसके बाद सनराइजर्स की पारी को संभाला और कप्तान एडेन मार्करम के साथ 100 रन की नाबाद साझेदारी करके अपनी टीम को आठ विकेट की जीत दिलाई।

 

वैज्ञानिक संस्कृति को विकसित करने पर केंद्रित 3 दिवसीय नवप्रवर्तन महोत्सव 11 अप्रैल से

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भोपाल, राज्य में नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की संस्कृति को बढ़ावा देने एवं स्कूल कॉलेज के छात्रों और ग्रासरूट स्तर के नवप्रवर्तकों को लाभ देने के उद्देश्य से 11 से 13 अप्रैल तक नवप्रवर्तन महोत्सव का आयोजन होगा। विज्ञान प्रौद्योगिकी एवम सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा आंचलिक विज्ञान केंद्र में सुबह 10 बजे महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।एमपी स्टार्टअप सेंटर, एमएसएमई विभाग के सहयोग से आंचलिक विज्ञान केंद्र द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है।।प्रो. सुनील कुमार, कुलपति, आरजीपीवी, भोपाल, एवं पी नरहरि, आयुक्त उद्योग एवं सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम भी महोत्सव में उपस्थित रहेंगे।

आंचलिक विज्ञान केंद्र के प्रोजेक्ट समन्यव्यक साकेत सिंह कौरव ने बताया कि केंद्र के परिसर में होने वाले इस उत्सव का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेज स्तर के छात्रों एवं ग्रासरूट स्तर के नवप्रवर्तकों को कार्यशील परियोजनाओं,मॉडल और उत्पादों के रूप में अपने नवीन विचारों यानि उत्पादों और डिजाइन को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना है।

इस उत्सव में भोपाल शहर एवं प्रदेश के स्कूल, कॉलेज के छात्र एवं ग्रासरूट नवप्रवर्तक एक ही छत के नीचे तीन श्रेणियों में अपने नए अभिनव मॉडल तथा परियोजनाओं और उत्पादों, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा, आईटी, परिवहन और संचार आदि के सामने आने वाली चुनौतियों का तकनीकी समाधान प्रदान करना है। नवाचार के दृष्टिकोण और राज्य में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के प्रसार को प्रोत्साहित करने के आइडिया प्रदर्शन करेंगे जिससे राज्य के सतत विकास में लाभ मिल सके।

नवप्रवर्तन उत्सव के दौरान ही कई अन्य कार्यक्रम जैसे कि “बौद्धिक संपदा अधिकार” एवं “विद्यालयों में विज्ञान के प्रयोगों में अभिनव तरीके” विषयों पर कार्यशालाएं, “नवप्रवर्तन: आगे का रास्ता” विषय पर लोकप्रिय विज्ञान व्यख्यान, “स्टार्ट अप इंडिया” विषय पर संगोष्ठी इत्यादि का भी आयोजन विद्यार्थियों एवं आम जनमानस के लाभ हेतु किया जा रहा है। इनोवेशन फेस्टिवल 2023 के अंतर्गत आयोजित अभिनव विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

 

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 12 मरीजों की मौत

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दिल्ली, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 12 मरीजों की मौत हुई है और संक्रमण के 2,385 सक्रिय मामले बढ़े हैं।इस बीच देश में कोरोना टीकाकरण भी जारी है और इसी क्रम में पिछले 24 घंटों में 205 लोगों को टीका लगाया गया है। अब तक देश में 2,20,66,23,527 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 35,199 हो गयी है। देश में कुल संक्रमितों की संख्या 4,47,62,496 हो गयी है। वहीं मृतकों की संख्या बढ़कर 5,30,979 हो गयी है। इसी अवधि में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा 3,481 बढ़कर 4,41,96,318 पर पहुंच गया है।देश में पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में सक्रिय मामलों की संख्या में सर्वाधिक 859 की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, हरियाणा में 283, दिल्ली में 228, महाराष्ट्र में 227, तमिलनाडु में 197, उत्तर प्रदेश में 167, राजस्थान में 155, कर्नाटक में 87, ओडिशा में 73, केन्द्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में 67, जम्मू-कश्मीर में 43, पश्चिम बंगाल में 42, बिहार में 36, छत्तीसगढ़ में 24, आन्ध्र प्रदेश में 22, लद्दाख में सात, झारखंड में छह, मणिपुर और तेलंगाना में दो-दो मामले बढ़े हैं। वहीं दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में चार-चार, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र औऱ राजस्थान में क्रमशः एक-एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हो गयी।

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