भोपाल मास्टर प्लान 2047: 21 साल बाद ड्राफ्ट तैयार, 1017 वर्ग किमी और 254 गांवों की योजना
भोपाल। राजधानी भोपाल के नए मास्टर प्लान को लेकर 21 साल से चला आ रहा इंतजार अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। 26 सितंबर 2026 तक उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार है और इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक ड्राफ्ट को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सार्वजनिक किए जाने की तैयारी है। इसके बाद नागरिकों और संबंधित पक्षों से दावे-आपत्तियां तथा सुझाव लिए जाएंगे।
हालांकि, इसे अंतिम मास्टर प्लान नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी है, लेकिन अंतिम मास्टर प्लान के प्रकाशन से पहले न्यायालय को इसकी जानकारी देना और आगे की अनुमति लेना जरूरी रहेगा।
भोपाल Master Plan 2047 में क्या प्रस्तावित है?
पहले सामने आए ड्राफ्ट से जुड़ी जानकारी के अनुसार प्रस्तावित Bhopal Master Plan 2047 में लगभग 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल करने की योजना है। इसका उद्देश्य भोपाल के भविष्य के आवासीय विस्तार, परिवहन, सड़क नेटवर्क, व्यावसायिक गतिविधियों, उद्योग, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय जरूरतों के अनुरूप विकास की रूपरेखा तैयार करना है।
यानी प्रस्तावित प्लान केवल मौजूदा शहर के लिए नहीं, बल्कि भोपाल के आसपास के नियोजन क्षेत्र के भविष्य के विस्तार को भी ध्यान में रखता है।
2005 के बाद क्यों महत्वपूर्ण है नया मास्टर प्लान?
भोपाल में मौजूदा विकास व्यवस्था लंबे समय से पुराने मास्टर प्लान पर आधारित रही है। सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर 2026 की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि भोपाल का मास्टर प्लान 1995 के बाद संशोधित नहीं हुआ, जबकि समाचार रिपोर्टों में 2005 के प्लान को मौजूदा आधार के रूप में बताया गया है। इसलिए खबर में “2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ” कहना अधिक सुरक्षित और तथ्यात्मक है।
नए प्लान की प्रक्रिया पहले भी आगे बढ़ी थी। वर्ष 2021 में Master Plan-2031 का ड्राफ्ट तैयार किया गया था, लेकिन वह अंतिम रूप से लागू नहीं हो सका। बाद में 2047 को लक्ष्य बनाकर नई योजना तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
1017 वर्ग किमी और 254 गांव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
यदि प्रस्तावित आंकड़े अंतिम ड्राफ्ट में भी कायम रहते हैं, तो करीब 1,017 वर्ग किमी नियोजन क्षेत्र और 254 गांवों के कारण मास्टर प्लान का प्रभाव वर्तमान नगर सीमा से काफी व्यापक होगा।
इससे मुख्य रूप से इन विषयों पर असर पड़ेगा:
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भूमि उपयोग यानी Land Use Planning
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नए आवासीय क्षेत्र
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व्यावसायिक क्षेत्र
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मिश्रित भूमि उपयोग
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सड़क और परिवहन नेटवर्क
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औद्योगिक क्षेत्र
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सार्वजनिक एवं संस्थागत सुविधाएं
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हरित एवं पर्यावरणीय क्षेत्र
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भविष्य की आबादी के लिए आधारभूत ढांचा
इन प्रावधानों की अंतिम स्थिति आधिकारिक ड्राफ्ट के प्रकाशित होने के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।
Residential और Commercial Land Use पर सबसे ज्यादा नजर
भोपाल मास्टर प्लान का मौजूदा विवाद रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर की सुनवाई में स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता की जांच मौजूदा मास्टर प्लान और लागू Building By-laws के आधार पर की जाएगी। नया ड्राफ्ट आने से वर्तमान भूमि उपयोग अपने आप नहीं बदल जाएगा।
इसका मतलब यह है कि नया ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद भी वर्तमान नियमों के तहत किसी संपत्ति की वैधता स्वतः बदल नहीं जाएगी।
18 मीटर सड़क और Mixed Land Use पर क्या स्थिति है?
मास्टर प्लान-2047 से जुड़ी पहले की रिपोर्टों में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर प्रस्तावित नियमों का उल्लेख किया गया था। वहीं 26 सितंबर की ताजा रिपोर्ट में 12 से 24 मीटर तथा 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के संदर्भ में अलग-अलग Mixed Land Use और Commercial Activity प्रावधान बताए गए हैं।
लेकिन यहां महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है:
जब तक आधिकारिक Gazette/अधिसूचना का मूल ड्राफ्ट उपलब्ध नहीं होता, इन सड़क-चौड़ाई आधारित प्रावधानों को अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए।
यही बात 15 मंजिल या मेट्रो कॉरिडोर के आसपास निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रावधानों पर भी लागू होती है।
सुप्रीम कोर्ट का ताजा निर्देश क्या है?
22 सितंबर 2026 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी। लेकिन अंतिम मास्टर प्लान प्रकाशित करने से पहले न्यायालय की अनुमति आवश्यक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित बताई गई है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता का परीक्षण मौजूदा मास्टर प्लान और लागू भवन उपविधियों के अनुसार होगा।
8,084 प्रतिष्ठानों को नोटिस का मामला क्या है?
भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई भी इसी विवाद का हिस्सा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम की सूची में 62,500 प्रतिष्ठान दर्ज थे, जिनमें से 8,084 को नोटिस दिए गए और करीब 190 प्रतिष्ठानों को बंद/सील करने की कार्रवाई की गई।
इसलिए नया Master Plan-2047 व्यापारियों, मकान मालिकों, कॉलोनियों और जमीन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान नियमों के तहत चल रही कार्रवाई केवल ड्राफ्ट प्रकाशित होने से समाप्त नहीं होगी।
अब आगे क्या होगा?
ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण दावे और आपत्तियां होगा। नागरिक, जमीन मालिक, कारोबारी, कॉलोनी प्रतिनिधि और अन्य संबंधित पक्ष प्रस्तावित भूमि उपयोग तथा विकास व्यवस्था का अध्ययन करके निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे।
इसके बाद प्रस्तावों और प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम Master Plan के प्रकाशन के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की शर्त भी महत्वपूर्ण रहेगी।
भोपाल Master Plan 2047: एक नजर में
विषय |
उपलब्ध जानकारी |
|---|---|
प्लान |
Bhopal Master Plan 2047 |
वर्तमान स्थिति |
ड्राफ्ट तैयार/प्रकाशन प्रक्रिया |
प्रस्तावित नियोजन क्षेत्र |
करीब 1,017 वर्ग किमी |
प्रस्तावित गांव |
करीब 254 |
वर्तमान आधार |
पुराने मास्टर प्लान की व्यवस्था |
मुख्य लक्ष्य |
Vision 2047 |
प्रमुख विषय |
Land Use, Housing, Transport, Infrastructure |
विवाद का प्रमुख मुद्दा |
Residential में Commercial Activity |
सुप्रीम कोर्ट |
ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति |
अंतिम प्लान |
कोर्ट की अनुमति के बाद |
अगली सुनवाई |
23 नवंबर 2026 |
AEO: भोपाल Master Plan 2047 से जुड़े सवाल
भोपाल का नया मास्टर प्लान कब जारी होगा?
26 सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार ड्राफ्ट तैयार है और इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया चल रही है। गजट प्रकाशन की आधिकारिक प्रति उपलब्ध होने के बाद तारीख की पुष्टि की जानी चाहिए।
भोपाल Master Plan 2047 में कितने गांव शामिल हैं?
उपलब्ध ड्राफ्ट संबंधी रिपोर्टों के अनुसार करीब 254 गांव प्रस्तावित नियोजन क्षेत्र में शामिल हैं।
Master Plan 2047 में भोपाल का क्षेत्र कितना होगा?
प्रस्तावित योजना से जुड़ी रिपोर्टों में करीब 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का उल्लेख है। अंतिम आधिकारिक आंकड़ा Gazette/अंतिम अधिसूचना से सत्यापित किया जाना चाहिए।
क्या नया मास्टर प्लान आने से पुराने Land Use बदल जाएंगे?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट के 22 सितंबर के आदेश के अनुसार फिलहाल किसी संपत्ति या निर्माण की वैधता मौजूदा मास्टर प्लान और लागू भवन उपविधियों के आधार पर जांची जाएगी।
क्या रिहायशी क्षेत्र में दुकान चलाने की अनुमति मिल जाएगी?
सिर्फ नया ड्राफ्ट आने से वर्तमान रिहायशी भूमि का उपयोग स्वतः Commercial नहीं हो जाता। अंतिम नियम आधिकारिक मास्टर प्लान और लागू भूमि उपयोग प्रावधानों से तय होंगे।
क्या 18 मीटर सड़क पर ही कारोबार की अनुमति होगी?
18 मीटर सहित सड़क चौड़ाई से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव मीडिया रिपोर्टों में सामने आए हैं, लेकिन आधिकारिक Gazette के मूल प्रावधान के बिना इसे अंतिम नियम कहना उचित नहीं होगा।
भोपाल Master Plan 2047 अब ड्राफ्ट स्तर से सार्वजनिक प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है। 1,017 वर्ग किलोमीटर और 254 गांवों से जुड़े प्रस्तावित आंकड़े, Vision-2047, Land Use, Transport और Residential-Commercial गतिविधियों के नियम इस योजना के प्रमुख हिस्से हैं। लेकिन ड्राफ्ट और अंतिम मास्टर प्लान में अंतर हो सकता है, इसलिए अंतिम प्रावधानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की आधिकारिक Gazette अधिसूचना को ही आधार माना जाना चाहिए।
Crime News Kolar : भोपाल में एसीपी के घर चोरी का खुलासा, 71 लाख का माल बरामद
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार रोड थाना क्षेत्र में एसीपी के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलार रोड थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने चार आरोपियों से अब तक करीब 71 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 400 ग्राम सोने के जेवरात, 500 ग्राम चांदी के जेवरात, 1 लाख 76 हजार रुपये नकद, स्विफ्ट कार, आईफोन और अन्य कीमती मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। कभी इंदौर सराफा बाजार में चोरी का माल बेचने की बात कही गई तो कभी माल को दूसरे स्थानों पर छिपाने की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा तस्दीक करने पर कई जानकारियां गलत पाई गईं। इसके बाद दोबारा पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर राजस्थान और उज्जैन से चोरी का माल बरामद किया गया।
इंदौर सराफा बाजार की कहानी निकली झूठी
पुलिस के मुताबिक आरोपी देवेन्द्र गुर्जर उर्फ देवा ने पहले इंदौर सराफा बाजार में चोरी का माल बेचने की बात बताई थी। पुलिस ने जब इस जानकारी की तस्दीक की तो कहानी गलत निकली।
इसके बाद दोबारा पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर उसके गांव नेगड़िया का खेड़ा, थाना गंगापुर, जिला भीलवाड़ा, राजस्थान से करीब 20 तोला सोने और 150 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए।
रोहित पाल ने भी पुलिस को किया गुमराह
आरोपी रोहित पाल ने भी इंदौर सराफा बाजार में व्यापारी को चोरी का माल बेचने की कहानी बताई थी। पुलिस के अनुसार तस्दीक में यह जानकारी भी गलत पाई गई।
दोबारा पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर मक्सी रोड, उज्जैन बस स्टैंड के पीछे से करीब 10 तोला सोने और 150 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए।
अब तक 71 लाख का माल बरामद
इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों से करीब 25 लाख रुपये का मशरूका बरामद कर चुकी थी। इसके बाद पुलिस रिमांड लेकर की गई पूछताछ में करीब 46 लाख रुपये का अतिरिक्त माल बरामद किया गया।
इस तरह पुलिस के अनुसार अब तक कुल करीब 71 लाख रुपये का मशरूका बरामद हो चुका है।
बरामदगी में करीब 400 ग्राम सोने के जेवरात, 500 ग्राम चांदी के जेवरात, 1 लाख 76 हजार रुपये नकद, स्विफ्ट कार, आईफोन और अन्य कीमती मोबाइल फोन शामिल हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित पाल, पवन आर्य, दीपक गुर्जर और देवेन्द्र गुर्जर उर्फ देवा के रूप में हुई है।
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार चारों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई अपराध दर्ज हैं।
11 सितंबर को दर्ज हुआ था चोरी का मामला
कोलार रोड थाना पुलिस के अनुसार 11 सितंबर 2026 को फरियादी विजय कुमार दुबे की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 561/26 दर्ज किया गया था। मामले में बीएनएस की धारा 305A और 331(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोलार रोड थाना और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान, उज्जैन और इंदौर तक जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों का दोबारा पुलिस रिमांड लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
मध्यप्रदेश पत्रकार बीमा योजना 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 सितंबर तक करें आवेदन
भोपाल। मध्यप्रदेश के पत्रकारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना 2026 में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 25 सितंबर 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया गया है।
पत्रकार अब 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन
पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना के तहत पात्र पत्रकार अब 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की समय-सीमा बढ़ाए जाने से उन पत्रकारों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं कर पाए थे।
मध्यप्रदेश में लागू इस योजना में पत्रकारों के साथ निर्धारित पात्रता के अनुसार फोटो पत्रकार और कैमरामैन भी शामिल हो सकते हैं। पंजीकृत वेब मीडिया तथा अन्य पात्र मीडिया संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए भी योजना में प्रावधान हैं।
स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का मिलेगा विकल्प
योजना के तहत पात्र पत्रकारों के लिए ₹2 लाख या ₹4 लाख का स्वास्थ्य बीमा तथा ₹5 लाख या ₹10 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध है। योजना में पात्रता और अन्य शर्तें निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होंगी।
मध्यप्रदेश पत्रकार बीमा योजना 2026 की प्रमुख जानकारी
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योजना: पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना 2026
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नई अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
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स्वास्थ्य बीमा: ₹2 लाख / ₹4 लाख
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व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: ₹5 लाख / ₹10 लाख
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पात्रता: निर्धारित नियमों के अनुसार पत्रकार, फोटो पत्रकार, कैमरामैन आदि
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आवेदन: ऑनलाइन
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विस्तृत जानकारी: मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध
पहले जारी जानकारी के मुताबिक अधिमान्य पत्रकारों की नई बीमा पॉलिसी 4 अक्टूबर 2026 से और गैर-अधिमान्य पत्रकारों की नई पॉलिसी 1 नवंबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई थी।
पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
आवेदन की अंतिम तारीख अब 30 सितंबर 2026 है। पत्रकारों को सलाह है कि वे आवेदन की पात्रता, प्रीमियम, आवश्यक दस्तावेज और अन्य नियमों की जानकारी संबंधित विभागीय निर्देशों के अनुसार जांचकर समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन पूरा करें।
मध्यप्रदेश पत्रकार बीमा योजना 2026 से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशों को अंतिम माना जाना चाहिए।
कांकेर में दूध नदी पर बनेगा हाई लेवल पुल, 16.15 करोड़ रुपये मंजूर
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दूध नदी पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए राज्य शासन ने 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। यह पुल कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर बनाया जाएगा।
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने अनावश्यक समय-वृद्धि से बचने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पूरे कार्य की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन और सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।
‘वेलकम’ फेम अभिनेता मुश्ताक खान का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे और कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे मोहसिन ने दी। करीब दो सप्ताह पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘आशिकी’ और ‘हेरा फेरी’ सहित 500 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘वेलकम’ में बल्लू के किरदार और उनके चर्चित संवाद ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
परिवार के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने से पहले भी वह शूटिंग कर रहे थे। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अभिनेता का अंतिम संस्कार 25 सितंबर को मुंबई के यारी रोड कब्रिस्तान में किया जा रहा है।
21 साल बाद MP में फिर लौटी सरकारी बस सेवा, 351 बसों से हुआ सुगम परिवहन सेवा का आगाज
मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था नए स्वरूप में फिर शुरू हो गई है। शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें रवाना की गईं।
पहले चरण में इंदौर को 145, भोपाल को 106 और जबलपुर को 67 बसें मिली हैं। इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें संचालित होंगी। इन बसों के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और बस संचालन की निगरानी के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन, GPS लाइव ट्रैकिंग और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कमांड-कंट्रोल सेंटर से बसों के रूट, लोकेशन और समयबद्धता पर नजर रखी जाएगी।
सरकार ने इस सेवा के विस्तार का बड़ा लक्ष्य भी तय किया है। योजना के तहत 2031 तक करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है, जिससे गांवों को शहरों और प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सिक्किम में भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन, रिंबी गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त
सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में गुरुवार देर रात बड़ा भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबा और चट्टानें खिसककर आबादी वाले इलाके में पहुंच गईं, जिससे कई मकान और सरकारी आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ संरचनाओं के पूरी तरह नष्ट होने की भी जानकारी सामने आई है।
भूस्खलन के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लगातार बारिश के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
फिलहाल घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।














