गुरु पूर्णिमा सप्ताह पर गोरखनाथ मंदिर में होगा भव्य आयोजन
गुरु पूर्णिमा सप्ताह के उपलक्ष्य में गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार से भव्य रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराएंगे। कथा शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे।
सावन में भगवान शिव के साथ करें इन देवी-देवताओं की पूजा, मिलेंगे शुभ फल
सावन का महीना विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई उपाय आजमाते हैं। शिवलिंग को जल और कच्चा दूध चढ़ाना, घर में रुद्राभिषेक का आयोजन करना और सोमवार का व्रत करना।
ये ऐसे उपाय हैं जिनसे भोले बाबा का आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है। वैसे तो इस दौरान मुख्य रूप से शिव जी की पूजा की जाती है, लेकिन यदि आप उनके साथ कुछ अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी करेंगे तो शिव जी का आशीर्वाद और ज्यादा मिलेगा।
मान्यता यह भी है कि सावन के दौरान शिव परिवार और अन्य देवी-देवताओं की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
सावन में माता पार्वती की पूजा
सावन में भगवान शिव के साथ यदि आप माता पार्वती की पूजा भी करें तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शिव जी का आशीर्वाद बनी बना रहता है।
माता पार्वती को अखंड सौभाग्य की देवी माना जाता है, इसलिए वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाने के लिए आपको शिव जी के साथ माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। सावन में शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करने से दांपत्य जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
पेपर लीक मामलों में अब होगी त्वरित सुनवाई, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा: पीएम मोदी
नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की बढ़ती घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य और उनका हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों के विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेपर लीक मामलों में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
नीट पेपर लीक विवाद के बीच आया बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सरकार का यह निर्णय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से पेपर लीक मामलों का शीघ्र निपटारा होगा, जिससे दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
टैटू बनवाने वालों के लिए बड़ी चेतावनी, लापरवाही से हो सकते हैं HIV और हेपेटाइटिस जैसे गंभीर संक्रमण
नई दिल्ली। टैटू बनवाना आजकल युवाओं के बीच फैशन और अपनी पहचान जाहिर करने का लोकप्रिय तरीका बन चुका है। लेकिन यदि टैटू बनवाते समय साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाए, तो यह शौक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित या दोबारा इस्तेमाल की गई सुई और अस्वच्छ उपकरणों के कारण हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और HIV जैसे रक्तजनित संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश और दिल्ली से सामने आए कुछ मामलों ने भी टैटू बनवाने के दौरान स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के बाद विशेषज्ञ लोगों को केवल लाइसेंस प्राप्त और स्वच्छ टैटू स्टूडियो से ही टैटू बनवाने की सलाह दे रहे हैं।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
- हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद टैटू स्टूडियो का ही चयन करें।
- यह सुनिश्चित करें कि कलाकार आपके सामने नई और सीलबंद डिस्पोजेबल सुई का उपयोग करे।
- टैटू मशीन, दस्ताने और अन्य उपकरण पूरी तरह से स्टरलाइज्ड होने चाहिए।
- इस्तेमाल की जाने वाली स्याही (इंक) अच्छी गुणवत्ता की और सीलबंद होनी चाहिए।
- टैटू बनवाने के बाद डॉक्टर या टैटू विशेषज्ञ द्वारा बताए गए आफ्टर-केयर निर्देशों का पालन करें।
सिर्फ HIV ही नहीं, ये समस्याएं भी हो सकती हैं
विशेषज्ञों के अनुसार असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाने पर त्वचा में संक्रमण, एलर्जी, पस बनना, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और अन्य बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, स्वच्छ और मानक प्रक्रियाओं का पालन करने वाले स्टूडियो में यह जोखिम काफी कम माना जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह
यदि टैटू बनवाने के बाद तेज दर्द, अत्यधिक सूजन, लगातार लालिमा, पस निकलना, बुखार या असामान्य कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टैटू बनवाना पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है, बशर्ते स्वच्छता, स्टरलाइजेशन और प्रशिक्षित पेशेवरों द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मिली मंजूरी, 4 से 60 साल तक के लोगों को मिलेगा सुरक्षा कवच
नई दिल्ली। भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश के औषधि नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने QDENGA (क्यूडेंगा) को भारत की पहली अधिकृत डेंगू वैक्सीन के रूप में मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में डेंगू से बचाव के लिए उपयोग की जा सकेगी।
यह वैक्सीन जापान की फार्मास्यूटिकल कंपनी Takeda द्वारा विकसित की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार QDENGA डेंगू वायरस के सभी चार प्रमुख प्रकार (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। खास बात यह है कि इसे लगवाने के लिए पहले डेंगू संक्रमण का होना आवश्यक नहीं है।
दो डोज में लगेगी वैक्सीन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार QDENGA की दो डोज दी जाएंगी और दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। क्लीनिकल ट्रायल में इस वैक्सीन ने डेंगू के गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में अच्छे परिणाम दिखाए हैं।
WHO भी कर चुका है सिफारिश
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञ समूह ने QDENGA के उपयोग की सिफारिश की है। कई देशों में यह वैक्सीन पहले से उपयोग में है और अब भारत में इसकी मंजूरी मिलने से डेंगू नियंत्रण अभियान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत में क्यों है इसकी जरूरत?
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां हर वर्ष लाखों लोग डेंगू से प्रभावित होते हैं। मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में तेज़ वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में वैक्सीन की उपलब्धता से गंभीर संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन के साथ-साथ मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और पानी जमा न होने देना अभी भी सबसे प्रभावी उपाय हैं।
बाजार में कब आएगी?
कंपनी के अनुसार QDENGA को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। इसके भारत में निजी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से 2027 की पहली छमाही में उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है।
कलियासोत डैम के पास फिर दिखा बाघ! सड़क पार कर जंगल में जाता नजर आया, राहगीरों ने बनाया वीडियो
भोपाल। कलियासोत डैम के पास एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने इलाके में सनसनी फैला दी है। करीब 12 मिनट के एक वीडियो में बाघ को सड़क पार कर झाड़ियों में जाते हुए देखा गया है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि बाघ का मूवमेंट पिछले 5-6 दिनों से लगातार क्षेत्र में देखा जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, कलियासोत डैम, केरवा और आसपास का जंगल बाघ सहित अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक क्षेत्र है।
वहीं, बैरसिया के कलारा वन क्षेत्र में भी पिछले दो सप्ताह से तेंदुए की मौजूदगी की खबरें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गुन्नगा-कलारा और उन्नीदा-कलारा मार्ग पर कई लोगों ने तेंदुआ देखा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
⚠️ वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह है कि जंगल और वन क्षेत्र के आसपास लोगों को सतर्क रहना चाहिए और जंगली जानवर दिखाई देने पर उनके करीब जाने या वीडियो बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
Kolar News Today: कोलार रोड थाना क्षेत्र में रिश्ते के भाई की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद
भोपाल, कोलार रोड थाना क्षेत्र में 25 नवंबर 2024 को हुई राकेश लडिया की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी राहुल सिलावट को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, राहुल मृतक राकेश का रिश्ते का भाई था। राहुल, राकेश की पत्नी से शादी करना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि राहुल ने राकेश को शराब पिलाने के बाद बांके से सिर और गर्दन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया।
पुलिस को राकेश का शव कोलार स्थित होली क्रॉस स्कूल के पास झाड़ियों में मिला था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बांका भी बरामद किया गया।
अदालत ने एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।














