भोपाल से गिरफ्तार देश विरोधी संगठन एचयूटी के कर्ताधर्ता की पत्नी ने किया ये खुलासा

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भोपाल, सौरभ राजवैद्य से सलीम बने देश विरोधी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) (HUT) के कर्ताधर्ता की पत्नी मानसी अग्रवाल (अब रियाला सलीम) मुस्लिम मत अपनाने के पहले ही बुर्का पहनना शुरू कर चुकी थी। सौरभ के पिता अशोक राजवैद्य ने जब यह देखा तो उन्होंने सौरभ और उसकी पत्नी को घर से निकालने का निर्णय लिया। अंतिम बार पिछले वर्ष अगस्त में वह पत्नी के साथ माता-पिता से मिलने पहुंचा था, पर मतांतरण को लेकर कोई बात नहीं हुई। सलीम के दो बेटे हैं।

मीडिया से बातचीत में अशोक राजवैद्य ने कहा कि सौरभ का कमरा इस्लामिक साहित्य से पटा रहता था। साहित्य अंग्रेजी या उर्दू में थे। वह एक वर्ष में लगभग एक बार घर आ जाता था। डेढ़ से दो वर्ष पहले मतांतरण के संबंध में उससे बहस हुई थी। इसके बाद नाराजगी के चलते उसने घर आना बंद कर दिया था।

पिछले वर्ष सौरभ को फोन कर पुरानी बातों पर खेद जताया। इसके बाद वह घर आने के लिए तैयार हुआ। इसी कारण घर आने पर उससे मत परिवर्तन के बारे में कोई बात नहीं की। मीडिया से बातचीत में सौरभ उर्फ सलीम की पत्नी रियाला सलीम कहती हैं कि एक दिन वह सोकर उठी तो सौरभ नमाज पढ़ रहे थे। मैंने ससुर को यह जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि खामोश रहो, कुछ करते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे मुझे अपने पति की बातें सही लगने लगीं।

कोर्ट में पेश किए जाएंगे सभी 16 आरोपित

आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) द्वारा नौ मई को भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से गिरफ्तार किए गए सलीम समेत एचयूटी के सभी 16 सदस्य 19 मई तक एटीएस के रिमांड पर हैं। उन्हें शुक्रवार को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। एटीएस ने आगे रिमांड की मांग न्यायालय से नहीं की तो इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में बहनें आत्म-निर्भर हो रही हैं, परिवार और समाज में बढ़ रहा उनका सम्मान : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है मध्यप्रदेश में एक सामाजिक क्रांति हो रही है, जिसमें बहनें आत्म-निर्भर हो रही हैं और उनका परिवार और समाज में सम्मान बढ़ रहा है। आजीविका मिशन में जहाँ स्व-सहायता समूह के रूप में संगठित महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए सरकार सहायता दे रही है वहीं लाड़ली बहना जैसी योजना से उन्हें आगामी 10 जून से प्रतिमाह 1000 रूपये की राशि दी जाएगी। लाड़ली लक्ष्मी योजना में अभी तक प्रदेश की 44 लाख 90 हजार बेटियों को लखपति बनाया है।

मुख्यमंत्री चौहान आज देवास जिले के सोनकच्छ में लाड़ली बहना सम्मेलन-सह-मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना वितरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने लगभग 90 करोड़ रूपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। साथ ही मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के अधिकार पत्र और अन्य योजनाओं का लाभ वितरित किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों के साथ अन्याय समाप्त कर उन्हें वरदान बनाया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में सरकार हर गरीब कन्या का विवाह करवाती है। मुख्यमंत्री ने इस योजना में अभी तक दी जाने वाली राशि 49 हजार को बढ़ा कर 51 हजार किये जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना केवल योजना नहीं भाई-बहन का पवित्र रिश्ता है। मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में बहनों को सशक्त बनाया जा रहा है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस और शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण, सम्पत्ति की रजिस्ट्री में स्टॉम्प शुल्क में छूट जैसी योजनाओं ने बहनों को सशक्त बनाया है। हमारा प्रयास है कि हर बहन की आमदनी कम से कम 10 हजार रूपये महीना हो। बहनों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मेरी जिंदगी का मकसद है। देवास जिले में 2 लाख 80 हजार बहनों के फार्म लाड़ली बहना योजना में भरे गये हैं। बहनों संबंधी योजनाओं की मॉनीटरिंग के लिये हर गाँव एवं वार्ड में लाड़ली बहना सेना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में गाँव-गाँव, वार्ड-वार्ड में शिविर लगाये जा रहे हैं, जिनमें जाकर अधिकारी और जन-प्रतिनिधि जनता के कार्य कर रहे हैं। अब किसी को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिये इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। उनके गाँव, वार्ड के शिविर में ही उनके कार्य हो जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत एक अप्रैल से प्रदेश में सभी शराब के अहाते बंद कर दिये गये हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये कि अवैध शराब की बिक्री को सख्ती से रोका जाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने संकल्प लिया है कि प्रदेश में कोई भी गरीब बिना जमीन के नहीं रहेगा। हर गरीब को आवासीय भूमि के पट्टे दिये जायेंगे और धीरे-धीरे सरकार उन पर मकान भी बनवायेगी। देवास जिले में आज 1100 हितग्राहियों को भूमि के पट्टे बाँटे जा रहे हैं। प्रदेश में हर व्यक्ति के लिये पढ़ाई सुगम की गई है। मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की फीस भी सरकार भरवाती है। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिन्दी में शुरू की गई है। सीएम राइज स्कूल के माध्यम से गाँव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिये मेडिकल कॉलेज में 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हो रही है। देवास जिले में नर्मदा का जल पहुँचवाया गया है। जिले के जिन 58 गाँव में अभी तक नर्मदा का जल नहीं पहुँचा है, वहाँ भी शीघ्र ही नर्मदा का जल पहुँचाया जायेगा। नल-जल योजना में हर घर में नल से जल पहुँचाया जा रहा है। योजना में देवास जिले में एक लाख 30 हजार कनेक्शन हो गये हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिये कि योजना में किये गये कार्यों का भौतिक सत्यापन आवश्यक रूप से किया जाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी नहीं रहेगी। हर व्यक्ति को उसकी दक्षता के अनुरूप कार्य मिलेगा। बारहवीं कक्षा एवं उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को प्रशिक्षण के साथ ही कमाई का अवसर भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में चिन्हित 700 क्षेत्रों में युवाओं को सीखने के साथ ही प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये तक मानदेय दिया जायेगा। प्रदेश में हर महीने लगभग ढाई लाख लोगों को स्व-रोजगार से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जो 15 अगस्त तक पूरी कर ली जायेगी। इसके बाद पुन: भर्ती शुरू हो जायेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गत सरकार द्वारा कर्ज माफी की झूठी घोषणा से ऐसे किसान, जो ऋण नहीं भर पाने के कारण डिफाल्टर हो गये थे, की ब्याज की राशि माफ करने के लिये सरकार ने मुख्यमंत्री ब्याज माफी योजना-2023 बनाई है, जिसमें हर जिले में फार्म भर कर किसानों का ब्याज माफ किया जा रहा है। देवास जिले में लगभग 38 करोड़ रूपये का ऋण माफ किया जायेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कई किसानों ने लेण्ड पूलिंग योजना के प्रति असहमति व्यक्त की है, अत: उसे निरस्त किया जाता है। संबंधित भूमि की खरीदी-बिक्री पुन: चालू हो जायेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने देवास जिले के टोंककला में पुलिया निर्माण, 52 गाँवों को जोड़े जाने, मिनी स्टेडियम बनाये जाने की घोषणा की। पीपलरावां में भी मिनी स्टेडियम बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने माँ सरस्वती के चित्र के समीप द्वीप प्रज्ज्वलन एवं कन्याओं के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान को बहनों ने राखी भेंट की। कन्याओं ने अपनी माताओं की ओर से उन्हें धन्यवाद पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री चौहान ने लाड़ली बहनों पर पुष्प-वर्षा की। साथ ही जन-सेवा मित्रों के साथ संवाद भी किया।

सांसद महेन्द्र सोलंकी, विधायक आशीष शर्मा, पहाड़ सिंह कन्नौजे, मनोज चौधरी, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में बहनें एवं जन-समुदाय उपस्थित था।

कोलार सिक्स लेन रोड निर्माण के लिए 24×7 घंटे वर्क होगा

 

भोपाल, उपनगर कोलार की लाइफ लाइन को सिक्स लेन रोड में बदलने का कार्य अब 24×7 घन्टे करने के सख्त निर्देश निर्माण एजेंसियों को देते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने रात 12 बजे तक प्रशासनिक अमले के साथ निर्माण मार्ग में कोलार तिराहा, बौद्ध विहार, चुना भट्टी चौराहा, भोज विश्विद्यालय, सर्वधर्म, मंदाकनी चौराहा, डी मार्ट चौराहा , बैरागढ़ चीचली पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

एक दिन पहले मंगलवार को कोलार सिक्स लेन कि समीक्षा बैठक में 24 घंटे काम करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिए थे.

विधायक रामेश्वर शर्मा ने दौरे के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा की 222 करोड़ से भोपाल का पहला सबसे लंबा कोलार सिक्स लेन बीच आबादी में बन रहा है. नागरिक इसमें भरपूर सहयोग कर रहें है इस लिए हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए की नागरिको को सिक्स लेन निर्माण के दौरान असुविधा न हो .

क्यों हुआ रात में भी निर्माण कार्य करने का निर्णय?

रात में इस मार्ग पर ट्रेफ़िक दवाब कम रहता है इसलिए रात में तेज़ी से काम करने में आसानी होगी .

एक तरफ की सड़क बंद होने पर ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा, क्या है प्लान?

PWD और पुलिस मिलकर ट्रेफ़िक डायवर्सन का प्लान बनाएगी और उसे सार्वजनिक करा जायेगा

रात को होने वाले कार्य

जहाँ जहाँ नये खंभे लग चुके हैं वहाँ के पुराने बिजली के खम्बों को हटायें जिससे निर्माण कार्य में और तेज़ी आये

रात में काम करने के लिए उजाले के लिए उपाय

नगर निगम की स्ट्रीट लाइट हर हाल में चालू रहे, कही भी ब्लैक स्पॉट न हो, ज़रूरत हो तो अस्थायी लाइट की व्यवस्था करें .

कार्य की स्पीड बढ़ने के लिए कार्य

सिवेज और पानी की लाइन की शिफ्टिंग के कार्यों को पूर्ण करें

बारिश में आने वाली समस्या

बरसात से पहले सिक्स लेन के ओर का थ्री लेन पूर्ण करने के लक्ष्य को पूरा करना है .

 

प्रदेश में बहनें स्वयं एवं परिवार की तकदीर और प्रदेश की तस्वीर बदल रही हैं : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि एक समय था जब मध्यप्रदेश में बेटियों को बोझ माना जाता था, आज वे वरदान बन गई हैं। प्रदेश की बहनें अब स्वयं एवं परिवार की तकदीर और प्रदेश की तस्वीर बदल रही हैं। लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री कन्या-विवाह-निकाह, स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस और शिक्षकों की भर्ती में महिला आरक्षण, आजीविका मिशन, स्टाम्प शुल्क में बहनों के लिये छूट और अब लाड़ली बहना जैसी योजनाओं से यह संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री चौहान आज निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में लाड़ली बहना सम्मेलन-सह-मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार वितरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने 95 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमि-पूजन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना बहनों की जिंदगी बदलने की योजना है। योजना में आगामी 10 जून से हर माह की 10 तारीख को बहनों के खाते में एक-एक हजार रूपये की राशि आयेगी। आजीविका मिशन में महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि हर बहन को माह में कम से कम 10 हजार रूपये की आमदनी हो। हर गाँव में लाड़ली बहना सेना बनाई जा रही है, जो महिला कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ायेगी। अपनी किस्मत अपने हाथ से बनायेंगी। छोटे गाँव में 11 और बड़े गाँव में 21 सदस्यों की लाड़ली बहना सेना बनेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। हर हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार काम मिलेगा। प्रदेश में आज से युवाओं के लिये मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना शुरू की जा रही है। मंत्रि-परिषद ने आज योजना को स्वीकृती दी है। योजना में 12वीं पास एवं उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिये जाने के साथ 8 से 10 हजार रूपये महीने मानदेय प्रदान किया जायेगा। इसके बाद उन्हें स्थाई रोजगार मिलेगा। योजना में 700 कार्य चिन्हित किये गये हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हर बच्चे को पढ़ने और बढ़ने के लिये समान अवसर मिल सकें, इसके लिये प्रदेश में न केवल उनकी शिक्षा अपितु उच्च शिक्षा की भी व्यवस्था सरकार कर रही है। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिन्दी में शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में हर गरीब को रहने के लिये जमीन मिलेगी और उस पर मकान भी सरकार बनवायेगी। पृथ्वीपुर की धरती पर ही हमने इसका आगाज किया था। आज यहाँ 2705 व्यक्तियों को आवासीय भू-अधिकार पट्टे दिये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में हर घर तक नल द्वारा जल पहुँचाने की योजना पूर्णता की ओर है। निवाड़ी जिले में 11 गाँव अभी शेष हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इस माह के अंत तक हर घर में पाइप-लाइन से नल से जल पहुँचाया जाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि गाँव-गाँव जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर रहे हैं तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली की समस्या के समाधान के लिये हर गाँव में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उज्जैन में बनाये गये श्रीमहाकाल महालोक की तरह ही ओरछा में भी श्रीरामराजा महालोक बनाया जायेगा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी जुलाई माह से ओरछा में कॉलेज खुल जायेगा। उन्होंने कहा कि जिले के जेर में औद्योगिक क्षेत्र बन रहा है, जहाँ कारखाने लगाये जायेंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा।

बहन द्वारा संचालित ई-रिक्शे में बैठ कर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे

मुख्यमंत्री चौहान हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक बहन श्रीमती गायत्री केवट द्वारा संचालित ई-रिक्शे में बैठ कर पहुँचे। उनके साथ लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी थे। श्रीमती रेखा अहिरवार और श्रीमती निर्मला कुशवाह भी ई-रिक्शा चला रही थी, जिनमें अन्य अतिथि बैठे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने बहनों के कार्य के प्रति इस जज्बे को सलाम किया और उन्हें शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से इन्हें ये ई-रिक्शे प्राप्त हुए हैं।

किसानों के ब्याज माफी के फार्म भरवाये

मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ब्याज माफी योजना-2023 में किसान काशीराम अहिरवार और मथुरा केवट के ब्याज माफी योजना के फार्म भरवाये। काशीराम का 22 हजार 404 रूपये और मथुरा केवट का 21 हजार 319 रूपये का ब्याज माफ किया गया।

जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष निवाड़ी श्रीमती सरोज राय, उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम नंदराम कुशवाह, विधायक अनिल जैन, डॉ. शिशुपाल यादव, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बहनें और किसान बंधु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री कौशल कमाई योजना का नाम हुआ ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। राज्य सरकार रोजगार के लिए अनेक प्रयास कर रही है, एक लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। स्व-रोजगार के हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रतिमाह रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि युवाओं को बेरोजगार नहीं रहने देंगे। इस उद्देश्य से युवाओं को रोजगार के लिए कौशल सिखाने नई योजना लागू की जा रही है। युवाओं को कौशल सीखने के साथ भुगतान भी किया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण के लिए कंपनियों और सर्विस सेक्टर को जोड़ा जाएगा। बेरोजगारी भत्ता बेमानी है। नई योजना, युवाओं में क्षमता संवर्धन कर उन्हें पंख देने की योजना है, जिससे वे खुले आसमान में ऊँची उड़ान भर सकें और उन्हें रोजगार, प्रगति और विकास के नित नए अवसर मिलें। योजना में युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन 7 जून से और काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन 15 जून से शुरू होगा और प्लेसमेंट 15 जुलाई से आरंभ होगा। कार्य सीखाने वाले प्रतिष्ठान और राज्य शासन के बीच 31 जुलाई से अनुबंध की कार्यवाही होगी। एक अगस्त से युवा, कार्य आरंभ कर देंगे। यह क्रांतिकारी योजना युवाओं को बैसाखी पर चलना नहीं, अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाएगी। कार्य से सीखने की अवधि में युवाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री चौहान निवास स्थित कार्यालय भवन समत्व में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान से आरंभ हुई। बैठक में युवाओं के लिए योजना का प्रस्तुतिकरण हुआ और मंत्रि-परिषद ने योजना को अनुमोदन प्रदान किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री कौशल कमाई योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ होगा।

18 से 29 वर्ष के युवा होंगे पात्र

योजना में कम से कम एक लाख युवाओं को प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी, 18 से 29 वर्ष के युवा, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आईटीआई या उच्च है, वे योजना में पात्र होंगे। प्रशिक्षण के बाद मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा स्टेट कॉउसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (SCVT) का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। योजना से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड मिलेगा, कौशल उन्नयन से उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कमाई का बेहतर मार्ग प्रशस्त होगा।

8 से 10 हजार रूपए तक होगा स्टाइपेंड

प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि योजना से देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा निजी संस्थानों को जोड़ा जाएगा। प्रतिष्ठान के पास पेन नंबर और जीएसटी पंजीयन होना आवश्यक होगा। प्रतिष्ठान अपने कुल कार्यबल के 15 प्रतिशत की संख्या तक छात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे सकेंगे। योजना में 12वीं उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को 8 हजार रूपए, आईटीआई उत्तीर्ण को 8 हजार 500 रूपए, डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हजार रूपए और स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता वालों को 10 हजार रूपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। स्टाइपेंड की 75 प्रतिशत राशि राज्य शासन की ओर से प्रशिक्षणार्थी को डीबीटी से भुगतान की जायेगी। संबंधित प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइपेंड की 25 प्रतिशत राशि प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा करानी होगी।

योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य क्षेत्र चिन्हित

योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आई.टी. सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। मीडिया, कला, कानूनी और विधि सेवाएँ, शिक्षा-प्रशिक्षण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान भी योजना में सम्मिलित होंगे। योजना से प्रशिक्षणार्थियों को उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण, नवीनतम तकनीक और प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त होगी, जिससे उनके नियमित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योजना से प्रमुख प्रतिष्ठानों को जोड़ने के‍ लिए पुणे, बैंगलुरू और नोएडा में कार्यशालाएँ की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में युवाओं को योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से संभाग और जिला‍ स्तर पर गतिविधियाँ संचालित होंगी।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में साधिकार समिति करेगी योजना का संचालन

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति द्वारा योजना का संचालन किया जाएगा। कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे। वित्त, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम, श्रम, उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव समिति के सदस्य होंगे।

जल शक्ति मंत्रालय ने की राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2022 की घोषणा मुख्यमंत्री चौहान ने दी सभी नागरिकों को बधाई

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भोपाल, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश को जल-संसाधन के बेहतर उपयोग, जल-संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2022 की सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में प्रथम स्थान के लिए चुना गया है। पुरस्कार समारोह शीघ्र ही होगा, जिसमें प्रदेश को ट्राफी और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि के लिए मध्यप्रदेश के सभी नागरिक, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण के साथ सामंजस्य से विकास की ओर सतत आगे बढ़ते रहने में भारत आज विश्व का मार्गदर्शक है। जल-संरचनाओं का संरक्षण, संवर्धन एवं उचित प्रबंधन, पर्यावरण-संरक्षण का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह बहुत गौरव की बात है कि समूचा मध्यप्रदेश इस दिशा में एकजुट होकर प्रयास कर रहा है, यह सम्मान मध्यप्रदेश की इसी सोच का प्रमाण है। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति आभार श्री व्यक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में विभिन्न घटकों-जल जीवन मिशन एवं जल शक्ति अभियान की उपलब्धियों, जल-संसाधन के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयास, वॉटर पॉलिसी, सिंचाई के परंपरागत तरीक़ों के स्थान पर माइक्रो इरीगेशन तकनीकी का प्रयोग, नवीन माइक्रो इरीगेशन प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन, जल उपयोग की दक्षता (एफीशिएंसी), जल-संरचनाओं का पुनरुद्धार, सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट पानी को उपचारित कर पुनः उपयोग आदि क्षेत्रों में प्रयासों एवं उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाता है।

चतुर्थ राष्ट्रीय जल पुरस्कार अन्तर्गत राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों आदि को 11 विभिन्न श्रेणियों-सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक), सर्वश्रेष्ठ स्कूल, कैंपस उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में आरडब्ल्यूए/धार्मिक/उच्च शिक्षण संस्थान, सर्वश्रेष्ठ इंडस्ट्री, सर्वश्रेष्ठ एनजीओ, सर्वश्रेष्ठ वॉटर यूजर एसोसिएशन और सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग की श्रेणी में पुरस्कृत किया जा रहा है। विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

हितधारकों और लोगों को जल-संसाधन प्रबंधन के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाने और प्रोत्साहित करने के लिए एकीकृत राष्ट्रीय जल पुरस्कार की परिकल्पना की गई है। यह पुरस्कार, पानी के महत्व के प्रति जनता के बीच जागरूकता पैदा करने और प्रभावी जल प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करने का भी प्रयास करते हैं। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा पहला राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2018 में प्रदान किया गया था। जल-आंदोलन को जन-आंदोलन में बदलने के लिये 2019 में जल शक्ति अभियान और जल जीवन मिशन शुरू किया गया था, जिसमें कई पुनर्भरण संरचनाएँ बनाई गई और इसमें करोड़ों लोग शामिल हुए। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों ने सर्वोत्तम जल-संसाधन प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने के लिये स्टार्ट-अप्स के साथ प्रमुख संगठनों को वरिष्ठ नीति निर्माताओं के साथ जुड़ने और विचार-विमर्श करने का एक अच्छा अवसर प्रदान किया है।

हिंडनबर्ग-अडानी समूह: सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए सेबी को दिया 14 अगस्त तक का समय

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दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अडानी समूह की कंपनियों की जांच पूरी करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) सेबी को 14 अगस्त तक का और समय दिया।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने जांच पूरी करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने की सेबी की गुहार ठुकरा दिया और उसे 14 अगस्त को एक अद्यतन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

पीठ ने सेबी की गुहार खारिज करते हुए कहा कि वह जांच को अनिश्चित समय तक नहीं बढ़ा सकती है।शीर्ष अदालत ने अपने द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे समिति द्वारा दायर रिपोर्ट की एक प्रति साझा करने का भी सेबी को निर्देश दिया।अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग की 25 जनवरी की रिपोर्ट जारी होने के बाद बाजार नियामक सेबी द्वारा जांच शुरू हुई, जिसमें “लेखांकन धोखाधड़ी” और “स्टॉक हेरफेर” का आरोप लगाया गया था।अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने एक याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए कहा कि सेबी कई वर्षों से अडानी की जांच कर रही है। उन्होंने 2016 और फिर 2021 की जांच के निष्कर्षों को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश देने की मांग की।श्री भूषण ने कहा, “संसद में कहा गया है कि वे अडानी की जांच कर रहे थे। उन्हें हमें बताना होगा कि उन जांचों में क्या हुआ है।”इस मामले के पक्षकार के रूप में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए अधिवक्ता विशाल तिवारी ने कहा कि सेबी ने उस अदालत को भी अवगत नहीं कराया है, जिसे जांच करने के लिए नियुक्त किया है।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 2016 की जांच का मुद्दा पूरी तरह से अलग है।सेबी ने सोमवार को अदालत के समक्ष कहा था कि यह आरोप कि वह 2016 से अडानी समूह की कंपनियों की जांच वह कर रहा है, “तथ्यात्मक रूप से निराधार” है।

सैफ चैंपियनशिप के ग्रुप-ए में भारत संग पाकिस्तान

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दिल्ली, भारत और पाकिस्तान को दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ (सैफ) चैंपियनशिप 2023 के ग्रुप-ए में नेपाल और कुवैत के साथ रखा गया है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने बुधवार को इसकी घोषणा की।चैंपियनशिप के ड्रॉ समारोह में एआईएफएफ के अध्यक्ष कल्याण चौबे, सैफ के महासचिव अनवारुल हक और एआईएफएफ के महासचिव डॉ शाजी प्रभाकरण उपस्थित रहे।इस टूर्नामेंट का आयोजन 21 जून से चार जुलाई के बीच बेंगलुरु में किया जायेगा। ग्रुप-बी में लेबनान, मालदीव, भूटान और बंगलादेश को रखा गया है। गत चैंपियन भारत ने 2021 में फाइनल में नेपाल को हराकर अपना आठवां सैफ खिताब जीता था।

दक्षिण एशिया में न होने के बावजूद कुवैत और लेबनान को ‘आयोजन को प्रतिस्पर्धी’ बनाने के लिये चैंपियनशिप में खेलने का मौका दिया गया है। फीफा द्वारा निलंबित होने के कारण श्रीलंका इस आयोजन में हिस्सा नहीं ले रहा, जबकि अफगानिस्तान सैफ ने हटकर केंद्रीय एशियाई फुटबॉल महासंघ में शामिल हो गया है।पाकिस्तान 2021 के बाद पहली बार इस आयोजन में हिस्सा ले रहा है। वह पिछले साल फीफा द्वारा निलंबित होने के कारण सैफ चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सका था।ड्रा समारोह की शुरुआत में चौबे ने कहा, “मैं इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए दक्षिण एशियाई क्षेत्र के बाहर से अधिक देशों को आमंत्रित करने के हमारे अनुरोध को स्वीकार करने के लिए दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ (सैफ) का आभार व्यक्त करता हूं। मुझे लगता है कि कुवैत और लेबनान को शामिल करने से चैंपियनशिप को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी और हमारी सिफारिश को ध्यान में रखने के लिए मैं सैफ का बहुत आभारी हूं।”एआईएफएफ के महासचिव डॉ. शाजी प्रभाकरन ने कहा, “सैफ चैंपियनशिप में लेबनान और कुवैत के शामिल होने से टूर्नामेंट प्रतिस्पर्धी होगा और एएफसी एशियाई कप के लिये हमारी तैयारियों में भी मदद मिलेगी। हमारे लिए सैफ चैंपियनशिप को दोबारा जीतना भी जरूरी है। हमें यकीन है कि हमारी टीम पिछले संस्करण की तुलना में बेहतर तैयार है और इस बार अच्छा प्रदर्शन करके चैंपियन भी बनेगी।”भारत सैफ चैंपियनशिप में अपने अभियान की शुरुआत 21 जून को पाकिस्तान के खिलाफ करेगा। इसके बाद उसका सामना नेपाल (24 जून) और कुवैत (27 जून) से होगा। चैंपियनशिप के फाइनल एक जुलाई को और फाइनल चार जुलाई को खेला जायेगा।

द केरल स्टोरी ने 150 करोड़ से अधिक की कमाई की

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मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री अदा शर्मा की फिल्म द केरल स्टोरी ने 150 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है।फिल्म द केरल स्टोरी में अदा शर्मा ने लीड रोल प्ले किया है। इस फिल्म का निर्देशन सुदिप्तो घोष ने किया है जबकि निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है।केरल में लड़कियों के धर्मांतरण, उन पर ज्‍यादती और‍ फिर आतंकी संगठन की कहानी पर बनी ‘द केरल स्टोरी’ की ताबड़तोड़ कमाई जारी है। इस फिल्म ने 150 करोड़ के क्लब में शानदार एंट्री कर ली है। द केरल स्टोरी में अदा शर्मा के अलावा योगिता बिहानी, सिद्धि इदनानी और सोनिया बलानी लीड रोल में है।

शहडोल से चोरी हुआ सोना राजस्थान में मिला, चार महिलाएं गिरफ्तार

 

शहडोल, मध्यप्रदेश के शहडोल से लगभग एक माह पहले चोरी हुए सोने में से लगभग सात लाख रुपए मूल्य का सोना राजस्थान से बरामद कर लिया गया है और इस सिलसिले में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।शहडोल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी सी सागर और पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि नगर की एक सराफा दुकान से इसी वर्ष 12 अप्रैल को नौ लाख रुपए मूल्य का सोना चोरी हुआ था। इसमें से शहडोल पुलिस ने आज सात लाख रुपए मूल्य का सोना राजस्थान के कोटा और झालावाड़ की चार महिलाओं के कब्जे से बरामद किया।

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